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Covishield और Covaxin को मिलाने पर स्टडी में दिखे अच्छे रिजल्ट, हो सकता है भारत में भी प्रयोग!

Covishield और Covaxin को मिलाने पर स्टडी में दिखे अच्छे रिजल्ट, हो सकता है भारत में भी प्रयोग!

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत को एक और अच्छी खबर मिलती दिख रही है। कोवैक्सीन और कोविशील्ड टीकों की मिश्रित खुराकों पर अध्ययन के परिणाम सुकून देने वाले हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने कहा है कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड की मिक्सिंग और मैचिंग स्टडी में बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। अध्ययन में इन दोनों वैक्सीन के मिलाने से यह न सिर्फ वायरस के खिलाफ सुरक्षित पाया गया, बल्कि इससे बेहतर इम्युनोजेनेसिटी भी प्राप्त हुई।


माना जा रहा है कि अगर स्टडी की फाइनल रिपोर्ट में परिणाम बेहतर मिलते हैं और सरकार अगर कोवैक्सीन और कोविशील्ड मिश्रित खुराकों को मंजूरी देती है तो कोरोना वायरसे खिलाफ टीकाकरण अभियान में इसका सकारात्मक असर दिखेगा। दरअसल, बीते दिनों भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने इस बात की सिफारिश की थी कि वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) को कोविड-19 के दो टीकों कोवैक्सीन और कोविशील्ड के मिश्रण के क्लिनिकल परीक्षण की इजाजत दी जाए। जिसके बाद इसकी मंजूरी मिली थी।
समिति ने भारत बायोटेक को उसके कोवैक्सिन और प्रशिक्षण स्तर के संभावित एडेनोवायरल इंट्रानैसल टीके बीबीवी154 के परस्पर परिवर्तन पर अध्ययन करने के लिए मंजूरी देने की भी सिफारिश की थी, लेकिन हैदराबाद स्थित कंपनी को अपने अध्ययन से 'परस्पर परिवर्तन' शब्द हटाने को कहा है और मंजूरी के लिए संशोधित प्रोटोकॉल जमा कराने को कहा था।
300 स्वयंसेवकों पर परीक्षण
एक सूत्र ने बताया था कि विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद वेल्लोर के सीएमसी को चौथे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की, जिसमें कोविड-19 टीकों, कोवैक्सिन और कोविशील्ड के मिश्रण पर अध्ययन करने के लिए 300 स्वस्थ स्वयंसेवकों को शामिल किया गया।
क्या है मकसद
सूत्र की मानें तो अध्ययन का मकसद यह पता लगाना है कि क्या एक शख्स के पूर्ण टीकाकरण के लिए दो अलग-अलग टीकों की खुराकें लगाई जा सकती हैं यानी, एक टीका कोवैक्सीन का लगा दिया जाए और दूसरा टीका कोविशील्ड का लगाया जाए। विशेषज्ञ समूह ने बायोलोजिकल-ई द्वारा पांच से 17 साल के उम्र की आबादी पर अपने कोविड-19 टीके का दूसरे/तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए दिए गए आवेदन पर भी चर्चा की।
संसद में सरकार ने क्या कहा था
तीन अगस्त को सरकार ने कहा था कि कोरोना वायरस रोधी टीकों की दोनों खुराक मिलाने के बारे में अब तक कोई सिफारिश नहीं की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 रोधी टीके हाल में विकसित किए गए हैं। विभिन्न टीकों को मिलाने और मिश्रित टीकों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण तथा अध्ययन शुरुआती अवस्था में हैं।
 

7 अगस्त :  कोविड-19 टीकाकरण पर ताजा जानकारी

7 अगस्त : कोविड-19 टीकाकरण पर ताजा जानकारी

केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता के नए चरण का शुभारंभ 21 जून, 2021 से किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।
देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 51.66 करोड़ (51,66,13,680) से अधिक टीके की खुराक सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की जा चुकी है और 55,52,070 और खुराक भेजे जाने के लिए तैयार हैं। 
आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उपरोक्त खुराकों में से व्यर्थ नुकसान हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 49,74,90,815 खुराकों की खपत हो चुकी है। अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 2.29 करोड़ से अधिक (2,29,36,394) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

7 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

7 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक टीके की 50 करोड़ खुराकें लगा कर अहम उपलब्धि प्राप्त की।

अब तक पूरे देश में कुल 3,10,55,861 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर इस समय 97.37 है।

पिछले 24 घंटों के दौरान 40,017 मरीज स्वस्थ हुये।

पिछले 24 घंटों में भारत में 38,628 नये मामले दर्ज।

भारत के सक्रिय केसलोड इस समय 4,12,153 है।

कुल मामलों में सक्रिय मामले 1.29 प्रतिशत हैं।

साप्ताहिक पॉजीटिविटी दर पांच प्रतिशत से कम पर कायम। वर्तमान में यह 2.39 प्रतिशत है।

