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अगले 5 साल में आधे भारत के पास होगा जियो का सिम, मुकेश अंबानी उठा सकते हैं बड़ा कदम

अगले 5 साल में आधे भारत के पास होगा जियो का सिम, मुकेश अंबानी उठा सकते हैं बड़ा कदम

नईदिल्ली। रिलायंस जियो के सहारे डिजिटल किंग बनने की राह पर चल पड़े मुकेश अंबानी जल्द ही इसके लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानि आईपीओ ला सकते हैं। वहीं जियो इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो 5 साल बाद यानि 2025 तक तकरीबन 50 फीसदी मोबाइल यूजर्स जियो की सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे। उस दौरान तक रिलायंस जियो के पास करीब 50 करोड़ ग्राहक होंगे। ये बातें बर्न्सटेन रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कही है।

बर्न्सटेन रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगले कुछ साल के अंदर मुकेश अंबानी जियो के लिए आईपीओ ला सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार तकतब जियो का एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर में और सुधार होगा। वहीं अगले 3 साल में जियो का सर्विस रेवेन्यू बढ़कर दोगुना हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आगे भी कुछ दिग्गज कंपनियों की निगाहें जियो पर हैं। आगे और भी निवेश आ सकते हैं। इस पैसों से आरआईएल को डेट फ्री कंपनी बनने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर में हमने अपने लास्ट अपडेट में रिलायंस जियो को भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री का नया बादशाह बताया था। इसके बाद हमने कई विदेशी निवेशकों को इसमें निवेश करते हुए देखा है। विदेशी कंपनियों को भी जियो में बड़ी उम्मीद दिख रही है। 

विदेशी कंपनियों द्वारा जियो में निवेश की शुरूआत फेसबुक से हुई। सबसे पहले फेसबुक ने इसमें 43,573.62 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का एलान किया। इसके बाद 8 प्राइवेट इच्टिी निवेशकों ने इसमें 60,753.33 करोड़ रुपये का और निवेश किया। जियो में 8 हफ्ते के अंदर 1.04 लाख करोड़ का निवेश आया। इसके बदले जियो ने 22 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी बेची।

बर्न्सटेन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2022-23 तक जियो के 50 करोड़ से ज्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर हो जाएंगे। वित्त वर्ष 2019-20 में इनकी संख्या 38.8 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2024-25 तक इसका सब्सक्राइबर बेस 56.9 करोड़ तक पहुंच जाने के आसार हैं। चालू वित्त वर्ष में जियो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 40 फीसदी हो जाने की उम्मीद है। बीते वित्त वर्ष के दौरान यह 36 थी। वित्त वर्ष 2024-25 तक यह हिस्सेदारी 48 फीसदी हो जाने के आसार हैं।
सोने और चांदी के भाव में फिर आई तेजी, जाने सोने और चांदी का कितना भाव बढ़ा

सोने और चांदी के भाव में फिर आई तेजी, जाने सोने और चांदी का कितना भाव बढ़ा

नईदिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 18 रुपये की तेजी के साथ 48,220 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्यॉरिटीज ने यह जानकारी दी है। इससे पहले के कारोबार में सोना 48,202 रुपये प्रति10 ग्राम पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्यॉरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, 'भारत और चीन के बीच तनाव बढऩे तथा अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में स्थिरता के कारण दिल्ली में24 केरेट सोने की हाजिर कीमत में 18 रुपये की मामूली तेजी आई।

चांदी की कीमत भी 380 रुपये की तेजी के साथ 49,250 रुपये प्रति किग्रा हो गई, जो मंगलवार को 48,870 रुपये प्रति किग्रा थी। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,725 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा, जबकि चांदी 17.45 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित बंद हुआ।
सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, पढ़े पूरी खबर

सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, पढ़े पूरी खबर

 नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट आई है। वायदा बाजार में सोने की कीमत करीब 0.36 फीसदी यानी 170 रुपए गिरकर 47,164 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं दूसरी ओर चांदी की वायदा बाजार में कीमत में 0.88 फीसदी की गिरावट देखी गई है। 366 रुपए की गिरावट के बाद चांदी 47,324 रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। इस गिरावट की मुख्य वजह मुनाफावसूली रही है।

 
सोना वायदा भाव शुक्रवार को 0.62 प्रतिशत तक गिर गया। कमजोर वैश्विक कमजोर संकेतों के बीच सटोरियों के अपने सौदे घटाना इसकी मुख्य वजह रही। एमसीएक्स पर अगस्त डिलिवरी सोना वायदा भाव 278 रुपये यानी 0.59 प्रतिशत टूटकर 47,136 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इसके लिए 14,194 लॉट का कारोबार हुआ। इसी तरह अक्टूबर डिलिवरी सौदे के लिए यह भाव 296 रुपये यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके लिए 5,496 लॉट का कारोबार हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना भाव 0.30 प्रतिशत घटकर 1,734.60 डॉलर प्रति औंस रहा।

मजबूत वैश्विक संकेतों और रुपये की विनिमय दर के घटने के असर से दिल्ली हाजिर सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 153 रुपये बढ़कर 48,144 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 47,991 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में मजबूती और रुपये का मूल्य घटने के कारण दिल्ली में 24 कैरेट सोने के भाव में 153 रुपये की तेजी देखी गई।
वाहनों के लिए लॉन्ग टर्म इंश्योरेंस लेना जरूरी नहीं

