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जीएसटी पर मोदी सरकार की कलई खुल गई है, राज्यों पर बोझ डालने का षडयंत्र रचा जा रहा है: सिंहदेव

जीएसटी पर मोदी सरकार की कलई खुल गई है, राज्यों पर बोझ डालने का षडयंत्र रचा जा रहा है: सिंहदेव

रायपुर, स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि GST पर राज्यों को घाटे की भरपाई करने से केंद्र की मोदी सरकार का इनकार दरअसल उनकी नीति की विफलता का उदाहरण है. उन्होंने कहा है कि जिस जीएसटी को लागू करने के समय 2017 में प्रधानमंत्री आज़ादी मिलने जैसा जश्न मना रहे थे वही जीएसटी अब केंद्र सरकार के गले की फांस बन गया है और उनकी कलई खुल गई है.
स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि जीएसटी परिषद की बैठक में जिस तरह से केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने राज्यों से कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति न मिलने से हो रहे घाटे की भरपाई के लिए राज्य रिज़र्व बैंक से कर्ज़ ले लें उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि जीएसटी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने जो सपने देखे थे या दिखाए थे वे टूट गए हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों के मंत्रियों के साथ हुई बैठक में सॉलिसिटर जनरल या महान्यायवादी का आकलन पढ़कर सुना दिया कि केंद्र सरकार पर राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति देने की कोई क़ानूनी बाध्यता नहीं है लेकिन केंद्र सरकार भी जानती है कि यह सरासर ग़लत बयानी है क्योंकि यह संसद द्वारा पारित क़ानून और संविधान द्वारा संस्थापित प्रावधान है. इसीलिए राज्यों ने केंद्र का प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया है.

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राज्यों ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार कोविड-19 की वजह से क्षतिपूर्ति की राशि देने की स्थिति में नहीं है तो वह राज्यों को रिज़र्व बैंक से कर्ज़ लेने को कहने की बजाय ख़ुद रिज़र्व बैंक से कर्ज़ ले ले और राज्यों को क्षतिपूर्ति की भरपाई करे.


स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि अगर सब चीज अगर राज्यों पर डाल देनी है तो फिर मोदी सरकार जीएसटी काउंसिल का आडंबर क्यों कर रही है? उन्होंने कहा है कि अगर मोदी सरकार संघीय व्यवस्था को सम्हाल नहीं पा रही है तो इसे स्वीकार करे और सारी व्यवस्था राज्यों पर छोड़ दे।


सिंहदेव ने कहा है कि पहले भाजपा की केन्द्र सरकार कहती है कि हम बड़े भाई, हम घर के बड़े हम सबका देखभाल करेंगे, और स्थिति थोड़ी सी बुरी हुई तो केन्द्र सरकार कह रही है कि हम कुछ नहीं जानते आप अपना रास्ता देखिए। ये बहुत अफसोस की बात है कि भारत जैसे बड़े देश में प्रजातांत्रिक और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करके और मात्र बहुमत के आधार पर राज्य सरकारों का हाथ मरोड़ने जैसी बात हो रही है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।


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स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने मोदी सरकार के वादों की बात करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने जीएसटी लागू करते हुये कहा था कि जीएसटी के आने से लीकेज बंद हो जाएंगे, जीडीपी बढ़ेगा, एक्सपोर्ट बढ़ेंगे लेकिन ऐसा हुई नहीं. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने क्षतिपूर्ति के लिए सेस लगाया है और पहले दो माही किस्तों में ये राज्यों को क्षतिपूर्ति की राशि और बकाया राशि मिलती थी. लेकिन मोदी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष का सभी राज्यों के कंपंसेशन का पैसा भी रोक लिया है। अकेले छत्तीसगढ़ का बकाया 2828 करोड़ रुपयों का है.
स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था करोना के आने के पहले ही चरमरा चुकी थी जीडीपी 8% से गिरकर 4% तक आ चुका था और जीडीपी के और गिरने का अनुमान करोना के आने के पहले ही लगाया जा चुका था।
स्वास्थ्य पंचायत और वाणिज्य कर मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि निर्मला सरकार सब कुछ को ‘एक्ट ऑफ़ गॉड’ यानी दैवीय प्रकोप कहकर बच नहीं सकतीं. संघीय ढांचे में केंद्र सरकार की अपनी जिम्मेदारी है और वह इससे नहीं बच सकती. उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार राज्यों को कमज़ोर करके केंद्र सरकार को सर्वशक्तिमान बनाना चाहती है लेकिन यह संविधान की संघीय ढांचे की परिकल्पना के विपरीत है. यह लोकतांत्रिक नहीं बल्कि तानाशाही नज़रिया है.
 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस के धनन्जय सिंह का पलटवार कहा खुद रमन सिंह के चापलूसी और चाटुकारिता से बने प्रदेश अध्यक्ष पार्टी में नही है जनाधार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस के धनन्जय सिंह का पलटवार कहा खुद रमन सिंह के चापलूसी और चाटुकारिता से बने प्रदेश अध्यक्ष पार्टी में नही है जनाधार

रायपुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह चापलूसी और चाटुकारिता रहमोकरम से प्रदेश अध्यक्ष का पद हथियाने वाले विष्णु देव साय को भाजपा के नेता और कार्यकर्ता ही पसंद नहीं कर रहे हैं विष्णु देव साय पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें क्यो उनके ही पार्टी से जुड़े लोग उनको तवज्जो नही दे रहे है। सोनिया गांधी जी कांग्रेस के सर्वमान्य नेता है कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता सोनिया गांधी जी राहुल गांधी जी के साथ कदम से कदम मिलाकर केंद्र की मोदी भाजपा की जनविरोधी नीतियों वाली सरकार के खिलाफ जनता की लड़ाई लड़ रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम जी ने प्रदेश के लाखो कार्यकर्ताओं के सोनिया जी राहुल जी के प्रति आस्था निष्ठा समपर्ण भाव को पत्रों के माध्यम से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी को अवगत कराएं हैं।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा की प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विष्णुदेव साय जिसे भाजपा के बड़े नेता और कार्यकर्ता ही पसंद नहीं कर रहे हैं कई मौकों पर भाजपा के बड़े नेता विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर भी सवाल उठा चुके हैं। आखिर भाजपा के कार्यकर्ता रमन सिंह का गाय किसको कहते है जगजाहिर है?


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सोनिया गांधी जी राहुल गांधी जी मोदी भाजपा की मनमानी जनविरोधी नीति के खिलाफ निडरता से देशभर में आवाज उठाने वाले नेता है भाजपा मोदी सरकार के बीते 6 साल की विफलताओं बढ़ती बेरोजगारी महंगाई बिकती सरकारी कंपनियां गिरती अर्थव्यवस्था सहित अनेक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस नेताओं पर टीका टिप्पणी कर रहे हैं भाजपा को इस बात का ज्ञात हो चुका है कि केंद्र की मोदी भाजपा की सरकार ने आम जनता से जो वादा किया था आम जनता को जो सुनहरे सपने दिखाए थे उसको पूरा करने में असफल हो चुके हैं।
 

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की खीचतान पर साय का करारा कटाक्ष, कांग्रेस कभी एक परिवार के चंगुल से आजाद नहीं हो सकता

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की खीचतान पर साय का करारा कटाक्ष, कांग्रेस कभी एक परिवार के चंगुल से आजाद नहीं हो सकता

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान के बीच प्रदेश कांग्रेस नेताओं के उस बयान पर कि, कोई घूसखोर और तड़ीपार हमारा अध्यक्ष नहीं बनेगा, करारा कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता जिसे अपना अध्यक्ष बनाएंगे, यक़ीनन वह जमानत पर बाहर घूम रही कोई चार्जशीटेड शख्सियत ही होगी, और चार्जशीटेड वे क्यों हैं, देश यह अच्छी तरह जानता है। श्री साय ने कहा कि कांग्रेस की नियति ही यही हो चली है कि वह कूपमंडूक की तरह एक परिवार के खूँटे से बंधी रहे। कांग्रेस में चिठ्ठीबाजी की तमाम कवायद का कुलजमा सार अंतत: यही निकलना है कि एक चार्जशीटेड की अनुशंसा पर एक चार्जशीटेड को एक चार्जशीटेड द्वारा कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा जा रहा है!

