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नए अध्यक्ष के नेतृव में नकारा कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के शंखनाद के साथ संपन्न हुई भाजयुमो प्रदेश कार्यसमितिें, वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बैठक को पूनम महाजन ने भी सराहा

नए अध्यक्ष के नेतृव में नकारा कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के शंखनाद के साथ संपन्न हुई भाजयुमो प्रदेश कार्यसमितिें, वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई बैठक को पूनम महाजन ने भी सराहा

रायपुर | छत्तीसगढ़, कोरोना के दौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वर्चुअल प्लेटफार्म पर एक अनूठे प्रयोग के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति संपन्न हुई । कार्यसमिति में अध्यक्ष समेत 124 प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि ,मोदी जी का 6 साल भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम काल है । उन्होंने नया इतिहास रच दिया है और भाजयुमो को इन कार्यों को लेकर घर-घर तक जाना है व साथ में प्रदेश सरकार की नाकामियों से जनता को अवगत करा कर इस नकारा सरकार को उखाड़ फेंकना है।

कार्यक्रम में ऊर्जा भरते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन जी ने कहा की है कोरोना कॉल कुछ समय और लोगों के साथ चलेगा । छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार समाज नीति नहीं कर रही है बल्कि राजनीति कर रही है ऐसे विपरीत समय में आप कार्यकर्ताओं को कमल सैनिक बनकर जनता को संभालना है व जान और जहान को आगे ले जाना है । साथ ही उन्होंने कहा वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यसमिति बैठक कराने वाला देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ बन गया है.


उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इस अनूठे तरीके से देश में कार्यसमिति कराने वाले पहले राज्य होने का गौरव प्राप्त करने पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा को बधाई दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय जी कहा कि मोदी जी के 'डिजिटल इंडिया' का महत्व इस कोरोना कालखंड में लोगों के समझ में आ रहा है। अब दुनिया बदल चुकी है ,यह माध्यम मनुष्य जीवन के सभी अंगों को बहुत प्रभावित करेगा ।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है और आप भाजयुमो के कार्यकर्ता इस टेक्नोलॉजी के योद्धा हैं । आपको मोदी जी के कार्यकलापों को घर-घर पहुंचाना है व देश की प्रगति में हिस्सा बनना है।
भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय व मोर्चा प्रकोष्ठ प्रभारी राम प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य प्राप्ति व स्थानीय उत्पाद के निर्माण व उपभोग को प्रोत्साहन देने के लिए मिशन के रूप में कार्य करने का संकल्प दिलवाया ।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा जी ने वायदा किया कि इस कोरोनावायरस के दौर में युवा मोर्चा अपने जीवन के आखिरी क्षण तक भी राष्ट्र निर्माण के लिए असीम ऊर्जा से कार्य करेगा ।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सोशल प्लेटफॉर्म पर भाजयुमो 10 जून से 14 जून तक प्रदेश के सभी 28 जिलों में रैलियों कर केंद्र की भाजपा सरकार की उपलब्धियो को जन जन तक पहुचाने व राज्य की कांग्रेस सरकार की विफलता से लोगो को अवगत कराएगी।
भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति में भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन जी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह जी ,भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडे जी ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय जी, महामंत्री संगठन पवन साय जी, मोर्चा प्रभारी राम प्रताप जी, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा जी उपस्थित रहें,विभिन्न जिलों के अध्यक्षों ने कार्यवृत्त प्रस्तुत किया प्रदेश कार्यसमिति का संचालन भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने आभार प्रदेश महामंत्री संजीव नारायण सिंह व संयोजन सोशल मीडिया प्रभारी जयप्रकाश यादव ने किया । उपरोक्त जानकारी प्रदेश सह मिडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल जी ने दी

भाजपा ने बिहार में बजाया चुनावी बिगुल, शाह ने कहा “लालटेन युग खत्म अब एलईडी युग का समय”

भाजपा ने बिहार में बजाया चुनावी बिगुल, शाह ने कहा “लालटेन युग खत्म अब एलईडी युग का समय”

नई दिल्ली, कोरोना महामारी के कहर के बीच भाजपा ने गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल रैली बिहार जननसंवाद के जरिए बिहार में चुनावी बिगुल बजा दिया है। रविवार को इस रैली में शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। राज्य में लालटेन युग के खत्म होने की घोषणा करते हुए शाह ने सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में दो तिहाई बहुमत हासिल करने का दावा किया। कोरोना के कहर के बीच यह किसी भी पार्टी की पहली वर्चुअल रैली थी।


इस ऑनलाइन रैली में शाह ने मोदी सरकार की गरीबों से जुड़ी एक एक योजनाओं की चर्चा की और कांग्रेस पर पूर्वी भारतकी अनदेखी का आरोप लगाया। शाह ने कहा बीते छह साल में आवास, बिजली, जनधन, उज्जवला, शौचालय योजनाओं के जरिए गरीबों के जीवन में प्रकाश लाने की कोशिशें हुई। देश के 25 करोड़ लोगों के घरों तक शुद्घ जल पहुंचाने की योजना शुरू की गई। किसान सम्मान निधि योजना के जरिए किसानों को हर साल 72 हजार करोड़ रुपये की सहायता शुरू की। जबकि कांग्रेस अब तक 60 हजार करोड़ की ऋण माफी पर ही अपनी पीठ थपथपा रही है।

नीतीश के नेतृत्व में ही चुनाव
पहली ऑनलाइन रैली में ही शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लग रहे सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ साफ कहा कि पार्टी नीतीश की अगुवाई में ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और दो तिहाई बहुमत हासिल करेगी। दरअसल स्थानीय स्तर पर भाजपा, जदयू, लोजपा के नेताओं की परस्पर विरोधी बयानबाजी से कई बार गठबंधन टूटने के कयास लगाए जा रहे थे।

लॉकडाउन पर दिया हर हमले का जवाब
पहली रैली में शाह ने लॉकडाउन के संदर्भ में विपक्ष के सभी हमलों का जवाब दिया। विपक्ष ने लॉकडाउन की आधी अधूरी तैयारी, कोरोना योद्घाओं पर वायुसेना के विमान से पुष्प वर्षा, ताली-थाली बजाने की पीएम की अपील पर निशाना साधा था। शाह ने कहा कि जनता कर्फयू देश के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। लोग जानेंगे कि कैसे देश के एक नेता की अपील पर कोई पुलिस बल प्रयोग किए बगैर पूरे देश ने घर के अंदर रहकर अपने नेता की अपील का सम्मान किया। चाहे उन्होंने थाली और घंटी बजाने को कहा, चाहे दीया जलाने को कहा, चाहे सेना के जवानों द्वारा आकाश से कोरोना वॉरियर्स पर फूल बरसाने की बात हो, ये सब पीएम की अपील ही थी। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा कहा, मगर जो कह रहे हैं उनको ये मालूम नहीं है कि ये राजनीतिक प्रोपेगेंडा नहीं है बल्कि ये देश को एक बनाने की मुहिम थी।

