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अगर आप पेट फूलने की समस्या से परेशान है ये 4 तरह की चाय आपको इस तकलीफ से छुटकारा दिला सकती हैं

अगर आप पेट फूलने की समस्या से परेशान है ये 4 तरह की चाय आपको इस तकलीफ से छुटकारा दिला सकती हैं

कई बार पेट में गैस या ऐसिडिटी की वजह से ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की भी समस्या हो जाती है। इस वजह से असहजता महसूस होने लगती है और कई बार तो तकलीफ काफी बढ़ जाती है। ऐसा महसूस होता है मानो आपका पेट स्ट्रेच हो रहा हो और किसी भी वक्त फट जाएगा। आप भी कभी न कभी इस समस्या से दो-चार जरूर हुए होंगे। जब भी इस तरह की दिक्कत आती है तो हम में ज्यादातर लोग ओटीसी मेडिसिन यानी बिना डॉक्टरी सलाह के केमिस्ट से पूछकर ली गई दवाइयों का सेवन कर लेते हैं। लेकिन इससे कितने साइड इफेक्ट्स होते हैं इस ओर शायद आपका ध्यान नहीं गया होगा। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं 4 तरह की हर्बल चाय के बारे में जिसे पीने से दूर हो जाएगी पेट फूलने की समस्या...

टर्मरिक टी यानी हल्दी वाली चाय

जब भी बात पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं की आती है तो उसमें राहत पहुंचाने के मामले में हल्दी का नाम सबसे ऊपर आता है। ऐंटीइन्फ्लेमेट्री और ऐंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टी की वजह से हल्दी का इस्तेमाल कई बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। हल्दी के साथ-साथ चाय में चुटकी भर काली मिर्च भी डाल दें। इस चाय के सेवन से पेट में गैस, पेट फूलने की दिक्कत दूर होगी और पाचन तंत्र सही हो जाएगा।

सौंफ वाली चाय

पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों जैसे- पेट में दर्द, पेट फूलना और कब्ज को दूर करने के लिए लंबे समय से सौंफ का इस्तेमाल होता आ रहा है। सौंफ में ऐसा कंपाउंड पाया जाता है जो गैस्ट्रोइन्टेंस्टाइनल ट्रैक्ट के पैसेज को रिलैक्स करता है जिससे पेट में भरी गैस आसानी से बाहर निकल जाती है। आप चाहें तो सौंफ का पानी या सौंफ की चाय किसी भी चीज का सेवन कर सकते हैं।

पुदीने की चाय

मिंट यानी पुदीने का फ्लेवर बेहद कूल और रिफ्रेशिंग होता है जो पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद करता है। पुदीने की पत्तियों में ऐंटीस्पासमोडिक प्रॉपर्टी होती है जो मसल क्रैम्प्स और स्पास्म में राहत दिलाने में मदद करती है जिससे पेट में दर्द दूर होता है और आराम मिलता है। पुदीने की पत्तियों से बनी चाय आपके लिए मददगार हो सकती है।

अदरक की चाय

अदरक भी पेट से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए सबसे बेस्ट उपाय माना जाता है। बहुत से लोग पेट फूलने की दिक्कत या लूज मोशन की समस्या में अदरक के सप्लिमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। अदरक में जिंजरॉल नाम का बायोऐक्टिव कम्पाउंड पाया जाता है जो ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की दिक्कत को कम करने में मदद करता है। हालांकि अदरक की चाय बनाने के लिए ताजे अदरक का ही इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें ऐंटीऑक्सिडेंट अधिक होता है।

सर्दियों में ड्राई स्किन को ग्लोइंग बनाना है तो करे ये उपाय, निखर जायेगा आपका चेहरा

सर्दियों में ड्राई स्किन को ग्लोइंग बनाना है तो करे ये उपाय, निखर जायेगा आपका चेहरा

पार्टी में जाना है और तुरंत ग्लोइंग और फ्रेश चेहरा चाहते हैं तो स्टीमिंग आपके लिए रामबाण नुस्खा साबित होगी। जी हां, चेहरे को भाप देने का इतना इफेक्ट होता है कि आप मात्र 5 मिनट में पार्टी रेडी ग्लो पा सकते हैं। खासतौर पर सर्दियों में ड्राई स्किनवाले लोगों को स्टीम जरूर लेनी चाहिए... 
स्किल क्लीन करती हैस्टीम लेने से आपकी स्किन एकदम क्लीन और स्मूद हो जाती है। बंद पोर्स खुल जाते हैं। बेहतर होगा कि आप स्टीम लेने से पहले चेहरे को किसी माइल्ड सोप या मॉइश्चराजर से क्लीन करें। 
ग्लो बढ़ता है 
स्टीम लेने से फेस की मसल्स मं ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, इससे चेहरे का ग्लो बढ़ता है। स्टीम लेने के बाद अगर वक्त हो तो अपनी त्वचा के हिसाब से फेसपैक जरूर लगाएं। यदि वक्त ना हो तो टोनर का इस्तेमाल करें और फिर मेकअप करें।
ताजगी का अनुभव 
ड्राई स्किन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत होती हैं लगातार होती डेड सेल्स। ये सेल्स चेहरे की स्किन को अनहेल्दी दिखाती हैं। स्टीम लेने से ये आसानी से साफ हो जाती है और अंदर की सुंदर और फ्रेश स्किन ताजगी का अहसास देती है।
झुर्रियां दूर करे 
स्किन पर भाप लेने से चेहरे में टाइटनिंग आती है। टाइट स्किन पर झुर्रियां पडऩा आसान नहीं होता है और आपकी खूबसूरती लंबे समय तक बनी रहती है।
थकान मिटाए 
जब भी कभी आपको लंबे ऑफिस ऑवर्स के बाद किसी पार्टी और फंक्शन में जाना हो तो स्टीम जरूर लें। स्टीम लेने से पूरी थकान मिट जाती है। इससे आप पार्टी इंजॉय करने के लिए रेडी भी होते हैं और पार्टी की शान भी बनते हैं। स्टीम लेते वक्त आप गर्म पानी में थोड़ा सा असेंशियल ऑइल मिला लें। अगर ये ना हो तो रोज वॉटर या नींबू भी निचोड़ सकते हैं। इसके अरोमा से मन शांत होगा।
 बहुत गुणकारी है शहद, जानिए इससे होने वाले 6 फायदों के बारे में

बहुत गुणकारी है शहद, जानिए इससे होने वाले 6 फायदों के बारे में

सेहत से लेकर खूबसूरती तक शहद की अहम भूमिका होती है। जहां शहद का प्रयोग त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, तो वहीं सेहत के लिए भी शहद बहुत गुणकारी है। 
शहद के गुण जहां आपको स्वस्थ रख सकते हैं, तो खूबसूरती बनाए रखने में भी यह मददगार है। साथ ही कहा जाता है कि शहद जितना पुराना होता है, उतना ही इसके गुणों में इजाफा होता है। तो आइए जाने शहद से होने वाले 6 फायदों के बारे में?
 