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि आर्थिक घोटालों में चार्जशीटेड लोगों के नेतृत्व में काम करने के लिए रिरियाते लोगों को भाजपा पर कोई टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। देश जानता है कि किस तरह यूपीए के शासनकाल में राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित होकर भाजपा नेताओं को झूठे आरोप मढ़कर परेशान और प्रताड़ित करने का सिलसिला चलाया गया था लेकिन अग्निपरीक्षा के उस दौर से खरा निकलकर भाजपा के नेताओं ने अपनी सत्य निष्ठा और प्रामाणिकता सिद्ध की। श्री साय ने कहा कि घूसखोर और तड़ीपार कहकर प्रदेश कांग्रेस चरित्रहनन की जो राजनीति इन दिनों कर रही है, उसका कुछ हासिल उसके हाथ आना नहीं है, अलबत्ते इससे उसकी वैचारिक दरिद्रता और दिमागी दीवालिएपन से प्रदेश जरूर रू-ब-रू हो रहा है। लोकतंत्र की हत्या करके देश को जेल में तब्दील करने वाले कांग्रेस नेता आज लोकतंत्र की बातें करके खुद को उपहास का विषय बना रहे हैं। कांग्रेस आज न केवल विचारधारा के संकट से जूझ रही है, बल्कि नेतृत्व के संकट से भी जूझ रही है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की इस्तीफे की पेशकश के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में जिस तरह पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ही नेताओं पर भाजपा से साँठगाँठ करने का आरोप लगाया है, उससे यह साफ हो चला है कि कांग्रेस कभी एक परिवार के चंगुल से आजाद नहीं हो सकेगी। जिस पार्टी में अपने नेतृत्व को पत्र लिखने तक को षड्यंत्र माने जाने की हद तक की संकीर्णता प्रदर्शित की जा रही हो, उस परिवार में किसी गैर गांधी-नेहरू के अध्यक्ष बनने की बातें सिवाय जुमलेबाजी के कुछ और हो ही नहीं सकतीं। श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव और कांग्रेस अध्यक्ष पद से सीताराम केसरी की बेदखली की वारदात के बाद कोई गैर गांधी-नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बनने की सोच भी नहीं सकता। अगर कभी ऐसी नौबत आ ही गई तो भी सुपर पॉवर का रिमोट तो यह परिवार अपने पास ठीक उसी तरह रखेगा, जिस तरह यूपीए शासनकाल में मनमोहन सिंह केवल नाम के प्रधानमंत्री थे और सुपर पीएम का रिमोट ‘परिवार’ के हाथों में था। श्री साय ने कहा कि छग का चार्जशीटेड मुखिया भी देश के सम्मानित नेता को तड़ीपार कह देते हैं, इससे यह साबित होता है कि मोटी चमड़ी के अलावा कांग्रेसियों के पास अब कुछ भी नही बचा है।
 

कांग्रेस संचार प्रमुख त्रिवेदी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कांग्रेस नेताओं का सवाल उठाना कांग्रेस के आंतरिक कल्ह और गांधी परिवार के प्रति अविश्वास को दर्शाता है- ओपी चौधरी

कांग्रेस संचार प्रमुख त्रिवेदी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कांग्रेस नेताओं का सवाल उठाना कांग्रेस के आंतरिक कल्ह और गांधी परिवार के प्रति अविश्वास को दर्शाता है- ओपी चौधरी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के नेता ओपी चौधरी ने कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेद के बयान पर पलटवार किया हैं। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी किस प्रकार से नेतृत्व के संकट से जूझ रही हैं। लगातार जनता का विश्वास खोंने के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी देश की आज़ादी के दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कर यह बता दिया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व में बदलाव और कांग्रेस के पुनरुत्थान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर ही उठ रहे विरोध के बीच फिर से स्वामी भक्ति में कांग्रेस के कुछ नेता और कांग्रेस के कुछ मुख्यमंत्री जमानती नेताओं को अध्यक्ष बनाने अपनी आवाज बुलंद कर स्वामी भक्ति के साथ साथ वे अपना कद बढ़ाने का भी प्रयास कर रहे है।

भाजपा नेता ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पर कांग्रेस के ही नेताओं द्वारा सवाल उठाना सीधे तौर पर कांग्रेस के आंतरिक कल्ह और गांधी परिवार के प्रति अविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न नेता है न ही नीति हैं। जमानत पर बाहर आने वाले नेताओं से डर खुद कांग्रेस को लग रहा है कि उनके जमानती नेताओं की जोड़ी ने उन्हें मान्यता प्राप्त विपक्ष के लायक भी नहीं छोड़ा हैं। कांग्रेस के नेता अपनी स्वामी भक्ति मं कांग्रेस के पूर्व पूर्ण रूप से विफल अध्यक्ष राहुल गांधी जो खुद डर कर अपनी पारिवारिक सीट छोड़ वायनार्ड भाग गए। प्रियंका वाड्रा जो कभी वार्ड चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और सोनिया गांधी जिनके नेतृत्व पर ही आज कांग्रेस के भीतर खाने प्रश्न चिंन्ह खड़ा हो गया हैं का गुणगान करते है। कांग्रेस ऐसे चुनावी मैदान छोड़कर भागे हुए और जमानती नेताओं का गुणगान कर रही हैं,यही इस देश के सबसे पुराने दल कांग्रेस के पतन का कारण हैं।

भाजपा नेता ओपी चौधरी ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से पूछा है कि क्या कभी गांधी नेहरु परिवार से इतर कोई कांग्रेस का अध्यक्ष हो सकता है? कांग्रेस के उन कार्यकर्ताओं को कब मौका मिलेगा जिन्होंने गांधी परिवार विशेष की कांग्रेस पार्टी के लिए अपना पूरा जीवन दे दिया और आज मजबूरी में फिर जमानती अध्यक्ष की मांग करनी पड़ रही है। एक ऐसे व्यक्ति को न चाहते हुए भी पुनः अध्यक्ष बनाने की मांग करनी पड़ रही हैं जिसने अपनी असफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं?सवाल कांग्रेस के लिए हैं, डरना भी कांग्रेस को ही चाहिए क्योंकि आपके और आपके राजनीतिक भविष्य का सवाल हैं।
 

रमन सिंह निश्चिंत रहें, कोई घूसखोर और कोई तड़ीपार कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनेगा- शैलेश नितिन त्रिवेदी

रमन सिंह निश्चिंत रहें, कोई घूसखोर और कोई तड़ीपार कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनेगा- शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह के कांग्रेस नेतृत्व को लेकर किए गए ट्वीट पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस के पास बलिदानों की गौरवशाली परंपरा है स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजतक नेहरू गांधी परिवार ने बहुत बड़ा त्याग किया है और देश के लिये बलिदान दिए हैं । नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व पर कहीं कोई प्रश्न चिन्ह नहीं है। हर कांग्रेसी की नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व पर पूरी आस्था है। दरअसल भाजपा और भाजपा के रमन सिंह जैसे नेता सोनिया गांधी राहुल गांधी प्रियंका गांधी के नेतृत्व से भयभीत रहते हैं और इस सशक्त नेतृत्व से छुटकारा पाने के लिए साजिशों में लगे रहते हैं लेकिन बिल्ली के भाग्य से छींका नहीं टूटने वाला है । रमन सिंह निश्चिंत रहें, कोई घूसखोर और कोई तड़ीपार कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनेगा । 

कांग्रेस संचार अध्यक्ष त्रिवेदी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के उमेश ने कहा राजनीति छोड़ परमात्मा से डरिए अपने मुख्या से सबूत निकालने कहिए

कांग्रेस संचार अध्यक्ष त्रिवेदी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के उमेश ने कहा राजनीति छोड़ परमात्मा से डरिए अपने मुख्या से सबूत निकालने कहिए

रायपुर। भरतीय जनता पार्टी के युवा नेता उमेश घोरमोड़े ने कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी के बयान पर पलटवार किया हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा को मानने,आत्म चिंतन करने और परमात्मा से डरने की आवश्यकता कांग्रेस को है। भाजपा नेता उमेश घोरमोड़े ने कहा कि कांग्रेस को यदि झीरम में शहीद हुए अपने नेताओं और उनके परिजनों की चिंता होती तो जेब में रखा सबूत निकालने अपने मुख्या से कहते। अब तो उनकी अपनी सत्ता है तो फिर जेब में रखे झीरम के वे तमाम सबूत आयोग को देने में वे आनाकानी क्यों कर रहे हैं? झीरम की जांच को किसी निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचाने में अंतर आत्मा की उदासीनता का मकसद क्या है? उन्होंने कहा कि राजनीति छोड़ परमात्मा से डरिए अपने मुख्या से सबूत निकालने कहिए।