राजद पर सबसे तीखा निशाना
बिहार में राजद मुख्य विपक्षी दल है। इसलिए शाह ने सबसे तीखा निशाना भी राजद पर ही किया। इस पार्टी के चुनान निशान का परोक्ष जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि बिहार में लालटेन युग खत्म हो गया है। अब लालटेन नहीं एलईडी का युग है। राजद द्वारा इस रैली का थाली बजा कर विरोध करने पर भी शाह ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब मैं वर्चुअल रैली के माध्यम से आपसे संवाद कर रहा हूं तब कुछ लोगों ने अभी थाली बजाकर इस रैली का स्वागत किया है। मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर पीएम मोदी की अपील को उन्होंने मान लिया है।

पहली वर्चुअल रैली
यह किसी भी राजनीतिक दल की पहली वर्चुअल रैली थी। इसके जरिए भाजपा ने कोरोना के कारण पारंपरिक चुनाव प्रचार पर भविष्य में पडऩे वाले असर का विकल्प ढूंढने का संकेत दे दिया है। पार्टी ने इसी प्रकार कई ऑनलाइन रैली और अन्य तरह के राजनीतिक संवाद की योजना बनाई है। गौरतलब है कि बिहार में अक्टूबर नवंबर में चुनाव होंगे। माना जा रहा है तब तक कोरोना का असर मौजूद रहने के कारण चुनाव प्रचार का तरीका बदला बदला सा होगा।

क्या है बिहार का सियासी समीकरण
वर्तमान में राज्य में भाजपा-जदयू, लोजपा का गठबंधन है। इस गठबंधन की अगुवाई जदयू कर रही है। विपक्ष में राजद के नेतृत्व में कांग्रेस, वाम दल सहित कुछ अन्य दलों का गठबंधन बनने की उम्मीद है। बीते विधानसभा चुनाव में राजद-जदयू गठबंधन ने भाजपा की अगुवाई वाले गठंबधन को करारी मात दी थी। हालांकि बाद में एक बड़े सियासी उलटफेर के तहत जदयू और भाजपा का पुरान गठबंधन फिर से बहाल हो गया।

 

भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष कांग्रेस को ज्ञान देना छोड़ अपनी पार्टी की गुटबाजी पर ध्यान दे- विकास तिवारी

भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष कांग्रेस को ज्ञान देना छोड़ अपनी पार्टी की गुटबाजी पर ध्यान दे- विकास तिवारी

रायपुर, छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष विष्णुदेव साय को उनकी नियुक्ति पर बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि- रेसिंग नई रेसिंग भेड़ फोरत मर मर मरे बादवा बांधे खाये तुरंग अर्थात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को पहले अपने घर की चिंता करनी चाहिए फिर प्रदेश सरकार और कांग्रेस पार्टी पर बयान जारी करना चाहिये। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की लगातार तीन बार सरकार बनाने का मौका प्रदेश की जनता ने दिया और जब भाजपा की रमन सरकार के पापों का घड़ा छलक ने लगा तो इसी प्रदेश की जनता ने चौथी बार मात्र 15 सीटों पर भाजपा को सिमटा कर रख दिया इसके बाद भी लगातार हुए विधानसभा उपचुनावों, नगरी निकाय,नगर पालिका एवं पंचायतों के चुनाव में भी भाजपा का सूपड़ा साफ प्रदेश की जनता ने कर दिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकार के जन हितेषी कार्यों पर जनता ने मुहर लगाया और उन पर पूरा भरोसा किया जिसके कारण कि हाल ही में देश में हुए सी वोटर सर्वे में प्रदेश के 8 जनता ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ईमानदार नेतृत्व पर भरोसा जताया है और कोरोना कोविड 19 महामारी के संघर्ष के दिनों में उन्हें ईमानदार नेतृत्वकर्ता बताया है जिसे देख भाजपा जो पहले ही रसातल में चली गई है और भी गहरे सदमे में आ गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा के नए अध्यक्ष विष्णुदेव साय को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से सीख लेकर काम प्रारंभ करना चाहिए केवल बयानबाजी करने से भाजपा को वह कोई भी लाभ नहीं पहुंचा पाएंगे वर्तमान में भाजपा प्रदेश इकाई में गुटी राजनीति सतही स्तर तक आ चुकी है भाजपा के ही कार्यकर्ता सोशल मीडिया में खुलेआम अपने ही नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साध रहे हैं भाजपा मीडिया विभाग के प्रमुख को खुलकर ना केवल अपशब्द कह रहे हैं और उन्हें पैड-एम्पलाई तक कह रहे हैं भाजपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन नेताओं के नेतृत्व में भाजपा का सूपड़ा साफ हुआ लगातार विधानसभा चुनाव से लेकर नगरी निकाय और नगर पालिका के चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा उन्हें नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया जिसका कि विरोध भाजपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता कर रहे हैं। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को सतही गुटबाजी पर नियंत्रण लगाते हुए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की जवाबदारी है ना कि केवल बयानबाजी कर कांग्रेस सरकार की पर निशाना साधने की है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को कहा कि वह ताल ठोक कर यह दावा करें कि उनके नेतृत्व में आगामी समय में होने वाले मरवाही उपचुनाव पर भारतीय जनता पार्टी जीतेगी कि नहीं और अगर वह नहीं जीतेगी तो क्या वह अपने पद पर बने रहेंगे या उनकी हालत पूर्व अध्यक्ष विक्रम उसेंडी जैसा तो नहीं कर दिया जायेगा।

 

कोरोना संकट में मोदी सरकार बेबस लोगो की बेरहम सरकार साबित हुई, मोदी सरकार 2 का पहला साल घोर निराशा वाला - कांग्रेस

कोरोना संकट में मोदी सरकार बेबस लोगो की बेरहम सरकार साबित हुई, मोदी सरकार 2 का पहला साल घोर निराशा वाला - कांग्रेस

रायपुर, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल को कांग्रेस ने घोर निराशा वाला बताया है। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के सदस्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा की 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत वाली मोदी सरकार अनर्थकारी प्रबंधन और कोरोना की इस महामारी के समय बेबस लोग-बेरहम सरकार साबित हुई है। देश के विकास से लेकर आर्थिक नीति, रोजगार ,विदेश नीति ,सभी मोर्चो पर केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता को निराश किया है।

