BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
वजन घटाना है तो डाइट में शामिल करें ये 5 ड्राई फ्रूट्स, मिलेंगे कई फायदे

वजन घटाना है तो डाइट में शामिल करें ये 5 ड्राई फ्रूट्स, मिलेंगे कई फायदे

Dry Fruits for Weight Loss: आजकल लोग बढ़ते मोटापे से सबसे ज्यादा परेशान हैं. हालांकि लोग अब अपनी फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट हो गए हैं. डाइट में हेल्दी फूड, वॉक, योग और एक्सरसाइज से अपने वजन को कंट्रोल रखते हैं. जो लोग मोटापे के शिकार हो जाते हैं उनके शरीर में कई तरह की बीमारियां भी पनपने लगती हैं. खासतौर से कोरोना काल में खुद को स्वस्थ रखना किसी चुनौती से कम नहीं है.


कई लोग क्रेश डाइटिंग करके वजन कम करना चाहते हैं जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. ऐसे में आप भूखे रहने की बजाय कुछ हेल्दी चीजें अपनी डाइट में शामिल करें. ड्राई फ्रूट्स में भरपूर पोषक तत्व होते हैं, जिससे भूख कंट्रोल हो जाती है और वजन भी कम होने लगता है. आज हम आपको ऐसे 5 नट्स बता रहे हैं जो वजन घटाने में आपकी मदद करेंगे.


वजन घटाने के लिए नट्स और ड्राई फ्रूट्स


1- बादाम- वजन कम करने में बादाम सबसे ज्यादा मदद करते हैं. बादाम खाने से क्रेविंग दूर होती है. मुट्ठी भर बादाम खाने से आपकी भूख भी शांत होती है. बादाम काफी लो कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. बादाम बेली फैट और ओवरॉल बॉडी मास इंडेक्स को कम करने में मदद करता है. बादाम में मोनो-अनसेचुरेटेड फैट और भरपूर फाइबर होता है. इसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है.

 

2- अखरोट- वजन घटाने में अखरोट भी मदद करता है. अखरोट में प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन काफी मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप भूख लगने पर अखरोट खाते हैं तो इससे आपका पेट काफी देर तक भरा रहेगा. अखरोट में ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो दिमाग में मौजूद केमिकल सेरेटोनिन लेवल को बढ़ाते हैं. इससे भूख का एहसास कम हो जाता है. रोज एक-एक मुट्ठी भीगे हुए अखरोट खाने से आपको वजन घटाने में मदद मिलेगी.


3- किशमिश- भूख लगने पर आप किशमिश भी खा सकते हैं. किशमिश में कैलोरीज बहुत कम होती हैं. इसे खाने से जल्दी खाने की इच्छा नहीं होती. किशमिश में भूख मिटाने वाले गुण होते हैं. ये शरीर में फैट सेल्स को कम करते हैं, साथ ही बेली फैट को घटाने में मदद करते हैं.


4- काजू- वजन कम करने के लिए आप काजू भी खा सकते हैं हालांकि काजू खाते वक्त आपको सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए. काजू में काफी मात्रा में मैग्नीशियम होता है जिससे मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है. साथ ही काजू में प्रोटीन भी होता है जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है.


5- मूंगफली- मूंगफली खाने से शरीर में कैलोरीज बर्न होती हैं. मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स होता है, जिससे शरीर में सूजन कम होती है. मूंगफली खाने से शरीर को ताकत मिलती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है.


Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की Just36News पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर पहुंची 0.26 प्रतिशत पर

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर पहुंची 0.26 प्रतिशत पर

रायपुर: कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए राज्य शासन के किए गए प्रभावी उपायों से संक्रमण की स्थिति में लगातार सुधार आ रहा है। प्रदेश में 30 जुलाई को संक्रमण की दर घटकर 0.29 प्रतिशत पर पहुंचने के बाद 31 जुलाई को इसमें और गिरावट आई है। 31 जुलाई की स्थिति में संक्रमण की दर 0.26 प्रतिशत पर पहुंच गई है। प्रदेश के तीन जिलों में कोविड-19 का कोई नया मरीज नहीं मिला है। इनमें बेमेतरा, कबीरधाम और गरियाबंद शामिल हैं। इस दिन प्रदेश में कोविड-19 से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।

प्रदेश भर में 30 जुलाई को 42 हजार 714 सैंपलों की जांच में 125 और 31 जुलाई को 38 हजार 644 सैंपलों की जांच में 102 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामले भी तेजी से घट रहे हैं। राज्य में अभी सक्रिय मरीजों की संख्या 1863 है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए अब तक एक करोड़ 13 लाख 94 हजार 233 सैंपलों की जांच की गई है। कोरोना संक्रमण की शुरूआत से लेकर अब तक प्रति दस लाख की आबादी में औसत कोरोना जांच और रोजाना प्रति दस लाख की आबादी में कोरोना जांच में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से आगे है। प्रदेश में प्रतिदिन प्रति दस लाख की जनसंख्या में 1487 सैंपलों की जांच की जा रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 1306 है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के बाद से अब तक प्रति दस लाख की आबादी में तीन लाख 95 हजार 335 सैंपलों की जांच की गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत तीन लाख 42 हजार 961 है।

