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क्या आप भी करते है टमाटर का अधिक सेवन ? तो हो जाइये सावधान,  जाने इससे होने वाले 5 नुकसान

क्या आप भी करते है टमाटर का अधिक सेवन ? तो हो जाइये सावधान, जाने इससे होने वाले 5 नुकसान

टमाटर के महंगे होने का अगर आपको भी दुख है, तो इसके इन नुकसानों को जरूर जान लीजिए...इन्हें जानने के बाद आपको टमाटर के महंगे होने का जरा भी दुख नहीं होगा और आप तौबा कर लेंगे इन महंगे टमाटरों से।

जानें 5 नुकसान.....

1. टमाटर का सेवन आपको एसिडिटी दे सकता है। दरअसल इसमें काफी अधिक मात्रा में अम्ल होता है जिससे इसका सेवन करने पर आपके पेट में अम्लीयता बढ़ती है और यह एसिडिटी का कारण बनती है।

2. टमाटर के साथ-साथ आप इसके बीजों को शरीर में जाने से नहीं रोक सकते, लेकिन इन बीजों के आपके शरीर में जाने से आप पथरी के मरीज हो सकते हैं, क्योंकि ये आसानी से किडनी में पहुंचकर पथरी यानि स्टोन का निर्माण करते हैं।

3. टमाटर में मौजूद टरपीन्स नामक तत्व आपकी शारीरिक दुर्गन्ध का कारण बन सकता है। पाचन के दौरान इसका विघटन, शरीर की दुर्गन्ध पैदा करता है।

4. अगर आपको अक्सर पेट में गैस की समस्या होती है, तो टमाटर का सेवन कम करना ही आपके लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि यह पेट में गैस पैदा कर सकता है।

5. आजकल ऑर्गेनिक टमाटरों के बजाए इंजेक्शन या केमिकल का इस्तेमाल कर पकाए गए टमाटर बाजारों में उपलब्ध होते हैं, जो आपके लिए बेचैनी, ब्लडप्रेशर और अन्य सेहत समस्याएं दे सकता है |

वजन घटाने के लिए जानें दिन के किस समय टहलना होता है सबसे सही

वजन घटाने के लिए जानें दिन के किस समय टहलना होता है सबसे सही

टहलना सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। यह वजन घटाने में भी बहुत मदद करता है। जो लोग किसी कारण जिम नहीं जा पाते या हैवी वर्कआउट नहीं कर पाते हैं, उनके लिए फिट और हेल्दी रहने के लिए टहलना एक बेहतर विकल्प है।
हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, खाना खाने के बाद टहलने से सेहत को कई फायदे होते हैं। इससे शरीर का फैट बर्न होता है और मोटापा कम होता है। आइए जानते हैं टहलने के फायदे, हर दिन हमें कितना टहलना चाहिए और टहलने का सबसे अच्छा समय क्या है।
टहलने का सबसे अच्छा समय
यह कहने की बात नहीं है कि दिन में किसी भी समय टहलना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। लेकिन खासतौर पर खाने के बाद टहलना वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए बेहतर है। जिन लोगों को कोई बीमारी नहीं है, उन्हें भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए नियमित टहलना चाहिए।
टहलने से कैसे घटता है वजन
टहलने से कैलोरी बर्न होती है मेटाबोलिज्म बेहतर होता है। हर दिन हम अपने घर में या बाहर जितना अधिक टहलने हैं, कैलोरी उतनी ही तेजी से घटती है। इसलिए वजन घटाने के लिए हमें अधिक से अधिक टहलना चाहिए।
रोजाना वर्कआउट करने से न सिर्फ वजन घटता है बल्कि ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है। 2016 में हुई एक स्टडी के अनुसार, हर बार भोजन के बाद 10 मिनट टहलने से टाइप 2 डायबिटीज से पीडि़त लोगों में ब्लड शुगर का स्तर घटता है। भोजन के बाद 10 मिनट टहलना दिन में किसी भी समय 30 मिनट टहलने से कहीं अधिक फायदेमंद होता है।
जब आप टहलते हैं, या कोई अन्य एक्सरसाइज करते हैं, तो आपका हार्ट रेट बढ़ता है और आपकी मांसपेशियां एनर्जी के रूप में कार्बोहाइड्रेट या शुगर का इस्तेमाल करना शुरू कर देती हैं। जब आप भोजन में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं, तो आपका ब्लड शुगर बढ़ जाता है। खून से इस शुगर को बाहर निकालना और शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुंचाना इंसुलिन का काम होता है। भोजन के बाद जब आप टहलते हैं, तो मांसपेशियों में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे हमारे रक्त से एक्स्ट्रा शुगर बाहर निकल जाता है। ब्लड शुगर कंट्रोल होने से वजन तेजी से घटता है।
हर रोज कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए
नियमित कितनी और कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए, इससे जुड़े कई नियम हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हर हफ्ते 150 मिनट मॉडरेट-इंटेंसिटी एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।हर दिन कम से कम 21 मिनट मॉडरेट-इंटेंसिटी से टहलना या चलना चाहिए। इससे हृदय रोग और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। साथ ही हड्डियां मजबूत होती हैं और वजन भी घटता है।
वजन घटाने के लिए खाना खाने के बाद नियमित टहलना चाहिए। इसके साथ ही हेल्दी डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए।