शहद से होने वाले फायदे :
1.  शहद खांसी में फायदेमंद होता है। यदि किसी लंबे समय से खांसी बनी हुई है तो शहद का सेवन खांसी से राहत दिला सकता है।
 
वजन कम करने में फायदेमंद :
2.  यदि कोई अपना वजन कम करना चाहता है तो रोज सुबह खाली पेट गर्म पानी में शहद और नींबू डालकर पीने से वजन कम करने में आसानी होती है
3.  चेहरे में ग्लो के लिए शहद फायदेमंद होता है। यदि आप शहद का रोज सेवन करती हैं तो यह आपकी त्वचा में नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है।
4.  यदि आपको छाले हो गए हैं, तो शहद में चुटकीभर हल्दी का पाउडर मिलाकर छालों में लगाने से फायदा मिलता है।
5.  शहद को दूध के साथ पीने से वजन बढ़ाने में आसानी होती है
6.  शहद चोट को ठीक करने में मदद करता है। इसे किसी भी तरह की चोट या जले पर लगाने से जख्म जल्दी ठीक हो जाते हैं।
सर्दियों में ऐसे चुनें अपने लिए परफेक्ट बूट्स

सर्दियों में ऐसे चुनें अपने लिए परफेक्ट बूट्स

इसमें कोई शक नहीं कि सर्दियों का मौसम निश्चित तौर पर फैशन, कपड़े, फुटवेअर और वॉरड्रोब चॉइस के साथ एक्सपेरिमेंट करने का बेस्ट सीजन है। आपने भी इस बात पर गौर किया होगा कि जब बात कपड़ों की आती है तब तो हम वॉरड्रोब से सबसे गर्म और अच्छे स्वेटर या जैकेट चुनते हैं ताकि हम ठंड से हर हाल में बच जाएं। लेकिन जब बात फुटवेअर की आती है तो जूतों पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की बजाए हम सामान्य या औसत दर्जे के जूतों से ही काम चला लेते हैं। लेकिन जब बात विंटर फुटवेअर की आती है तो उसमें बूट्स का नाम लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। लिहाजा अगर आप भी इस बार सर्दियों के मौसम में बूट्स खरीदने की सोच रही हैं तो इन बातों का ध्यान रखें ताकि आप भी अपने लिए चुन पाएं एक परफेक्ट बूट्स... 


1.किस तरह की हील में आप फील करेंगी कंफर्टेबल? 
जब बात बूट्स की आती है तो उसमें फ्लैट हील्स, वेज हील्स, पॉइंटेड हील्स और स्टेलेटोज स्टाइल हील्स हर तरह के ऑप्शन्स मार्केट में मौजूद हैं। ऐसे में आप किस तरह की हील में कंफर्टेबल फील करेंगी, इस बात का ध्यान रखते हुए ही बूट्स का चुनाव करें।

2.कितनी होनी चाहिए बूट्स की लेंथ? 
इन दिनों मार्केट में ऐंकल लेंथ बूट्स, नी-हाई बूट्स, काफ-लेंथ बूट्स और थाई-हाई बूट्स भी अवेलेबल हैं। आप इनमें से किस तरह का बूट्स पहनना पसंद करेंगी और आपके स्टाइल के साथ कौन सा मैच करेगा, बूट्स खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें।

3.किस तरह का बूट्स आपको चाहिए? 
बूट्स की लेंथ और हील्स के अलावा आपको बूट्स कहां पहनना है और किस यूज के लिए आप बूट्स खरीद रही हैं, इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपके लिए किस तरह का बूट सही रहेगा। स्नो बूट्स, बाइकर बूट्स, राइडिंग बूट्स, चेल्सी बूट्स, इस तरह के कई बूट्स मार्केट में मिलते हैं। अपनी जरूरत अनुसार सही बूट्स का चुनाव करें।

4.कैसे बूट्स चाहिए- प्लेन बूट्स या प्रिंटेड? 
इन दिनों ऐनिमल प्रिंट वाले बूट्स भी काफी ट्रेंड में है। लेकिन वह सभी पर अच्छे नहीं लगते। लिहाजा अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से प्रिंटेड पैटर्न वाले या फिर प्लेन बूट्स चुनें।

5.किस मटीरियल का बूट्स आपको चाहिए? 
बूट्स का मटीरियल भी काफी अहमियत रखता है। आपको लेदर बूट्स चाहिए, एसयूईडीईं बूट्स चाहिए, वेलविट बूट्स चाहिए, फर बूट्स चाहिए या फिर कोई और। इतना महंगा बूट्स खरीदते वक्त फैब्रिक का भी ध्यान जरूर रखें।
 पूर्वजों की बताई हुई यह ट्रिक अपनाने से दोगुनी तेजी से घटेगा आपका मोटापा

पूर्वजों की बताई हुई यह ट्रिक अपनाने से दोगुनी तेजी से घटेगा आपका मोटापा

बढ़ते हुए फैट को कंट्रोल करने के लिए हम जितनी कोशिश करते हैं, उससे अधिक उसका तनाव लेते हैं...यानी ये फैट कैसे कम होगा इसकी कोशिश से ज्यादा हम बढ़े हुए वजन के कारण टेंशन में आ जाते हैं। लेकिन अगर आप सामान्य इफर्ट्स के साथ दोगुनी तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो यह संभव है। 

 

हाल ही हुई एक स्टडी में सामने आया है कि सुबह के समय बिना कुछ खाए अगर व्यायाम किया जाए तो वजन दोगुनी तेजी से घटता है। यानी सुबह उठकर पानी पीने और फ्रेश होने के बाद यदि एक्सर्साइज की जाए तो उसका असर शरीर पर दोपहर में जिम जाने या शाम के वक्त कसरत करने से कहीं अधिक होता है। अगर आप सुबह के वक्त भी नाश्ता करने के कुछ घंटे बाद व्यायाम करते हैं, तब भी वजन कम करने के लिए वह उतना प्रभावी नहीं होता है, जितना प्रभावी बिना कुछ खाए किया गया व्यायाम होता है।

स्टडी में सामने आया कि सुबह सवेरे व्यायाम करने से कॉलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रहता है और शुगर कंट्रोल रहती है, जिससे बढ़ते हुए मोटापे पर खुद-ब-खुद लगाम लगने लगती है। इस समय व्यायाम करने पर शरीर में दोगुनी तेजी से फैट बर्न होता है। इस शोध के सही-सही नतीजों को जानने के लिए मोटापे की समस्या से ग्रसित लोगों के दो अलग-अलग ग्रुप बनाए गए। ग्रुप-ए को नाश्ते के बाद व्यायाम कराया गया और ग्रुप-बी को नाश्ते से पहले व्यायाम कराया गया। शोध के नतीजों का मूल्यांकन करने पर सामने आया कि जिन लोगों ने नाश्ते से पहले व्यायाम किया था, उनके शरीर में अतिरिक्त चर्बी को गलाने की प्रक्रिया दोगुनी रफ्तार के साथ हुई।
किशमिश का पानी जड़ से खत्म करेगा इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स को

