रायपुर। नीट में गड़बड़ी को लेकर देशभर में 21 जून को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जिसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा। रायपुर के गांधी मैदान में प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन होगा। प्रदेश के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता इसमें शामिल होंगे। प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों के लिए न्याय की मांग की जाएगी।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 5 लोगों को निलंबित कर दिया है। इनमें से सीएमओ सुमित मेहता समेत 3 इंजीनियर और 1 लेखपाल शामिल है। जारी आदेश के मुताबिक, नगर पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिसकी वजह से इन सभी को निलंबन की कार्यवाही की गई है। दरअसल, 7 फरवरी 2024 को एक रिपोर्ट विभाग के पास आई थी। जिसके आधार पर इंजीनियर अजय प्रधान, प्रदीप पटेल, निखिल जोशी और लेखापाल जयानंद साहू को निलंबित किया है।
नगर पालिका अधिकारी भी निलंबित
जानकारी के मुताबिक, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुमित मेहता को निलंबित किया गया है। क्योंकि उनके ऊपर किसी भी कार्य को पूरी तरह से निरीक्षण नहीं करने का आरोप लगा था। कई जगहों पर विकास नहीं कराने की बात भी सामने आई थी। सत्यापन किये बिना सी.सी. रोड़ निर्माण कार्य किया गया
नगर पंचायत घरघोड़ा में नवीन सड़क के लिए सत्यापन नहीं किया गया और रोड के निर्माण कार्य के लिए अमुमित नहीं मिली थी। इसलिए प्रधान को छत्तीसगढ़ नगर पालिका कर्मचारी नियम 1968 के नियम 53 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रधान का मुख्यालय संयुक्त, संचालक नगरीय प्रशासन और विकास, क्षेत्रीय कार्यालय, बिलासपुर निश्चित किया गया है।
रायपुर। शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा के खिलाफ ईडी ने स्पेशल कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसमें शराब घोटाले में टूटेजा की भूमिका का जिक्र करते हुए बेनामी संपत्ति का भी हवाला दिया गया है। गौरतलब है, सुप्रीम कोर्ट द्वारा केस खारिज करने के बाद ईडी ने इस मामले में नए सिरे से इंफोर्समेट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट दर्ज की है। ईडी ने दो माह पूर्व टूटेजा को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ बुधवार को ईडी की स्पेशल कोर्ट में 5710 पन्नों के चालान के साथ 220 पेज का अभियोजन दस्तावेज पेश किया गया। इसके साथ ही ईडी के वकील ने कोर्ट को टूटेजा की 205 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति के साथ एक हार्ड डिस्क जब्त करने की जानकारी दी। मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी।
ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा तथा अनवर ढेबर को किंग माना है। ईडी द्वारा कोर्ट में पेश चालान के मुताबिक अनिल टूटेजा ने अनवर देबर के साथ मिलकर सिंडिकेट बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। दोनों के अलावा एपी त्रिपाठी, निरंजन दास तथा अन्य पर नकली होलोग्राम के माध्यम से नकली शराब बेचने का आरोप है। गौरतलब है कि ईडी के प्रतिवेदन पर ईओडब्लू ने भी शराब घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज की है।
गौरतलब है कि, शराब घोटाला मामले में ईओडब्लू ने अनिल टूटेजा तथा उनके बेटे यश को पूछताछ करने अप्रैल में अपने कार्यालय बुलाया था। पूछताछ के बाद दोनों बाप-बेटा ईओडब्लू के ऑफिस से निकल रहे थे, इसी दौरान ईडी ने दोनों पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर अपने साथ ईडी कार्यालय ले आई। कार्यालय ले आई। पूछताछ करने के बाद ईडी ने यश को छोड़ दिया। इसके बाद अनिल टूटेजा को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश कर पूछताछ करने रिमांड पर लिया।
बलौदाबाजार। बच्चों का भविष्य गढ़ने में एक शिक्षक का अहम योगदान होता है। लेकिन आज के शिक्षक नशे के गिरफ्त में आ कर अपना होश खो बैठते है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम पंचायत गिंदोला से आया है। जहां प्रभारी प्राचार्य के रूप पदस्थ परमेश्वर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गांव वालो की शिकायत पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी जांच के लिए गांव पहुंचे थे। जांच अधिकारी के आने की भनक मिलते ही शराबी प्राचार्य मौके से मोबाइल और मोटरसायकाल छोड़ फरार हो गया था। जिसके बाद गांव के सरपंच और ग्रामीणों का बयान लेकर जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी गई थी। जिसके बाद आज शराबी प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य के रूप पदस्थ परमेश्वर सिंह शराब के नशे में स्कूल के सामने ही लेता हुआ था। जिसका वीडियो वायरल होने पर शराबी शिक्षक को कलेक्टर दीपक सोनी की अनुशंसा पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदेश जारी.....

