कोरोना अपडेट 01 जुलाई : राजधानी रायपुर में फिर हुई कोरोना से मौत, रायपुर में लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के नए मरीज, जाने आज प्रदेश में कितने मरीजों की हुई पहचान    |    कोरोना अपडेट 30 जून : छत्तीसगढ़ में फिर शुरू हुआ कोरोना से मौत का तांडव, आज भी रायपुर से मिले सर्वाधिक मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 29 जून : राजधानी रायपुर में कोरोना मरीजों की संख्या हुई 226, आज प्रदेश में मिले इतने मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 28 जून : छत्तीसगढ़ में एक्टिव मरीजों की संख्या पहुंची 851, प्रदेश में आज इतने नए मरीजों की हुई पहचान, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 27 जून : प्रदेश में आज नए मरीजो की संख्या पहुची सौ के पार, एक्टिव मरीज हुए अब इतने, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 26 जून : कम टेस्ट के बावजूद मिले कल से ज्यादा मरीज, एक्टिव मरीज भी पहुचे सात सौ के करीब, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 25 जून : प्रदेश में हो रही है चौथी लहर की आहट आज मिले सौ के करीब कोरोना मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    वडोदरा में मिले एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस, क्या महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तैयारी में है भाजपा!    |    कोरोना अपडेट 24 जून : राजधानी रायपुर में हुआ कोरोना विस्फोट, प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या पहुंची 600 के पार, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 23 जून : छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की संख्या पहुंची 600 के पार, आज प्रदेश में मिले इतने नए कोरोना मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े...    |
ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुचे भोपाल हुआ ऐतिहासिक स्वागत

ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुचे भोपाल हुआ ऐतिहासिक स्वागत

भोपाल। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचने पर ऐतिहासिक स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। खुद सिंधिया को भी भरोसा नहीं था कि उनका ऐसा स्वागत होगा।

सिंधिया एयरपोर्ट से भाजपा कार्यालय तक रोड शो के जरिए जाएंगे। उनके स्वागत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एयरपोर्ट पर 1 किलोमीटर तक कारों का काफिला नजर आ रहा है। एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद हैं।

जिस तरह से सिंधिया का भोपाल में स्वागत हुआ है, वह कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के लिए एक तरह से चेतावनी है कि यदि कांग्रेसी नेताओं की उपेक्षा होती रही तो आने वाले समय में इसी तरह के नजारे देखने को मिलते रहेंगे।

एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिंधिया का फूलमाला और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। खुद सिंधिया भी इस स्वागत से हैरान है। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि भाजपा में शामिल होने के बाद कार्यकर्ता उन्हें इतना प्यार देंगे। सड़कों के दोनों तरफ काफी देर से लोग फूल मालाएं लेकर स्वागत करने को बेताब हैं।

भोपाल भाजपा कार्यालय में भी हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सिंधिया के आने का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद हैं।

 

भाजपा नहीं उतारेगी राज्यसभा सदस्य के लिए उम्मीदवार-कौशिक

भाजपा नहीं उतारेगी राज्यसभा सदस्य के लिए उम्मीदवार-कौशिक

रायपुर, विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि राज्यसभा सदस्य के लिए भाजपा इस बार अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
श्री कौशिक ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि विधानसभा में इस बार हमारे दल की संख्या कम होने के कारण छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य के लिए भाजपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। उन्होंने नये प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कहा कि नया प्रदेश अध्यक्ष किसे बनाना है यह पार्टी तय करती है। श्री कौशिक ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को प्रदेश अध्यक्ष रहते एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर उन्हें बधाई दी है।
 

राजधानी में पीलिया पर निगम प्रशासन की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण : भाजयुमो

राजधानी में पीलिया पर निगम प्रशासन की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण : भाजयुमो

रायपुर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी उमेश घोरमोड़े ने राजधानी में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर नगर निगम प्रशासन की उदासीनता पर जमकर हमला बोला है। श्री घोरमोड़े ने कहा कि एक तरफ शहर गंदे पानी के कारण पीलिया व दीगर बीमारियों का शिकार हो रहा है और दूसरी तरफ साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी खारून इंटेकवेल में खुलेआम ड्यूटी के दौरान शराबखोरी कर रहे हैं।
भाजयुमो जिला मीडिया प्रभारी श्री घोरमोड़े ने शनिवार को वायरल हुए न्यूज वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्टर प्लांट में इस तरह खुलेआम शराबखोरी एक गंभीर मामला है। राजधानी में एकाएक पीलिया व दीगर बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की वजह क्या नगर निगम प्रशासन की लापरवाही नहीं है? एक तरफ तो निगम के अधिकारी लीकेज सुधारने, टंकी सफाई कराने का दावा करते है वहीं उनके अधीनस्थ ड्यूटी के दौरान शराबखोरी कर नगर निगम प्रशासन की शहर की जनता के प्रति जिम्मेदारियों की सारी पोल खोल देते हैं। श्री घोरमोड़े ने कहा कि एक तरफ पीलिया का प्रकोप है तो दूसरी तरफ कोरोना वायरस संक्रमण का खौफ लोगों को परेशान कर रहा है। ऐसी स्थिति में अपने अधिकारी-कर्मचारियों के इस गैर जिम्मेदाराना आचरण व खुलेआम शराबखोरी पर निगम प्रशासन की उदासीनता निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले श्रीमती किरणमयी नायक व प्रमोद दुबे के महापौर रहते राजधानी गंदे पानी के सेवन व उपयोग के दुष्परिणाम झेल चुकी है और अब महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल में भी यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति निर्मित हुई है। श्री घोरमोड़े ने इस गैर जिम्मेदाराना आचरण के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों समेत सभी जिम्मेदार लोगों पर दण्डात्मक कार्रवाई की मांग की है।
 