किशमिश का पानी जड़ से खत्म करेगा इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स को

सूखे मेवों में शामिल किशमिश के स्वाद और गुणों के बारे में तो आप जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सुना है, किशमिश के पानी के बारे में......किशमिश का पानी आपके स्वास्थ्य के लिए बड़े काम की चीज है। अगर जानना चाहते हैं इसके फायदे, तो जरूर पढ़ि‍ए किशमिश के पानी के यह 5 लाभ –

किशमिश को पानी में रातभर भि‍गोकर रखें और सुबह इस पानी में किशमिश को मसलकर पिएं या फिर 20 मिनट तक हल्की आंच पर उबालकर इसे रातभर रखकर सुबह पीना बेहद फायदेमंद है। इसे एक बार आजमाकर आप इसके आश्चर्यजनक फायदे पाएंगे। जानिए -

1 रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी को पीना आपको कई तरह के फायदे देता है। कुछ दिनों तक इसका नियमित सेवन कीजिए और कब्ज, एसिडि‍टी और थकान से बिल्कुल निजात पाइए। जी, हां यकीन न हो, तो आजमाकर देख लीजिए।

2 किशमिश का पानी प्रतिदिन पीना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो अधि‍क कोलेस्ट्रॉल लेवल के कारण स्वास्थ्य समस्या का सामना करते हैं। यह आपके शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मददगार है।

3 इसमें फ्लेवेनॉइड्स एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को तेजी से कम करने में सहायक है। यह बढ़ती उम्र के निशान को कम कर आपको जवां दिखने में मदद करता है।

4 कब्ज या पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए किशमिश का पानी बेहद लाभदायक पेय है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और अमाशय रस को बनने में मदद करता है।

5 प्रतिदि‍न किशमिश के पानी का सेवन करना आपके लिवर को स्वस्थ्य बनाए रखने और उसे सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने का काम भी करता है। साथ ही आपके मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

 

    

हेल्दी और फिट रहना है तो पिएं टमाटर सूप, होंगे 7 गजब के फायदे

हेल्दी और फिट रहना है तो पिएं टमाटर सूप, होंगे 7 गजब के फायदे

लाल लाल स्वादिष्ट टमाटर कई सब्जियों व डिश का अहम हिस्सा होते है। कच्चे टमाटर के अलावा उनका सूप भी बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है। आमतौर पर खाने से पहले स्टार्टर के तौर पर लिए जाने वाले टमाटर सूप में विटामिन A,E,C,K और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो आपको हेल्दी और फिट रखने में मदद करते हैं।

आइए, जानते हैं टमाटर सूप पीने से सेहत को मिलने वाले 7 गजब के फायदे -

1 हड्डियों के लिए फायदेमंद - टमाटर सूप में विटामिन K और केल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत रखता है। इसके अलावा शरीर में लाइकोपीन की कमी होने से भी हड्डियों पर तनाव बढ़ता है और टमाटर में काफी मात्रा में लाइकोपीन होता है, जो हड्डियों के लिए अच्छा होता है।

2 दिमाग को रखें दुरुस्त - टमाटर सूप में भरपूर मात्रा में कॉपर और पोटेशियम पाया जाता है, जिससे नर्वस सिस्टम ठीक रहता है और दिमाग को मजबूती मिलती है।

3 विटामिन की कमी करे पूरी - टमाटर सूप में विटामिन A और C अच्छी मात्रा में होता है। विटामिन A, टिशू के विकास के लिए जरूरी होता है। कहते है कि शरीर में रोजाना 16% विटामिन A और 20% विटामिन C की जरूरत होती है और टमाटर सूप इसकी जरूरत को पूरा करता है।

4 वजन करे कम - टमाटर सूप को अगर ऑलिव ऑयल से बनाया जाए तो यह वजन घटाने में सहायक होता है, क्योंकि इसमें पानी और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे आपको काफी समय तक भूख नहीं लगती।

 5 कैंसर का खतरा करे कम - टमाटर सूप में लाइकोपीन और कैरोटोनॉयड जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे कैंसर की आशंका कम हो जाती है।

6 ब्ल्ड शुगर को करे नियंत्रण - डायबिटीज के मरीजों को डाइट में टमाटर सूप जरूर लेना चाहिए। इसमें क्रोमियम होता है, जो ब्ल्ड शुगर को नियंत्रण में रखने में सहायक होता है।

7 रक्त प्रवाह को बढ़ाएं - टमाटर में सेलेनियम होता है, जो रक्त प्रवाह को बढ़ाता है जिससे एनिमिया का खतरा कम हो जाता है।

 

ठंड में खूबसूरत और फिट रहना है, तो ये स्वादिष्ट चीजें खाएं

ठंड में खूबसूरत और फिट रहना है, तो ये स्वादिष्ट चीजें खाएं

 ठंड के दिनों में कुछ ऐसी खास चीजें होती है जिनका सेवन करना न केवल स्वास्थ्य बल्कि आपकी सुंदरता और मस्तिष्क के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। आइए, जानते हैं ऐसी ही स्वादिष्ट चीजों के बारे में जिन्हें आपको ठंड के मौसम में प्राथमिकता से खाना चाहिए।

1 खसखस - भीगी हुई खसखस खाली पेट खाने से दिमाग में तरावट और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। आप चाहें तो खसखस वाला दूध या फिर खसखस और बादाम का हलवा खा सकते हैं।

2 काजू - इसमें कैलोरी ज्यादा रहती है। ठंड में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता होती है। काजू से कैलोरी मिलती है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

3 बादाम - यह दिमाग को तेज करने में सहायक होता है। ठंड के दौरान इसे खाने से प्रोटीन, कैल्शियम मिलता है। इसे चाहें तो रातभर पानी में रखकर सुबह खा लें या फिर इसका दूध या हलवा बनाएं।

4 अखरोट - कोलेस्ट्राल को कम करने में सहायक होता है। इसमें फायबर, विटामिन ए और प्रोटीन रहता है। जो कि शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता प्रदान करता है।

5 अंजीर - इसमें आयरन होता है, जो खून बढ़ाने में सहायक होता है।

6 च्यवनप्राश - च्यवनप्राश प्रतिदिन खाने से शरीर का पाचनतंत्र सुदृढ़ होता है, स्फूर्ति बनी रहती है।

7 गजक - यह गुड़ और तिल से बनाई जाती है। गुड़ में आयरन, फास्फोरस अधिक मात्रा में पाया जाता है। तिल में कैल्शियम व वसा होता है। इसके कारण ठंड के समय शरीर को अधिक कैलोरी मिल जाती है और शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है।