वाहनों के लिए लॉन्ग टर्म इंश्योरेंस लेना जरूरी नहीं

नईदिल्ली, बीमा नियामक आईआरडीए ने नया वाहन खरीदने की योजना रहे लोगों के लिए राहत की खबर दी है। आईआरडीए ने कारों और मोटरसाइकिलों के लिए 3 साल और 5 साल के लॉन्ग टर्म कवरेज को वापस ले लिया है। यह नियम ऐसे वक्त में लागू किया गया है, जब कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं या वेतन में कटौती जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
वाहनों के लिए लॉन्ग टर्म कवरेज को 2018 के बाद से खरीदे गए सभी वाहन के लिए अनिवार्य बना दिया गया था। आईआरडीए ने कहा कि पॉलिसी को बेचना काफी मुश्किल होता था, क्योंकि इसकी कीमत काफी अधिक होती थी।


भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) ने बीमाकर्ताओं के लिए अगस्त 2018 से कारों के लिए तीन साल की मोटर पॉलिसी और सितंबर 2018 से दोपहिया वाहनों के लिए पांच साल की मोटर पॉलिसी अनिवार्य कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना कोई वाहन सड़क पर नहीं चलेंगी, इस फैसले के बाद यह और अधिक अनिवार्य हो गया था।


कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण बीमा कंपनियों को पूरी तरह से खत्म होने की आशंका के चलते यह दिशा-निर्देश लाया गया। साल की पहली तिमाही में देश में बंद के दौरान नए वाहनों की बिक्री न के बराबर हुई। लोगों की खत्म होती नौकरी और वेतन कटौती के बाद ये नियम थोड़े राहत देने वाले हो सकते हैं। नया वाहन खरीदने की योजना बनाने वालों के लिए यह काफी राहत की खबर है, क्योंकि कई सालों के लिए बीमा प्रीमियम का अग्रिम भुगतान कई ग्राहकों के लिए अतिरिक्त बोझ जैसा था। कई ऑटो डीलरों ने शहरों में अपने आउटलेट खोलना शुरू कर दिया है।

 

10 जून से “भारतीय सामान– हमारा अभिमान” मुहिम शुरू करने जा रहा है कैट, आप भी जुड़े इस मुहिम से

10 जून से “भारतीय सामान– हमारा अभिमान” मुहिम शुरू करने जा रहा है कैट, आप भी जुड़े इस मुहिम से

 

रायपुर,कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने ऐलान किया है कि उनके द्वारा आगामी 10 जून से देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार को लेकर एक राष्ट्रीय अभियान”भारतीय सामान – हमारा अभिमान” चलाया जायेगा. कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा है कि दिसंबर 2021 तक चीनी वस्तुओं के भारत द्वारा आयात में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये कम करने का कैट ने लक्ष्य रखा है.
चीनी सामानों के बहिष्कार अभियान के बारे में अमर पारवानी ने बताया कि चीन से आयात होने वाले लगभग 3000 उत्पादों की ऐसी सूची बनाई है जिन वस्तुओं के आयात न होने से भारत को कोई अंतर नहीं पड़ेगा और वो सारी वस्तुएं भारत में पहले से ही बन रही है. कैट ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जहाँ कैट व्यापारियों को चीनी वस्तुएं न बेचे जाने के लिए आग्रह करेगा वहीं देश के लोगों से चीनी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों को इस्तेमाल में लाने का आग्रह करेगा और इस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान लोकल पर वोकल को सफल बनाने में कैट एक हम भूमिका निभाएगा .

 

इस अभियान की आज घोषणा करते हुए कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि चीन सदा से ही महत्वपूर्ण मामलों में भारत का विरोधी रहा है और पाकिस्तान की भारत के खिलाफ कुटिल चालों और आतंकवाद को बढ़ावा देने में चीन का अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा हाथ रहा है और इस बात को देखते हुए कैट पिछले चार वर्षों से चीनी उत्पादों के बहिष्कार को लेकर लगातार समय समय पर आंदोलन छेड़ता रहा है जिसके कारण से तथा सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की वजह से वर्ष 2018 से अब तक चीन से आयात में लगभग 6 अरब डॉलर की कमी हुई है.
पारवानी ने कहा की जब भी चीनी सामान के बहिष्कार की बात होती है तब कुछ लोग हमेशा यह सवाल उठाते हैं कि यह हो नहीं सकता लेकिन भारत के व्यापारी भारतीय नागरिकों के साथ मिलकर इसको कर के दिखाने का संकल्प ले चुके हैं . बेशक यह एक रात में नहीं होगा लेकिन हम इसकी शुरुआत करेंगे और अपने लक्ष्य को हासिल करेंगे .व्यापारियों ने यह भी अनुभव किया है कि ग्राहकों में भी चीनी वस्तुओं को लेकर एक आक्रोश है और वो भी अब चीनी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने के लिए ज्यादा तैयार हैं .

 

पारवानी ने कहा कि भारत में चीनी वस्तुओं को बढ़ावा देने के पीछे चीन की एक सोची समझी साजिश है जो भारत के रिटेल व्यापार पर कब्जा कर भारतीय अर्थव्यवस्था को पंगु बना देने की है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में भारत में चीनी वस्तुओं का आयात केवल 2 अरब डॉलर था जो वर्ष 2019 में 70 अरब डॉलर हो गया है. केवल लगभग 20 वर्षों में यह आयात लगभग 35 गुना बढ़ गया अर्थात चीन से आयातित होने वाली वस्तुओं में 3500 प्रतिशत की वृद्धि हो गई. यह चैकाने वाला आंकड़ा साफ बताता है कि किस प्रकार एक रणनीति के तहत भारत को चीन ने अपने लिए विश्व का सबसे बड़ा बाजार बनाया है और इसके लिए चीन ने सस्ती से सस्ती दर पर विभिन्न उत्पाद देकर भारतीय ग्राहकों के बीच स्वदेशी उत्पादों को छोड़ कर सस्ता खरीदने की मानसिकता का निर्माण किया और काफी हद तक उसमें सफल भी रहा. यह एक तरीके से चीन का आर्थिक आतंकवाद भी है और एक नई ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार करने का मामला भी है.