मोटापे से छुटकारा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है, रोज सुबह उठ कर करें यह काम

मोटापे से छुटकारा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है, रोज सुबह उठ कर करें यह काम

बढ़ते वजन से आजकल हर कोई परेशान है. वजन बढ़ने से न सिर्फ आपका फिगर खराब होता बल्कि आपके शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा होने लगती हैं. ऐसे में जो लोग पतला होने की चाहत रखते हैं और रोज रोज सुबह ये सोचते हैं कि ऐसा क्या किया जाए जिससे वजन कम हो जाए. बता दें कि वजन कम करने के लिए आपको सबसे पहले इस बात को अपने दिमाग में बिठाना जरूरी है कि जिस तरह से धीर-धीरे सालों में आपका वजन बढ़ा है उसी तरह धीरे-धीरे सालों में ही आपका वजन कम होगा. वजन घटाने का ये सबसे हेल्दी तरीका है. आज सोचें कि एक-दो महीने में आप बिल्कुल पतले हो जाएं तो थोड़ा मुश्किल है.


मोटापे से छुटकारा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके लिए आपको डाइट और एक्सरसाइज के साथ हेल्दी रुटीन को भी फॉलो करना होगा. एक्सपर्ट्स की मानें तो डाइट और फिजिकल फिटनेस के अलावा आपकी डेली हेबिट्स भी वजन को प्रभावित करती हैं. आज हम आपको वजन घटाने में मददगार ऐसी मॉर्निंग टिप्स दे रहे हैं जो आपकी Weight Loss जर्नी को बेहद आसान बना देंगी.


1- गर्म पानी पीएं- वजन और फिट रहने के लिए हमेसा सुबह उठकर गर्म पानी पीने की आदत बना लें. सुबह गर्म पानी पीने से पेट साफ रहता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है. आयुर्वेद में भी ये बात कही गई है कि सुबह 2 कप गुनगुना पानी पीने से आपका शरीर पूरे दिन ऊर्जावान रहता है. गर्मियों में भी सुबह की शुरुआत गुनगुना पानी से ही करनी चाहिए. आप चाहें तो गुनगुने पानी में नींबू या शहद मिलाकर भी पी सकते हैं. इससे वजन घटाने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा.


2- एक्सरसाइज करके पसीना बहाएं- मोटापा कम करने के लिए आपको सुबह वर्क आउट जरूर करना चाहिए. सुबह एक्सरसाइज करने से जमा फैट कम होता है और आप जल्दी पतले होते हैं. इसलिए आपको अपनी मॉर्निंग हैबिट में एक्सरसाइज या योग को जरूर शामिल करना चाहिए. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है. सुबह व्यायाम करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने और बीमारियों से दूर करने में मदद मिलती है.

 

3- हेल्दी नाश्ता करें- दिन की शुरुआत आपको हेल्दी ब्रेकफास्ट के साथ करनी चाहिए. नाश्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें सभी जरूरी पोषक तत्वों शामिल हों. आपकी नाश्ते की थाली में प्रोटीन और फाइबर सही मात्रा में शामिल हों. हाई प्रोटीन और फाइबर वाला खाना खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है. आप नाश्ते में अंडे, दूध, ड्राईफ्रूट्स, स्प्राउट्स, ब्राउन ब्रेड, शेक, स्मूदीज शामिल कर सकते हैं. इससे मेटाबॉलिज्म अच्छा होता है और कैलोरीज बर्न करने में भी मदद मिलेगी.


4- खुद को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है- सुबह का खाया-पीया पूरे दिन आपकी सेहत पर असर डालता है ठीक वैसे ही आपको पूरे दिन खुद को हाइड्रेटेड रखना भी जरूरी है. एक्सपर्ट्स की मुताबिक अगर आपकी बॉडी हाइड्रेटेड है तो आपका वजन भी कंट्रोल रहेगा. पानी पीने से ज्यादा कैलोरीज लेने से आप बचते हैं. जिससे आप धीर-धीरे पतले होने लगते हैं. इसके लिए पानी की बोलत हमेशा अपना पास रखें. जब भी घर से बाहर निकलें तो 2 गिलास पानी पीकर निकलें. सुबह ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें.