दैनिक पॉजीटिविटी दर 2.21 प्रतिशत है, जो लगातार 12 दिन से तीन प्रतिशत से कम पर कायम है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ, अभी तक कुल 47.83 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। 

BREAKING NEWS: भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली

BREAKING NEWS: भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली

नई दिल्ली: केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले कोविड-19 रोधी टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश के समग्र प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। मांडविया ने ट्वीट किया, भारत ने टीके की अपनी डलिया (बास्केट) को और बड़ा किया। भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले कोविड-19 रोधी टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली। अब भारत के पास आपात इस्तेमाल के लिए पांच टीके हैं।

इससे संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश के समग्र प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि अमेरिका की दवा कंपनी ने अपने टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए शुक्रवार को आवेदन दिया था और भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने उसी दिन उसे मंजूरी दे दी। भारत में जिन पांच टीकों को आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली है,वे हैं-सीरम इंस्टीट्यूट का कोविशील्ड, भारत बायोटेक का कोवैक्सीन,रूस का स्पूतनिक वी और मॉडर्ना का टीका व जॉनसन एंड जॉनसन का टीका।

आपकी इन 4 गलतियों की वजह से समय से पहले सफेद हो जाते हैं बाल

आपकी इन 4 गलतियों की वजह से समय से पहले सफेद हो जाते हैं बाल

खूबसूरत दिखाने में जितना बड़ा रोल मेकअप का होता है, उतना ही बालों का भी होता है. अगर बाल अच्छे हों और अच्छा हेयरस्टाइल बनाया गया हो, तो पूरा लुक बदल जाता है. लेकिन अक्सर हम बालों की देखभाल के मामले में लापरवाही बरतते हैं, जिसकी वजह से हमारे बाल रूखे और बेजान होने के साथ असमय सफेद होने लगते हैं.


एक बार सफेद बालों का सिलसिला अगर शुरू हो जाए, तो उसे कंट्रोल कर पाना इतना आसान नहीं होता. इसलिए यहां जानिए उन गलतियों के बारे में जो असमय सफेद बालों की वजह बनती हैं. इन गलतियों को सुधार कर आप अपने बालों का सफेद होना रोक सकते हैं और बालों को हेल्दी बना सकते हैं.


तेल न लगाना
बचपन से ही हम सब अपनी मां से रोजाना बालों में तेल डालने की बात सुनते आ रहे हैं, लेकिन फिर भी इस मामले में लापरवाही बरतते हैं, क्योंकि हम इसकी अहमियत को नहीं समझते. दरअसल तेल डालने से बालों को पोषण मिलता है और सिर में रक्त संचार बेहतर होता है. इसके अलावा तेल मालिश सीबम प्रोडक्शन को नियंत्रित होता है, बालों को मॉइश्चर मिलता है. इससे बालों का असमय सफेद होना तो कम होता ही है, साथ ही बालों का रूखापन और खुजली जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं.


केमिकल्स का इस्तेमाल
बालों को सुंदर और स्टाइलिश दिखाने के लिए आजकल कई तरह के एक्सपेरिमेंट्स होने लगे हैं. लोग कर्ल बालों को केमिकल्स के जरिए स्ट्रेट कराते हैं और स्ट्रेट बालों को कर्ल कराते हैं. इसके अलावा बालों में कलर करने का फैशन है. ऐसे में बालों में कम उम्र में ही हैवी केमिकल्स का प्रयोग होने से बालों को जबरदस्त नुकसान पहुंचता है. इससे बाल झडऩे लगते हैं, बेजान हो जाते हैं और जल्दी सफेद होने लगते हैं. इसलिए जितना संभव हो बालों को नेचुरल रखें और हीटिंग टूल्स से से भी परहेज करें.


तनाव
तनाव को भी असमय बाल सफेद होने की प्रमुख वजह माना जाता है. इसलिए ज्यादा तनाव लेने से बचना चाहिए. तनाव की वजह से हमें अन्य स्वास्थ्य संबन्धी समस्याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं. तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन का सहारा लें.


अच्छी डाइट न लेना
बाहर का जंकफूड और गरिष्ठ भोजन खाने की आदत सिर्फ तमाम बीमारियों का शिकार नहीं बनाती है, बल्कि बालों की सेहत को भी खराब करती है और बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं. वास्तव में हम जो भी खाते हैं, उससे हमारे शरीर और बालों को पोषण मिलता है. इसलिए अपनी डाइट में दालों, स्प्राउट्स, फल, हरी सब्जियों आदि को शामिल करें.

