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 फेसबुक का बड़ा फैसला: कोविड-19 को मानव निर्मित बताने वाले पोस्ट अपने प्लेटफॉर्म से नहीं हटाएगी

फेसबुक का बड़ा फैसला: कोविड-19 को मानव निर्मित बताने वाले पोस्ट अपने प्लेटफॉर्म से नहीं हटाएगी

वाशिंगटन। फेसबुक ने कहा कि वह अब अपने मंच से उन पोस्ट को नहीं हटाएगी जिनमें कोविड-19 को मानव निर्मित या उसका विनिर्माण किये जाने का दावा किया गया है। कंपनी ने कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर जारी जांच और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना का फैसला किया है। फेसबुक काफी समय से कोविड से जुड़ी गलत सूचना की बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित पोस्ट हटाता आ रहा है और उन पर चेतावनी के लेबल लगा रहा था। उदाहरण के तौर पर उसने दिसंबर 2020 में कहा था कि वह टीके से जुडी़ गलत जानकारी को हटा देगा। 
2000 रु के नोटों को लेकर RBI ने कही ये बड़ी बात

2000 रु के नोटों को लेकर RBI ने कही ये बड़ी बात

मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक की कल जारी वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल की तरह वित्त वर्ष 2020-21 में 2,000 रुपए के नए नोटों की कोई सप्लाई नहीं हुई है. रिजर्व बैंक ने पिछली बार 2018-19 में 467 लाख 2000 रुपए के नोटों की सप्लाई की थी. आरबीआई ने 20 रुपए के नोटों की सप्लाई 2019-20 में 13,390 लाख नोटों से बढ़ाकर 2020-21 में 38,250 लाख नोट कर दी है.

चलन में मौजूद नोटों में 500 और 2,000 के नोटों का हिस्सा 85.7 प्रतिशत
मूल्य के हिसाब से चलन में मौजूद नोटों में 500 और 2,000 के नोटों का हिस्सा 85.7 प्रतिशत है. मात्रा के हिसाब से 31 मार्च, 2021 तक चलन में मौजूद नोटों में 500 रुपए के नोट का हिस्सा सबसे ज्यादा 31.1 प्रतिशत था. उसके बाद 10 रुपए के नोट का नंबर आता है. इसका हिस्सा 23.6 प्रतिशत था. रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 में बैंक नोटों के लिए ऑर्डर एक साल पहले की तुलना में 9.7 प्रतिशत कम रहे. सप्लाई भी एक साल पहले की तुलना में 0.3 प्रतिशत कम रही. रिजर्व बैंक ने अपना वित्त वर्ष पहले के जुलाई से जून से बदलकर अप्रैल- मार्च कर दिया है. वर्तमान सालाना रिपोर्ट जुलाई 2020 से मार्च 2021 की नौ माह की अवधि के लिये जारी की गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च, 2021 तक चलन में मौजूद कुल बैंक नोटों में 500 और 2,000 रुपये के नोटों का हिस्सा 85.7 प्रतिशत था. वहीं, 31 मार्च, 2020 के अंत तक यह आंकड़ा 83.4 प्रतिशत था.

लोगों ने एहतियातन नकदी को अपने पास रोककर रखा- RBI
केंद्रीय बैंक की 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2020-21 में कोविड-19 महामारी की वजह से लोगों ने एहतियातन नकदी को अपने पास रोककर रखा, जिससे चलन में नोटों में औसत से ज्यादा का इजाफा हुआ.’’ रिजर्व बैंक ने कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी की एहतियाती मांग बढ़ने के बीच उसने बैंक नोटों की बढ़ी मांग को पूरा करने का प्रयास किया.
बता दें कि चलन में मौजूद मुद्रा में नोट और सिक्के आते हैं. अभी रिजर्व बैंक 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपए के नोट जारी करता है. साथ ही केंद्रीय बैंक 50 पैसे, 1, 2, 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के भी जारी करता है

 

 नए आईटी नियम-2021 : फेसबुक-व्हाट्सएप ने नए नियमों को दी चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 अगस्त तक स्थगित की सुनवाई

नए आईटी नियम-2021 : फेसबुक-व्हाट्सएप ने नए नियमों को दी चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 अगस्त तक स्थगित की सुनवाई

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा हाल ही में लागू नए आईटी नियम-2021 को कई डिजिटल न्यूज प्लेटफार्म ने चुनौती दी है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने नए सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 को चुनौती देने वाली तमाम याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को सुनवाई 4 अगस्त तक स्थगित कर दी। इससे पहले हाईकोर्ट ने मार्च में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस ज्योतिसिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई कर रही है। आईटी मंत्रालय ने डिजिटल व सोशल मीडिया नियम 2021 को हाल ही में लागू किया है। इसे क्विंट, द वायर समेत कई डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म ने चुनौती दी है। 

26 मई से लागू हुए हैं नए नियम-
दरअसल, सोशल मीडिया कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए भारत सरकार ने नए आईटी नियम बनाए हैं, जो 26 मई से प्रभावी हो गए हैं।
भारत सरकार के नए आईटी नियमों के खिलाफ फेसबुक के मालिकाना हक वाला मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं सरकार ने सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि नियम का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया?  इस बीच, चर्चा हो रही है कि नए आईटी नियमों के नहीं मानने पर फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स बंद हो सकते हैं। 

विवाद की वजह- 
सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच विवाद नए आईटी नियमों की वजह से शुरू हुआ है, जिन्हें भारत सरकार ने 26 मई से लागू कर दिया है। नए नियमों के अनुसार, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भेजे और शेयर किए जाने वाले मैसेजेस के ओरिजनल सोर्स को ट्रैक करना जरूरी है। यानी अगर कोई गलत या फर्जी पोस्ट वायरल हो रही है तो सरकार कंपनी से उसके ऑरिजनेटर के बारे में पूछ सकती है और सोशल मीडिया कंपनियों को बताना होगा कि उस पोस्ट को सबसे पहले किसने शेयर किया था।
 
 भारत सरकार के नए आईटी नियमों पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने दिया बड़ा बयान

भारत सरकार के नए आईटी नियमों पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने दिया बड़ा बयान

