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भाजयुमो अध्यक्ष शर्मा का कटाक्ष : पकौड़े की खिल्ली उड़ाने वाली युकां क्या गोबर के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटी है?

भाजयुमो अध्यक्ष शर्मा का कटाक्ष : पकौड़े की खिल्ली उड़ाने वाली युकां क्या गोबर के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटी है?

रायपुर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने प्रदेश सरकार के सालभर प्रदेश के लोगों को रोज़गार मुहैया कराने के दावे पर कटाक्ष कर कहा है कि आज शासन ने 46000 गौपालकों को 1करोड़ 67 लाख का भुगतान किया है। 15 दिन में प्रति गौपालक 350 रुपये मतलब प्रतिदिन 23 रुपये देकर भूपेश सरकार अपनी पीठ धपथपा रही है। जिन लोगों को पकौड़ा बेचने की सलाह में रोज़गार नज़र नहीं आ रहा था, वे अब प्रदेश की तरुणाई को गोबर बिनवाकर सालभर रोज़गार मुहैया कराने की बातें कर रहे हैं! श्री शर्मा ने सवाल किया कि पकौड़े में रोज़गार की खिल्ली उड़ाने वाली युवक कांग्रेस के तमाम मुखर युवा नेताओं की इस मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार के दावे पर बोलती क्यों बंद है? क्या वे गोबर बीनने के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटे हुए हैं?


भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि रोज़गार के अवसरों की बेहतरी का दावा करने वाली प्रदेश सरकार क़दम-क़दम पर झूठ-फ़रेब से भरे आँकड़ों का खेल रच रही है। प्रदेश सरकार का दावा है कि छत्तीसगढ़ में बेरोज़गारी का प्रतिशत 13 से घटकर 09 फीसदी रह गया है। श्री शर्मा ने जानना चाहा है कि यदि प्रदेश सरकार ने रोज़गार के बेहतर अवसर मुहैया कराए हैं तो वह यह भी बताए कि मुख्यमंत्री निवास के सामने एक बेरोज़गार युवक आत्मदाह के लिए विवश क्यों हुआ? पुलिस विभाग और शिक्षाकर्मियों की भर्ती रोक कर बैठी सरकार आख़िर प्रदेश के युवा व शिक्षित बेरोज़गारों के साथ कब तक भद्दा मज़ाक करती रहेगी और कब तक गुड गवर्नेंस के ‘प्रायोजित अवार्ड’ दिखाकर प्रदेश को भरमाती रहेगी?

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हो या फिर प्रदेश के विकास व लोगों की कल्याणकारी सुविधा का मसला हो, प्रदेश सरकार हमेशा पैसों का रोना रोती रहती है जबकि सियासी नौटंकियों पर वह प्रदेश का खजाना लुटाने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाती। प्रदेश सरकार के राज्य की बेहतर आर्थिक स्थिति के दावों को भी श्री शर्मा ने झूठा बताया और कहा कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर है तो फिर प्रदेश सरकार कर्ज़ क्यों ले रही है और क्यों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार को चिठ्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छत्तीसगढ़ के लिए 06 प्रतिशत कर्ज़ की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं? श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और राज्य को भरमाने से बाज आकर ईमानदारी से काम करे।
 

साय का कटाक्ष : मंदिर निर्माण विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त 2020 अच्छी तरह नोट कर लें

साय का कटाक्ष : मंदिर निर्माण विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त 2020 अच्छी तरह नोट कर लें

रायपुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने पूर्व उपप्रधानमंत्री व तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष श्री आडवाणी को श्री राम मंदिर निर्माण के आंदोलन को निर्णायक राजनीतिक नेतृत्व देकर सोमनाथ से अयोध्या तक की राम रथयात्रा के माध्यम से भारतीय राजनीति को हिन्दुत्व-केंद्रित करने के क्रांतिकारी सूत्रधार के रूप में विशेष रूप से बधाई दी और कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति को तुष्टिकरण की व्याधि से मुक्त कर इस रथयात्रा-आंदोलन के माध्यम से देश में हिन्दुत्व-निष्ठ जिस वैचारिक अवधारणा को प्रतिष्ठित करने का काम किया, उनका वह लक्ष्य उनके समक्ष ही दशकों की संघर्ष-यात्रा के बाद कल 05 अगस्त को साकार होने जा रहा है। श्री साय ने कहा कि समूचा देश और हिन्दू समाज आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-परिवार, संत-महंत-धर्माचार्यों, भाजपा व हिन्दूवादी संगठनों के संघर्षों को सम्मान देने और भव्य मंदिर निर्माण के संजोए गए लक्ष्य को साकार करने और राजनीतिक सूझबूझ व दृढ़ इच्छा शक्ति प्रदर्शित कर मंदिर निर्माण के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को साधुवाद दे रहा है।

श्री साय ने कटाक्ष किया कि मंदिर निर्माण के विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त, 2020 अच्छी तरह नोट कर लें क्योंकि वे बार-बार इस तारीख़ की घोषणा के लिए काफ़ी उतावले हो रहे थे।  

मंदिर निर्माण के शुभारंभ पर भाजपा कार्यकर्ता व सभी हिन्दू पूजा-पाठ कर भगवा ध्वज फहराएंगे, दीप प्रज्जवलित करेंगे : भाजपा

मंदिर निर्माण के शुभारंभ पर भाजपा कार्यकर्ता व सभी हिन्दू पूजा-पाठ कर भगवा ध्वज फहराएंगे, दीप प्रज्जवलित करेंगे : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कल 05 अगस्त को अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने जा रहे भूमिपूजन व शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर प्रदेश के सभी भाजपा कार्यकर्ता और सभी हिन्दू सुबह अपने-अपने घरों व प्रतिष्ठानों में पूजन के साथ-साथ रामायण, सुंदरकांड, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा, रामरक्षा स्तोत्र आदि का पाठ करेंगे और भगवा ध्वज फहराएंगे। संध्याकाल में सभी कार्यकर्ता अपने घरों व प्रतिष्ठनों में दीप प्रज्जवलित करके इस अवसर को अविस्मरणीय बनाकर श्री रामलला के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि कल 05 अगस्त को भव्य राम मंदिर निर्माण के शुभारंभ की बेला कोटि-कोटि हिन्दुओं की आकांक्षाओं की विजय का पर्व और सैकड़ों वर्षों की ग़ुलामी के कलंक के धुलने की अविस्मरणीय बेला है। श्री साय ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के प्रति छत्तीसगढ़ भाजपा की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के कार्य में लगातार अवरोध पैदा करने वाले अब जिस तरह दोहरे राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन करने पर उतारू हुए हैं, वह नितांत हास्यास्पद है। श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. मुरलीमनोहर जोशी, विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंघल, पूर्व राज्यपाल व उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती सहित समस्त संत-महंतों व धर्माचार्यों और हिन्दूवादी संगठनों के मंदिर निर्माण आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान को याद कर उन सबका प्रदेश भाजपा की ओर से अभिनंदन भी किया है।
 