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में अब दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ गया है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चल रही है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्री मानसून का आगमन हो चुका है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधि बनी हुई है। कई जगहों पर गरज चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल रही है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। साथ ही बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में बारिश की वजह से वातावरण ठंडा हो गया है। हालांकि उमस अभी भी बरकरार है। आज गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आगामी पांच दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना है। अगले पांच दिनों में प्रदेश की अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में प्री मानसून का आगमन हो चुका है। इसके प्रभाव से पांचो संभाग में गरज चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो रही है। आगामी दो दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना है।
इन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, आज सभी संभागों के जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ मध्यम बारिश की संभावना है. राजधानी रायपुर, बलौदा बाजार, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, बिलासपुर, पेंड्रा रोड, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर में बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर जिले में तेज आंधी और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
अंबिकापुर :- अंबिकापुर – प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर ग्राम सकालो के समीप बुधवार की रात ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना में मोटरसाइकिल में सवार दो किशोर की मौत हो गई। तेज गति को दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है।
दोनों मृतक ग्राम चिखलाडीह के रहने वाले है। मृतकों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। दोनों किशोर बुधवार की शाम अंबिकापुर आए थे। अंबिकापुर के कलाकेंद्र मैदान में चल रहे मेला देखने के बाद दोनों मोटरसाइकिल से ही गांव वापस लौट रहे थे।
रास्ते में महर्षि स्कूल के पास सामने से आ रही ट्रेक्टर से मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। सिर में गंभीर चोट आने के कारण एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे किशोर को अस्पताल में भर्ती किया गया था।देर रात किशोर की भी मौत हो गई। दोनों मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे। अंबिकापुर-कल्याणपुर-प्रतापपुर मार्ग पर वाहनों की तेज गति के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इस मार्ग पर गौण खनिज परिवहन में लगी वाहनों का अत्यधिक दबाब रहता है।
रायपुर । जल्द ही JCCJ को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा। अमित जोगी Amit Jogi ने X पोस्ट में यह जानकारी दी और लिखा, सागौन बांग्ला रायपुर को मैंने 8 अप्रैल और मारवाही सदन बिलासपुर को 10 मई को सरकार को सरेंडर कर दिया है।जिन लोगों में थोड़ा सा भी भ्रम था कि वर्तमान छग बीजेपी सरकार का जोगी परिवार कृपापत्र होगा,उनको इस भ्रम को तोड़ देना चाहिए।भाजपा और जोगी कांग्रेस का दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है।

मेरी लड़ाई कांग्रेस के ख़िलाफ़ नहीं थी बल्कि उसे अपना प्राइवेट फर्म बनाने वाले एक नेता विशेष के विरुद्ध थी।अगले पाँच साल हम दोनों राष्ट्रीय दलों के विरुद्ध ज़मीनी लड़ाई- और विशेषकर उनके द्वारा हमारे खनिज संसाधनों को बेचने और सांप्रदायिकता की राजनीति फैलाने के ख़िलाफ़- निरंतर चलती रहेगी। नई पीढ़ी को हम छत्तीसगढ़ का सुनहरा सपना साकार करने के लिए अगले पाँच वर्षों में लोगों के बीच नई ऊर्जा के साथ स्वर्गीय श्री अजीत जोगी की “छत्तीसगढ़-प्रथम” विचारधारा को लेकर नई टीम के साथ जाएँगे और JCCJ का नया प्रदेश अध्यक्ष जोगी परिवार से नहीं होगा। मैं पार्टी अध्यक्ष नहीं, बल्कि एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी के लिए काम करूँगा।
https://x.com/amitjogi/status/1803525908718034984
समय मेरे पास है,मुझे संबल पार्टी के कार्यकर्ता देंगे और छत्तीसगढ़ की जनता अन्य राज्यों की तरह हमें आज नहीं तो कल सफलता देंगे ताकि हम स्वर्गीय जोगी जी का सपना अपने जीवनकाल में चरितार्थ कर सकें।अमित जोगी न झुका है, न रुका है और न ही थका है।
रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा धान की एमएसपी में वृद्धि किए जाने के बाद क्या छत्तीसगढ़ में भी मूल्य वृद्धि होगी? उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया है। केंद्र सरकार तरक्की और बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार का निर्णय किसानों के हित में है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसके साथ धान के एमएसपी पर कांग्रेस के बयान पर कहा कि देश-प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को जवाब दे दिया है। जब इनकी सरकार थी, तब किसानों के साथ कैसी नाइंसाफी हुई। राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी, किसानों की दुर्दशा कैसी थी, सबको पता है।
वहीं हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस के समीक्षा टीम का गठन किए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक नेतृत्व विहीन और एक परिवार के हित के लिए काम करने वाली पार्टी है। कांग्रेस का अपना अंदरुनी काम है। समीक्षा करें, जो करना है करे, कांग्रेस पार्टी नेतृत्व विहीन है। कांग्रेस केवल एक परिवार के पार्टी बनकर रह गई है।
रायपुर : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 66वां जन्मदिन(birthday ) मना रही हैं। जन्मदिन पर राष्ट्रपति को देश-विदेश से बधाई संदेश भेजे जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने द्रौपदी मुर्मू के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना की. उन्होंने राष्ट्रपति को गरिमा और प्रतिबद्धता का प्रकाशस्तंभ बताया. अमित शाह (Amit Shah) ने भी ट्वीट कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की बधाई दी।CM विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन (birthday )की बधाई दी। सीएम साय ने X पोस्ट में लिखा, जनजातीय समाज की गौरव, सादगी एवं सरलता की प्रतीक, देश की महामहिम राष्ट्रपति आदरणीया द्रौपदी मुर्मू जी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई (wishes )एवं शुभकामनाएं। महाप्रभु जगन्नाथ से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।
रायपुर। कोयला लेवी वसूली के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) EOW की टीम ने कोरबा के कोल कारोबारी दो भाई हेमंत और चन्द्रप्रकाश जायसवाल ऊर्फ संजय को रिमांड के बाद आज 20 जून को कोर्ट में पेश करेगी। दोनों से पूछताछ के बाद पांच अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर रिमांड में लिया गया है। सभी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। ईओडब्ल्यू दाेनों की रिमांड बढ़ाने की तैयारी में है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कोल परिवहन के नाम पर 540 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था। कोल परिवहन के नाम पर हुए अवैध कोल लेवी मामले में ईडी ने पहले ही कोरबा की पूर्व कलेक्टर रानू साहू समेत कुछ आइएएस अफसरों के साथ ही पूर्व सीएम की उप-सचिव सौम्या चौरसिया और कोयला कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वर्तमान में कोल लेवी घोटाले की जांच ईओडब्लू कर रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन में कैबिनेट बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है. सरकार ने विदेशी शराब की खरीदी के लिये पूर्ववर्ती एफएल 10 लाइसेंस की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है. सरकार अब ख़ुद सीधे शराब निर्माताओं से शराब ख़रीदेगी और ब्रेवरेज कारपोरेशन उसका भंडारण करेगा. पूर्ववर्ती सरकार में एफएल 10 ए और बी लाइसेंस निजी हाथों में दिया गया था. सरकार के इस फ़ैसले के बाद अब शराब बिक्री से राज्य का राजस्व बढ़ेगा. साथ ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर लगाम लगाया जा सकेगा.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है. इसका उद्देश्य पांचों प्राधिकरणों की कार्य प्रणाली को प्रभावी और सशक्त बनाने के साथ ही उन क्षेत्रों में जनसुविधा के कामों को गति देना है. इन पांचों प्राधिकरणों की कमान अब सीधे मुख्यमंत्री के जिम्मे होगी. स्थानीय विधायकों में से एक विधायक को इसका उपाध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा. क्षेत्रीय विधायक इन प्राधिकरणों के सदस्य होंगे. मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अथवा सचिव इन पांचों प्राधिकरणों के सदस्य सचिव होंगे.
