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कांग्रेस के सत्ता में आते ही क़दम-क़दम पर अपराधियों के आतंक के चलते पूरा प्रदेश संत्रस्त हो चला है : सुंदरानी

कांग्रेस के सत्ता में आते ही क़दम-क़दम पर अपराधियों के आतंक के चलते पूरा प्रदेश संत्रस्त हो चला है : सुंदरानी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कवर्धा ज़िले के पांडातराई थाना क्षेत्र में गुरुवार को आँखों में मिर्च पाउडर झोंककर की गई 70 लाख रुपए की लूट के मामने को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि प्रदेश सरकार अब क़ानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी शर्मनाक विफलता की प्रतीक हो चली है। श्री सुंदरानी ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह चोरी, लूट, डकैती, बलात्कार, हत्या, रंगदारी की घटनाएँ आम हो चली हैं, उससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। हर क़दम पर आम आदमी की सुरक्षा व महिलाओं की अस्मिता दाँव पर लगी हुई है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि रायगढ़ में पिछले शुक्रवार को सरेआम कैश वाहन को लूटने और वाहन के चालक की गोली मारकर हत्या करने व गार्ड को घायल करने की वारदात के बाद सप्ताहभर के भीतर हुई यह लूट प्रदेश सरकार की अक्षम कार्यप्रणाली की जीती-जागती मिसाल है। अभी हाल ही एक नाबालिग बच्ची द्वारा दुष्कर्म का प्रतिरोध करने पर मार दिए जाने की घटना प्रदेश के माथे पर बदनुमा दाग़ लगा ही चुकी है। श्री सुंदरानी ने कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, प्रदेश में हर तरह के अपराधों की बाढ़-सी आ गई है। प्रदेश सरकार जन सुरक्षा और क़ानून के राज के दावे तो ख़ूब करती है पर ज़मीनी सच यह है कि प्रदेश में न कोई घर सुरक्षित है, न लोगों की जान और न ही महिलाओं-युवतियों और यहाँ तक कि नाबालिग बच्चियों तक की अस्मिता सुरक्षित रह गई है। क़दम-क़दम पर अपराधियों के आतंक के चलते पूरा प्रदेश संत्रस्त हो चला है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि रायगढ़ की वारदात के हफ़्तेभर में ही पांडातराई की ताज़ा वारदात अपने आपमें प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था की बेहद गंभीर स्थिति को बयान कर रही है। बढ़ते अपराधों के मद्देनज़र श्री सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के आते ही छत्तीसगढ़ में अपराधियों की पौ बारह हो गई है। कांग्रेस शासन के डेढ़ साल के इस कार्यकाल में गुंडागर्दी करने वालों को कांग्रेस नेताओं और प्रदेश सरकार से जुड़े लोगों के संरक्षण ने छत्तीसगढ़ को अपराधगढ़ बनाने में कोई क़सर नहीं रख छोड़ी है। प्रशासन और पुलिस तंत्र का राजनीतिक प्रतिशोध के अपने एजेंडे में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए दुरुपयोग के कारण ही आज प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था का राज दम तोड़ता नज़र आ रहा है। प्रदेश सरकार यदि बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगा पाने में विफल है तो वह तत्काल इस्तीफा दे। 

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, इन फैसलों पर लगी मुहर

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक, इन फैसलों पर लगी मुहर

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. कैबिनेट की बैठक में ईपीएफ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना समेत प्रवासी श्रमिकों के लिए किराए पर आवासीय योजना जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को अमलीजामा पहनाया गया.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और नरेन्द्र सिंह तोमर ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने गरीबों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट के समक्ष आए सभी मामलों को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोरोना की वजह से प्रभावित हुआ गरीब तबके को राहत दी जा सके.

इन फैसलों पर लगी मुहर

1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिली. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इसके तहत पिछले तीन महीने में 81 करोड़ लोगों को मुफ्त 5 किलो अनाज और प्रति परिवार 3 किलो दाल दी गई. इस योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ाया गया उसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके तहत प्रति व्यक्ति 25 किलो अनाज और 5 किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा. इस योजना में 1 लाख 49 हजार करोड़ का खर्च होगा. जो दुनिया मे अब तक कि सबसे बड़ी योजना है कि किसी देश मे 8 महीने तक इतने लोगों को अन्न दिया गया है.

2. दूसरे निर्णय के तहत सितंबर के अंत तक उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर देने का निर्णय लिया है. इस योजना के तहत तीन सिलेंडर मुफ्त दिए जाने थे. इसमें दो दिए जा चुके हैं. जबकि तीसरे सिलेंडर को लेने के लिए सितंबर तक की अवधि बढ़ा दी गई है.

3. 15 हजार तक की तनख्वाह वाले श्रमिकों का पीएफ खुद सरकार भरेगी. इससे मजदूरों को 12.5 फीसदी की मदद होगी. इसे सितंबर माह तक के लिए बढ़ा दिया गया है. यानि सितंबर माह तक श्रमिकों का पीएफ खुद सरकार जमा करेगी. इससे श्रमिकों को 12.5 फीसदी का सीधा लाभ होगा. जबकि रोजगार प्रदाता को भी सीधा फायदा होगा.

4. प्रवासी मजदूरों के लिए किराए पर आवासीय योजना पर भी मुहर लगी. इसके तहत देश के 107 शहरों में 1 लाख 8 हजार फ्लैट बनकर तैयार है. जबकि 1 लाख 35 हजार डोरमेट्री भी उप्लब्ध हैं जिन्हें शहर के कॉर्पोरेशन के जरिये प्रवासी श्रमिकों को किराए पर दिए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक किराए से बचाने के लिए इस योजना के तहत श्रमिको को उपलब्ध कराया जाएगा.

5. भारत की तीनों जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को उबारने के लिए 12 हजार 450 करोड़ के निवेश को मिली मंजूरी. इसके तहत यूनाइटेड इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और नेशनल इंश्योरेंस में सरकार निवेश करेगी ताकि इन कंपनियों की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके.

 