कथित फेक न्यूज मॉनिटरिंग पर भाजपा का कटाक्ष,धूल चेहरे पे थी और करता रहा आईना साफ

कथित फेक न्यूज मॉनिटरिंग पर भाजपा का कटाक्ष,धूल चेहरे पे थी और करता रहा आईना साफ

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाया है कि वे प्रदेश में अघोषित सेंसरशिप लादकर अलोकतांत्रिक आचरण प्रस्तुत करने पर आमादा हैं। यह राजनीतिक असहिष्णुता का नमूना है जिसके जरिए प्रदेश सरकार मीडिया पर शिंकजा कसकर भय और आतंक का माहौल बनाने के एजेंडे पर काम कर रही है। भाजपा ने कथित फेक न्यूज की आड़ में आतंक पैदा करने की सरकारी कोशिश की निंदा की है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फेक न्यूज की मॉनीटरिंग के लिए सेल का गठन किया है, इस संदेह के पर्याप्त आधार है कि इसके बहाने वे अपने हितों पर चोट पहुंचाने वाली हर सूचना व सामग्रियों को फेक न्यूज या अफवाह बताकर संपादकों-संचालकों को कार्रवाई के दायरे में घसीटेंगे। प्रदेश को अभी कुछ महीनों पूर्व ही बिजली कटौती को लेकर वायरल वीडियो और समाचार प्रसारण के मामले में राजनांदगांव जिले के मांगीलाल अग्रवाल व महासमुंद के पत्रकार को राजद्रोह की धाराओं के तहत पुलिस हिरासत में रखे जाने की घटनाएं याद हैं। तब भी सरकार ने इसे फेक न्यूज और सरकार के खिलाफ उकसाने वाली कार्रवाई बताया था। प्रदेश गवाह है कि बाद में हाल ही हुए खुलासे से वायरल वीडियो की बातें सही साबित हुई थीं। श्री उसेंडी ने कहा कि अपने खिलाफ मीडिया की किसी भी सूचना और सामग्री को सिरे से खारिज करना मौजूदा सत्ता प्रतिष्ठान ने अपनी फितरत बना ली है। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रामक खबरों व अफवाहों से सावधान रहने की हिमायती होने के साथ-साथ मीडिया की स्वतंत्रता के लिए डटकर मैदान में खड़ी रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री उसेंडी ने कहा कि दरअसल मीडिया की सक्रिय भूमिका के चलते आयकर छापों और खासकर किसानों के साथ लगातार हो रही बर्बरता के सामने आने से सरकार की पोल खुलती रही है। आयकर छापों में मिले दस्तावेजों और दीगर सम्पत्तियों की तो अभी जांच चल रही है, तो फिर प्रदेश की कांग्रेस सरकार किस आधार पर यह दावा कर सकती है कि आयकर छापों में कुछ नहीं मिला है। क्या आयकर विभाग द्वारा 150 करोड़ के नाजायज संपत्ति मिलने की बात नहीं कि गई है? श्री उसेंडी ने कहा कि सीएम खुद को तानाशाह समझ बैठे हैं। वे सत्ता की हनक में काफी जल्दी इस बात को भूल गए कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है, और संविधान द्वारा दी गई आमव्यक्ति की आजादी सीएम की मुहताज नहीं है। श्री उसेंडी ने याद दिलाया कि उन्हीं की नेता प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की थी, आज तक उसके कारण कांग्रेस का इतिहास कलंकित है फिर भी वे इस आवाज को रोक नहीं पाए। श्री उसेंडी ने आग्रह किया है कि सीएम पिछले साल भर में शासन के चेहरे पर लगे दाग धब्बे को साफ करने, इमानदारी, पारदर्शिता और विनम्रता के साथ जनता से किए वादे को एक सेवक की तरह निभाने की कोशिश में जुटें, आईना तोड़ देने से कुछ भी नहीं होने वाला। उन्होंने एक शेर “उम्र भर यह भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा” अर्ज करते हुए कहा कि आईना पर सवाल उठाने से चेहरे साफ नहीं होते, अपने अच्छे कर्मों से उसे साफ करना होता है।
 

बृजमोहन ने उठाया पुलिस अभिरक्षा व जेलों में मौतों का मामला, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा से सदन की समिति करेगी जांच

बृजमोहन ने उठाया पुलिस अभिरक्षा व जेलों में मौतों का मामला, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा से सदन की समिति करेगी जांच

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के थानों व जेलों में हुई मौतों का मामला उठाया। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष  डॉ चरणदास महंत ने सदन की कमेटी से जांच कराने की बात कही। इस मामले में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के वक्तव्य से असंतुष्ट बृजमोहन ने कहा कि हम व्यक्ति को सुधारने के लिए जेल भेजते हैं और जो व्यक्ति जेल जाता है वैसे ही उसका परिवार दुःखी होता है। ऐसे में विचाराधीन बंदियों की प्रदेश के जेलों व थानों में मौत दुर्भाग्यजनक है। ऐसे मामलों में परिवार को मुआवजा भी न देना  मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करता है।

 बृजमोहन ने चंदौरा थाने में कृष्णा सारथी की मौत का मामले का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी अपराध के आदिवासी युवक को पकड़कर लॉकअप में बन्द कर दिया गया। जैसी बाते सामने आ रही है उससे पता चलता है कि उससे पैसे की मांग की गई। उसने पैसा नहीं दिया तो उसे पीटा गया और उसे पीटने के बाद फांसी पर लटका दिया गया। यह 30 साल का नौजवान था इसके दो छोटे बच्चे हैं।
बृजमोहन ने पुलिस अभिरक्षा में अंबिकापुर के पंकज बेथ की मृत्यु का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुसाइडल मौत होने की जानकारी बताई गई है। जबकि उसकी लॉकअप में मौत हुई है।इस मामले में अफसर भी सस्पेंड हुए है। 15 सितंबर 2019 को कमलेश्वर सिदार की जेल में मौत, 26 जून 2019 को जशपुर निवासी गौटिया साय की जेल में मौत, 30 अगस्त 2019 को पेंड्रा में विचाराधीन कैदी रघुनाथ गौड़ की जेल में मौत हुई है पर इन्हें छिपाया गया है।
 उन्होंने दुर्ग जेल में विचाराधीन कैदी रहे राजेंद्र देवांगन का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति पहले दिन जेल जाता है और अगले दिन सीढ़ियों से गिरकर उसकी मृत्यु हो गई। पीएम रिपोर्ट में हाथ पैर की हड्डियां टूटी पाई जाती है। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी देकर विधानसभा को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
 बृजमोहन ने कहा कि हम सरकार से जमीर को जागृत करने की बात कह रहे हैं। उन निर्दोष व्यक्ति को ऐसे मरना पड़े और  परिवार को मुआवजा भी ना मिले दुर्भाग्यपूर्ण है।मुआवजे का प्रस्ताव भेजे जाने की बात कहना टालने जैसा है। आपके पास मुख्यमंत्री सहायता राशि  वह अन्य मद की सहायता राशि है। गरीब पीड़ित परिवार को निश्चित रूप से सहायता मिले यह सुनिश्चित होना चाहिए।
बृजमोहन ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत से सदन की कमेटी बनाने का आग्रह किया।  जिस पर चरणदास महंत ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा और  जिलों में मौत के मामलों  को लेकर विधानसभा के कई सदस्य उद्धेलित है इसलिए  वे सदन की समिति से जांच कराने का अनुरोध स्वीकार करता हूँ।
भूपेश सरकार के बजट पर भाजपा के दिग्गज नेताओ के बोल, विक्रम उसेंडी ने निराशाजनक तो बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ को पीछे धकेलने वाला बजट बताया, पढ़े भाजपा नेताओ की प्रतिकिया बजट को लेकर

भूपेश सरकार के बजट पर भाजपा के दिग्गज नेताओ के बोल, विक्रम उसेंडी ने निराशाजनक तो बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ को पीछे धकेलने वाला बजट बताया, पढ़े भाजपा नेताओ की प्रतिकिया बजट को लेकर