 

31 जुलाई :   कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

31 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान के जरिये ज्यादा टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया है ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके।
राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 48.78 करोड़ से अधिक खुराक (48,78,63,410) सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की है। इसके अलावा टीके की 68,57,590 खुराक प्रक्रियारत हैं। 
आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इनमें बर्बाद सहित कुल 45,82,60,052 खुराक की खपत हुई है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 3.14 करोड़ से अधिक (3,14,57,081) खुराक उपलब्ध हैं जो बची हुई हैं, जिनका अभी इस्तेमाल किया जाना है।

31 जुलाई :  कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

31 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 46.15 करोड़ डोज लगाई गई हैं

 

अब तक पूरे देश में कुल 3,07,81,263 मरीज स्वस्थ हुये।

 

रिकवरी दर वर्तमान में 97.37 प्रतिशत है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान 37,291 मरीज ठीक हुए।

 

भारत में पिछले 24 घंटों में 41,649 मामले सामने आए हैं।

 

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,08,920 हैं।

 

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.29% हैं।

 

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.42% है।

 

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.34%, लगातार 5% से कम बनी हुई है।

 

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई-कुल 46.64 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

कोविड के बीच नई आफत, इस नए वायरस के शिकार हो रहे बच्चे

कोविड के बीच नई आफत, इस नए वायरस के शिकार हो रहे बच्चे

कोरोना महामारी के बीच एक नई आफत आ गई है. इन दिनों एक ऐसे वायरस का खतरा बढ़ गया है जिससे बच्चे सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं. ब्रिटेन के अस्पतालों में गंभीर श्वसन संक्रमण से पीड़ित बच्चों के मामले बढ़ रहे हैं. इसमें रेस्पिरेटरी सिनसिटियल वायरस यानी Respiratory Syncytial Virus (आरएसवी) नाम के संक्रमण में बेमौसम वृद्धि शामिल है और यह वायरस दो माह के बच्चों में भी देखा गया. इससे श्वास की नली में सूजन (ब्रोंकियोलाइटिस) जैसे रोगों के लिए अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है जो फेफड़ों की सूजन यानी ब्रोंकाइटिस के जैसा है.
आमतौर पर सर्दी की बीमारी माने वाले वाला आरएसवी 2021 की गर्मी में क्यों बढ़ रहा है? कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लगायी पाबंदियों ने दूसरे श्वसन संबंधी वायरसों को भी रोक दिया. कई देशों में इन पाबंदियों को हटाने के कारण कई श्वसन रोग फिर से फैल रहे हैं.
आरएसवी एक आम श्वसन रोगाणु है और हम में से लगभग सभी दो साल की उम्र तक इससे संक्रमित होते हैं. ज्यादातर लोगों में इस बीमारी के हल्के लक्षण – जुकाम, नाक बहना और खांसी – होते हैं. ये लक्षण आमतौर पर एक या दो हफ्ते में बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं.
तकरीबन तीन में से एक बच्चे को आरएसवी के कारण ब्रोंकियोलाइटिस हो सकता है. इससे श्वास की नली में सूजन आ जाती है और मरीजों का तापमान बढ़ जाता है तथा उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है. कभी-कभी यह बहुत गंभीर बीमारी बन जाती है. अगर किसी युवा व्यक्ति को सांस लेने में बहुत दिक्कत होने लगती है तो यह लक्षण गंभीर हो सकते हैं जिससे तापमान 38 सेल्सियस के पार जा सकता है, होंठ नीले पड़ सकते है तथा सांस लेना बहुत मुश्किल हो सकता है.
बच्चों में इस बीमारी के कारण वह कुछ खाने से इनकार कर सकते हैं तथा उन्हें लंबे वक्त तक पेशाब नहीं आती. एक माह के बच्चों की श्वास नली बहुत छोटी होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है.
ज्यादातर मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन कई बार ब्रोंकियोलाइटिस जानलेवा हो जाता है. हर साल तकरीबन 35 लाख बच्चे अस्पताल में भर्ती होते हैं और इनमें से करीब पांच प्रतिशत बच्चों की मौत हो जाती है.
ऐसा लगता है कि कोविड-19 के कारण हाथ धोने, मास्क पहनने और लोगों के बीच आपसी संपर्क कम होने से 2020-21 की सर्दी में बहुत कम लोगों को फ्लू हुआ. आरएसवी के मामले में भी यह सही है. अध्ययनों के मुताबिक, पिछले वर्षों के मुकाबले उत्तरी गोलार्द्ध वाले देशों में ब्रोंकियोलाइटिस के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 83 प्रतिशत कम रही. अब इसके बिल्कुल विपरीत हो रहा है.
हम यह नहीं जानते कि क्यों आरएसवी से संक्रमित कुछ बच्चों में हल्के लक्षण होते हैं तथा अन्य गंभीर रूप से बीमार पड़ जाते हैं. आरएसवी के गंभीर लक्षणों के संबंध में कई कारकों की पहचान की गयी है जिसमें उम्र (एक माह के शिशु को सबसे अधिक खतरा), लिंग (महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को ज्यादा खतरा), पर्यावरणीय परिस्थितियां जैसे धुएं के संपर्क में आना, फेफड़ों की बीमारी होना तथा कुछ जीन संबंधी तत्व शामिल हैं.
सभी संक्रमणों की तरह इस बीमारी से निपटने में भी एक मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता होनी महत्वपूर्ण है. हम जानते हैं कि ‘न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज’ गंभीर बीमारी से बचाती हैं. हालांकि, आरएसवी से रोग प्रतिरोधक शक्ति लंबे समय तक नहीं रहती इसलिए हमारे में से ज्यादातर लोग अपने जीवन में फिर से संक्रमित हो जाते हैं. यही वजह है कि कई प्रयासों के बावजूद अभी कोई टीका उपलब्ध नहीं है. इसके लिए कुछ टीके विकसित किए जा रहे हैं. कई टीकों का क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है जिससे यह उम्मीद मिलती है कि हम अपने बच्चों को आरएसवी से पैदा होने वाले ब्रोंकियोलाइटिस से बचा सकते हैं.
(इनपुट-भाषा)