महंगाई को डायन बताने वाली भाजपा को महंगाई अब बेहद प्रिय लगने लगी है- मरकाम

महंगाई को डायन बताने वाली भाजपा को महंगाई अब बेहद प्रिय लगने लगी है- मरकाम

रायपुर, मोदी मंत्रीमंडल के आज के फैसलों को मजदूर, किसानों, व्यापार जगर, नौजवानों और मजदूरों के लिये सिर्फ दिखावा और औपचारिकता का निर्वहन निरूपित करनते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि देश की बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था इन कृत्रिम उपायों से सुधरने वाली नहीं है। नोटबंदी, गब्बर सिंह टैक्स, जीएसटी, बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम, बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी की मार झेल रहे अर्थव्यवस्था कर्ज बांटने वाले लोन मेलों की निरंतरता से सुधरने वाली नहीं है। कर्ज से मोदी जी के नीरव मोदी, मेहुल चौकसी विजय माल्या जैसो की स्थिति सुधर गयी। देश को आज गंभीरता से काम करने वाले अर्थशास्त्री की आवश्यकता है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और कोविड महामारी से प्रभावी ढंग से लडऩे के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व अर्थात सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी की ओर से बार-बार अनुरोध और सकारात्मक लिखित सुझावों के बावजूद, मोदी सरकार अपने अहंकार में कुछ भी करने में विफल रही है ।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि सरकार बनने पर 100 दिनों में महंगाई कम करने का दंभ भरने वाली भाजपा सरकार बनाने के 6 साल बाद भी बढ़ती महंगाई को रोकने में असफल है। बीते 4 सालों में देश में महंगाई कम होने की अपार संभावनाएं थी लेकिन मोदी सरकार के मनमानी गलत तरीके से लगाए गए जीएसटी, नोटबंदी ने आम जनता का बंटाधार कर दिया। मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत खाद्यन्न और मैन्यूफैक्चर उत्पादों की बढ़ती कीमतों ही इसके लिए जिम्मेदार है। महंगाई रोकने में भाजपा सरकार नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कुप्रभाव से देश अभी तक उबर नहीं पाया है। नोटबंदी से अधमरी अर्थव्यवस्था को कमजोर बनाने में कई स्लैब में लगाई गई जीएसटी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। नोटबंदी और जीएसटी के कारण किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं, व्यापारी, छात्र सभी वर्ग त्रस्त है। नगद राशि की कमी और जीएसटी के अड़चनदायक प्रावधान से कारोबार ध्वस्त हो चुका है। फैक्ट्रियां उत्पादन की बिक्री नहीं होने के कारण बंद होने के कगार पर खड़ी है। फसल का सही दाम नहीं मिल पाने से किसान हताश, परेशान है। मजदूर, किसान, व्यापारी, मध्यमवर्ग, गरीब सभी मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई और बेरोजगारी झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि देश की महंगाई पूरी तरीके से भाजपा सरकार के द्वारा उत्पन्न की गई है। भाजपा सरकार की जुमलेबाजी कथनी-करनी को जनता समझ चुकी है। इस सरकार के रहते इस देश को राक्षसरूपी महंगाई से मुक्ति नहीं मिलेगी। यूपीए सरकार के समय महंगाई को डायन बताने वाली भाजपा को महंगाई अब बेहद प्रिय लगने लगी है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार देश के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। 2014 में सत्ता में आने के बाद से देश को लगातार सभी सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों पर नीचे खींचने का काम मोदी सरकार ने किया है। विशेष रूप से पिछले तीन महीनों के दौरान मोदी सरकार के द्वारा लिए गए विचारहीन और नासमझ निर्णयों से मजदूरों और उद्योगजगत को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कोविड महामारी शुरू होने के बाद से इन विचारहीन और नासमझ निर्णयों का नुकसान लगातार देश को उठाना पड़ रहा है। अपरिपच् फैसलों ने तबाही का कहर बरपाया है । घरेलू और कूटनीतिक मोर्चों पर मोदी सरकार की नाकामी के कारणयुवाओं और कामकाजी नागरिकों के लिए रोजगार का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि 13 करोड़ घरेलू नौकरी का नुकसान युवाओं और कामकाजी नागरिको को उठाना पड़ा है। कई राज्यों में 40 प्रतिशत तक बेरोजगारी के आंकड़े पहुंच चुके है। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 24 जून 2020 के दौरान एच-1बी वीजा को निलंबित करने के निर्णय के परिणामस्वरूप लगभग 2 लाख भारतीयों को स्वदेश वापस भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी 85000 एच-1 बी वीजा भी खतरे में है। चूंकि इनमें से 60,000 से अधिक भारतीय है। इसका मतलब यह होगा कि भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर खोने की बड़ी समस्या सामने खड़ी हैं। कुवैत सरकार ने सभी भारतीयों की संख्या को सीमित करने वाला कानून लाया जा रहा है। कुवैत में 8.5 लाख भारतीय जो अब तक घर पैसा भेजते थे, अपना रोजी रोजगार छोडऩे कुवैत छोडऩे और घर वापस आने के लिए मजबूर होंगे। 2018 में, भारत को रेमिटेंस के रूप में कुवैत से 4.8 अरब डॉलर (वर्तमान दर पर लगभग 35,939 करोड़ रुपये) प्राप्त हुए जो अब नहीं मिलेंगे। घर में रोजगार के अवसर पैदा नहीं करने में मोदी सरकार की विफलता के साथ-साथ भारत और भारतीयों का हित साधन करने में अब तक के मित्र राज्यों को भी प्रभावित करने में नाकाम रही है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी सरकार अपनी अहंकारकारी निद्रा से जागे और इन महत्वपूर्ण घरेलू मुद्दों को हल करे। देश और विदेश में भारतीयों के रोजगार पर खतरों को दूर करे और लगातार डाउन स्लाइड पर रोक लगाने के लिये आवश्यक कदम उठायें। आज युवाओं के हाथ में रोजगार नहीं है। मोदी सरकार बनने के बाद हर साल दो करोड़ नौकरियों की दर से 6 साल में 12 करोड़ नौकरियाँ तो दूर की बात है। जिनके हाथ में मोदी सरकार बनने के पहले नौकरियाँ, स्वरोजगार था वह भी नोटबंदी और जीएसटी जैसे मोदी की उद्योग-व्यापार विरोधी नीतियों के कारण आज बेरोजगारी के दौर से गुजर रहे है। पढ़े-लिखे युवाओं को पकौड़ा तलने, पंचर बनाने की सलाह देने वाले भाजपा रोजगार उपलब्ध कराने में पूरी तरह से नाकाम है।

 

3 जुलाई, 3 बजे, 3 लोग मिलकर, छत्तीसगढ़ शासन का पूरे प्रदेश में 3000 पुतला जलायेगी युवा मोर्चा- विजय शर्मा

3 जुलाई, 3 बजे, 3 लोग मिलकर, छत्तीसगढ़ शासन का पूरे प्रदेश में 3000 पुतला जलायेगी युवा मोर्चा- विजय शर्मा

मीसा बंदियों के वंशजो को जेल का डर न दिखाये भुपेश- भाजयुमो
रायपुर | लोकतंत्र में विरोध विपक्ष का मौलिक अधिकार होता है। परंतु आपातकाल की डीएनए वाली कांग्रेस सरकार को ये बर्दाश्त नही होता कि कोई उन्हें उसका विद्रूप चेहरा दिखाये ।
प्रदेश का एक हताश बेरोजगार युवा हरदेव सिन्हा मुख्यमंत्री से समय ना मिलने के कारण मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह कर लेता है और प्रदेश भर के हजारों बेरोजगार युवा के समर्थन में जब भारतीय जनता युवा मोर्चा विरोध स्वरूप कांग्रेस सरकार का पुतला जलाने का आवाहन करता है तो कांग्रेसिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निरंकुश पुलिस विभिन्न जिलों में भाजयुमो कार्यकर्ताओ पर FIR दर्ज करती है ।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि हम उस पीढ़ी के अनुयायी है जिसने 2 साल आपातकाल का दंश झेला है। कांगेस सरकार को ये बात समझ लेनी चाहिए कि संघर्ष के कोख से जन्म लेने वाली भाजपा इन बातों से डरने वाली नही है। उन्होंने भाजयुमो के कार्यकर्ताओं से आवाहन किया है कि कल 3 जुलाई को दोपहर 3 बजे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 3 की संख्या में कार्यकर्ता और युवा जनप्रतिनिधि अपने अपने घरों में इस युवा विरोधी सरकार का पुतला जलाए और सोशल मीडिया फेसबुक, यूट्यूब,ट्वीटर पर लाइव प्रसारण करे।

 

अमित जोगी ने दिखाई मानवता हरदेव सिन्हा से मुलाकात कर 1 लाख रुपए का सौंपा चेक

अमित जोगी ने दिखाई मानवता हरदेव सिन्हा से मुलाकात कर 1 लाख रुपए का सौंपा चेक

रायपुर, सिविल लाइन इलाके में खुदकुशी की कोशिश करने वाले युवक से अमित जोगी ने मुलाकात कर उसके परिजन को 1 लाख रुपए का चेक सौपा.
आपको बता दे अमित जोगी जी आज उनसे शिक्षक और पुलिस अभ्यर्थियों के साथ अस्पताल में मिले उन्होंने कहा की वे 65% से अधिक जल चुके हैं और अपने जीवन के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी हालत नाज़ुक है उनके हौसले को पूरे छत्तीसगढ़ के नौजवान सलाम करते हैं।मैंने अपनी विधायक पेन्शन से 1लाख सहयोग राशि हरदेव के पिताजी श्री प्यारेलाल सिन्हा को सौंपी।राजनीति से ऊपर उठके हम सबको संकल्प लेना होगा कि अब हमारे छत्तीसगढ़ में कोई और युवा स्व. योगेश साहू और हरदेव बनने के लिए मजबूर न हो।
 

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी का बड़ा खुलासा, कहा- पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रताड़ित था खुदकुशी की कोशिश करने वाला युवक

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी का बड़ा खुलासा, कहा- पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रताड़ित था खुदकुशी की कोशिश करने वाला युवक

रायपुर,सिविल लाइन इलाके में सोमवार को धमतरी जिले के एक युवक ने खुदकुशी करने की कोशिश की है। मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने बड़ा खुलासा किया है। विकास तिवारी ने कहा है कि कल आत्महत्या का प्रयास करने वाले धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा ने दिनांक 29/03/2017 को तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को भृत्य पद की नियुक्ति हेतु आवेदन जनदर्शन कार्यक्रम में सौंपा था, जिसका क्रमांक-2017/848 था।


विकास तिवारी ने कहा है कि इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ट्विटर में लिखा था कि हरदेव सिन्हा के आत्महत्या के प्रयास को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सफलता समझें या विफलता? अब जब सारे तथ्य सामने आ चुके हैं। यह स्पष्ट हो चुका है कि धमतरी निवासी हरदेव सिन्हा तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को लिखित में पत्र सौंपकर सरकारी नौकरी की मांग की थी। उस पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने डेढ़ साल के अंतिम कार्यकाल में पहल क्यों नहीं की?