 

इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने तक, जानें सेहत के लिए पालक के अनोखे फायदे

इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने तक, जानें सेहत के लिए पालक के अनोखे फायदे

अच्छी सेहत के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत फायदेमंद होती हैं। जब हरी पत्तेदार सब्जियों की बात आती है, तो पालक को सबसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। पालक में कई तरह के विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
आमतौर पर पालक को कच्चा या पकाकर दोनों तरह से खाया जा सकता है। इसमें कैलोरी बहुत कम मात्रा में पायी जाती है, जिससे आपका स्वास्थ्य बेहतर रहता है और वजन भी नहीं बढ़ता है। यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है।
आइए जानते हैं सेहत के लिए पालक के फायदे।
सेहत के लिए पालक के फायदे:
पालक में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होते हैं। नियमित रूप से इस हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से बीमारियां का खतरा कम होता है।
आंखों के लिए फायदेमंद:
पालक में ल्यूटिन और जैक्सेंथिन सहित कई यौगिक मौजूद होते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। शोध बताते हैं कि ये पिगमेंट मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं। ये यौगिक आपकी आंखों को सूरज की रोशनी से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इस सब्जी में एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो कैंसर के खतरे को कम करता है।
वजन घटाए:
पालक में कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, लेकिन अधिक मात्रा में घुलनशील फाइबर पाया जाता है। यह सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है और वजन घटाने में भी काफी मदद करता है। साथ ही यह ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखता है। पालक में पाया जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर रखता है जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। इसका सेवन करने से बार-बार भूख नहीं लगती है जिससे मोटापे की समस्या नहीं होती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक:
पालक में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, बीटा कैरोटिन और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। आज के समय में अगर आप भी इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके खोज रहे हैं तो पालक से बेहतर कुछ भी नहीं है। इसमें मौजूद विटामिन ई और मैग्नीशियम जैसे खनिज इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ ही वायरस एवं बैक्टीरिया को भी दूर रखते हैं।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे:
पालक में भरपूर मात्रा में नाइट्रेट पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। रिसर्च के अनुसार, पालक का सेवन करने से हृदय स्वस्थ रहता है और इससे जुड़ी बीमारियां भी दूर रहती हैं।
हाइड्रेशन बढ़ाए:
शरीर के अंगों को ठीक तरह से काम करने के लिए हाइड्रेट रहना बहुत जरूरी होता है। पालक शरीर को रेगुलेट करता है, जोड़ों को चिकनाहट और कोशिकाओं को पोषक तत्व प्रदान करता है। नियमित पालक का सेवन करने से संक्रमण का खतरा कम होता है और मूड बेहतर रहता है। पालक में पानी प्रचुर मात्रा में होता है जो शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करता और बीमारियों से दूर रखता है।
पालक में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। अधिक मात्रा में पालक खाने से सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है। किडनी रोग के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही पालक का सेवन करना चाहिए।