भाजपा युवा नेता उमेश घोरमोड़े ने कहा कि वादा खिलाफी कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की माताओं, बहनों, युवाओं, बुजुर्गों और किसान भाइयों की आत्मा दुखाने वाले कांग्रेस के मित्रों को वादाखिलाफी के लिए परमात्मा से डरने और छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 18 महीनों में ही प्रदेश अपराध का गढ़ बन गया हैं, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। रेत माफ़िया, शराब माफिया और सरकार की लचर व्यवस्था व नीतियों के चलते जमीन माफ़िया का राज चल रहा है। किसानों को किश्तों में न्याय के नाम पर ठगने वाली सरकार प्रदेश के किसान पुत्रों को रोजगार के नाम पर कभी शिक्षक भर्ती, कभी पुलिस भर्ती तो कभी एसआई भर्ती को लटका कर छल रही हैं। नवजवान जब अपनी मेहनत से रोजगार हासिल भी कर ले तब भी उनके वेतन में कटौती करने से भी नहीं चुकने वाली प्रदेश सरकार परमात्मा से डरने और आत्म चिंतन करने के बजाए डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगा कर जनता को मूल विषय से भटकाना चाहती हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि मूल मुद्दों से भटकाने डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगा कर आज अपनी राजनीति चमका रहे हो पर क्या कभी पूछा है अपनी अंतर आत्मा से की कल झीरम में शहीद प्रदेश के नेताओं के परिजनो से कैसे नजर मिला पाओगे? कैसे प्रदेश की जनता के बीच जाओगे?और अंत में हम सभी को परमात्मा के पास जाना ही है तब परमात्मा को क्या जवाब दोगे?
 

रमन सिंह की आत्मा 15 साल तक कहां थीः कांग्रेस

रमन सिंह की आत्मा 15 साल तक कहां थीः कांग्रेस

रायपुर। रमन सिंह जी के आत्मा को लेकर दिये गये बयान पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इस बयान से पहली बार पता चला कि रमन सिंह आत्मा-परमात्मा में विश्वास करते हैं। उन्होंने पूछा है कि रमन सिंह जब 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री थे तो उनके कार्यकाल में प्रदेश में बहुत सी हृदय विदारक घटनाएं हुई थीं तब उनकी आत्मा कहां थी और तब क्या उनको परमात्मा का डर नहीं सता रहा था?


उन्होंने कहा है कि पहली बार पता चला कि रमन सिंह आत्मा का अस्तित्व मानते हैं। अभी तक लगता नहीं था कि रमन सिंह आत्मा में विश्वास रखते हैं। कभी रमन सिंह जी ने सोचा कि 2013 के बाद झीरम की घटना के बाद जिस तरीके से उन्होंने राज्य सरकार के माध्यम से जांच को बाधित किया, जिस तरीके से भाजपा की केन्द्र सरकार से जांच को बाधित कर रही है उसके बारे में झीरम की शहीदों की आत्माएं क्या सोचती होंगी? 15 साल रमन सिंह के शासनकाल में हर दिन 4 किसान आत्महत्या करते थे। कभी रमन सिंह ने उन किसानों के आत्माओं के बारे में सोचा क्या? रमन सिंह सरकार में जिस तरीके से हत्या, अनाचार, फर्जी मुठभेड़ से बस्तर में लगातार लोगों की जानें गईं, सोनकू और बिजलू नाम के मिडिल स्कूल के छात्र को नक्सली बनाकर मारा गया और सारकेगुड़ा में पांचवी कक्षाओं के बच्चों की हत्याएं हुईं क्या कभी रमन सिंह ने उन दुखी आत्माओं के बारे में सोचा? जब अटल जी के श्रद्धांजलि सभा में ठहाके लग रहे थे तब क्या रमन सिंह ने कभी अटल बिहारी जी के आत्मा के बारे में सोचा कि वह क्या सोच रही होगी?


भूमि आबंटन की प्रक्रिया को लेकर आत्मा पर सवाल उठाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि रमन सिंह अब बतायें कि क्या रमन सिंह के पास आत्मा है, या अभिषाक सिंह के विदेशी खातों में जमा करा दी गयी है? नसबंदी कांड में 17 माताओं की मौत की मार्मिक घटना के समय तो रमन सिंह जी की आत्मा वहीं थी क्या?
 

कांग्रेस नेता यह नहीं भूलें कि नफ़रत और प्रतिशोध की राजनीति केवल कांग्रेस की ही पहचान है- श्रीचंद सुंदरानी

कांग्रेस नेता यह नहीं भूलें कि नफ़रत और प्रतिशोध की राजनीति केवल कांग्रेस की ही पहचान है- श्रीचंद सुंदरानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को लेकर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर की गई कांग्रेस की टिप्पणी को अपने बेनक़ाब हो चुके सियासी चरित्र को ढँकने की नाकाम और बचकानी कोशिश करार दिया है। श्री सुंदरानी ने कहा कि जिस कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध और छत्तीसगढ़ी भाषा का घोर अपमान करते हुए यहाँ तक कहा हो कि छत्तीसगढ़ी में बच्चों की पढ़ाई संभव नहीं है क्योंकि छत्तीसगढ़ी में पढ़कर प्रदेश के विद्यार्थी पिछड़ जाएंगे, वह कांग्रेस अब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह को प्रमाण पत्र देने की बचकानी हरक़त पर उतर आई है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह पर छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति से नफ़रत का आरोप लगाने वालों को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि नफ़रत और प्रतिशोध की राजनीति पर केवल और केवल कांग्रेस का ही एकाधिकार रहा है। भाजपा और उसके नेता तो सर्व समावेशी विकास की बात करते हैं और उसी के लिए काम करते हैं। श्री सुंदरानी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने एक राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ की न केवल सौगात दी अपितु 15 वर्षों के भाजपा के सुशासन ने छत्तीसगढ़ को देश-विदेश के मानचित्र में स्थापित कर छत्तीसगढ़ के गौरव और मान-सम्मान को बढ़ाया, छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा गया पत्र भी मुख्यमंत्री बघेल का राजनीतिक पाखंड ही है और अपना यह पाखंड बेनक़ाब होने पर अब कांग्रेस के लोग चरित्र हनन की राजनीति करते हुए झूठ का रायता फैलाने में लग गए हैं और अनर्गल प्रलाप करके ख़ुद को उपहास का पात्र बना रहे हैं। श्री सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस अब चाहे जितना झूठ फैला ले, प्रदेश की जनता कांग्रेस की छत्तीसगढ़ और खासकर छत्तीसगढ़ी विरोधी मानसिकता को बखूबी पहचान गयी है।
 

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला ने रविवि परीक्षा शुल्क को कम ना करने पर दी उग्र आँदोलन की चेतावनी

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला ने रविवि परीक्षा शुल्क को कम ना करने पर दी उग्र आँदोलन की चेतावनी

रायपुर, आज एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला के नेतृत्व मे रविवि मे परीक्षा शुल्क कम करने के लिये कुलसचिव को ज्ञापन सौपा गया।


ज्ञापन मे एनएसयूआई द्वारा विश्वविधालय प्रबन्धन को इस ओर अवगत कराया गया है कि पूरा देश, प्रदेश और विश्व इस समय कोविड-19 के वैश्विक महामारी से पीडि़त है, सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी है। छात्रों का वर्ग भी इस महामारी से अछूता नहीं रहा है।


प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया की आज कोविड-19 महामारी मे कोई भी महाविद्यालय छात्रों की परीक्षा लेने पर सहमति नहीं बना पा रहा है वही रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय भी अभी तक अपनी नीतियों को स्पष्ट नहीं कर पाया है।


कुलसचिव से प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला सहित प्रदेश सचिव अरुणेश मिश्रा व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शान्तनु झा ने अनुरोध करते हुए छात्रों से केवल ऑनलाइन एंट्री के लिए न्यूनतम फीस तय करने की माँग रखी और परीक्षा शुल्क के नाम पर अवैध उगाही ना करने के लिये कहाँ।
अटल विश्वविद्यालय बिलासपुर ने आम छात्रों की फीस माफ करके एक मिसाल कायम किया है।


छात्र नेताओ ने महोदय से कहा की आप छात्रों की परीक्षा का शुल्क माफ कर एक अद्भुत मिसाल और उदाहरण पेश करें ताकि छात्र आपको सालों साल तक आपकी उदारता के लिए याद करें ना कि छात्रों से अवैध उगाही करें।


आज NSUI ने ज्ञापन के तौर पर रविवि प्रबंधन से अपनी मांगों को रखा है और अगर हमारी मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो भविष्य में उग्र से उग्र आंदोलन करने से भी NSUI पीछे नहीं हटेगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी और केवल आपकी होगी।