 

पारवानी ने बताया कि आगामी 10 जून से शुरू होने वाले इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत जब तक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जाती तब तक कैट देश के सभी राज्यों के व्यापारिक संगठनों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बात करेगा और आग्रह करेगा कि व्यापारी चीनी सामान को बेचने की जगह भारतीय उत्पादों को बेचें और यह भी आग्रह करेगा कि वो अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों को भी इस बात के लिए प्रेरित करे कि वो भारतीय उत्पाद ही खरीदें जिनकी गारंटी होती है जबकि चीनी सामान की गई गारंटी नहीं होती. इसके अलावा कैट सोशल मीडिया के जरिये भी देश भर में एक बड़ा अभियान चलाएगा और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ेगा.

 

गूगल के पूर्व सीएफओ बने ट्विटर के नए बोर्ड चेयरमैन

गूगल के पूर्व सीएफओ बने ट्विटर के नए बोर्ड चेयरमैन

सैन फ्रांसिस्को। ट्विटर ने गूगल के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) पैट्रिक पिचेट को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। ट्विटर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में वर्ष 2017 में शामिल हुए बोर्ड के नवनियुक्त चेयरमैन पैट्रिक ने इससे पहले वर्ष 2008 से 2015 तक गूगल में सीएफओ के रूप में अपनी सेवाएं दी थी।

पिचेट ने मंगलवार को यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) को एक फाइलिंग में कहा, ट्विटर की मैनेजमेंट टीम और बोर्ड की ताकत व गहराई को देखते हुए हम मानते हैं कि अब हमारे शासन ढांचे को बेस्ट प्रैक्टिसेज के अनुरूप विकसित करने का सही समय है। पिचेट ओमिड कोर्डेस्टानी का स्थान लेंगे। हालांकि, ओमिड ट्विटर के बोर्ड में बने रहेंगे।
तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों उछले

तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों उछले

मुंबई। कारोबारी सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को शेयर बाजार तेजी के साथ खुला। बीएसई का सेंसेक्स 146.67 अंकों के उछाल के साथ 33,450.19 पर खुला। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 54 अंक चढ़कर 9,880.85 पर खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर 14 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर और 16 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। जबकि एनएसई पर 29 कंपनियों के शेयरों में लिवाली तथा 21 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हो रही थी। 

सुबह 10.33 बजे सेंसेक्स 156.02 अंकों (0.47 प्रतिशत) की तेजी के साथ 33,459.54 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 46.05 अंक (0.47 प्रतिशत) उछलकर 9,872.20 पर कारोबार कर रहा था।
 
बीएसई पर कोटक बैंक के शेयर में सर्वाधिक 5.60 फीसदी, सन फार्मा में 2.92 फीसदी, बजाज फाइनैंस में 2 फीसदी, इंडसइंड बैंक में 1.35 फीसदी तथा एशियन पेंट के शेयर में 1.22 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। एनएसई पर कोटक बैंक के शेयर में सर्वाधिक 5.36 फीसदी, जी लिमिटेड में 2.82 फीसदी, सन फार्मा में 2.56 फीसदी, टाटा मोटर्स में 1.95 फीसदी तथा सिप्ला के शेयर में 1.60 फीसदी की मजबूती देखी गई। 

बीएसई पर एसबीआई के शेयर में सर्वाधिक 1.09 फीसदी, मारुति में 0.99 फीसदी, ओएनजीसी में 0.95 फीसदी, नेस्ले इंडिया में 0.83 फीसदी तथा ओएनजीसी के शेयर में 0.83 फीसदी की कमजोरी देखी गई। वहीं, एनएसई पर कोल इंडिया के शेयर में 3.53 फीसदी, मारुति में 1.95 फीसदी, बीपीसीएल में 1.46 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील में 1.06 फीसदी तथा एसबीआई में 1.03 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
लॉकडाउन में छूट मिलने से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 33000 के करीब, निफ्टी 9800 के पार

लॉकडाउन में छूट मिलने से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 33000 के करीब, निफ्टी 9800 के पार

मुंबई। कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे देश में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियों की छूट देने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद आज घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तूफानी तेजी देखी गयी। बाजार खुलने के बाद देखते-देखते बीएसई का सेंसेक्स 900 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 260 अंक से अधिक चढ़ गया। पिछले सप्ताह 32,424.10 अंक पर बंद होने वाला सेंसेक्स 481.95 अंक की बढ़त में 32,906.05 अंक पर खुला और चंद मिनटों में 900 अंक से अधिक की छलाँग लगाकर 33,334.96 अंक पर पहुँच गया।


निफ्टी भी 146.55 अंक की तेजी के साथ 9,726.85 अंक पर खुला और 260 अंक से अधिक चढ़ता हुआ 9,845.90 अंक पर पहुँच गया। केंद्र सरकार ने 01 जून से 30 जून तक लॉकडाउन का पाँचवाँ चरण लागू किया है, लेकिन इसमें कंटेनमेंट जोन के बाहर हर प्रकार की आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी गयी है। होटल, रेस्त्रां और शॉपिंग मॉल भी 08 जून से खुल जायेंगे। सरकार के इस फैसले से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है।