नयी दिल्ली। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज कहा कि कंपनी स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए और सरकारों के साथ रचनात्मक रूप से जुडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारें तेजी से विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी क्षेत्र से तालमेल बैठाने के लिए नियामक ढांचे बनाती हैं। पिचाई ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के चुनिंदा पत्रकारों के साथ एक आभासी सम्मेलन में कहा, ''यह स्पष्ट रूप से शुरुआती दिन हैं और हमारे स्थानीय दल बहुत व्यस्त हैं... हम हमेशा हर देश में स्थानीय कानूनों का सम्मान करते हैं और हम रचनात्मक रूप से काम करते हैं। हमारे पास स्पष्ट पारदर्शिता रिपोर्ट है, जब हम सरकारी अनुरोधों का अनुपालन करते हैं, तो हम इसका उल्लेख अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट में करते हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र और खुला इंटरनेट ''बुनियादी बात है और भारत में इसकी लंबी परंपराएं हैं। उन्होंने कहा, ''एक कंपनी के रूप में हम स्वतंत्र और खुले इंटरनेट के मूल्यों और इससे होने वाले लाभों के बारे में स्पष्ट रूप से जानते हैं और हम इसकी वकालत करते हैं, और हम दुनिया भर के नियामकों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ते हैं, हम इन प्रक्रियाओं में भाग लेते हैं। पिचाई ने आगे कहा कि कंपनी विधायी प्रक्रियाओं का सम्मान करती है, और जिन मामलों में उसे पीछे हटने की जरूरत होती है, वह ऐसा करती है। सरकार ने नए डिजिटल नियमों का पूरी निष्ठा के साथ बचाव करते हुए कहा कि वह निजता के अधिकार का सम्मान करती है और व्हॉट्सएप जैसे संदेश मंचों को नए आईटी नियमों के तहत चिन्हित संदेशों के मूल स्रोत की जानकारी देने को कहना निजता का उल्लंघन नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से नये नियमों को लेकर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। व्हॉट्सएप ने सरकार के नए डिजिटल नियमों को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जिसके एक दिन बार सरकार की यह प्रतिक्रिया आई है। व्हॉट्सएप का कहना है कि कूट संदेशों तक पहुंच उपलब्ध कराने से निजता का बचाव कवर टूट जायेगा। नए नियमों की घोषणा 25 फरवरी को की गयी थी। इस नए नियम के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों (जिनके देश में 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हैं) को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी। इसमें मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और भारत स्थित शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं। नियमों का पालन न करने पर इन सोशल मीडिया कंपनियों को अपने इंटरमीडिएरी दर्जे को खोना पड़ सकता है। यह स्थिति उन्हें किसी भी तीसरे पक्ष की जानकारी और उनके द्वारा 'होस्टÓकिए गए डाटा के लिए देनदारियों से छूट और सुरक्षा प्रदान करती है। दूसरे शब्दों में इसका दर्जा समाप्त होने के बाद शिकायत होने पर उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
Toll Tax Rules: टोल प्लाजा पर गाड़ियों से 10 सेकंड के अंदर लेना होगा टैक्स, 100 मीटर से लंबी कतार होने पर टैक्स माफ

Toll Tax Rules: टोल प्लाजा पर गाड़ियों से 10 सेकंड के अंदर लेना होगा टैक्स, 100 मीटर से लंबी कतार होने पर टैक्स माफ

नई दिल्ली, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआईए) ने देशभर में टोल नाकों पर वाहनों का प्रतीक्षा समय कम करने को लेकर टोल प्लाजों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किये है. उसने कहा है कि प्रत्येक वाहन को 10 सैकिंड में सेवा दे दी जानी चाहिये. राजमार्ग पर वाहनों के दबाव के शीर्ष समय में भी यह समयसीमा अपनाई जानी चाहिये ताकि वाहनों को कतार में कम से कम समय प्रतीक्षा करनी पड़े.

एनएचआईए ने बुधवार को एक बयान में कहा कि नए निर्देशों में टोल प्लाजा पर वाहनों की 100 मीटर से अधिक कतार नहीं लगने को लेकर यातायात के सुचारु प्रवाह को भी सुनिश्चित किया जाएगा.

उसने कहा, ‘‘फ़ास्टैग के अनिवार्य किये जाने के बाद हालांकि ज्यादातर टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय बिल्कुल भी नहीं है. यदि टोल पर किसी कारण वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक होती है तो, उस स्थिति में सभी वाहनों को बिना टोल दिए जाने की अनुमति होगी जब तक टोल नाके से वाहनों की कतार वापस 100 मीटर के अंदर नहीं पहुंच जाती.’’

एनएचआईए ने कहा कि सभी टोल नाको पर 100 मीटर की दूरी का पता लगाने के लिए पीले रंग से एक लकीर बनाई जायेगी. यह कदम टोल प्लाजा ऑपरेटरों में जवाबदेही की एक और भावना पैदा करने के लिए है.

एनएचआईए के अनुसार उसने फरवरी 2021 मध्य से 100 प्रतिशत कैशलेस टोलिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. एनएचएआई के टोल नाकों पर फास्टैग की उपलब्धता कुल मिलाकर 96 प्रतिशत और इनमें कईयों में तो 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

उसने कहा, ‘‘देश में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बढ़ते टोल संग्रह को ध्यान में रखते हुए अगले दस वर्षों के दौरान यातायात के अनुमान को ध्यान में रखते हुये टोल प्लाजों के आकार और निर्माण पर जोर दिया जाएगा ताकि टोल संग्रह प्रणाली को कुशल बनाया जा सके.’’