दिशाहीन एवं निराशाजनक बजट: विक्रम उसेंडी
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने राज्य सरकार के बजट को दिशाहीन और निराशाजनक बताया है। श्री उसेंडी ने कहा कि राज्य सरकार के इस बजट में कांग्रेस के जनघोषणा पत्र की कोई झलक दिखाई ही नहीं दे रही है। नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि पहले बजट से छत्तीसगढ़ देश में 15 से 21 स्थान पर फिसला अब दूसरे बजट से कहा पहुंचेगा पता नहीं?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री उसेंडी ने कहा कि आर्थिक प्रबंधन के मोर्चे पर प्रदेश सरकार का यह बजट वैचारिक दिशाहीनता और नेतृत्व की विफलता का श्वेत पत्र है जिसमें प्रदेश को विभिन्न योजनाओं का झुनझुना थमाकर लोगों को जरूरतों और जरूरी विकास कार्यों की अनदेखी कर दी गई है। इस बजट में न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुछ नया विजन है और न ही सबसे विकसित प्रदेश होने की तैयारी। श्री उसेंडी ने कहा कि धान खरीदी के मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही प्रदेश सरकार के पास कृषि के नवीनीकरण की कोई योजना तो है ही नहीं, किसानों के स्थायी कल्याण और उनकी खेती व अर्थतंत्र को मजबूत व लाभप्रद बनाने का कोई भी दृष्टिकोण नजर नहीं आ रहा है। खेती की सिंचाई के लिए भी जो घोषणाएं बजट में की गई हैं, आधे-अधूरे मन से की गई हैं। नरवा-गरवा-घुरवा-बारी जैसी अपनी ही योजना के प्रति प्रदेश सरकार कोई ठोस काम करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखा पा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री उसेंडी ने कहा कि शिक्षा जगत हो या सामाजिक कल्याण, युवा कल्याण, किसी भी मोर्चे पर सरकार काम करने की इच्छा-शक्ति से शून्य नजर आ रही है। शराबबंदी के वादे पर प्रदेश सरकार फिर मौन साधे बैठ गई है। सुपोषण का ढोल पीट रही सरकार ने कुपोषण से मुक्ति के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं किया है। स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर भी प्रदेश सरकार का यह बजट छत्तीसगढ़ को बेहतर स्वास्थ्य और मरीजों को राहत की गारंटी देता नहीं दिख रहा है। श्री उसेंडी ने कहा कि कुल मिलाकर बजट के नाम पर प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से मिलने वाले राज्यांश को ही बजट प्रावधान बनाकर प्रदेश को भरमाने और बजट के नाम पर खानापूर्ति करने का काम किया है।

न विकास की आहट, न रोजगार की राहत: डॉ. रमन
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज पेश राज्य के बजट को घोर निराशाजनक करार देते हुए कहा है कि इस बजट ने राज्य की जनता के सपने तोड़कर रख दिए। बड़े-बड़े वादे करने वालों के असल इरादे इस बजट ने जाहिर कर दिये हैं जिसमें न तो विकास की आहट सुनाई दे रही है और न ही रोजगार की राहत नजर आ रही है। बजट में सभी तबकों को छला गया है। सरकार का नरवा गरुवा मॉडल भी बुरी तरह फेल हो गया है। अब सारे वादों की हकीकत उजागर हो गई है। बजट प्रावधानों में न तो अधोसंरचना विकास का कोई खाका नजर आ रहा है, न ही कौशल उन्नयन के लिए सरकार की इच्छा-शक्ति दिख रही है। कृषि, रोजगार, शिक्षा, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सरकार का नजरिया बदनीयती भरा नजर आ रहा है। महिला के सशक्तिकरण एवं उनकी सुरक्षा के साथ ही शराबबंदी के मामले में सरकार एक बार फिर प्रदेश और महिलाओं को छलने का काम कर रही है।
छत्तीसगढ़ को पीछे ले जाने वाला बजट-बृजमोहन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ को पीछे ले जाने वाला बजट करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नीति और नियत दोनों ठीक नही है।
इस बजट में युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों,किसानों के लिए कुछ भी नहीं। जिन वादों के दम पर इन्होंने सरकार बनाई है अपने उन वादों से भी ये मुकरते नजर आ रहे हैं।
कृषि के लिए परंपरागत बजट हर बार की तरह है कोई विशेष योजना नहीं लाई गई है। सिंचाई के लिए यह सरकार क्या करने जा रही है वह भी स्पष्ट नहीं है।
युवाओं को 25सौ रुपये बेरोजगारी भत्ते का वादा,महिला स्वसहायता समूहों के ऋण माफी का वादा,पूर्ण शराबबंदी के वादे से भी ये मुकरते नज़र आ रहे है।
बृजमोहन ने कहा कि इस बजट में नया कुछ भी नहीं है। बल्कि पूंजीगत व्यय बहुत कम है। यह केंद्र पर निर्भर बजट प्रतीत हो रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य का बजट निराशाजनक है  रामविचार नेताम 
बजट से न तो प्रदेश के युवाओ को कोई रोजगार मिलेगा न ही प्रदेश के किसी वर्ग को कोई लाभ
भाजपा अजजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि घोषणा पत्र में 10 लाख बेरोजगार युवाओ को मासिक भत्ता, सुपेबेड़ा, सरगुजा, बस्तर को एयर एम्बुलेंस की सेवा से जोड़ना, छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलना, महिला सुरक्षा के नाम पर विशेष महिला पुलिस स्टेशन बनाना, दैनिक मजदूरों के लिए सुरक्षित आय सुनिश्चित करने के साथ राज्य के लोगो को बिजली बिल हाफ करने जैसे वादों को पूर्ण न करना राज्य की जनता के साथ धोखा है। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2020-21 के बजट में इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की है और राज्य की जनता के विश्वास को तोड़ा है, जिसकी कीमत प्रदेश सरकार को चुकानी पड़ेगी।

दीया न तेल, केवल नाउम्मीदी का खेल: कौशिक
प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बजट पर प्रक्रिया व्यक्त करते कहा कि इस पूरे बजट में कहीं भी छत्तीसगढ़ के आम जनों की चिंता नहीं की गई है। इस बजट को लेकर यही कहा जा सकता है कि दीया है न तेल है केवल नाउम्मीदी का खेल है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने घोषणा पत्र में किये गये वादों को भी पूरा करने में नाकाम है। शराबबंदी को लेकर कुछ भी नहीं किया गया है। जिन वादों के साथ कांग्रेस सत्ता में आयी है उन्हीं वादों से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को निराशा हाथ लगी है। उद्योगों के लिये कुछ भी खास नहीं है। आधारभूत संरचना को मजबूत करने के दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। निवेश की संभावनाएं शून्य हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा की कोई चिंता नहीं की गई है। नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि गरीब, मजदूर, किसान, युवाओं को बजट में ठगा गया है। बजट पूरी तरह से कोरी कल्पनाओं पर केंद्रित है। विकास की सोच से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि ये छत्तीसगढ़ में वादाखिलाफी का सबसे बड़ा बजट है। कांग्रेस सरकार ने पूरी तरह से असफल बजट पेश किया है।