 

30 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

30 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान के जरिये ज्यादा टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया है ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके।
राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 48.03 करोड़ से अधिक खुराक (48,03,97,080) सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की है। इसके अलावा टीके की 71,16,720 खुराक प्रक्रियारत हैं। 
आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इनमें बर्बाद सहित कुल 45,27,93,441 खुराक की खपत हुई है।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 2.92 करोड़ से अधिक (2,92,65,015) खुराक उपलब्ध हैं जो बची हुई हैं, जिनका अभी इस्तेमाल किया जाना है।

30 जुलाई : आइए एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 की ताज़ा जानकारी पर

30 जुलाई : आइए एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 की ताज़ा जानकारी पर

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 45.60 करोड़ डोज लगाई गई हैं

अब तक पूरे देश में कुल 3,07,43,972 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.38 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 42,360 मरीज ठीक हुए।

भारत में पिछले 24 घंटों में 44,230 मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,05,155 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.28% हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.43 % है।

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.44 %, लगातार 5 % से कम बनी हुई है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई-कुल 46.46 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

कोविड-19 मामलों में आई तेजी को देखते हुये केंद्र एक उच्चस्तरीय दल इस राज्य के लिए रवाना

कोविड-19 मामलों में आई तेजी को देखते हुये केंद्र एक उच्चस्तरीय दल इस राज्य के लिए रवाना

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने फैसला किया है कि विशेषज्ञों का एक उच्चस्तरीय दल तुरंत केरल रवाना किया जायेगा। यह दल केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सहयोग करेगा, ताकि वहां कोविड-19 से कारगर तरीके से निपटा जा सके। उल्लेखनीय है कि केरल में कोविड मामले रोज तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल रवाना होने वाले केंद्रीय दल में छह सदस्यों को रखा गया है। इनका नेतृत्व राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. एसके सिंह कर रहे हैं। दल 30 जुलाई, 2021 को केरल पहुंचेगा और कुछ जिलों का दौरा करेगा। यह दल राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेगा, वास्‍तिवक स्थिति का जायजा लेगा और राज्य में कोविड के तेजी से बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिये जन-स्वास्थ्य सम्बंधी जरूरी सुझाव देगा। केरल में कोविड के सक्रिय मामले 1.54 लाख हैं, जो देश के कुल सक्रिय मामलों का 31.7 प्रतिशत हैं। पिछले सात दिनों में मामले 1.41 प्रतिशत की दर से बढ़े हैं। राज्य में रोज औसतन 17,443 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में पॉजिटिविटी दर भी बढ़कर 12.93 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 11.97 प्रतिशत है। वहां ऐसे छह जिले हैं, जिनकी साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से ऊपर है। 

29 जुलाई :  कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

29 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण अपडेट

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान के जरिये ज्यादा टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया है ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके।
राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 47.48 करोड़ से अधिक खुराक (47,48,77,490) सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की है। इसके अलावा टीके की 53,05,260 खुराक प्रक्रियारत हैं। 
आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इनमें बर्बाद सहित कुल 44,74,97,240 खुराक की खपत हुई है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 2.88 करोड़ से अधिक (2,88,55,050) खुराक उपलब्ध हैं जो बची हुई हैं, जिनका अभी इस्तेमाल किया जाना है।

29 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

29 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 45.07 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,07,01,612 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.38 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 38,465 मरीज ठीक हुए।

भारत में पिछले 24 घंटों में 43,509 मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 4,03,840 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.28% हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.38% है।

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.52%, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 46.26 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