 

Lunch के बाद करते हैं ये 5 गलतियां तो सेहत को हो सकता है नुकसान

Lunch के बाद करते हैं ये 5 गलतियां तो सेहत को हो सकता है नुकसान

अच्छी सेहत के लिए हम क्या कुछ नहीं करते है, लेकिन सही खान-पान के साथ कुछ ऐसी बातें भी हमें ध्यान रखनी चाहिए जिसका सीधा असर हमारी हेल्थ पर पड़ता है। दरअसल हममें से ऐसे कई लोग है। जो दोपहर के खाने के बाद कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक होता है। वो क्या गलतियां है आइए जानते हैं...


1 आपने सुना होगा कि खाने के एकदम बाद पानी नहीं पीना चाहिए? अगर आप इसका पालन करते हैं तो ठी है, लेकिन अगर नहीं करते और पानी पी लेते हैं तो ध्यान रखें कि कभी ठंडा पानी न पिएं। खाना खाने के बाद यह पाचन बिगाड़ सकता है। अगर आपको पीना ही है तो गुनगुना पानी पिएं, यह पाचन को और बेहतर करेगा।

2 खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीना अगर आपको पसंद है, तो अफसोस कि यह आपकी बड़ी गलती है। इससे शरीर आहार में मौजूद आयरन को अवशोषित नहीं कर पाता और न ही प्रोटीन को पचा पाता है।


3 दोपहर का खाना खत्म करने के बाद अगर आप तुरंत अपने काम पर लौट जाते हैं और तेज चलना या अन्य गतिविधि करते हैं, तो यह भी गलती है। खाने के बाद कुछ देर रेस्ट करें उसके बाद ही एक्टि व हों, वह भी धीरे।

4 खाने के बाद कुछ घंटों तक फल, जूस या अन्य खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। ये आपके पाचन की प्रक्रिया को बाधित कर देता है।

5 खाने के बाद लेटना ठीक नहीं है, ना ही धूम्रपान का सेवन ठीक है। यह तेजी से आपके पाचन तंत्र और शरीर को हानि पहुंचा सकता है।

 

बैलेंस डाइट क्या होती है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्यों है जरूरी

बैलेंस डाइट क्या होती है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्यों है जरूरी

तंदुरुस्त रहने के लिए संतुलित आहार यानी Balanced Diet लेना बेहद जरूरी है। यदि आप संतुलित आहार लेते हैं तो यह सीधे आपकी अच्छी सेहत से जुड़ा हुआ है, जो आपको बीमारियों से दूर रखता है। वहीं अगर हम बैलेंस डाइट नहीं लेते हैं, तो हमें कई बीमारियां घेर लेती हैं। आपको अपनी डाइट में ऐसे फूड को शामिल करने की जरूरत होती है, जो आपको सभी जरूरी पोषक तत्व दें। एक सही डाइट प्लान आपकी उम्र पर भी निर्भर करता है। बच्चों, वयस्कों व महिलाओं के लिए अलग डाइट प्लान तैयार होता है जिससे कि वे स्वस्थ रह सकें, वहीं गर्भावस्था के दौरान आपको अपनी पोषण और डाइट प्लान बदलना भी बेहद जरूरी होता है।
बैलेंस डाइट के लिए आपको क्या करना चाहिए?

एनर्जी:

दैनिक काम के लिए एक निश्चित ऊर्जा की जरूरत होती है। एनर्जी की आपको सही मात्रा कार्बोहाइड्रेट से मिलती है। कार्बोहाइड्रेट अनाजों, गेहूं, बाजरा व ओट्स में पाया जाता है। फल और कई तरह की फलियों से भी कार्बोहाइड्रेट शरीर को मिलता है। इसलिए एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट को सही मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
प्रोटीन:

प्रोटीन बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने से लेकर शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने तक प्रोटीन बहुत आवश्यक है। इसको सही मात्रा में लेना जरूरी होता है। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा दाल, मछली, अंडा और चिकन भी प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं।