6 साल पहले मोदी वन के कार्यकाल के पहले वादा किया था हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार देगे, मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहले साल पूरा होने पर भी रोजगार नही मिल पाया ।अभी तक 6 साल में 12 करोड़ लोगों को रोजगार मिलना था ।नए रोजगार नौकरियां दूर की बात मोदी सरकार के 6 साल के कार्यकाल में 12.68 करोड़ से अधिक लोगो की नौकरियां चली गयी।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का वायदा करने वाले मोदी जी अपने दूसरे कार्यकाल के भी एक वर्ष पूरा होने तक इस दिशा में आज तक कोई ठोस कार्य योजना नही बना पाए ।2022 आने में सिर्फ डेढ़ साल बचे है देश किसान मोदी और भाजपा से जानना चाहते है 6000 रु तीन किस्तों में वो भी आधे अधूरे किसानों को देने से कैसे किसानों की आमदनी दुगुनी होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर भी विफल साबित हुई है। देश की जीडीपी पहली बार इतने न्यूनतम स्तर पर है। 6 सालों में मोदी सरकार एक भी नए सार्वजनिक उद्योग की स्थापना नही कर पाई उल्टे देश के 23 से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां मोदी सरकार ने बेच दी। रेलवे एल आई सी जैसे उपक्रमों तक को मोदी सरकार निजीकरण करना चाह रही है। मंहगाई कम करने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने के वायदे के खिलाफ आजादी के बाद भारत मे पहली बार पेट्रोलियम पदार्थों पर 80 फीसदी से भी अधिक टेक्स वसूला जा रहा।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति भी पूरी तरह असफल और देश के लिए नुकसान दायक साबित हुई है नेपाल वर्मा जैसे परम्परागत मित्र देश का विश्वास बनाये रखने में भी भाजपा सरकार असफल सबित हुई ।चीन रोज आंख दिखा रहा , बंगला देश अफगानिस्तान जैसे राष्ट्रों के संरक्षक की भूमिका में कमी आई है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार की लापरवाही के कारण भारत मे कोरोना फैला जब ऐतिहायतन कदम उठाने की जरूरत थी तब मोदी जी नमस्ते ट्रंफ और मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने में व्यस्त थे।कोविड 19 महामारी के समय गरीबो मजदूरों और मध्यमवर्ग के साथ देश के लोगो का भरोसा जीतने में मोदी सरकार नाकामयाब साबित हुई ।मोदी सरकार के अदूरदर्शी निर्णय के कारण करोङो श्रमिको को हजारों किमी पैदल यात्रा करनी पड़ी । ट्रेनों की अव्यवस्था के कारण 77 से अधिक लोगो की जाने चली गयी ।आज भी लोग भूख बेरोजगारी और सरकारी अव्यवस्था का दंश झेल रहे है।मोदी सरकार का दूसरे कार्यकाल का पहला साल देश के लिए खुद आपदा साबित हुआ।

 

सारे अधिकार और फंड मोदी सरकार ने अपने पास रखकर कर्तव्य और दायित्व राज्य सरकारों पर थोप दिए : कांग्रेस

सारे अधिकार और फंड मोदी सरकार ने अपने पास रखकर कर्तव्य और दायित्व राज्य सरकारों पर थोप दिए : कांग्रेस

रायपुर, कोरोना प्रबंधन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यों पर दोष मढऩे की कोशिश कर रही है. लेकिन जनता सब जान समझ रही है. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सच यह है कि 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा होते ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 'आपदा प्रबंधन कानून के तहत सारे अधिकार अपने पास रख लिए थे और राज्य सरकार तो सिफऱ् आदेशों का पालन करते रहे.
उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री राहत कोष के रहते हुए नरेंद्र मोदी ने 'पीएम केयर्सÓ नाम की एक संस्था खड़ी करने का षडयंत्र रचा और सारी राशि अपने पास रख ली. राज्यों के बार बार अनुरोध के बाद भी कोरोना से लडऩे के लिए कोई सहायता राशि नहीं दी गई. सांसदों की निधि से लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से हज़ारों करोड़ रुपयों की राशि 'पीएम केयर्स में रख ली जिसका हिसाब न सार्वजनिक किया जा रहा है और न इसका ऑडिट कैग के ज़रिए होने वाला है.
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस दिन रेलमंत्री पीयूष गोयल झूठ का पुलिंदा लेकर बयान दे रहे थे उसी दिन तय हो गया था कि अब भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी विफलताओं का ठीकरा राज्य सरकारों पर फोडऩे का षडयंत्र शुरु कर दिया है. उन्होंने कहा है, "सच यह है कि राज्यों में सारी गतिविधियां बंद करने का फ़ैसला प्रधानमंत्री का था, मज़दूरों को बिना काम-धाम किए रोकना उन्हीं का फ़ैसला था, आर्थिक गतिविधियां रोकना भी उन्हीं का फ़ैसला था. यहां तक कि कोरोना के इलाज के लिए किट उपलब्ध करवाना भी शुरुआत में केंद्र के हाथ में था." दरअसल कोरोना संकट एक चिकित्सकीय संकट था जिसे मोदी सरकार के फ़ैसलों ने मानवीय त्रासदी में बदल दिया.
संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि अगर केंद्र की भाजपा सरकार इस संकट से निपटने में सक्षम होती तो लॉकडाउन की घोषणा होते ही दिल्ली की सीमा पर इक_ा हुए लाखों मज़दूरों को रोक लेती या कोई इंतज़ाम कर लेती. सच यह है कि लाखों लोग पहले दिन से सड़कों पर जो निकले तो आज तक यह सिलसिला रुका नहीं है. सड़कों पर हज़ारों मील पैदल चलने के लिए मजबूर करने वाली सरकार केंद्र की भाजपा सरकार ही है. सड़कों पर और रेलवे ट्रैक पर हुई अनगिनत मौतों के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही जि़म्मेदार हैं. दर्जनों ट्रेनों के रास्ता भटकने के लिए कौन जि़म्मेदार है यह बताने की ज़रुरत भी नहीं है.
पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पंद्रह साल प्रदेश के मुखिया रहे व्यक्ति को सत्ताच्युत होते ही इस राज्य से इतना भी लगाव नहीं बचा है कि वे अपनी पार्टी के सांसदों से कह पाते कि वे कोरोना संकट से निपटने के लिए अपनी सांसद निधि का पैसा राज्य में खर्च करवा पाते. उन्होंने कहा है कि जहां तक आर्थिक संकट का सवाल है तो इसे तो प्रदेश की सरकार ने स्वीकार किया है और इसीलिए उसने केंद्र से 30 हज़ार करोड़ का आर्थिक पैकेज मांगा है. अच्छा होता यदि रमन सिंह राजनीतिक रोटी सेंकने वाले बयान की जगह इस पैकेज के समर्थन में प्रधानमंत्री को पत्र लिखते।
उन्होंने कहा है कि मज़दूरों से ट्रेनों का किराया वसूलने वाली भाजपा सरकार का बचाव करने से पहले रमन सिंह को जानना चाहिए कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मज़दूरों को लाने के लिए 50 से अधिक ट्रेनें चलाईं और उनका किराया भी ख़ुद भरा. सात राज्यों से घिरे हाने के कारण हर राज्य के मज़दूर छत्तीसगढ़ से गुजऱते रहे और छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से ऐसा इंतज़ाम किया कि न तो राज्य में कोई भूखा रहा और न कोई पैदल घर गया।
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने जब महंगाई भत्ता न देने की घोषणा की तब रमन सिंह चुप रहे लेकिन राज्य की मजबूरी पर वे घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं. राज्य में 23 लाख से अधिक मज़दूरों को मनरेगा से मिल रहे रोजग़ार, राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को मिल रही नकद राशि और लघु वनोपज से आदिवासियों को मिल रहे लाभ रमन सिंह को नहीं दिख रहे हैं और वे बेरोजग़ारी पर विलाप कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि सिफऱ् छत्तीसगढ़ में नहीं नहीं बल्कि पूरे देश में बेरोजग़ारी बढ़ी है और आने वाले दिनों में और बढ़ेगी लेकिन इसका पूरा जि़म्मा बिना विचार किए लॉकडाउन करने वाली भाजपा की केंद्र सरकार पर है.
अगर नरेंद्र मोदी की सरकार अगर ईमानदार है तो उन्हें चाहिए कि वे केंद्रीय श्रम मंत्रालय से राज्यवार बेरोजग़ारी का आंकड़ा जारी करें और फिर कांग्रेस रमन सिंह के साथ खुली चर्चा को तैयार है कि किस राज्य में कितनी बेरोजग़ारी है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अगर 15 सालों में रमन सिंह ने ठीक तरह से ढांचागत विकास किया होता तो आज सरकार और बेहतर ढंग से इस संकट का मुक़ाबला करती क्योंकि तब कम मज़दूर पलायन करके दूसरे राज्यों में गए होते.
संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि रमन सिंह जी इंतज़ार करें और देखें कि भूपेश बघेल जी की सरकार किस तरह इस संकट से निपटती है और किस तरह से सुनिश्चित करती है कि विकास के कार्य न रुकें. यह अवश्य होता कि सेंट्रल विस्टा और स्काई वॉक की तरह अनावश्यक निर्माण नहीं होंगे लेकिन विकास का कोई कार्य नहीं रुकेगा.