जानें वायरल फीवर के लक्षण, हो जाए तो ना घबराएं, अपनाएं ये घरेलू उपाय

जानें वायरल फीवर के लक्षण, हो जाए तो ना घबराएं, अपनाएं ये घरेलू उपाय

मॉनसून यानी बारिश के महीने में बुखार होना आम बात हो जाती है. इस मौसम में सबसे ज्यादा वायरल फीवर की चपेट में लोग आते हैं. लेकिन वायरल फीवर से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं, बस कुछ सावधानियों से आप इससे बच सकते हैं.
सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि डॉक्टर्स के अनुसार, वायरल बुखार के क्या लक्षण हो सकते हैं.
Viral Fever Symptoms
1. गले में दर्द
2. सिर दर्द
3. जोड़ों में दर्द
4. सिर का तेज गर्म होना
5. अचानक से तेज बुखार जो समय-समय पर आता जाता रहे
6. खांसी
7. आंखों का लाल होना
8. उल्टी या मतली
9. बेहद थकान
10. दस्त
अगर आपको ये लक्षण दिखे तो सबसे पहले बीमार व्यक्ति को अलग कमरे में कर दें. इसकी वजह ये है कि यह बुखार एक से दूसरे को होने का खतरा होता है. तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लें. दवाओं का सेवन शुरू करें.
इस बीच आप इन घरेलू नुस्खों को भी अपना सकते हैं, जिन्हें लोग सालों से अपनाते आए हैं.
काम के देसी नुस्खे
1. ये तो सभी जानते हैं कि तुलसी बेहद फायदेमंद होती है. इसलिए तुलसी का काढ़ा दें. तुलसी की चाय बनाकर दे सकते हैं. तुलसी ड्राप भी गुनगुने पानी संग फायदेमंद है.
2. मौसमी फलों का जरूर सेवन करें.
3. बुखार होने पर तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें. जिससे शरीर में पानी की कमी न हो. साथ ही पाचन आराम से हो जाए.
4. रोग प्रतिरोधक बढ़ाने के लिए गिलोय का सेवन जरूर करें.
5. अदरक की चाय पीएं. इससे खांसी-जुकाम में भी राहत मिलती है.
(डिस्केलमर: लेख में दी गई सलाह केवल सामान्य जानकारी है. ये एक्सपर्ट की राय नहीं है.)

 

28 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

28 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया दौर 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।
देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 46.23 करोड़ से अधिक (46,23,27,530) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा 1,20,70,820 खुराकें भेजे जाने की तैयारी है। 
आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से खराब हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 44,29,95,780 खुराकों की खपत हो चुकी है। अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 2.18 करोड़ से अधिक (2,18,10,422) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

28 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

28 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 44.61करोड़ डोज लगाई गई हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,06,63,147 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.39 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 41,678 मरीज ठीक हुए।

भारत में पिछले 24 घंटों में 43,654 मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 3,99,436 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.27% हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.36% है।

दैनिक पॉजिटिविटी दर 2.51%, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 46.09 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

एक चौथाई से ज्यादा अमेरिकियों ने माना कि,वायरस के मुकाबले वैक्सीन ज्यादा जोखिम-सर्वेक्षण

एक चौथाई से ज्यादा अमेरिकियों ने माना कि,वायरस के मुकाबले वैक्सीन ज्यादा जोखिम-सर्वेक्षण

वैक्सीन नहीं लगवाने वाले एक चौथाई से ज्यादा अमेरिकियों का मानना है कि वायरस के मुकाबले उनकी सेहत के लिए कोविड-19 वैक्सीन ज्यादा जोखिम है. Yahoo News/YouGov की तरफ से किए गए सर्वे में चौंकानेवाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल एक तिहाई से ज्यादा प्रतिभागियों ने कहा कि कोविड-19 का कारण बननेवाला वायरस अमेरिका में सबसे बड़ा खतरा है. हालांकि, वैक्सीन नहीं लेनेवाले 28 फीसद व्यस्कों ने टीकाकरण को ज्यादा जोखिम बताया.


वायरस के मुकाबले वैक्सीन ज्यादा जोखिम-सर्वेक्षण


सर्वे के लिए 1,715 व्यस्कों की 13 जुलाई और 15 जुलाई के बीच ऑनलाइन राय ली गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 18 साल से ऊपर के टीकाकरण नहीं करानेवाले 37 फीसद का मानना था कि वैक्सीन कोविड-19 से ज्यादा स्वास्थ्य का जोखिम रखती है. सर्वे में शामिल करीब 35 फीसद ने इस बारे में निश्चित नहीं होने की जानकारी दी, और सिर्फ 29 फीसद का कहना था कि टीकाकरण कराने के मुकाबले वायरस ज्यादा जोखिम भरा है.

 


फिलहाल, ये बताने के लिए डेटा नहीं है कि अमेरिका में उपलब्ध वैक्सीन कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा जोखिम हैं. सर्वे में लोगों से ये नहीं पूछा गया था कि क्यों उनका मानना है कि वैक्सीन ज्यादा खतरा हैं लेकिन ये गलत जानकारी के कारण हो सकता है. अपेक्षाकृत, 83 फीसद प्रतिरक्षित व्यस्कों ने कहा कि वायरस आम लोगों के लिए बड़ा जोखिम है जबकि 5 फीसद ने बड़ा खतरा माना.

 

टीकाकरण नहीं करानेवाले लोगों की ली गई राय

 

गौरतलब है कि सर्वेक्षण के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब डेल्टा वेरिएंट का फैलाव जारी है. डेल्टा वेरिएन्ट के फैलाव के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में करीब कोरोना के सभी मामले, अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत और मौत की घटना वैक्सीन नहीं लगवानेवाले लोगों में है. Yahoo News/YouGov सर्वे के नतीजे अमेरिकी सेंसस ब्यूरो की तरफ से जारी डेटा से मेल खाते हैं.