बता दें कि साल 2004-05 में बस्तर, सरगुजा एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया था. जिसके बाद वर्ष 2012 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछडावर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया. इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हुआ करते थे. प्राधिकरणों के गठन के बाद अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों, अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों, मजरा-टोला, पारा-मोहल्लों, वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी आवश्यकताओं के अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे. साल 2019 में तत्कालीन सरकार द्वारा इन प्राधिकरणों के कार्य संचालन की प्रक्रिया में अमूल-चूल परिवर्तन कर दिया गया, जिसके चलते प्राधिकरणों का न सिर्फ महत्व कम हो गया, बल्कि इनके कार्याें में पारदर्शिता मॉनिटरिंग का अभाव होने के साथ ही शासन स्तर पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रहा. उक्त स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कैबिनेट ने पांचों प्राधिकरणों के पुनर्गठन एवं निधि नियम के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 23 फरवरी, 2024 को पारित अशासकीय संकल्प के तहत प्रदेश के जितने भी मैदानी क्षेत्र हैं, उन क्षेत्रों में भी जहाँ अनुसूचित जनजातियों की 25 प्रतिशत से अधिक बहुलता है, उन क्षेत्रों के गांवों एवं ब्लाकों को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में शामिल किया गया है. प्राधिकरण अपना कार्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर, मतैक्य से माननीय मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप करेंगे. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्राधिकरण सामाजिक, आर्थिक एवं सर्वागीण विकास पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा. प्राधिकरण को सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावशाली बनाया जाएगा. वर्तमान में प्राधिकरण के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों के लिए बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण एवं अन्य पिछडावर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है.
इन महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर –
कैबिनेट द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि व्याख्याता नीति-2024 का अनुमोदन किया गया.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चना वितरण के लिए निर्गम मूल्य (Issue Price) पर चना खरिदने करने के संबंध में कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र एवं मॉडा क्षेत्र में अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को चना वितरण के लिए भारत सरकार के निर्धारित निर्गम मूल्य और नागरिक आपूर्ति निगम को प्राप्त रॉ चना की मिलिंग और परिवहन दर को जोड़कर प्राप्त कुल दर पर चना खरीदा जाएगा.
मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 14 हजार 369 व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 19 करोड़ 37 लाख 93 हजार रूपए की स्वीकृत राशि का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान किया गया.
रायपुर. प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेसी आज रायपुर में प्रदर्शन करेंगे और गृहमंत्री निवास का घेराव करेंगे. इस प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे.