 

 सोने और चांदी में फिर आई गिरावट, जाने कीतना गिरा सोना और चांदी

सोने और चांदी में फिर आई गिरावट, जाने कीतना गिरा सोना और चांदी

मुंबई। विदेशों में पीली धातु में तेजी के बीच घरेलू स्तर पर सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ गई। एमसीएक्स वायदा बाजार में सोना 38 रुपये यानी 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48,515 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। सोना मिनी भी 78 रुपये टूटकर 48,436 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।

चांदी 663 रुपये यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 71,148 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गई। चांदी मिनी 631 रुपये उतरकर 71,205 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना हाजिर 1.40 डॉलर की मजबूती के साथ 1,882.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि जून का अमेरिकी सोना वायदा 1.30 डॉलर लुढ़ककर 1,883.20 डॉलर प्रति औंस बोला गया। चांदी हाजिर 0.19 डॉलर टूटकर 27.55 डॉलर प्रति औंस के भाव बिकी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरीसीन-बी के अतिरक्त 19,420 इंजेक्शन दिये गये, जानिए छत्तीसगढ़ को मिला कितना

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरीसीन-बी के अतिरक्त 19,420 इंजेक्शन दिये गये, जानिए छत्तीसगढ़ को मिला कितना

रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानन्द गौडा ने घोषणा की है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय संस्थानों को एम्फोटेरीसीन-बी के अतिरक्त 19,420 इंजेक्शन आवंटित किये गये हैं। ये इंजेक्शन 24 मई, 2021 को दिये गये हैं। इसके अलावा, 21 मई को देशभर में एम्फोटेरीसीन-बी के 23680 इंजेक्शनों का आवंटन किया गया था।

 

 

रायपुर में ये रहा 24 कैरेट सोने का रेट, जानें आज का भाव

रायपुर में ये रहा 24 कैरेट सोने का रेट, जानें आज का भाव

रायपुर में 10 ग्राम सोने का भाव 49,520.0 रुपये रहा। कल की तुलना में आज 24 कैरेट सोना 140.0 रुपये गिरा, वहीं चांदी का भाव 72,690.0 रुपये रहा।
कल रायपुर 10 ग्राम सोने का भाव 49,520.0 रुपये और चांदी का भाव 72,690.0 रुपये प्रति किलो रहा।
सर्राफा बाजार से सोने की चीजें खरीदते समय लोगों को बहुत सारी चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत है। मसलन सोने की शुद्धता को लेकर अक्सर लोग गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं और कई मामलों में ज्वैलर ही लोगों को बेवकूफ बना देते हैं। सोना खरीदते समय हालमार्क ज्वैलरी खरीदने से आप धोखा खाने से बच सकते हैं।
हॉलमार्क ज्वैलरी का फायद
• हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदने पर नकली सोना मिलने का चांस कम रहता है।
• हॉलमार्क वाले आभूषण बेचने पर ज्वेलर्स डिप्रेसिएशन कॉस्ट नहीं काटते हैं।
• आप जब भी अपने गहने को बेचने जाएंगे तो हॉलमार्क होने से इसका वाजिब दाम मिल सकेगा।
खरीदते समय ये सावधानी जरूरी
• बीआईएस रजिस्टर्ड सेंटर से कराई गई हॉलमार्किंग के तहत गहनों के हर पीस पर 5 तरह के मार्क छापे जाते हैं।
• पहला बीआईएस का लोगो, दूसरा फिटनेस नंबर यानी कैरेट का संकेत, तीसरा मार्किंग सेंटर का लोगो, चौथा वर्ष कोड और पांचवां बेचने वाले जूलर का लोगो या ट्रेड मार्क।
• बीआईएस रजिस्ट्रेशन के बिना ही आधा-अधूरा हॉलमार्किंग कराने वाले 5 मुहर की जगह 3 या 4 ही रखते हैं।

 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए सप्ताह में 3 दिन के बजाय 6 दिन के लिए व्यापार की अनुमति के लिए चेम्बर ने मुख्यमंत्री बघेल को लिखा पत्र

प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी को देखते हुए सप्ताह में 3 दिन के बजाय 6 दिन के लिए व्यापार की अनुमति के लिए चेम्बर ने मुख्यमंत्री बघेल को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड़ इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कैट के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, चेम्बर के महामंत्री अजय भसीन एवं कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा ने बताया कि आज चेम्बर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र जारी कर प्रदेश में जिलेवार लगातार घट रहे कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए, प्रदेश में सभी प्रकार के व्यापार को करने की अनुमति देने का आग्रह किया ।

श्री अमर पारवानी ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री बघेल को अवगत कराया कि आपके कुशल नेतृत्व एवं दुरदर्शितापूर्वक लिए गए निर्णयों का ही नतीजा है कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले लगातार घटते जा रहे हैं । कोराना के इस दूसरे लहर में जहां हमारे प्रदेश में एक दिन में लगभग 17000 मामले सामने आए थे जो बीते कल में कम होकर लगभग 5000 हो गए है और संक्रमण दर भर लगभग 33 प्रतिशत से कम होकर 8 प्रतिशत से भी कम हो गयी है साथ ही राज्य में मृत्यु दर भी घटी है, यह हम सब के लिए बहुत बड़ी राहत की बात है।

श्री पारवानी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में उनके साथ पिछले दिनों हुए विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम चेम्बर से हुए चर्चा का जिक्र करते हुए उनके द्वारा सभी जिलाधीशों को स्थानीय स्तर पर समीक्षा कर तथा चेम्बर के सदस्यों से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लेने हेतु निर्देशित किए जाने का भी जिक्र किया गया । जिसमें बाजारों को खोले जाने की पहली कड़ी में जहां आवश्यक सेवाओं को व्यापार की अनुमति दी गई थी वहीं दूसरी कड़ी में अनलाॅक की प्रक्रिया को अपनाते हुए जिले के कुछ व्यापार को आंशिक समय में तथा कुछ बाजारों को सम विषम के आधार पर खोले जाने जी अनुमति दी गई थी अगले चरण में शो रूम तथा वाहन विक्रय शो रूम के खोले जाने के आदेश जारी किए गए थे।

श्री पारवानी ने आगे कहा कि अभी भी ऐसे काफी सारे व्यापार जिन्हे अभी भी अनुमति नही मिली है, उन सभी व्यापारीयों को सोमवार 24 मई 2021 से भी व्यापार करने की अनुमति दी चाहिए। हालांकि 17 मई से राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों के बाजारो को कुछ प्रतिबंध के साथ व्यापार करने की अनुमति मिली है। जिला प्रशासन ने कुछ बाजारों को चिन्हांकित किया है जहां सम-विषम (ऑड-ईवन) या लेफ्ट-राइट नियम लागू किये गये है, उन बाजारों को भी पूरे 6 दिन खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। और साथ जितने भी व्यापार, व्ययसाय एवं बाजार बंद है उन्हे खोलने दिया जाना चाहिये ताकि वे सप्ताह के 6 दिन शाम 5 बजे तक ही व्यापार व्ययसाय कर सके और पूर्व की भाती शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लाॅकडाउन एवं रविवार को पूर्णः बंद रखा जाये।

