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आपके झड़ते बालों के लिए जिम्मेदार है आपका हेयरस्टाइल करने का तरीका

आपके झड़ते बालों के लिए जिम्मेदार है आपका हेयरस्टाइल करने का तरीका

महिलाएं अपनी खूबसूरती को लेकर काफी सजग रहती है और इसके लिए काफी मेहनत करती हैं। महिलाओं के सुंदर बाल उनकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं, इसलिए वह अपने बालों का खास खयाल रखती हैं। वहीं, यही भी देखा जाता है कि महिलाओं में बाल झडऩे की समस्या हो जाती है। लोगों का यह भी मानना होता है कि बाल झडऩा नैचरल होता है। फिर भी इससे निजात पाने के लिए वह काफी कोशिश करती हैं। यह भी देखा गया है कि आपकी हेयरस्टाइल भी आपके बाल झडऩे का कारण होती है।
1- बालों को कसकर बांधना

अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं में बाल झडऩे के पीछे सबसे बड़ा कारण होता है कि बालों की कसकर बांधना। इससे बाल टूटने लगते हैं। इस तरह से अगर बाल टूट रहे हैं तो आप इस पर नियंत्रण कर बालों का झडऩा या टूटना आसानी से रोक सकते हैं।
2- ऊपर से चोटी या पोनीटेल बनाना
महिलाएं कई बार बहुत ऊपर से चोटी बनाती हैं या पोनीटेल बनाती हैं। ऐसा करने से भी बाल टूटने लगते हैं। ऊपर से चोटी बनाने या पोनीटेल बनाने से भी बाल खींचते हैं। जिसके चलते आपके टूटने या झडऩे लगते हैं।
3- कैमिकल्स से होता है हेयर लॉस
हेयरस्टाइल बालों के झडऩे और टूटने के लिए जिम्मेदार साबित होती है। यह भी देखा गया है कि बालों में डाई, ब्लीच, स्ट्रेटनर्स या परमानेंट वेव सॉल्यूशन के इस्तेमाल से भी बाल झडऩा शुरू हो सकता है। इसमे पाए जाने वाले कैमिकल्स से हेयर लॉस परमानेंट होता रहता है।
4- बालों के लिए नुकसानदेह है हेयर ड्रायर
महिलाएं नहाने के बाद अक्सर अपने बालों को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर की मदद लेती हैं। इसको बाल सुखाने और हेयरस्टाइल बनाने का एक आसान तरीका माना जाता है। वहीं, कई स्टडी में यह बात सामने आई है कि रोजाना इसका इस्तेमाल आपके बालों के लिए नुकसानदेह है। इससे बाल झडऩे लगते हैं।
 

जैन युवा मोर्चा के द्वारा आयोजित भक्तामर हीलिंग चिकित्सा शिविर सफलता पूर्वक संपन्न

जैन युवा मोर्चा के द्वारा आयोजित भक्तामर हीलिंग चिकित्सा शिविर सफलता पूर्वक संपन्न

आज के जीवन मे हर व्यक्ति को कही न कही तनाव, डिप्रेशन माइग्रेन, डायबिटीज, बी.पी., स्मरणशक्ति कम होना, व्यापार के नुकसान, आत्मविश्वास की कमजोरी, आपसी मनमुटाव की समस्या से ग्रषित है इन समस्या से निजात पाने के लिए जैन युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला "भक्तामर हीलिंग चिकित्सा" वृन्दावन हॉल रायपुर में सपन्न हुआ । जिसमें 48 स्त्रोत्र की महिमा से मानसिक एवं शारीरिक व्याधियों का निदान मंत्रों के उच्चारण आध्यात्मिक उपचार मुख्य वक्ता -डॉ अर्चना जैन (अंतराष्ट्रीय सोउल मोटिवेटर व भक्तामर हीलर) ने बीज मंत्र, रिद्धि मंत्रो के साथ प्रदान की ।  

श्रीं मति सुनीता लुनिया (ऑउरा प्रेक्ट्रिशनर) ने उपस्थित बंधुओ को नेगेटिव और पाजिटिव ऑरा का विस्तार से जानकारी दी । ततपश्चात अमेरिका से पधारे अजित जी ने हीलिंग चिकित्सा से अपनी खोई हुई आवाज को पुनः प्राप्त करने की गाथा सचित्र विवरण मंच से प्रदान की ।


भक्तामर हीलिंग चिकित्सा शिविर में रायपुर , दुर्ग , राजनांदगांव , धमतरी, कोंडागांव , महासमुंद दल्लीराजहरा से पधारे लोगों ने लाभ लिया । अध्यक्षीय उध्बोधन में लोकेश चन्द्रकान्त जैन ने जैन युवा मोर्चा के कार्य व उद्देश्य की जानकारी दी ।। कार्यक्रम का मंच संचालन अंकिता जैन के द्वारा किया गया ।

कार्यक्रम के अंत में आभार कार्यक्रम प्रभारी महावीर कोचर , विपुल जैन ने दी । कार्यक्रम में जैन युवा मोर्चा के संरक्षक अतुल गोधा , राजेन्द्र पारख (महामंत्री )जितेंद्र गोलछा, सुरेश बाफना , अशोक साँखला , नीलेश ,गौतम बोथरा , दर्शन साँखला ,राहुल जैन , जितेंद्र सेठिया , विनोद साँखला उपस्थित हुए।
 

क्या आप ठंड में पानी कम पीते हैं ? तो जानिए पानी की कमी से होने वाली 5 बीमारियां

क्या आप ठंड में पानी कम पीते हैं ? तो जानिए पानी की कमी से होने वाली 5 बीमारियां

ठंड के मौसम में आम तौर पर प्यास कम लगती है, और यही कारण है कि कई लोग पानी कम ही पीते हैं। लेकिन ये गलती आप पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि पानी की कमी से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां-

ऊर्जा की कमी 
शरीर के ऊतकों में पानी की कमी होने से आपको शरीर में स्फूर्ति महसूस नहीं होती और थकान भी जल्दी होती है।
कब्ज
पानी की कमी से होने वाली सबसे आम समस्या है कब्ज, जो कई लोगों को होती है। इसके बढऩे पर गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं।
पेट के अल्सर
पानी की कमी से अम्ल बनने की गति बढ़ जाती है और पेट में छाले हो जाते हैं। इस समस्या के बढऩे पर यह घातक साबित हो सकती है।
त्वचा संबंधी रोग
पानी की कमी से त्वचा नमी खोती जाती है, जिससे त्वचा संबंधी रोग होने लगते हैं। नमी की कमी से त्वचा में खारिश-खुजली होने लगती है।
यूरिन इंफेक्शन
पानी की कमी से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते, जिससे शरीर के अंदर और मूत्र मार्ग में संक्रमण हो सकता है, जो बढऩे पर कैंसर का रूप भी ले सकता है।
 
अगर आप भी जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो कहीं हो न जाए ये गंभीर बीमारी

अगर आप भी जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो कहीं हो न जाए ये गंभीर बीमारी