किडनी स्टोन ही नहीं बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है बीयर, जानें फायदे-नुकसान

किडनी स्टोन ही नहीं बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है बीयर, जानें फायदे-नुकसान

चाय और कॉफी के बाद, दुनिया में तीसरी सबसे मशहूर ड्रिंक अगर कोई है तो उसका नाम बीयर है। बीयर की लोकप्रियता भला किससे छिपी है। बीयर लवर्स अक्सर बीयर पीने के कई फायदे बताते हैं।
ऐसे में आइए जानते हैं क्या हैं बीयर के फायदे और नुकसाऩ।
सीमित मात्रा में ली गई बीयर फायदेमंद हो सकती है। वहीं, अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए, तो इसके कई दुष्परिणाम भी होते हैं। डॉक्टर भी इसे दवा के रूप में तय मात्रा में लेने की सलाह दे सकते हैं। शोध के अनुसार, प्रतिदिन सिर्फ 350 मिली तक बीयर का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
बीयर के फायदे-
-बियर को डैंड्रफ खत्म करने का नैचुरल उपाय माना जाता है। बियर में यीस्ट और विटामिन बी भारी मात्रा में होती है, जो डैंड्रफ रोकने में काम आता है।
-बियर के फायदों में सबसे पहले किडनी स्टोन का ज़िक्र किया जाता है। अगर आपकी किडनी में स्टोन है, तो बहुत मुमकिन है कि रोज़ाना एक बीयर पीने से यह धीरे-धीरे यह पेशाब के रास्ते निकल जाए।
-अमेरिका के पेंसिलवेनिया की एक यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में पता चला कि बियर पीने से खून का संचार करने वाली धमनियां लचीली हो जाती हैं और खून का संचार तेज हो जाता है। इससे खून का थक्का जमने की आशंका कम हो जाती है।
-अधेड़ उम्र के जो लोग रोजाना एक से दो ग्लास बियर पीते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज़ होने की आशंका 25 प्रतिशत तक कम हो जाती है। वजह यह है कि बियर में मौजूद शराब शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती है, जो डायबिटीज़ रोकने में मदद करती है।
-एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बियर में मौजूद शराब शरीर में गुड कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाती है, जिससे दिमाग में खून का प्रवाह बेहतर होता है और इससे दिमाग का मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है।
-बियर में मौजूद सिलिकॉन दिमाग को शरीर में मौजूद एल्यूमिनियम से बचाता है, जो अल्ज़ाइमर की एक वजह है।
बीयर पीने के नुकसान-
बीयर को सीमित मात्रा में ही पीने से फायदे मिलते हैं। वहीं, जरूरत से ज्यादा पीने पर बीयर आपको फायदे की जगह कई नुकसान भी पहुंचा सकती है।
-अधिक मात्रा में बीयर के रूप में अल्कोहल का सेवन मधुमेह का खतरा बढ़ा सकता है।
-प्रेगनेंसी में बीयर के रूप में अल्कोहल का सेवन गर्भवती और भ्रूण दोनों को मानसिक व शारीरिक नुकसान पहुंचा सकता है। इनमें हृदय रोग, सोचने और बोलने में समस्या, खराब मांसपेशियां और चेहरे के आकार में परिवर्तन शामिल हैं।
-अधिक बीयर का सेवन करने से स्ट्रोक और लीवर की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है
-अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो किसी भी तरह का एल्कोहॉल लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। खासकर अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई रहता है। बीयर कुछ दवाओं के साथ मिलकर सिचुएशन बिगाड़ सकती है।

 

6 अगस्त : कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

6 अगस्त : कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया दौर 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।
देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 51.16 करोड़ से अधिक (51,16,46,830) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा 20,49,220 खुराकें भेजे जाने की तैयारी है।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बरबाद हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 49,19,73,961 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 2.30 करोड़ से अधिक (2,30,03,211) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

6 अगस्त :  कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

6 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक टीके की 49.53 करोड़ खुराकें लगाई गईं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,10,15,844 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर इस समय 97.36 है।

पिछले 24 घंटों के दौरान 41,096 मरीज स्वस्थ हुये।

पिछले 24 घंटों में भारत में 44,643 नये मामले दर्ज।

भारत के सक्रिय केसलोड इस समय 4,14,159 है।

कुल मामलों में सक्रिय मामले 1.30 प्रतिशत हैं।

साप्ताहिक पॉजीटिविटी दर पांच प्रतिशत से कम पर कायम। वर्तमान में यह 2.41 प्रतिशत है।

दैनिक पॉजीटिविटी दर 2.72 प्रतिशत है, जो लगातार 11 दिन से तीन प्रतिशत से कम पर कायम है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ, अभी तक कुल 47.65 करोड़ से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की औसत दर इतनी प्रतिशत