 

27 जुलाई : आइए एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण अपडेट पर

27 जुलाई : आइए एक नज़र डालते हैं आज के कोविड-19 टीकाकरण अपडेट पर

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान के जरिये ज्यादा टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया है ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 45.73 करोड़ से अधिक खुराक (45,73,30,110) सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की है। इसके अलावा टीके की 24,11,000 खुराक प्रक्रियारत हैं। आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इनमें अपव्यय सहित कुल 43,80,46,844 खुराक की खपत हुई है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 2.28 करोड़ से अधिक (2,28,27,959) खुराक उपलब्ध हैं जो बची हुई हैं, जिनका अभी इस्तेमाल किया जाना है।

 

 

27 जुलाई :  कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

27 जुलाई : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक वैक्सीन की 44.19 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

अब तक पूरे देश में कुल 3,06,21,469 मरीज स्वस्थ हुये।

रिकवरी दर बढ़कर 97.39 प्रतिशत हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान 42,363 मरीज ठीक हुए।

भारत में 132 दिनों के बाद 30,000 से कम दैनिक मामलों दर्ज किए गए; पिछले 24 घंटे के दौरान 29,689 नए मामले सामने आए हैं।

भारत में सक्रिय मामले 124 दिनों के बाद 4 लाख से कम दर्ज किए हैं। भारत में सक्रिय मामले वर्तमान में 3,98,100 हैं।

सक्रिय मामले कुल मामलों का 1.27 % हैं।

साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 5% से नीचे बनी हुई है, वर्तमान में 2.33 % है

दैनिक पॉजिटिविटी दर 1.75 %, लगातार 5 % से कम बना हुआ है।

जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई - कुल 45.91 करोड़ नमूनों की जांच की गई है। 

डॉ मंजू पुरी ने कहा कोविड पॉजिटिव मां को बच्चे को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए, लेकिन...

डॉ मंजू पुरी ने कहा कोविड पॉजिटिव मां को बच्चे को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए, लेकिन...

नई दिल्ली, डॉ. मंजू पुरी, विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली ने गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 टीकाकरण के निर्णय के बारे में और महिलाओं को खुद को व अपने बच्चे को कोविड-19 से बचाने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इसके बारे में बातचीत की। अब महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भी कोविड-19 के टीके लगवाने की स्वीकृति दे दी गई हैं। यह कदम उनके लिए किस तरह मददगार साबित होगा? दूसरी लहर के दौरान, पहली लहर की तुलना में गर्भावस्था के दौरान महिलाएं कोविड-19 से संक्रमित हुई। यदि कोविड के गंभीर लक्षण है तो गर्भावस्था के दौरान काफी मुश्किलें हो सकती है, विशेष रूप से अंतिम तिमाही के दौरान क्योंकि गर्भाशय बड़ा हो जाता है और मध्यपट (diaphragm) पर दबाव पड़ता है, जिससे महिला के ऑक्सीजन संतृप्ति में गिरावट आने से उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे रक्त ऑक्सीजन संतृप्ति में अचानक गिरावट आ सकती है और मां व बच्चे दोनों के जीवन को खतरा हो सकता है। टीके गर्भवती महिलाओं में गंभीर बीमारी को रोकने में मदद करेंगे। इसके अलावा, एक मां के द्वारा टीका लगवाने से नवजात को कुछ हद तक सुरक्षा मिलने की संभावना है क्योंकि टीकाकरण के बाद मां के शरीर में विकसित एंटीबॉडी उसके रक्त के माध्यम से विकासशील भ्रूण तक पहुंच जाएंगी। स्तनपान कराने वाली माताओं के मामले में, एक शिशु को ये एंटीबॉडी मां के स्तन के दूध के माध्यम से मिलती है। कुछ लोगों का मानना है कि टीके महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। क्या यह सच है? ये ऐसी अफवाहें हैं जो हर जगह सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं। गलत सूचनाएं वायरस से कहीं ज्यादा खतरनाक है।

हालांकि कोविड-19 के टीके अपेक्षाकृत नए हैं, लेकिन इन्हें समय-परीक्षित तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया गया है। टीके शरीर को एक विशिष्ट रोगज़नक़ के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित करने में मदद करते हैं, यह शरीर के किसी अन्य ऊतक को प्रभावित नहीं करते हैं। वास्तव में, हम महिलाओं को और उनके अजन्मे बच्चे को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए गर्भावस्था के दौरान भी कुछ टीके जैसे हेपेटाइटिस बी, इन्फ्लुएंजा, पर्टुसिस वैक्सीन दी जाती हैं।

इसके अलावा, हमारे नियामकों ने अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही गर्भावस्था के दौरान टीके लगाने को मंजूरी दी है। कोई वैज्ञानिक डेटा या अध्ययन नहीं है जो यह दर्शाता हो कि टीके महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। ये टीके किसी भी तरह से प्रजनन अंगों को प्रभावित नहीं करते हैं।

एक गर्भवती महिला को खुद को कोविड से बचाने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