 

"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का निर्माण कर रहे मोदी-बृजमोहन

"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" का निर्माण कर रहे मोदी-बृजमोहन

रायपुर,विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भाजपाई नेतृत्व नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह एक वर्ष उपलब्धियों से भरा रहा है।


इस एक वर्ष में मोदी सरकार ने जहा भारत को खंडित करने वाली अनुच्छेद 370 और 35A जम्मू कश्मीर-लद्दाख से हटाकर वहा के नागरिकों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग दिया है वही 3 तलाक जैसी कुरीतियों को समाप्त कर मुस्लिम बहनों के सम्मान की रक्षा भी की है। रामजन्मभूमि विवाद का पटाक्षेप और वहा प्रभुराम मंदिर निर्माण प्रारंभ होना भी मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है।

बृजमोहन ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारत की सरकार जन-जन की उम्मीदों पर खरी उतरी है। फलस्वरूप आज एक विश्वास का वातावरण देश मे बना है,आम जनता पूरी शिद्दत के साथ अपने प्रधानमंत्री मोदी के हर निर्णय में उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के इस दौर में लगभग 21 लाख करोड़ राशि का का आत्मनिर्भर भारत पैकेज देकर स्वावलंबी और सक्षम भारत निर्माण का मार्ग देश को दिखाया है। माह मार्च में गरीब कल्याण योजना के तहत 1 लाख 80 हज़ार करोड़ रुपये खर्च कर गरीबों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ दिए गए है।

आज मोदी सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों के खाते में 6000/- तीन किस्तों डाला जा रहा है। इतना ही नही बल्कि किसानों व छोटे व्यापारियों को मामूली आंशदान पर 60 साल के बाद 3 हज़ार रुपये महीने की पेंशन योजना शुरू की गई है।

नागरिकता संशोधन कानून पास कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर भारत आये हिंदू,सिख बौद्ध,फ़ारसी जैसे वहा के अल्पसंख्यक समुदायों को न्याय देने का काम किया है। बृजमोहन ने कहा कि समूचे विश्व में भारत की विशिष्ट पहचान बनाने में मोदी सरकार सफल रही है।अब भारत को एक मजबूत,स्वावलंबी और सक्षम राष्ट्र के नज़रिये से अब दुनियां देख रही है।
इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मंत्रिमंडल के समस्त सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनायें दी है।

 

अदम्य साहस के प्रतीक थे अजीत जोगी- बृजमोहन

अदम्य साहस के प्रतीक थे अजीत जोगी- बृजमोहन

रायपुर,छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अजीत जोगी जी का हमारे बीच से चला जाने से देश-प्रदेश की राजनीति में रिक्तता पैदा होगी। उनकी जिजीविषा,उनकी आत्मशक्ति,उनका अदम्य साहस देखते ही बनता था।वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास की नींव उन्होंने रखी। उनकी कमी छत्तीसगढ़ को हमेशा खलती रहेगी।


बृजमोहन ने कहा कि जोगी जी से उनका व्यक्तिगत,पारिवारिक संबंध रहा है।वे जब रायपुर में कलेक्टर थे तब हम दुर्गा महाविद्यालय में अध्ययनरत थे। बहुत से छात्रनेताओं को उन्होंने आगे बढ़ाया है। बृजमोहन ने कहा कि जोगी जी हमेशा लोगों के लिए पहेली बने रहे, उन्होंने कभी विरोध की चिंता नही की। वे वे आज़ाद शत्रु थे पर उनका सम्पूर्ण जीवन संघर्षपूर्ण रहा। उनके जीवन से हमे भी बहुत कुछ सीखने को मिला है।


बृजमोहन ने कहा कि इस दुःख के अवसर पर मेरी संवेदनाएं जोगी परिवार के साथ है। ईश्वर से प्रार्थना है कि परिवार को दुःख सहने की शक्ति तथा मृतात्मा को चरणों मे स्थान देवे।


ॐ शांति
 

संकट से जूझते स्कूलों की तीन माह की मासिक फीस की राशि प्रदेश सरकार अपनी मद से जारी करे : सुंदरानी

संकट से जूझते स्कूलों की तीन माह की मासिक फीस की राशि प्रदेश सरकार अपनी मद से जारी करे : सुंदरानी


रायपुर,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने उन बड़े नामी निजी स्कूलों पर प्रदेश सरकार से नज़र रखने को कहा है जो मासिक फीस के अलावा परिवहन के नाम पर पिछले तीन महीने का शुल्क वसूलने पर आमादा हैं, जबकि इन तीन महीनों में जब बच्चे स्कूल गए ही नहीं तो परिवहन के नाम पर उनके अभिभावकों पर शुल्क जमा करने का दबाव कैसे बनाया जा रहा है?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्री सुंदरानी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण जारी लॉकडाउन के चलते प्रदेश के अनेक निजी स्कूल इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। इन स्कूलों के लिए अभिभावकों पर शालेय शुल्क जमा करने का दबाव नहीं बनाने का जारी सरकारी फरमान गहरा संकट उत्पन्न कर रहा है। ऐसी स्थिति में इन स्कूलों के प्रबंधन के सामने विद्यालयीन शिक्षक-शिक्षिकाओं व अन्य स्टाफ के वेतन तथा दीगर व्यवस्थाओं के लिए राशि जुटाना एक बड़ी चुनौती है। श्री सुंदरानी ने कहा कि ऐसे स्कूलों की तीन माह की मासिक फीस की राशि प्रदेश सरकार अपनी मद से जारी करे ताकि अभिभावकों पर भी दबाव नहीं बढ़ेगा और विद्यालयों के सुचारु संचालन में प्रबंध समितियों को बड़ी दिक्कत से राहत मिल सकेगी। जिन शालाओं की स्थिति बेहद संकटपूर्ण है, उन शालाओं को प्रदेश सरकार अनुदान देकर भी मदद मुहैया कराए।
 

भाजपा प्रवक्ता व विधायक शिवरतन ने सरकार पर लगाया आरोप, क्वारेंटाइन सेंटर्स की बदहाली और बदइंतज़ामी और डाक्टरों के इस्तीफे पर नही ले रहे संज्ञान

भाजपा प्रवक्ता व विधायक शिवरतन ने सरकार पर लगाया आरोप, क्वारेंटाइन सेंटर्स की बदहाली और बदइंतज़ामी और डाक्टरों के इस्तीफे पर नही ले रहे संज्ञान

रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर्स और होम आइसोलेशन में रखे गए एक और व्यक्ति द्वारा की गई आत्महत्या की वारदात को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली की विफलता पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया है। श्री शर्मा ने सवाल किया है कि प्रदेश सरकार क्या इन क्वारेंटाइन सेंटर्स और होम आइसोलेशन में रखे गए लोगों की आत्महत्याओं और मौतों का रिकॉर्ड बनाने की सोच रही है? आख़िर प्रदेश सरकार क्यों नहीं इन सेंटर्स की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करके वहाँ क्वारेंटाइन और आइसोलेट कर रखे गए लोगों की मदद कर रही है?