8 पिंड खजूर - इसमें आयरन के साथ मिनरल्स और विटामिन भी रहते हैं। इसे ठंड में 20 से 25 ग्राम प्रतिदिन लेना चाहिए।

9 दूध - रात को सोते समय केसर, अदरक, खजूर, अंजीर, हल्दी दूध में डालकर लेना चाहिए। सर्दी के मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी से बचाव हो जाता है।

 

10 गोंद लड्डू - इस मौसम में ज्यादा अच्छे रहते हैं क्योंकि आसानी से पच जाते हैं। एक लड्डू में 300 से 350 कैलोरी होती है।

11 मिक्स दाल के लड्डू - दाल में प्रोटीन होता है। यह बाल झड़ने को रोकता है और शरीर को स्फूर्ति प्रदान करता है।

सर्दियों में निखरी त्वचा पाना है तो लगाएं ये ,चेहरे में बनी रहेगी रौनक

सर्दियों में निखरी त्वचा पाना है तो लगाएं ये ,चेहरे में बनी रहेगी रौनक

 सर्दियों के मौसम में त्वचा का ख्याल रखना आसान काम नहीं होता, चाहे आप कितना ही इन्हें रूखा होने से बचाने की कोशिश करे लेकिन ये ड्रय हो ही जाती है। रूखी और फटी हुई त्वचा दिखने में बहुत खराब लगती है। यदि आप सर्दियों में भी कोमल त्वचा पाना चाहती हैं तो इस बार ठंड में ग्लिसरीन और गुलाबजल का भरपूर इस्तेमाल करें।
आइए, जानते हैं सर्दी में ग्लिसरीन और गुलाबजल इस्तेमाल करने के 5 बेहतरीन फायदे - 

1 ग्लिसरीन के साथ गुलाबजल का मिश्रण आपकी त्वचा को नमी के साथ-साथ निखार भी देता है। सर्दियों में रूखी त्वचा से आप भी परेशान हो रहे हैं, तो ग्लिसरीन और गुलाबजल मिलाकर सोते वक्त अपनी त्वचा पर जरूर लगाकर देखें।
2 इस मिश्रण का त्वचा पर प्रयोग कर आप अपनी त्वचा को मौसम के अनुकूल आसानी से बना सकते हैं। यह आपकी त्वचा का रूखापन, मृत त्वचा ओर अन्य अनियमितता को हटाकर कंडिशनिंग करता है।
3 बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम कर यह आपको जवां दिखने में मदद करता है। गुलाबजल में एंटी एजिंग गुण मौजूद होते हैं और ग्लिसरीन का इस्तेमाल आपकी झुर्रियों को कम कर सकता है।
4 सर्दी के दिनों में देखभाल के बावजूद त्वचा बेजान और ढीली हो जाती है। इससे बचने के लिए ग्लिसरीन और गुलाबजल का मिश्रण आपके लिए काम की चीज है। यह आपकी त्वचा करे खिला-खिला बनाए रखने में मददगार है।
5 रात के समय इस मिश्रण का इस्तेमाल आपकी त्वचा को ठंड के दुष्प्रभाव से बचाता है, साथ ही उसे चिकनाई प्रदान करता है जिससे त्वचा में रूखापन नहीं रहता और उसकी दमक भी बढ़ जाती है।
करी पत्ते के सेवन से मिलेगी इन बीमारियों में राहत,पढ़े पूरी खबर

करी पत्ते के सेवन से मिलेगी इन बीमारियों में राहत,पढ़े पूरी खबर

करी पत्ते का पौधा आपके या आपके पड़ोसियों के घर में आपको जरूर लगा मिलेगा। यह जितनी आसानी से गमलों में उग जाता है, इसके फायदे उतने ही बेहतरीन हैं। आइए, आपको बताते हैं करी पत्ते के सेवन से होने वाले गजब के फायदे :
करी पत्ते में भरपूर मात्रा में आयरन और फॉलिक एसिड होता है। आयरन शरीर के लिए प्रमुख पोषक तत्व है और फॉलिक एसिड इसके अवशोषण में सहायक होता है।
1 करी पत्ते में मौजूद फाइबर इन्सुलिन को प्रभावित करके ब्लड शुगर लेवल को कम करता है।
2 यह पाचन क्रिया को भी सही रखता है।
3 इससे वजन बढऩे का खतरा कम होता है।
4 लिवर कमजोर होने पर करी पत्ता फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन ए और सी लिवर को दुरुस्त करते हैं।
5 यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।
6 रक्त में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाकर दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाता है।
7 कब्ज हो, तो इसका सेवन करें।
8 एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुणों से भरपूर होने के कारण यह त्वचा के लिए गुणकारी है।
9 त्वचा में इंफेक्शन होने पर इससे लाभ होता है।
क्या आप घुटनों के दर्द से परेशान रहते हैं,तो जानिए कैसे दमदार घरेलू उपचार से इस समस्या से निजात पा सकते है

क्या आप घुटनों के दर्द से परेशान रहते हैं,तो जानिए कैसे दमदार घरेलू उपचार से इस समस्या से निजात पा सकते है

घुटनों में दर्द की समस्या आजकल केवल बड़े-बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि किसी भी उम्र के व्यक्ति में ये समस्या देखने को मिल रही है। आइए, कुछ ऐसे घरेलू उपचार जानते हैं जिन्हें अपनाकर इस समस्या से निजात पाया जा सकता है -

1 रोज सुबह नियमित खाली पेट 1 चम्मच मेथी पाउडर में 1 ग्राम कलौंजी मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पिएं। इस मिश्रण को चाहें तो दोपहर और रात के भोजन के बाद भी आधा-आधा चम्मच ले सकते है। इससे जॉइंट्स मजबूत होने में मदद मिलेगी।

2 किसी मुलायम कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और निचोड़ें, अब इस कपड़े से घुटनों की सिकाई करें। ऐसा करने से भी घुटनों के दर्द में आराम मिलता है।

3 खाने में गर्म तासीर वाली चीजें जैसे दालचीनी, जीरा, अदरक और हल्दी आदि का अधिक इस्तेमाल करें। इनके सेवन से घुटनों की सूजन और दर्द कम होने में मदद होती है।

4 मेथी दाना, सौंठ और हल्दी बराबर मात्रा में मिलाएं। इस मिश्रण को तवे पर अच्छे से भूनें फिर पीसकर पाउडर बना लें। अब इस पाउडर का नियमित सुबह-शाम भोजन के बाद गर्म पानी के साथ सेवन करें।

5 हो सके तो सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली दही के साथ खाएं। इससे भी घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा।

6 नीम और अरंडी के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर हल्का गर्म करें, फिर इस तेल से सुबह-शाम जोड़ों पर मालिश करें। इससे भी घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा।