भाजपा ने श्री राम मंदिर के नाम पर हिन्दुओ का भावनात्मक शोषण किया- सुशील आनंद शुक्ला

भाजपा ने श्री राम मंदिर के नाम पर हिन्दुओ का भावनात्मक शोषण किया- सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर, कांग्रेस ने भगवान श्री राम मंदिर के शिलान्यास का स्वागत किया है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह अवसर देश के सभी धर्मावलम्बियों के हर्ष और उल्लास का है। श्री राम मंदिर के निर्माण के साथ ही देश मे अमन चैन और भाई चारे के एक नए युग का सूत्र पात भी होगा। उच्चतम न्यायालय के आदेश से यह सम्भव हुआ । श्री राम मंदिर के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने वाली भारतीय जनता पार्टी तो कभी चाहती ही नही थी कि श्री राम का मंदिर बने वह तो श्री राम के मंदिर को जबरिया विवादों में घसीटने की जुगत में लगी रहती थी ताकि राम मंदिर के नाम पर हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण कर अपनी राजनैतिक जमीन मजबूत की जा सके ।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि श्री राम मंदिर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान शून्य रहा है । प्रधानमंत्री होने के अपने रसूख का फायदा उठा कर मोदी मंदिर का शिलान्यास करने जा रहे है जबकि मंदिर का शिलान्यास हिन्दू साधु संतों ,मठाधीशों शंकराचार्यो के कर कमलों से होना था ।

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण के लिए पहला प्रयास 1949 में हुआ था तब देश के प्रधानंत्री पं जवाहर लाल नेहरू थे और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पन्त थे तब 22 और 23 दिसम्बर को पूजा अर्चना कर श्री राम लला की प्रतिमा को गर्भ गृह के अंदर पहुचाया गया था। इसके बाद जब देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और यूपी के मुख्यमंत्री बीरभद्र सिंह थे तब 1986 में जिला न्यायालय फैजाबाद के आदेश से राजीव गांधी ने श्री राममंदिर का ताला खोलवाया था। इसके बाद श्री राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए ही 1989 में जब यूपी के मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी थे तब श्री राम मंदिर का शिलान्यास राजीव गांधी ने साधु संतों के हाथों करवाया था । श्री राजीव गांधी ने 1989 में अपनी चुनावी सभा की शुरुआत भी अयोध्या से करते हुए कहा कि देश मे राम राज्य लाना आवश्यक है उन्होंने श्री राम मंदिर के विवाद के मसले पर कहा था कि यह मामला हल होना देश के समग्र विकास के लिए भी जरूरी है। जब देश के प्रधानमंत्री कांग्रेस के नरसिम्हा राव बने तब उन्होंने श्री राम मंदिर परिसर की जमीन मंदिर के पक्ष में अधिग्रहित करवाया ताकि मंदिर बनने के मार्ग की बाधा दूर हो सके

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राम के नाम पर फर्श से अर्श पर पहुचने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए श्री राम मंदिर हमेशा से एक राजनैतिक मुद्दा रहा यही कारण है कि केंद्र में 1996 तथा 1998 फिर 1999 में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने पूर्ण बहुमत का बहाना बना कर मंदिर बनाने से पल्ला झाड़ लिया 12014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद भी भाजपा राम मंदिर बनाने के नाम पर बंगले झांकती थी ।2019 के लोकसभा चुनाव के समय भाजपा श्री राम मंदिर के नाम का भी उल्लेख नही करना चाहती थी ।साधु संतों श्री राम लला मंदिर कमेटी के प्रयासों से उनके द्वारा प्रस्तुत तर्को से सहमत हो कर सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है ।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को मंदिर निर्माण की कमेटी बनाने के आदेश दिए है तब केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण समिति का गठन किया ।मोदी और भाजपा का मंदिर निर्माण में कोई योग दान नही है ।भाजपा ने तो राम मंदिर के नाम पर देश भर से हजारों करोड़ का चंदा एकत्रित किया जिसका आज तक कोई हिसाब नही दिया ।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी भाजपा ,आरएसएस के किसी भी नेता का यह नैतिक अधिकार नही की वे श्री राम मंदिर का शिलान्यास करे ।श्री राम मंदिर के शिलान्यास का अधिकार राम भक्तो ,साधु संतों का है भाजपा और मोदी अपनी राजनीति चमकाने सन्तो का हक छीन रहे है।
 

रमन सिंह के पास युवाओं को 500 रुपया महीना बेरोजगारी भत्ता देने पैसा नही था लेकिन आरएसएस भाजपा के लोगो को 25 हजार महीना देते थे- धनंजय सिंह ठाकुर

रमन सिंह के पास युवाओं को 500 रुपया महीना बेरोजगारी भत्ता देने पैसा नही था लेकिन आरएसएस भाजपा के लोगो को 25 हजार महीना देते थे- धनंजय सिंह ठाकुर

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह ने भाजपा के 2003 के विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र के 12वीं पास बेरोजगार युवाओं को 500 रुपया प्रति महीना बेरोजगारी भत्ता देने के वादा को पूरा नहीं किया 15 साल में एक आना भी बेरोजगार युवाओं को नहीं दिया।लेकिन आर एस एस भाजपा से जुड़े लोगों को उपकृत करने के लिए मीसा बंदियों को योजना बनाकर 25000 महीना देकर छत्तीसगढ़ के खजाने पर चोट पहुंचाया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि तथाकथित लोकतंत्र सेनानी संघ को लोकतंत्र की चिंता नहीं है।बल्कि लोकतंत्र सेनानी होने का चोला पहनकर आर एस एस भाजपा के अनुवांशिक संगठन की तरह काम कर रहे हैं। आर एस एस के विचारधारा को फैलाने में लगे हुए हैं। पूर्व की रमन सरकार के दौरान अंतागढ़ के उपचुनाव में काला धन और बंदूक के दम पर लोकतंत्र की हत्या की गई इस दौरान भी तथाकथित लोकतंत्र सेनानी मौन थे। बीते 6 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा है । लोगों के मौलिक अधिकारो का हनन किया जा रहा है । ऐसे समय में स्वयंभू लोकतंत्र के सेनानी बीते 6 साल से कहां गायब है ? मोदी भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है । काले धन की थैलियों से खरीदफरोख्त कर निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। देश के नवरत्न महारत्न मिनिरत्न सरकारी कंपनियों को बेचा जा रहा है । रेलवे स्टेशन लाल किला एयरपोर्ट हवाई अड्डे विमानन सेवा भेल गेल सहित अनेक सरकारी कम्पनियों संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का हनन किया जा रहा है मीडिया पर दबाव बनाया जा रहा है सवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे में तथाकथित स्वयम्भू लोकतंत्र के सेनानी क्या मात्र पेंशन लेने के लिए प्रगट होते रहेंगें ? मोदी सरकार के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने से ये तथाकथित सेनानी क्यों डर रहे है? मोदी भाजपा के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को सफल बनाने में तथाकथित सेनानी क्यों जुटे हैं?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि खुद को लोकतंत्र के रक्षक होने की दुहाई देने वाले तथाकथित लोकतंत्र के सेनानियों के चेहरे से नकाब उतर चुका है । जनता इनको पहचान चुकी है । असल मे ये लोकतंत्र के सेनानी नही बल्कि आरएसएस भाजपा के एजेंट है। जो चुनाव के दौरान भाजपा को लाभ पहुँचाने जनता के बीच भ्रम का मायाजाल बुनते है । मनगढ़ंत और झूठी कहानियां गढ़कर भाजपा से मिलने वाले नोट के बदले वोट दिलाते हैं।
 