रायपुर। आज मंत्रालय में हुई साय कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज कैबिनेट से इस्तीफ दे दिया। बता दें 2 दिन पहले ही बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के मौलश्री स्थित निवास कार्यालय में विधानसभा सदस्यता से अपना इस्तीफा दिया था।आपको बता दें इस्तीफा देने से पहले बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विभागों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए तथा विभिन्न कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
0 बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य पांचों प्राधिकरणों की कार्य प्रणाली को प्रभावी एवं सशक्त बनाने के साथ ही उन क्षेत्रों में जनसुविधा के कामों को गति प्रदान करना है। इन पांचों प्राधिकरणों की कमान अब सीधे मुख्यमंत्री के जिम्मे होगी। स्थानीय विधायकों में से एक विधायक को इसका उपाध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक इन प्राधिकरणों के सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अथवा सचिव इन पांचों प्राधिकरणों के सदस्य सचिव होंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004-05 में बस्तर, सरगुजा एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया था। तत्पश्चात् वर्ष 2012 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछडावर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया। इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हुआ करते थे। प्राधिकरणों के गठन के पश्चात् अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों, अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों, मजरा-टोला, पारा-मोहल्लों, वार्डों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी आवश्यकताओं के अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे। वर्ष 2019 में तत्कालीन सरकार द्वारा इन प्राधिकरणों के कार्य संचालन की प्रक्रिया में अमूल-चूल परिवर्तन कर दिया गया, जिसके चलते प्राधिकरणों का न सिर्फ महत्व कम हो गया, बल्कि इनके कार्याें में पारदर्शिता मॉनिटरिंग का अभाव होने के साथ ही शासन स्तर पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रहा। उक्त स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कैबिनेट ने पांचों प्राधिकरणों के पुनर्गठन एवं निधि नियम के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 23 फरवरी, 2024 को पारित अशासकीय संकल्प के तहत प्रदेश के जितने भी मैदानी क्षेत्र हैं, उन क्षेत्रों में भी जहाँ अनुसूचित जनजातियों की 25 प्रतिशत से अधिक बहुलता है, उन क्षेत्रों के गांवों एवं ब्लाकों को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
प्राधिकरण अपना कार्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त कर, मतैक्य से मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप करेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्राधिकरण सामाजिक, आर्थिक एवं सर्वागीण विकास पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा। प्राधिकरण को सशक्त, पारदर्शी एवं प्रभावशाली बनाया जाएगा। वर्तमान में प्राधिकरण के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों के लिए बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण एवं अन्य पिछडावर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
विदेशी मदिरा क्रय करने की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को
0 कैबिनेट द्वारा विदेशी मदिरा के थोक विक्रय एवं भंडारण हेतु वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 ए बी अनुज्ञप्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे विनिर्माता इकाईयों से विदेशी मदिरा का थोक क्रय किए जाने का अनुमोदन किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि विदेशी मदिरा का क्रय इससे पहले लायसेंसियों द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने के साथ ही विदेशी मदिरा क्रय करने की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को दे दी है।
0 कैबिनेट द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि व्याख्याता नीति-2024 का अनुमोदन किया गया।
0 सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चना वितरण हेतु निर्गम मूल्य (Issue Price) पर चना क्रय करने के संबंध में कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र एवं मॉडा क्षेत्र में अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को चना वितरण हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित निर्गम मूल्य तथा नागरिक आपूर्ति निगम को प्राप्त रॉ चना की मिलिंग एवं परिवहन दर को जोड़कर प्राप्त कुल दर पर चना खरीदा जाएगा।
0 मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 14 हजार 369 व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 19 करोड़ 37 लाख 93 हजार रूपए की स्वीकृत राशि का कार्योत्तर अनुमोदन मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान किया गया।
सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है, यहां पदस्थ ASI और प्रधान आरक्षक समेत 23 पुलिसकर्मियों तबादला किया गया है. जिसका आदेश सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक ने जारी किया है.