7 ऐसा माना जाता है कि गेहूं के दाने जितना चूना दही या दूध में मिलाकर दिन में एक बार खाएं। ऐसा नियमित 90 दिनों तक करने से शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होती है।

 सर्दियों में फायदेमंद है ये सब्जी जिससे जोड़ों का दर्द और डायबीटीज रहेगा दूर

सर्दियों में फायदेमंद है ये सब्जी जिससे जोड़ों का दर्द और डायबीटीज रहेगा दूर

सर्दियों में हरी सब्जियों की भरमार होती है। इनमें मेथी काफी अहम है। मेथी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है। मेथी को कई बीमारियों के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है। मेथी के पत्ते हों या फिर बीज दोनों ही अलग-अलग फायदों की वजह से जाने जाते हैं। वैसे तो मेथी के दानों को आप किसी भी सीजन में खा सकते हैं लेकिन मेथी का साग सिर्फ सर्दियों के मौसम में आता है। लिहाजा इस दौरान मेथी का सेवन कितना फायदेमंद है, यहां जानें।

हार्ट को हेल्दी रखती है मेथी

मेथी हृदय को स्वस्थ बनाने में मदद करती है। इसमें पोटैशियम और सेलेनियम की अच्छी मात्रा होती है। इसलिए आप सर्दियों में जितना हो सके मेथी का सेवन करें। मेथी शरीर में बैड कलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है। इसमें मौजूद लिपोप्रोटीन (एलडीएल) कलेस्ट्रॉल के स्तर कम करने में मदद करता है और आपको दिल संबंधी बीमारियों से दूर रखता है। इसके अलावा हरी मेथी में गैलेक्टोमनैन होता है, जो हेल्दी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा होता है। मेथी ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर रखने में मदद करती है, जिससे आर्टरी ब्लॉकेज का खतरा भी कम होता है।

डायबीटीज में फायदेमंद

डायबीटीज के रोगियों के लिए मेथी के बीज हों या मेथी की सब्जी, दोनों ही फायदेमंद है। इसके लिए आप मेथी के बीज रात को पानी में भिगोकर रखें और सुबह उसी पानी की चाय बनाकर रोजाना 1 कप पिएं। इससे आपको ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी और वजन भी नियंत्रित रहेगा। इसमें मौजूद अमिनो ऐसिड इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा।

जोड़ों व हड्डियों के दर्द में असरदार

हरी सब्जियां कई पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो हमारी कई बीमारियों से लडऩे और उन्हें काटने में मदद करती हैं। ठीक इसी तरह मेथी भी है। यह आपके जोड़ों के दर्द और हड्डियों के दर्द यानि गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस के रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। मेथी कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फॉरस से भरपूर होती है।

पाचन बढ़ाने में सहायक

मेथी पाचन ठीक करने में भी सहायक मानी जाती है। यह कब्ज, अपच और पेट में दर्द की समस्या को दूर करती है। रोजाना मेथी के बीज की चाय या मेथी की सब्जी का सेवन करते हैं तो आपकी पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रहेगी और पेट भी साफ रहेगा।

इम्यूनिटी होगी स्ट्रॉन्ग

आयुर्वेदाचार्य ए के मिश्र कहते हैं मेथी, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी यानी रोगों से लडऩे की क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक होती है। मेथी में कई विटमिन्स और मिनरल्स भी होते हैं और इसलिए भी मेथी हमारे लिए कई तरह से फायदेमंद है।

सर्दियों में लेदर जैकेट खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, दिखेंगे आकर्षक

सर्दियों में लेदर जैकेट खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, दिखेंगे आकर्षक

र्दियों का मौसम आ गया है और एक ट्रेंड जो कभी मेंस विंटर फैशन से बाहर नहीं होता वो है- लेदर जैकेट्स। जी हां, अब भी यंगस्टर्स में लेदर जैकेट्स का क्रेज उतना ही है जितना 90 के दशक में या उससे पहले हुआ करता था। विंटर सीजन में आप लेदर जैकेट्स को कॉलेज, ऑफिस या किसी भी अकेजन पर पहनक सकते हैं। सिर्फ बॉयज ही क्यों अब तक गर्ल्स के बीच भी लेदर जैकेट्स का क्रेज काफी बढ़ गया है। बाइकर स्टाइल लेदर जैकेट हो, बॉम्बर जैकेट या फिर क्लासिक लेदर जैकेट... स्टाइल कोई भी हो, लेदर जैकेट खरीदते वक्त आपको किन बातों का ध्यान रखना है इस बारे में हम आपको बता रहे हैं... 
 
जैकेट की फिटिंग कैसी होनी चाहिए? 
लूज लेदर जैकेट्स अच्छी नहीं लगती। इसी वजह से लेदर जैकेट्स की शॉपिंग करते वक्त साइज को लेकर कंफ्यूज नहीं होना चाहिए। अगर आप थोड़ी सी भी बड़ी साइज की जैकेट लेंगे तो उसकी स्लीव्स और लेंथ लटकी रहेगी, जो कि आपका लुक बिगाड़ सकती है।
 
लेदर की क्वॉलिटी कैसी होनी चाहिए? 
ये भी बेहद जरूरी पॉइंट है। आप जो जैकेट खरीद रहे हैं उसके लेदर की क्वॉलिटी कैसी है इसे जानना भी जरूरी है क्योंकि घटिया क्वॉलिटी के लेदर गार्मेंट में पैसा फंसाने का कोई मतलब नहीं बनता। अच्छी तरह से चेक करें कहीं जैकेट से किसी तरह की स्मेल तो नहीं आ रही। 
 
बटन वाला जैकेट या जिप वाला जैकेट? 
ये भी जानना जरूरी है कि क्योंकि जिप वाला जैकेट पूरी तरह से बंद हो जाता है लिहाजा वह आपको ज्यादा वॉर्म रखेगा लेकिन हो सकता है कि आपने जैकेट के अंदर जो शर्ट या टीशर्ट पहनी हो उसके फैब्रिक के साथ जिप रगड़ खाकर कपड़े को खराब कर दे। वहीं, बटन वाले जैकेट में 2 बटन के बीच में जो जगह खाली होती है वहां से हवा अंदर जाने का चांस रहता है।
 
जैकेट का स्टाइल कैसा हो? 
इतना महंगा लेदर जैकेट खरीदने जा रहे हैं तो पता होना चाहिए कि आपको किस स्टाइल का जैकेट चाहिए। वैसे इन दिनों बॉम्बर स्टाइल जैकेट काफी ट्रेंड में है। इसे आप जींस के साथ पहनेंगे तो यह बेहतरीन लुक देगा। इसके अलावा बाइकर जैकेट्स भी काफी अच्छे लगते हैं और इन दिनों काफी फैशन में हैं।
 