कांग्रेस पार्टी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पर आरोप लगाते हुए कह रही है कि भाजपा शासनकाल में 25 लाख बेरोजगार पंजीकृत और 25 लाख बेरोजगार अपंजीकृत थे। जिस युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया है, वह भी पूर्ववर्ती भाजपा से ही प्रताड़ित था। इस सवाल का जवाब भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को जनता के समक्ष आ कर देना चाहिए।
 

शिवराज सिंह को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ आयात करने का प्रयोग भी नाकाम, भाजपा की वर्चुअल रैली फ्लाप शो : मोहन मरकाम

शिवराज सिंह को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ आयात करने का प्रयोग भी नाकाम, भाजपा की वर्चुअल रैली फ्लाप शो : मोहन मरकाम

रायपुर, भाजपा की वर्चुअल रैली को फ्लाप शो निरूपित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि जब भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सारे नेताओं रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडेय, विष्णु देव साय को अपना कर देख लिया और इन सभी को जनता से और भाजपा कार्यकर्ताओं से कोई रिस्पांस नहीं मिला तो मजबूरन भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को वरचुअल रैली के लिये मध्यप्रदेश से आयात किया। भाजपा का शिवराज सिंह चौहान को छत्तीसगढ़ की वरचुअल रैली का नेतृत्व करने के लिये मध्यप्रदेश से लाने का भाजपा का प्रयोग भी विफल रहा है। भाजपा की आज की वर्चुअल रैली पूरी तरह फ्लाप शो ही साबित हुयी।


भाजपा की वर्चुअल रैली पर तंज कसते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर विफलता का कीर्तिमान रचा है। मजदूर, किसान, नौजवान, व्यापारी, मध्यम वर्ग सबमें भाजपा के प्रति नाराजगी है। अर्थव्यवस्था सम्हालने में विफल, कोरोना संक्रमण रोक पाने में विफल, किसानों की आय दुगुनी करने में विफल, 2 करोड़ रोजगार हर साल नौजवानों को देने में विफल, प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेश घर गांव तक पहुंचाने में विफल, सरहदों की रक्षा कर पाने में विफल रही है। नरेन्द्र मोदी के वायदे के मुताबिक दो करोड़ रोजगार हर साल के अनुसार 6 साल में 12 करोड़ रोजगार मिलने थे देश के युवाओं को लेकिन हुआ ठीक उल्टा बेरोजगारी 45 साल में सर्वाधिक 27 प्रतिशत तक पहुंच गयी। नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश की अर्थव्यवस्था लॉकडाउन के भी कुप्रबंधन के चलते बेहद खराब दौर से गुजर रही है। 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने की जिसमें पूरे देश में किसी भी गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, ठेले वाले, दुकानदार, उद्योग काम धंधे वाले किसी को भी समझ में ही नहीं आ रहा है कि उनको मिला क्या है? क्या नहीं मिल पाया है, यह सबको पता है। इसीलिये भाजपा की वरचुअल रैली को जनसमर्थन तो दूर की बात भाजपा कार्यकर्ताओं का भी समर्थन नहीं मिल सका। भाजपा ने दस लाख लोगों की भागीदारी का दावा किया था लेकिन दस-दस लोग जुटा पाने में भी विफल रही।

 

भव्य, समृद्ध, शक्तिशाली और स्वाभिमानी भारत के निर्माण का काम प्रधानमंत्री मोदी की क्रांतिकारी उपलब्धि : डॉ. रमन

भव्य, समृद्ध, शक्तिशाली और स्वाभिमानी भारत के निर्माण का काम प्रधानमंत्री मोदी की क्रांतिकारी उपलब्धि : डॉ. रमन

रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल के हाल ही पूरे हुए एक वर्ष को वर्षों से संजोए गए सपनों के पूरा होने और बड़े फैसलों से देश की दशा-दिशा तय करने वाला बताया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में अपने कार्यों व फैसलों की जो बुनियाद रखी थी, दूसरे कार्यकाल में उस बुनियाद पर एक भव्य भारत के निर्माण, एक समृद्ध, शक्तिशाली और स्वाभिमानी भारत की इमारत के निर्माण का काम प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की ऐतिहासिक, साहसिक व क्रांतिकारी उपलब्धि है। डॉ. सिंह गुरुवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति परिसर में भाजपा द्वारा आहूत जिला जनसंवाद कार्यक्रम के तहत बलौदाबाजार ज़िला की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभा को संबोधित कर रहे थे। विदित रहे, प्रदेश भाजपा द्वारा केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर जिला स्तर पर इन सभाओं का आयोजन रखा जा रहा है और यह सभा इस क्रम में गुरुवार की पहली सभा थी।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष देश की वर्षों की संजोई हुई आशा व आकांक्षाओं की पूर्ति का रहा है। केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में चौपट हो रही अर्थ व्यवस्था के दौर में भी देश को एकजुट रखते हुए ग़रीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान कर प्रभावित ग़रीब परिवारों, श्रमिकों और ज़रूरतमंदों को हरसंभव सहायता सामग्री व आवश्यक राशि मुहैया कराई, देश की अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्थायी आर्थिक उपायों पर काम करते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज घोषित किया। दूरदर्शितापूर्ण निर्णय लेकर उन पर त्वरित अमल करके प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोरोना संकट को काबू में रखा। केंद्र सरकार ने 45सौ ट्रेनों से देशभर में फँसे लगभग 56 लाख और बसों से 45 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुँचाने का काम किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने एक देश-एक कर, एक देश-एक राशन कार्ड और किसानों के ले एक देश-एक बाजार और आर्थिक आधार पर सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण जैसे निर्णय लेकर जहाँ देश के तंत्र को दुरुस्त करने का काम किया, वहीं आतंकवाद के ख़िलाफ़ हुँकार भरकर राष्ट्रीय अखंडता व संप्रभुता के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और विश्व मंच पर भारत की धमक कायम की। डॉ. सिंह ने धारा 370 व अनुच्छेद 35-ए की समाप्ति, तीन तलाक़ को ख़त्म करने क़ानून, नागरिकता संशोधन क़ानून और अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण की भी चर्चा कर इसे प्रधानमंत्री श्री मोदी के सक्षम नेतृत्व का सुपरिणाम बताया और कहा कि जिन कामों को असंभव बताया जा रहा था, श्री मोदी ने उन सारे कामों के अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष में संभव करके दिखला दिया।
डॉ. सिंह ने प्रदेश सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को सम्हालने की ज़िम्मेदारी निभाने में कांग्रेस की प्रदेश सरकार विफल रही है। प्रदेश सरकार को बेरहम बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि वह प्रदेश के लोगों की वेदना को महसूस नहीं करती। देश के दीग़र राज्यों ने अपने प्रवासी श्रमिकों के खातों में आर्थिक सहायता के रूप में पर्याप्त राशि जमा कराई लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई लाख प्रवासी श्रमिकों के खाते में ढाई रुपए तक जमा नहीं कराए। उनकी वापसी के लिए ट्रेनों को अनुमति तक देने में प्रदेश सरकार आनाकानी करती रही। प्रदेश के किसानों के साथ छल-कपट किया, शराबबंदी के वादे से मुकर रही है। शराब के धंधे में करोड़ों की हेराफेरी हो रही है और 30 फीसदी शराब अवैध रूप से बिक रही है और वह पैसा सरकारी ख़जाने में नहीं जा रहा है। शराब की तस्करी में पुलिस के लोग पकड़े जा रहे हैं। किसानों के दो साल के बकाया बोनस भुगतान के वादे की याद दिलाते हुए डॉ. सिंह ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी दो साल का बोनस नहीं मिलने की बात कही। कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार को विफल बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न मदों में 18 सौ करोड़ रुपए होने के बावज़ूद प्रदेश सरकार कोरोना संकट की रोकथाम और लॉकडाउन से प्रभावितों की सहायता में खर्च नहीं कर रही है। टेस्टिंग सुविधा नहीं बढ़ाए जाने के कारण जाँच रिपोर्ट का काम पेंडिंग पड़ा है और क्वारेंटाइन सेंटर्स यातना गृह बनकर रह गए हैं। केंद्र की राशि से संचालित मनरेगा को छोड़कर प्रदेश में कहीं कोई काम यह सरकार नहीं कर रही है। प्रदेश में माफिया आतंक बढ़ता जा रहा है और माफिया अपने ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे जनप्रतिनिधियों और लोगों पर जानलेवा हमले कर रहे हैं। प्रदेश सरकार बदलापुर की राजनीति कर भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रही है। प्रदेश में भाजपा के 15 वर्षों के शासनकाल की चर्चा कर डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता केंद्र सरकार के साथ ही प्रदेश के भाजपा शासनकाल की उपलब्धियों को भी बताएँ और मौज़ूदा प्रदेश की कांग्रेस सरकार की विफलताओं से भी प्रदेश को अवगत कराएँ।
सभा की शुरुआत ज़िला भाजपा अध्यक्ष सनम जांगड़े के संबोधन से हुई। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू ने सभा की कार्यवाही संचालित की। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सबको आत्म निर्भर भारत की संरचना की शपथ दिलाई। ज़िला महामंत्री राकेश तिवारी ने अंत में सबका आभार माना। इस मौके पर भाजपा वर्चुअल रैली के प्रदेश संयोजक व पूर्व मंत्री राजेश मूणत, संसद सदस्य द्वय सुनील सोनी व गुहाराम अजगले, प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व विधायक द्वय लक्ष्मी बघेल व मनाराम धृतलहरे, ज़िला महामंत्री सुभाष जालान, डॉ. अजय राव, पूर्व ज़िला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र टिकरिहा, पूर्व जिपं सदस्य पूनम मार्कंडेय सहित काफी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता वर्चुअली जुड़े थे।
 