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि बुधवार को बस्तर के नरहरपुर ब्लॉक के धनोरा में होम आइसोलेशन में रखे गए एक ग्रामीण द्वारा आत्महत्या कर लेने की वारदात ने प्रदेश सरकार की विश्वसनीयता, कोरोना संक्रमण को लेकर उसकी संजीदगी और कोरोना की रोकथाम की उसकी इच्छाशक्ति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी दिन महाराष्ट्र से आने के बाद कवर्धा जिले के लोहारा ब्लॉक के बांधाटोला क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों में से एक परिवार के नवजात की मौत हो गई और बिना जाँच किए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस सेंटर में रह रहे लोगों की अभी तक जाँच भी नहीं हो पाई है। इधर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के टीकरकला सेंटर में भोपाल से लौटे एक व्यक्ति की डेढ़ साल की मासूम बेटी की मौत हो जाने की ख़बर है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर के विभिन्न क्वारेंटाइन सेंटर्स में अब तक लगभग एक दर्ज़न लोगों की मौत और ख़ुदक़ुशी के मामले सामने आने के बाद भी प्रदेश सरकार न तो यथार्थ देख रही है और न ही प्रदेशवासियों की गुहार सुन रही है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि बार-बार ध्यान खींचे जाने के बावजूद प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण क्वारेंटाइन सेंटर्स की बदहाली और बदइंतज़ामी बदस्तूर कायम है। प्रदेश सरकार जिला पंचायतों को पत्र जारी कर ज़रूरी इंतज़ाम करने के निर्देश देती है लेकिन उन निर्देशों पर ज़मीनी स्तर पर अमल को लेकर प्रदेश सरकार की उदासीनता ने हालात को बेहद नाज़ुक मोड़ पर पहुँचा दिया है और अब इन सेंटर्स में लगातार मौतों का सिलसिला चल पड़ा है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को भाजपा ने चुनौती दी थी कि एक सर्वदलीय समिति बनाकर वह प्रदेश के किन्हीं भी 10 सेंटर्स में चलकर निरीक्षण कर ले तो उसे ज़मीनी सच का पता चल जाएगा लेकिन प्रदेश सरकार ने इस पर चुप्पी साध ली।


नही ले रहे है डाक्टरों के इस्तीफे के कारणों पर संज्ञान
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ प्रदेश कोरोना संक्रमण के विस्फोटक फैलाव की चपेट में आ गया है और प्रदेश सरकार अपने सत्तावादी अहंकार से भरीं सियासी नौटंकियों और झूठे श्रेय की ललक से उबरने को तैयार ही नहीं दिख रही है।उन्होंने कहा कि मेकाहारा के जूनियर डॉक्टरों ने वेतन व पी पी ई किट न मिलने के कारण इस्तीफा दे दिया जो छत्तीसगढ़ के लिये कोरोना महामारी के समय शुभ संकेत नही है और ये इस्तीफे सरकार की असफलता का उदहारण है ।


टेंट लगाकर तालाब देखने के लिए मुख्यमंत्री के पास समय है, लेकिन प्रदेश के क्वारेंटाइन सेंटर्स देखने का समय नहीं है!
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कटाक्ष कर कहा कि टेंट लगाकर तालाब देखने के लिए मुख्यमंत्री के पास समय है, लेकिन प्रदेश के क्वारेंटाइन सेंटर्स देखने का उनके पास समय नहीं है! जो प्रदेश सरकार राजधानी के उस एम्स में आज तक नहीं गई जहाँ प्रदेशभर के कोरोना संक्रमितों का सफल इलाज हो रहा है, उस सरकार से संवेदना जैसी भावनाओं की उम्मीद रखना बेमानी है। श्री शर्मा ने सवाल किया कि आख़िर प्रदेश सरकार की इन क्वारेंटाइन सेंटर्स तक पहुँच क्यों नहीं है और कितनी मौतों के बाद प्रदेश सरकार इन सेंटर्स की बदहाली और बदइंतज़ामी को दूर करने की बात सोचेगी?
 

क्वॉरेंटाइन सेंटरों की व्यवस्थाओं पर बृजमोहन ने कसा तंज,बन रहा मौत का केंद्र

क्वॉरेंटाइन सेंटरों की व्यवस्थाओं पर बृजमोहन ने कसा तंज,बन रहा मौत का केंद्र

रायपुर,कोरोना संकट से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के क्वॉरेंटाइन सेंटरों में हो रही लोगों की मौतों पर विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सरकारी व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है।
बृजमोहन ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना से लड़ी जा रही लड़ाई को मजाक बनाकर रखा है। लोग आत्महत्या कर रहे है,सांप काटने से यहा मौते हो रही है। ऐसा लगता है क्वॉरेंटाइन सेंटर मौत का सेंटर बनता जा रहा है।अब तक 8 से ज्यादा मौतें इन सेंटरों में हो चुकी है बावजूद सरकार व्यवस्थाओं को दुरुस्त नही कर पा रही है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य के क्वॉरेंटाइन सेंटर बदहाल स्थिति में है। ज्यादातर जगहों में इन स्थानों में रहने वालों की दशा बेहद खराब है। कही खाना नही मिलने की शिकायत है तो कही गंदगी से लोग परेशान है। सहसपुर लोहारा के क्वॉरेंटाइन सेंटरों में रुके लोगों का 24 दिन पहले से कोरोना जांच का सेम्पल लिया जा चुका है बावजूद अभी तक रिपोर्ट नही आई है और न ही उन्हें छुट्टी मिल रही है। ऐसे शिकायत प्रदेश के कई स्थानों से आ रही है।
अंबिकापुर में कोरोना संक्रमित महिला से अस्पताल में लूटपाट की कोशिश, बम्हनीडीह सेंटर में शराब पीने की घटना यह बताने काफी है कि सरकार कोरोना को लेकर कितनी गंभीर है।
बृजमोहन ने कहा कि क्वॉरेंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों की मनोदशा बेहद खराब हो रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि व्यवस्थाएं अतिशीघ्र ठीक करें। नियमतः मनोचिकित्सकों द्वारा क्वॉरेंटाइन सेंटरों में सभी लोगों की जांच होनी चाहिए परंतु ऐसा कुछ भी नही हो रहा है। जांच के नाम पर सिंर्फ खानापूर्ति हो रही है। यह बेहद चिंताजनक विषय है।
बृजमोहन ने कहा कि यहा लोग कोरोना से भले ही न मरे परंतु सरकारी सिस्टम लोगों के मौत की वजह बन रहा है,यह बेहद दुःख की बात है।
 

राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों की बीमा योजना बंद करना आदिवासियों के साथ अन्याय-बृजमोहन

राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों की बीमा योजना बंद करना आदिवासियों के साथ अन्याय-बृजमोहन