देखिए लिस्ट-

- अखिल भारतीय स्तर के सिकल सेल रिसर्च सेंटर खोलने के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है प्रस्तावः मुख्यमंत्री
- मोदी की गारंटी में विकसित भारत के साथ 2047 तक पूरी तरह से खत्म होगी सिकल सेल एनीमिया की बीमारीः साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में देश 2047 तक विकसित भारत का रूप ले लेगा और इसी दौरान भारत से सिकल सेल एनीमिया की बीमारी भी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अटल बिहारी वाजपेयी आडिटोरियम, मेडिकल कालेज, रायपुर में विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस के अवसर पर अपना संबोधन दे रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व सिकल सेल दिवस पर सिकल सेल की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर सिकल सेल जागरूकता रथ को रवाना किया और सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिकल सेल पीड़ितों को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने के लिए सिकल सेल की जानकारी देने वाली हल्बी और गोंडी भाषा की पुस्तिका का विमोचन किया।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ,शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सिकल सेल की जाँच और परीक्षण आवश्यक रूप से कराना चाहिए और इसकी रोकथाम के लिए सभी को जागरूक होना आवश्यक है l विवाह के पूर्व सभी महिला और पुरुष को सिकलसेल की जाँच करानी चाहिए और दोनों के पीड़ित होने पर शादी नहीं करनी चाहिए ताकि आनुवंशिक रूप से यह बीमारी अगली पीढ़ी मे स्थानांतरित न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी समुदाय के लोग सिकलसेल एनीमिया से ज्यादातर पीड़ित हैं। इन पीड़ित मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग और आदिम जाति विकास विभाग के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिकलसेल के लिए राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर प्रारंभ करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है ताकि प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया बीमारी से और बेहतर तरीके से बचाव किया जा सके।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों के लक्षित 1 करोड़ 77 लाख 69 हजार 535 सिकल सेल स्क्रीनिंग के विरूद्ध कुल 1 करोड़ 11 लाख 06 हजार 561 स्क्रीनिंग कर लिया गया है l इस परीक्षण में 1 करोड़ 06 लाख 24 हजार 245 स्क्रीनिंग निगेटिव पाए गए है। स्क्रीनिंग में 2 लाख 90 हजार 663 वाहक पाये गये हैं तथा 22 हजार 672 को बीमारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार सिकल सेल एनीमिया को छत्तीसगढ़ से पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग मिलकर इस बीमारी को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह संकल्प है कि प्रदेश को स्वस्थ और विकसित प्रदेश बनाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम में प्रदेश में कार्यरत मितानिन बहनों की अहम भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जागरुकता के माध्यम से ही इस बीमारी पर अंकुश लगाया जा सकता है और जेनेटिक कार्ड के इस्तेमाल से इस पर प्रभावी रोकथाम लगायी जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विधायक खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोती लाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा समेत उच्चाधिकारी, मितानिन बहनें, मेडिकल कालेज के छात्र और स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सूरजपुर। जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र के ग्राम डालाबहरा में एक महिला ने टंगिया से हमला कर अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद महिला फरार हो गई थी। जिसे पुलिस ने चंद घंटों के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पत्नी ने बताया, पति उस पर शक करता था। रोज लड़ाई झगड़े से तंग आकर इस वारदात को अंजाम दिया हूं।
बता दें कि आज सुबह मृतक विवेक कुमार के पिता ने झिलमिली थाने में सूचना दी कि उसके बेटे की हत्या हो गई है और बहू घर से गायब है। तत्काल झिलमिली पुलिस डालाबहरा गांव पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच में जुट गई। आरोपी की तलाश के लिए थाना प्रभारी ने पुलिस की टीम बनाई। टीम को कोरिया जिला के बैकुंठपुर के पास मृतक की पत्नी मिली, जिसे थाने लाने के बाद पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल किया।
आरोपी पत्नी ने बताया कि हम दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था और दिसंबर में दोनों की शादी हुई, पर वह मुझ पर शक करता था। हमेशा इस बात को लेकर लड़ाई होती थी। कल रात भी इसी बात को लेकर हम दोनों के बीच दो बजे तक विवाद होता रहा। इसके बाद जब वह सो गया तो टंगिया से उसके गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और वहां से चली गई।
रायपुर। CGPSC मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी के लिए जरुरी खबर है। CGPSC की ओर से प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी CGPSC की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in में जाकर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
आपको बता दें परीक्षा दो पालियों में होगी, प्रथम पाली सुबह नौ से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर दो से शाम पांच बजे तक है। परीक्षा पूर्व में निर्धारित रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और दुर्ग केंद्रों में होगी। इस बार कुल 242 पदों पर भर्ती होगी। इसमें डिप्टी कलेक्टर से लेकर नायब तहसीलदार तक के पद हैं।
मुख्य परीक्षा के लिए इस बार 3597 अभ्यर्थियों का चिंहित किया गया है। यह परीक्षा 24 जून से 27 जून तक होगी। कुल सात पेपर होंगे। 24 को सुबह नौ से 12 बजे तक भाषा की परीक्षा होगी। दोपहर दो से पांच बजे तक निबंध का पेपर होगा।
रायपुर :- नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय में साय कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में सरकार रामलला दर्शन योजना और बलौदाबाजार हिंसा पर भी अहम फैसले ले सकती है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने पर चर्चा हो सकती है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद साय कैबिनेट की ये पहली बैठक है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, रानू साहू और सौम्या चौरसिया को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों को 1 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
रायपुर : राजधानी रायपुर में राशन कार्डधारियों का ई केवाईसी और नवीनीकरण के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक हुई. जिसमें शेष बचे हुए हितग्राहियों को 30 जून तक ई-केवाईसी व नवीनीकरण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि 30 जून तक आपने ई-केवाईसी और नवीनीकरण नहीं कराया तो राशन मिलना बंद हो जाएगा.