जब स्वादिष्ट खाना किसी के सामने हो तो उसे जल्दी जल्दी खत्म करना कौन नहीं पसंद करेगा. जब भोजन लजीज हो और साथ में गरमा-गरम हो तो उसे खाने में और भी ज्यादा स्वाद आता है. लेकिन कभी आपने ये ध्यान दिया है कि खाने को लेकर कभी-कभी हमे इतनी जल्दी रहती है कि हमें लगता है की उस खाने को कितनी जल्दी से खा के खत्म कर दें. इसी खाने को जल्दी-जल्दी खाने से हम ऐसी कई बिमारियों को दावत दे देते हैं जिनके बारे में हमें जानकारी ही नहीं रहती. आइए आपको बताते हैं कि जल्दी-जल्दी खाने से आपके शरीर पर इसका क्या इफ्फेक्ट पड़ता है.
मोटापा
लोगों के अनुसार ज्यादा खाना खाने से मोटापा होता है लेकिन सच्चाई ये है की जल्दी-जल्दी खाने के चक्कर में हम अक्सर ये भूल जाते हैं कि हमे उस खाने को चबा के खाना चाहिए. आप जितना अधिक खाने को चबाते हैं उतना ही मोटापा कम होने का अनुमान रहता है. आप जब भी खाना खाने बैठें तो खाने को अच्छे से चबाएं. इससे यह शरीर में लगता है न कि शरीर के फैट को बढ़ाता है.
अधिक भोजन का सेवन
जब सामने बेहतरीन खाना रखा हो तो लोग ये भूल जाते हैं कि कितना खाना चाहिए और कितना नहीं खाना चाहिए. आपको बता दें की ओवरइटिंग कई तरह से आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है. ओवरइटिंग शरीर के वजन को बढ़ाता है. जब लोग तेजी से या जल्दी-जल्दी खाते हैं तो ये भूल जाते हैं उन्हें कितना कैलोरी चाहिए और कितना नहीं. हो सके तो ओवरइटिंग से बचे.
डायबिटीज
भारत में लगभग हर घर में एक डायबिटीज का मरीज मिल ही जाता है. हालांकि डायबिटीज होने के बहुत से कारण हो सकते हैं लेकिन इसके पीछे जल्दी-जल्दी भोजन करना भी एक प्रमुख कारण है. अगर आपको डायबिटीज हो और न भी हो तो भी जल्दी-जल्दी खाना कभी नहीं खाना चाहिए. आप हमेशा संतुलित आहार ही अपने खाने में शामिल करे और इसे आराम से चबाकर खाएं.

 

हाथ धोते समय हर कोई करता है ये 5 गलतियां, जिससे हो सकती है ये गंभीर परेशानी

हाथ धोते समय हर कोई करता है ये 5 गलतियां, जिससे हो सकती है ये गंभीर परेशानी

हाथ धोने की आदत बचपन से ही सिखाई जाती है. टॉयलेट जाने के बाद, खाने से पहले, खाने के बाद या कोई गंदी चीज छूने व उठाने के बाद हाथों को धोना जरूरी बताया जाता है. इसका कारण यह है कि हमारे हाथ कीटाणुओं और गंदे बैक्टीरिया के सबसे आम वाहक होते हैं. शरीर में ज्यादातर हानिकारक जर्म्स हाथों से ही पहुंचते हैं. इसलिए हाथ धोना ज्यादातर लोगों की आदत में शामिल हो जाता है. लेकिन क्या आप सही तरीके से हाथ धोते हैं? कहीं आपके हाथ धोने का तरीका गलत तो नहीं? अगर ऐसा है तो आपको हाथ धोने का पूरा फायदा ही नहीं मिलेगा यानी हाथ धोने के बाद भी जर्म्स आपके शरीर में पहुंच ही जाएंगे.
डॉक्टरों का मानना है कि ज्यादातर लोग हाथ धोते समय कुछ सामान्य गलतियां करते हैं, जिसके कारण उनका हाथ सही तरह से कभी भी साफ नहीं हो पाता है. मगर इसके बारे में लोगों को सही जानकारी नहीं होती है. डॉक्टर्स ये बताते हैं कि अगर आप सही तरह से हाथ धोएं, तो हजारों तरह के रोगों और इंफेक्शन से आप खुद को बचा सकते हैं. आइए आपको बताते हैं हाथ धोने के दौरान की जाने वाली 5 सामान्य गलतियों के बारे में जिनकी तरफ आपका ध्यान शायद नहीं जाता है.
जल्दबाजी करना
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि ज्यादातर लोग हाथ धोते समय जल्दबाजी में रहते हैं जिसके कारण उनके हाथों के कीटाणु पूरी तरह से मरते नहीं हैं. सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार आपको अपने हाथों पर साबुन या हैंडवॉश लगाने के बाद कम से कम 20 सेंकड तक झाग से हाथों को रगडऩा चाहिए. तभी आपके हाथों के कीटाणु अच्छी तरह से साफ होंगे.
पूरा हाथ न धोना
बहुत सारे लोग यह गलती भी करते हैं कि वह सिर्फ हथेली के हिस्से में ही साबुन या हैंडवॉश लगाते हैं और हाथ धो लेते हैं. ऐसे में आपके हाथ के कई हिस्से छूट जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि जब आप हाथों को धोएं तो हथेली के साथ-साथ पीछे के हिस्से, उंगलियों में साबुन लगाते हुए कलाइयों तक लगाएं. इसके बाद पानी की धार में पूरे हाथ को रगड़ते हुए सफाई से हाथ धोएं ताकि आपका पूरा हाथ साफ हो जाए.
गंदे कपड़े में हाथ पोंछ लेना
गंदे कपड़े में हाथ पोंछ लेना सबसे सामान्य गलती है. ज्यादातर लोग हाथ तो बड़े शौक से धोते हैं, मगर इसके बाद हाथों का पानी पोंछने के लिए ऐसे कपड़े या टॉवेल का इस्तेमाल करते हैं, जो पहले से ही गंदा होता है या 7-8 दिन से ज्यादा समय से धोया नहीं गया होता है. ऐसे में हाथ धोने के बाद कपड़े में लगे हुए जर्म्स दोबारा आपके हाथों में लग जाते हैं और आपको हाथ धोने का कोई फायदा नहीं मिलता है. इसलिए जिस कपड़े में आप हाथों को धोने के बाद पोंछते हैं, उसे रोजाना या कम से कम 1 दिन छोड़कर जरूर धोएं और धूप में सुखाएं. इसके अलावा अपना पर्सनल हैंड टॉवल रखें. कई लोग एक ही कपड़े को हाथ सुखाने के लिए इस्तेमाल न करें.
हाथों को ठीक से न सुखाना
जर्म्स और बैक्टीरिया गीलापन या नमी पाकर तेजी से बढ़ते हैं. यही कारण है कि बरसात के दिनों में इनका अटैक बढ़ जाता है. इसलिए अगर आप हाथों को धोने के बाद इसे सही तरह से साफ नहीं करते हैं, तो आपके हाथों में रह गए कीटाणु तेजी से बढ़ते हैं और दोबारा आपके हाथ गंदे हो जाते हैं, जबकि आपको यही लगता है कि आपके हाथ साफ हैं. इसलिए आप जब भी हाथ धोएं, इसे पूरी तरह और सही तरीके से सुखाएं. हाथों को सुखाने के लिए आप कोई साफ कपड़ा, हैंड टॉवल, हैंड ड्रायर या टिशू पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
पब्लिक प्लेस पर की जाने वाली गलतियां
एक बड़ी गलती आप तब करते हैं जब आप पब्लिक प्लेस पर टॉयलेट या वॉशरूम का इस्तेमाल करते हैं. दरअसल पब्लिक प्लेस पर बने वॉशरूम को दिन में सैकड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यहां जर्म्स और बैक्टीरिया सामान्य वॉशरूम के मुकाबले कई गुना ज्यादा होते हैं. इसलिए पब्लिक प्लेस पर हाथों को धोने के बाद जब आप सादे हाथों से कमरे के अंदर की कोई चीज छूते हैं, तो आपके हाथों में फिर ढेर सारे जर्म्स लग जाते हैं. जैसे- नल चलाने के लिए प्रेस करने वाली बटन, गेट खोलने का हैंडल, हैंड वॉश डिस्पेंसर या कोई अन्य जगह. इसलिए जरूरी है कि आप इस दौरान भी पूरी सावधानी रखें.
 