चौतरफा लिवाली के बीच सेंसेक्स की 30 में से 29 कंपनियों के शेयर हरे निशान में हैं। धातु, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों में सबसे अधिक लिवाली देखी गयी। खबर लिखे जाते समय सेंसेक्स 872.59 अंक यानी 2.69 प्रतिशत की तेजी के साथ 33,296.69 अंक पर और निफ्टी 254.30 अंक यानी 2.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,834.60 अंक पर था। 
बैंक ऑफ इंडिया से होम लोन या ऑटो लोन लेना हुआ सस्ता, पढ़ें पूरी खबर

बैंक ऑफ इंडिया से होम लोन या ऑटो लोन लेना हुआ सस्ता, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सभी टेन्योर के लोन पर कोष की सीमांत लागत आधारित ऋण ब्याज दर (एमसीएलआर) को 0.25 फीसदी घटाने की घोषणा की है। इससे होम लोन, ऑटो लोन और सभी प्रकार के एमएसएमई लोन लेना सस्ता हो जाएगा। नई ब्याज दरें एक जून 2020 यानी अगले सोमवार से प्रभावी होंगी। 

बैंक की तरफ से यहां जारी एक बयान में बताया गया है कि नई ब्याज दरें लागू होने के बाद उसके एक साल की अवधि के लोन पर सालाना ब्याज दर घटकर 7.70 फीसदी रह जाएगी। अभी यह 7.95 फीसदी है। 
इसी तरह छह महीने की अवधि वाले लोन की ब्याज दर 7.60 फीसदी और मासिक ऋण की ब्याज दर 7.50 फीसदी होगी. बैंक ने कहा कि उसने रिजर्व बैंक के रेपो दर से जुड़े ऋणों की ब्याज दर भी 0.40 फीसदी घटाकर 6.85 फीसदी कर दी गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते 22 मई को अपनी मौद्रिक नीति पेश करते हुए रेपो दर को 0.40 प्रतिशत घटाकर 4.40 प्रतिशत से 4 प्रतिशत कर दिया था। 
बैंक ऑफ इंडिया के इस कदम से होम लोन लेने वाले, ऑटो लोन लेने वाले और एमएसएमई क्षेत्र के लाखों ग्राहकों को फायदा होगा। बैंंक के इस कदम से उनकी ईएमआई घट जाएगी।
 
अब प्राइवेट जेट, चार्टर्ड फ्लाइट को भी उड़ान भरने की मिली इजाजत, माननी होंगी शर्तें

अब प्राइवेट जेट, चार्टर्ड फ्लाइट को भी उड़ान भरने की मिली इजाजत, माननी होंगी शर्तें

नईदिल्ली। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के चलत पिछले दो महीनों से लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान रेल और विमान सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई थी। हालांकि सोमवार को घरेलू विमान सेवाओं को एक बार फिर से खोल दिया गया है। घरेलू विमान सेवाओं के बाद अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार से चार्टर्ड विमान सेवा को भी दोबारा शुरू करने की मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने कहा है कि फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट के सभी नॉन शेड्यूल्ड एवं प्राइवेट ऑपरेटर परिचालन शुरू कर सकते हैं। इस संबंध में मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।

दिशानिर्देश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर चार्टर्ड हेलीकॉप्टर के लिए टिकट बुक कराता है, तो सैनिटाइजेशन से जुड़े सभी नियमों का पालन करते हुए हेलीपैड या हेलीपोर्ट पर मिनिमम कांटेक्ट के साथ बोर्डिग पास जारी किया जाएगा। यात्री को रवाना होने से 45 मिनट पहले एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट या हेलीपैड पर पहुंचना होगा। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग व्यक्तियों और अस्वस्थ्य लोगों को हवाई यात्रा करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट के काउंटर पर किसी भी तरह का फिजिकल चेक इन नहीं होगा। जिन यात्रियों का पहले से ही वेब चेकइन है, उन्हें ही एयरपोर्ट के भीतर जाने की अनुमति होगी। यात्रियों को जो बोर्डिंग पास ऑनलाइन दिया गया है उसके जरिए ही यात्री एयरपोर्ट के भीतर प्रवेश कर सकेंगे और इसे ही बोर्डिंग पास माना जाएगा।

हालांकि, एयर एंबुलेंस के मामले में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। डीजीसीए द्वारा शेड्यूल्ड घरेलू यात्री उड़ानों के लिए किराए पर लगाई गई सीमा चार्टर्ड फ्लाइट के लिए मान्य नहीं होगी। इसका किराया ऑपरेटर और यात्री के बीच आपसी सहमति से तय होगा। सैनिटाइजेशन, मास्क एवं आरोग्य सेतु एप से जुड़ी अन्य शर्तें लगभग वैसी ही रखी गई हैं, जैसी शेड्यूल्ड घरेलू यात्री उड़ानों के लिए हैं।

बता दें कि शव्यापी लॉकडाउन के कारण दो महीने से खड़े विमानों ने सोमवार को फिर उड़ान भरी। हालांकि राज्यों के रुख के कारण सोमवार के लिए तय आधी से ज्यादा उड़ानों को रद करना पड़ा। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को लेकर राज्यों में अलग-अलग चरंटाइन नियमों के चलते भी असंमजस का माहौल दिखा। अगले कुछ दिनों में हवाई यात्रा के थमे पहियों को गति मिलने की उम्मीद है। देश में 25 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यात्री विमान सेवाएं बंद हैं। इस दौरान केवल कार्गो एवं कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े विमानों को ही उड़ान की अनुमति दी गई थी।
गूगल और एपल ने मिलकर तैयार की तकनीक, बनेगा कोरोना अलर्ट देने वाला ऐप

गूगल और एपल ने मिलकर तैयार की तकनीक, बनेगा कोरोना अलर्ट देने वाला ऐप

वॉशिंगटनः गूगल और एपल ने उस तकनीक को लॉन्च कर दिया है, जिससे कोरोना के लिए अलर्ट देने वाला ऐप तैयार किया जा सकता है. इस तकनीक से तैयार ऐप कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से पहले इसे इस्तेमाल करने वाले को सतर्क करेगा.