 

भारत एक बार फिर विश्व के सामने सही दिशा में चलने विश्व को प्रेरित करनेवाला रहेगा- डॉ मोहन भागवत

भारत एक बार फिर विश्व के सामने सही दिशा में चलने विश्व को प्रेरित करनेवाला रहेगा- डॉ मोहन भागवत

रायपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छत्तीसगढ़ और महाकोशल प्रान्त के प्रान्त टोली के अधिकारियों की बैठक जागृति मंडल, गोविन्द नगर में रविवार को सम्पन्न हुई। बैठक में दोनों प्रान्त की छोटी टोली के सभी अपेक्षित अधिकारी सम्मिलित हुए। बैठक समापन सत्र को संबोधित करते हुए संघ संचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-भारत एक बार फिर विश्व के सामने सही दिशा में चलने विश्व को प्रेरित करनेवाला रहेगा। डॉ. मोहन भागवत ने बैठक के पूर्व जागृति मंडल के प्रांगण में सुबह पौधारोपण किया। इस अवसर पर संघ के अन्य अधिकारी गण भी उपस्थित थे।

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बैठक के समापन सत्र में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत की जलवायु, भारत की भूमि, भारत की मान्यताएं, भारत की परंपराएं, भारत का सामथ्र्य इतना है कि, यदि हम सब संकल्प लेंगे तो भारत को आत्मनिर्भर बनाने में कोई कठिनाई नहीं है। देश के स्वाभिमान, देश के स्वावलंबन इस प्रकार हम सब इसका विचार करते हुए अपना देश आत्मनिर्भर बनने के लिए मैं एक व्यक्ति के नाते, हम एक समूह के नाते हमारी जो जिम्मेदारियां है, उसका हम पालन करेंगे। आत्मनिर्भर बनाने में हम अपना व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन में जितना आवश्यक बातों को अंगीकार करेंगे तो यह देश एक बार फिर विश्व के सामने सही दिशा में चलने विश्व को प्रेरित करनेवाला रहेगा।
 

भाजपा और संघ का यह रिश्ता क्या कहलाता है ?

भाजपा और संघ का यह रिश्ता क्या कहलाता है ?

रायपुर, भाजपा की दिनोदिन बिगड़ती स्थिति से चिंतित संघ प्रमुख मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि भाजपा और संघ का यह रिश्ता क्या कहलाता है ? संघप्रमुख मोहन भागवत का दौरा और भाजपा में चल रहा बयानबाजी का दौर अपनेआप बहुत कुछ स्पष्ट कर देता है ! संघ कितना भी कह ले कि वो गैर राजनीतिक संगठन हैं सबको सच्चाई पता है। अगर संघ गैर राजनैतिक संगठन होता तो संघ प्रमुख के दौरे को लेकर भाजपा के अधिकृत प्रवक्ताओं को क्यो उत्कंठित होकर बार-बार बयानबाजी करना पड़ रहा है ? दरअसल संघ छत्तीसगढ़ में भाजपा की दुर्दशा के कारण चिंतित है। इसीलिये संघ प्रमुख को छत्तीसगढ़ आना पड़ा है। संघ इसीलिए सक्रिय हुआ है।


कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि अब मोहन भागवत जी ही बता दे कि संघ तो खुद को गैर राजनीतिक संगठन कहता हैं । लेकिन अब स्वयं संघ प्रमुख भाजपा की मदद के लिए क्यों छत्तीसगढ़ आये है ? ये रिश्ता क्या कहलाता है?
शुरू से कांग्रेस कह रही थी कि संघ प्रमुख मोहन भागवत यहाँ भाजपा की गिरती हुई हालत पर विचार करने के लिए यहां पर आ रहे है और यही बात सच निकली और भाजपा प्रवक्ताओं के आज के बयानों से इसकी पुष्टि भी हो गयी है। दरअसल संघ कितना भी कह लें कि वो गैर राजनीतिक संगठन है। संघ का राजनीति से चोली दामन का साथ है। अब भाजपा ने पराक्रम और परिश्रम की जगह परिक्रमा को महत्व दिया जाता है।

कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा प्रवक्ताओं ने आज भाजपा और संघ के संबंधों की कलई खोल कर रख दी है। भाजपा ने 15 साल तक छत्तीसगढ़ की हितो की उपेक्षा की, लोकहित की उपेक्षा की और सिर्फ आरएसएस के हितों को बढ़ावा देने का काम छत्तीसगढ़ में किया। इसी का परिणाम है कि भाजपा15 सीटों तक सिमट कर रह गई। भाजपा ने चुनाव हारने के बाद जिस प्रकार हार का ठीकरा भाजपा कार्यकर्ताओं के सिर पर फोड़ा और जिस तरीके से भाजपा ने किसानों के हित के खिलाफ केन्द्र की भाजपा सरकार से आदेश पारित कराये और छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं के खिलाफ जाकर मोदी सरकार का समर्थन किया, उससे पूरे छत्तीसगढ़ में भाजपा के खिलाफ गहरी नाराजगी का वातावरण है। इसीलिए भाजपा लगातार हाशिये में जा रही है। संघ प्रमुख की बैठक से छत्तीसगढ़ में भाजपा का कुछ नही होने वाला है।
 

कौशल्या माता के सालों-साल उपेक्षा पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी राम भक्तों को चुभ रही है : विकास तिवारी

कौशल्या माता के सालों-साल उपेक्षा पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी राम भक्तों को चुभ रही है : विकास तिवारी

रायपुर, छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ आगमन पर सवाल पूछते हुवे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य माता कौशल्या का मायका और भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम का ननिहाल है और माता कौशल्या के जन्म भूमि विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को राम भक्तों को जवाब देना चाहिये संघ प्रमुख की चुप्पी समूचे विश्व के राम भक्तों को चुप रही है। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और पूर्व धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जो कि संघ के ही स्वयंसेवक हैं उन्हें बुलाकर क्या वह पूछेंगे कि किन कारणों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की माता कौशल्या के विश्व के एक मात्र मंदिर के गर्भ गृह में सालों-साल से ताला लगा हुआ रखा था और माता के भक्तों उनका दर्शन नहीं कर पा रहे थे क्या ऐसे कारण थे कि एक ओर पूरे देश में अयोध्या के राम मंदिर पर भाजपा और आरएसएस राजनीति कर रही थी वहीं दूसरी ओर अपने संघ समर्थित और स्वयंसेवक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सरकार के तीन कार्यकाल बीत जाने के बाद भी भगवान श्री राम की माता कौशल्या का मंदिर विवाद नहीं सुलझाया जा सके।कौशल्या माता के मंदिर के गर्भ गृह में इक्कीस वर्षों तक ताला लगाकर रखा गया था क्या इन्हीं कारणों के चलते संघ प्रमुख मोहन भागवत माता कौशल्या के मंदिर चंदखुरी जाने से हिचक रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत से प्रश्न करते हुए कहा कि जहां एक और भाजपा और आरएसएस गौ माता,गौ सेवा का ढिंढोरा पिटती है और जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना जो विश्व की एकमात्र महती योजना जिसमें किसानों और पशुपालकों से दो रुपया किलो में गोबर खरीदा जाएगा और उसका वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर खेतों में उपयोग किया जाएगा जिससे कि आने वाली पीढिय़ों को शुद्ध अनाज और फल सब्जी प्राप्त हो सकेगा। इस योजना पर डॉ मोहन भागवत क्या कहेंगे और क्या वह पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित पूर्व गौ सेवा आयोग और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बड़े नेता विश्वेश्वर पटेल से पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के अंतिम कार्यकाल के सालों में आठ हजार से अधिक गोवंश की भूख से मौत पर प्रश्न करने के क्या वह पता करेंगे कि किन कमीशनखोरो के कारण गोवंश की भूख से मौत होती थी और संघ समर्थित रमन सरकार पर आरएसएस प्रदेश ईकाई चुप्पी साधे रखी थी। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत से विनम्रता पूर्वक प्रश्न करते हुए पूछा है कि जहां एक और कोरोना कोविड-19 महामारी संक्रमण के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारो के करोड़ो लोगों का रोजगार छीन गया है और खाने कमाने के लाले पड़ गए हैं इस हेतु कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को अनुरोध करते हुए कहा था कि देश के गरीब लोगों के बैंक खातों में सात हजार पाँच सौ रुपया प्रति आगामी छह माह तक ट्रांसफर करें जो की कुल राशि तिरसठ हजार करोड़ रुपयों की होती है जिससे कि गरीब एवं मध्यम वर्गीय लोगों को इस कोरोना महामारी के समय जबकि उनके पास कोई भी रोजगार नहीं है जीवन यापन के लिए मदद मिलती बावजूद बीस लाख करोड़ कि हवा हवाई घोषणा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ढेला भर रुपया इन गरीब और जरूरतमंदों को नहीं दिया गया क्या हिंदू और हिंदुत्व की बात मुखरता से करने वाले संघ प्रमुख डॉक्टर मोहन भागवत गरीब एवं मध्यमवर्गी परिवार जिनकी नौकरियां छीन गई और रोजगार के साधन बर्बाद हो गए उनकी मदद के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करेंगे। क्या संघ प्रमुख मोहन भागवत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहकर केंद्र के तीस लाख से अधिक रिक्त पदों में से तीन लाख पदों पर प्रदेश के बेरोजगार युवा और युवतियों को देने के लिए अनुरोध करेंगे। 