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भाजपा की बपौती नहीं, सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति के है आराध्य - घनश्याम तिवारी

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भाजपा की बपौती नहीं, सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति के है आराध्य - घनश्याम तिवारी

रायपुर, देश के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट निर्णय के बाद अयोध्या में प्रभु श्री राम जी के मंदिर निर्माण पर हर भारतीय को हर्ष, प्रसन्नता और गर्व की अनुभूति हो रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी हमारी आस्था का प्रतीक हैं मगर भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार इस निर्माण भूमिपूजन कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने में लगी है।


छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि, भारत मे सनातन धर्म को मानने वाला देश का हर नागरिक श्री राम भक्त है, भाजपा राम भक्त होने का प्रमाण पत्र बांटने की कोशिश ना करे। छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम जी का ननिहाल माता कौशल्या की धरती है। भगवान श्री राम जी वनवास के 14 साल में 12 साल छग से जुड़े हैं। 15 वर्षों तक भाजपा सत्ता पर रही रमन सिंह मुख्यमंत्री रहे उनके मंत्री मंडल में बृजमोहन अग्रवाल जी पर्यटन, संस्कृति धर्मस्व जैसे विभिन्न विभागों के मंत्री रहे परंतु कभी भी छत्तीसगढ़ की पहचान माता कौशल्या की धरती, श्री राम वनपथ गमन को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने कोई प्रयास नहीं किये और आज समूची भाजपा प्रभु श्री राम के नाम पर राजनीति पर उतारू है। छत्तीसगढ की जनता इसे लेकर पूर्ववर्ती रमन सरकार और भाजपा को कभी माफ नही करेगी।
 

आबकारी विभाग में युकां नेता की ज़बरिया दख़लंदाज़ी सत्तावादी अहंकार और बदमिज़ाज़ी का शर्मनाक प्रदर्शन : भाजयुमो

आबकारी विभाग में युकां नेता की ज़बरिया दख़लंदाज़ी सत्तावादी अहंकार और बदमिज़ाज़ी का शर्मनाक प्रदर्शन : भाजयुमो

रायपुर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने आबकारी विभाग में युवक कांग्रेस नेता की ज़बरिया दख़लंदाज़ी की निंदा करते हुए इसे कांग्रेस के सत्तावादी अहंकार और बदमिज़ाज़ी का शर्मनाक प्रदर्शन बताया है। श्री शर्मा ने कहा कि जबसे प्रदेस में कांग्रेस सत्ता में आई है, प्रदेश में कांग्रेस के लोग प्रशासन में घुसपैठ कर अधिकारियों को धमकाने व उन पर दबाव बनाकर अपनी मनमानी चलाने की अनधिकृत चेष्टा करने में लगे हैं, जिसके कारण प्रदेश में एक अलग तरह की अराजकता का माहौल बनने लगा है।


भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि अभनपुर आबकारी वृत्त की प्रभारी अधिकारी द्वारा युवक कांग्रेस नेता लोकेश वशिष्ठ के ख़िलाफ़ शासकीय कार्य में बाधा डालने और फोन पर धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज़ कराना यह साबित करता है कि कांग्रेस के लोग सत्तावादी अहंकार में कितना चूर हैं! ज़ाहिर है, पानी जब सिर से ऊपर गुजरने लगा, तब अधिकारी ने संत्रस्त होकर यह रिपोर्ट पुलिस में दर्ज़ कराई है। श्री शर्मा ने कहा कि एक तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस सत्ता में आने के बाद से ही बदनीयती, कुनीतियों और नेतृत्वहीनता के दौर से गुज़र रही है, ऊपर से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ख़ुद को प्रदेश का भाग्यविधाता मानने की ग़लतफ़हमी पालकर बैठ गए हैं और गाहे-ब-गाहे अपनी ऐसी अनधिकृत चेष्टाओं से प्रदेश में राजनीतिक अराजकता का माहौल बना रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व और प्रदेश सरकार का अपने बे-लग़ाम होते जा रहे कार्यकर्ताओं पर कोई नियंत्रण ही नहीं रह गया है और वे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को अपनी मर्ज़ी के मुताबिक चलाने को उतावले हुए जा रहे हैं।


भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि एक तो प्रदेश सरकार और कांग्रेस के नेतृत्व में प्रदेश में राजनीतिक प्रतिशोध और मनमानी की नित-नई मिसालें गढ़ी जा रही हैं, विरोध में आवाज़ उठाने पर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं व मीडिया कर्मियों पर क़ानून का डंडा घुमाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के लोग पूरे प्रदेशभर में जो तांडव मचाए बैठे हैं, उस पर न तो कांग्रेस, न प्रदेश सरकार और न ही प्रशासन की ओर से कोई अंकुश लगाया जा रहा है। श्री शर्मा ने प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत दी है कि वे अपने कार्यकर्ताओं के आचरण को मर्यादित करने की चेष्टा करें, अन्यथा प्रदेश में इसके चलते जो अराजकता का नज़ारा पेश होगा उसके लिए प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेतृत्व ही पूरी तरह ज़िम्मेदार रहेगा।
 