कांग्रेस के धनंजय सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप,कहा राज्य को गरीब कल्याण योजना से वंचित रखना यहाँ के मजदूरों के साथ है अन्याय

कांग्रेस के धनंजय सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप,कहा राज्य को गरीब कल्याण योजना से वंचित रखना यहाँ के मजदूरों के साथ है अन्याय

रायपुर,कांग्रेस ने मोदी सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के 28 जिला को बाहर कर मजदूरों के साथ अन्याय करने और मजदूर मजदूर में भेदभाव करने का आरोप लगाया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी की नेतृत्व वाली सूटबूट वाली सरकार आजाद भारत की ऐसी पहली सरकार है जो केंद्रीय योजनाओं को भी दलगत कारणों से भेदभाव करते हुए लागू करती है। प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने शुरू की गई, मोदी सरकार की गरीब कल्याण योजना का लाभ देश के 747 जिलों के प्रवासी मजदूरों को नहीं बल्कि मात्र 116 जिलों में इस योजना को लागू कर मोदी भाजपा की सूटबूट वाली सरकार ने मजदूर-मजदूर में भेदभाव करने का निंदनीय कृत्य किया है। कोरोना महामारी संकटकाल में छत्तीसगढ़ के 28 जिलों में लगभग 5 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक एवं उनका परिवार सकुशल छत्तीसगढ़ लौटे हैं। मोदी सरकार के श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते बीते दो महिनें में छत्तीसगढ़ के 5 लाख प्रवासी मजदूरों को 1 हजार करोड़ रूपये की आर्थिक क्षति पहुंची है। रोजी रोजगार का संकट और मानसिक तनाव से मजदूरो को गुजरना पड़ा है। मोदी सरकार तत्काल मजदूरों के खाते में 10 हजार रूपये जमा कराने के बजाये मजदूरों के नाम से शुरू की गयी गरीब कल्याण योजना से ही मजदूरों को बाहर कर दिया है। लाकडाउन के दौरान मोदी भाजपा के अन्याय पूर्ण अमानवीय रवैया के चलते छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों को भूखे, प्यासे, नंगे पांव सड़को पर भटकना पड़ा। लखनउ से परिवार लेकर सायकल से छत्तीसगढ़ आने के लिये निकले श्रमिक की सड़क हादसे में सहपरिवार मौत हो गयी। ऐसे संकटकालीन दौर में प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की अत्यंत आवश्यकता है। राज्य सरकार मनरेगा के माध्यम से जॉब कार्ड बनाकर प्रवासी मजदूरों को भी रोजगार देने का प्रबंध कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के 28 जिलों के 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को बाहर करना मोदी भाजपा के छत्तीसगढ़ विरोधी, गरीब विरोधी और मजदूर विरोधी होने का पुख्ता प्रमाण है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ भाजपा के 9 सांसदों से सवाल पूछा क्या छत्तीसगढ़ के 28 जिला के प्रवासी मजदूरों को गरीब कल्याण योजना के मार्फत रोजगार नहीं मिलना चाहिए? क्या मोदी भाजपा की सरकार बनाने में 28 जिलों के गरीब मजदूर किसानों का कोई योगदान नहीं है? मजदूरों के नाम से घड़ियाली आंसू बहा कर राजनीति करने वाले भाजपा के सांसद मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के मजदूरों के साथ किए जा रहे अन्याय पर मौन क्यों हैं?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीन चौथाई क्षेत्र अत्यंत पिछड़े एवं वन क्षेत्र है जहां पर राज्य के लगभग 80 प्रतिशत अनुसूचित जाति जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग निवासरत हैं। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या कृषि एवं सामान्य मजदूरी पर निर्भर है जो सामान्यतः असंगठित क्षेत्र कृषि मजदूर एवं सीमांत कृषक हैं। राज्य के बस्तर सरगुजा संभाग सहित अन्य संभागों में आदिवासी वर्ग की बहुलता है साथ ही दस आकांक्षी जिले हैं। गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को सम्मिलित नहीं किए जाने से यहां के गरीबों कृषि मजदूरों प्रवासी मजदूरों एवं सीमांत किसानों में अत्यंत निराशा का भाव है। उपरोक्त दृष्टि से राज्य वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों के साथ में निवासरत मजदूरों को भी तत्कालिक रूप से रोजगार की प्राथमिक आवश्यकता है।

 

छ.ग.प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के ‘स्वयंभू ज़िम्मेदार’ लोग ‘लाल बत्ती की ललक’ में अपना नम्बर बढ़ाने में लगे हैं- सच्चिदानंद उपासने

छ.ग.प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के ‘स्वयंभू ज़िम्मेदार’ लोग ‘लाल बत्ती की ललक’ में अपना नम्बर बढ़ाने में लगे हैं- सच्चिदानंद उपासने

रायपुर,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने भारत-चीन सीमा विवाद पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि जिस पार्टी के पूर्ववर्ती शासकों ने हमेशा चीन के सामने घुटने टेकने और भारतीय भू-भाग पर चीनी कब्ज़े की ख़बरों पर लीपीपोती करने की लाचारी दिखाई हो, उस पार्टी के नेताओं की भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की जा रहीं टिप्पणियाँ एक बार फिर भारतीय सेना के पराक्रम और भारतीय नेतृत्व के प्रति उनकी राजनीतिक दुर्भावना की परिचय ही दे रही हैं। श्री उपासने ने कहा कि सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले और प्रधानमंत्री श्री मोदी को चुनाव में हराने के लिए पाकिस्तान से सहायता और समर्थन मांगने वाले लोग आज फिर अपनी राजनीतिक सोच की दरिद्रता का प्रदर्शन कर रहे हैं!