स्वास्थ्य, कानून सेवाएं ,योजनाएं सब ठप्प, सरकार कर्ज पे कर्ज लेकर मस्त : साय

स्वास्थ्य, कानून सेवाएं ,योजनाएं सब ठप्प, सरकार कर्ज पे कर्ज लेकर मस्त : साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को ‘हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल सरकार’ बताते हुए तीखा हमला बोला और कहा है कि यह प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लिए एक राजनीतिक आपदा से ज़रा भी कम नहीं है। श्री साय ने कहा कि कर्ज़ के बोझ से प्रदेश दबा जा रहा है, क़ानून-व्यवस्था सरेआम दम तोड़ रही है, कोरोना का संक्रमण विस्फोटक हो चला है और लोग अब क्वारेंटाइन सेंटर्स ही नहीं, इलाज के दौरान कोविड अस्पतालों में आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे हैं और शराब के गोरखधंधे में भी ग़बन होना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इन सबके बावज़ूद, राज्य सरकार और कांग्रेस को अपनी विफलताओं पर ज़रा भी कोफ़्त नहीं होना बेहद शर्मनाक है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि कर्ज़ पर कर्ज़ लेकर प्रदेश सरकार राज्य को कंगाली की अंधी सुरंग में धकेल रही है। 18 महीनों में ही रिकॉर्ड तोड़ कर्ज लेकर राज्य सरकार ने यहाँ के अर्थतंत्र को पस्त कर दिया है। कर्ज़ लेकर राज्य सरकार जिन योजनाओं को लागू करने का ढोंग रच रही है, वे योजनाएँ भी इक साल में ही दम तोड़ रही हैं। श्री साय ने कहा कि किसानों के पिछले खरीफ सत्र के धान-मूल्य की अंतर राशि की दूसरी किश्त देने तक के लिए सरकार के खजाने में पैसे नहीं हैं, जब अंतर राशि के भुगतान के लिए कर्ज़ लिया ही तो सरकार अब किसानों की शेष अंतर राशि का किश्तों के बजाय एकमुश्त भुगतान करे। दूसरी तरफ चालू खरीफ सत्र की धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया सरकार शुरू करने जा रही है। पिछला भुगतान नहीं कर पाने वाली सरकार अगली खरीदी के लिए राशि कहाँ से जुटा पाएगी, यह भी साफ नहीं है। श्री साय ने कटाक्ष किया कि दम तोड़तीं नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी, गौठान, रोका-छेका, गौ-धन न्याय योजना, लाउड स्पीकर से पढ़ाई जैसी तमाम योजनाओं के लिए तो सरकार के पास न तो फंडिंग का स्रोत दिख रहा है, न ही सरकार इन योजनाओं के लिए आर्थिक प्रावधान को लेकर गंभीर नज़र आ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि केंद्र और भाजपा की पूर्ववर्ती राज्य सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं को राजनीतिक प्रतिशोध के चलते बंद कर देने वाली इस कांग्रेस सरकार ने सिवाय राजनीतिक नौटंकियों के अपनी ओर से प्रदेश की बेहतरी के लिए एक काम तक नहीं किया। सारे विकास कार्य या तो बंद पड़े हैं या फिर पूरा होने की बाट जोह रहे हैं। बेरोजगारों को भत्ता देना तो दूर, प्रदेश के हज़ारों रिक्त पदों पर नई भर्तियाँ तक इस सरकार ने अपनी सनकमिज़ाजी के चलते रोक रखी है। श्री साय ने कहा कि सरकार ने शराब बेचने का काम ज़रूर किया है, लेकिन जिस काम को करने के लिए सरकार ज़रूरत से अधिक ललकती दिखी और कोरोना संक्रमण काल में भी जिसका परहेज करने को सरकार तैयार नहीं है, उसमें सरकार की बदनीयती साफ झलक रही है. ओवररेट शराब बिक्री करके सरकार ने शराब को गोरखधंधे में तब्दील करने में कोई क़सर नहीं छोड़ी, शराब की अवैध बिक्री करके प्रदेश के खजाने की आय पर राजनीतिक डाका डाला और अब शराब दुकानों से लाखों रुपए का ग़बन होने लगा है! पुलिस के जवान सरेआम वर्दी पहने हुए शराब के जाम छलका रहे हैं। श्री साय ने कहा कि यह राज्य सरकार की प्रशासनिक नासमझी का परिचायक है। प्रदेश सरकार का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है और अफ़सरशाही लोगों की प्रताड़ना में जुटी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने क़ानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज प्रदेश में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है। सरेआम महिलाओं और नाबालिग किशोरियों की अस्मिता से खिलवाड़ करके दरिंदे खुलेआम घूम रहे हैं। कोरोना काल में ही महिलाएँ घरेलू हिंसा और बलात्कार के मामलों की संख्या सरकार के महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं। श्री साय ने कहा कि ख़ुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह ज़िले में बेमेतरा के बाद मंगलवार को एक ही दिन में सामने आया भिलाई में नंदिना थाना क्षेत्र के अहिवारा में एक किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला हो या फिर भिलाई के ही खुर्सीपार थाना क्षेत्र में एक मासूम बच्चे के सामने उसके माता-पिता को चाकू-तलवार से काटकर मार डालने का मामला, ये घटनाएँ प्रदेश सरकार के कार्यकाल को कलंकित साबित करने वाली हैं। श्री साय ने कहा कि राह चलते लूट, हत्या, मारपीट जैसी वारदातों ने भी नागरिक सुरक्षा के तमाम सरकारी दावों की धज्जियाँ उड़ रखी है। सरकार और कांग्रेस के राजनीतिक संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंदी पर हैं, वहीं रेत, शराब और ज़मीन माफियाओं का आतंक सिर चढ़कर बोल बोल रहा है और वे सरेआम आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में प्रदेश सरकार नाकारा साबित हुई है। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कोरोना संक्रमण की रोकथाम व दीग़र व्यवस्थाओं में सरकार की विफलता को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशून्य हो चली है। प्रदेश में स्मार्ट कार्ड से लोगों का इलाज तो बंद कर दिया गया है, अब सरकार अपने वादे के बावज़ूद राशन कार्ड से भी ग़रीबों को इलाज की सहूलियत मुहैया नहीं करा रही है। अब प्रदेश में सामान्य रूटीन के इलाज के लिए ग़रीब परिवार के मरीज परेशान हो रहे हैं जबकि कोरोना मरीज अब या तो आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं या फिर सरकार की बदइंतज़ामी के चलते वे तड़प-तड़पकर मरने को विवश हो रहे हैं। श्री साय ने कहा कि अपने 20 महीने के शासनकाल में प्रदेश सरकार ने केवल निकम्मापन प्रदर्शित किया है और यही कारण है कि अब प्रदेश में महज़ दो फ़ीसदी लोग ही इस सरकार को भरोसे के क़ाबिल मान रहे हैं। हर मोर्चे पर नाकामियों की मिसाल पेश करती सरकार आख़िर किसी एक मोर्चे पर तो सफल नज़र आती।
 

महज़ चार दिनों का मानसून सत्र रखे जाने पर भाजपा प्रवक्ता व विधायक शिवरतन ने प्रदेश सरकार पर दागे तीखे सवाल

महज़ चार दिनों का मानसून सत्र रखे जाने पर भाजपा प्रवक्ता व विधायक शिवरतन ने प्रदेश सरकार पर दागे तीखे सवाल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र महज़ चार दिनों का रखे जाने पर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए पूछा है कि क्या प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों की पोल खुलने से इतनी भयभीत हो गई है कि अब वह विधानसभा में भी चर्चा करने के बजाय मुँह चुराने को विवश हो गई है? श्री शर्मा ने कहा कि हर मोर्चे पर विफल प्रदेश सरकार एक गहरे अपराध-बोध से जूझ रही है, ऊपर से हाल के एक सर्वे ने सरकार और सत्तारूढ़ दल की ज़मीन खिसका दी है। इतनी कम अवधि का सत्र रखकर सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश के हित में कोई सार्थक चर्चा करने को वह तैयार नहीं है।