15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे

15 साल मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे

रायपुर, मीसा बंदी पेंशन योजना बन्द किये जाने पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि मीसा बंदी पेंशन योजना बन्द करना छत्तीसगढ़ हित और जनहित में लिया गया फैसला है। पूर्व की रमन सरकार ने 2008 में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को पालने पोषने सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया।बीते 12 साल में सरकारी खाजने पर 100 करोड़ से अधिक की राशि का बंदरबाट किया।100 करोड़ की राशि जो छत्तीसगढ़ के किसानों नोजवानो मजदूरों महिलाओं के स्वास्थ शिक्षा रोजगार सुरक्षा पर खर्च किया जाता। रमन सिंह के 15 साल के शासनकाल में प्रतिदिन फसल खराब होने उपज की सही कीमत नही मिलने से हताश परेशान कर्ज से दबे प्रतिदिन दो किसान आत्महत्या करते थे। किसान के बच्चे भूख प्यास से तड़पते रहे किसान के बुजुर्ग माता-पिता को दवाई नहीं मिल पाती थी ,किसान के बेटे बेटियों को सही शिक्षा नहीं मिल पाई अस्पतालों में दवाइयां स्वास्थ सुविधाओं की कमी रही स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर होती गई और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बीते 6 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा है । लोगों के मौलिक अधिकारो का हनन किया जा रहा है । ऐसे समय में स्वयंभू लोकतंत्र के सेनानी बीते 6 साल से कहां गायब है ? मोदी भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है । काले धन की थैलियों से खरीदफरोख्त कर निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। देश के नवरत्न महारत्न मिनिरत्न सरकारी कंपनियों को बेचा जा रहा है । रेलवे स्टेशन लाल किला एयरपोर्ट हवाई अड्डे विमानन सेवा भेल गेल सहित अनेक सरकारी कम्पनियों संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का हनन किया जा रहा है मीडिया पर दबाव बनाया जा रहा है सवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे में तथाकथित स्वयम्भू लोकतंत्र के सेनानी क्या मात्र पेंशन लेने के लिए प्रगट होते रहेंगें ? मोदी सरकार के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने से ये तथाकथित सेनानी क्यों डर रहे है? मोदी भाजपा के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को सफल बनाने में तथाकथित सेनानी क्यों जुटे हैं?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि खुद को लोकतंत्र के रक्षक होने की दुहाई देने वाले तथाकथित लोकतंत्र के सेनानियों के चेहरे से नकाब उतर चुका है । जनता इनको पहचान चुकी है । असल मे ये लोकतंत्र के सेनानी नही बल्कि आरएसएस भाजपा के एजेंट है। जो चुनाव के दौरान भाजपा को लाभ पहुँचाने जनता के बीच भ्रम का मायाजाल बुनते है । मनगढ़ंत और झूठी कहानियां गढ़कर भाजपा से मिलने वाले नोट के बदले वोट दिलाते हैं| 

कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री का ‘मोदी विरोध’ का एजेंडा राजनीतिक कृतघ्नता की शर्मनाक मिसाल है : डॉ. रमन

कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री का ‘मोदी विरोध’ का एजेंडा राजनीतिक कृतघ्नता की शर्मनाक मिसाल है : डॉ. रमन

रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब ओछी राजनीति छोड़कर देश व प्रदेश के हित को सर्वोपरि मानकर काम करने की नसीहत दी है। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल को संघीय ढाँचे का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम करना चाहिए और हर मामले में ‘विरोध के लिए विरोध’ की मानसिकता त्यागकर अनर्गल राजनीतिक प्रलाप से बचना चाहिए। यही उनके पद की गरिमा के अनुकूल राजनीतिक आचरण का तकाजा है।


भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के निवेदन पर हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित आठ में से पाँच कोल ब्लॉक की नीलामी रोकने की घोषणा करके केंद्र सरकार ने जिस तरह छत्तीसगढ़ के हितों को ध्यान में रखने के उदार दृष्टिकोण का परिचय दिया है, मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आचरण से यह सीख हृदयंगम कर लेना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने अपने पूरे कार्यकाल में राजनीतिक प्रतिशोध, झूठी वाहवाही कराके अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनने और अनर्गल प्रलाप की जो मिसाल पेश की है, उससे परे होकर अब राज्य के हित को सामने रखकर उन्हें केंद्र के साथ मिलकर काम करने का अभ्यास करना चाहिए। इस मामले में उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी सीख ले लेनी चाहिए जो गंभीर राजनीतिक मतभेदों के बावज़ूद कुछ विषयों पर केंद्र सरकार के निर्णयों की सराहना करने में ज़रा भी कृपणता नहीं दिखाते।


भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना संकट के मद्देनज़र ग़रीबों को तीन माह के लिए मुफ़्त राशन देने की मांग केंद्र सरकार से की और केंद्र सरकार ने पाँच माह तक मुफ़्त राशन देने की घोषणा की है, अब यह प्रदेश सरकार की नाकामी है कि न तो वह पूरा राशन तक उठा पा रही है और न ही ग़रीबों को उसका समय पर वितरण करा पा रही है। राज्य की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ज़्यादा रहता है। क्या उन्हें अपनी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की राजनीतिक समझ पर संदेह है? डॉ. सिंह ने कहा कि चाहे कश्मीर का मुद्दा रहा हो या राफेल विमान सौदे का या फिर चीन के साथ विवाद का, मुख्यमंत्री के इन विषयों पर बयानों से यही प्रतिध्वनित होता रहा है कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के हित में प्रदेश सरकार की बातों को चाहे जितनी संज़ीदगी से ले, प्रदेश के कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री मिलकर जिस तरह ‘मोदी विरोध’का एजेंडा चला रहे हैं, वह राजनीतिक कृतघ्नता की शर्मनाक मिसाल है।
 

 आम आदमी पार्टी 1 अगस्त से 10 अगस्त तक करेगी डिजिटल युवा आंदोलन

आम आदमी पार्टी 1 अगस्त से 10 अगस्त तक करेगी डिजिटल युवा आंदोलन

रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ 1 अगस्त से 10 अगस्त तक डिजिटल युवा आंदोलन करने जा रही है। आपको बता दे की आम आदमी पार्टी विगत 24 जून से 14580 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर आंदोलनरत है। प्रदेश के नेताओं द्वारा आमरण अनशन किया गया लेकिन इस विषय पर सरकार द्वारा किसी प्रकार का कोई भी ठोस आश्वासन नही दिया गया और उल्टा आमरण अनशन कर रहे नेताओं को पुलिस बल के दम पर गिरफ्तार कर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। इसके लिए आम आदमी पार्टी अनशन समाप्त अब आंदोलन होगा तेज करने का निश्चय किया है ।

जिला अध्यक्ष कमल नारायण नायक ने कहा की आम आदमी पार्टी 1 अगस्त से 10 अगस्त तक डिजीटल युवा संवाद करेगी। वही अन्य स्थानीय नेता एकांत अग्रवाल ने कहा है कि हमने गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर आंदोलन किया लेकिन, अब हम भगत सिंग के सिद्धांतों से  इस कांग्रेस की सरकार को जगायेंगे। 

छत्तीसगढ़ प्रदेश के युवाओं के रोजगार एवं 14580 चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आम आदमी पार्टी के डिजिटल युवा आंदोलन की रूपरेखा 1 अगस्त से 10 अगस्त तक- 

1 अगस्त को टि्वटर ट्रेंड होगा, 2 अगस्त को फेसबुक लाइव, 3 अगस्त को फेसबुक पर आंदोलन की मांगों पर वीडियो अपलोड, 4 अगस्त को अब तक की मीडिया कवरेज को  वायरल करना, 5 अगस्त को आंदोलन की अगली रणनीति को वायरल, 6 अगस्त को  प्रदेश अध्यक्ष का बहुत महत्वपूर्ण इंटरव्यू का फेसबुक से सीधा प्रसारण, 7 अगस्त से  9 अगस्त तक आपका युवा चौपाल और सोशल मीडिया पर उसका वायरल, 10 अगस्त को प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी जी का छत्तीसगढ़ के युवाओं के नाम खुला पत्र और वायरल करना

प्रदेश उपाध्यक्ष-यूथ विंग 
डागेश्वर भारती ने डिजिटल युवा आंदोलन में सभी युवा साथियों को ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र, जानिये क्या है पत्र में ...