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की औसत दर इतनी प्रतिशत

रायपुर: पूरे प्रदेश की औसत पॉजिटिविटी दर आज 0.32 प्रतिशत रही है। आज हुए 42 हजार 546 सैंपलों की जांच में 135 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में आज कोरोना से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। वर्तमान में प्रदेश में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 1906 है।


प्रदेश के पांच जिलों राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आज कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है। प्रदेश के 27 जिलों में अभी संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे है। इन जिलों में संक्रमण की दर शून्य प्रतिशत से लेकर 0.84 प्रतिशत के बीच है। केवल सूरजपुर जिले में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से अधिक है। वहां संक्रमण की दर 1.49 प्रतिशत है।

4 अगस्त: कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

4 अगस्त: कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 48.52करोड़ डोज लगाई गई हैं।
अब तक पूरे देश में कुल 3,09,33,022मरीज स्वस्थ हुये।
रिकवरी दर बढ़कर 97.37प्रतिशत हुआ।
पिछले 24 घंटों के दौरान 36,668मरीज ठीक हुए।
भारत में पिछले 24 घंटों में 42,625मामले सामने आए हैं।
भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,10,353हैं।
सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.29% हैं।
साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.36% है।
दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.31%, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।
जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 47.31करोड़ नमूनों की जांच की गई है।

 

खत्म नहीं हुई है कोरोना की दूसरी लहर: 8 राज्यों में अभी भी `आर-वैल्यू` ज्यादा

खत्म नहीं हुई है कोरोना की दूसरी लहर: 8 राज्यों में अभी भी `आर-वैल्यू` ज्यादा

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी देश में अभी खत्म नहीं हुई है। दूसरी लहर अब भी बरकरार है और अंदेशा तीसरी लहर का है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसारवायरस के प्रसार में फिर से तेजी के संकेत मिल रहे हैं। कोरोना के प्रसार को दर्शाने वाले रिप्रोडक्टिव रेट आठ राज्यों में एक से अधिक हैं। यह दर कुछ समय पूर्व 0.6 पर पहुंच गई थी तथा पिछले महीने 0.8 हुई और अब बढ़कर 1.2 हो गई है। तीन राज्यों में यह और भी अधिक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल एवं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में आर नंबर सबसे ज्यादा 1.4 रिप्रोडक्टिव रेट है जबकि लक्षद्वीप में 1.3 है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, गोवा, झारखंड, नगालैंड में यह 1 तथा केरल में और पुडुचेरी में 1.1 है।


देश में दूसरी लहर अभी भी पूरी तरह से नहीं हुई है खत्म
लव अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक महामारी खत्म होने से अभी बहुत दूर है। जहां तक भारत की बात करें तो कोरोना की दूसरी लहर अब भी खत्म नहीं हुई है। दुनियाभर से कोविड-19 के दैनिक नए मामले अब भी बहुत ज्यादा हैं, जहां संक्रमण के हर दिन 47 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 44 जिलों में 2 अगस्त को समाप्त हो रहे हफ्ते में कोरोना वायरस की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक है।


क्या होता है रिप्रोडक्टिव रिप्रोडक्टिव रेट?
यदि यह एक से नीचे होता है तो यह माना जाता है कि रोग नियंत्रण में है। एक से अधिक होने पर रोग के तेज प्रसार का संकेत मिलता है। रिप्रोडक्टिव रेट या आर वैल्यू यह बताता है कि कोई रोग कितना संक्रामक है यानी एक मामले से कितने और मामले फैल सकते हैं, इसकी संख्या दर्शाता है। 


8 राज्यों के 18 जिलों ने बढ़ाई चिंता
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश समेत छह राज्यों के 18 जिलों में पिछले चार हफ्तों में कोविड के नये दैनिक मामले बढ़ते दिख रहे हैं। यह चिंता का विषय है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले हफ्ते, कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में से 49.85 प्रतिशत मामले केरल से सामने आए।


दूसरी लहर अभी भी नहीं हुई है खत्म
लव अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक महामारी खत्म होने से अभी बहुत दूर है। जहां तक भारत की बात है तो दूसरी लहर अब भी खत्म नहीं हुई है। दुनियाभर से कोविड-19 के दैनिक नये मामले अब भी बहुत ज्यादा हैं, जहां संक्रमण के हर दिन 47 लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।

बालों में डैंड्रफ से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

बालों में डैंड्रफ से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

Anti-Dandruff Treatment: आपके बाल खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. लेकिन उन्हीं बालों में अगर डैंड्रफ या झड़ने की समस्या होने लगे तो ये आपको परेशान कर सकती है. आजकल बालों के झड़ने की समस्या आम बात हो चुकी है. हर कोई बालों के गिरने से परेशान है. बढ़ते प्रदूषण, दिनचर्या और केमिकल्स की वजह से बालों की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं. बच्चों में भी असमय बालों के सफेद होने की समस्या होने लगी है. कई लोगों को डैंड्रफ की भी समस्या रहती है. जिसकी वजह से हेयर फॉल ( Hair Fall) की समस्या भी होने लगती है. बालों में जब डैंड्रफ जमने लगती है तो बालों को भरपूर पोषण नहीं मिल पाता और जड़ें कमजोर होने लगती हैं. हालांकि आप कई घरेलू उपाय से रुसी की समस्या को दूर कर सकते हैं.