जैन युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा भक्तामर हीलिंग चिकित्सा शिविर 18 जनवरी को रायपुर में

जैन युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा भक्तामर हीलिंग चिकित्सा शिविर 18 जनवरी को रायपुर में

रायपुर, आप तनाव, डिप्रेशन माइग्रेन, डायबिटीज, बी.पी., स्मरणशक्ति कम होना, व्यापार के नुकसान, आत्मविश्वास की कमजोरी, आपसी मनमुटाव आदि आपके जीवन मे समस्या हो रही है तो आपकी चिंता को दूर करने के लिए जैन युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा आयोजित "भक्तामर हीलिंग चिकित्सा" में स्त्रोत्र की महिमा से मानसिक एवं शारीरिक व्याधियों का निदान मंत्रों के उच्चारण आध्यात्मिक उपचार एवं विशेष कार्यशाला का आयोजन

मुख्य वक्ता -डॉ अर्चना जैन (अंतराष्ट्रीय सोउल मोटिवेटर व भक्तामर हीलर) व

विशेष सहयोग श्रीं मति सुनीता लुनिया (ऑउरा प्रेक्ट्रिशनर) की उपस्थिति में 18 जनवरी 2020 शनिवार प्रातः 9:30 बजे से 12:30 बजे तक वृंदावन हॉल सिविल लाइन रायपुर में निःशुल्क सपन्न होने जा रहा है ।
उक्त जानकारी लोकेश चन्द्रकान्त जैन(अध्यक्ष) राजेंद्र पारख(महामंत्री )मयूर बैद (कोषाध्यक्ष) व कार्यक्रम प्रभारी महावीर कोचर , विपुल जैन ने प्रदान की।
 

इस फल को खाने और जूस पीने के है ये फायदे , जाने क्या है वो फल

इस फल को खाने और जूस पीने के है ये फायदे , जाने क्या है वो फल

नार एक ऐसा फल है जिसके नियमित सेवन से हमें अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। ऐसा माना जाता है कि अनार का जन्मस्थल अरब देश है। अनार खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पाचक और हमारे शरीर में रक्त वृद्धि करने वाला भी होता है। इस फल के दाने लाल मोती जैसे चमकते हैं।

यह फल खट्टा मीठा स्वाद लिए होता है। अनुपम गुणों वाला अनार स्वास्थ्यवर्धक फल है। जिसका नियमित सेवन करने से बीमारी पडऩे की संभावना कम हो जाती है और इसके चूर्ण से बीमारियां हमसे कोसों दूर भागती हैं।
इसके लगातार सेवन से हम बहुत सी बीमारियों को दूर कर सकते हैं। जैसे-
अतिसार - अनार के रस के साथ सौंफ, धनिया और जीरा इनको बराबर मात्रा में पीस कर इनका चूर्ण बनाकर सेवन करें। अथवा अनार के रस में पका हुआ केला मथकर इसका सेवन करें।
कब्ज - अनार के पत्तों को उबाल कर उसका काढ़ा पीने से कब्ज से पीछा छुड़ाया जा सकता है। अजवायन का चूर्ण फांक कर फिर अनार का रस पीएं। तो कब्ज से मुक्ति मिलेगी।
शरीर में खून की कमी - एनीमिया शीघ्र दूर करने के लिए अनार का रस और मूली का रस समान मात्रा में मिलाकर पीएं।
एसीडिटी (अम्ल पित्त)- अनार रस और मूली का रस समान मात्रा में लेकर उसमें अजवायन, सैंधा नमक चुटकी भर मिलाकर सेवन करने से अम्ल पित्त बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।
यदि आपको देर रात की पार्टी से अपच हो गया है तो पके अनार का रस चम्मच, आधा चम्मच सेंका हुआ जीरा पीसकर तथा गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार लें।
प्लीहा और यकृत की कमजोरी तथा पेटदर्द अनार खाने से ठीक हो जाते हैं। इसका शर्बत एसिडिटी को दूर करता है।
दस्त तथा पेचिश में : 15 ग्राम अनार के सूखे छिलके और दो लौंग लें। दोनों को एक गिलास पानी में उबालें। फिर पानी आधा रह जाए तो दिन में तीन बार लें। इससे दस्त तथा पेचिश में आराम होता है।
दमा/खांसी में : जवाखार आधा तौला, कालीमिर्च एक तौला, पीपल दो तौला, अनारदाना चार तौला, इन सबका चूर्ण बना लें। फिर आठ तौला गुड़ में मिलाकर चटनी बना लें। चार-चार रत्ती की गोलियां बना लें। गरम पानी से सुबह, दोपहर, शाम एक-एक गोली लें। इस प्रयोग से दु:साध्य खांसी मिट जाती है, दमा रोग में राहत मिलती है। बच्चों की खांसी अनार के छिलकों का चूर्ण आधा-आधा छोटा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम चटाने से मिट जाती है।
सर्दियों में अपने शिशु की इस तेल से करें मालिश, मिलेंगे भरपूर फायदे

सर्दियों में अपने शिशु की इस तेल से करें मालिश, मिलेंगे भरपूर फायदे

छोटे बच्चों की मांसपेशियों की मजबूती और सेहत के लिए मालिश बहुत जरूरी है। लेकिन यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि मालिश सही तरह से और सही दिशा में की जाए। और उससे भी ज्यादा जरूरी है कि मालिश के लिए सही तेल का चुनाव किया जाए। चूंकि बेबी की स्किन काफी सॉफ्ट होती है, इसलिए मालिश के लिए नारियल का तेल बेस्ट माना जाता है। 

सर्दियों में बच्चे को धूप में लिटाकर नारियल के तेल यानी कोकोनट ऑइल से मालिश करनी चाहिए। इसके ढेरों फायदे होते हैं। आइए जानते हैं कि वे फायदे क्या हैं:
1-नारियल के तेल में ऐंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो हर तरह के इंफेक्शन को दूर रखती हैं। यह स्किन में आसानी से अब्जॉर्ब भी हो जाता है। 
2- डायपर के इस्तेमाल से कई बार बच्चों की स्किन पर रैशेज भी पड़ जाते हैं। इससे बचने के लिए स्किन पर नारियल का तेल लगाने के अलावा डायपर पर भी हल्का सा तेल लगा दें। इससे स्किन ड्राई नहीं होगी और हेल्दी रहेगी। 
3- नारियल के तेल में आयरन होता है और इसकी मालिश से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। इसके अलावा इसमें विटमिन सी, ई और के भी होता है जो बच्चे की सेहत के साथ-साथ स्किन को हेल्दी बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
4- कई बार बच्चों के मुंह पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। इनमें कई बार दर्द और खुजली भी होने लगती है। ये दाने वक्त के साथ इंफेक्शन का रूप ले सकते हैं और पूरे शरीर में फैल सकते हैं। लेकिन नारियल के तेल की मालिश से इन दानों को सही किया जा सकता है। दरअसल कोकोनट ऑइल में लॉरिक ऐसिड होता है जो इन दानों को जन्म देने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में मदद करता है।
5- लोरिक एसिड पेट में ऐंठन की समस्या को भी दूर करता है। इसके लिए आप बेबी फूड में कोकोनट ऑइल की कुछ बूंदे मिक्स कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि इसके लिए पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें। 
6- नारियल का तेल बच्चों की स्किन के लिए एक सनस्क्रीन का काम करता है। रोजाना इसकी मालिश से बच्चे सूरज की पराबैंगनी किरणों के दुष्प्रभावों से दूर रहेंगे।
ये 8 बेहतरीन योगासन और प्राणायाम आपको सर्द मौसम में रखेंगे तंदरुस्त