युवकों के लिए निराशाजनक: विजय शर्मा

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि इय बजट की तरफ छत्तीसगढ़ के युवा बड़ी आशा भरी निगाहों से देख रहे थे। परन्तु इस बजट में नई नौकरियों के लिए कोई प्रयास नहीं दिखता और न ही 25 सौ रुपए बेरोजगारी प्रोत्साहन भत्ता के लिए कोई प्रावधान है। यह बजट थोथा चना बाजे घना के समान है। भूपेश सरकार इतनी जल्दी जिस प्रकार एक वर्ष में अलोकप्रिय हुई है। यह बजट राज्य सरकार की अलोकप्रियता में और इजाफा करेगा। जिस बजट से उन्हीं के मंत्रिमंडल के सदस्य 10 के 7.5 अंक दे रहे है, उस बजट में प्रदेश के विकास की किरण देखना बेमानी है। ।

महिलाओं के मुद्दों पर सरकार चुप: पूजा विधानी
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पूजा विधानी ने प्रदेश सरकार के बजट पर आश्चर्य व्यक्त किया है। श्रीमती विधानी ने कहा कि महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए बजट में प्रदेश सरकार की चुप्पी आश्चर्यजनक है। बजट का अधिकांश हिस्सा तो ऋण चुकाने में ही चला जाएगा तो 21 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ में कराहते प्रदेश के सर्वांगीण विकास की उम्मीद तो इस प्रदेश सरकार से बेमानी ही है। श्रीमती विधानी ने कहा कि शराबबंदी के बजाय शराब की तीन नई फैक्टरी खोलने की घोषणा कर सरकार ने अपनी मंशा पहले ही जाहिर कर थी और अपने वादे के मुताबिक महिला स्व-सहायता समूहों की कर्ज माफ करने के मामले में इस बार भी प्रदेश सरकार ने कोई प्रावधान नहीं किया है।
 

प्रदेश के स्कूलों में 93329 पद रिक्त पिछले 1 साल में एक भी भर्ती नहीं, विधानसभा में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया मुद्दा

प्रदेश के स्कूलों में 93329 पद रिक्त पिछले 1 साल में एक भी भर्ती नहीं, विधानसभा में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया मुद्दा

विधानसभा में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बदहाल शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कमी का उठाया मुद्दा

रायपुर | प्रदेश के शासकीय स्कूलों में 93329 पद रिक्त है। शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने इन रिक्त पदों की पूर्ति के लिए सरकार ने कोई भी प्रयास नहीं किया है। एक भी रिक्त पद की पूर्ति पिछले 1 साल में नहीं हुई है। इस संबंध में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के शासकीय स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा विधानसभा में उठाया।  उन्होंने जानना चाहा कि प्रदेश के स्कूलों में किस किस वर्ग की कितने पद स्वीकृत हैं स्वीकृत पद के विरुद्ध कितने पद 1 जनवरी 2020 की स्थिति में रिक्त हैं तथा उन्होंने यह भी पूछा कि रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अब तक क्या कार्यवाही की गई है तथा पदवार कितनी भर्तियां की गई है।इस सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्वीकार किया कि  बीते 1 सालों में एक भी भर्ती नहीं हुई है।कुल 2322215 स्वीकृत है और रिक्त पद 93326 है जो इस प्रकार है- व्याख्याता/व्याख्याता पंचायत/नगरीय निकाय स्वीकृत पद 4617 रिक्त पद 2828, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला स्वीकृत 47874 रिक्त पद 9622,व्यायाम शिक्षक स्वीकृत 2541रिक्त पद 1390, प्रधान पाठक(पु.मा.) स्वीकृत पद13116 रिक्त पद 5715,शिक्षक/शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय स्वीकृत पद 57283 रिक्त पद15968, प्रधान पाठक (प्रा.शाला) स्वीकृत पद 30328 रिक्त पद 20678, सहायक शिक्षक/सहायक शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय 82748 रिक्त पद 7144,लेखापाल/सहायक ग्रेड 2 स्वीकृत पद 3236 रिक्त पद 1118,सहायक ग्रेड 3 स्वीकृत पद 4954 रिक्त पद2134,ग्रंथपाल स्वीकृत पद2600 रिक्त पद2264, भृत्य(नियमित) स्वीकृत पद 23995 रिक्त पद 15573,चौकीदार स्वीकृत पद2361 रिक्त पद1970,सफाई कर्मचारी(अंशकालीन) स्वीकृत पद 37519 रिक्त पद  3887 है।

विधानसभा में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल द्वारा धान खरीदी के संबंध में पूछे गए सवालों पर मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिया जवाब...

विधानसभा में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल द्वारा धान खरीदी के संबंध में पूछे गए सवालों पर मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिया जवाब...

रायपुर,धान खरीदी केंद्रों में बारदानों की कमी को लेकर नाराज किसान सड़क पर आ गए, उन पर पुलिस की लाठियां बरस गई और इधर सरकार विधानासभा में कहती है की बारदाने की कमी को लेकर कोई शिकायत ही उन तक नहीं पहुंची। आज विधानसभा में वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा इस संबंध में चाही गई जानकारी पर आदिम जाति विकास मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने लिखित जवाब में यह बात कही।
बृजमोहन अग्रवाल ने जानना चाहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर कितनी सहकारी समिति से धान की खरीदी की जा रही है? समितियों में कितना बारदाना सप्लाई किया जा रहा है और यह बारदाना कहां-कहां से किस आधार पर खरीदा गया है? बृजमोहन ने यह भी जानकारी चाही की बारदानों की कमी के संबंध में किन-किन समितियों से शिकायत आई थी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या समितियों द्वारा किसानों से तौल में अधिक लेने की शिकायत भी प्राप्त हुई है?यदि हुई है तो कहां कहां जांच पर जांच बिठाई गई है? श्री अग्रवाल ने यह भी पूछा कि समितियों में प्रतिदिन एक किसान से कितने क्विंटल धान खरीदने के निर्देश थे और यह निर्देश किसने जारी किए थे?
बृजमोहन अग्रवाल के उक्त सवालों पर प्रदेश सरकार के आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने लिखित जवाब में बताया कि वित्तीय वर्ष 2019- 20 में समर्थन मूल्य पर 1288 सहकारी समितियों द्वारा धान खरीदी की जा रही है। इन समितियों में 450, 260 गठान बारदाना आपूर्ति की गई है। नए बारदाने की खरीदी जुट कमिश्नर वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार से तथा पुराने बारदाने की आपूर्ति मिलरों एवं पीडीएस दुकानों से की गई है। उन्होंने बताया कि बारदानों की कमी के संबंध में कोई शिकायत जानकारी में नही आयी, परंतु बारदानों की मांग जिला बिलासपुर,मुंगेली, बस्तर, बीजापुर,दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा से प्राप्त हुई थी जहां पर बारदाना आपूर्ति छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि किसानों से अधिक तोल की शिकायत भी संज्ञान में नहीं आई है।तथा समितियों में प्रतिदिन एक किसान से धान खरीदी की कोई सीमा निर्धारित नहीं किये जाने को बात भी उन्होंने कही।
 