रायपुर,पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और उनके परिवार के लिए प्रारंभ की गई बीमा योजना बंद किये जाने पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह बीमा और उससे लाभ आदिवासियों का अधिकार था। इस अधिकार के हनन से सरकार का आदिवासी विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए लागू की गई बीमा योजना का लाभ राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम की राशि भुगतान नही किये जाने के कारण अब उन्हें नही मिल रहा है। 2 लाख रुपये के इस बीमा योजना के तहत मृतक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार मुआवजे से वंचित है। यहा सरकार ने वनवासियों के साथ अन्याय करते हुए असंवेदनशीलता का परिचय दिया है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा की वनवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठाना, उनका भविष्य सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि वे जंगलों में अपनी जान हथेली पर लेकर वनवासी परिवार तेंदूपत्ता तोड़ते है। हाथी,भालू जैसे जंगली जानवरों के हमले का भय उनमें सदा बना रहता है।इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीमा की योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत मौत साधारण हो या दुर्घटना में, बीमा का लाभ 2 लाख रुपये परिवार को मिलना सुनिश्चित था। परंतु अब हितग्राही सैकड़ों परिवार बीमा के लाभ से वंचित है। परिवार के मुखिया के चले जाने से सैकड़ों परिवार असहाय हो गए है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय आदिवासी विरोधी है।
बृजमोहन में महासमुंद जिले का जिक्र करते हुए कहा कि 140 संग्राहक मुखिया तथा 23 समूह परिवार ने बीमा के लिए भुगतान का दावा किया है पर उन्हें राशि नही मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वनवासियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
 

बृजमोहन अग्रवाल का आरोप राजीव गांधी किसान न्याय योजना में नही हो रहा किसानों के साथ न्याय, स्व.राजीव गांधी का अपमान कर रही कांग्रेस सरकार

बृजमोहन अग्रवाल का आरोप राजीव गांधी किसान न्याय योजना में नही हो रहा किसानों के साथ न्याय, स्व.राजीव गांधी का अपमान कर रही कांग्रेस सरकार

रायपुर,पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राज्य के किसानों को उनके धान खरीदी के अंतर की राशि चार किस्तों में दिया जाना स्व.गांधी का ही नही अन्नदाता किसानों का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में धान खरीदी हुई है बावजूद अब तक किसानों को उनके अधिकार की राशि पूरा नही दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से 6माह तक रोकी गई अंतर की राशि का ब्याज भी किसानों को देने की मांग की है।


बृजमोहन ने कहा की राज्य के 19 लाख किसानों से 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदा गया तथा उन्हें 1815 व 1835 रुपये ही थमाया गया था। यहा पर अंतर की राशि 685 और 665 है जो किसानों को अभी तक नही दिया गया है। अब स्व. राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर किसान न्याय योजना के तहत यह अंतर की राशि चार किस्तों में दिए जाने की बात कही जा रही है यानी पहली क़िस्त 171 व 166 रुपये किसानों को कल दिए जाएंगे,बाकी की राशि कब मिलेगी यह घोषित नही की गई है।


बृजमोहन ने कहा कि 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों से धान खरीदने की बात कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कही थी। ऐसे में यह राशि किसानों का अधिकार है। परंतु धान खरीदी के 6 माह बाद भी जब किसान कोरोना संकट के चलते हुए लॉक डाउन से प्रभावित है, असमय बारिश और ओलावृष्टि से उनकी फसल खराब हो गई है ऐसे आर्थिक संकट के समय किसानों को उनके अधिकार से वंचित रखते हुए अंतर की राशि 4 किस्तों में दिया जाना उनकी गरीबी का मजाक उड़ाने की तरह है। यह राजीव गांधी जी का भी अपमान है। उन्होंने धान खरीदी में बची हुई अंतर की पूरी राशि तत्काल किसानों को देने की बात कही है।


सरकार ने नही पहुंचाई किसानों को राहत


बृजमोहन ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत कल किसानों को दिए जाने वाले धान खरीदी के अंतर की राशि को कांग्रेस सरकार कोरोना लॉक डाउन से राहत के रूप में प्रचारित कर रही है। जो सरासर झूठ है। राहत के रूप में किसानों को 1 रुपये का भी सहयोग राज्य सरकार ने नहीं किया है।

 

 किसानो के हित में बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से की शीघ्र मुआवजे की मांग, जानिए पूरा मामला

किसानो के हित में बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से की शीघ्र मुआवजे की मांग, जानिए पूरा मामला

रायपुर। प्रदेश में हो रही बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि से रबी फसल और सब्जियों की खेती को हुए नुकसान पर किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत अतिशीघ्र मुआवजा देने की मांग विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से की है। 

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के जशपुर, कोरिया,सरगुजा, महासमुंद,कवर्धा,  बेमेतरा, धमतरी, बालोद, कोरबा, दुर्ग,कांकेर,रायगढ़, जगदलपुर, रायपुर सहित विभिन्न जिलों में हवा-तूफान के साथ असमय बरसात तथा ओला वृष्टि हुई है। यह क्रम निरंतर जारी है। इस वजह से बहुत से किसानों के धान व दलहन तिलहन की फसल खराब हो गई है। सब्जियों, फलों और फूलों  की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। वे गंभीर आर्थिक संकट में फस गए है। ये किसान खेती के लिए कर्ज लिए हुए है पर इन हालातों के चलते अब उनकी स्थिति कर्ज चुकाने की बिल्कुल भी नही है।

उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार को 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से जो धान बेचा है उसमें उन्हें प्रति क्विंटल 1815 और 1835 ही प्राप्त हुआ है। अंतर की राशि अभी तक उन्हें नहीं मिली है। जबकि सरकार ने फरवरी के बजट सत्र से 5000 करोड़ की राशि स्वीकृत कर चुकी है। आज किसानों का वक्त बुरा है ऐसे में सरकार द्वारा यह राशि भी नही दिये जाने से उनकी हालत और भी खराब हो गई है। यह राशि भी किसानों के खातों में अविलंब जमा करना चाहिए।तथा किसानों को उनके फसलों की बीमा राशि  भुगतान की कार्यवाही भी जल्द की जानी चाहिए। बृजमोहन ने राज्य सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की खेती के नुकसान का सर्वे कराकर  आरबीसी 6/4 पीड़ित किसानों को अतिशीघ्र मुआवजा दिया जाए। 
बृजमोहन ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर टोकन प्राप्त किसानों का धान खरीदने कहा

बृजमोहन ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर टोकन प्राप्त किसानों का धान खरीदने कहा

रायपुर,पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को पत्र लिखकर टोकन प्राप्त किसानों के धान खरीदी में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है।


अपने पत्र के माध्यम से बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि मुंगेली जिले अंतर्गत लोरमी तहसील के ग्राम डिंडौरी, चंदली, अखरार, गुरूवाईन डबरी, झाफल के सैकड़ों किसानों को दिनांक 19.02.2020 को टोकन जारी हुआ है, परंतु आज दिनांक तक इनका धान नहीं खरीदा जा सका। किसानों को धान खरीदी केंद्रों के प्रबंधकों द्वारा धान खरीदी की कोई निश्चित तारीख नहीं बतायी जा रही है तथा बार-बार किसानों का धान को लौटाया जा रहा है।