ये 8 बेहतरीन योगासन और प्राणायाम आपको सर्द मौसम में रखेंगे तंदरुस्त

सर्दी के मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं होना आम बात है। मौसम ठंडा होने के कारण सिरदर्द, कमर दर्द, जुकाम, बदन दर्द, जोड़ों में समस्या, सांस लेने में परेशानी और हार्ट संबंधी व मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। लेकिन इन योग व्यायाम का साथ, आपके स्वास्थ्य पर बेहतर बनाए रखने में सहायक होगा-
1.शरीर संचालन हेतु पैर की उंगलियां, एड़ी, घुटना, जांघ, पेट, हाथों की उंगलियां, कलाई, कोहनी, कंधा, गर्दन व आंख प्रत्येक अंग का 5 से 10 बार संचालन सुबह-शाम दोनों समय करना फायदेमंद होगा।
2. सायको सोमेटिक, न्यूरोसोमेटिक, दमा में भी ये यौगिक क्रियाएं लाभदायक हैं। इसके साथ-साथ शशांक आसन, योगमुद्रा, पवनमुक्तासन, भुजंगासन, स्ट्रेच मकरासन (क्रोकोडायल)-2 लाभदायक हैं।
3. कुछ शारीरिक व मानसिक रोग तनाव व चिंता से भी होते हैं। इन्हें दूर करने के लिए यौगिक क्रियाएं उत्तम हैं। प्राणायाम और मेडिटेशन करना मानसिक समस्याओं में बेहद फायदेमंद है।
4. स्वस्थ लोगों के लिए भी यौगिक क्रियाएं लाभदायक हैं। स्वस्थ लोग स्वस्थ रहें, इसलिए योग विशेषज्ञ की सलाह से ये आसन करें - ताड़ासन, त्रिकोणासन, कमर को खड़े होकर आगे-पीछे व दाएं-बाएं झुकाने की क्रियाएं 5 बार करें।
5. सीधा लेटकर अर्द्धहलासन, साइकलिंग, पवनमुक्तासन, सीधा नौकासन। बैठकर पश्चिमोत्तासन, शशांक आसन व योगमुद्रा करना चाहिए। उल्टा लेटकर भुजंगासन, सर्पासन, शलभासन, धनुरासन, नौकासन, रोलिंग नौकासन करना चाहिए।
6. प्राणायाम सभी के लिए लाभदायक है। इसमें योगेन्द्र प्राणायाम, नाड़ीशोधन प्राणायाम, भ्रमिका प्राणायाम, उज्जयी प्राणायाम अधिक लाभदायक रहते हैं। ध्यान अपनी शक्ति के अनुसार कर सकते हैं। लंबी गहरी सांस लें व छोड़ें। ओम का उच्चारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
7.ध्यान, प्राणायाम, शवासन, योगनिद्रा के द्वारा सुषुप्त शक्तियों को जाग्रत कर सकते हैं। इससे काम करने की शक्ति बढ़ सकती है, मन एकाग्र होता है, बुद्धि तीक्ष्ण होती है। इन क्रियाओं से शारीरिक व मानसिक रोगों से लडऩे की प्रतिरोधात्मक शक्ति बढ़ जाती है।
8. ठंड के दिनों में, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग के रोगियों को रात में अधिक कष्ट होता है। उनके लिए भी डॉक्टर की सलाह व योग विशेषज्ञ की सलाह से लाभ होता है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रात:- शाम घूमना चाहिए। दिन में एक बार दिल खोलकर हंसना चाहिए। सोने के 2 घंटे पूर्व सुपाच्य भोजन करना चाहिए।
 

रोजाना पिएं ये जादुई पानी, तेजी से घटेगा वजन, स्किन भी दिखेगी ग्लोइंग

रोजाना पिएं ये जादुई पानी, तेजी से घटेगा वजन, स्किन भी दिखेगी ग्लोइंग

जकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच थकना मना है. जिंदगी जितनी ज्यादा भागदौड़ भरी है, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रेस से लबरेज है. आजकल किसी से भी पूछो कि आप कैसे हैं, कहां जा रहे हैं और क्या कर रहे हैं. इस सवाल का हर किसी की जुबान पर एक ही जवाब रहता है बहुत ज्यादा वयस्त हूं. किसी से बात करने की तो क्या लोगों के पास खाने-पीने तक का समय नहीं है.

काम का प्रेशर, खुद को आगे रखने की दौड़ इतनी हो गई है कि आज के समय में लोगों को स्वास्थ्य से समझौता करना पड़ता है. जिसका रिजल्ट ये होता है कि लोगों को दवाइयों, सप्लीमेंट का सहारा लेना पड़ता है. ज्यादा मात्रा में दवाई और अनहेल्दी फूड खाने से बेली फैट, स्किन प्रॉब्लम होना आम बात है. ऐसी लाइफस्टाइल में अगर कुछ नेचुरल, घरेलू उपाय को अपनाएं तो सेहत को बेहतर किया जा सकता है और स्किन को ग्लोइंग बनाया जा सकता है.
सुबह-सुबह पीना है लाभदायक
इन्हीं घरेलू उपायों में से एक है शहद और गर्म पानी. गर्म पानी और शहद दोनों में ही कई तरह के औषधीय गुण पाएं जाते हैं. अगर आप सुबह-सुबह खाली पेट शहद और गर्म पानी पीने से सेहत को कई लाभ मिलते हैं.
वजन कम करने में मिलेगी मदद
आजकल लोग जितना व्यस्त हैं उतना ही फिटनेस फ्रीक भी हैं. सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ शहद पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. ऐसा कहा जाता है कि सुबह खाली पेट गर्म पानी और शहद पीने से भूख कम लगती है, जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
पाचन क्रिया को रखता है दुरुस्त
शहद में एंटी बैक्टीरियल मौजूद होते हैं जो पेट में किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में मदद करते. रोजाना सुबह एक गिलास गर्म पानी के साथ शहद पीने से पाचन संबंधित समस्याएं नहीं होती है.
खांसी को करता है ठीक
शहद एंटीबैक्टीरियल प्रापर्टी की तरह काम करता है. रोजाना शहद का सेवन करने वालों के शरीर में किसी तरह के हानिकारक बैक्टीरिया प्रवेश नहीं कर पाते हैं. रोजाना गर्म पानी के साथ शहद का सेवन करने से खांसी, बुखार जैसी समस्या नहीं होती है.
ग्लोइंग स्किन
गर्म पानी में शहद मिलाकर पीने से मेटाबॉलिज्म में सुधार आता है और यह शरीर को पूरी तरह से डिटॉक्स भी करता है. जिससे स्किन पर मुंहासे, पिंपल जैसी समस्या नहीं होती है.
 
हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकती हैं ये 6 एक्सरसाइज, पहले जान लें इनके फायदे और नुकसान

हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकती हैं ये 6 एक्सरसाइज, पहले जान लें इनके फायदे और नुकसान

नियमित रूप से एक्सरसाइज करना हेल्थ के लिए अच्छा होता है. यह आपके फिटनेस स्तर को भी बढ़ाता है लेकिन कुछ ऐसे एक्सरसाइज भी हैं जो आपके लिए सही नहीं है. उनमें से कुछ आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकते हैं. आपको यह समझना चाहिए कि मांसपेशियों की थकान और बेचैनी आम बात है लेकिन अगर यह दर्द में बदल जाता है, तो आपको इसे करना बंद कर देना चाहिए.

इसके अलावा किसी भी एक्सरसाइज को करने से पहले अपने ट्रेनर से उसके फायदे और नुकसान के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. आपको अपने शरीर का ख्याल रखते हुए एक्सरसाइज को चुनना चाहिए. वहीं कुछ एक्सरसाइज आपकी मांसपेशियों और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. आइए सबसे पहले जान लेते हैं ऐसे ही 6 एक्सरसाइज और उनसे पहुंचने वाले नुकसान के बारे में.
घुटनों के लिए खतरनाक मशीन पैर एक्सटेंशन
मशीन पैर एक्सटेंशन आमतौर पर लोग वजन कम करने के लिए करते हैं. हालांकि कई बार इससे आपको नुकसान भी पहुंच सकता है. ये आपके घुटनों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आप मशीन पैर एक्सटेंशन को करते हैं तो इसमें आप अपने घुटने एक गलत कोण में रखते हैं. इस कोण में जब आप वजन उठाते हैं तो ये बैलेंस नहीं कर पाता है और इससे घुटने के ज्वाइंट्स को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं कभी कभी आपकी हड्डियां भी चटक सकती हैं. तो अच्छा यही होगा कि इसके बजाय आप नियमित स्क्वाट और डेडलिफ्ट करें.
पेट के लिए नुकसानदेह एब्स बनाने वाली मशीनें
आज के समय में हर युवा एब्स बनाने के लिए अपना बहुत सारा समय जिम में बिताते है. सिट-अप की तुलना में ये निश्चित रूप से अधिक आरामदायक है लेकिन यह आपके पेट की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसे करने से आपके पेट में दर्द भी हो सकता है. वहीं अगर आप ज्यादा मोटे हैं और आपने इसे नया-नया शुरू किया है, तो ये आपको और नुकसान पहुंचा सकता है. इसकी वजह से आपके आंतों में भी कुछ परेशानियां आ सकती हैं. इसलिए जब भी आप किसी ऐसे एक्सरसाइज के बारे में सोचें या करने जाएं तो पहले अपने ट्रेनर से इसके बारे में पूरी जांच कर लें.
हार्ट के लिए नुकसानदेह हो सकता है एलिप्टिकल वर्कआउट
यह सरल और प्रयोग करने में आसान है. ये आपके मांसेपशियों में दर्द और हर्ट रेट को बढ़ा सकता है. जिन लोगों को सांस से जुड़ी कोई भी परेशानी है या उन्हें धड़कन के अचानक बढऩे की शिकायत रहती हैं, तो इसे बिल्कुल न करें. ये एक्सरसाइज आपकी धड़कनों को अचानक से बढ़ा देगी और आपकी सांस फूलने लगेगी.
एबडक्टर मशीनों से मांसपेशियों में दर्द
ये बहुत प्रभावी नहीं हैं क्योंकि इसमें शरीर के कुछ खास हिस्से ही शामिल हो पाते हैं. इसके बजाय आप स्क्वाट करें. इस एबडक्टर वाली मशीनों को वो लोग बिल्कुल न इस्तेमाल करें जिन्हें नर्व्स या उनके खिंचाव से जुड़ी कोई भी परेशानी हो. इसके बजाय आप सिंपल योग करना शुरू करें और तब जाके समझे कि आपको अन्य किन-किन एक्सरसाइजों की जरूरत है.
कंधे को घायल कर सकता है ट्राइसेप्स डिप्स
ये आपके कंधे के रोटेटर कफ की मांसपेशियों को घायल कर सकता है. यह एक दर्दनाक स्थिति पैदा कर सकता है, जिसमें साधारण कार्य भी दर्द बन सकते हैं. इसके बजाय पुशडाउन और, ट्राइसेप्स पुश-अप्स के लिए जाएं. यह आपके ट्राइसेप्स को और अधिक टोनिंग देगा. अगर आप हड्डियों के किसी पूराने दर्द से पीडि़त हैं तो ये ट्राइसेप्स डिप्स इसे और बढ़ा सकता है. इसलिए आपको इसे करने से बचना चाहिए.
डम्बल से पैरों में दर्द
अगर आप वजन उठा रहे हैं तो आपको वास्तव में वजन उठाने की आवश्यकता है. आप इसे शुरू करें लेकिन धीरे-धीरे भारी वजन उठाने की ओर बढ़ें. यहां आपको अपनी गति चुननी होगी. आपको पसीना बहाने के लिए पर्याप्त चुनौतीपूर्ण होना चाहिए लेकिन इससे आपके पैरों में दर्द हो सकता है. इसके लिए अच्छा ये होगा कि डंबल को पहले आराम से करना शुरू करें और फिर इस गति को धीरे-धीरे बढ़ाएं.
 