गर्भावस्था और प्रसव हमारे समाज में सामाजिक घटनाएं हैं। लेकिन महामारी के दौरान, इसका मतलब मां और बच्चे के संक्रमण की चपेट में आने से हो सकता है। हम अनुशंसा करते हैं कि एक गर्भवती मां को अपने परिवार के सदस्यों के बीच घर पर रहते हुए भी मास्क पहनना चाहिए और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हो सकता है वह बाहर नहीं जा रही हो, लेकिन उसके परिवार के सदस्य काम के लिए बाहर जा रहे हैं और उनसे वह इस वायरस से संक्रमित हो सकती है।

इसलिए, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद सभी कोविड-उपयुक्त सावधानियों का उपयोग करना चाहिए क्योंकि यह उन्हें संक्रमण और संबंधित जटिलताओं से प्रभावित होने से बचा सकता है।

अगर गर्भवती महिला में कोविड-19 के लक्षण दिखें तो उसे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले, यदि उनमें कोविड के कोई लक्षण हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द अपना परीक्षण करवाना चाहिए, क्योंकि जितनी जल्दी हम बीमारी का पता लगाएंगे, उतना ही बेहतर हम बीमारी का प्रबंधन कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान कोविड का प्रबंधन लगभग वैसा ही होता है जैसा कि दूसरों के लिए होता है, लेकिन इसे डॉक्टर की सख्त निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

एक महिला को खुद को अलग रखना चाहिए, खूब सारे तरल पदार्थ पीने चाहिए, हर 4-6 घंटे में अपना तापमान और ऑक्सीजन संतृप्ति की जांच करनी चाहिए। यदि पैरासिटामोल लेने के बाद भी तापमान कम नहीं होता है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए; यदि ऑक्सीजन की मात्रा में गिरावट है या घटती प्रवृत्ति है, उदाहरण के लिए, सुबह 98, शाम को 97, और फिर अगले दिन और गिर जाती है, तो उसे अपने डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, जिन महिलाओं को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा आदि जैसी बीमारियां हैं, उन्हें अधिक सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए, अपने चिकित्सक से परामर्श करें और पुनर्प्राप्ति अवधि के दौरान अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि मां और भ्रूण ठीक हैं, हम कोविड से ठीक होने के बाद एक समग्र स्वास्थ्य जांच की पुरजोर सिफारिश करते हैं।

क्या मां से भ्रूण को कोविड-19 हो सकता है?

इस चिंता का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है। हमने कुछ अध्ययन किए हैं और पाया है कि प्लेसेंटा, एक अंग जो गर्भाशय में बनता है जिसमें एक भ्रूण बढ़ता है, एक सुरक्षात्मक बाधा के रूप में कार्य करता है। ऐसे कुछ मामले हैं जहां नवजात संक्रमित पाए गए लेकिन हमें यकीन नहीं है कि उन बच्चों को मां के गर्भ में संक्रमण हुआ या जन्म के तुरंत बाद।

यह कहने के बाद, जैसा कि मैंने पहले भी समझाया है, गर्भवती महिलाओं को संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कोविड-19 उन्हें और उनके बच्चे को कई अन्य तरीकों से प्रभावित कर सकता है।

 

एक कोविड पॉजिटिव मां को अपने नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एक मां को बच्चे को स्तनपान कराते रहना चाहिए लेकिन उसे सलाह दी जाती है कि जब वह स्तनपान नहीं करा रही हो तो बच्चे से 6 फीट की दूरी बनाकर रखें। एक देखभाल करने वाला जिसका परीक्षण नकारात्मक है, वह भी नवजात शिशु की देखभाल करने में मदद कर सकता है। नवजात शिशु को स्तनपान कराने से पहले, महिलाओ को अपने हाथ धोने चाहिए, मास्क, फेस शील्ड जैसे सुरक्षा कवच पहनने चाहिए और अपने आस-पास के वातावरण को भी बार-बार सैनिटाइज करना चाहिए।

महिलाओं में प्रसवोत्तर अवसाद और चिंता आम है। क्या आप महामारी के दौरान महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों में वृद्धि देखते हैं?

निश्चित रूप से, गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हुई है। ये ऐसे समय होते हैं जब एक महिला बहुत सारे हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तनों से गुजरती है। इस वक़्त , उन्हे शारीरिक एवं मानसिक हालातो का सामना करने के लिए, सामाजिक समर्थन की आवश्यकता है। इस सामाजिक समर्थन के अभाव में, वह अकेला, असहाय और उदास महसूस कर सकती है।

15 दिनों के लिए आइसोलेशन हर किसी के लिए मुश्किल होता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं और प्रसव के बाद की माताओं के लिए इससे भी ज्यादा। इस समय के दौरान, उसके बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता उसकी मानसिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

इसलिए, इस दौरान महिलाओं को निरंतर समर्थन और आश्वासन प्रदान करना महत्वपूर्ण है। परिवार को वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क में रहना चाहिए, और उसके मूड में किसी भी बदलाव का निरीक्षण करना चाहिए और अगर वह उदास दिखती है और महसूस करती है, तो चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