एपल के CEO टिम कुक ने ट्विटर पर लिखा, ''हमारी तकनीक स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना संक्रमितों की पहचान करने में सहायता करेगी. हमने गूगल के साथ मिलकर एक्सपोजर नोटिफिकेशन तकनीक को तैयार किया है. हम इस तकनीक को जल्द ही यूजर्स तक उपलब्ध कराएंगे और यह यूजर्स का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रखेगी.''

 

गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने ट्वीट किया, ''हमने इस तकनीक को एपल के साथ मिलकर बनाया है. उपलब्ध ऐप स्वास्थ्य एजेंसियों को संक्रमण का पता लगाने में मदद करेगा. हमारा लक्ष्य लोगों की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए वायरस के खतरे से लड़ना है.''

 

कैसे काम करेगी यह तकनीक
ये तकनीक वायरलेस टेक्नॉलॉजी ब्लूटूथ पर काम करेगी. इस तकनीक का इस्तेमाल कर सरकारी संस्था या स्वास्थ्य एजेंसियां अपना खुद का ऐप तैयार कर सकती हैं. जिससे कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी.

इस तकनीक से तैयार ऐप को गूगल या एपल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया भर में 380 करोड़ लोग स्मार्ट फोन इस्तेमाल करते हैं. 

5G नेटवर्क के लिए अभी करना पड़ेगा और इंतजार, स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी नहीं, जाने पूरी खबर

5G नेटवर्क के लिए अभी करना पड़ेगा और इंतजार, स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी नहीं, जाने पूरी खबर

नई दिल्ली | भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों के विभिन्न लाइसेंसों के नवीनीकरण का समय नजदीक आने के बीच दूरसंचार विभाग अक्टूबर से पहले स्पेक्ट्रम नीलामी की योजना पर काम कर रहा है।  इस नीलामी में 5जी सेवाओं से जुड़े स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी नहीं किए जाने की संभावना है। इस प्रक्रिया में शामिल सूत्र ने बताया कि विभाग इस संबंध में मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए एक नोट तैयार कर रहा है। पूर्व के प्रस्तावों के विपरीत इसमें 5जी सेवाओं के लिए मुफीद 3,300 से 3,600 मेगाहर्ट्ज के बैंड को शामिल नहीं किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय ने 5जी बैंड में 100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की मांग की है जिसके बाद दूरसंचार विभाग के पास नीलामी के लिए 175 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम ही बच जाएगा। सूत्र ने बताया कि इसे लेकर विभाग और रक्षा मंत्रालय के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के कई सारे लाइसेंस की अवधि समाप्त हो रही हैं और अपनी दूरसंचार सेवाएं जारी रखने के लिए उन्हें इसका नवीनीकरण कराना होगा। इसलिए उन्हें स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगानी होगी। इसलिए दूरसंचार विभाग अन्य बैंड के स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगा।
अक्टूबर से पहले विभाग का 8,000 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम नीलाम करने का प्रस्ताव है। इसमें 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी की जानी है। इसका कुल मूल्य करीब तीन लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। सूत्र ने बताया कि विभाग 22 मई तक इसके लिए किसी नीलामीकर्ता के नाम को तय कर सकता है। यही एजेंसी नीलामी के लिए सॉफ्टवेयर का विकास और प्रबंधन करेगी। नीलामी की समयसीमा भी चुनी गयी कंपनी पर निर्भर करेगी।
सूत्र ने बताया कि नीलामी फर्म के चयन की तकनीकी दौर की निविदा में चार को योग्य पाया गया है। इसमें दो कंपनियों के पास स्पेक्ट्रम नीलामी का भी अनुभव है। यदि अनुभवी कंपनी को चुना जाता है तो नीलामी को दो महीने में अन्यथा तीन महीने शुरू की जा सकती है। लेकिन यह अक्टूबर से आगे नहीं खिसकेगी।
 
लॉकडाउन के बाद फ्लाइट में एंट्री पर न होगा वेलकम, न मिलेगा वेलकम ड्रिंक

लॉकडाउन के बाद फ्लाइट में एंट्री पर न होगा वेलकम, न मिलेगा वेलकम ड्रिंक

नईदिल्ली। लॉकडाउन के बाद हवाई यात्रा शुरू होगी, तो कई सुविधाएं यात्रियों को नहीं मिलेंगी। सबसे अधिक असर बिजनस क्लास में सफर करने वालों पर पड़ेगा। उनकी सर्विस में 70 से 80 फीसदी की कटौती की जा सकती है। साथ ही हवाई जहाज के अंदर पायलट और एयर होस्टेस पीपीई किट पहने नजर आएंगे। एयर होस्टेस के लिए यह गाउन जैसा होगा।

एयरलाइंस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि तमाम एयरलाइंस का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से गाइडलाइंस की घोषणा नहीं कर दी जाती तब तक साफतौर पर एयरलाइंस कुछ नहीं बोलेंगी। यह सही है कि तैयारियां चल रही हैं। पायलट और एयर होस्टेस समेत फ्लाइट का तमाम क्रू पीपीई किट पहने नजर आ सकता है। 