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग को इस मुद्दे पर अपना तथ्यपरक संदर्भों का ज्ञान बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार यह सवाल उठाकर अपने अल्प-ज्ञान का हास्यास्पद प्रदर्शन कर रही है कि भारतीय सैन्य अधिकारियों और सैनिकों को चीन से लड़ने के लिए निहत्थे क्यों भेजा गया? कांग्रेस के लोग हर मुद्दे पर अपनी गर्हित राजनीति से बाज नहीं आ रहे हों, यह तो समझ आता है; पर राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीति जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस ठीक उसी तरह तथ्यों से मुँह चुराकर देश को ग़ुमराह करने का आचरण करे, जैसा कि उरी, पुलवामा-बालाकोट और राफेल मुद्दे पर उसने किया था, यह समझ से परे है। श्री उपासने ने कहा कि भारतीय सैनिकों को गलवान घाटी में लड़ने नहीं भेजा गया था बल्कि वे रूटीन की गश्त पर गए थे और यह कांग्रेस समर्थित तत्कालीन देवगौड़ा सरकार के कार्यकाल के दौरान (29 नवम्बर सन् 1996) हुए एक समझौते के अनुच्छेद 6 की कण्डिका 1 के मुताबिक होता आया है। इसी समझौते के मुताबिक दोनों सेनाएँ दो-दो किमी पहले गश्त पर निकलती हैं। इतनी सामान्य समझ भी कांग्रेस के नेताओं में यदि नहीं है और वे मोदी-विरोध के इकलौते एजेंडे पर ही चल रहे हैं तो भारतीय सैन्य पराक्रम और विश्व मंच पर भारतीय नेतृत्व पर सवाल खड़े करने के इस घोर अपराध की कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री का मज़बूत नेतृत्व किसी ढोलनुमा प्रचार का मोहताज़ नहीं है। उरी और पुलवामा के आतंकी हमलों के बाद पहले सर्जिकल और फिर बालाकोट एयर स्ट्राइक कर भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने मज़बूत इरादे जता दिए हैं और चीन के ताज़ा हमले के बाद भी उन्होंने यह साफ़ शब्दों में कह दिया है कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। श्री उपासने ने कहा कि अब कांग्रेस इस बात का ज़वाब दे कि 2008 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (सीपीसी) के तत्कालीन महासचिव शी जिनपिंग और भारतीय कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव राहुल गांधी के बीच कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौज़ूदगी में हुए एमओयू का क्या मतलब है? दो देशों में सरकारी स्तर पर किसी तरह के एमओयू की बात तो समझ आती है, पर ‘दो अलग-अलग देशों के राजनीतिक दलों में महासचिव स्तर का’ यह कैसा एमओयू हुआ था? क्या इसका यह साफ़ संकेत नहीं कि राफेल मुद्दे के बाद कांग्रेस का नेतृत्व सीमा विवाद पर चीन के इशारों पर भारत को ग़ुमराह करने पर आमादा है? ख़ुद को भारतीय सेना के साथ खड़ा बताने का दावा कर रही कांग्रेस अपने प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के उस बयान का क्या ज़वाब देगी जिसमें लद्दाख झड़प के लिए चीन को क़ुसूरवार ठहराने के बजाय मोदी सरकार पर इसकी ज़िम्मेदारी डाली गई है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री उपासने ने कहा कि उरी, पुलवामा और राफेल मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह का आचरण देश में प्रदर्शित किया था, आज कांग्रेस एक बार फिर उसी राह पर चलती नज़र आ रही है। यह देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं और सत्ताधीशों की नियति ही यही रह गई है कि वे केंद्रीय स्तर पर एक परिवार की चापलूसी करके अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाएँ और प्रदेशिक स्तर पर मुख्यमंत्री की हर बेसिर-पैर की बातों पर सुर में सुर मिलाएँ ताकि निगम-मंडलों में उन्हें भी लाल बत्ती का सुख मिल सके। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के स्वयंभू ‘ज़िम्मेदार’ लोग आजकल इसी ललक के चलते भाजपा नेतृत्व को सीख देने और प्रदेश भाजपा नेतृत्व की हैसियत नापने की कोशिश में आकाश की ओर मुँह करके थूकने की चेष्टा कर रहे हैं। श्री उपासने ने कहा कि भाजपा नेताओं की हैसियत का अंदाजा लगाने से पहले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की देश की जनता की नजर में क्या हैसियत है, इस बात पर मंथन करने पर कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख को स्वयं अपनी, अपने नेता राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी की हैसियत का अंदाजा लग जाएगा। श्री उपासने ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख की यह मजबूरी हो सकती है कि शायद वह भी ‘लाल बत्ती की ललक’ में निगम-मंडल की अभिलाषा लिए अपने नेताओं के सामने अपना नम्बर बढ़ाने ऐसी बयानबाज़ी कर रहे हैं। पर विडम्बना ही है कि 18 महीने बाद भी कांग्रेस अपने बयानवीर की हैसियत निगम-मंडल के लायक नहीं समझ रही है!
 

धरमलाल कौशिक ने कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश में हो गया है माफिया राज,जानिये आखिर क्यों

धरमलाल कौशिक ने कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश में हो गया है माफिया राज,जानिये आखिर क्यों

रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने धमतरी जिले में एक जिला पंचायत सदस्य खूबलाल धुव्र व उनके साथियों पर हुए जानलेवा हमले और प्रदेश में रेत माफियाओं की दबंगई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि पूरे प्रदेश में माफिया राज कायम है।

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि खनिज विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए जून के महीने से ही रेत के उत्खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन उसके बाद भी इस तरह से माफियाओं का उत्खनन के काम में लगे रहना कई सवालों को जन्म देता है। श्री कौशिक ने सवाल किया कि पूरे प्रदेश में रेत माफियाओं को किसका का समर्थन प्राप्त है, जिसके चलते उनका मनोबल इतना मजबूत है? इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं लेकिन प्रदेश सरकार मौन है।


नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि धमतरी जिले में हुई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा है। इस मामले में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब थाने में जाकर इस बात का विरोध किया, तब पुलिस ने शिकायत दर्ज की; लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। श्री कौशिक ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और तत्काल उनकी गिरफ्तारी हो। इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और पीड़ित पक्ष को न्याय मिले इसकी चिंता प्रदेश सरकार को करनी चाहिए।
 

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के परिणाम घोषित, जानिये कौन कौन पंहुचा राज्यसभा

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के परिणाम घोषित, जानिये कौन कौन पंहुचा राज्यसभा

भोपाल, राज्यसभा चुनाव के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम जारी कर दिए हैं। बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को 56 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को 57 वोट मिले हैं।
इसके आलवा बीजेपी प्रत्याशी डॉक्टर सुमेर सिंह सोलंकी को मिले 55 वोट मिले हैं और फूल सिंह बरैया को 36 ।
इस हिसाब से दिग्विजय सिंह ,माधव राव सिंधिया और डॉक्टर सुमेर सिंह चुनाव जीत गए है इसी के साथ बीजेपी को 2 और कांग्रेस को 1 सीट पर मिली जीत.
 

छत्तीसगढ़ निगम मंडलों की नियुक्तियो में इस बार मिलना चाहिए युवा नेता विनय पाण्डेय को मौका

छत्तीसगढ़ निगम मंडलों की नियुक्तियो में इस बार मिलना चाहिए युवा नेता विनय पाण्डेय को मौका

रायपुर,अभी सरकार द्वारा निगम और मंडलों में नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी ला दी है जिसके चलते सभी नेता और कार्यकर्ता अपने अपने हिसाब से दावेदारी प्रस्तुत कर है उसी तारतम्य में इस बार शासन को युवाओ को ज्यादा मौका देना चाहिए जैसा की इन्होने पार्षद चुनाव के समय किया था और उसके आशातित परिणाम भी सामने आये थे

यदि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार इस बार निगम या मण्डल में युवाओं को मौका देती हैं तो युवा कांग्रेस में एक ऐसा नाम भी है जो मार्कफेड या पर्यटन मण्डल के पदों के लिए उपयुक्त है और वो नाम युवा नेता विनय पाण्डेय का है.

आपको बता दे विनय पाण्डेय को महज 24 साल के उम्र में स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कम्युनिटी का अध्यक्ष बनाया गया । ये 12th पास करने के बाद NSUI से जुड़ गए । 4 साल तक NSUIसे जुड़े रहने के बाद यूथ कांग्रेस में इन्हें सक्रिय सदस्य बनाया गया ,7 साल तक युवा कांग्रेस के लिए कार्य करते रहे। विधानसभा चुनाव के समय इन्हें बूथ उपाध्यक्ष भी बनाया गया ग्रामीण क्षेत्र में कड़ी मेहनत से आरंग विधानसभा के ग्राम गुजरा में कांग्रेस को लीड दिलाने में अहम भूमिका भी निभाई ।


वही कोरोना काल मे ग्राम गुजरा में ग्रामवासियो को सुरक्षित रहने हेतु मास्क वितरण ,राशन वितरण और उनकी जरुरतो पर सदा उनका  साथ दे रहे है
आपको बता दे ग्राम गुजरा में 34 बालिकाओं को निःशुल्क सायकल वितरण में भी इनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही  है.
 