बृजमोहन ने कहा कि किसान आज झुब्ध व परेशान है। किसानों को अपना धान लादकर नित्य धान खरीदी केन्द्र जाकर वापस अपने घर आना पड़ रहा हैं, इससे किसानों का श्रम व समय दोनों बर्बाद हो रहा है। धान खरीदी नहीं होने से किसान के.सी.सी. से लिये कर्ज भी अदा नहीं कर पा रहे हैं तथा वे आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। बृजमोहन ने कहा कि अतिशीघ्र बाधाओं को दूर कर किसानों का धान खरीदने का निर्देश जारी किया जाए।
 

मध्यप्रदेश के इस बड़े नेता ने फोन कर जाना जोगी का हालचाल

मध्यप्रदेश के इस बड़े नेता ने फोन कर जाना जोगी का हालचाल

रायपुर. मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फोन कर पूर्व सीएम अजीत जोगी का हालचाल जाना. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फोन पर रेणु जोगी और अमित जोगी से बातचीत की. बता दें कि पूर्व सीएम अजीत जोगी इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं. उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने के बाद अस्पताल में एडमिट किया गया है. डॉक्टर खेमका ने कहा है कि इलाज में आगामी 72 घंटे बेहद अहम है.

 

बृजमोहन ने राज्य सरकार पर बोला हमला किसी बाहरी को उनके अपने राज्य में जाने की अनुमति में देरी समझ से परे, साधारण निर्णय लेने में भी अक्षम है

बृजमोहन ने राज्य सरकार पर बोला हमला किसी बाहरी को उनके अपने राज्य में जाने की अनुमति में देरी समझ से परे, साधारण निर्णय लेने में भी अक्षम है

रायपुर,कोरोना संकट में लाकडाउन के कारण राज्य के बाहर फंसे हुए प्रदेश के नागरिकों को वापस घर आने की अनुमति देने मे घोर लापरवाही बरते जाने पर विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य शासन पर सवाल खड़े किये है ।


उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में 10 मिनट से लेकर 12 घंटे के भीतर निर्धारित समय सीमा में परमिशन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में कई लोगों का 15-17 दिनों से आवेदन लगा है पर उन्हें अब तक परमिशन नही मिला है। जो लोग राज्य से बाहर जाना चाहते है,उन्हें जाने देने में कोई दिक्कत नही होनी चाहिए वही हमारे राज्य लोग जो अपने साधनों से आना चाहते है उनको उचित निर्देशों के पालन के साथ तत्काल परमिशन मिलना चाहिए।


बृजमोहन ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि साधारण स्तर के निर्णय लेने में भी सरकार ने अदूरदर्शिता का परिचय दिया है। मसलन 23 मार्च के पहले जो लोग राज्य से बाहर पारिवारिक कारणों से या इलाज के लिए या घूमने गए थे। जो लॉक डाउन के कारण , वापस छत्तीसगढ़ नहीं आ पाए है उनके लिए सरकार ने कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया है। कई छोटे परिवार तो पूरे सदस्यों के साथ छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों में महीनों से अटके हुए हैं। वे अपने निजि साधनों से वापस अपने घर छत्तीसगढ़ आना चाहते हैं । पर सरकार है कि उन्हें ना तो छत्तीसगढ़ आने की अनुमति दे रही है, न हीं यह बता रही है कि वह कब तक छत्तीसगढ़ आ सकेंगे । यह दुर्भाग्य जनक है। देश के अन्य राज्यों में इसके लिए बहुत उपयुक्त व्यवस्था की गई है। वे अपने लोगो को निजि साधनों से घर आने की अनुमति दे रहे हैं , छत्तीसगढ़ सरकार कम से कम इन राज्यों से सीखे।श्री अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य का ऑनलाइन ई-पास एप्प सिर्फ औपचारिकता के लिए है


इस एप्प के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आने वाले नागरिकों को पास जारी ही नहीं किया जा रहा है । राज्य सरकार तत्काल इस दिशा में उचित कदम उठाए।
 

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने  भाजपा मीडिया विभाग को  दी चुनौती कहा अगर मैं गलत हूँ तो FIR करवाये

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने भाजपा मीडिया विभाग को दी चुनौती कहा अगर मैं गलत हूँ तो FIR करवाये

रायपुर,छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी जी ने कहा कि साल भर पहले बिना कारण भयभीत भाजपा ने मुझ पर LIVE डिबेट में बैन लगाया और जिस विषय के कारण बैन लगा उस व्यक्ति को दिल्ली विधनसभा में टिकिट दिया,मैं आज भी भाजपा से निवेदन पूर्वक और चुनौती देते हुवे कह रहा हूं कि मेरे किस डिबेट पर तिलमिला कर बैन लगाया उसे सार्वजनिक करें और अगर मैंने प्रधानमंत्री श्री मोदी,मंत्री श्रीमती ईरानी,श्री अमित शाह,पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह उनके किसी भी पूर्व मंत्री के खिलाफ बिना तथ्य के डिबेट में कुछ भी अपशब्द,अमर्यादित कहा हो तो मुझे धारा 499/500 का नोटिस भेजे और IPC/CRPC की धाराओं के तहत केस दर्ज करवाये,मैं जनेऊ धारी ब्राह्मण हुँ प्रण लेकर कहता हूं मैं माननीय न्यायालय में जमानत याचिका भी नही लगाऊंगा।
और भाजपा का मीडिया विभाग साबित कर दे कि मेरे किस डिबेट में किस बड़े नेता को अपशब्द/अमर्यादित बाते कही गयी तो मैं भाजपा के कोष में 2 लाख रुपया नकद राशि दान में प्रेषित करूंगा। 

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष व श्रमिक दिवस पर पूर्ण शराबबंदी करने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को बृजमोहन ने लिखा पत्र

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष व श्रमिक दिवस पर पूर्ण शराबबंदी करने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को बृजमोहन ने लिखा पत्र

रायपुर,पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन के 100 वर्ष पूरे होने तथा श्रमिकों के हित में श्रमिक दिवस पर राज्य में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा करने का आग्रह किया है।
बृजमोहन ने लिखे अपने पत्र में कहा कि ‘‘कोरोना वायरस‘‘ का भयावह संकट, दुनिया पर एक आफत बनकर मंडरा रहा है। जिंदगी की सीमाएं, घर की चार दिवारी तक सीमित हो गई हैं। इस ठहराव से व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक परिवेश में कई बदलाव महसूस किये जा रहे हैं। इनमें एक बदलाव, सीधे श्रमिक परिवारों से सरोकार रखता हैं। जिस पर चिंतन, मनन और नीतिगत निर्णय लेने के लिए इस पत्र के माध्यम से आग्रह कर रहा हूँ। जैसा कि आपको विदित ही हैं, कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में ‘‘लाक डाउन‘‘ से शराब दुकाने बंद हुई हैं, ज्यादातर श्रमिक परिवारों में होने वाली हर दिन की शराब जनित घरेलू हिंसा, शराब अवसाद से आत्म-हत्यायें, शराब से उत्पन्न अनेकानेक रोग व्याधियां मानों थम सी गई हैं। इस हेतु प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी होनी चाहिए ऐसी विचार प्रदेश भर के लोगों के आ रहे है।