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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि विधानसभा मे चर्चा करने और प्रतिपक्ष के सवालों का ज़वाब देने से सरकार डर रही है और इसीलिए वह सिर्फ़ चार दिनों का सत्र बुला रही है; अन्यथा कोई कारण नहीं है कि सत्र की अवधि इतनी कम रखी जाए। जब सरकार कोरोना संक्रमण के नज़रिए से रोज़ हर विधायक को टेस्ट कराके ही विधानसभा में प्रवेश करने देगी तो फिर यह व्यवस्था तो लंबी अवधि के सत्र के लिए भी संभव थी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश को हज़ारों करोड़ रुपए के कर्ज़ से लाद चुकी प्रदेश सरकार अपनी तमाम योजनाओं की मिट्टी-पलीद कर चुकी है। कोरोना के मोर्चे पर निकम्मेपन का परिचय दे चुकी है। क्वारेंटाइन सेंटर्स और अब कोविड अस्पताल तक अस्वाभाविक मौत के केंद्र बनते जा रहे हैं। कोरोना की जाँच रिपोर्ट संबंधित संदिग्ध मरीज की मौत के बाद भी नहीं मिल रही है। कोरोना से मृत मरीजों का तीन-चार दिनों तक अंतिम संस्कार तक नहीं किया जा सक रहा है।

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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अब यह कुतर्क करने की चेष्टा न करें कि पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में भी विस मानसून सत्र छोटा होता रहा है। उस समय भी विस सत्र कम-से-कम सात दिनों का होता था। और, मानसून सत्र की यह अवधि भी तब इसलिए छोटी होती थी क्योंकि तब बज़ट सत्र तब कम-से-कम 20-22 बैठकों का होता था लेकिन इस बार तो कोरोना संकट के कारण विस बज़ट सत्र ही कुल 08-10 बैठकों का ही हुआ था। इसलिए इस बार मानसून सत्र को लंबी अवधि का रखा जाना आवश्यक है ताकि बहुत-से गंभीर और विचारणीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके। श्री शर्मा ने इस बार विधानसभा की कार्यवाही की रिपोर्टिंग के लिए मीडिया को प्रतिबंधित किए जाने पर भी ऐतराज़ जताया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुलाकर मीडिया से चर्चा करते समय जिस कांग्रेस और सरकार को कोरोना का भय नहीं सताता, उसे अब विस में मीडिया की उपस्थिति से किस बात का भय सता रहा है? प्रदेश सरकार वैकल्पिक व्यवस्था कर मीडिया को विस कार्यवाही की रिपोर्टिंग की अनुमति प्रदान करे।


कोरोना की आड़ लेकर चार दिनों का सत्र रखने पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने सवाल किया कि जब सरकार के मंत्री, नेता अपने जन्मदिन का जश्न सैकड़ों लोगों की मौज़ूदगी में रखते हैं, सरकारी कार्यक्रमों में बिना मास्क पहने मुख्यमंत्री और उनके मंत्री, सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाते हैं, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया निगम-मंडलों में नियुक्ति के नाम पर सियासी ड्रामा रचने जब-तब प्रदेश के दौरे पर आते रहते हैं और सैकड़ों लोगों का हुज़ूम जब वहाँ उनके इर्द-गिर्द मंडराता है तब उन मौक़ों पर प्रदेश सरकार को कोविड की गाइडलाइन याद क्यों याद नहीं आती? श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना का तो बहाना है, असल बात यह है कि प्रदेश सरकार बुरी तरह डरी हुई है और प्रतिपक्ष से चर्चा करने व उसके धारदार सवालों का सामना करने का उसमें अब लेशमात्र भी साहस नहीं रह गया है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि क़दम-क़दम पर कोरोना गाइडलाइन का खुला मखौल उड़ाती सरकार और कांग्रेस विधानसभा में विपक्ष का सामना करने इसलिए भी डर रही है, क्योंकि यूँ तो प्रदेश सरकार सियासी लफ़्फ़ाजियाँ करके झूठे आँकड़ों से प्रदेश को भरमाने में लगी रहती है, लेकिन विधानसभा में प्रदेश सरकार की आँकड़ेबाजी का झूठ ज़रा भी नहीं चलने वाला है। श्री शर्मा ने कहा कि अपने नाकारापन को ढँकने और प्रदेश के सामने अपने झूठ-फरेब और छलावों के पर्दाफाश से बचने के लिए ही प्रदेश सरकार सिर्फ़ चार दिनों का विधानसभा सत्र बुलाकर अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह चुराने में लगी है।
 

माल्या की तरह रमन सिंह के फाइल भी हो सकती है गुम : रमन सिंह सरकार के भ्रष्टाचार की काली कमाई का भाजपा के केंद्रीय नेताओं तक पहुंचता था हिस्सा

माल्या की तरह रमन सिंह के फाइल भी हो सकती है गुम : रमन सिंह सरकार के भ्रष्टाचार की काली कमाई का भाजपा के केंद्रीय नेताओं तक पहुंचता था हिस्सा

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक के रमन सिंह के बचाव में दिये गये बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी में भागीदार रहे भाजपा के नेता ही रमन सिंह को बचाने में लगे हैं। रमन सिंह सरकार की काली कमाई, काले कारनामों में पर्दा डालने में लगे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ना खाऊंगा ना खाने दूंगा कहा था। आज मोदी जी के ही शासनकाल में भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की जांच की फाइल गायब हो जा रही है। इस बात से भी इंकार नही किया जा सकता की माल्या की फाइल की तरह ही कल कही पनामा मामले में फंसे रमन मेडिकल कवर्धा निवासी अभिषाक सिंह की जांच फाइल भी गायब ना हो जाये।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि विष्णुदेव साय बतायें चुनाव आयोग को दिये शपथ पत्र के अनुसार ही रमन सिंह की आय के अधिक अनुपात में संपत्ति कैसे बढ़ रही है? विष्णुदेव साय यह भी बतायें कि रमन सिंह ऐसा कौन सा व्यापार, ठेकेदारी या उद्योग चला रहे थे जिससे उनकी संपत्ति में इतनी अनुपातहीन वृद्धि हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय में जरा भी नैतिकता है तो रमन सिंह एवं उनके परिवार की संपत्ति कहाँ-कहाँ पर है एवं बेनामी संपत्ति कितनी और कहाँ है इसकी जानकारी सार्वजनिक करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि भाजपा कांग्रेस के इस सवाल का जवाब क्यों नहीं देती कि रमन सिंह की संपत्ति 10 गुना कैसे हो गई? कांग्रेस ने रमन सिंह जी द्वारा हर चुनाव में दिए गए शपथ पत्रों के आधार पर उनसे साफ सुस्पष्ट सवाल पूछे हैं जिसका भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है। दस्तावेज सहित सप्रमाण आरोपों पर भाजपा खोखली बयानबाजी से खारिज नहीं कर सकती है। रमन सिंह के खिलाफ दस्तावेजी सबूत के सामने आने से भाजपाई बौखला गये है। इसी बौखलाहट में भाजपाने झूठे एवं निराधार आरोप का सहारा लिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा के नेता रमन सिंह पर लगाये गये दस्तावेजों, सबूतो के साथ लगाये गये आरोपों को ऐसे खारिज कर रहे जैसे इंकम टैक्स विभाग, सीबीआई, ईडी या न्यायालय सब कुछ भाजपा के नेता ही बन गये है। भाजपा नेताओं में नैतिकता हो तो पहले डॉ रमन सिंह पर लगे आरोप की जांच पूरी होने तक उन्हें भाजपा से बाहर करें और जांच में सहयोग करने कहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता पर सवाल करने से पहले खुद की लोकप्रियता का आंकलन कर ले तो बेहतर होगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ताओं का ही समर्थन नही है। लोकसभा चुनाव में पार्टी ने विष्णु देव साय को सांसद की टिकट के लायक नही माना वो लोकप्रियता की बात कर रहे है। विष्णु देव साय पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं उनकी पत्नी की काली कमाई पर पर्दा डालने लोक हितकारी किसान हितकारी कांग्रेस सरकार पर उंगली उठाना बंद करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही आर्थिक अपराधियों को संरक्षण देना है। भाजपा के बड़े नेताओं के संरक्षण में बैंकों को अरबों रुपए का चूना लगाने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी, सुशील मोदी सहित कई नामी-गिरामी बैंक डिफाल्टर देश से बाहर निकल चुके हैं। भाजपा अपराधियों के लिए पनाहगाह है और भाजपा के नेता अपराधियों को देश से बाहर भेजने के लिए ट्रैवल एजेंट की भूमिका निभाते हैं।
 