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र, जानिये क्या है पत्र में ...

रायपुर, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रधानमंत्री आवास योजना के संदर्भ में पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए डा. सिंह ने राज्य सरकार पर गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

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पूर्व मुख्यमंत्री डा. सिंह ने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी को घर देने का लक्ष्य रखा है। उनकी सरकार में इस योजना का ठीक क्रियान्वयन हो रहा था, लेकिन सरकार बदलते ही इस योजना का पर ग्रहण लग गया। राज्य ने अपने हिस्से की राशि केंद्र को देनी बंद कर दी। 2018-19 का 792 करोड़ और 2019-20 का 762 करोड़ यानि कुल 1554 करोड़ रुपये की हिस्से की राशि नहीं दिया है, जिसके कारण केंद्र सरकार ने आगामी किस्त की राशि राज्य सरकार को जारी नहीं की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की राशि का प्रावधान भी प्रदेश के बजट में नहीं किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की राशि का प्रावधान भी प्रदेश के बजट मंड नहीं किया गया है। डा. सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य अपना अंश तत्काल उपलब्ध कराये, वहीं प्रदेश के बजट में भी प्रर्याप्त राशि का प्रावधान करें।


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भूपेश बघेल की सरकार वादे पूरे करने वाली सरकार- शैलेश नितिन त्रिवेदी

भूपेश बघेल की सरकार वादे पूरे करने वाली सरकार- शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन का आदेश जारी किए जाने का स्वागत करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार वादे पूरे करने वाली सरकार है। करोना संक्रमण के कारण तमाम वित्तीय परेशानियों के बावजूद शिक्षाकर्मियों का संविलियन का आदेश जारी करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। 2003 में भाजपा की सरकार शिक्षाकर्मियों के संविलियन का वादा करके बनी थी लेकिन भाजपा ने 2003 से लेकर 2018 तक शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए एक रुपए की राशि का भी प्रावधान नहीं किया। शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा तो की गई लेकिन बिना किसी वित्तीय प्रावधान के। 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए राशि की व्यवस्था भी की गई और शिक्षाकर्मियों का संविलियन भी किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में भी कांग्रेस सरकार का अपने वादे पूरे करने के प्रति प्रतिबद्धता है।

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कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लोग अभी भी रमन सिंह सरकार की वादाखिलाफी और मतदाताओं से धोखाधड़ी को भूले नहीं है।रमन सिंह सरकार के 15 साल धोखाधड़ी से भरे रहे और 5 हॉर्स पावर पंपों की मुफ्त बिजली, 5 साल तक 300 बोनस, धान का 2100 रुपए समर्थन मूल्य, हर आदिवासी परिवार से एक युवा को नौकरी, बेरोजगारी भत्त, हर आदिवासी परिवार को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय जैसे वादों को नहीं निभा कर भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के साथ 15 साल तक धोखाधड़ी की जिसके परिणाम स्वरूप ही छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने भाजपा को 15 सीटों पर सीमित कर दिया।


शिक्षाकर्मियों के संविलियन का स्वागत करते हुए कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के नेता लगातार शिक्षाकर्मियों की लड़ाई का समर्थन करते रहे और आज अंतत: कांग्रेस की सरकार भूपेश बघेल की सरकार ने शिक्षाकर्मियों से किया गया वादा पूरा कर दिखाया।


कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस तरह से भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों की कर्ज माफी, किसानों को 2500 समर्थन मूल्य और शिक्षाकर्मियों के संविलियन, तेंदुपत्ता का दाम 2500 से बढ़कर 4000 करना, बस्तर के किसानों की जमीन वापसी जैसे महत्वपूर्ण वादों को तमाम वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद पूरा किया है।उससे इस बात का पूरा भरोसा राज्य की जनता को है कि नौकरियों में भर्ती की जो प्रक्रिया शुरू की गई थी और करोना संकट के कारण आई कठिनाइयों के बावजूद उस प्रक्रिया को भी पूरा करने की दिशा में भूपेश बघेल सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।

 

रमन सरकार का 15 साल का कार्यकाल छत्तीसगढ़ के विकास के लिए नुकसानदेह रहा- धनंजय ठाकुर

रमन सरकार का 15 साल का कार्यकाल छत्तीसगढ़ के विकास के लिए नुकसानदेह रहा- धनंजय ठाकुर

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने अब सच्चाई स्वीकार कर ली है कि रमन सरकार के 15 साल के कार्यकाल के कारण छत्तीसगढ़ का डेवलपमेन्ट और बीते 6 साल के मोदी सरकार के कार्यकाल के वजह से देश की अर्थव्यवस्था रोजगार कारोबार अमन चैन शांति सब तबाह हुआ। 15 साल के रमन सिंह के शासनकाल के दौरान छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं हुई थी। 3000 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया ।आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर कब्जा करने पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को प्राप्त अधिकारों पेशा कानून और फॉरेस्ट राइट एक्ट का खुला उल्लंघन हुआ था। विकास कार्यों के नाम से मात्र भ्रष्टाचार किया गया गरीबों के मकान दुकान पर बुलडोजर चलाए गए।शासकीय नौकरियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचा गया था छत्तीसगढ़ के खनिज संपदा का दोहन किया गया लेकिन छत्तीसगढ़ को लाभ नहीं मिला उस दौरान मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह और उनके परिवार पर लगातार भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगते रहे।पूरी भाजपा कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार करने में मशगूल रही। रमन सरकार के दौरान किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया गौ माता के नाम से प्राप्त अनुदान पर भाजपाइयों ने भारी भ्रष्टाचार किया है।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ मं लचर स्वास्थ्य व्यवस्था नकली दवाइयों के कारण नसबंदी कांड गर्भाशय कांड ऑंखफोड़वा कांड जैसे गंभीर कांड हुए थे जिसमे मासूम बच्चो के सिर से मां का आचंल छीन गया था। झीरम घाटी कांड हुई जिसमें कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं निर्मम हत्या हुई। अंतागढ़ उपचुनाव में लोकतंत्र की हत्या, पनामा पेपर्स मामला और भाजपा नेताओं के नक्सलियों के साथ गांठ उजागर हुए थे।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार छत्तीसगढ़ के संस्कृति परंपरा संस्कार स्वाभिमान के अनुरूप काम कर रही है। भाजपा इसी का निरंतर विरोध कर रही है। किसानों के कर्ज माफी बिजली बिल हाफ सिंचाई कर माफ धान की कीमत 2500 प्रति क्विंटल, आदिवासियों की 4 हजार एकड़ जमीन को वापस लौट आना तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 से बढ़ाकर ?4000 प्रति बोरा करना, 25 से अधिक वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी करना, बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाना, बस्तर के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर एनएमडीसी के भर्ती प्रक्रिया शुरू करना 15000 शिक्षकों की भर्ती 3000 पुलिस विभाग की भर्ती, नर्सों की भर्ती सहित राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए धान गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों के अलावा आने वाले दिनों में दलहन तिलहन और भूमिहीन किसानों को योजना के माध्यम से जोड़कर लाभ पहुंचाना। गोधन योजना के माध्यम से पशुपालकों से गोबर की खरीदी करना किसानों को सस्ते दरों में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर देना पशुधन के लिए चारा पानी दवाई की व्यवस्था करना सहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के जनकल्याणकारी कार्यो को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दा विहीन हो चुकी है ।
 