बिजनस और फर्स्ट क्लास के यात्रियों को फ्लाइट में बैठने से उतरने तक एयर होस्टेस कम-से-कम 16 बार सर्विस देती थीं। अब इसमें कटौती करके तीन से चार बार तक ही सीमित कर दिया जाएगा। पहले बिजनस क्लास के यात्री के आते ही उन्हें वेलकम ड्रिंक, मेन्यू कार्ड, मैग्जीन, न्यूजपेपर, हॉट टॉवल, बीच-बीच में चाय-कॉफी और कई तरह की वीआईपी सर्विस दी जाती थी। 

इसके अलावा, यात्री हैंड बैगेज न ले जाएं और उसे चेकइन कराएं इस पर जोर दिया जाएगा। फ्लाइट के अंदर यात्री एक-दूसरे के सामान और हवाई जहाज को इधर-उधर अधिक टच न करें। हवाई जहाज में एंट्री करते वक्त भी वेलकम शायद कोई न करे। 

दिल्ली एयरपोर्ट के टी-3 पर यह कोशिश की जा रही है कि बिना लगेज वाले यात्रियों के लिए एक अलग से कॉरिडोर बना दिया जाए। यह एक तरह से एक्सप्रेस-वे के रूप में काम करेगा। टी-3 पर यात्री के एंट्री करने के बाद यात्री इस कॉरिडोर से गुजरते हुए सीधे फ्लाइट तक पहुंच सकेंगे।
सरकारी बैंकों की एफडी से जल्दी डबल होंगे पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पैसे

सरकारी बैंकों की एफडी से जल्दी डबल होंगे पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पैसे

नई दिल्ली | पोस्ट ऑफिस में स्माल सेविंग्स के लिए कई स्कीम है, जिसमें एफडी करने की भी सुविधा शामिल है। बैंक की तरह पोस्ट ऑफिस में भी आप एफडी कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉजिट के नाम से यह स्कीम उपलब्ध है, जिसमें 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। फायदा यह है कि यहां बैंक की तुलना में एफडी पर ब्याज दर 1 फीसदी ज्यादा है। एसबीआई में जहां 5 साल की एफडी पर 507 फीसदी सालाना ब्याज है। वहीं पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट के तहत 5 साल की जमा पर 6.7 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है।

6.7 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से पोस्ट आफिस में जमा रकम दोगुनी होने में करीब 10.74 साल यानी करीब 129 महीने लग जाते हैं।
एसबीआई में कितने दिन में रकम डबल
एसबीआई में 5.7 फीसदी सालाना ब्याज के हिसाब से 12.63 साल यानी करीब 152 महीने लग जाते हैं। साफ है कि डाकघर की तुलना में एसबीआई में रकम दोगुनी होने में 2 साल ज्यादा लगता है।
 
फेसबुक अपने यूजर्स के लिए लेकर आया नया फीचर, जानिए क्या कुछ है खास

फेसबुक अपने यूजर्स के लिए लेकर आया नया फीचर, जानिए क्या कुछ है खास

नईदिल्ली। फेसबुक यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर आ रही है की फेसबुक ने अपने नए वीडियो चैट फीचर मैसेंजर रूम्स को सभी के लिए उपलब्ध करा दिया है। इसे यूजर्स मोबाइल और डेस्कटॉप किसी पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी घोषणा कंपनी ने गुरुवार को की।

पढ़िए पूरी खबर-
आपको बता दे की- एक समय में सिंगल रूम में 50 लोगों के लिए सपोर्ट के साथ पेश किया गया मैसेंजर रूम ज़ूम जैसा वीडियो चैटिंग टूल है। लॉकडाउन के समय ऐसे टूल्स की भारी डिमांड है। नया प्रोडक्ट काफी फीचर्स वाला है और ये फेसबुक मैसेंजर की वीडियो कॉलिंग फंक्शन का एक्सपांडेड वर्जन है। इसके जरिए मेन फेसबुक ऐप या डेडिकेटेड मैसेंजर के जरिए 50 लोग वीडियो कॉलिंग पर बात कर सकते हैं। यहां कोई टाइम लिमिट भी नहीं होगी। फेसबुक ने कहा है कि आप ये तय कर सकते हैं कि कौन जॉइन करेगा। या आप चाहें तो एक लिंक के जरिए सभी के लिए पब्लिक कर दें। ऐसे में जिनका फेसबुक अकाउंट नहीं है, वो भी जॉइन कर सकते हैं फेसबुक ने जानकारी दी है कि यूजर्स न्यूज फीड, ग्रुप्स और इवेंट्स के जरिए मैसेंजर से या सीधे फेसबुक से रूम्स क्रिएट कर सकते हैं। यूजर्स चाहें तो एक लिंक के जरिए ऐसे लोगों को भी इनवाइट कर सकते हैं जिनका फेसबुक अकाउंट नहीं है। इसमें एक कंडीशन ये है कि, एक तरफ जहां दुनियाभर के सारे यूजर्स फेसबुक मैसेंजर के जरिए रूम्स क्रिएट कर सकते हैं, तो वहीं US के यूजर्स सीधे फेसबुक ऐप से रूम क्रिएट कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि आने वाले महीनों में मैसेंजर रूम्स में कई नए फीचर्स ऐड किए जाएंगे।
 