श्री पारवानी ने कहा कि आपसे निवेदन है कि जिलों में कोरोना के मरीजो की घटती संख्या को देखते हुये वहां के कलेक्टरों के साथ पुनः समिक्षा कर, सभी छोटे व्यापारी या ट्रेडर्स, व्यापार, व्ययसाय, एवं बाजारों का व्यापार एवं व्ययसाय करने वालों को छूट या रियायत के साथ उन्हें व्यापार एवं व्ययसाय की अनुमति दिया जाना चाहिए, क्योंकि वो भी इस कोरोना काल में अपनी सभी जिम्मेदारियों और दायित्वों को पूरा कर रहे, जैसे कि दैनिक खर्चे, दुकान का किराया, जीएसटी, बैक ब्याज, कर्मचारी का वेतन आदि। यदि उन्हे भी व्यापार में छूट मिलेगी तो उनको भी बहुत बड़ी राहत और मद्द मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्ययस्था वापस पटरी पर आ पायेगी। कोरोना काल के विकट एवं विपरित परिस्थितियों में शासन द्वारा जारी सभी नियमों एवं दिशा निर्देशों का पूरा कड़ाई से पालन किये है साथ ही व्यापारीयों ने आम नागरिकों को राहत पहुचाने के उद्देश्य आगामी दिनों में भी कोरोना रोकथाम हेतु जो भी निर्णय लिया जावेगा उसका पूरा पालन व्यापारी वर्ग द्वारा कड़ाई से किया जावेगा, साथ ही करोना महामारी रोकथाम रोकने हेतु जो भी जनजागरण अभियान शासन-प्रशासन द्वारा चलाया जायेगा उसमें व्यापारी वर्ग शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगा। 

 छत्तीसगढ़ कैट की नई कार्यकारिणी घोषित, दोशी को अध्यक्ष की कमान, सुरिंदर सिंह बने महामंत्री

छत्तीसगढ़ कैट की नई कार्यकारिणी घोषित, दोशी को अध्यक्ष की कमान, सुरिंदर सिंह बने महामंत्री

रायपुर। आज शुक्रवार देर शाम कैट सी.जी. चेप्टर की बैठक कैट कार्यालय में एकम्पवनन हुई जिसमें आगामी 2 वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया ।  कैट के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ। आपको बता दे कि निर्वाचन निर्विरोध हुआ । निर्वाचन कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी भरतिया एवं महामंत्री प्रवीण खण्डेलवाल की अनुशंसा पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने सम्पन्न कराया ।

बैठक के प्रांरभ में कैट की पूरी टीम को अमर पारवानी ने छ.ग. चेम्बर के चुनाव में एतिहासिक जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। होली एवं लाकडाउन के पश्चात् कैट की बैठक नहीं हो सकी थी । चेम्बर चुनाव संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को बखूबी निभाने हेतु मुख्य चुनाव संचालक श्री नरेन्द्र दुग्गड़ का गुलदस्ते के साथ अभिनंदन किया गया । श्री अमर पारवानी ने अपने उद्बोधन मे कहा कि हम सब ने पूरी इमानदारी से व्यापारी हित की लड़ाई लड़ी, उसी का स्पष्ट प्रमाण है हमारी एतिहासिक जीत। कैट राष्ट्रीय संस्था है इसकी गरिमा हमको बनाए रखना है हम सब आगे भी व्यापारियों की समस्या और व्यापार एवं व्यापारी की प्रगति हेतु प्रयासरत रहेंगें ।

श्री नरेन्द्र दुग्गड मुख्य चुनाव संचालक ने सभी सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी को पूरी कुशलता के साथ निभाने एवं पूरे पैनल को एक तरफा जीत दिलाने के लिए धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया ।

आगामी 2 वर्ष के लिए निर्वाचित नई कार्यकारिणी टीम:

संरक्षक - श्री आसुदामल वाधवानी , श्री भारामल मत्थानी , श्री महेन्द्र धाडीवाल।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष - श्री अमर पारवानी ।

चेयरमेन - श्री मगेलाल मालू , श्री अमर गिदवानी ।

सलाहकार समिति - श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गड , श्री विजय कोठारी , श्री विजय गोयल ।

अध्यक्ष - श्री जितेन्द्र दोशी।

कार्यकारी अध्यक्ष - श्री विक्रम सिंहदेव , श्री परमानन्द जैन , श्री वाशु माखीजा ।

महामंत्री - श्री सुरिंदर सिंह ।

कार्यकारी महामंत्री - श्री भरत जैन।

संयुक्त सचिव - श्री नरेश गंगवानी , श्री अजय तनवानी , श्री विजय शर्मा ।

कोषाध्यक्ष - श्री अजय अग्र्रवाल ।

संयुक्त कोषाध्यक्ष - श्री राकेश ओचवानी

आई टी सेल प्रभारी - श्री संजय चैबे ।

एमएसएमइ एंव व्यापार विकास - श्री मोहम्मद अली हिरानी

वरिष्ठ उपाध्यक्ष - श्री पवन वाधवा , श्री सुभाष बजाज , श्री राजेन्द्र जैन, श्री कैलाश खेमानी , श्री संजय जादवानी, श्री सुनील धुप्पड़, श्री बलराम आहुजा, श्री अशोक मालू, श्री रामकुमार शुक्ला , श्री सुभाष अग्रवाल ।

उपाध्यक्ष - श्री रोहित सिंघानियां , श्री जय नानवानी , श्री सूरज उपाध्याय , श्री प्रेम पाहुजा , श्री रतन लाल अग्रवाल , श्री मोतीलाल सचदेव , श्री अजीत सिंह कैम्बो , श्री रवि रंगलानी , श्री कन्हैया गुप्ता , श्री निलेेश मुंदड़ा , श्री महेश जेठानी।