बृजमोहन ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल को लिखा है कि इतिहास भी आपको इतिहास गढ़ने का मौका दे रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा पर, प्रथम बार 20 दिसम्बर 1920 को पधारे थे, पं. सुंदर लाल शर्मा उनके साथ थे। गांधी जी ने सदैव ही शराब को शरीर और आत्मा का दुश्मन माना। ये ऐतिहासिक अवसर हैं कि गांधी जी के छ.ग. पदार्पण के 100 साल पूरे होने पर, आप गांधी दर्शन को यथार्थ धरातल पर उतारे और प्रदेश में शराब बंदी की घोषणा करे।

उन्होंने कहा कि ‘लाक डाउन‘ के बीच इस वर्ष 01 मई 2020 का श्रमिक दिवस हम मनायेंगे। प्रदेश में 56 लाख से अधिक परिवार शारीरिक श्रम से जीविका चला रहे हैं। इनमें से बहुत से परिवार शराब से बुरी तरह प्रभावित हैं।‘‘लाक डाउन‘‘ से श्रमिक परिवारों में एक अवधारणा ने जन्म लिया है, कि ‘जनता तो शराब पीना नहीं चाहती, सरकार जबरिया गली-गली, गांव-गांव शराब की लत फैला रही हैं। ये राजनैतिक आलोचना नहीं है, जनता का फीड बैक हैं। स्वाभाविक हैं, शराब से आम गरीब आदमी का तन, मन, धन, और चरित्र प्रभावित ही नहीं हुआ है बल्कि पारिवारिक बिखराव भी हो रहा हैं। आज लाक डाउन के कारण यह बातें थमी हैं, तो इन परिवारों को उम्मीद भी जगी हैं, कि आप अपने पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ‘शराब बंदी‘ का वादा, अब पूरा करेगें।

बृजमोहन ने कहा कि मेरे लंबे जनप्रतिनिधित्व जीवन का अनुभव है कि सत्ता केवल विधानसभा के जरिये ही हाथों में नहीं आती है। सत्य तो यह हैं, कि जनता अपनी आकांक्षाओं एवं जीवन की खुशहाली के लिए हमें चुनती है। जनता के हितों से परे सत्ता का कोई महत्व नहीं हैं। देश के महान चिंतक चाणक्य ने तो शासक के लिए जनता के सुख और हित को ही परम् राजधर्म बताते हुए कहां भी हैं कि-

‘‘प्रजा सुखे सुखं राज्ञः प्रजानां तु हिंत हितम् ।
नात्मप्रियं हित राज्ञः प्रजानां तु प्रियं हितम ।। ‘‘

इस लोकतंत्र में भी जनता की इच्छा ही सर्वोपरी है। यहां तक कि हमारे देश के संविधान की प्रस्तावना भी शासन का स्रोत जन इच्छा ही इंगिद करती हैं। इस इच्छा में आज प्रदेश के श्रमिक और बेहद गरीब 56 लाख से अधिक परिवारों के हित की अभिव्यक्ति हैं कि प्रदेश में शराब बंदी हो। अर्थात् 86 प्रतिशत प्रदेश के परिवारों की सर्वोपारी इच्छा शराब बंदी की ही हैं।


उन्होंने कहा कि एक तर्क जो हमेंशा ‘‘शराबी बंदी‘‘ के आड़े आता है वो है, इससे होने वाली राज्य को आमदनी। पर तथ्यों पर गौर करें। वर्तमान में ‘लाक डाउन‘ से शराब बंदी से श्रमिकों तक शराब नहीं पहुँच पा रही हैं। परिणाम आपके सामने हैं। पुलिस थानों में घरेलू हिंसा, मोहल्ले के झगडे और आत्म हत्याओं में भारी गिरावट आयी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के अभाव में खाली पड़ी हैं। इस पर एक अनुसधान भी हुआ है कि अगर शराब से 100 रूपये आमदनी होती है तो 124 रूपये उससे होने वाले दुष्प्रभाव पर सरकार को खर्च करने पड़ते है। फिर प्रदेश में लाखों माताओं, बहनों के साथ होने वाली हिंसा, उनके परिवार के बिलखते बच्चे, समाज में बढ़ता अपराध और क्लेश, क्या राज्य को शराब से होने वाली आमदनी से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए।


उन्होंने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से आग्रह करते हुए कहा कि लाखों गरीब परिवारों की झोली से खुशहाली न झीने, जन भावनाओं के अनुरूप तत्काल राज्य में शराब बंदी की घोषणा करने का कष्ट करे।
 

कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री का पलटवार,पहला लक्ष्य कोविड-19 को हराना है, ना की सस्ती राजनीति करना

कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री का पलटवार,पहला लक्ष्य कोविड-19 को हराना है, ना की सस्ती राजनीति करना

नई दिल्ली, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिए गए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब पूरा देश COVID19 के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, कांग्रेस, केंद्र सरकार से लड़ रही है. कांग्रेस के इस व्यवहार पर किसी दिन सवाल उठाए जाएंगे और उन्हें इसका जवाब देना होगा. उन्होंने कहा हम एक होकर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं लेकिन इस स्थिति में भी, केवल कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जो पीएम नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ लड़ रही है.

 

सोनिया गांधी ने क्या कहा था?


कोरोना महामारी बीच हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि कोरोना से लड़ाई के वक्त बीजेपी नफरत का वायरस फैला रही है. कोरोना के वक्त बीजेपी पर साम्प्रदायिक राजनीति करने से बाज ना आने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा था, " जब हम सबको मिलकर कोरोना से लड़ना चाहिए तब बीजेपी साम्प्रदायिक पूर्वाग्रह और नफरत के वायरस फैला रही है जो चिंताजनक है. इससे सामाजिक सौहार्द का बड़ा नुकसान हो रहा है. हमें इस नुकसान की भरपाई करनी होगी."


 

मप्र में न कोई मंत्रिमंडल, न स्वास्थ्य मंत्री कैसे लड़ेगी सरकार कोरोना से : कमलनाथ

मप्र में न कोई मंत्रिमंडल, न स्वास्थ्य मंत्री कैसे लड़ेगी सरकार कोरोना से : कमलनाथ

भोपाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona virus) से संक्रमितों की बढ़ती संख्या को लेकर रविवार को प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।


उन्होंने भाजपा पर मध्य प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कोरोना संकट के चलते अभी तक ना तो मंत्रिमंडल का गठन हुआ है, ना ही स्वास्थ्य मंत्री या गृहमंत्री का प्रभार किसी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं और इस तरह का उदाहरण देखने को नहीं मिलेगा।

 

उन्होंने देश में कोरोना संकट के लिए भाजपा नीत केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि मार्च में कोरोना संकट के दौरान संसद की कार्यवाही केन्द्र सरकार ने महज इसलिए स्थगित नहीं होने दी जिससे मध्य प्रदेश की विधानसभा चलती रहे और उनकी अगुवाई वाली राज्य सरकार को गिराया जा सके।

 

कमलनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा, जाहिर है कि संसद इसीलिए चल रही थी, ताकि मध्य प्रदेश विधानसभा चलती रहे और कांग्रेस की सरकार गिराई जा सके। कमलनाथ ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हालात बहुत नाजुक हैं और अगर संक्रमण के परीक्षण का दायरा बढ़ा दिया जाए तो मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी।

 

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति है। इसके मद्देनजर केन्द्र सरकार को आर्थिक पैकेज देने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पैकेज को लागू कैसे किया जा रहा है और इसमें किन क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया गया है।