सर्दियों में बार-बार करते हैं लिप बाम का इस्तेमाल, जानें होंठ फटने पर क्या करें और क्या न करें

सर्दियों में बार-बार करते हैं लिप बाम का इस्तेमाल, जानें होंठ फटने पर क्या करें और क्या न करें

र्दी के मौसम में लोगों को होंठ फटने की परेशानी का सामना करना पड़ता है. सर्दी के मौसम में ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो जाती है, जिसके कारण त्वचा और होंठ दोनों में ही नमी कम हो जाती है. इस वजह से होंठ फटने लगते हैं. इसके साथ ही सर्दियों में स्वस्थ खान-पान न लेने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से भी आपके होंठ फटने शुरू हो जाते हैं.

सर्दियों के मौसम में आपको अपनी त्वचा के साथ-साथ होंठ का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. क्या आप जानते हैं कि मार्केट में मौजूद कुछ लिप बाम में कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. कई लिप बाम में कैंसर की बीमारी का खतरा बढ़ाने वाले तत्व भी मौजूद हो सकते हैं जिनसे आपको अपना बचाव करना बेहद ही जरूरी है. आइए आपको बताते हैं कि आप अपने होंठों का ख्याल कैसे रखें. इसके लिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
ऐसे करें होंठों की देखभाल
पानी ज्यादा पिएं
आपके होंठ तब फटते हैं जब उनमें सूखापन आने लगता है. अगर आप उनमें सही तरह से नमी बनाकर रखेंगे तो आपके होंठ हमेशा स्वस्थ रहेंगे. इसके लिए आपको ज्यादा मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है. अक्सर सर्दियों में लोग पानी कम पीते हैं जिसकी वजह से उनका शरीर नमी खओने लगता है. अगर आप सही मात्रा में पानी पिएंगे तो इससे आपके शरीर में सही मात्रा में नमी रहेगी और आपके होंठ भी नहीं फटेंगे.
मछली खाएंमछली का सेवन करने से आपके शरीर में ओमेगा-3 फैट्टी एसिड की कमी पूरी होती है जो आपकी त्वचा को हाईड्रेट करता है. अगर आप मछली खाना पसंद नहीं करते तो आप खाने में मछली के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें
बढ़ते प्रदूषण को लेकर आजकल ज्यादातर लोग ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं जो हवा को बेहतर करता है. साथ ही हवा में नमी बनाने का भी काम करता है. आप अपने शरीर में नमी बनाने के लिए घर पर ह्यूमिडिफायर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जब आपके शरीर में नमी रहेगी तो इससे आपके होंठ भी स्वस्थ रहेंगे.
घरेलू चीजें अपनाएं
अगर आप अपने होंठों को रूखेपन से बचाना चाहते हैं तो इसके लिए आप घरेलू तरीकों को भी अपना सकते हैं. आप अपने होंठों के लिए घी, बादाम का तेल या फिर जोजोबा ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके साथ ही आप अपने शरीर में सभी पोषक तत्वों की पूर्ति करें जिससे कि आपके शरीर में किसी भी तरह के पोषण की कमी न रहे.
ये चीजें न करें
बार-बार जीभ न लगाएं
कई लोगों की आदत होती है कि वो बार-बार अपनी जीभ होंठ पर लगाते रहते हैं लेकिन क्या आपको पता है आपका बार-बार जीभ लगाना ही आपके होंठ के लिए नुकसानदायक होता है और होंठ के फटने का कारण बनता है. आपको बता दें कि होठ पर जीभ से बार-बार गिला करने से कुछ देर बाद ही फिर से होंठ सूखने लगते हैं. इससे ये समस्या कम नहीं होती बल्कि और ज्यादा हो जाती है.
लिपस्टिक का कम करें इस्तेमाल
पार्टियों में या फिर ऑफिस टाइमिंग में अक्सर महिलाएं लिपस्टिक लगाकर रखती हैं जिसकी वजह से होंठ खराब होने लगते हैं. आप कोशिश करें कि ज्यादा देर तक लिपस्टिक का इस्तेमाल न करें.
 
इस सर्दी संतरे से करें दोस्ती, फिट रहने के साथ ही स्किन रहेगी हेल्दी

इस सर्दी संतरे से करें दोस्ती, फिट रहने के साथ ही स्किन रहेगी हेल्दी

सर्दियों में आने वाला संतरे के स्वाद ऐसा होता है कि इसे बड़े क्या बल्कि बच्चे भी खाने से हिचकते नहीं हैं। विटमिन सी, फाइबर जैसी कई खूबियों से भरा यह फल फिट रहने में मदद करने के साथ ही स्किन को भी खूबसूरत बनाए रखने में सहायता करता है। चलिए जानते हैं संतरे के इन फायदों के बारे में:
वायरल और जुकाम से बचाव
संतरे में विटमिन सी की भरमार होती है। एक स्टडी में यह साबित हो चुका है कि विटमिन सी शरीर में वाइट सेल्स के प्रॉडक्शन को बढ़ाता है, जो इम्युन सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करता है। इससे शरीर को वायरल व जुकाम के बैक्टीरिया से लडऩे और उन्हें दूर रखने में मदद मिलती है।