लेदर जैकेट कैसे पहनें? 
जैकेट की लेयरिंग बेहद जरूरी है। अगर आप लेयरिंग करना सीख गए तो आपका लुक नहीं बिगड़ेगा। लेदर जैकेट को स्वेटशर्ट, टी-शर्ट के साथ पहन सकते हैं। इसके अलावा लेदर जैकेट को ज्यादातर जींस के साथ ही पहनने की कोशिश करें।
सर्दी-जुकाम में आप कभी न करें ये 5 गलतियाँ, वरना हो जायेंगे परेशान

सर्दी-जुकाम में आप कभी न करें ये 5 गलतियाँ, वरना हो जायेंगे परेशान

  सर्दियों का मौसम शुरू हुआ नहीं कि बड़ी संख्या में लोग कॉमन कोल्ड यानी सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। यह फ्लू का सीजन है लिहाजा हर दूसरा बंदा आपको छींकता और खांसता हुआ मिल जाएगा। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ऐलर्जी ऐंड इन्फेक्शियस डिजीज की मानें तो एक सामान्य कॉमन कोल्ड करीब 7 से 10 दिनों तक रहता है। लेकिन हर केस में ऐसा हो जरूरी नहीं है। ऐसे में अगर घरेलू नुस्खे, दवाइयां हर तरह के उपाय करने के बाद भी आपका सर्दी-जुकाम ठीक नहीं हो रहा तो हो सकता है कि आप अपने डेली रुटीन में कुछ गलतियां कर रहे हों।

 

पहली गलती- नींद पूरी न करना
बहुत से लोग रात में अच्छी नींद लेने के महत्व को हल्के में लेते हैं। हमारी बदलती और बिजी लाइफस्टाइल की वजह से बड़ी संख्या में लोग रात के वक्त सही तरीके से नींद नहीं ले पाते हैं। ऐसे में अगर आपका भी जुकाम लंबा चल रहा है और ठीक नहीं हो रहा तो जरा शरीर को आराम दें और नींद पूरी करने की कोशिश करें। कोल्ड से लड़कर उसे हराना है तो आपको अच्छी नींद लेने की जरूरत है।

दूसरी गलती- खानपान का ख्याल न रखना
सर्दी-खांसी और जुकाम हो तो उस वक्त चिप्स, चॉकलेट, कॉफी जैसी कंफर्ट वाली चीजें खाकर किसी तरह काम चलाने की बजाए आपको एक बैलेंस्ड डायट लेने की जरूरत होती है। लिहाजा अपने खानपान का पूरा ख्याल रखें। कॉमन कोल्ड के वक्त मीठी चीजों से दूर रहें क्योंकि ये चीजें इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देती हैं और कोल्ड के लक्षण बढ़ जाते हैं।
 
तीसरी गलती- अपने मन से ऐंटीबायॉटिक्स खाना

 

आपको समझना होगा कि ऐंटीबायॉटिक्स सिर्फ उन्हीं बीमारियों पर काम करता है जो बैक्टीरिया की वजह से होते हैं। कॉमन कोल्ड, बैक्टीरिया नहीं बल्कि वायरस की वजह से होता है और ऐंटीबायॉटिक्स का इन पर कोई असर नहीं होता। लिहाजा अगर हफ्ते भर से ज्यादा समय से जुकाम की दिक्कत है तो अपने मन से दवाइयां खाने की बजाए डॉक्टर से संपर्क करें। यह चेस्ट इंफेक्शन या कोई और बीमारी भी हो सकती है।
 
चौथी गलती- पानी न पीना

 

जब आपको सर्दी-जुकाम होता है, नाक बह रही होती है या फिर जब बुखार होता है तो आपके शरीर से काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है। लिहाजा यह जरूरी है कि आप ढेर सारा पानी पिएं ताकि शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिल सके। पानी पीने से नाक में मौजूद म्यूकस को भी लुब्रिकेट करके बाहर निकालने में मदद मिलती है।
 

पांचवी गलती- बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेना
 

अगर आप अपने वर्क और लाइफ को बैलेंस करने को लेकर बहुत ज्यादा स्ट्रेस में हैं तो इसका भी आपके इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है। जब आपका शरीर स्ट्रेस्ड होता है, थका हुआ होता है तो कॉमन कोल्ड वाले वायरस से लडऩा आपके लिए मुश्किल हो जाता है और इसलिए कोल्ड लंबे समय तक बना रहता है।

 

 
 क्या आप भी सर्दियों में नहाने की बजाए डियोड्रेंट यूज करते हैं, तो हो जाइये सावधान, जानिए क्या है नुकसान

क्या आप भी सर्दियों में नहाने की बजाए डियोड्रेंट यूज करते हैं, तो हो जाइये सावधान, जानिए क्या है नुकसान

ठंड का मौसम आया नहीं कि बहुत से लोग पानी से दूरी बना लेते हैं और सबसे पहले नहाना बंद कर देते हैं। अब अगर आप 1-2 दिन बिना नहाएं रहेंगे तो शरीर से बदबू आना तो लाजिमी है लेकिन इसका सबसे कारगर उपाय है डियोड्रेंट। बहुत से ऐसे लोग हैं जो सर्दी के मौसम में नहाने की बजाए खूब सारा डियोड्रेंट शरीर पर लगाकर काम चला लेते हैं। लेकिन बहुत ज्यादा डियोड्रेंट यूज करना भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। कैसे, यहां जानें...
 
रेडनेस, इरिटेशन और खुजली की समस्या
साइंटिफिक स्टडीज में यह बात साबित हो चुकी है कि डियोड्रेंट और पसीने की बदबू रोकने वाले ऐंटीपर्सपिरेंट्स में मौजूद इन्ग्रीडिएंट्स हमारे शरीर और स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। डियो में मौजूद ऐल्कॉहॉल की वजह से स्किन पर रेडनेस और इरिटेशन होने लगती है जिससे खुजली और पिग्मेंटेशन की समस्या भी हो सकती है।
 
पसीने की ग्रंथी हो सकती है ब्लॉक
डियोड्रेंट और ऐंटीपर्सपिरेंट्स में मौजूद ऐल्युमिनियम कंपाउंड स्वेट ग्लैन्ड्स यानी पसीने की ग्रंथी को ब्लॉक कर देते हैं जिस वजह से पसीना शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और ऐलर्जी के साथ-साथ डर्मेटाइटिस होने का खतरा रहता है। पसीने की ग्रंथी में रुकावट आने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स और हानिकारक तत्व बाहर नहीं निकल पाते और यह भी शरीर के लिए अच्छा नहीं है।
 
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा
डर्मेटॉलजिस्ट डॉ सुनीता मोरे की मानें तो डियोड्रेंट में मौजूद ऐल्युमिनियम और पैराबीन्स जैसे इन्ग्रीडिएंट ब्रेस्ट टीशू को नुकसान पहुंचा सकते हैं जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और अगर किसी के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री है तो ऐसे व्यक्ति को डियो या ऐंटीपर्सपिरेंट्स यूज नहीं करना चाहिए। खासकर वैसा डियो या ऐंटीपर्सपिरेंट जिसमें ऐल्युमिनियम हो।
 