संगठन मंत्री - श्री संजय जयसिंह , श्री जयराम कुकरेेजा ।

मंत्री - श्री आशीष कुमार सोनी , श्री अशोेक जैन , श्री नाथूलाल धनवानी, श्री नरेश चंदानी , श्री राजेश माखीजा , श्री मोहम्मद आसिफ वैद , श्री राकेश कुमार अग्रवाल , श्री अभिषेक अग्रवाल , श्री जितेन्द्र गोलछा , श्री दिनेश पटेल , श्री जनक वाधवानी , श्री रजत छाबड़ा , श्री कान्ति पटेल , श्री सफीक अमन ।


कार्यकारी सदस्य - श्री सतीश श्रीवास्तव , श्री तेजश मुखर्जी , श्री रवि वासुदेव । 

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) गौतम अदानी एशियाई के इस क्रम के सबसे धनी व्यक्ति

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) गौतम अदानी एशियाई के इस क्रम के सबसे धनी व्यक्ति

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक भारत के अग्रणी उद्यमियों में से एक गौतम अदानी एशियाई के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति बन गये हैं, उन्होंने चीन के झोंग शान्शन को पछाड़ कर दूसरा स्थान हासिल किया है। गौतम अदानी के नेटवर्थ 67.6 अरब डॉलर है, अब वे एशियाई में केवल मुकेश अम्बानी से पीछे हैं। विश्व स्तर पर गौतम अदानी विश्व के 14वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। मुकेश अम्बानी की नेटवर्थ 76.3 अरब डॉलर है, वे विश्व के 13वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। इस वर्ष गौतम अदानी की नेटवर्थ में 32.7 अरब डॉलर की बढ़ोत्तरी हुई है। दरअसल, पिछले कुछ समय में अदानी समूह के शेयर्स में काफी तेज़ी दर्ज की गयी है, जिसके चलते गौतम अदानी की नेटवर्थ में काफी ज्यादा वृद्धि हुई है।

विश्व के सबसे धनी व्यक्ति (World’s Richest People)
जेफ बेजोस : 189 बिलियन डॉलर
एलोन मस्क : 163 बिलियन डॉलर
बर्नार्ड अर्नौल्ट : 162 बिलियन डॉलर
बिल गेट्स : 142 बिलियन डॉलर
मार्क जकरबर्ग : 119 बिलियन डॉलर
वारेन बफेट : 108 बिलियन डॉलर
लैरी पेज : 106 बिलियन डॉलर
सेर्गे ब्रिन : 102 बिलियन डॉलर
लैरी एलीसन : 91.2 बिलियन डॉलर
स्टीव बालमर : 89.2 बिलियन डॉलर
फ़्रन्कोइस बेटरकोर्ट मेयर्स : 87.2 बिलियन डॉलर
अमान्सियो ओर्टेगा : 82.4 बिलियन डॉलर
मुकेश अम्बानी : 76.3 बिलियन डॉलर
गौतम अदानी : 67.6 बिलियन डॉलर
झोंग शान्शन : 65.6 अरब डॉलर
 

बड़ी खबर- इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ी, जानिए अब क्या है लास्ट डेट

बड़ी खबर- इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ी, जानिए अब क्या है लास्ट डेट

आज आयकर विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख में वृद्धि कर दी है. अब आप इन तारीखों तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते है. इसे आप इस चार्ट के माध्यम से देखे:- 

SBI के 44 करोड़ ग्राहकों के लिए जरूरी सूचना! कल से 23 मई तक इस समय बंद रहेंगी बैंक की सर्विसेस, फटाफट निपटा लें जरूरी काम

SBI के 44 करोड़ ग्राहकों के लिए जरूरी सूचना! कल से 23 मई तक इस समय बंद रहेंगी बैंक की सर्विसेस, फटाफट निपटा लें जरूरी काम

नई दिल्ली, अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कस्टमर हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है. SBI ने अपनी सर्विस से संबंधित सूचना (SBI Important Notice) के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है. एसबीआई ने ट्वीट कर कहा कि मेंटिनेंस एक्टिविटी के चलते बैंक की कुछ सर्विसेस 21 मई से 23 मई तक इस समय बंद रहेंगी. एसबीआई का कहना है कि ग्राहकों को बिना रुकावट बैंकिंग एक्सपीरियंस उपलब्ध कराने के लिए सर्विसेज बेहतर बनाने को मेंटिनेंस वर्क किया जा रहा है.

 

भारतीय स्टेट बैंक ने इससे संबंधित सूचना Important Notice के तहत ट्वीट कर जानकारी दी है. बैंक ने बताया कि 21 मई को 10:45 PM से 22 मई की रात 1 बजकर 15 मिनट तक व 23 मई 2021 को 02.40 AM से 06.10 AM के बीच बैंक मेंटीनेंस का काम करेगा. बैंक ने कहा है कि इस दौरान एसबीआई कस्टमर्स INB/YONO/YONO Lite/UPI सर्विसेज का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
SBI द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक आज अपने UPI प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करेगा, ताकि कस्टमर एक्सपीरिएंस को बेहतर किया जा सके. इस दौरान ग्राहकों को यूपीआई ट्रांजैक्शन बंद रहेंगे.
 

Work From Home से हो गए हैं Bore तो बोरियत दूर करने के लिए IRCTC का Work From Hotel का ऑफर

Work From Home से हो गए हैं Bore तो बोरियत दूर करने के लिए IRCTC का Work From Hotel का ऑफर