डॉ. शिव कुमार डहरिया ने 4 लाख आवासहीनों को बसाने के लिए 15 हजार करोड़ रूपये किये स्वीकृत

डॉ. शिव कुमार डहरिया ने 4 लाख आवासहीनों को बसाने के लिए 15 हजार करोड़ रूपये किये स्वीकृत

रायपुर, कांग्रेस शासन ने सत्ता में आते ही लोगों के लिए जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से अनेक कार्यों को स्वीकृत कर शुरू किया है। किसानों से धान 2500 रूपये क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के जरिये स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए त्वरित कार्य किए जा रहे हैं। आवासहीन हितग्राहियों के लिए 4 लाख मकान का निर्माण करने के लिए 15 हजार करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। आवास के लिए पट्टा व्यवस्थापन के जरिये जिनके पास घर नहीं है। उन्हें पक्के मकान देने के लिए दो लाख 28 हजार मकान निर्मित करने का कार्य जारी है। उक्ताशय की जानकारी प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने दी। डॉ. डहरिया ने बताया कि कि जिन मकानों का कर पटाया जा चुका है। उन्हें फ्री-होल्ड रजिस्ट्री के दस्तावेज वितरित किये जा रहे हैं। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय तत्कालीन मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा आबंटित पट्टों का नवीनीकरण किया जा रहा है। मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले हितग्राहियों को पक्के मकान बनाकर देने में सरकार द्वारा 4 लाख रूपये अनुदान दिया जा रहा है एवं 75 हजार रूपये हितग्राही से बैंकों के जरिये लोन दिलवाकर ली जा रही है। डॉ. डहरिया ने पत्रकारवार्ता में बताया कि मोर मकान मोर चिन्हारी योजना के तहत दो कक्षों का मकान निर्मित कर प्रथम प्राथमिकता में आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने की अभिनव योजना का क्रियान्वयन नगरीय प्रशासन विभाग के जरिये सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है।
पेयजल समस्या के निपटारे के लिए अमृत जल मिशन योजना के तहत जिन मकानों में पानी नहीं आ रहा है वहां आसपास के क्षेत्रों में बोर खनन एवं टैंकर के जरिये पानी की आपूर्ति की जा रही है। रामनगर पानी टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है। आगामी ग्रीष्म ऋतु में उक्त क्षेत्र में रहने वालों को पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। शहर की सड़कों पर विद्युतीकरण योजना के बारे में जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री ने बताया कि पुराने बल्ब बदलकर एलईडी बल्ब लगवाए जा रहे हैं। श्रम विभाग में 60 वर्ष के बाद श्रमिकों को सेवानिवृत्त किए जाने के निर्देश निजी क्षेत्र की कंपनियों के नियोक्ताओं को जारी किए गए हैं। गुमास्ता लाईसेंस के बारे में डॉ. शिव कुमार ने कहा कि एक बार लाईसेंस बनवाने के बाद जारी नवीनीकरण की योजना को अब बंद कर दिया गया है। शहर के तालाबों में पानी स्वच्छ रखने के लिए वाटर ट्रिटमेंट प्लांट मरीनड्राईव की तर्ज में लगवाएं जाएंगे। यातायात जाम की समस्या से मुक्त करने के लिए आमानाका ओवरब्रिज से आरंग तक ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में परम्परा अनुसार प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामु आम्बेडारे, पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर, भोलाराम सिन्हा, मनोज नायक, देवेश मिश्रा, जावेद खान, शगुफ्ता शिरीन सहित अनेक पत्रकारों ने डॉ. डहरिया को पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया । समापन कार्यक्रम में प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनके मंत्रीतत्व कार्यकाल के यशस्वी होने की शुभकामनाएं दी।
 

आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही- भाजपा

आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही- भाजपा

रायपुर। भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र पर लगाये गये बदले की कार्रवाई के आरोप पर कड़ी आपत्ति की है। उपासने ने कहा कि कल कांग्रेस के अध्यक्ष इस छापे का स्वागत करते हुए कथित मलाईदार पोस्ट पर रहे अफसरों पर कार्रवाई पर खुशी जता रहे थे, आज ऐसा क्या हुआ कि सारी खुशी काफूर हो गयी और पूरी सरकार को राजभवन जाना पड़ा। उपासने ने कहा कि मुख्यमंत्री का डर आधारहीन है। कभी भी भाजपा सरकार कांग्रेस की तरह प्रतिरोध की कार्रवाई नहीं करती। अगर सीएम के विश्वासी अधिकारी सही होंगे तो उन्हें डरना नहीं चाहिए। श्री उपासने ने कहा कि लेकिन यह भी सही है कि अगर गलत होंगे, जैसे की आशंका व्यक्त की जा रही है, तो उन्हें कोई बचा भी नहीं पायेगा।
श्री उपासने ने कांग्रेस द्वारा केन्द्र सरकार पर संघीय ढांचे पर प्रहार संबंधी आरोप को हास्यास्पद कहा है। उन्होंने कहा कि जबसे कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है उसके तमाम फैसले संघीय ढांचे पर प्रहार करने जैसे रहे हैं, जिन फैसलों को सक्षम न्यायालयों ने खारिज भी किया है। अत: उन्हें ही संघीय ढांचे और लोकतंत्र पर प्रहार करते रहने का बड़ा अनुभव है। भाजपा की सरकार ें ऐसा कभी नहीं करती।
श्री उपासने ने कहा कि कभी भी आयकर की कार्रवाई विज्ञापन देकर नहीं की जाती। छापे के अपने तौर तरीके हैं जिस पर विभाग ही बेहतर जानकारी दे सकता है लेकिन, छापे के दूसरे दिन जिस तरह से सरकार में बैठे लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ती, दिख रही है, उससे यह तो आशंका प्रबल दिख रही है कि कोई कमजोर नस शायद विभाग के हाथ लगा हो। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के समय भी आयकर विभाग प्रदेश के अफसरों एवं अन्य पर रूटीन कार्रवाई करता रहा है, और केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रही है, फिर भी कभी भाजपा ने कोई हंगामा खड़ा नहीं किया। एकाएक कांग्रेस सरकार के सक्रिय होने पर लगता है कि दाल में कुछ काला जरूर है। श्री उपासने ने समाचार, सुर्खी बटोरने की कोशिश छोड़कर कांग्रेस से प्रदेश के किसानों की समस्या पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने कहा कि जितना विचलित दिखायेंगे खुद को, प्रदेश की जनता में संदेहऔर गहरा होगा। श्री उपासने ने कहा कि ऐसा लग रहा है मानो साल डेढ़ साल में ही शासन का चेहरा भ्रष्टाचार की जुर्रियों से भर गया है।
'चेहरे को झुर्रिये ने भयानक बना दिया,
आईना देखने की भी हिम्मत नहीं रही।' 