हड्डियां मजबूत बनाए
क्या आपको पता है कि संतरा कैल्शियम का भी अच्छा सोर्स है? तो अगर आपको दूध पीना ज्यादा पसंद न हो तो सर्दियों में इस फल का सेवन जरूर करें और अपनी हड्डियों को मजबूती दें।
ब्लड प्रेशर
सर्दियों में ब्लड प्रेशर के बिगडऩे के ज्यादा चांस होते हैं। इस समस्या से निपटने में संतरा मदद कर सकता है। दरअसल, यह फल ऐंटी-ऑक्सिडेंट रिच होता है जो ब्लड प्रेशर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
दिल की सेहत का रखे ख्याल
संतरा शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है। इस वजह से यह डायबीटीज और दिल के मरीजों के लिए काफी गुणकारी साबित होता है। क्योंकि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल ब्लड प्रेशर को इफेक्ट करते हुए दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
किडनी स्टोन की समस्या रखे दूर
एक स्टडी के मुताबिक, रोज संतरा खाने पर किडनी स्टोन होने के चांस कम हो जाते हैं। साथ ही किडनी पर फैट जमा होने की आशंका भी कम होती है।
पेट रखे दुरुस्त
ठंड में खासतौर पर लोग पेट गड़बड़ होने की शिकायत करते हैं। इस समस्या को दूर रखने में भी संतरा मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा खाने को बेहतर तरीके से पचाने और पेट का साफ रखने में मदद करती है।
बेहतर नींद के लिए
संतरे में मौजूद ऐंटी ऑक्सिडेंट और फ्लेवोनोइड्स कुछ विशेष न्यूरोट्रांसमिटर को रिलीज करने में मदद करते हैं, जिससे न सिर्फ याद्दाश्त तेज होती है बल्कि नींद न आने की समस्या भी दूर हो जाती है।
स्किन रहे हेल्दी
अगर आप स्किन ग्लो में आती कमी से परेशान हैं तो संतरा जरूर खाएं। इसमें मौजूद विटमिन सी और ऐंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज सेल्स को रिपेयर करते हुए स्किन पर ग्लो लाती है साथ ही में पिंपल्स की समस्या को भी दूर रखने में मदद करती है। इससे रंगत में भी निखार आता है।

 

क्या आप जानते हैं सर्दी में लौंग की चाय के ये 5 फायदे

क्या आप जानते हैं सर्दी में लौंग की चाय के ये 5 फायदे

आपकी सुबह की शुरुआत में मिठास घोलने वाली चाय, स्वाद के साथ सेहत के भी भरपूर होती है। अपने अनमोल फायदों के साथ चाय के कई प्रकार अब बाजार में उपलब्ध हैं, और कुछ विशेष स्वाद के साथ आप घर पर भी चाय बनाते हैं। लौंग की चाय भी इन्हीं में से एक है, जो खास तौर से सर्दियों में बेहद फायदेमंद होती है। जानिए लौंग की चाय के यह 5 फायदे -

1 सर्दी से बचाने के लिए लौंग की चाय बेहद लाभकारी है। लौंग की तासीर गर्म होती है, इसलि‍ए ठंड के दिन में दिन में 2 से 3 बार पीने पर आप सर्दी से बचे रह सकते हैं साथ ही खांसी और जुकाम से भी।
2 अगर आप बुखार से पीड़ि‍त हैं, तो लौंग की चाय पीना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा। इसका प्रयोग करने से आपका बुखार अधि‍क समय तक नहीं टिक पाएगा और नेचुरल तरीके से ठीक हो जाएगा।
3 शरीर के अंगों और मांस पेशि‍यों में होने वाले दर्द से निजात पाना चाहते हैं, तो लौंग की चाय जरूर पिएं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो लौंग की चाय से दर्द वाले स्थान की सिकाई कर सकते हैं। इससे आपको काफी फायदा होगा।
4 पाचन संबंधी समस्याओं में लौंग की चाय असरकारक है। पेट में एसिडि‍टी होने और पाचन तंत्र की धीमी गति होने पर लौंग की चाय पीना काफी फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से कार्य करता है।
5 दांतों में दर्द होने पर अक्सर लौंग के तेल का प्रयोग किया जाता है। लेकिन लौंग की चाय भी इसके लिए फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा कफ और गले के विकारों के लिए भी लौंग की चाय लाभदायक है। 

सर्दी में जरूर खाएं च्यवनप्राश, इसे खाने से होते है बहुत से फायदे

सर्दी में जरूर खाएं च्यवनप्राश, इसे खाने से होते है बहुत से फायदे

र्दी के दिनों में च्यवनप्राश का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, यह तो आाप जानते होंगे। लेकिन च्यवनप्राश खाने के यह 10 फायदे बेशक आप नहीं जानते होंगे। जरूर जानिए च्यवनप्राश के 10 बेमिसाल फायदे...

1 सर्दी के दिनों में च्यवनप्राश का सेवन करना, शरीर में गर्माहट पैदा कर ठंड के दुष्प्रभावों से बचाता है। इसके अलावा च्यवनप्राश खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है और बीमारियां दूर रहती हैं। 
2 सर्दी, खांसी, फ्लू और कफ हो जाने पर च्यवनप्राश खाना फायदेमंद होता है। सर्दी में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय च्यवनप्राश खाने से सर्दी से पैदा होने वाली बीमारियां नहीं होती। 
3 पाचन से जुड़ी परेशानियों में च्यवनप्राश बहुत फायदेमंद है, इसे रोजाना खाने से पाचन की सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है। 
4  च्यवनप्राश में आंवला और अन्य जड़ी बूटियां होती है, जो आपके शरीर को विटामिन और मिनरल्स देता है और इससे आपकी क्रियाशीलता में वृद्धि होती है साथ ही सेक्स पावर में भी इजाफा होता है।
5 अगर आपके बाल सफेद हो रहे हैं, तो च्यवनप्राश खाना आपके लिए एक बेहतरीन उपाय है। रोजाना च्यवनप्राश खाना आपके सफेद होते बालों को भी काला करने की क्षमता रखता है। इससे नाखून भी मजबूत होते हैं। 
6 सर्दी में खांसी होना आम बात है, लेकिन अगर आप पुरानी खांसी से भी परेशान हैं, तो च्यवनप्राश जरूर खाएं। इससे आपको खांसी से बिल्कुल निजात मिल जाएगी। इसके अलावा च्यवनप्राश आपके हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है। 
7 छोटे बच्चों में होने वाली कई समस्याएं सिर्फ च्यवनप्राश खाने से दूर हो सकती हैं। सर्दी के कारण भी बच्चे सेहत से जुड़ी परेशानियों से जूझते हैं। च्यव नप्राश का नियमित सेवन बच्चों को अंदरूनी शक्ति देता है।
8 महिलाओं के लिए भी च्यवनप्राश खाना बहुत लाभकारी है। अगर माहवारी नियमित नहीं हो रही हो, तो नियमित च्यवनप्राश का सेवन आपको मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं से दूर रखता है। 
9 बच्चे हों या बड़े, नियमित च्यवनप्राश का सेवन दिमाग की सक्रियता को बढ़ाता है और एकाग्रता में वृद्धि करता है। इससे मानसिक तनाव में कमी आती है और दिमाग स्वस्थ रहता है। 
10 यह शरीर के आंतरिक अंगों की सफाई तक हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा यह रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार है।
 