फैट:
फैट भी हमारी डाइट में बहुत जरूरी होता है लेकिन सही मात्रा में। इसके लिए आपको अपने डाइटिशियन की सलाह लेना आवश्यक है। आपके शरीर में हेल्दी फैट आपको तंदुरुस्त रखने में मदद करता है।

दूध:

दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी क्वालिटी प्रोटीन प्रदान करते हैं।

सब्जियां और फल:

सब्जियों और फलों में कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक होते हैं। इनको डाइट में सही मात्रा में शामिल करना बहुत जरूरी है।

 

पेट दर्द में फायदेमंद होता है इन 3 चीजों का सेवन

पेट दर्द में फायदेमंद होता है इन 3 चीजों का सेवन

पेट दर्द आम बात है। आजकल बदलते खान-पान और जीवनशैली के चलते लोगों को पेट दर्द से जूझना पड़ता है। जल्दबाजी से खाने पीने से भी कई बार इस तरह की शिकायत हो जाती है। लेकिन कुछ घरेलु नुस्खे आजमा सकते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। 

 

पेट दर्द के आसान इलाज:
अदरक: अदरक पेट की समस्याओं को दूर करने में सक्षम है। अदरक पाचन तंत्र को मजबूत बनता है। फ़ूड पॉइजनिंग की समस्या होने पर अदरक में थोड़ा शहद मिलाकर खाएं।
शहद: आप चाय में मिला के शहद लेते हैं तो आपको पेट दर्द से जल्दी ही निजात मिल जाएगी। अगर आपको उल्टी जैसी समस्या हो रही हो या जी मचला रहा हो तो उसमे भी यह फायदेमंद है।
केला: केला पाचनतंत्र को स्वस्थ रखने में बहुत ज्यादा कारगर होता है। फूड पॉइजनिंग होने पर एक केला और एक सेब को अच्छी तरह से मिलाकर खाएं। इस मिश्रण को खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या दूर हो जाएगी।
 
नाखून चबाने की आदत कर सकती है आपको बीमार, ऐसे पाएं इससे छुटकारा

नाखून चबाने की आदत कर सकती है आपको बीमार, ऐसे पाएं इससे छुटकारा

अक्सर छोटे बच्चे नाखून चबाना काफी पसंद करते हैं और आप उनकी इस हरकत पर उन्हें डांटते भी होंगे। वैसे सिर्फ बच्चे ही नहीं, कुछ बड़े लोग भी इस गलत आदत का शिकार होते हैं। नाखून चबाने में आपको भले ही कोई कमी नजर न आए लेकिन यही आदत कई बीमारियों को बुलावा देती है। इसलिए जितना जल्दी हो सके, इस आदत से किनारा कर लें।

तो चलिए जानते हैं कि नाखून चबाने की आदत से कैसे पाएं छुटकारा...
छोटे रखें नाखून
यह नाखून चबाने की आदत को छुड़ाने का एक आसान व कारगर उपाय है। जिन लोगों को भी नाखून चबाने की आदत होती है, उन्हें हमेशा अपने नाखून छोटे ही रखने चाहिए। जब आपके नाखून बड़े होंगे ही नहीं, तो फिर आप चबाओगे किसे। वहीं अगर आपको बड़े नाखून रखने का शौक है तो समय-समय पर मेनीक्योर करवाते रहें। जब आपके नाखून देखने में बेहद सुंदर लगेंगे तो आपका नाखून चबाने का मन ही नहीं करेगा।
डाइट पर दें ध्यान
व्यस्क लोगों में नाखून चबाने की आदत की एक मुख्य वजह उनके शरीर में कैल्शियम की कमी भी होती है। इसलिए डाइट में बदलाव आपकी आदत को बदलने में मदद करेगी। आप अपनी डाइट में ऐसी कुछ चीजों जैसे दूध, दही, चीज़, बादाम, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियों को अवश्य जगह दें।
पहचानें वजह
जहां कुछ लोग कैल्शियम की कमी के चलते नाखून चबाते हैं तो कुछ लोग अत्यधिक तनाव के कारण ऐसा करते हैं। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि आप अपनी इस आदत के पीछे की वजह को पहचानें। अगर इसके पीछे की वजह तनाव है तो स्टेस मैनेजमेंट के उपाय करिए। आदत खुद ब खुद छूट जाएगी।
यह तरीका भी आएगा काम
नाखून चबाने की आदत को छुड़ाने के लिए आपको खुद को कंट्रोल करना सीखना होगा। आप चाहें तो अपनी टेबल के सामने नोट लगाएं या फिर आप मोबाइल में रिमाइंडर लगाएं। इससे आपको खुद को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। वहीं नेल बाइटिंग की इच्छा होने पर आप अपने हाथों को किसी अन्य कामों में लगाएं, जिससे आपको ऐसा करने का मौका ही न मिले।
कड़वी चीजों का प्रयोग
अगर ऊपर लिखे किसी उपाय से आपको फायदा न मिलें तो अंत में आप इस तरीके को अपना सकते हैं। इसके लिए आप अपने नाखूनों पर नेलपेंट, नीम का पेस्ट या फिर किसी अन्य कड़वी चीज लगाएं। ऐसा करने से आप जब भी नेल बाइट करेंगे तो उसका कड़वा टेस्ट आपके मुंह में जाएगा और फिर आपकी यह आदत आसानी से छूट जाएगी।
 