रुसी ( Dandruff ) से कैसे पाएं छुटकारा
आजकल मार्केट में कई ऐसे शैंपू और दवाएं मिलती हैं जिससे डैंड्रफ की समस्या दूर होने का दावा किया जाता है. इसके अलावा आप डैंड्रफ दूर करने के लिए घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं.


नारियल तेल और नींबू-
नारियल का तेल बालों के लिए एक औषधि है और अगर इस तेल में नींबू का रस मिलाकर बालों पर लगाया जाए तो इससे डैंड्रफ भी दूर हो जाती है. नारियल तेल में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण और नींबू के रस की कसैले की वजह से डैंड्रफ दूर हो जाता है. नारियल तेल और नींबू के रस के मिश्रण को बालों की जड़ों तक पहुंचाने के लिए हल्का गर्म कर लें. ध्यान रखें कि तेल ज्यादा गर्म नहीं होने चाहिए. अब इसे बालों की स्कैल्प पर लगाएं और अपनी उंगलियों से धीरे-धीरे मालिश करें. इसे लगभग 45 मिनट तक छोड़ दें और फिर किसी माइल्ड शैंपू से धो लें. सप्ताह में 3 बार ऐसा तेल लगाने से डैंड्रफ बिल्कुल दूर हो जाएगा.


दही से दूर होगा डैंड्रफ-
डैंड्रफ दूर करने का आसान उपाय है दही. दही का इस्तेमाल करना बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. ये डैंड्रफ दूर करने के साथ ही बालों को पोषण देने का भी काम करता है. एक कप दही में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिला लें. इस पैक को स्कैल्प में लगाएं. कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा.


ऑलिव ऑयल और हल्दी-
जैतून का तेल और हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर तत्व होते हैं ये डैंड्रफ पैदा करने वाले कणों को मारने में मदद करते हैं. आप कटोरी में 2 बड़े चम्मच जैतून का तेल और 1 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. अब इसे अपने स्कैल्प और बालों पर लगाएं. सिर को शावर कैप से ढक लें और करीब 3 घंटे तक छोड़ दें. उसके बाद किसी माइल्ड शैंपू से बालों को धो लें.


नीम और तुलसी-
नीम और तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान लें और ठंडा होने के लिए रख दें. इस पानी से बालों को धोएं. इससे डैंड्रफ दूर हो जाएगी.


मुल्तानी मिट्टी-
मुल्तानी मिट्टी पाउडर में एप्पल विनेगर मिलाकर रख लें. शैंपू की तरह सप्ताह में कम से कम दो बार इससे बालों को धोएं. ये उपाय काफी फायदेमंद है.


टी ट्री ऑयल-
टी-ट्री ऑइल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जो पुराने डैंड्रफ को भी खत्म कर देता है. शैंपू में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें डालें और इससे बालों को धोएं. शैंपू को बालों पर कम से कम 5 मिनट तक लगाए रहें फिर थोड़ी मालिश करते हुए ठंडे पानी से बालों को धो लें. ऐसा करने से आप इची स्कैल्प और झड़ते डैंड्रफ से छुटकारा पा सकते हैं.


Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की Just36News पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

 

3 अगस्त :  कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

3 अगस्त : कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने और इसके दायरे का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान को टीकों की उपलब्‍धता बढ़ाकर और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए टीकों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए तेज किया गया है। इससे राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी योजना तैयार करने और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को युक्तिसंगत बनाने में मदद मिलेगी। भारत सरकार इस राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड के टीके मुफ्त उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। कोविड-19 टीकाकरण अभियान के सार्वभौमिकरण के नए चरण में केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीकों की खरीदारी कर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति (मुफ्त) कर रही है। राज्‍यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्रोतों से अब तक टीके की 49.85 करोड़ (49,85,51,660)खुराक प्रदान की जा चुकी है और 20,94,890 खुराक आपूर्ति की तैयारी में हैं। इनमें से व्यय सहित कुल खपत आज सुबह 8 बजे तक प्राप्त आंकड़ो के अनुसार 47,52,49,554 खुराक हैं। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अभी भी 2.75 करोड़ से अधिक (2,75,88,573)खुराक शेष है जिनका प्रयोग होना अभी बाकी है।