कांग्रेसियों के खेल से खिलाड़ी परेशान-विजय शर्मा

कांग्रेसियों के खेल से खिलाड़ी परेशान-विजय शर्मा

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा है कि आदिवासियों के उत्थान के लिये सरकार विभिन्न योजनाओं का दावा तो कर रही है लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश सरकार की नाक के नीचे उसकी प्रशासनिक मशीनरी एक तरफ बस्तर संभाग के विद्यार्थियों की प्रतिभा तराशने के लिये शुरू की गई खेलगढ़िया योजना में कमीशनखोरी से बाज नहीं आ रही है, वहीं दूसरी तरफ सरगुजा संभाग में आदिवासियों को पीडीएस के तहत कीड़े लगे हुए चावल की आपूर्ति कर उनके स्वास्थ्य और जान-माल से खिलवाड़ किया जा रहा है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर सम्भाग के सुकमा जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खेलगढ़िया योजना में बड़ी गड़बड़ी की है। शासन के नियमों को ताक पर रखकर समन्वयकों के जरिये खेलगढ़िया के नाम पर राशि वसूली जा रही है। जबकि इस योजना के तहत राज्य शासन द्वारा निर्धारित राशि सीधे शाला प्रबंधन समिति के खाते में जमा होनी थी और शाला के प्राचार्य और शाला समिति को मिलकर विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार खेल सामग्री खरीदनी थी, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया गया है और सुकमा जिले के स्कूलों को मिली बीस लाख रुपये की राशि से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खेल सामग्रियों खरीदी कर ली। श्री शर्मा ने कहा कि इस खरीदी गई सामग्री की कीमत और उसके बाजार मूल्य में भारी अंतर है। विद्यार्थियों की रुचि और खेल प्रतिभा को तराशने व निखारने के लिये शुरू की गई यह योजना भी प्रदेश सरकार की नाकामियों के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। इस फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जाँच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि यह प्रदेश सरकार आदिवासियों के नाम पर ढोल तो खूब पीट रही है लेकिन उनके स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर मौन साधे बैठी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जिस संभाग के प्रतिनिधित्व करते हैं, उनके रहते पीडीएस के तहत 8 हजार क्विंटल कीड़ायुक्त चावल आदिवासियों को वितरित किया जा चुका है। बलरामपुर जिले के प्रेमनगर में एफसीआई के गोदाम में उक्त कीड़ायुक्त चावल रिसाइकिल कर पीडीएस की दुकानों में भेज दिया गया है। जबकि उक्त चावल की गुणवत्ता जाँचने के लिये एफसीआई के लैब में नमूना भेजा गया था। लैब की जाँच रिपोर्ट आने तक जिस चावल के वितरण पर रोक लगाई गई थी लेकिन रिपोर्ट आने के पहले ही अधिकारियों ने यह चावल दुकानों में खपाना शुरू कर दिया। इस चावल के उपभोग से बड़े पैमाने पर फूड पॉयजनिंग का खतरा आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग पर मंडरा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि यह हैरत की बात है कि खाद्य विभाग द्वारा बार-बार सचेत करने के बावजूद नान अधिकारी इस मामले में उदासीन हैं। प्रदेश सरकार को इस मामले की गम्भीरता को समझते हुए इस पर संज्ञान लेकर उक्त चावल का वितरण तत्काल रुकवाना चाहिये और दोषी अधिकारियों को शीघ्र दण्डित किया जाना चाहिए अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 

विधानसभा में बृजमोहन ने उठाया बिलासपुर में शासकीय डेरी फार्म की 31.97 एकड़ जमीन पर कब्जे का मुद्दा, कृषि मंत्री चौबे ने फिर क्या दिया जवाब पढ़े पूरी खबर

विधानसभा में बृजमोहन ने उठाया बिलासपुर में शासकीय डेरी फार्म की 31.97 एकड़ जमीन पर कब्जे का मुद्दा, कृषि मंत्री चौबे ने फिर क्या दिया जवाब पढ़े पूरी खबर

रायपुर,विधानासभा में वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शासकीय डेयरी फार्म बिलासपुर की 31.97 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। इस शासकीय जमीन पर कुछ लोगों द्वारा वर्षों से कब्जा किया गया है।
श्री अग्रवाल ने जानना चाहा कि उक्त शासकीय जमीन में अतिक्रमण के पश्चात मकान निर्माण कर उसे विक्रय भी किया गया है, क्या इसकी शिकायत प्राप्त हुई है? क्या शिकायतों की जांच कराई गई? यदि कराई गई तो जांच दल में कौन-कौन अधिकारी थे? जांच में क्या पाया गया तथा शासकीय डेरी फार्म की कितनी जमीन पर किन-किन व्यक्तियों ने कब्जा किया जाना पाया गया? और शासन द्वारा क्या कार्रवाई की गई?
इस पर लिखित जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा की किसी प्रकार की कोई शिकायत नही हुई है। निजी व्यक्तियों द्वारा उक्त जमीन के संबंध में 5 जनवरी 2005 को प्रकरण दर्ज कराया गया था जिस पर 3 सितंबर 2010 को न्यायालय से पारित निर्णय में संबंधित व्यक्तियों द्वारा यह गए अतिक्रमण को छुड़वा कर भूमि शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र के आधिपत्य में देने का निर्णय सुनाया गया था। न्यायालय के उस निर्णय के संबंध में विभाग द्वारा 22 अक्टूबर 2010 को कलेक्टर बिलासपुर को शासकीय डेयरी फार्म की 31.97 एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा राजस्व अभिलेखों में प्रक्षेत्र के नाम से दर्ज करने हेतु पत्र लिखा गया था।परंतु उक्त भूमि पर कब्जेधारियों द्वारा न्यायालय के आदेश के विरुद्ध 3 सितंबर 2010 को पुनः न्यायालय में अपील की गई जो अब तक लंबित है।
 

विधानसभा : सदन में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए औद्योगिक विकास से संबंधित मुद्दे, पढ़ें पूरी खबर

विधानसभा : सदन में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए औद्योगिक विकास से संबंधित मुद्दे, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर |  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य के औद्योगिक विकास से संबंधित मुद्दों को उठाया। श्री अग्रवाल ने प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा से जानना चाहा कि प्रदेश में नई औद्योगिक नीति कब से लागू हुई? लागू होने के पश्चात प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीय क्षेत्र व तृतीय क्षेत्र में कितने-कितने नए उद्योगों की स्थापना का प्रस्ताव आया। साथ ही राज्य से बाहर की किन किन संस्थाओं और उद्योगपतियों ने राज्य में पूंजी निवेश के लिए एमओयू किया है? साथ ही यह भी जानना चाहा कि नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत 1 जनवरी 2020 तक कितने कुटीर उद्योगों को किस किस तरह की सब्सिडी प्रदेश में मंजूर की गई है? यह जिलावार जानकारी चाहिए। इस सवाल के लिखित जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कावासी लखमा ने बताया कि राज्य में नई नीति लागू होने के पश्चात 1798 एमएसएमई उद्यम एवं 7 मेगा श्रेणी के उद्यम द्वारा स्थापना हेतु रुचि दिखाई गई है तथा उन्होंने यह भी बताया कि नई नीति लागू होने के बाद से अभी तक एक भी एमओयू नहीं हो पाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि नई नीति के अनुसार स्थापित हो रहे उद्योगों के लिए अभी तक किसी तरह की कोई सब्सिडी मंजूर नहीं हुई है।