अलवर से लौटे बच्चों के वाहन का किराया अदा करें राज्य सरकार : माकपा

अलवर से लौटे बच्चों के वाहन का किराया अदा करें राज्य सरकार : माकपा

रायपुर,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने राजस्थान के अलवर जिले में फंसे पड़े छत्तीसगढ़ के 37 आदिवासी बच्चों में से 7 की वापसी की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा व सुरक्षित घर वापसी की दृष्टि से इन सभी बच्चों को पुलिस प्रशासन के हवाले कर दिया गया है। इनमें से पांच बच्चे कांकेर जिले चारामा और नरहरपुर ब्लॉक के तथा दो बच्चे राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के हैं।

इन्हीं बच्चों के हवाले से पार्टी ने जानकारी दी है कि दो दिन पहले ही सात और बच्चियां अपने साधन से किराए का वाहन करके अपने गांवों-घरों में पहुंच चुकी है, लेकिन आज तक प्रशासन को उनकी सुध लेने की फुर्सत नहीं मिली है। उसी तरह ये सात बच्चे भी अलवर से रायपुर तक 42000 रुपये में एक स्कॉर्पियो किराया करके रायपुर तक पहुंचे हैं। माकपा राज्य सचिव संजय पराते तथा सचिव मंडल सदस्य धर्मराज महापात्र ने बस स्टैंड में उनकी अगवानी की और नूरानी चौक स्थित माकपा कार्यालय में निवृत्त होने तथा नाश्ता कराने के बाद उन्हें पुलिस के संरक्षण में सौंप दिया गया, ताकि उनकी सुरक्षित ढंग से घर वापसी हो सके।

उल्लेखनीय है कि इन सातों बच्चों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में प्रशिक्षित कर निजी कंपनियों को सौंप दिया गया था। इन बच्चों ने बताया कि मार्च से अभी तक उनको कंपनी से कोई वेतन नहीं मिला और उन्हें जिंदा रहने के लिए घर से पैसे मंगवाने के लिए बाध्य होना पड़ा है।

माकपा नेता पराते ने कांग्रेस सरकार से मांग की है कि इन बच्चों को आने में लगे किराये की अदायगी सरकार उन्हें करें तथा उनके जिले में इन शिक्षित आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि कौशल योजना के अंतर्गत दूसरे प्रदेशों में भेजे गए 3000 बच्चे अभी भी बाहर फंसे हुए हैं, उनमें से अधिकांश आदिवासी व कम उम्र की युवतियां है। एक तरह से तत्कालीन भाजपा सरकार की इजाजत से इनका सस्ते श्रम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें न तो न्यूनतम वेतन मिलने की गारंटी है और न ही उनके काम के घंटे किसी नियम व शर्तों से बंधे हैं। यह स्थिति इन बच्चों की बंधुंआ चाकरी की ओर इशारा कर रही है। माकपा ने दीनदयाल योजना के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की जांच करने की भी मांग की है।

 

3 लाख से अधिक संक्रमण होने पर कांग्रेस के शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री से पूछे 5 सवाल

3 लाख से अधिक संक्रमण होने पर कांग्रेस के शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री से पूछे 5 सवाल

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या में चैथे नंबर में पहुंच गया। जिस समय मोदी जी को वैज्ञानिको और विशेषज्ञों की सलाह लेनी थी लेकिन मोदी जी ने मात्र दिखावा किया। थाली बजाकर, घंटा बजाकर, लाईट बुझाकर, दिया जलाकर कोरोना महामारी से लडऩे जैसे मोदी सरकार के खोखले उपायों का ही परिणाम है कि आज देश में कोरोना प्रभावितों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। प्रतिदिन 12,000 से अधिक रिकार्ड मामले आने के बाद और कुल संक्रमण प्रभावितों की संख्या 3,00,000 से अधिक हो जाने के बाद भारत आज विश्व में चौथे नंबर पर है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मोदी जी ने पहले लाकडाउन की घोषणा करते समय 24 मार्च को देश से 21 दिनों में करोनों से जीतने का वादा किया था। 12 मई को मोदी जी ने कहा था कि देश आत्मनिर्भर बने। आत्मनिर्भरता के नाम पर देश को अपने हाल पे छोड़ दिया है। 12 मई को मोदी ने कहा था कि देश आत्मनिर्भर बने और निश्चित रूप से उसी दिन से मोदी ने देश के नाम संदेश बंद कर दिया। क्या मोदी जी का आत्मनिर्भरता से यही आशय था? मोदी जी ने सपने दिखाये थे देश को विश्वगुरू बनाने के लेकिन वास्तव में मोदी जी ने हताशा और निराशा के गर्त में डुबो दिया। कोरोना से लड़ाई लेकर बेरोजगारी, मजदूरों का बुराहाल और अर्थव्यवस्था तक हर मोर्चे पर यही हाल है।

प्र्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वितम मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ का पैकेज को लाभ किसी को भी नहीं मिला है। मोदी भाजपा की सरकार कोरोना महामारी संकटकाल में देश की जनता को सुरक्षा रोजगाार बेहतर स्वास्थ्य के संबंध में विश्वास दिलाने में विफल हो चुकी है। 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज आज 30 दिन हो चुके हैं अब तक किसी को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। किसान सम्मान निधि के नाम से किसानों का अपमान किया जा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग, छोटे एवं मध्यम उद्यमी व्यापारी मजदूर किसान निजी नौकरी करने वालों को 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के नाम से गुमराह करने का काम मोदी भाजपा किया है।

आज की परिस्थितियों में देश मोदी जी से जानना चाहता है कि
1. 12 मई के बाद से प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम कोई संदेश क्यों नहीं आया?

2. 11 मई के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की कोई पत्रकार वार्ता नहीं हुई है?

3. स्वास्थ्य सचिव के द्वारा रोज कोविद मामले की प्रेस ब्रीफिंग क्यों बंद हो गई है?

4. आई सी एम आर आई की पत्रकारों से चर्चा भी क्यों बंद की गई?

5. पहले लाकडाउन के समय की 21 दिन में कोरोना से लड़ाई जीतने की घोषणा के आगे क्या रोडमैप है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश यह भी जानना चाहता है कि मोदी जी ने कहा था पहला लॉक डाउन करते समय 21 दिन के भीतर हम करो ना पर जीत हासिल कर लेंगे लेकिन 2 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद और 3,00,000 से अधिक मामलों के साथ रोज 12,000 से अधिक संक्रमित ओं की संख्या बढऩे के साथ आज मोदी और भाजपा सरकार देश को बताएं कि अब उनका करोना में आगे का रोडमैप क्या है?

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने पूछा : मुख्यमंत्री को सहायता कोष के लिए बार-बार पैसा मांगने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने पूछा : मुख्यमंत्री को सहायता कोष के लिए बार-बार पैसा मांगने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोककर और वेतन कटौती के प्रस्ताव की चर्चा के बीच अफसरों-कर्मियों व आम लोगों से मुख्यमंत्री सहायता कोष में पुन: सहयोग राशि देने की अपील पर सवाल किया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को सहायता कोष के लिए बार-बार पैसा मांगने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है? श्री श्रीवास्तव ने कटाक्ष कर पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की इस अपील का यह संकेत है कि कांग्रेस और उसकी सरकार की राजनीतिक प्रामाणिकता पर लोगों को भरोसा नहीं हो पा रहा है और इसलिए वे बार-बार पैसा मांगने की अपील करने के लिए विवश हो रहे हैं!