3 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

3 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 47.85 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,08,96,354 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.38 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 38,887 मरीज ठीक हुए।

भारत में पिछले 24 घंटों में 30,549 मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,04,958 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1 .28 % हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.39 % है।

दैनिक पॉजिटिविटी दर 1.85 %, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 47.12 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

 देश में मिनी थर्ड वेव की दस्तक: कई राज्यों ने बढ़ाई केंद्र सरकार की चिंता

देश में मिनी थर्ड वेव की दस्तक: कई राज्यों ने बढ़ाई केंद्र सरकार की चिंता

 नई दिल्ली। केरल ही नहीं बल्कि उसके पड़ोसी राज्यों में भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते हफ्ते देश के 13 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सिर्फ तमिलनाडु ऐसा राज्य है जहां संक्रमण के मामलों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 


उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी 26 जुलाई से 1 अगस्त तक के हफ्ते के बीच पिछले सप्ताह की तुलना में नए मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। हिमाचल प्रदेश में यह बढ़ोतरी 64 प्रतिशत है, जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यहां नए मामले प्रतिदिन 670 से बढ़कर 1100 तक पहुंच गए हैं। उत्तराखंड में भी नए मामले 61 फीसदी तक बढ़ गए हैं। हालांकि, यहां मामले 272 से बढ़कर 437 हुए हैं। 

जम्मू-कश्मीर में भी कोरोना के मामले 26 फीसदी बढ़ गए हैं। दिल्ली जहां एक हफ्ते में सिर्फ 381 नए मामले सामने आए, वहां भी संक्रमण 15 फीसदी बढ़ गया है। राजधानी में बीते हफ्ते 440 नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी कोरोना के मामले 2 फीसदी बढ़े हैं।
हालांकि, कुल संख्या देखें तो केरल में कोरोना के मामलों में साप्ताहिक बढ़ोतरी बहुत ज्यादा है। बीते हफ्ते राज्य में कोरोना 1.4 लाख नए मामले आए। हर दिन यहां 20 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए, जिससे कुल मामले 27 फीसदी बढ़े। 
मुंह के छाले दूर करने के चार महत्वपूर्ण घरेलू रामबाण उपाय, जानिए यहां

मुंह के छाले दूर करने के चार महत्वपूर्ण घरेलू रामबाण उपाय, जानिए यहां

मुंह मे छाले होना बहुत ही जटिल समस्या होती है, लेकिन यह परेशान बहुत करती है. मुंह के छाले बहुत तकलीफदेह हो सकते हैं. इसके साथ ही यह कमजोरी की वजह भी बन सकते हैं. मुंह के छाले या माउथ अल्सर (Mouth Ulcer) क्या होते हैं? असल में मुंह के अंदरुनी भाग में होने वाले से छोटे छालों को माउथ अल्सर कहा जाता है. अब सवाल उठता है कि मुंह के छालों के कारण क्या होते हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं. अक्सर लोग इसे पेट की गर्मी से जोड़ते हैं. मुंह के छालों की वजह पेट साफ न होना, हॉर्मोनल की गड़बड़ी और पीरियड्स की वजह से हो सकते हैं.


कुछ मिलीमीटर के आकार के मुंह के छाले अक्सर लाल या सफेद पैच जैसे होते हैं. बाजार में मुंह के छाले की टेबलेट, मुंह के छाले की होम्योपैथिक दवा और मुंह के छाले की अंग्रेजी दवा मौजूद हैं, लेकिन आप इन्हें कुछ आसान घरेलू उपचारों से भी ठीक कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं दर्द भरे मुंह के छालों को दूर करने के आसान घरेलू उपाय और रामबाण नुस्खे-


मुंह के छालों का इलाज और घरेलू उपाय (How To Cure Mouth Ulcers Fast Naturally)

किन हिस्सों में होते हैं मुंह के छाले
मुंह के किसी भी भाग जैसे जीभ, अंदरूनी गाल, मसूड़ों और होंठों पर यह हो सकते हैं. इन छालों की वजह से खाने और पीने में द‍िक्कत होती है. यह कुछ भी खाने-पीने पर तेज जलन का अहसास करा सकते हैं. जीभ या होंठ पर होने की स्थि‍ति में यह बोलने के दौरान भी दर्द का अहसास करा सकते हैं.


क्यों होते हैं मुंह में छाले (Common causes of this symptom)
मुंह में छाले होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं. जैसे
- पेट में गर्मी
- डिहाइड्रेशन
- विटामिन बी और सी की कमी
- तनाव
- मसालेदार और तला मसालेदार भोजन
- मुंह की सफाई की खराब देखभाल.