ई-केवाईसी और नवीनीकरण कराने के निर्देश : सामान्य श्रेणी एपीएल प्राथमिकता और अंत्योदय अन्न योजना के परिवार के राशन कार्डधारियों के लिए बड़ा अपडेट है. सोमवार को राशन कार्ड के ई-केवाईसी और नवीनीकरण के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक हुई. इस बैठक में सभी योजनाओं के शेष बचे हुए हितग्राहियों को 30 जून तक ई-केवाईसी व नवीनीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं.
कहां करा सकते हैं ईकेवाईसी ? : ई केवाईसी के लिए शेष बचे हुए हितग्राही को अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य की दुकान में जाना होगा. राशनकार्ड के सभी सदस्यों का ईकेवाईसी आवश्यक रूप से किया जाना जरूरी है. नवीनीकरण के लिए शेष बचे हुए राशनकार्ड धारियों को एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर लिंक डाउनलोड कर या अपने शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचकर राशनकार्ड का नवीनीकरण कराया जाना है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित कोल स्कैम केस में ACB-EOW ने 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी आरोपी कारोबारी है। इन पर कोयला घोटाला में लेवी वसूलने का आरोप है। पकड़े गए ये पांचों आरोपी जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के साथ काम करते थे। इनका नाम ईडी की जांच में भी सामने आया था। जिन्हें 22 जून तक EOW की रिमांड में भेज दिया गया है।
एसीबी के अफसरों ने बताया कि ब्यूरो ने आज शेख मोईनुद्दीन कुरैशी पिता शेख शमशुद्दीन कुरैशी, उम्र-50 वर्ष, पता मकान नं0 429 प्रियदर्शिनी नगर आयेशा मस्जिद के पास पचपड़ी नाका रायपुर, पारेख कुमार कुर्रे पिता दिलीप कुमार कुर्रे, उम्र 30 वर्ष, पता ग्राम जरहा गांव, थाना जरहागांव, जिला मुंगेली, राहुल सिंह पिता राम एकबाल सिंह, उम्र- 26 वर्ष पता-ग्राम व पोस्ट कंचनपुर, जिला रोहतास सासाराम, बिहार और रोशन कुमार सिंह पिता गणेश सिंह, उम्र - 39 वर्ष, पता वर्तमान पता - हाउस नं. 202, द्वितीय तल, जीवन निकेतन राजीव नगर रायपुर, स्थायी पता ग्राम बरन्डा, थाना ढिबरा, जिला औरंगाबाद के साथ वीरेन्द्र कुमार जायसवाल पिता शंकर लाल जायसवाल, उम्र 41 वर्ष, पता - मकान नंबर 392, वार्ड नं. 03, दुरपा रोड कोरबा को गिरफ्तार किया है।अफसरों ने बताया कि अलग-अलग स्थानों से पकड़े गए इन आरोपियों को आज विशेष न्यायालय पेश किया गया। कोर्ट ने 22 जून तक इन आरोपियों को पुलिस रिमाण्ड पर ब्यूरो को सौंपा है। सभी आरोपी प्रारंभ से ही अवैध कोल लेवी वसूली में सक्रिय रहें हैं, इनसे पूछताछ पर नये तथ्यों की खुलासा होने की पूर्ण संभावना है।
- राज्य में 39 लाख 17 हजार से अधिक घरों को मिला नल कनेक्शन
- जल जीवन मिशन का 78.21 प्रतिशत काम पूर्ण
- लक्ष्य को हासिल करने तेजी से हो रहा काम
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने चौधरी को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री साय ने, केन्द्रीय राज्य मंत्री चौधरी से छत्तीसगढ़ में नल से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में जलजीवन मिशन के तहत 50 लाख 5 हजार 12 घरों में नल कनेक्शन दिए जाने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 39 लाख 17 हजार 491 घरों में नल कनेक्शन दिया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 78.21 प्रतिशत है।