केन्द्र की भाजपा सरकार कर रही है एनआईए का दुरुपयोग, नहीं चाहती झीरम के षडयंत्र का पर्दाफ़ाश होः शैलेश नितिन त्रिवेदी

केन्द्र की भाजपा सरकार कर रही है एनआईए का दुरुपयोग, नहीं चाहती झीरम के षडयंत्र का पर्दाफ़ाश होः शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर, झीरम मामले में एनआईए कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इस निर्णय ने साबित किया है कि झीरम नरसंहार के षडयंत्र की अलग से जांच करने का भूपेश सरकार का फ़ैसला एकदम सही है। उन्होंने कहा है यह भी स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार दूसरी केंद्रीय एजेंसियों की तरह एनआईए का भी दुरुपयोग कर रही है और वह नहीं चाहती कि झीरम का सच सामने आये।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा लगातार झीरम षड़यंत्र का पर्दाफाश होने से रोकने में लगी रही है। यह भाजपा के नेता ही बता सकते हैं कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा है कि एनआईए की प्रथम रिपोर्ट में माओवादियों के शीर्ष नेताओं गणपति, रमन्ना और गुड्सा उसेंडी झीरम घटना में भागीदारी की बात थी। लेकिन जब चालन पेश हुआ तो इनके नाम हटा दिए गए। तो किसके कहने से यह नाम हटे ?

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एनआईए की अदालत ने निर्देश दिए थे कि एनआईए गुड्सा उसेंडी का बयान दर्ज करे। लेकिन गिरफ़्तार हो चुके गुडसा उसेंडी से आज तक बयान तक नहीं लिया।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है की अदालत में एनआईए ने झीरम मामले की फाइनल रिपोर्ट दाखिल की और कहा कि एनआईए की झीरम की जांच पूर्ण हो गयी। एनआईए की वेबसाइट पर यह सूचना भी प्रदर्शित होती रही। लेकिन राज्य में भाजपा की हार के बाद जब कांग्रेस की सरकार आई और उसने झीरम के षडयंत्र की जांच के लिए एस आई टी के गठन की घोषणा की तो अचानक एनआईए को याद आ गया कि उसकी जांच पूरी नहीं हुई है। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एनआईए की आड़ में केंद्र की भाजपा सरकार षडयंत्र की जांच को रोक रही है।
 
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि सीबीआई जांच के मामले में भी भाजपा की मंशा स्पष्ट हो गई थी। राज्य में कांग्रेस के दबाव में तत्कालीन रमन सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपने की घोषणा तो कर दी लेकिन केंद्र सरकार के दबाव में सीबीआई ने जांच हाथ में लेने से इनकार कर दिया। रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता को यह क्यों नहीं बताया कि सीबीआई ने जांच करने से इनकार कर दिया है??
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि जो लोग जांच का विरोध कर रहे है वे ऐसा क्यों कर रहे? झीरम के शहीदों के परिजनों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की जनता भी जानना चाहती है कि षडयंत्र का पर्दाफ़ाश हो पर भाजपा के नेता इसे रोक रहे हैं। यह तो जनता भी समझ रही है कि ऐसा क्यों हो रहा है। पर यह जानना ज़रूरी है कि रमन सिंह और उनके कहने पर केंद्र सरकार किसे बचाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि एनआईए जांच के नाम पर जो लीपापोती शुरु हुई वह बेहद पीड़ा पहुंचाती है। न तो एनआईए ने इस षडयंत्र की जांच की और न रमन सिंह सरकार ने जांच आयोग के जांच के दायरे में षडयंत्र को रखा है। राज्य सरकार जांच करना चाहती है तो अडंगे अटकाए जा रहे हैं।
कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों की जान क्यों गई और इसका षडयंत्र किसने रचा यह जानने का हक़ छत्तीसगढ़ की जनता को है। इसे भाजपा के नेता छीनना चाहते हैं। अदालत के फ़ैसले ने साबित किया है कि राज्य सरकार का फैसला जनहित और जन भावना का फैसला है।
 
मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह शराब की कमीशनखोरी में मस्त थे, सत्ता जाते ही भाजपाई शराब चोरी तस्करी में व्यस्त है- धनंजय सिंह

मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह शराब की कमीशनखोरी में मस्त थे, सत्ता जाते ही भाजपाई शराब चोरी तस्करी में व्यस्त है- धनंजय सिंह

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डॉ रमन सिंह मुख्यमंत्री रहते विधायक दल की बैठक में विधानसभा चुनाव भले ही हार जाएंगे लेकिन नोटबंदी की तरह ही शराबबंदी करने की घोषणा किए थे। लेकिन शराबबंदी तो नहीं किए बल्कि ज्यादा से ज्यादा कैसे शराब बेचा जाए इसके लिए अन्य राज्यों में कमेटी भेजकर प्रस्ताव बुलाते हैं और शराब के ज्यादा बिक्री करने से मिलने वाली 1500 करोड़ की कमीशनखोरी में व्यस्त रहे हैं। उस दौरान डॉ रमन सिंह शराब को कल्चर कहा था। और हकीकत यही है भाजपा के लिए शराब तस्करी और शराब के अवैध कार्य करना कल्चर की तरह ही है। पूरे प्रदेश में भाजपा के नेताओं के शराब तस्करी और शराब के अवैध धंधों में संलिप्ता उजागर हो रही है। लॉकडाउन के दौरान नारायणपुर के भाजपा के मंडल अध्यक्ष सहित महामंत्री और तीन लोगों को की गिरफ्तारी शराब खोरी करते होती है और भाजपा नेता पुलिस के अधिकारियो को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ट्रांसफर करा देने का धौंस जमाते है। कांकेर बलौदाबाजार राजनांदगांव में भी भाजपा के नेता शराब तस्करी करते पकड़े जाते हैं। पाटन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सांसद के नेतृत्व में शराब का विरोध करने के बहाने पहुंचे भाजपा के नेता गाड़ी में लदी शराब की बोतल लूट ले कर अपनी शराबखोरी की तृष्णा की पूर्ति करते है।20 से अधिक भाजपा नेताओं पर शराब लूट की अपराध दर्ज है।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते डॉ रमन सिंह ने शराब से कमीशनखोरी कर शराब की ज्यादा से ज्यादा बिक्री की योजना बनाकर भारत माता वाहिनी,महिला कमांडो और गुलाबी गैंग के माध्यम से चलाये जा रहे शराबबंदी और नशा मुक्ति अभियान में शामिल माता एवं बहनों के साथ दगाबाजी किया था। एक ओर राज्य की महिलाओं को शराबबंदी का सपना दिखाएं वही दूसरी ओर भाजपा के विधायकों को छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्य में भेज कर ज्यादा से ज्यादा शराब कैसे बेचा जाए ? बीयर पीने प्रोत्साहित किया जाए? और शराब को सहूलियत और आसानी से बेचने के लिए शराब के काउंटर बढ़ाने की योजना पर काम किया।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असफल नोटबंदी जिसके कारण देशभर को आर्थिक क्षति हुआ है व्यापार व्यवसाय तबाह हो गया।जानमाल की क्षति हुई है उस नोटबन्दी के हिमायती बन रहे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जो सत्ता रहते नोटबंदी की तरह शराबबंदी करने की दावा करते थे क्यों नहीं अब मोदी सरकार से नोटबंदी की तरह देशभर में शराबबंदी लागू कराते है?
 

कांग्रेस प्रवक्ता के बयान पर पलटवार करते भाजयुमो नेता अनुराग अग्रवाल ने पूछे 10 सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता के बयान पर पलटवार करते भाजयुमो नेता अनुराग अग्रवाल ने पूछे 10 सवाल

रायपुर, भाजयुमो नेता द्वय अनुराग अग्रवाल व उमेश घोरमोड़े ने संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजयुमो नेता द्वय अनुराग अग्रवाल व उमेश घोरमोड़े ने कहा कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वाले आज राम नाम जप रहे है, यह अच्छी बात है। इतिहास गवाह है अपने अंत समय में रावण ने भी जय श्री राम कहा था, क्योंकि मुक्ति का द्वार भी यही है। उन्होंने कांग्रेस से 10 सवाल पूछा है कि-

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1. "राम डस नॉट एक्सिस्ट" कह कर राम के अस्तित्व को नकारने का दुस्साहस किसके कहने पर किया था?
कहां थे विकास तिवारी सहित तम्माम कांग्रेस के नेता जब सुप्रीम कोर्ट में बाकायदा हलफ़नामा देकर कहा जा रहा था कि भगवान श्री राम कभी पैदा ही नहीं हुए थे । यह केवल कल्पना है। ऐसा कर क्या कांग्रेस ने व्यवसायिक हित के लिए देश के करोड़ो हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात की तैयारी नहीं कि थी?