स्प्रे की जगह डियो स्टिक यूज करें
डर्मेटॉलजिस्ट श्रेयस कामथ कहते हैं, डियोड्रेंट स्टिक, स्प्रे की तुलना में बेहतर होता है। लंबे समय तक सुगंध बरकरार रहे इसके लिए डियोड्रेंट स्प्रे में ज्यादा केमिकल मिलाया जाता है और इसलिए आपकी स्किन पर इन स्प्रेज का ज्यादा गहरा नुकसान देखने को मिलता है जबकी डियो स्टिक के साथ ऐसा नहीं होता। डियोड्रेंट स्टिक को माइल्ड केमिकल के साथ तैयार किया जाता है और इसलिए वे स्किन को उतना नुकसान नहीं पहुंचाते।
 
डियो की जगह ये चीजें करें यूज
1.पसीना नहीं बैक्टीरिया से बदबू आती है इसलिए बेन्जोयल पेरॉक्साइड युक्त ऐंटीबैक्टीरियल बॉडी वॉश का इस्तेमाल करें।
2. स्किन के पीएच लेवल को बैलेंस कर पसीने की बदबू और बैक्टीरिया से लडऩे में मदद कर सकता है ऐपल साइडर विनिगर।
इन सर्दियों में तुलसी और केसर के इस्तेमाल से आपको हो सकते है हेल्थ और ब्यूटी के ये लाभ

इन सर्दियों में तुलसी और केसर के इस्तेमाल से आपको हो सकते है हेल्थ और ब्यूटी के ये लाभ

सर्दी के मौसम में हमें सेहत के साथ-साथ त्वचा का भी खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। इसके लिए ऐसी चीजों को चुनना हमेशा फायदेमंद होता है, जो नैचुरल हो। इन्हीं नैचुरल खजाने में से एक है केसर और दूसरा तुलसी। ये दोनों सेहत के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

जानिए लाभ -

1 केसर और तुलसी की प्रकृति गर्म है, इसलिए ठंड के दिनों में गर्म दूध के साथ इसका इस्तेमाल आपकी सेहत को बेहतर बनाता है और सर्दी-जुकाम जैसे रोगों को दूर करता है।

2 ये दोनों ही त्वचा को नैचुरली ग्लो करने में सहायक होते हैं। केसर रंग को गोरा करके त्वचा में चमक लाता है और तुलसी त्वचा को अंदर से साफ कर, दाग धब्बों को दूर करती है।

3 शरीर में होने वाले त्रिदोषों को संतुलित करने और रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने के लिए भी केसर और तुलसी का इस्तेमाल बेहद फायदेमंद साबित होता है।

4 महिलाओं में होने वाले रोगों में तुलसी और केसर फायदेमंद होते हैं। लेकिन इनकी मात्रा सीमित हो इसका ख्याल जरूर रखना चाहिए।

5 ये दोनों ही बेहतरीन ब्लड प्यूरीफायर हैं जो शारीरिक, मानसिक एवं त्वचा संबंधी समस्याओं को जड़ से मिटा देते हैं।

क्या आपके भी दांतों व मसूड़ो में हो रहा है दर्द, तो अपनाये ये घरेलु उपाय

क्या आपके भी दांतों व मसूड़ो में हो रहा है दर्द, तो अपनाये ये घरेलु उपाय

दांतों और मसूड़ों का दर्द आपको काफी परेशान कर देता है। दांत या मसूड़े में किसी भी तरह की समस्या में दर्द से तो परेशान होते ही हैं, इसके अलावा खाना-पीना भी ठीक से नहीं हो पाता है जिससे परेशानी बढ़ जाती है। आइए, आपको बताते हैं इनसे छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय।

 
नमक पानी
नमक का पानी आपको इनफेक्शन से बचाता है और दांतों के बीच में फंसे खाने को भी निकालने में मदद करता है। इससे सूजन भी खत्म हो जाती है और मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म होते हैं। गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर उस पानी को कुछ देर मुंह में रखें और कुल्ला कर लें।
 
लहसुन
लहसुन अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। इसे आमतौर पर सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने की भी क्षमता रखता है और पेनकिलर का भी काम करता है। लहसुन की एक कली को पील लें और इस पेस्ट को मसूड़े या दांत पर लगाएं।
 
लौंग
दांत में दर्द से राहत देने के लिए लौंग भी काफी कारगर है। इसे मुंह में दबाए रखें। दर्द से राहत मिलेगी।
 
टी बैग्स
चाय में टैनिन नाम का कम्पाउंड होता है जो बैक्टीरिया का खत्म कर सकता है। ऐसे में टी बैग्स भी आपको दांट के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। टी बैग को गर्म पानी में उबले हुए पानी में डालकर 5 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद इसे निकालें जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो उस जगह पर लगाएं जहां दर्द हो रहा है।
 
तो डेन्टिस्ट से मिलें
दांतों के हल्के दर्द को आप घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं लेकिन अगर दर्द ज्यादा है तो आपको डेन्टिस्ट से मिलना चाहिए।
 
फिट रहना है तो जानें ब्रेकफस्ट, लंच और डिनर करने का बेस्ट टाइम

फिट रहना है तो जानें ब्रेकफस्ट, लंच और डिनर करने का बेस्ट टाइम

खाना खाना एक सिंपल काम लग सकता है लेकिन छोटी-छोटी गलतियां इससे होने वाले फायदों पर बड़ा असर डाल सकती हैं। यह जानना जरूरी है कि जब खाने की बात आती है तो इसका टाइम सबसे अहम फैक्टर है। वक्त का ध्यान रखकर आप वजन पर नियंत्रण रखने के साथ दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स से बच सकते हैं।


जानें, खाने का बेस्ट टाइम
कई बार आप ब्रेकफस्ट में देर कर देते हैं या वर्काउट के बाद खाना स्किप कर देते हैं। कई बार आप बिस्तर पर जाने के ठीक पहले खा लेते हैं। दिन में कई बार खाने के बीच में लंबा गैप हो जाता है। खाने का बेस्ट टाइम कब हो यह पता लगाना ट्रिकी हो सकता है, यहां है आपके के लिए हैं कुछ टिप्स...