राज्य के धमतरी जिले में सर्वाधिक 98 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन दिया जा चुका है। रायपुर जिले में 93.42 प्रतिशत, राजनांदगांव में 88.50 प्रतिशत, मुंगेली जिले में 87.27 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा जिले में 87.21 प्रतिशत एवं दुर्ग जिले में 87.16 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है।
इसके अलावा राज्य के 13 जिलों में जल जीवन मिशन का 75 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। राज्य के 19 हजार 647 गांवों में से 3 हजार 371 गांवों में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 16 हजार 257 गांवों में ग्रामीणों को नल कनेक्शन के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने का काम तेजी से पूर्णता की ओर है।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के शासकीय सेवकों को अपनी निजी समस्या के कारण मुख्यमंत्री, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने के लिए उचित माध्यम से अनुमति प्राप्त करना होगा। यदि कोई शासकीय सेवक विभागीय चैनल की अनुमति प्राप्त किए बिना मुख्यमंत्री, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होता है तो इस प्रकार की उपस्थिति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 21 के अंतर्गत कदाचरण मानी जाएगी और संबंधित शासकीय सेवक के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
कांकेर। एक बार फिर विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जिसका नतीजा सुधार कार्य में लगे एक लाईनमैन को अपनी जान गंवा कर चुकानी पड़ी है।दरअसल कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सुलंगी में 18 जून को सुबह से हि विद्युत कर्मचारी हाईटेंशन 130 केवी लाइन के खम्बे में सुधार कार्य के लिए ऊपर चढ़े थे इसी दौरान अचानक विद्युत विभाग के कर्मचारीयों द्वारा लाइन सप्लाई को शुरू कर दिया गया जिसके कारण खम्बे के ऊपर चढ़े विद्युत कर्मचारी किशून कुमार दर्रों चारामा निवासी बिजली के चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर हि मौत हो गई, घटना के बाद तुरंत हि बाकी कर्मचारियों ने घटना कि जानकारी कोयलीबेडा थाना में दी गई फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी है।
काफी देर तक खंबे में लटकता रहा शव
घटना के बाद लगभग एक से दो घंटे तक विद्युत कर्मचारी किशून कुमार दर्रों का शव खम्बे के ऊपर हि लटकता रहता खम्बे में करेंट सप्लाई चालू होने के कारण कोई भी कर्मचारी शव को निकालने कि कोशिश नहीं किया लगभग दो घंटे बाद करेंट सप्लाई बंद कराने के बाद शव को खम्बे से उतारा गया।
विद्युत विभाग की लापरवाही ने एक कर्मचारी कि ले ली जान
विद्युत विभाग कि बड़ी लापरवाही है जिसके चलते सुधार कार्य में लगे लाईनमैन कि जान चली गई है लाईनमैन खम्बे के ऊपर चढकर सुधार कार्य कर रहा था उसी दौरान बिना सूचना के हि जिस लाईन में सुधार कार्य किया जा रहा था वहां कि सप्लाई लाईन को विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया जिसकी चपेट में आने से लाईनमैन कि मौत हो गई है






