2 राम मंदिर शिलान्यास पर राम नाम जपने वाली कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस नेता शशि थरूर ने जब कहा था कि अच्छा हिंदू राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहता तब कांग्रेस के मित्रों के मुह में दही जम गया था क्या?

3. जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम श्री राम मंदिर पर अध्यादेश को असंवैधानिक बता रहे थे तब कांग्रेस के नेता कहाँ थे? तब क्यों इन्हें सांप सूंघ गया था?

4.राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट का गठन हुआ तब क्यों कांग्रेस के नेताओं ने इसपर आपत्ति की थी? आपत्ति करने वाले आज शिलान्यास का जश्न मनाते राम राम रटते नहीं थक रहे है क्यों?


5.तब कहां थे कांग्रेस के राम भक्त नेता जब कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने राम मंदिर के निर्णय को 2019 लोकसभा चुनाव तक टालने की मांग की थी? तब प्रभु राम याद नहीं आ रहे थे क्या?

6. तब कहां थे कांग्रेस के नेता जब ताजा बयान में कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम के पुत्र ने कहा कि भारत में किसी नये पूजा स्थल की जरूरत नहीं?

7. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पिता भगवान राम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते है क्या यह राम भक्त कांग्रेस के मित्रों को सुनाई नहीं पड़ता?

8.कांग्रेस के नेता में है इतनी हिम्मत की भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले नंद कुमार बघेल जी के खिलाफ एक शब्द भी बोल सकें?
राम के हितैषी बनने का ढोंग करने वाले कांग्रेस नेता में है इतनी हिम्मत की नंदकुमार बघेल मुर्दाबाद कहे?

9.क्या नंद कुमार बघेल के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेंगे कांग्रेस के नेता?

10. जो मंदिर जाते है वह लड़की छेड़ते है किसने कहा था? क्या इस वक्तव्य का किसी कांग्रेस के नेता ने कभी विरोध किया?

भाजयुमो नेता द्वय अनुराग अग्रवाल व उमेश घोरमोड़े ने कहा कि कांग्रेस लगातार राम मंदिर के विषय पर राजनीति करते रही है, यह दुर्भाग्यजनक है। कांग्रेस नेताओं को आज किस प्रकार 400 सीटों से 44 पर आते ही राम याद आने लगे देश ने देखा है।आज श्रेय के लिए राम राम जपने वाली कालनेमि(कांग्रेस) को जनता भली भांति पहचानती है।


उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक चुनाव हो राहुल गांधी ने मंदिर मंदिर माथा टेका जनेऊ दिखाया जनता ने नकार दिया। आज पुनः मंदिर निर्माण शिलान्यास पर राजनीति करने और कांग्रेस नेताओं के बयान से स्पष्ठ हो जाता है कि प्रभु श्री राम इनके लिए सिर्फ राजनीति का विषय है ऐसी राजनीति इन्हें मुबारक।
 

भाजयुमो अध्यक्ष शर्मा का कटाक्ष : पकौड़े की खिल्ली उड़ाने वाली युकां क्या गोबर के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटी है?

भाजयुमो अध्यक्ष शर्मा का कटाक्ष : पकौड़े की खिल्ली उड़ाने वाली युकां क्या गोबर के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटी है?

रायपुर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने प्रदेश सरकार के सालभर प्रदेश के लोगों को रोज़गार मुहैया कराने के दावे पर कटाक्ष कर कहा है कि आज शासन ने 46000 गौपालकों को 1करोड़ 67 लाख का भुगतान किया है। 15 दिन में प्रति गौपालक 350 रुपये मतलब प्रतिदिन 23 रुपये देकर भूपेश सरकार अपनी पीठ धपथपा रही है। जिन लोगों को पकौड़ा बेचने की सलाह में रोज़गार नज़र नहीं आ रहा था, वे अब प्रदेश की तरुणाई को गोबर बिनवाकर सालभर रोज़गार मुहैया कराने की बातें कर रहे हैं! श्री शर्मा ने सवाल किया कि पकौड़े में रोज़गार की खिल्ली उड़ाने वाली युवक कांग्रेस के तमाम मुखर युवा नेताओं की इस मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार के दावे पर बोलती क्यों बंद है? क्या वे गोबर बीनने के लिए झँवा के इंतज़ाम में जुटे हुए हैं?


भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि रोज़गार के अवसरों की बेहतरी का दावा करने वाली प्रदेश सरकार क़दम-क़दम पर झूठ-फ़रेब से भरे आँकड़ों का खेल रच रही है। प्रदेश सरकार का दावा है कि छत्तीसगढ़ में बेरोज़गारी का प्रतिशत 13 से घटकर 09 फीसदी रह गया है। श्री शर्मा ने जानना चाहा है कि यदि प्रदेश सरकार ने रोज़गार के बेहतर अवसर मुहैया कराए हैं तो वह यह भी बताए कि मुख्यमंत्री निवास के सामने एक बेरोज़गार युवक आत्मदाह के लिए विवश क्यों हुआ? पुलिस विभाग और शिक्षाकर्मियों की भर्ती रोक कर बैठी सरकार आख़िर प्रदेश के युवा व शिक्षित बेरोज़गारों के साथ कब तक भद्दा मज़ाक करती रहेगी और कब तक गुड गवर्नेंस के ‘प्रायोजित अवार्ड’ दिखाकर प्रदेश को भरमाती रहेगी?

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हो या फिर प्रदेश के विकास व लोगों की कल्याणकारी सुविधा का मसला हो, प्रदेश सरकार हमेशा पैसों का रोना रोती रहती है जबकि सियासी नौटंकियों पर वह प्रदेश का खजाना लुटाने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाती। प्रदेश सरकार के राज्य की बेहतर आर्थिक स्थिति के दावों को भी श्री शर्मा ने झूठा बताया और कहा कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर है तो फिर प्रदेश सरकार कर्ज़ क्यों ले रही है और क्यों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार को चिठ्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छत्तीसगढ़ के लिए 06 प्रतिशत कर्ज़ की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं? श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और राज्य को भरमाने से बाज आकर ईमानदारी से काम करे।
 

साय का कटाक्ष : मंदिर निर्माण विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त 2020 अच्छी तरह नोट कर लें

साय का कटाक्ष : मंदिर निर्माण विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त 2020 अच्छी तरह नोट कर लें

रायपुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने पूर्व उपप्रधानमंत्री व तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष श्री आडवाणी को श्री राम मंदिर निर्माण के आंदोलन को निर्णायक राजनीतिक नेतृत्व देकर सोमनाथ से अयोध्या तक की राम रथयात्रा के माध्यम से भारतीय राजनीति को हिन्दुत्व-केंद्रित करने के क्रांतिकारी सूत्रधार के रूप में विशेष रूप से बधाई दी और कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति को तुष्टिकरण की व्याधि से मुक्त कर इस रथयात्रा-आंदोलन के माध्यम से देश में हिन्दुत्व-निष्ठ जिस वैचारिक अवधारणा को प्रतिष्ठित करने का काम किया, उनका वह लक्ष्य उनके समक्ष ही दशकों की संघर्ष-यात्रा के बाद कल 05 अगस्त को साकार होने जा रहा है। श्री साय ने कहा कि समूचा देश और हिन्दू समाज आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-परिवार, संत-महंत-धर्माचार्यों, भाजपा व हिन्दूवादी संगठनों के संघर्षों को सम्मान देने और भव्य मंदिर निर्माण के संजोए गए लक्ष्य को साकार करने और राजनीतिक सूझबूझ व दृढ़ इच्छा शक्ति प्रदर्शित कर मंदिर निर्माण के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को साधुवाद दे रहा है।

श्री साय ने कटाक्ष किया कि मंदिर निर्माण के विरोधी अब मंदिर निर्माण के शुभारंभ की तारीख़ 05 अगस्त, 2020 अच्छी तरह नोट कर लें क्योंकि वे बार-बार इस तारीख़ की घोषणा के लिए काफ़ी उतावले हो रहे थे।