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल जिनकी दो वेतनवृद्धि रोक चुके हैं और अभी उनके वेतन में 30 फीसदी कटौती के प्रस्ताव पर चर्चा थमी नहीं है, उनसे और प्रदेश के लोगों से तो वे कोरोना के नाम पर मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि जमा करने को कह रहे हैं और कांग्रेस के कार्यकर्तओं से राजीव भवन के लिए राशि देने को कह रहे हैं! श्री श्रीवास्तव ने पूछा कि मुख्यमंत्री बघेल की प्राथमिकता कोरोना के ख़िलाफ़ जारी जंग को अंजाम तक पहुँचाना है या राजीव भवन? क्या कोरोना के विरुद्ध जारी लड़ाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी नहीं होनी चाहिए? लेकिन मुख्यमंत्री की अपील से साफ़ प्रतीत हो रहा है कि वे छत्तीसगढ़ को कोरोना मुक्त करने की इच्छाशक्ति रखते ही नहीं और इस संकट के काल को भी अपने लिए एक राजनीतिक अवसर की तरह इस्तेमाल करने पर आमादा हैं।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सहायता कोष में भाजपा के सभी विधायकों ने अपनी-अपनी विधायक जनसंपर्क निधि से 11-11 लाख रुपए दिए हैं और अपने वेतन का 30 फीसदी अंश देने का संकल्प व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन दिन-रात केंद्र सरकार से पैसा मांगते रहने और केंद्र सरकार को कोसने की जुगत में ताक़त ख़र्च कर रहे मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता यह बताएँ कि प्रदेश के कितने कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि जमा कराई है और कितने कांग्रेस विधायकों ने अपने वेतन में से अंशदान करने का संकल्प घोषित किया है? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जो प्रदेश सरकार और कांग्रेस अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री सहायता कोष में अंशदान के प्रेरित करने की स्थिति में नहीं है, वह प्रदेश सरकार अपने अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रदेश की जनता से सहायता कोष में राशि देने की अपील किस अधिकार से और क्यों कर रही है
 

केंद्र के ख़िलाफ़ अनर्गल बाते के बजाय प्रदेश सरकार कोरोना की रोकथाम के पुख़्ता इंतज़ाम में शक्ति व ऊर्जा लगाए : भाजपा

केंद्र के ख़िलाफ़ अनर्गल बाते के बजाय प्रदेश सरकार कोरोना की रोकथाम के पुख़्ता इंतज़ाम में शक्ति व ऊर्जा लगाए : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व संसद सदस्य सुनील सोनी व संसद सदस्य अरुण साव ने प्रदेश सरकार पर बात-बेबात केंद्र सरकार को कोसने की प्रदेश सरकार की प्रवृत्ति पर निशाना साधा है। संसद सदस्य द्वय श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लगातार अनर्गल बाते करने के बजाय प्रदेश सरकार कोरोना की रोकथाम के पुख़्ता इंतज़ाम में अपनी शक्ति व ऊर्जा लगाए ताकि छत्तीसगढ़ कोरोना के विस्फोटक फैलाव की दहशत से मुक्त हो सके। केंद्र सरकार के सहयोग से ही प्रदेश सरकार कोरोना संकट पर क़ाबू पा सकती है और इसलिए प्रदेश सरकार केंद्र से अनावश्यक टकराव से बचे।


भाजपा संसद सदस्य द्वय श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि कोरोना संकट से निपटने में देश के दीग़र कई राज्यों ने पुख़्ता इंतज़ाम किये और इसलिए उन राज्यों में कोरोना का फैलाव नियंत्रित रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार ने तो अपनी ज़िम्मेदारी का अहसास तक नहीं किया और अपनी हर ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालकर केवल केंद्र सरकार को कोसने और उससे अनावश्यक टकराव की नीति पर चलते हुए राजनीतिक नौटंकियों में ही वक़्त जाया किया। श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि सिवाय केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ प्रलाप करने और रोज़-रोज़ पैसे मांगने के लिए चिठ्ठियाँ लिखने के प्रदेश सरकार ने इन तीन महीनों के पूरे संकटकाल में अपनी ओर से किसी प्रभावित की कोई सहायता नहीं की, कोरोना मरीजों की जाँच व इलाज तक की कोई व्यवस्था नहीं की।


भाजपा संसद सदस्य द्वय श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस संकट की घड़ी में भी राजनीतिक ओछेपन से बाज नहीं आ रही है। अपनी झूठी वाहवाही कराने में मशगूल प्रदेश सरकार उन कामों का श्रेय भी लेने की शर्मनाक कोशिशों में लगी है जो केंद्र सरकार द्वारा किए गए हैं और किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना के ख़िलाफ़ जारी जंग में जिस एम्स चिकित्सा संस्थान ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, वह केंद्र सरकार द्वारा संचालित है, जिस मनरेगा की माला जपकर रोज़ प्रदेश की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की मज़बूती की डींगें हाँकते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीणों को रोज़गार देने की बात कर रहे हैं, उस मनरेगा के लिए पंचायतों को केंद्र सरकार के वित्त आयोग से राशि मिली है, कोरोना संकट केदौरान जारी लॉकडाउन से परेशान व प्रभावित करोड़ों परिवारों को तीन माह का भरपूर राशन केंद्र सरकार ने मुहैया कराया है। श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि इसी तरह केंद्र सरकार ने करोड़ों परिवारों को नि:शुल्क रसोई गैस देने के साथ ही जन-धन खातों में नकद राशि जमा कराई, किसानों को सम्मान निधि मुहैया कराई और प्रदेश के तमाम सम्माननीय कोरोना व़रियर्स के ले पीपीई किट के साथ ही मास्क की आपूर्ति भी केंद्र सरकार ने की।


भाजपा संसद सदस्य द्वय श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन मद के लिए प्रदेश सरकार को 216 करोड़ रुपए दिए। प्रदेश सरकार ने अपने नाकारेपन के चलते केंद्र सरकार के इतने सहयोग के बाद भी प्रदेश में अपनी ओर से कोई सहायता कार्यक्रम नहीं चलाया, न आपदा प्रबंधन मद की राशि क्वारेंटाइन सेंटर्स के सुचारु संचालन में खर्च की और न ही कोरोना की जाँच व इलाज की कोई पुख़्ता व्यवस्था के लिए लैब खोले, अस्पताल तैयार किए; तो फिर किस मुँह से केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ प्रदेश सरकार प्रलाप कर रही है? श्री सोनी व श्री साव ने कहा कि जो प्रदेश सरकार कोरोना वॉरियर्स का सम्मान तक करना नहीं जानती, जो प्रदेश सरकार केंद्र के हर फैसलों के विरोध के इकलौते एजेंडे पर चलने पर ही आमादा है, वह सरकार अपनी विफलताओं से मुँह चुराने के लिए केंद्र सरकार के विरुद्ध बिलावज़ह प्रलाप करके प्रदेश को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रही है।
 

निर्दलीय चुनाव लड़े युवा नेता सार्थक शर्मा ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ किया कांग्रेस प्रवेश

निर्दलीय चुनाव लड़े युवा नेता सार्थक शर्मा ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ किया कांग्रेस प्रवेश

रायपुर, महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्र.32 में आज रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा व महापौर ऐजाज़ ढेबर एवं वार्ड पार्षद प्रमोद मिश्रा ने भूमि पूजन किया ।इस मौके पर नगर निगम चुनाव के दौरान निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले युवा नेता सार्थक शर्मा ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी में प्रवेश लिया।

आपको बता दे कि ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं महापौर ऐजाज़ ढेबर के समक्ष सार्थक शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता दाऊलाल यादव, मुकेश सोना, यादराम निषाद, शंकर कृष्णानी ने भी कांग्रेस पार्टी का दामन थामा।

युवा नेता सार्थक शर्मा के कांग्रेस पार्टी में प्रवेश से वार्ड कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह एवं खुशी की लहर है। शर्मा ने कहा कि आने वाले समय मे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार पूरे प्रदेश में समाज के हर वर्ग के हितों के लिए कार्य करते हुए अपने सभी वादों को पूरा करेंगी।
 

नए अध्यक्ष के नेतृव में नकारा कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के शंखनाद के साथ संपन्न हुई भाजयुमो प्रदेश कार्यसमितिें, वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बैठक को पूनम महाजन ने भी सराहा

नए अध्यक्ष के नेतृव में नकारा कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के शंखनाद के साथ संपन्न हुई भाजयुमो प्रदेश कार्यसमितिें, वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बैठक को पूनम महाजन ने भी सराहा

रायपुर | छत्तीसगढ़, कोरोना के दौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वर्चुअल प्लेटफार्म पर एक अनूठे प्रयोग के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति संपन्न हुई । कार्यसमिति में अध्यक्ष समेत 124 प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि ,मोदी जी का 6 साल भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम काल है । उन्होंने नया इतिहास रच दिया है और भाजयुमो को इन कार्यों को लेकर घर-घर तक जाना है व साथ में प्रदेश सरकार की नाकामियों से जनता को अवगत करा कर इस नकारा सरकार को उखाड़ फेंकना है।

कार्यक्रम में ऊर्जा भरते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन जी ने कहा की है कोरोना कॉल कुछ समय और लोगों के साथ चलेगा । छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार समाज नीति नहीं कर रही है बल्कि राजनीति कर रही है ऐसे विपरीत समय में आप कार्यकर्ताओं को कमल सैनिक बनकर जनता को संभालना है व जान और जहान को आगे ले जाना है । साथ ही उन्होंने कहा वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यसमिति बैठक कराने वाला देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ बन गया है.


उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस अनूठे तरीके से देश में कार्यसमिति कराने वाले पहले राज्य होने का गौरव प्राप्त करने पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा को बधाई दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय जी कहा कि मोदी जी के 'डिजिटल इंडिया' का महत्व इस कोरोना कालखंड में लोगों के समझ में आ रहा है। अब दुनिया बदल चुकी है ,यह माध्यम मनुष्य जीवन के सभी अंगों को बहुत प्रभावित करेगा ।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है और आप भाजयुमो के कार्यकर्ता इस टेक्नोलॉजी के योद्धा हैं । आपको मोदी जी के कार्यकलापों को घर-घर पहुंचाना है व देश की प्रगति में हिस्सा बनना है।
भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय व मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारी राम प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य प्राप्ति व स्थानीय उत्पाद के निर्माण व उपभोग को प्रोत्साहन देने के लिए मिशन के रूप में कार्य करने का संकल्प दिलवाया ।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा जी ने वायदा किया कि इस कोरोनावायरस के दौर में युवा मोर्चा अपने जीवन के आखिरी क्षण तक भी राष्ट्र निर्माण के लिए असीम ऊर्जा से कार्य करेगा ।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सोशल प्लेटफॉर्म पर भाजयुमो 10 जून से 14 जून तक प्रदेश के सभी 28 जिलों में रैलियों कर केंद्र की भाजपा सरकार की उपलब्धियो को जन जन तक पहुचाने व राज्य की कांग्रेस सरकार की विफलता से लोगो को अवगत कराएगी।
भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति में भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन जी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह जी ,भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडे जी ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय जी, महामंत्री संगठन पवन साय जी, मोर्चा प्रभारी राम प्रताप जी, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा जी उपस्थित रहें,विभिन्न जिलों के अध्यक्षों ने कार्यवृत्त प्रस्तुत किया प्रदेश कार्यसमिति का संचालन भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने आभार प्रदेश महामंत्री संजीव नारायण सिंह व संयोजन सोशल मीडिया प्रभारी जयप्रकाश यादव ने किया । उपरोक्त जानकारी प्रदेश सह मिडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल जी ने दी

भाजपा ने बिहार में बजाया चुनावी बिगुल, शाह ने कहा “लालटेन युग खत्म अब एलईडी युग का समय”

भाजपा ने बिहार में बजाया चुनावी बिगुल, शाह ने कहा “लालटेन युग खत्म अब एलईडी युग का समय”

नई दिल्ली, कोरोना महामारी के कहर के बीच भाजपा ने गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल रैली बिहार जननसंवाद के जरिए बिहार में चुनावी बिगुल बजा दिया है। रविवार को इस रैली में शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। राज्य में लालटेन युग के खत्म होने की घोषणा करते हुए शाह ने सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में दो तिहाई बहुमत हासिल करने का दावा किया। कोरोना के कहर के बीच यह किसी भी पार्टी की पहली वर्चुअल रैली थी।


इस ऑनलाइन रैली में शाह ने मोदी सरकार की गरीबों से जुड़ी एक एक योजनाओं की चर्चा की और कांग्रेस पर पूर्वी भारतकी अनदेखी का आरोप लगाया। शाह ने कहा बीते छह साल में आवास, बिजली, जनधन, उज्जवला, शौचालय योजनाओं के जरिए गरीबों के जीवन में प्रकाश लाने की कोशिशें हुई। देश के 25 करोड़ लोगों के घरों तक शुद्घ जल पहुंचाने की योजना शुरू की गई। किसान सम्मान निधि योजना के जरिए किसानों को हर साल 72 हजार करोड़ रुपये की सहायता शुरू की। जबकि कांग्रेस अब तक 60 हजार करोड़ की ऋण माफी पर ही अपनी पीठ थपथपा रही है।

नीतीश के नेतृत्व में ही चुनाव
पहली ऑनलाइन रैली में ही शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लग रहे सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ साफ कहा कि पार्टी नीतीश की अगुवाई में ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और दो तिहाई बहुमत हासिल करेगी। दरअसल स्थानीय स्तर पर भाजपा, जदयू, लोजपा के नेताओं की परस्पर विरोधी बयानबाजी से कई बार गठबंधन टूटने के कयास लगाए जा रहे थे।

लॉकडाउन पर दिया हर हमले का जवाब
पहली रैली में शाह ने लॉकडाउन के संदर्भ में विपक्ष के सभी हमलों का जवाब दिया। विपक्ष ने लॉकडाउन की आधी अधूरी तैयारी, कोरोना योद्घाओं पर वायुसेना के विमान से पुष्प वर्षा, ताली-थाली बजाने की पीएम की अपील पर निशाना साधा था। शाह ने कहा कि जनता कर्फयू देश के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। लोग जानेंगे कि कैसे देश के एक नेता की अपील पर कोई पुलिस बल प्रयोग किए बगैर पूरे देश ने घर के अंदर रहकर अपने नेता की अपील का सम्मान किया। चाहे उन्होंने थाली और घंटी बजाने को कहा, चाहे दीया जलाने को कहा, चाहे सेना के जवानों द्वारा आकाश से कोरोना वॉरियर्स पर फूल बरसाने की बात हो, ये सब पीएम की अपील ही थी। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा कहा, मगर जो कह रहे हैं उनको ये मालूम नहीं है कि ये राजनीतिक प्रोपेगेंडा नहीं है बल्कि ये देश को एक बनाने की मुहिम थी।

राजद पर सबसे तीखा निशाना
बिहार में राजद मुख्य विपक्षी दल है। इसलिए शाह ने सबसे तीखा निशाना भी राजद पर ही किया। इस पार्टी के चुनान निशान का परोक्ष जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि बिहार में लालटेन युग खत्म हो गया है। अब लालटेन नहीं एलईडी का युग है। राजद द्वारा इस रैली का थाली बजा कर विरोध करने पर भी शाह ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब मैं वर्चुअल रैली के माध्यम से आपसे संवाद कर रहा हूं तब कुछ लोगों ने अभी थाली बजाकर इस रैली का स्वागत किया है। मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर पीएम मोदी की अपील को उन्होंने मान लिया है।

पहली वर्चुअल रैली
यह किसी भी राजनीतिक दल की पहली वर्चुअल रैली थी। इसके जरिए भाजपा ने कोरोना के कारण पारंपरिक चुनाव प्रचार पर भविष्य में पडऩे वाले असर का विकल्प ढूंढने का संकेत दे दिया है। पार्टी ने इसी प्रकार कई ऑनलाइन रैली और अन्य तरह के राजनीतिक संवाद की योजना बनाई है। गौरतलब है कि बिहार में अक्टूबर नवंबर में चुनाव होंगे। माना जा रहा है तब तक कोरोना का असर मौजूद रहने के कारण चुनाव प्रचार का तरीका बदला बदला सा होगा।

क्या है बिहार का सियासी समीकरण
वर्तमान में राज्य में भाजपा-जदयू, लोजपा का गठबंधन है। इस गठबंधन की अगुवाई जदयू कर रही है। विपक्ष में राजद के नेतृत्व में कांग्रेस, वाम दल सहित कुछ अन्य दलों का गठबंधन बनने की उम्मीद है। बीते विधानसभा चुनाव में राजद-जदयू गठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले गठंबधन को करारी मात दी थी। हालांकि बाद में एक बड़े सियासी उलटफेर के तहत जदयू और भाजपा का पुरान गठबंधन फिर से बहाल हो गया।