दीवाली पर फिट और खूबसूरत दिखने के लिए लॉकडाउन में बढ़े वजन को कैसे करें कम, जानिए यहां

दीवाली पर फिट और खूबसूरत दिखने के लिए लॉकडाउन में बढ़े वजन को कैसे करें कम, जानिए यहां

फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है और यह समय परिवार के साथ मस्ती करने व जमकर स्वादिष्ट मिठाईयों और भोजन का लुत्फ उठाने का है. लेकिन त्योहार की मस्ती और खुमारी में कम नींद लेने और एक्सरसाइज की अनदेखी करने से आपकी मेंटेन फिगर को नुकसान पहुंच सकता है. वैसे भी आठ महीने के लॉकडाउन में बहुत से लोगों की बॉडी में कुछ किलोज तो बढ़ ही गए हैं.


दीवाली का त्योहार जहां अच्छे-अच्छे कपड़े पहनकर खूबसूरत दिखने का होता है तो ऐसे में कोई नहीं चाहेगा कि उसकी बॉडी का एक्स्ट्रा फैट उसकी त्योहार की मस्ती को किरकिरा करे. आपकी इस इच्छा का ख्याल हमें है, इसलिए हम आपको बताएंगे कुछ डिटॉक्स प्लान के बारे में जो आपकी बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को काफी हद तक बर्न कर देगा. यकीन मानिए 20 दिन के अंदर-अंदर आप आप अपनी फिगर को देख खुद पर जरूर इतराएंगे.


सुबह का काढ़ा


अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गर्म पानी में नींबू के रस के साथ करें. यह गर्म पेय शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करेगा और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देगा. आप इस ड्रिंक को और बेहतर बनाने के लिए इसमें एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं.


खाने की मात्रा पर रखें ध्यान


अगर आप कितना खा रहे हैं, इस पर नज़र नहीं रख सकते हैं तो छोटी प्लेटों में खाना शुरू कर दें. छोटी प्लेटों का उपयोग करने से नापी हुई मात्रा में खा पाएंगे, जिससे आप अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने से बच सकते हैं. सभी व्यंजनों का आनंद लें, लेकिन याद रखें कि जंक फूड्स और मीठे भोजन को अनदेखा ही कर दें.


सलाद को जरूर शामिल करें


अपने सभी भोजन में सलाद को जरूर शामिल करें, खासकर जब आप ऑयली भोजन खा रहे हों. सलाद खाने से आपका पेट अधिक समय तक भरा रहेगा. यह भी याद रखें कि सलाद में काफी मात्रा में फाइबर होता है तो शरीर के अतिरिक्त किलो को घटाने में मदद करता है.


प्रोटीन डाइट लें


हम सभी जानते हैं कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. दिवाली से पहले वजन कम करने के लिए अपने दैनिक आहार में कुछ अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां और मछली शामिल करें.


बहुत ज्यादा मात्रा में पानी पीएं


त्योहारी सीजन के दौरान हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है.पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और अधिक मात्रा में खाने से रोकता है.हर दिन कम से कम 10-12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें.