राज्य सरकार के निकम्मेपन के कारण राज्यपाल को हस्तक्षेप करना पड़ा : बृजमोहन अग्रवाल

राज्य सरकार के निकम्मेपन के कारण राज्यपाल को हस्तक्षेप करना पड़ा : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर, विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार पर आदिवासी, जनजाति विरोधी होने का आरोप लगाया है। बृजमोहन ने कहा है कि, कांग्रेस सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाले सुरक्षा और सुविधा मूलक योजनाओं को एक-एक कर बंद कर दिया है। बीमा की अनेक योजनाएं बंद कर दी गई हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका हक उनका खुद का पैसा 2 सीजन का बोनस नहीं दिया गया है। प्राथमिक समितियों को लाभांश नहीं दिया गया है। दो सत्रों से छात्रवृत्ति योजना की राशि बच्चों को नहीं मिली है। प्रदेश में 13 लाख 50 हजार संग्राहक संख्या है। संग्राहक परिवारिक सदस्यों की संख्या 18 लाख 38 हजार है। इसमें सर्वाधिक संख्या वनांचल में रह रहे आदिवासी समाज के लोग हंै। इन सब के लिए कांग्रेस सरकार ने एक भी बीमा योजना चालू नहीं की है, बल्कि पूर्व में भाजपा सरकार में चल रही योजनाऐ भी इस सरकार की लापरवाही की बलि चढ़ गई व बंद हो गई है। शासन, आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं और संस्थाओं के 1000 करोड़ से भी अधिक की राशि बैंक में जमा कर ब्याज कमा रही है। इसमें 597 करोड़ रुपए आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं को वितरित करने वाली राशि है,लेकिन कांग्रेस सरकार आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहकों को न तो बोनस दे रही है, न उनका बीमा करा रही है और न ही उनके बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति जारी कर रही है। अपने हक के पैसे के लिए आदिवासी समाज दर दर भटक रहा हैं। पूरी सरकार मूकदर्शक की भूमिका में है। सरकार के निकम्मेपन के कारण इस विषय में राज्यपाल को नाराजगी व्यक्त करनी पड़ी है। संस्था के उन समितियों और संग्राहकों को कम से कम अभी तो कोविङ आपदा के समय में मानवीय आधार पर बोनस राशि का वितरण तत्काल प्रभाव से कर देना चाहिए। सिर्फ ब्याज प्राप्त करने के लिए राशि रोककर रखना उचित नहीं है। प्राथमिक समितियों को लाभांश की राशि भी सरकार नहीं दे रही है। 31मार्च 2019 की स्थिति में उक्त राशि 432 करोड़ रुपए है। बीमा योजना के संबंध में जानबूझ कर की गई लापरवाही के कारण लाखों आदिवासी संग्राहक परिवारों का भी हित प्रभावित हुआ है। तेंदूपत्ता के बोनस नहीं मिल पाने के कारण आदिवासी परिवारों के सामने इस कोरोना काल में आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। आदिवासी हितों का ढिढ़ोरा पीटने वाली कांग्रेस सरकार प्रदेश के आदिवासी, जनजाति परिवार के साथ अन्याय कर रही है। आदिवासी हितों के लिए भाजपा की पूर्व सरकार की सारी योजनाएं बंद कर दी गई है। 

बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के बजाय प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के त्योहारों के राजनीतिकरण के मोह में उलझी है

बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के बजाय प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के त्योहारों के राजनीतिकरण के मोह में उलझी है

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने सड़कों पर हो रही मवेशियों की मौत के लिए प्रदेश सरकार और उसके प्रशासन तंत्र को ज़िम्मेदार ठहराते हुए इसमें प्रदेश में गौ-वंश के सफाए के षड्यंत्र की आशंका जताई है। श्री शर्मा ने कहा कि गौ-वंश की रक्षा न कर पाना प्रदेश सरकार के कृषि-विरोधी चरित्र का परिचायक है। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के हर पारंपरिक त्योहारों का राजनीतिकरण करके प्रदेश की संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के साथ निंदनीय खिलवाड़ करने पर आमादा हैं, वहीं गौ-धन न्याय योजना और ‘रोका-छेका’ की एक नई सियासी नौटंकी खेलकर वे अपने दोहरे राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि लगातार दो दिनों से गौ-वंश की हुई अस्वाभाविक मौतों ने सरकार और प्रशासन तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। महासमुंद ज़िला मुख्यालय से सटे झालखम्हरिया में शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर 13 गायों को अज्ञात वाहन द्वारा रौंदकर मार दिए जाने की दर्दनाक घटना के बाद बलौदाबाजार में 16 गायों की तड़प-तड़पकर हुई मौत प्रदेश के लिए कलंकपूर्ण है। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अमूमन सभी त्योहार कृषि और पशुधन से जुड़े होते हैं लेकिन प्रदेश सरकार इन त्योहारों का राजनीतिकरण करने में जितनी मशगूल है, उतनी गंभीर वह प्रदेश के पशुधन की रक्षा के लिए होती तो सड़कों पर पशुधन यूँ काल के गाल में नहीं समाता। प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं के नाम पर सियासी लफ्फाजियों से बाज आकर उन पर ज़मीनी तौर पर संजीदगी के साथ काम करे। श्री शर्मा ने कहा कि पिछले दो दिनों में सामने आईं इन ख़बरों ने प्रदेश सरकार की रोका-छेका योजना को लेकर सवाल उठाए हैं और अब यह आशंका भी बलवती होती जा रही है कि कहीं यह प्रदेश में पशुधन का सफाया करने का कोई बड़ा षड्यंत्र तो अमल में नहीं लाया जा रहा है?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल को अपनी सियासी नौटंकियों से इतना अधिक मोह है कि कोरोना जैसे महासंकट के काल में भी इसे छोड़ना उन्होंने जरूरी नहीं समझा। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के विस्फोटक फैलाव के बीच जब पूरा प्रदेश जब एक मत से राज्यभर में संपूर्ण लॉकडाउन की ज़रूरत महसूस कर रहा है, घर-घर शराब बिकवाने और पहुँचाने वाली प्रदेश सरकार ने अपने न्यस्त राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करने लॉकडाउन को विलंबित करने का फैसला लिया ताकि हरेली जैसे त्योहार को वह अपने राजनीतिक मक़सद साधने में इस्तेमाल कर सके। श्री शर्मा ने हैरत जताई कि रोका-छेका योजना शुरू हुए एक माह का समय बीत जाने के बावज़ूद प्रदेशभर की सड़कों और गलियों-मोहल्लों में घुमंतू मवेशियों के झुंड अगर नज़र आ रहे हैं, वे हादसों के शिकार होकर मौत के मुँह में समा रहे हैं तो इस नाकारेपन के लिए किसे ज़िम्मेदार माना जाएगा? सरकार ने साफ-साफ कहा था कि 30 जून के बाद अगर कोई मवेशी निकाय क्षेत्र में अनियंत्रित खुले में घूनता हुआ पाया गया तो उसके लिए संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी ज़िम्मेदार होंगे और पशुपालकों पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने रोका-छेका योजना का सिर्फ़ नारा ही दिया पर उसके लिए आवश्यक संसाधन की व्यवस्था करने के बजाय अफ़सरों पर इसकी ज़िम्मेदारी डालकर वह बेफ़िक़्र हो गई है। बिना विज़न के ऐसी आधी-अधूरी तैयारियों के साथ प्रदेश सरकार झूठे आँकड़ों के सहारे नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का सिर्फ़ जुबानी जमाखर्च कर रही है। प्रदेश सरकार पहले मवेशियों के चारे-पानी के इंतज़ाम की व्यवस्था करे, उसके बाद मवेशियों को रोकने-छेकने की कोशिश करे। आपसी रंजिश और अफ़परशाही की लापरवाही के चलते अगर पशुधन अगर यूँ ही दम तोड़ने के लिए मज़बूर होंगे तो फिर खेती-किसानी और उससे जुड़े पारंपरिक पर्वों का महत्व ही क्या रह जाएगा और तब सरकार किसका राजनीतिकरण करेगी? श्री शर्मा ने कहा कि नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी योजना के बुरे हश्र के बावज़ूद प्रदेश सरकार गौठानों की बदइंतज़ामी-बदहाली के ज़मीनी सच को अनदेखा कर रही है, महासमुंद और बलौदाबाजार की दर्दनाक घटनाएँ इस बात की तस्दीक करने के लिए पर्याप्त हैं। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने और नित नई योजनाओं के नारे देकर भरमाने में लगी है।
 