Work from hotel: कोरोना महामारी की वजह से देश में लाखों लोग इस समय अपने घर से ही काम कर रहे हैं. यह पिछले साल यानी 2020 से ही चलता आ रहा है. 2021 में स्थिति जस की तस बनी हुई है. ऐसी स्थिति में लोग खुद को घरों के अंदर लॉक किए हुए हैं, जिससे वो अब काफी बोर होने लगे हैं. लेकिन उन्हें अपना काम घर से ही करके देना है. अगर आप उन लोगों में से हैं जो घर से काम करते-करते बोर हो चुके हैं तो आईआरसीटीसी आपके लिए वर्क फ्राम होटल का ऑफर दे रही है. यह उन लोगों के लिए है जो वर्क फ्राम होम से ऊब गए हैं.
आईआरसीटीसी का वर्क फ्राम होटल का ऑफर
आईआरसीटीसी ने वर्क फ्राम होटल पैकेज की शुरुआत की है. इसमें आप अपने पसंद के होटल में रुक सकते हैं. आईआरसीटीसी ने इस पैकेज की शुरुआत केरल के होटलों से की है. इसके बारे में पूरी जानकारी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर दी गई है.
वर्क फ्राम होम से अच्छा विकल्प
कोरोना महामारी में जो लोग घर से काम कर रहे हैं. उनके लिए आईआरसीटीसी एक अच्छा विकल्प मुहैया करा रहा है. इस पैकेज की शुरुआत 10,126 रुपये से होती है. इसमें तीन लोग 5 रात रुक सकते हैं. इसमें डिसइन्फेक्टेड कमरा, तीन समय का रात का भोजन, दो बार चाय-काफी, वाई-फाई, सेफ कार पार्किंग और ट्रैवेल इंश्योरेंस शामिल है. इसके अलावा और कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.
केरल के इन शहरों में उपलब्ध हैं विकल्प
आईआरसीटीसी के इस पैकेज में केरल के लक्जरीयस होटल्स हैं. यह मुन्नार, थेकेडी, कुमारकोन, एलेप्पे, कोवलम, वायनाड और कोच्चि में उपलब्ध हैं. आईआरसीटीसी के वर्क फ्राम होटल पैकेज में कम से कम पांच दिनों के लिए यह ऑफर लेना होगा. आईआरसीटीसी के मुताबिक, इस ऑफर में सभी तरह के स्वच्छता के कार्यक्रम और कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाएगा.
 

सरकार दे रही मोटी कमाई का मौका! आप भी इस तरह से शुरू कर सकते हैं ये कारोबार, यहां करें आवेदन

सरकार दे रही मोटी कमाई का मौका! आप भी इस तरह से शुरू कर सकते हैं ये कारोबार, यहां करें आवेदन

नई दिल्ली, कोरोनाकाल (Coronavirus Pandemic) में कई ऐसे लोग ऐसे हैं जिनका इनकम कम हुआ है और खर्चे बढ़े हैं. ऐसे में अगर आप एक्सट्रा इनकम (Own Business) चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. दवाओं के कारोबार को सरकार छूट दे रही है. ऐसे में जनऔषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) चलाने वालों के आय पर किसी तरह का असर नहीं हुआ है. तालाबंदी के दौरान आम लोगों को भी सस्ते दामों पर आवश्यक दवाएं और अन्य चिकित्सकीय सामान उपलब्ध हो जा रहे हैं. ऐसे में आप सरकार की मदद से जनऔषधि केंद्र खोलकर कमाई कर सकते हैं.
आइए जानते हैं क्या है प्रोसेस?
3000 केंद्र खुलने वाले हैं

देश में मौजूदा समय में करीब 7733 जनऔषधि केंद्र चलाए जा रहे हैं. जबकि सरकार की योजना इसे सभी 734 जिलों में बढ़ाकर 10500 करने की है. यानी अभी भी करीब 3000 केंद्र और खोले जाने हैं. ऐसे में रोजगार का साधन खोज रहे युवाओं के पास यह एक बेहतर विकल्प है.
जानें कौन खोल सकता है मेडिकल स्टोर
अगर आप इनडिविजुअल दवा दुकान खोलना चाह रहे हैं तो आपके पास डी.फार्मा या बी.फार्मा की डिग्री होनी चाहिए. आवेदन करते समय इस डिग्री को लेकर उसे प्रूफ सबमिट करना होगा. अगर कोई आर्गनाइजेशन या NGO जनऔषधि केंद्र खोलना चाहता है तो उसके लिए भी जरूरी है कि वह किसी डी फार्मा या बी फार्मा डिग्री होल्डर को रोजगार दे रखा हो. अस्पतालों में भी कोई योग्य NGOs/चैरिटेबल आर्गनाइजेशन जनऔषधि केंद्र खोल सकता है. इसे खोलने के लिए आपके पास 120 वर्ग फुट की दुकान होनी चाहिए.

जानें कैसे होगी कमाई?
जनऔघधि केंद्र खोलने पर दवा की बिक्री पर 20 फीसदी मार्जिन दुकान चलाने वालों को दिया जाएगा. इसके अलावा नॉर्मल और स्पेशल इंसेंटिव का भी प्रावधान है. वहीं, नॉर्मल इंसेंटिव के रूप में सरकार दवा की 
दुकान खोलने में आने वाले खर्च को वापस कर देती है. इसमें दुकान में फर्नीचर पर आने वाले 1.5 लाख रुपये तक का खर्च और कंप्यूटर व फ्रिज आदि रखने में आने वाला 50 हजार रुपये तक का खर्च शामिल है. इसे मंथली बेसिस पर अधिकतम 15 हजार रुपये तक तक तब वापस किया जाता है, जबतक कि 2 लाख की रकम पूरी न हो जाए. यह इंसेंटिव मंथली परचेज का 15 फीसदी या 15000 में जो अधिक हो, दिया जाता है. इतना ही नहीं महिला कारोबारी, दिव्यांग, SC, ST को जनऔषधि केंद्र खोलने पर स्पेशल इंसेंटिव दिया जाता है. या नॉर्थ ईस्ट या नक्सल प्रभावित इलाकों में सेंटर खोलने के लिए.
जानें कहां मिलेगा फार्म?

जन औषधि केन्द्र के लिए रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से लेना होता है. https://janaushadhi.gov.in/ से फार्म डाउनलोड कर सकते हैं. फार्म डाउनलोड करने के बाद आपको आवेदन ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (A&F) के नाम से भेजना होगा.

ये है एड्रेस-

Bureau of Pharma Public Sector Undertakings of India (BPPI),

8th Floor Videocon Tower,

Block E1 Jhandewalan Extension,

New Delhi –110055

Tel – 011-49431800
 

PPF, NSC और सुकन्या समृद्धि योजनाओं की ब्याज दरों में हो सकता है बड़ा बदलाव, जानिए वजह

PPF, NSC और सुकन्या समृद्धि योजनाओं की ब्याज दरों में हो सकता है बड़ा बदलाव, जानिए वजह

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के द्वारा जारी छोटी बचत योजनाओं के निवेशकों के लिये बड़ी खबर है. इन योजनाओं में निवेश करने वालों के रिटर्न पर झटका लग सकता है. छोटी बचत योजनाओं जैसे सुकन्या समृद्धि, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स और PPF पर ब्याज दरें घट सकती हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती पर फैसला ले सकती है, ऐसा हुआ तो 1 जुलाई से छोटी बचत योजनाओं पर कम ब्याज मिलेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती का फैसला अगले महीने यानी जून में लिया जाएगा और यह 1 जुलाई से लागू होगा. 30 जून तक यह समीक्षा होना है.