 

 
वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में दागे  सवाल,मंत्री डहरिया ने दिया जवाब

वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में दागे सवाल,मंत्री डहरिया ने दिया जवाब

रायपुर, श्रमवीर परिवारों के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा संचालित विवाह योजनाएं अब पूरी तरह से बंद हो चुकी है। इन योजनाओं के बदले वर्तमान सरकार ने अभी ऐसी कोई भी योजना प्रारंभ नहीं की है।वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने जानना चाहा की क्या वर्ष 2019-20 में मंडल की किसी योजना को बंद करने या नई योजना प्रारंभ करने का कोई निर्णय लिया गया है? तथा संनिर्माण कर्मकार मंडल के संचालक मंडल की बैठक वित्तीय वर्ष 2019-20 में कब कब हुई है यह जानकारी चाही।
इन सवालों के जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित मिनीमाता कन्या विवाह योजना एवं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत संचालित असंगठित कर्मकार विवाह सहायता योजना, सफाई कर्म कार विवाह योजना, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक विवाह योजना तथा श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित कन्या विवाह योजना को बंद तो कर दिया गया है परंतु इसके बदले कोई नई योजना छत्तीसगढ़ सरकार संचालित नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 1 वर्ष से संनिर्माण कर्मकार मंडल की बैठक भी नहीं हुई है। जबकि प्रत्येक तीन माह में बैठक किया जाना प्रावधानित है। 

विधानसभा में बृजमोहन ने उठाया स्काई वॉक का मुद्दा,पढ़े पूरी खबर

विधानसभा में बृजमोहन ने उठाया स्काई वॉक का मुद्दा,पढ़े पूरी खबर

रायपुर,विधानसभा सत्र में पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर के बीचों-बीच निर्माणाधीन स्काई वॉक का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा की पैदल चलने वाले को ट्रैफिक की समस्या से मुक्ति दिलाने के मकसद से बनाया जा रहा स्काई वॉक का निर्माण लंबे समय से बंद है, यह कब तक बन पाएगा? और जनता को समर्पित होगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी उपयोगिता के संबंध में सरकार ने क्या निर्णय लिया यह जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण और उपयोगिता के संबंध में कितनी समितियां सरकार द्वारा गठित की गई है तथा उन सभी के रिपोर्ट अगर आ चुके है तो सरकार बताये।
इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू द्वारा प्रस्तुत जवाब में कहा गया कि निर्माण की निश्चित ही बता पाना संभव नहीं है। तथा समिति की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नही होने की बात उन्होंने कही। 

भाजपा का सवाल - सीएम क्या कोर्ट को बताएंगे कि अन्नदाता कोचिया हैं ?

भाजपा का सवाल - सीएम क्या कोर्ट को बताएंगे कि अन्नदाता कोचिया हैं ?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के माटी पुत्र किसानों को कोचिया कहे जाने पर फिर चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसान न्यायालय की शरण में हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न्यायालय में साबित करें कि जिन किसान भाइयों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया था वे किसान नहीं कोचिए हैं। उन्होंने कहा कि अहंकारी मुख्यमंत्री विदेश में रहते हुए स्ट्रीट लाइट बंद करवाकर आधी रात को उन माटी पुत्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवाते हैं, जिन्हें चुनाव पूर्व बरगलाकर भूपेश बघेल मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यदि न्यायालय में किसान भाइयों को मुख्यमंत्री के कथनानुसार दलाल साबित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रदेश के माटी पुत्र किसान भाइयों से क्षमा याचना करनी चाहिए और अपने आपको किसान पुत्र बताकर वो शपथ याद करनी चाहिए जो उनकी पार्टी ने चुनाव पूर्व गंगाजल हाथ में लेकर इस प्रदेश के भोले भाले किसान भाइयों को धोखा देने खाई थी।
श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री से यह आग्रह किया है कि वे अगर अन्नदाताओं को कुछ दे नहीं सकते हैं तो उन्हें अपमानित तो नहीं करें। उन्होंने अपेक्षा की है कि किसानों द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर कम से कम किसान विरोधी स्टैंड न लें और किसानों की मांग जल्द पूरी करें। 

किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरी भाजपा पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन

किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरी भाजपा पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पूरे प्रदेशभर में किसानों पर हो रहे अत्याचार एवं दगाबाजी पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन करते हुए कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि किसानों के बल पर बनी प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों पर ही बर्बरता कर रही है जो कि बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। पूरे प्रदेश में धान खरीदी को लेकर लगभग सभी जिलों में किसान आंदोलन कर रहे हैं, सड़क पर आ रहे हैं। सोसायटियो, अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते पूरे तीन महीने से भी अधिक हो गया है, परन्तु प्रदेश की भूपेश बघेल की सरकार लगातार झूठ-पर-झूठ बोलते हुए छत्तीसगढ़ वासियों को गुमराह करने कोशिश कर रही है। हद तो तब हो जाती है जब निरीह, भोले भाले आदिवासी क्षेत्रों के किसानों को अधिक पीड़ित किया जा रहा है। और यह सब पूरी सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ किसानों के समर्थन में खड़ी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि 15 वर्ष प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी थी परन्तु इन 15 वर्षों में डॉ. रमन सिंह की सरकार ने धान खरीदी की जो व्यवस्था खड़ी की थी तब तक एक भी किसान धान खरीदी को लेकर कभी भी न आंदोलन किया और न ही कभी एक चिट्ठी तक किसी किसान को लिखनी पड़ी। ऐसा उत्तम व्यवस्था को भूपेश बघेल की सरकार ने पूरी तरह चौपट कर दिया। कभी कम्प्यूटर साफ्टवेयर में खराबी, कभी बारदाने की कमी, कभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सामंजस्य का अभाव, तो कभी भूपेश बघेल और उनके मंत्रीमंडल के सहयोगी मंत्रियों के किसानों के खिलाफ उल-जूलूल बयान। कभी धान खरीदी बंद करने के बात, कभी मियाद बढ़ाने की बात, सरकार में ही बैठे नेताओं के अलग-अलग बोल और किसानों के धान को उनके कोटियों से जब्त करके किसानों में भय का वातावरण पैदा करने की कोशिश कांग्रेस सरकार की रही है। इस सरकार ने पहले ही साल में किसानों को इतना परेशान कर दिया कि शब्दों में कहा जाए तो पूरा दिन निकल जाएगा। भारतीय जनता पार्टी भूपेश बघेल की सरकार से यह मांग करती है कि वे अपनी वायदे के मुताबिक किसानों का एक-एक दाना धान की खरीदी करे और किसानों से किए गए समर्थन मूल्य के वादों को भी वो पूरा करें अन्यथा भारतीय जनता पार्टी किसानों के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार को सबक सिखाने से नहीं चूकेगी। पार्टी ने धान खरीदी की मियाद बढ़ाने और सभी किसानों का पूरा धान खरीदने के लिए प्रदेश की सरकार को बाध्य करने की बात कही और ऐसा न होने पर आंदोलन को तेज करके विस्तारित करने की चेतावनी दी।
 