ब्रेकफस्ट
सुबह सोकर उठने के 30 मिनट के अंदर ब्रेकफस्ट कर लें। ब्रेकफस्ट करने का सबसे अच्छा टाइम सुबह 7 बजे होता है। 10 बजे के बाद तक नाश्ते का टाइम डिले न करें। ध्यान रखें कि आपके नाश्ते में प्रोटीन हो।

लंच
लंच करने का बेस्ट टाइम 12: 45 मिनट है। ब्रेकफस्ट और लंच के बीच कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें। लंच का टाइम 4 बजे तक डिले न करें।

डिनर
डिनर करने का बेस्ट टाइम शाम 7 बजे है। रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का फर्क रखें। 10 बजे तक डिनर डिले न करें। सोने से पहले खाने से आपकी नींद डिस्टर्ब हो सकती है।

वर्काउट
कभी भी खाली पेट वर्काउट न करें। वर्काउट के पहले खाने के लिए सबसे सबसे अच्छे ऑप्शंस प्रोटीन सैंडविच, प्रोटीन शेक, होल वीट ब्रेड के साथ स्क्रैम्बल्ड एग, पीनट बटर सैंडविच वगैरह हैं।
 
विश्व एड्स दिवस आज , इन 6 लक्षणों से हो सकती है पीड़ित की पहचान

विश्व एड्स दिवस आज , इन 6 लक्षणों से हो सकती है पीड़ित की पहचान

एचआईवी पॉजीटिव यानी एड्स एक गंभीर एवं खतरनाक बीमारी है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन आप कैसे पता करेंगे कि आप एचआईवी पॉजीटिव हैं या नहीं! इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि सही समय पर इससे बचा जा सके और खतरे को कम किया जा सके।

असुरक्षित शारीरिक संबंध इस बीमारी को जन्म दे सकते हैं। इतना ही नहीं, पीड़ित व्यक्ति के शारीरिक द्रव के संपर्क में आने से भी आप इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

आपको अंदाजा भी नहीं होगा कि आपके शरीर में दिखने वाले यह 6 लक्षण, एड्स के हो सकते हैं -

1. बुखार - क्या आपको लगातार बुखार आ रहा है? तो आप सावधान रहें क्योंकि लगातार आने वाला बुखार एड्स का एक लक्षण हो सकता है। इस बीमारी में इम्यून पावर कम हो जाता है, जिसके कारण आपका प्रतिरोधी तंत्र बार-बार बुखार को रोक नहीं पाता।

2. थकान - लगातार थकान का बना रहना भी एड्स का एक लक्षण हो सकता है। शरीर का इम्यून पावर कम होने के कारण उसे आराम की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में लगातार थकान का बना रहना स्वभाविक बात है।

3. सिर दर्द - सिर में दर्द बना रहना और गला खराब रहना भी इस गंभीर बीमारी का एक लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में कई बार सिर में तेज दर्द भी हो सकता है, जो दिनभर और रातभर जारी रह सकता है।

4. त्वचा पर निशान - इम्यून व रेसिटेंस पावर कम होने के कारण शरीर बीमारियों से आपको बचाने में सक्षम नहीं रह पाता। इसका असर त्वचा की बाहरी सतह पर भी होता है। त्वचा पर लाल रेशेस होना और उनका ठीक न हो पाना भी इसी का एक लक्षण है।

5. वजन घटना - एड्स के अन्य संभावित लक्षणों के साथ-साथ अगर आपका वजन लगातार घटता जा रहा है, तो यह आपके लिए चिंताजनक बात हो सकती है। हालांकि वजन कम होने के और भी कारण हो सकते हैं, लेकिन इसे भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।

6. सोते वक्त पसीना आना - अगर आप चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं और किसी भी तापमान पर आपको अत्यधिक पसीना आता है तो इसे अनदेखा न करें। इस स्थिति में ज्यादा पसीना आने के साथ ही आप करवटें बदलते हुए रात काटते हैं और घुटन महसूस करते हैं तो यह बीमारी का कारण हो सकता है।

इन सर्दियों में गले के  दर्द को भूल से भी न करें इग्नोर, टॉन्सिल्स का हो सकता है संकेत

इन सर्दियों में गले के दर्द को भूल से भी न करें इग्नोर, टॉन्सिल्स का हो सकता है संकेत

टॉन्सिल्स यानि गले के अंदर, प्रभावित भाग में बैक्टीरियल इंफेक्शन होना। मौसम में बदलाव होने पर अक्सर टॉन्सिल्स की समस्या सामने आती है। खासतौर पर ठंडे मौसम में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए जानते हैं इसके लक्षण और उपाय

 

टॉन्सिल्स के लक्षण - सामन्यत: टॉन्सिल्स होने पर गले में खराश बनी रहती है, साथ ही जलन भी महसूस होती है। इसके अलावा टॉन्सिल्स के बढऩे पर कभी- कभी आसपास के उतकों में संक्रमण के कारण मवाद भी हो जाता है, जिसके कारण अत्यधिक दर्द, बुखार, निगलने में तकलीफ, मुंह खोलने में दर्द होना जैसी तकलीफे भी हो सकती है। सही समय पर इलाज नहीं होने से यह एक जानलेवा बन सकता है। 

बचने के उपाय - टॉन्सिल्स से बचने के लिए गरारे करना सबसे बेहतर इलाज है। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं, कुछ ऐसे अचूक उपाय जो आपको टॉन्सिल्स की समस्या से निजात दिलाने सहायक होंगे -

अदरक -गर्म पानी में नींबू का रस और ताजा अदरक पीस कर मिला दें। अब इस पानी से हर आधे घंटे में गरारे करते रहें। यह गर्म होने के कारण आराम दिलाने में मदद करेगा। असके अलावा अदरक वाली चाय पीने से भी आराम होगा।

दूध - कच्चे पपीते को दूध में मिलाकर गरारा करने से भी टॉन्सिल्स में आराम मिलता है। इसके अलावा एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच पिसी हुई हल्दी मिलाकर पीने से भी जल्द ही टॉन्सिल्स ठीक हो जाते हैं।

सेंधा नमक - गले की परेशानी में नमक बेहद फायदेमंद साबित होता है। गुनगुने या हल्के गरम पानी में एक चम्मच सेंधा नमक मिलाकर गरारा करने पर बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

सिरका - मुंह की तकलीफ में सिरका बेहद लाभप्रद होता है। सेब के सिरके को गर्म पानी में मिलाकर गरारा करने से, गले का संक्रमण ठीक होता है, और टॉन्सिल्स में राहत मिलती है।

शहद - गर्म या गुनगुने पानी में नींबू के साथ शहद मिलाकर प्रयोग करने पर गले का दर्द काफी हद तक ठीक हो जाता है साथ ही टॉन्सिल्स भी जल्दी ठीक हो जाते हैं।

बेकिंग सोडा - बेकिंग सोडा या पोटेशियम कार्बोनेट को पानी में मिलाकर गरारा करने से टॉन्सिल्स में लाभ मिलता है।

लहसुन - उबलते हुए पानी में कुछ लहसुन की कलियां डालकर, अच्छी तरह से उबाकर छान लें। जब यह पानी थोड़ा ठंडा हो जाए, तब गरारे कर लें। इससे गले का दर्द भी ठीक हो जाएगा, और बदबू की समस्या भी ठीक हो जाएगी।