..इसलिए सरकार ले सकती है फैसला

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्रोथ की लय को वापस पाने के लिए वित्तीय और मौद्रिक दोनों तरह के सपोर्ट की जरूरत है. छोटी बचत योजनाओं के ब्याज में कटौती से सरकार की उधारी की लागत कम हो जाएगी, जिससे इकोनॉमी को सहारा मिलेगा. रिजर्व बैंक और बैंक्स दोनों ही ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में हैं. आपको बता दें कि 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले 31 मार्च को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती कर दी गई थी, लेकिन उसके अगले ही दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले को एक भूल बताते हुए वापस ले लिया था. हो सकता है सरकार ने विधानसभा चुनावों को देखते हुए ही ये फैसला वापस ले लिया था, लेकिन अब सरकार की ऐसी कोई मजबूरी नहीं है. सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करती है. 30 जून अगली समीक्षा की तारीख है. अगर दरों में कटौती हुई तो छोटे निवेशकों को काफी नुकसान होगा.

जानिए क्या हैं मौजूदा ब्याज दरें?

स्कीम ब्याज दर ब्याज दर

<< सुकन्या समृद्धि स्कीम (SSS) 7.6%

‌<< सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम 7.4%

‌<< पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) 7.1%

‌<< किसान विकास पत्र (KVP) 6.9%

‌<< नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) 6.8%

‌<< मासिक इनकम अकाउंट 6.6% 

 इस महीने 10वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

इस महीने 10वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज इस महीने 10वीं बार वृद्धि की गई और मुंबई में पेट्रोल 99 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गया। दिल्ली और मुंबई समेत देश के चार बड़े महानगरों में आज पेट्रोल की कीमत 27 पैसे तक और डीजल की 31 पैसे तक बढ़ाई गई जिससे इनके दाम नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गये हैं।

अग्रणी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई में पेट्रोल 26 पैसे महंगा होकर 99.14 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। यह अनब्रांडेड पेट्रोल की कीमत है। ब्रांडेड पेट्रोल पहले से ही 100 रुपये के पार है। कंपनी का एक्सट्रा प्रीमियम पेट्रोल आज मुंबई में 102.58 रुपये प्रति लीटर रहा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल की कीमत 27 पैसे बढ़कर 92.85 रुपये प्रति लीटर हो गई। डीजल का मूल्य 29 पैसे बढ़कर 83.51 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। तेल विपणन कंपनियों ने 04 मई से अब तक 10 दिन कीमतों में वृद्धि की है जबकि पांच दिन दाम स्थिर रहे हैं। इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल 2.45 रुपये और डीजल 2.78 रुपये महंगा हो चुका है। पेट्रोल की कीमत चेन्नई में 23 पैसे और कोलकाता में 25 बढ़कर क्रमश: 94.54 रुपये और 92.92 रुपये प्रति लीटर रही।

डीजल की कीमत मुंबई में 31 पैसे, चेन्नई में 27 पैसे और कोलकाता में 29 पैसे बढ़ी। एक लीटर डीजल मुंबई में 90.71 रुपये, चेन्नई में 88.34 रुपये और कोलकाता में 86.35 रुपये का बिका। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की रोजाना समीक्षा होती है और उसके आधार पर हर दिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।

देश के चार महानगरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार रही:
शहर का नाम——पेट्रोल रुपये/लीटर——डीजल रुपये/लीटर
दिल्ली————— 92.85—————— 83.51
मुंबई-————— 99.14—————— 90.71
चेन्नई—————-94.54-—————- 88.34
कोलकाता———— 92.92—————- 86.35
फिर से सस्ता हो गया है सोना, सोना खरीदने का यही है सही मौका

फिर से सस्ता हो गया है सोना, सोना खरीदने का यही है सही मौका

नई दिल्ली । एक ओर शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। 48,474 रुपये के स्तर पर बंद हुआ सोना आज 55 रुपये की गिरावट के साथ 48,419 रुपये के स्तर पर खुला है। बाद के कारोबार में सोने की ये गिरावट और बढ़ती ही चली गई। सुबह 10 बजे के करीब सोने में 100 रुपये से भी अधिक की गिरावट आ चुकी थी। वहीं चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को 73,324 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई चांदी आज 431 रुपये की तेजी के साथ 73,755 रुपये प्रति किलो पर खुली  है। चांदी की ये तेजी दिन के कारोबार में और बढ़ती ही चली गई। सुबह 10 बजे के करीब चांदी में 510 रुपये से भी अधिक की तेजी देखी जा चुकी थी। सोने की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह है कोरोना वायरस के घटते मामले। जैसे-जैसे कोरोना के मामले घट रहे हैं, लोगों का रुझान शेयर बाजार की तरफ बढ़ रहा है। सोमवार को करीब महीने भर में पहली बार कोरोना के मामले 3 लाख से कम हुए, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 848 अंक उछल गया। आज भी शेयर बाजार करीब 650 अंकों से अधिक की तेजी दिखा चुका है। कोरोना वायरस के मामले बढऩे के बीच सोना गिरा है। साथ ही चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अभी सोना 48,419 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं अगर बात चांदी की करें उसकी कीमत अभी 73,755 रुपये प्रति किलो हो गई है। देखा जाए तो सोना ऑल टाइम हाई से करीब 7700 रुपये सस्ता हो चुका है।

 


सोने की कीमतें आने वाले दिनों में बढऩे ही वाली हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कोरोना वायरस, जिसके मामले हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहे हैं। बुधवार को भी रेकॉर्ड 3,79,257 नए कोविड मरीज पाए गए। महज 5 दिन में ही एक्टिव मामलों की संख्या करीब 5 लाख बढ़ चुकी है। दिल्ली में तो लॉकडाउन लगा हुआ है। बाकी राज्य भी नाइट कर्फ्यू समेत तमाम सख्ती के उपाय कर रहे हैं, जिसका असर इकनॉमिक एक्टिविटीज पर पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हैं और सोना सबसे सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में आने वाले वक्त में सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं किन वजहों से सोना महंगा हो सकता है।