मुंह के छालों के लिए घरेलू नुस्खे और उपाय (Home Remedies for Mouth Ulcers)


1. शहद से दूर करें मुंह के छाले
शहद मुंह के छालों से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुंह के छालों को दूर कर दर्द में राहत दिला सकते हैं.
कैसे काम करता है शहद: शहद, त्वचा को हाइड्रेट रखता है और छाले वाले भाग को सूखने से बचाता है.
कैसे करें इस्तेमाल: कच्चा शहद लेकर छालों पर सीधा लगाएं. आप चाहें तो इसमें हल्दी में डाल सकते हैं. दिन में 2-3 बार ऐसा करें.


2. मुंह के छालों से नि‍जाद दिलाएगा एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साइडर विनेगर मुंह के छालों के इलाज में एक रामबाण घरेलू उपचार माना जाता है. एक कप एप्पल साइडर विनेगर में आधा कप पानी मिलाएं. इससे गरारे करें. राहत मिलेगी.


3. लहसुन करेगा दर्द को दूर
मुंह के छालों से लड़ने में लहसुन फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए लहसुन की कली को छील कर उसे छालों पर हल्के हाथ से रगड़ें. इसे 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर कुल्ला कर लें.


4. मुंह के छालों में आराम पहुंचाएगा नारियल तेल
नारियल तेल सूजन को कम करने में मदद करेगा. नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक दर्द से राहत दिला सकते हैं. आपको करना यह होगा कि नारियल तेल को छालों पर लगाना होगा. मुंह के छालों से जल्दी राहत पाने के लिए दिन में 3-4 बार इसे दोहराएं. आराम मिलेगा.

 

डायबिटीज के मरीज को कॉफी पीनी चाहिए या नहीं? जानिए फायदे और नुकसान

डायबिटीज के मरीज को कॉफी पीनी चाहिए या नहीं? जानिए फायदे और नुकसान

डायबिटीज के मरीजों को अपने खाने-पीने का बहुत ध्यान रखने की जरूरत है. ऐसे लोगों को अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखना पड़ता है. यही वजह है कि डायबिटीज के रोगियों को खाने-पीने को लेकर कई बार सोचना पड़ता है. बिना सोचे-समझे ऐसे लोग कुछ भी नहीं खा सकते हैं. कई लोग चाय या कॉफी के इतने शौकीन होते हैं कि उनके दिन की शुरुआत ही इन चीजों के साथ होती है. ऐसे में कई लोग ये जानना चाहते हैं कि डायबिटीज में कॉफी पी सकते हैं या नहीं? आइए जानते हैं.


कॉफी के कुछ फायदे- एक्सपर्ट्स की मानें तो डायबिटीज में कई के शरीर पर कॉफी पॉजिटिव और कुछ लोगों की सेहत पर नेगेटिव असर डालती है. कई रिसर्च में पता चला है कि कॉफी पीने से डायबिटीज के जोखिम को कम किया जा सकता है. कॉफी में काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं. जिससे शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है. हालांकि आपको सीमित मात्रा में ही कॉफी का सेवन करना चाहिए. अगर आप नेचुरल तरीके से शुगर लेवल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आपको मॉडरेट लेवल में ही कॉफी पीनी चाहिए. कई रिसर्च में ये भी कहा गया है कि कैफीन से इंसुलिन सेंसिटिविटी अच्छी होती है.

 

कॉफी पीने से क्या नुकसान हो सकता है


1 हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कॉफी में मौजूद कैफीन इंसुलिन के प्रोडक्शन को कम कर देती है.

 

2 इससे 2 डायबिटीज टाइप 1 और 2 का जोखिम बढ़ जाता है.


3 जिन लोगों का ब्लड शुगर अनियंत्रित रहता है उन्हें कॉफी पीने से बचना चाहिए.


4 ज्यादा कॉफी पीने से डायबिटीज के मरीजों को हाई बीपी की समस्या हो सकती है.


5 खाली पेट कॉफी पीने से 5 ब्लड शुगर के स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.


6 खाली पेट कॉफी पीने से हार्ट प्रोबलम होने का खतरा भी रहता है.


7 अगर आप कॉफी पीना चाहते हैं तो नाश्ते के बाद पी सकते हैं इससे नुकसान कम होगा.


8 डायबिटीज के मरीजों को सीमित मात्रा में ही कॉफी का सेवन करना चाहिए.


Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की Just36News पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. 