यूपी चुनाव में अपने ये तीनों एजेंडे हल करने के बाद उतरेगी भाजपा

यूपी चुनाव में अपने ये तीनों एजेंडे हल करने के बाद उतरेगी भाजपा

नई दिल्ली, साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे के साथ उतरेगी। पार्टी की योजना चुनाव से पूर्व अपने तीनों अहम एजेंडे को अमली जामा पहना देने की है। राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का एजेंडा पूरा कर चुकी भाजपा की योजना इस चुनाव से पूर्व समान नागरिक संहिता लागू करने के अपने तीसरे अहम एजेंडे को अमली जामा पहनाने की है। इसके बाद पार्टी चुनाव मैदान में जो कहा वो किया के नारे के साथ मैदान में उतरेगी।


गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सिलसिला पांच अगस्त से भूमि पूजन के साथ शुरू होगा। भूमि पूजन ऐसे समय में हो रहा है जब बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। मंदिर निर्माण में तीन से चार साल का वक्त लगेगा। ऐसे में पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ही नहीं बल्कि साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक इस मुद्दे का साथ मिलेगा। बहुत संभावना है कि मंदिर निर्माण का काम लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही हो जाए।

समान नागरिक संहिता के लिए अभियान
संघ सूत्रों के मुताबिक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद केलिए आने वाला साल 2021 बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसी साल तीन तलाक विरोधी अभियान की तर्ज पर समान नागरिक संहिता बहाल करने की मुहिम छिड़ेगी। संघ के एजेंडे में इसी साल के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध का भी एजेंडा शामिल है। संघ सूत्रों का कहना है कि पहले दो एजेंडे राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 को अमली जामा पहनाने की राह आसान नहीं थी। जबकि समान नागरिक संहिता की राह अपेक्षाकृत आसान है। सुप्रीम कोर्ट और कुछ राज्य के हाईकोर्ट इसके समर्थन में कई बार पहले भी टिप्पणी कर चुके हैं।

काशी-मथुरा पर रुख साफ नहीं
फिलहाल संघ का काशी-मथुरा को ले कर रुख साफ नहीं है। विश्व हिंदू परिषद चाहता है कि अब इस मामले में आगे बढ़ा जाना चाहिए। हालांकि इस पर फिलहाल आम सहमति नहीं है। संघ सूत्रों का कहना है कि फिलहाल दोनों ही मामलों में एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। इस अर्जी में वर्ष 1991 के कानून के तहत इन पूजा गृहों को मिले संरक्षण को चुनौती दी गई है। फिलहाल निगाहें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर है।

 

वेतन काटकर कोरोना के ख़िलाफ़ जंग को कमज़ोर और सफाई कर्मियों का मनोबल तोड़ने का काम कर रही सरकार : सुंदरानी

वेतन काटकर कोरोना के ख़िलाफ़ जंग को कमज़ोर और सफाई कर्मियों का मनोबल तोड़ने का काम कर रही सरकार : सुंदरानी

रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने राजधानी के अंबेडकर अस्पताल में बने कोविड-19 अस्पताल के सफाई कर्मियों द्वारा दो दिन का वेतन काटे जाने के ख़िलाफ़ की गई हड़ताल को प्रदेश सरकार की निरी अमानवीयता और संवेदनहीनता का दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम बताया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश सरकार ख़ुद तो कोरोना की रोकथाम के मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है, और जो लोग अपना सबकुछ दाँव पर लगाकर कोरोना से लोगों को सुरक्षित रखने का काम कर रहे हैं, उन्हें इस तरह प्रताड़ित कर कोरोना के ख़िलाफ़ जारी जंग को कमज़ोर करने और कोरोना वॉरियर्स का मनोबल तोड़ने का शर्मनाक कृत्य कर रही है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल डींगें हाँकते नहीं थकते कि लॉकडाउन में भी प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा और दूसरी तरफ कोरोना से लड़ने के लिए फंड मांगने पर प्रदेश की माली हालत खराब होने का रोना रोकर केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रलाप पर उतारू हो जाते हैं। श्री सुंदरानी ने कहा कि ऐसे दोहरे राजनीतिक चरित्र के साथ मुख्यमंत्री बघेल द्वारा एम्स के कोरोना वॉरियर्स पर फूल बरसाए जाने पर अपनी ओर से अंबेडकर अस्पताल के कोरोना वॉरियर्स पर फूल बरसाना महज़ एक नौटंकी से अधिक कुछ नहीं था, यह इसी अंबेडकर अस्पताल के सफाई कर्मियों का पूरे महीने काम करने के बावज़ूद दो दिन का वेतन काट कर प्रदेश सरकार ने साफ़ कर दिया है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल और उनके सुर में सुर मिलाने वाले कांग्रेस के नेता जब-तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति की बेहतरी की शेखी बघारकर तरह-तरह के आँकड़ों का जाल बिछाने में लगे रहते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल अगर सफाई कर्मियों के दो दिन का वेतन की कटौती तक नहीं रोक पाते हैं तो फिर सरकारी दावों के ढोल की पोल साफ नज़र आ जाती है। श्री सुंदरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस नेता दावा करते हैं कि जब पूरा देश आर्थिक मंदी के दौर में था तब भी छत्तीसगढ़ में कहीं मंदी नहीं थी, प्रदेश में जीएसटी का कलेक्शन भी बेहतर है, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया तक छत्तीसगढ़ की अर्थ-व्यवस्था की तारीफ़ कर चुका है; तो फिर सरकार के सामने ऐसी क्या नौबत आ गई कि उसे सफाई कर्मियों का वेतन काटना पड़ा?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि जो सफाई कर्मचारी अपना सबकुछ दाँव पर लगाकर कोरोना की लड़ाई लड़ रहे हैं, प्रदेश सरकार ने उनका बीमा तक तो नहीं कराया है, उनको कोई विशेष सुविधाएँ व सुरक्षा के संसाधन तक मुहैया नहीं कराए गए हैं और अब पूरे महीने काम कर चुके सफाई कर्मियों का दो दिन का वेतन काट कर प्रदेश सरकार न केवल कोरोना वॉरियर्स का अपमान कर रही है, अपितु उनका शोषण करके उनके प्रति अत्याचार की पराकाष्ठा कर रही है। श्री सुंदरानी ने चेतावनी दी है कि प्रदेश सरकार और उसकीनौकरशाही सफाई कर्मियों की वेतन कटौती का निर्णय तुरंत वापस ले अन्यथा समय आने पर प्रदेश सरकार को इसकी भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
 