 

Realme 8 5G का नया स्टोरेज मॉडल भारत में हुआ लॉन्च, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Realme 8 5G का नया स्टोरेज मॉडल भारत में हुआ लॉन्च, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

Realme 8 5G को भारतीय बाजार में एक नए स्टोरेज मॉडल में लॉन्च किया गया है. अभी तक यह स्मार्टफोन 4GB + 128GB और 8GB + 128GB स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध था. अब इस लिस्ट में 4GB + 64GB मॉडल भी शामिल हो गया है. स्टोरेज के अलावा मॉडल में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया है. यह MediaTek Dimensity 700 प्रोसेसर पर काम करता है और इसमें 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.5 इंच की डिस्प्ले दी गई है.
Realme 8 5G नए मॉडल की कीमत
Realme 8 5G के नए मॉडल में 4GB रैम और 64GB स्टोरेज दी गई है. इसकी कीमत 13,999 रुपये है और यह स्मार्टफोन 18 मई को दोपहर 12 बजे सेल के लिए उपलब्ध होगा. यूजर्स इसे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे. यह Supersonic Blue और Supersonic Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा. वहीं 4GB + 128GB मॉडल की कीमत 14,999 रुपये और 8GB + 128GB मॉडल की कीमत 16,999 रुपये है.
Realme 8 5G के स्पेसिफिकेशन्स
Realme 8 5G में 6.5 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले दी गई है. इसका स्क्रीन रेजोल्यूशन 1,080×2,400 पिक्सल और 90Hz रिफ्रेश रेट है. यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 700 प्रोसेसर पर काम करता है. इसमें एक्सपेंडेबल डाटा स्टोरेज के लिए माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट भी दिया गया है. जहां 1TB तक का डाटा स्टोर किया जा सकता है. फोटोग्राफी के लिए फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मौजूद है. इसका प्राइमरी सेंसर 48MP का है, जबकि 2MP का मोनोक्रोम सेंसर और 2MP का तीसरा लेंस दिया गया है. वहीं इसमें सेल्फी के लिए यूजर्स को 16MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा. फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है जो कि 18W क्विक चार्ज सपोर्ट के साथ आती है और लंबा बैकअप प्रदान करती है. कनेक्टिविटी फीचर्स के तौर पर Realme 8 5G में 5G, 4G LTE, वाईफाई, ब्लूटूथ 5.1, जीपीएस, ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप सी पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा दी गई है.
 

पिछले 45 दिनों में कोरोना वायरस के कारण देश के घरेलू व्यापार को 12 लाख करोड़ का घाटा ,कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री से वित्तीय पैकेज की मांग की

पिछले 45 दिनों में कोरोना वायरस के कारण देश के घरेलू व्यापार को 12 लाख करोड़ का घाटा ,कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री से वित्तीय पैकेज की मांग की

रायपुर, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीडिया प्रभारी संजय चौबे ने बताया कि ष्कोरोना वायरस के प्रकोप से पिछले 45 दिनों में भारत के घरेलू व्यापार को 12 लाख करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ है, जो एक बड़ा नुकसान है और निश्चित रूप से ऐसे समय में जब लॉक डाउन वापिस लिए जाएगा तब व्यापारियों को अपने व्यापार को दोबारा खड़ा करना बेहद मुश्किल होगा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज यह आंकड़े जारी करते हुए कहा की देश का व्यापार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर ने व्यापारियों की कमर ही तोड़ दी है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने कहा की हमने पिछले 45 दिनों की अवधि में सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए देश के आंतरिक व्यापार के नुकसान का अनुमान लगाया जो लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का है जो कि काफी बड़ा नुकसान है। प्रति वर्ष देश भर में में लगभग 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होता है । देश में लगभग 8 करोड़ छोटे बड़े व्यापारी हैं जो देश के घरेलू व्यापार को चलाते हैं। उन्होनें कहा कि कारोबार के लगभग रु. 12 लाख करोड़ के व्यापारिक नुकसान में खुदरा व्यापार में लगभग 7.50 लाख करोड़ रुपये और थोक व्यापार में लगभग 4.50 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कैट सी.जी.चैप्टर के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री विक्रम सिंहदेव ने कहा कि बाजार शुरुआती दिनों में खुले थे और बाद में कुछ घंटों के लिए आंशिक रूप से खुले थे, वहां ग्राहकों की बहुत कम भीड़ थी क्योंकि लोग डर की चपेट में हैं और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी को छोड़कर बाजारों में जाने से बच रहे है। उन्होंने कहा कि इससे ई-कॉमर्स में कारोबार में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह देखा गया है कि कोविड दिशा-निर्देशों में प्रतिबंधों के बावजूद विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियां गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री और वितरण में लगी हुई हैं और किसी ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है, जिसका कड़ा विरोध कैट एवं देश के व्यापारियों ने किया है। ऐसा लगता है कि इन कंपनियों ने कानून और निति का उंल्घन करने का ठान लिया है। और उन्हें कानून का कोई डर नही है।

श्री पारवानी ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि लॉकडाउन हटने पर व्यापारियों को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को बहाल करने के लिए एक वित्तीय पैकेज दिया जाए।
श्री पारवानी और श्री सिंहदेव ने याद किया कि पिछले साल लॉक डाउन के दौरान व्यापारियों को केन्द्र सरकार द्वारा घोषित विभिन्न पैकेजों में कोई जगह नहीं मिली थी, हालांकि अर्थव्यवस्था के अन्य सभी क्षेत्रों के हितों का विधिवत ध्यान रखा गया था। उन्होंने कहा कि पहले उपाय के रूप में केन्द्र सरकार को जीएसटी, आयकर और टीडीएस के तहत सभी पालनाओं की वैधानिक तिथियों को कम से कम 31 अगस्त, 2021 तक के लिए स्थगित कर देना चाहिए। इसके अलावा बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को व्यापारियों को आसान तरीके से और रियायती ब्याज दर पर ऋण देने का निर्देश दिया जाए । डिजिटल भुगतान करने पर बैंक शुल्क माफ किया जाना चाहिए और सरकार बैंक शुल्क सीधे बैंकों को सब्सिडी दे सकती है।