हम हमेशा अपनी गर्भवती महिलाओं और माताओं से दो सामान्य जांच प्रश्न पूछते हैं: एक, क्या उसे अपने नियमित काम करने में बहुत कम या कोई दिलचस्पी नहीं है? और दूसरा, क्या उसे पिछले 2 हफ्तों में कभी भी बिना किसी विशेष कारण के उदास या रोने का मन किया है? यदि इनमें से किसी भी प्रश्न का उत्तर हाँ है, तो इसका अर्थ है कि उसे मनोवैज्ञानिक द्वारा और मूल्यांकन की आवश्यकता है। डॉक्टरों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी इस दौरान महिला के व्यवहार को ध्यान से देखने की जरूरत है।

आप अपनी महिला रोगियों को क्या सलाह देना चाहेंगी?

हम उन्हें सुरक्षित रहने, पर्याप्त सावधानी बरतने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए कहते हैं। जब और जब यह उनके लिए उपलब्ध हो तो टीका लें। ज्यादा लोगों से मिलने से बचें।

यदि उनमें बुखार, गले में खराश, स्वाद या गंध की कमी या किसी कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने जैसे लक्षण हैं, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की आवश्यकता है, निदान में देरी नहीं करनी चाहिए और स्व-उपचार नहीं करना चाहिए। और अंत में, हम अपनी सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान विभिन्न गर्भनिरोधक विधियों के बारे में सलाह देते हैं और उन्हें प्रसवोत्तर इंट्रा-यूटेराइन डिवाइस (कॉपर टी) प्रदान करते हैं, जिसे बच्चे के जन्म या सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद डाला जा सकता है। यह उन्हें बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल की अनावश्यक यात्रा से बचाता है और अनियोजित गर्भावस्था के जोखिम को कम करता है। 

रिकवरी दर बढ़कर 97.35 प्रतिशत हुई, भारत के कुल कोविड-19 टीकाकरण ने इतने करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया

रिकवरी दर बढ़कर 97.35 प्रतिशत हुई, भारत के कुल कोविड-19 टीकाकरण ने इतने करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया

भारत में कोविड-19 टीकाकरण का आंकड़ा कल 43.51 करोड़ के अहम स्तर को पार कर गया है। आज सुबह 8 बजे तक की अस्थायी रिपोर्ट के मुताबिक 52,95,458 सत्रों के माध्यम से टीकों की कुल 43,51,96,001 खुराक लगा दी गई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान टीकों की 18,99,874 खुराक लगाई गई हैं। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। केन्द्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण की गति और उसका दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। महामारी की शुरुआत से अभी तक संक्रमित लोगों में से 3,05,79,106 लोग पहले ही कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके हैं और पिछले 24 घंटों के दौरान 35,968 लोग ठीक हो गए। इस प्रकार ठीक होने की दर 97.35प्रतिशत के स्तर पर है, जिससे लगातार बढ़ोतरी के रुझान का पता चलता है। पिछले 24 घंटों के दौरान भारत में दैनिक नए मामले 39,361 दर्ज किए गए। लगातार 29दिनों से दैनिक नए मामले 50,000 के स्तर से नीचे बने हुए हैं। यह केन्द्र और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए निरंतर और सहयोगपूर्ण प्रयासों का परिणाम है। भारत के सक्रिय मामले 4,11,189के स्तर पर बने हुए हैं और अब देश के कुल पॉजिटिव मामलों में सक्रिय मामलों की हिस्सेदारी 1.31 प्रतिशत है। देश भर में परीक्षण क्षमता में खासी बढ़ोतरी के साथ, पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कुल 11,54,444परीक्षण कराए गए। भारत में अभी तक कुल 45.74 करोड़ (45,74,44,011) परीक्षण हो चुके हैं। जहां एक तरफ देश में परीक्षण क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, वहीं मामलों की साप्ताहिक पॉजिटिविटी में गिरावट देखने को मिली है। वर्तमान में साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 2.31 प्रतिशत के स्तर पर है, जबकि आज दैनिक पॉजिटिविटी दर 3.41प्रतिशत रही। लगातार 34 दिनों से दैनिक पॉजिटिविटी दर 3 प्रतिशत से कम बनी हुई है, और यह पिछले लगातार 49दिनों से 5 प्रतिशत से कम है।

26 जुलाई :  कोविड-19 टीकाकरण पर नवीनतम जानकारी

26 जुलाई : कोविड-19 टीकाकरण पर नवीनतम जानकारी

केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ है। टीकाकरण अभियान के जरिये ज्यादा टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया है ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नए चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी। भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड टीके की 45.37करोड़ से अधिक खुराक (45,37,70,580) सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की है। इसके अलावा टीके की 59,39,010 खुराक प्रक्रियारत हैं। आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इनमें अपव्यय सहित कुल 42,28,59,270 खुराक की खपत हुई है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 3.09 करोड़ से अधिक (3,09,11,310) खुराक उपलब्ध हैं जो बची हुई हैं, जिनका अभी इस्तेमाल किया जाना है।