संसदीय सचिव नियुक्ति पर अमित जोगी ने ट्विट कर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

संसदीय सचिव नियुक्ति पर अमित जोगी ने ट्विट कर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

रायपुर,जनता कांग्रेस के प्रमुख अमित जोगी जी ने एक ट्विट करते हुए कहा कि प्रदेश में संसदीय सचिव, निगम-मंडल अध्यक्ष जैसे सफ़ेद हाथियों से कहीं ज़्यादा छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए शिक्षक और पुलिस बल ज़रूरी हैं।इनको लाल बत्ती बाँटने के पहले प्रदेश सरकार को पिछले कई सालों से मजधार में अटकी 14580 शिक्षकों, 48761 पुलिस बल के उम्मीदवारों की पदस्थापना, 417 CAF वेटिंग लिस्ट को जोईनिंग, 1756 विद्यामितानों, 1092 व्यावसायिक प्रशिक्षकों, 16802 प्ररकों, जनभागीदारी और अतिथि शिक्षकों को नियमित कर देने के आदेशों में अपना दस्तख़त कर देना चाहिए। वैसे भी उच्च न्यायालय ने 13.4.18 को संसदीय सचिवों की तमाम शक्तियों, सुविधाएं और मंत्रियों के रूप में काम करनेपर रोक लगा दी है। साथ में संसदीय सचिवों को शपथ दिलाने के पहले श्री भूपेश बघेल जी के अधिकृत मंत्री श्री मो. अकबर को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी अनु. 136 की याचिका वापस ले लेना था जिसमें उन्होंने इस पद को निरस्त करने की माँग करी है। 

अनसन का ग्यारहवा दिन: अंतिम सांस तक गांधी जी के सत्याग्रह की राह पर जारी रहेगा आंदोलन- तेजेन्द्र तोड़ेकर

अनसन का ग्यारहवा दिन: अंतिम सांस तक गांधी जी के सत्याग्रह की राह पर जारी रहेगा आंदोलन- तेजेन्द्र तोड़ेकर

रायपुर,आम आदमी पार्टी का आज अनसन का ग्यारहवा दिन है और आम आदमी पार्टी अपने इस अनसन पर अडिग है कि जबतक चयनित शिक्षकों की नियुक्ति नही हो जाती एवम प्रदेश के सभी विभागों के रिक्त पदों पर शिक्षित बेरोजगारों की भर्ती की प्रक्रिया की पहल नही की जाती ये अनसन जारी रहेगा ।

आंदोलन को जनजन तक पहुचाने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जिलेवार रायपुर प्रदेश कार्यालय अनसन स्थल पहुच कर एक दिवसीय उपवास कर इस आंदोलन को समर्थन देंगे जिसमे चौदह जुलाई को गरियाबंद जिले के पदाधिकारी रायपुर पहुच कर एकदिवसीय उपवास पर बैठेंगे, पन्द्रह जुलाई बेमेतरा जिले के पदाधिकारी एक दिवसीय उपवास करेंगे,सोलह जुलाई बालोद जिले के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ,सत्रह जुलाई को राजनांदगांव ,और इसी कड़ी में अट्ठारह जुलाई को रायपुर जिले के पदाधिकारी एक दिवसीय उपवास पर बैठेंगे इन सभी कार्यक्रमो के बाद उन्नीस जुलाई से सभी जिला मुख्यालयों में अनिश्चित कालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा ।

कोमल हुपेंडी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं की अनदेखी कर भुपेश सरकार का सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नही है चुनाव के दौरान जो युवाओं से वादा किया था उसे पूरा करना होगा छत्तीसगढ़ में अनेकों खनिज सम्पदायें है इस प्रकार आर्थिक कमजोरी का बहाना नही चलेगा ।

अनसन पर बैठे प्रदेश प्रवक्ता देवलाल नरेटी ने कहा जिस प्रकार भुपेश सरकार इस आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है ये हम होने नही देंगे और जबतक जिंदा है प्रदेश के युवाओं के लिए ये लड़ाई जारी रहेगी अपनी अंतिम सांस तक इस आंदोलन को हम लेजाएँगे और बेरोजगारों को रोजगार के किये सरकार के वायदे याद दिलाते रहेंगे ।
 

क्या राजस्थान में दोहराई जाएगी मध्यप्रदेश की कहानी ? कई कांग्रेस विधायक हुए एक होटल में एकत्र

क्या राजस्थान में दोहराई जाएगी मध्यप्रदेश की कहानी ? कई कांग्रेस विधायक हुए एक होटल में एकत्र

जयपुर, राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं, एक ओर जहां शनिवार को सीएम गहलोत ने बीजेपी पर सरकार गिराने का आरोप लगाया था वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस का आपसी कलह करार दिया है। शनिवार को राजस्थान का सियासी घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आया, जिसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि क्या मध्यप्रदेश की कहानी यहां भी दोहराई जाएगी।


आपको बता दे राजस्थान के सीएम गहलोत और डेप्युटी सीएम सचिन पायलट के बीच आपसी खींचतान की चर्चाएं गर्म हैं। इन चर्चाओं को बल तब मिला, जब शुक्रवार से पायलट दिल्ली में है।

इतना ही नहीं, शनिवार की रात हरियाणा के मानेसर में राजस्थान के 24 विधायक एक बड़े होटल में पहुंचे। यह कुछ वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है, जैसे मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तमाम विधायक पहले हरियाणा के गुड़गांव और फिर कर्नाटक में जाकर एक रिसोर्ट में ठहरे थे।