लॉकडाउन के दौर में जियो ने पेश किया नया इंटरनेट प्लान, जनिये क्या कुछ है खास

लॉकडाउन के दौर में जियो ने पेश किया नया इंटरनेट प्लान, जनिये क्या कुछ है खास

नईदिल्ली। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के इस दौर में घर से काम पर अधिक जोर दिया जा रहा है और इसके लिए निर्बाध चलने वाला इंटरनेट जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए केवल 999 के रिचार्ज पर 84 दिन तक हर रोज तीन जीबी हाईस्पीड डाटा के बाद 64 केबीपीएस असीमित डाटा का लाभ का नया प्लान लाई है।

मोबाइल सेवा को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सेवाएं देने में हमेशा तत्पर जियो ने इस प्लान में कई अन्य सुविधाएं जिनमें वॉइस कॉल की सुविधा, जियो से जियो और लैंडलाइन पर मुफ्त और असीमित कॉल भी शामिल है।

प्लान में जियो से दूसरे नेटवर्क पर 3000 मिनट की कॉलिंग मुफ्त दी गई है। इसके अलावा 84 दिन तक 100 एसएमएस प्रति दिन की सुविधाएं दी गई है। ग्राहकों सबसे अधिक इंटरनेट डाटा देने के मामले में रिलायंस जियो क्षेत्र की अन्य कंपनियों से हमेशा आगे रहती है और अपने प्रीपेड और ब्रॉडबैंड प्लान्स में हमेशा बदलाव करती रहती है।

प्लान में ग्राहकों को जियो एप्स का सबस्क्रिप्शन पूरक मिलेगा। रिलायंस जियो की आक्रामक नीति और ग्राहकों के लिए वाजिब दरों पर नए-नए प्लान का परिणाम है कि कंपनी ने चार वर्ष के भीतर ही अन्य कंपनियों का वर्चस्व तोड़कर करीब 39 करोड़ ग्राहक का नेटवर्क बना लिया और मोबाइल सेवा की अगुआ बन गई।
आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल

आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के कारण लडख़ड़ाई अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूती देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री के द्वारा अर्थव्यवस्था के लिए राहत पैकेज के ऐलान का असर शेयर बाजार पर साफतौर पर देखा जा रहा है। आज यानि बुधवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में जोरदार तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। आज शेयर बाजार राहत की उम्मीद के साथ खुले हैं। सुबह बाजार खुलते ही कारोबार में तेजी नजर आने लगी है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,470.75 प्वाइंट की जोरदार तेजी के साथ 32,841.87 के स्तर पर खुला है। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 387.65 प्वाइंट की तेजी के साथ 9,584.20 के भाव पर खुला है।

कल रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। यह आर्थिक पैकेज भारत को 'आत्म निर्भर' बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पीएम ने कहा कि आरबीआई के फैसले को मिलाकर यह पैकेज लगभग 20 लाख करोड़ का है, जो कि डीजीपी का 10प्रतिशत है| इस आर्थिक पैकेज के बारे में वित्तमंत्री विस्तार से जानकारी देंगी।

बुधवार को शुरुआती कारोबार में वेदांता, आईसीआईसीआई बैंक, मारूति सुजूकी, हीरो मोटोकॉर्प, एक्सिस बैंक, लार्सन, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, एसबआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, एनटीपीसी, एचडीएफसी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन कंपनी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, आईटीसी, आयशर मोटर्स और हिंडाल्को में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं दूसरी ओर नेस्ले, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, टीसीएस, विप्रो, अडानी पोर्ट्स और सन फार्मा में मजबूती के साथ कारोबार दर्ज किया जा रहा है।
काम की खबर: लॉकडाउन में गई नौकरी तो उठा सकते हैं ESIC की इस योजना का फायदा

काम की खबर: लॉकडाउन में गई नौकरी तो उठा सकते हैं ESIC की इस योजना का फायदा

नई दिल्ली, कोरोना वायरस महामारी रोकने के लिए देश में 23 मार्च से लॉक डाउन जारी है। इस वजह से अर्थव्यवस्था का हाल बेहाल है। कंपनियां, कल-कारखाने सभी बंद हैं। ऐसे में लाखों कामगारों के समक्ष नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। इस स्थिति में ESIC की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना आपका बड़ा सहारा बन सकती है।


यह सरकार की एक ऐसी स्कीम है, जिससे आपको 2 साल तक सैलरी मिलती रहेगी। भले ही यह सैलरी कम हो, लेकिन इससे संकट की घड़ी में आप अपना परिवार तो चला ही सकते हैं। यह योजना मोदी सरकार द्वारा 1 जुलाई 2018 में 2 साल के लिए लागू की गई थी।

ईएसआईसी (ESIC) ने इस बारे में एक ट्वीट किया है। ट्वीट में कहा गया है, ‘अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना' के तहत आपकी नौकरी जाने पर सरकार आपको आर्थिक मदद देती है। किसी वजह से आपका रोजगार छूट जाने का मतलब आपकी आमदनी का नुकसान होना नहीं है।‘

किसे मिल सकता है योजना का फायदा: बीमाकृत व्यक्ति के बेरोजगार होने की स्थिति में और नए रोजगार की तलाश के दौरान नकद राहत राशि का सीधे बैंक खाते में भुगतान। इसके लिए बेरोजगारी के पूर्व 2 वर्षों में प्रत्येक अंशदान अवधि में कम से कम 78 दिन अंशदान किया गया है। राहत राशि प्रतिदिन औसत आय के 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी।

अगर किसी भी व्यक्ति को गलत आचरण की वजह से बाहर निकाला जाता है तो उसको फायदा नहीं मिलेगा। अगर आप स्वेच्छा से रिटायरमेंट लेते हैं तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना का फायदा आप सिर्फ एक बार ही उठा सकते हैं।