भारत के कुल कोविड-19 टीकाकरण ने इतने करोड़ का आंकड़ा पार किया

भारत के कुल कोविड-19 टीकाकरण ने इतने करोड़ का आंकड़ा पार किया

भारत में कोविड-19 टीकाकरण का आंकड़ा कल 47.22 करोड़ के अहम स्तर को पार कर गया है। आज सुबह 8 बजे तक की अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक 55,99,690 सत्रों के माध्यम से टीकों की कुल 47,22,23,639 डोज लगा दी गई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान टीकों की 17,06,598 डोज लगाई गई हैं। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। केन्द्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण की गति और उसका दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। महामारी की शुरुआत से अभी तक संक्रमित लोगों में 3,08,57,467 लोग पहले ही कोविड-19 से उबर चुके हैं और पिछले 24 घंटों के दौरान 36,946 ठीक हो गए। इस प्रकार ठीक होने की दर 97.35.प्रतिशत के स्तर पर है। पिछले 24 घंटों के दौरान भारत में दैनिक नए मामले 40,134 सामने आए। लगातार 36 दिनों से दैनिक नए मामले 50,000 के स्तर से नीचे बने हुए हैं। यह केन्द्र और राज्यों/ यूटी द्वारा किए गए निरंतर और सहयोगपूर्ण प्रयासों का परिणाम है। भारत के सक्रिय मामले 4,13,718 के स्तर पर बने हुए हैं और अब देश के कुल पॉजिटिव मामलों में सक्रिय मामलों की हिस्सेदारी 1.31 प्रतिशत है। देश भर में परीक्षण क्षमता में खासी बढ़ोतरी के साथ, पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कुल 14,28,984 परीक्षण कराए गए। भारत में अभी तक कुल 46.96 करोड़(46,96,45,494)) परीक्षण हो चुके हैं। जहां एक तरफ देश में परीक्षण क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, वहीं, वर्तमान में साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 2.37 प्रतिशत के स्तर पर है, जबकि आज दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.81 प्रतिशत रही। लगातार 56 दिनों से दैनिक पॉजिटिविटी दर 5 प्रतिशत से कम बनी हुई है।

2 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

2 अगस्त : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 47.22 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,08,57,467 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.35 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 36,946 मरीज ठीक हुए।

भारत में पिछले 24 घंटों में 40,134 मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,13,718 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.31% हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.37% है।

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.81%, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 46.96 करोड़ नमूनों की जांच की गई है।

 सावधान: इसी महीने आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, अक्टूबर में हालात होंगे ज्यादा खराब

सावधान: इसी महीने आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, अक्टूबर में हालात होंगे ज्यादा खराब

नई दिल्ली। भारत में कोरोना की तीसरी लहर इस महीने से दस्तक दे सकती है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अगस्त के महीने में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है, जिसमें रोजाना एक लाख कोरोना के मामले सामने आएंगे। इस वक्त देश में हर दिन 40 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है, जबकि रविवार को 39 हजार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगस्त के महीने में शुरू होने वाली तीसरी लहर अक्तूबर में अपने चरम पर जा सकती है। दूसरी लहर में कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए केंद्र ने राज्यों से ऑक्सीजन, दवा समेत अन्य जरूरी सामानों को पहले ही उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है। 

हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर के मुकाबले ज्यादा खतरनाक नहीं होगी, विशेषज्ञों ने बताया कि दूसरी लहर में देश में हर रोज 4 लाख नए मामले देखने को मिले थे, लेकिन अब डरावनी तस्वीर नहीं दिखेगी। कोरोना की स्थित के बारे में अनुमान लगाने वाले विशेषज्ञों का आकलन एक गणितीय मॉडल पर आधारित था। मई में आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा कि भारत के कोरोना वायरस का प्रकोप आने वाले दिनों में गणितीय मॉडल के आधार पर चरम पर हो सकता है।

केरल और महाराष्ट्र में बढ़ रहे मामले
हैदराबाद और कानपुर आईआईटी के प्रोफेसरों के नेतृत्व में शोधकर्ताओं का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में बताया गया कि कोविड -19 मामलों में हो रही बढ़ोतरी कोरोनो वायरस महामारी की तीसरी लहर को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि यह अक्तूबर में अपने पीक पर पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि केरल और महाराष्ट्र में जिस तरह कोरोना के मामले सामने आ रहे हंा इससे स्थिति खराब हो सकती है। बता दें कि केरल में कोरोना के मामले रोजना 20 हजार से ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र में करीब 7 हजार मामले सामने आ रहे हैं। दोनों राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 

10 राज्यों में बढ़ रहा कोरोना
मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक दिन में पांच राज्यों से 80.36 फीसदी नए कोरोना केस सामने आए हैं जिसमें अकेले केरल से 49.3 फीसदी केस हैं। वहीं मौत को लेकर बात करें तो सर्वाधिक महाराष्ट्र में 225 मरीजों ने बीते शनिवार को दम तोड़ दिया। केरल में 80 मरीजों की जान गई। फिलहाल जिन 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उनमें केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर शामिल हैं।