किसानों की पीठ पर लाठी मारकर कांग्रेस सरकार गढ़ रही नवा छत्तीसगढ़ -बृजमोहन

किसानों की पीठ पर लाठी मारकर कांग्रेस सरकार गढ़ रही नवा छत्तीसगढ़ -बृजमोहन

रायपुर,केशकाल में किसानों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज पर पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के दम पर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है उन्ही किसानों पर अब लाठियां बरसाई जा रही है। यहा लोकतंत्र तार-तार हो गया है। सरकार की कुनीति के खिलाफ उठने वाली किसानों की आवाज़ को ताकत के दम पर दबाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही कांग्रेस के नारे "गढ़बों नवा छत्तीसगढ़" की सार्थकता है?
बृजमोहन ने कहा है किसानों से 25 सौं रुपये प्रति क्विंटल में किसानों का धान खरीदने की कसम कांग्रेसियों ने गंगाजल हाथ मे लेकर खायी थी। आज उनके ये सारे वादे और कसमें झूठे साबित हो गए है। धान खरीदी के पहले दिन से ही किसान परेशान-हलाकान हैं। रोज-रोज नए नियम-कानून, बारदाने की कमी,टोकन व्यवस्था,धान की राशि का भुगतान नही होने जैसी समस्याओं से किसान पहले से परेशान है। ऐसे में अपनी जायज मांगों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले अन्नदाता किसानों पर लाठीचार्ज घोर निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह कांग्रेस सरकार गूंगी, बहरी और अंधी हो गई है।उन्हें न तो किसानों की कराह सुनाई दे रही है और न ही उनकी तकलीफ को वे देखना चाह रहे है। आज पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल बना हुआ है। शासन व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक हम लड़ाई लड़ेंगे।
 

किसानों को लगातार जलील कर रही कांग्रेस सरकार: भाजपा

किसानों को लगातार जलील कर रही कांग्रेस सरकार: भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चन्द्राकर ने धान खरीदी केन्द्रों में लाखों क्विंटल धान खुले में पड़े और अब उनमें अंकुरण होने को लेकर प्रदेश सरकार की नीति व कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है। श्री चन्द्राकर ने कहा कि किसानों की मेहनत से उपजा अन्न प्रदेश की अनमोल संपत्ति है और प्रदेश सरकार व उसकी नौकरशाही अपनी नाकामी के चलते इस अनमोल अन्न संपदा की रक्षा तक नहीं कर पा रही है जबकि दूसरी तरफ सरकार और अफसरों द्वारा तेजी से धान उठाव के दावे किए जा रहे हैं जो कि मैदानी स्तर पर कोरा झूठ साबित हो रहे हैं।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने कहा कि खरीदी केन्द्रों में धान उठाव के पुख्ता इंतजामात के सरकारी दावों का सच यह है कि अब भी प्रदेशभर में लाखों टन धान खरीदी केन्द्रों में जाम है और किसान इसके चलते अपना धान अब भी नहीं बेच पा रहे हैं। प्रदेश सरकार इन खरीदी केन्द्रों को बारदानों की समयबध्द पर्याप्त आपूर्ति की भी कोई व्यवस्था नहीं बना पाई है, और यह तथ्य भी किसानों को धान बेचने में दिक्कत पैदा कर रहा है। अकेले राजनांदगांव जिले में 27 लाख क्विंटल धान खुले में रखा होने के कारण अंकुरित होने लगा है। इस आधार पर पूरे प्रदेश की स्थिति का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। किसानों के लिए आपदा बन चुकी प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस वर्ष किसानों को जितना जलील और परेशान किया है, उससे प्रदेश में किसान व्यथित और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। श्री चन्द्राकर ने कहा कि सरकार और नौकरशाह धान खरीदी को लेकर चाहे जितने झूठे दावे कर लें, जमीनी सच यही है कि प्रदेश सरकार अपने निर्धारित लक्ष्य का पूरा धान खरीदने से अब भी बचने की बदनीयती का परिचय दे रही है। हजारों किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाने के कारण परेशान हैं। महासमुंद जिले में एक किसान मोईनुद्दीन द्वारा किया जा आमरण अनशन सरकार को सच का आईना दिखा रहा है। किसानों के साथ इस दगाबाजी की कीमत प्रदेश सरकार को चुकानी ही पड़ेगी।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने प्रदेश सरकार को इस बात के लिए भी कोसा कि उसने तस्करी का धान खपने के मामलों को संजीदगी से नहीं लिया, जिसका खुलासा हाल ही एक समाचार पत्र में किया गया था। इसके उलट प्रदेश के छोटे लाइसेंसी धान व्यापारियों व किसानों का धान जब्त कर उन्हें चोर साबित करने पर आमादा प्रदेश सरकार व नौकरशाहों ने प्रदेश के किसानों के आत्म-सम्मान से खिलवाड़ किया। श्री चन्द्राकर ने मैनपुर (गरियाबंद) ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के घर से ओड़िशा से तस्करी कर लाए गए लगभग 10 लाख रुपए मूल्य के धान की जब्ती का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के राजनीतिक संरक्षण में एक तरफ उसी की पार्टी के नेता दूसरे राज्यों से धान की तस्करी करते रहे जबकि दूसरी तरफ प्रदेश सरकार किसानों के खेत-खलिहान व घरों में व्यापारियों की दुकानों में पुलिस भेजकर धान जब्ती कर अपने राजनीतिक दुराग्रह का प्रदर्शन करती रही। 

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय सचिव छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री अशोक साहू जी द्वारा ली गयी प्रेस वार्ता,फैक्ट्री मालिको को दी चेतावनी ....

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय सचिव छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री अशोक साहू जी द्वारा ली गयी प्रेस वार्ता,फैक्ट्री मालिको को दी चेतावनी ....

रायपुर,राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय सचिव छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री अशोक साहू जी द्वारा प्रेस वार्ता,जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रभारी श्री अशोक साहू,प्रदेश अध्यक्ष ललित मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी, प्रदेश महासचिव भवानी मरकाम एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे पत्रकार वार्ता में इंटक के प्रदेश प्रभारी ने सभी पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया

साथ ही उन्होंने यह बताएं कि छत्तीसगढ़ राज्य में आए दिन फैक्ट्रियों में हो रही दुर्घटनाओं के संबंध में चिंता जताई तथा समस्त फैक्ट्री मालिकों को चेतावनी दी है कि अगर आपके फैक्ट्रियों में मशीनों की मरम्मत बराबर नहीं हो रही है और किसी मजदूर के साथ दुर्घटना होती है तो उसे उचित मुआवजा दिलाया जाएगा तथा शासन के द्वारा ईएसआईसी , प्राइवेट फंड एवं अन्य सुविधाएं मिली कि नहीं मिल रहा है यह भी देखा जाएगा। विसंगति पाए जाने पर दोषी फैक्ट्री मालिको के खिलाफ आन्दोलन भी किया जाएगा .