हाई हील्स पहनने के हैं इतने साइड इफेक्ट्स, जाने शरीर पर क्या क्या असर होता है

हाई हील्स पहनने के हैं इतने साइड इफेक्ट्स, जाने शरीर पर क्या क्या असर होता है

किसी खास मौके पर हाई हील की सैंडिल पहनने में कोई बुराई नहीं है लेकिन इसका हर रोज नियमित रूप से इस्तेमाल आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप लंबे समय तक हाई हील्स पहने रहती हैं कुछ समय बाद आपको कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हर दिन के फुटवेअर के तौर पर हाई हील्स पहनने से पहले इसके घातक साइड इफेक्ट्स के बारे में जरूर जान लें...
स्पाइन और घुटनों पर असर
हाई हील की सैंडिल पहनने से स्पाइन के डिस्टर्ब होने का डर बना रहता है। साथ ही साथ हाई हील की सैंडिल पहनने से घुटनों पर बहुत दबाव पड़ता है जिसकी वजह से हाई हील पहनने वालों को अक्सर घुटने में दर्द की शिकायत बनी रहती है। इतना ही नहीं इससे वजन का संतुलन भी बिगड़ जाता है जिसकी वजह से सभी ज्वाइंट्स और हड्डियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
बिगड़ सकता है आपका पॉश्चर
हाई हील्स पहनने से आपके पैरों पर दबाव बढ़ जाता है। वहीं शरीर का ऊपरी हिस्सा संतुलन बनाने की कोशिश करता है और कई बार इस बैलेंस बनाने के चक्कर में आप अजीबोगरीब तरीके से खड़े होने लगती हैं जिससे शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
हाई हील्स में पैरों को उतना आराम नहीं मिलता जितना नॉर्मल हील या फ्लैट फुटवेअर में। यह पैरों को पूरी तरह से सपॉर्ट नहीं देती जिसके कारण पीठ में दर्द, सूजन और अकडऩ पैदा होने लगती है। इससे बचने के लिए डॉक्टर हाई हील की बजाय आरामदायक स्लीपर या सैंडल पहनने की सलाह देते हैं।
रक्त वाहिकाएं ब्लॉक हो सकती हैं
हाई हील्स पहनने से पैरों की हड्डियों और उंगलियों में तनाव पैदा होता है जिससे ब्लड वेसल्स ब्लॉक हो जाती हैं और कुछ गंभीर परिस्थितियों में रक्त वाहिकाएं टूट भी जाती हैं जिससे पैरों में असहनीय दर्द होता है और पैरों में बहुत बेचैनी होती है। इसलिए पैरों की सेहत का ध्यान रखते हुए हाई हील पहनने से जितना संभव हो बचना चाहिए।
उंगलियों में होता है हाइपरटेंशन
हाई हील्स पहनने से उंगलियों में हाइपर टेंशन होता है, यह कहना है डॉक्टर्स का। दरअसल, जितनी ज्यादा ऊंची हील होती है, पैरों के आगे वाले हिस्से पर उतना ही अधिक भार पड़ता है। इससे पैरो में थकान और दर्द जैसी कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। हाई हील पहनने से घुटनों पर लगभग 26 फीसदी तक दबाव बढ़ जाता है।
टखने में मोच आ सकती है
ऊंची हील वाली सैंडल पहनने पर टखने में मोच आने की संभावना सबसे ज्यादा होती है क्योंकि हील की शेप के कारण पैरों को उचित सरफेस नहीं मिल पाता है। हाई हील्स तभी पहनना चाहिए जब आपको सतह  पर ही टहलना या चलना हो। अगर आपको गड्ढों से भरे और उबड़ खाबड़ असमतल रास्ते पर चलना हो तो हाई हील पहनना भारी पड़ सकता है।
काफ मसल्स में दर्द
काफ मसल्स में दर्द या सूजन हाई हील पहनने का एक अलग साइड इफेक्ट है। हाई हील के कारण मांसपेशियों की नसें सूज जाती है जिससे पैरों में बहुत अधिक दर्द होता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि चलने फिरने में काफी तकलीफ होती है और डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। जब तक आप हाई हील पहनी रहती हैं तब तक पैरों में कसाव और दबाव अधिक रहता है। इस कारण दर्द होना लाजिमी है।
लिंगामेंट कमजोर होने का खतरा
ऊंची एड़ी के सैंडल पहनने की आदत के कारण लिंगामेंट्स समय से पहले ही कमजोर हो जाते हैं जिससे आपको हड्डियों से जुड़ी समस्या हो सकती है। आमतौर पर महिलाओं की उम्र बढऩे पर उन्हें जोड़ों एवं हड्डियों में दर्द का सामना करना पड़ता है लेकिन हाई हील्स पहनने के कारण यह समस्या एक उम्र में पहुंचने से पहले ही उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अपने पैरों को चोट से बचाने के लिए ग्लैमरस हाई हील सैंडल पहनने से बचना चाहिए।
सर्दियों में जमकर खाएं ये हरी सब्जी, शरीर पर करती है गजब का जादू

सर्दियों में जमकर खाएं ये हरी सब्जी, शरीर पर करती है गजब का जादू

लू मटर, मटर पनीर जैसी सब्जियों का स्वाद बढ़ानी वाली हरी मटर सर्दियों में सबसे ज्यादा खाई जाती है. लोग कच्चा मटर खाना भी बहुत पसंद करते हैं. हरी मटर न केवल पौष्टिक होती है बल्कि इसमें फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा भी अच्छी होती है. इसके अलावा कई शोध में यह बताया गया है कि ये आपको हृदय रोगों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाता है. आइए आपको बताते हैं हरे मटर के कुछ ऐसे फायदों के बारे में जो आपके शरीर पर एक अलग ही जादू चला सकते हैं.

दिल के लिए फायदेमंद
मटर में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है जो आपके दिल को बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है. सप्ताह में कम से कम दो बार हरी मटर का सेवन करने से हार्ट अटैक की समस्या बहुत हद कम हो जाती है.
वजन कम करना
हरी मटर में विटामिन के, मैंग्निज, कॉपर, विटामिन सी, फॉस्फोरस और फोलेट जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपको सही वजन बनाएं रखने में मदद करते हैं. आपको बता दें कि आधा कप मटर में केवल 62 कैलोरी होती हैं, जो आपका पेट भरने के साथ-साथ वजन भी बैलेंस करती है.
पाचन तंत्र होता है दुरुस्त
विटामिन-सी हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है, जो कि हरी मटर में भी पाया जाता है. हरी मटर में पाया जाने वाला विटामिन सी आपकी दैनिक जरूरत का 13 फीसदी हिस्सा पूरा करता है. विटामिन सी से भरी मटर आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाने का काम करती है. हरी मटर न सिर्फ पाचन में बल्कि पेट के कैंसर के खतरे को भी कम करती है.
कोलेस्ट्रॉल
हरी मटर के सेवन से आपके शरीर में अच्छे व खराब कोलेस्ट्रॉल के बीच संतुलन बना रहता है, जिस कारण आपका दिल भी सुरक्षित रहता है.
हड्डियां होती हैं मजबूत
हड्डियों के लिए जितना जरूरी कैल्शियम है उतना ही जरूरी है प्रोटीन. प्रोटीन की कमी होने पर टूटी हड्डियों का जुडऩा मुश्किल हो जाता है. साथ ही प्रोटीन की कमी आपकी हड्डियों को कमजोर कर देती है. प्रोटीन से भरपूर हरी मटर आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने का भी काम करती है.
स्किन की समस्याएं होती हैं छूमंतर
अगर आप स्किन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो हरी मटर का दरदरा पेस्ट बनाएं और उसे चेहरे पर लगाएं. ऐसा करने से स्किन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. अगर आपका शरीर का कोई हिस्सा जल गया है तो मटर का पेस्ट बनाकर उस पर लगाएं. पेस्ट लगाने से प्रभावित हिस्से पर ठंडक पड़ जाती है और आपको राहत मिलती है.
 
आयुर्वेद के ये चार तरीके अपनाइये और मानसिक तनाव दूर भगाइए

आयुर्वेद के ये चार तरीके अपनाइये और मानसिक तनाव दूर भगाइए

कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव शिकार नहीं बनना चाहता है। इसके बाद भी कई लोग ऐसे हैं, जो दिनभर कुछ न कुछ सोचकर परेशान रहते हैं। जरूरत से ज्यादा किसी विषय के बारे में सोचना, आपका स्वास्थ्य खराब कर सकता है और आप अवसाद के शिकार भी हो सकते हैं। आमतौर पर चिंता शरीर के वात दोष खराब होने से होता है। ज्यादा काम, अनियतित आहार और ठंडे वातावरण के कारण ये दोष बिगडऩे लगता है। चिंता के कारण आपका किसी काम में मन भी नहीं लगता है और नींद आनी भी कम हो जाती है। आज हम आयुर्वेदिक तरीकों से जानते हैं कि मानसिक तनाव किस तरह से कम किया जा सकता है। 