कैसे भरें ऑनलाइन फॉर्म :

अगर आप भी इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं तो आपको ESIC की अटल बीमित व्य।क्ति कल्याभण योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप ESIC की वेबसाइट पर जाकर अटल बीमित व्ययक्ति कल्यािण योजना का फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म 5 ए के साथ ही आपकी बैंक डिटेल भी दी गई है। अगर यह जानकारी सही है तो एग्री पर क्लिक कर सबमिट का बटन दबाएं।

अगर इस फॉर्म में बैंक डिटेल के साथ आवश्य्क जानकारी नही है तो आप दूसरा 5 ए फॉर्म डाउनलोड कर भर सकते हैं। इसके बाद फिर होम पेज पर जाएं और PMGKY रेमबर्समेंट रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें। इस्टेब्लिशमेंट का कॉलम भरें और एग्री पर क्लिक कर फॉर्म सब्मिट कर दें।


उल्लेखनीय है कि सरकार ने नियक्ताओं से उन कर्मचारियों का वेतन नहीं काटने की अपील की है जो कोरोना महामारी और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते काम पर नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही ESIC लाभार्थियों को आयुष्मातन भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज भी मिलेगा।

 

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सस्ता किया कर्ज, जाने क्या है पूरी खबर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सस्ता किया कर्ज, जाने क्या है पूरी खबर

नई दिल्ली | बैंकों के कर्ज सस्ता करने की सूची में एक और सरकारी बैंक शामिल हो गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स आधारित लेंडिंग रेट में सभी अवधि या टेनर्स के लिए 5-15 (0.05 प्रतिशत-0.15 प्रतिशत) बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। यह परिवर्तन 11 मई 2020 से प्रभावी होगा। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार इसने ओवरनाइट एमसीएलआर को 15 बेसिस पॉइंट्स से घटाकर 7.15 प्रतिशत, 1 महीने की एमसीएलआर को 10 बेसिस पॉइंट्स से घटाकर 7.25 प्रतिशत, 3 महीने और 6 महीने के एमसीएलआर को 5 बेसिस पॉइंट्स से घटाकर 7.40 प्रतिशत और 7.55 प्रतिशत कर दिया है। बैंक ने एक साल की एमसीएलआर 7.75 प्रतिशत से घटाकर 7.70 प्रतिशत कर दिया है।

संशोधित एमसीएलआर 11 मई 2020 से प्रभावी होगा। जुलाई 2019 के बाद से यह बैंक द्वारा घोषित दर में ग्यारहवीं लगातार कटौती है। इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक, एसबीआई ने भी एमसीएलआर में कटौती की घोषणा की थी।
बता दें कि जुलाई, 2019 के बाद से बैंक ने एमसीएलआर में लगातार 11वीं बार कटौती की है। बैंक ने बयान में कहा कि एक साल की एमसीएलआर को 0.05 प्रतिशत घटाकर 7.75 से 7.70 प्रतिशत किया गया है। इसी तरह एक दिन के एमसीएलआर को 7.30 से 7.15 प्रतिशत किया गया है। एक महीने की एमसीएलआर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 7.25 प्रतिशत किया गया है।
बैंक ने तीन महीने और छह महीने की एमसीएलआर को 0.05 प्रतिशत घटाकर क्रमश: 7.40 प्रतिशत और 7.55 प्रतिशत कर दिया है। एक दिन पहले भारतीय स्टेट बैंक ने एमसीएलआर में 0.15 प्रतिशत तक की कटौती की थी। स्टेट बैंक की एक साल की एमसीएलआर दर 7.40 से घटकर 7.25 प्रतिशत रह गई।
इंडिगो के कर्मचारियों को बड़ा झटका, सैलरी में कटौती के साथ लीव विदआउट पे

इंडिगो के कर्मचारियों को बड़ा झटका, सैलरी में कटौती के साथ लीव विदआउट पे

मुंबई | कोरोना वायरस महामारी के कारण तमाम एयरलाइंस कंपनियों के उड़ानों पर रोक के बीच देश की सबसे बड़ी विमानन सेवा प्रदाता कंपनी इंडिगो एयरलाइन ने मई में सैलरी में कटौती के अलावा, जुलाई तक लीव विदआउट पे का ऐलान किया है। एयरलाइन के इस फैसले से कर्मचारियों को करारा झटका लगा है। 

कंपनी के सीईओ रंजय दत्ता ने कर्मचारियों को भेजे गए एक खत में कहा, हम कर्मचारियों को मार्च तथा अप्रैल की पूरी सैलरी का भुगतान किया, लेकिन यह बात कहते हुए मुझे दुख हो रहा है कि अब मई 2020 के लिए सैलरी में कटौती के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है।
दत्ता ने कहा, इसके अलावा, मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि हम मई, जून तथा जुलाई महीने के लिए लिमिटेड, ग्रेडेड लीव विदआउट पे का भी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लीव विदआउट पे 1.5 से 5 दिनों का होगा और लेवल ए या निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए यह लागू नहीं होगा। सूत्रों ने बताया कि कंपनी में ए लेवल के कर्मचारियों की तादाद कंपनी में काम करने वाले कुल कर्मचारियों का 40 प्रतिशत है और संख्या 27 हजार है। 
इंडिगो ने 19 मार्च को अप्रैल में भुगतान की जाने वाली सैलरी के लिए कहा था कि वह इसमें 25 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है, लेकिन सरकार के दबाव में उसे यह कदम वापस लेना पड़ा है।