गुनगुने पानी से स्नान
जब आप ज्यादा चिंता करने लगते हैं तो आपका मन काफी अशांत हो जाता है। ऐसे में गुनगुने पानी से नहाना आपके लिए बहुत राहत भरा हो सकता है। एक तिहाई कप पिसी हुई अदरक और बेकिंग सोडा गर्म पानी में मिला लें, 10 से 15 मिनट तक इन्हें पानी में भीगा रहने दें। इसके बाद आपको इस पानी में स्नान करना चाहिए, ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे आपका मन बहुत सारी बातें और चिंता करना कम कर देगा।
बादाम का दूध 
10 से 12 बादाम रात में भिगोकर रख दें, अगले दिन उसका छिलका उतार लें। गर्म दूध में पिसे हुए बादामों को अच्छी तरह मिला लें और आप इसमें अन्य मेवों को भी डाल सकते हैं। थोड़ी-सी अदरक और केसर मिलाकर उसे पीने से आपका दिमाग शांत होगा और आप चिंता करना भी कम कर देंगे। आप रोज इसे पी सकते हैं, इससे आपका वात दोष कम होने लगते हैं। 
सुगंध चिकित्सा 
कई बार आपके अच्छी खुशबू आपके मन पर अच्छा प्रभाव डालती है और आप हल्का महसूस करते हैं। कुछ सुगंधों का वात दोष पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, वह इसे कम करने में मदद करती है। आप अपने नहाने के पानी में तुलसी, नारंगी, लौंग और लैवेंडर का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। इनकी कुछ बूंदें गर्म पानी में मिलाकर स्नान कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने कमरे में हल्की सुगंध का प्रयोग भी कर सकते हैं, ये आपके लिए कारगर साबित होगा।
वैकल्पिक नाक श्वास 
वैकल्पिक नाक श्वास आपके दोषों को शांत करने में काफी कारगर है और ये किसी भी तरह की चिंता को कम करता है। ये योग मस्तिष्क को संतुलित रखता है और मन की ऊर्जा भी सही करता है। किसी शांत जगह इसका प्रयास करना आपके लिए लाभकारी होगा। ध्यान रहे कि आप सांस लेते समय बल का प्रयोग न करें, सांस लेते समय मुंह से सांस न लें और बीच-बीच में थोड़ा आराम करें।
 
प्रॉसेस्ड फूड लवर्स रहें अलर्ट, मोटापे के साथ मिल सकती हैं कई बीमारियां

प्रॉसेस्ड फूड लवर्स रहें अलर्ट, मोटापे के साथ मिल सकती हैं कई बीमारियां

अपनी पसंद का खाना देखते ही हमारे टेस्ट बड ऐक्टिव हो जाते हैं और हमारा मुंह पानी से भर जाता है। लेकिन क्या कभी हमने सोचा है कि टेस्टी खाना देखते ही ऐसा क्यों होता है और क्यों हम जाने-अनजाने ओवर इटिंग करने लगते हैं...
ओवर इटिंग की वजह
स्टडी में सामने आया कि हाई कैलोरीज फूड खाकर जो हमें प्लेजर मिलता है वही प्लेजर हमारे नैचरल फीडिंग शेड्यूल को डिस्टर्ब करने का कारण बन सकता है। इस कारण हम अपनी जरूरत से अधिक खाना कंज्यूम करने लगते हैं।
खाने से दिमाग को मिलता प्लेजर
हमारे ब्रेन का प्लेजर सेंटर जहां डोपामाइन हॉर्मोन बनता है और हमारी बायॉलजिकल क्लॉक, जो हमारी बॉडी की सायकॉलजिकल रिद्म को मैनेज करती है,इन दोनों के बीच और गहरा कनेक्शन हो सकता है। यह बात हाल ही जर्नल करंट बायॉलजी में पब्लिश हुई स्टडी में सामने आई है।
इनका रहता है वेट मेंटेन
यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया द्वारा किया गया। इस शोध के लीड ऑर्थर अली गुलेर के अनुसार, लैबोरेट्री टेस्ट में सामने आया कि नॉर्मल इटिंग, एक्सर्साइज और लो फैट डायट लेनेवाले लोगों का वेट मेंटेन रहता है और उन्हें बार-बार स्नैक्स आदि चीजों की जरूरत नहीं होती।
इनका बढ़ता है वेट
लेकिन जो लोग हाई कैलरीज डायट, हाई फैट और शुगर का यूज करते हैं, उन्हें दिन में बार-बार कुछ स्नेक्स लेने की इच्छा होती है और वे इस कारण ओवर इटिंग करते हैं और इनका वेट लगातार बढऩे लगता है।
ऐसा खाना भी है वजह
शोधकर्ताओं के अनुसार, पिछले 50 साल में ना सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनियाभर के देशों में लोगों के खान-पान में ड्रामेटिकली बड़ा बदलाव आया है। अब लोग प्रॉसेस्ड और पैक्ड फूड का दिन-रात उपयोग करते हैं। ऐसा खाना लंबे समय तक खाने पर सेहत को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
पैक्ड खाने से होनेवाली दिक्कत
रिसर्चर्स के अनुसार, प्रॉसेस्ड और पैक्ड फूड शुगर, कार्ब्स और कैलरीज से भरे हुए होते हैं। अगर इन्हें रोज खाया जाए तो ये मोटापे के साथ ही शरीर को कई बीमारियां उपहार में देते हैं।
मोटापे और नींद का कनेक्श
लीड ऑर्थर के अनुसार, शोध में यह भी सामने आया कि ब्रेन में निकलनेवाला डोपामाइन कैमिकल जो हमारे शरीर की बायॉलजिकल क्लॉक को मेंटेन रखता है, वह अगर डिस्टर्ब हो जाता है तो लोगों को खाली वक्त और खाने के बाद भी हाई एनर्जी फूड खाने की जरूरत महसूस होती है।
इसलिए होती है दिक्कत
जो लोग पूरी नींद नहीं लेते और जिनके सोने जागने का समय निर्धारित नहीं रहता है अक्सर उनमें ओवर इटिंग की आदत देखने को मिलती है। खास बात यह है कि अगर डोपामाइन सिग्नल से हाई कैलरीज फूड का प्लेजर मिलना बंद हो जाए तब भी लोग हाई कैलरी फूड खाकर स्लिम रह सकते हैं। लेकिन डोपामाइन का ना बनना शरीर के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए बेहतर है कि अपनी डायट को ही कंट्रोल किया जाए।
गुणों की खान है ये खाने की चीज, इसकी एक चुटकी बनाये खाने को टेस्टी, एक से बढ़कर एक फायदे है इसके

गुणों की खान है ये खाने की चीज, इसकी एक चुटकी बनाये खाने को टेस्टी, एक से बढ़कर एक फायदे है इसके

मारे शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया को किल करने और हमारा बढ़े हुए फैट को बर्न करने में काला नमक बहुत ही फायदेमंद है। इतना ही नहीं यह खाने का जायका कई गुना बढ़ा देता है। आयुर्वेदार्य मानते हैं कि काले नमक को हर रोज सुबह के वक्त गर्म पानी में मिलाकर पीने से शरीर स्वस्थ रहता है...

पेट सही रखे
काला नमक भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है। काले नमक में बना भोजन करने से पेट स्वस्थ रहता है और कब्ज की समस्या से भी बचाव होता है।
मोटापा घटाए
खाना खाने के बाद अगर आपको पेट में भारीपन महसूस हो रहा हो तो गर्म पानी में काला नमक मिलाकर इसे चाय की तरह घूंट-घूंट कर पिएं। इससे खाना आसानी से पचेगा और बॉडी का एक्स्ट्रा फैट भी बर्न करने में मदद मिलेगी।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
काला नमक कई तरह के पोषक तत्वों और मिनरल्स सेभरपूर होता है। नियमित रूप से इसका सेवन हमारीहड्डियों को कमजोर नहीं पडऩे देता।
बॉडी डिटॉक्स
काला नमक बॉडी डिटॉक्स करने में भी फायदेमंद हैं। सर्दियों में गुनगुने पानी में काला नमक लेने और गर्मियों में जलजीरा, नींबू पानी में काला नमक लेने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।
काले नमक के सेवन से हमें अपनी बॉडी को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। सर्दियों में फलों की सलाद पर काला नमक लगाकर खाने से शरीर को पूरा पोषण मिलता है और स्किन का ग्लो भी बढ़ता है।
तनाव कम करे
काले नमक की प्रॉपर्टीज हमारे ब्रेन को अशांत करनेवाले हार्मोन्स जैसे कार्टिसोल आदि को कम करती हैं। इससे हमारा तनाव का स्तर कम होता है और मन शांत रहता है।
डायबीटीज में फायदेमंद 
शुगर के मरीजों को सफेद नमक की जगह काले नमक का अधिक सेवन करना चाहिए। काला नमक शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रखने का काम करता है और वे अधिक हेल्दी महसूस करेंगे। काले नमक में मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों को हेल्दी बनाता है।