फल खाएं


फल सभी प्रकार के पोषक तत्वों का एक बड़ा स्रोत हैं. जिन लोगों को मीठे की क्रेविंग रहती है उन्हे फलों का सेवन करना चाहिए.


शराब के सेवन से बचें


त्योहार शुरू होने से पहले शराब पीने से बचें. शराब से शरीर में टॉक्सिन्स निकलते हैं, जो आपके लिए अच्छा नहीं है. बहुत अधिक शराब पीन से भी पेट पर फैट जमा होता है.


एक्सरसाइज करें


दिन में एक घंटे का समय निकालकर एक्सरसाइज जरूर करें. व्यायाम करने से शरीर चुस्त भी रहता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी कम हो जाती है. 

खर्राटों से हैं परेशान? तो इन 5 बातों का रखें ध्यान, समस्या से पाएं निजात

खर्राटों से हैं परेशान? तो इन 5 बातों का रखें ध्यान, समस्या से पाएं निजात

कई लोगों को नींद में खर्राटे लेने की समस्या होती है, लेकिन कई बार वे इस बात से अनजान रहते हैं। हालांकि जब आपको ऐसे किसी व्यक्ति के पास सोना पड़े, तो आपकी भी नींद खराब हो जाती है और खर्राटों की आवाज से चिढ़ होने लगती है, सो अलग। यदि आपको या आपके किसी करीबी को खर्राटे आते हैं, तो आप इन 5 बातों का ध्यान रखकर इस स्मस्या से निजात पा सकते हैं।

आइए, जानते हैं खर्राटों से निजात पाने के उपाय :
1. वजन कम रखें :
कई बार वजन बढ़ने पर गले में चर्बी जमा हो जाती है, जिस वजह से भी खर्राटे आते हैं। गले के जरिए शरीर में जाने वाली हवा गले के टिशू में कंपन पैदा करती है और खर्राटे की वजह बनती है।

2. शराब पीकर न सोएं :
कई लोगों को शराब ज्यादा पीने के कारण भी खर्राटे आते हैं, इसलिए सोने के दो से तीन घंटे पहले शराब न पीएं।

3. समय पर सोएं :
अनियमित सोने के समय के कारण भी खर्राटे आ सकते हैं, इसलिए कोशिश करें कि रोज एक ही समय पर सोएं और 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें।
4. दमा और सर्दी का इलाज कराएं :
अस्थमा और सर्दी के कारण भी लोगों को खर्राटे की परेशानी होती है, क्योंकि उनकी स्वास नली संकरी हो जाती है, जिससे गले से आवाज़ें आती हैं।

5. लाइफ स्टाइल सुधारें :
खराब दिनचर्या भी खर्राटों की वजह बनती है। बेवक्त खाना-पीना, ठीक से आराम ना करना, सिगरेट आदि पीने से भी खर्राटे आते हैं।

 

अदरक की चाय के फायदे तो बहुत सुने होंगे, अदरक के पानी की खूबियां जानकर रह जाएंगे हैरान

अदरक की चाय के फायदे तो बहुत सुने होंगे, अदरक के पानी की खूबियां जानकर रह जाएंगे हैरान

जब भी आप सब्जी खरीदने जाते होंगे तो साथ में अदरक भी जरूर खरीदते होंगे, आखिर अदरक के बिना घर के कई सदस्यों को चाय नहीं भाती है। अदरक की चाय पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं ये तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन क्या आपको ये पता हैं कि अदरक का पानी पीना भी बहुत ही फायदेमंद होता है और ये पानी कई सेहत समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।

आइए, जानते हैं अदरक का पानी पीने के सेहत लाभ -


1 त्वचा के लिए फायदेमंद :
अदरक का पानी पीने से खून साफ रहता है, जिसका असर त्वचा पर बढ़ती चमक के रूप में दिखई देता है। साथ ही ये पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन जैसी परेशानियां से भी बचाता है।

2 प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
अदरक का पानी पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही ये सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों की आशंका कम कर देता है।

3 खाना पाचन में फायदेमंद :
इसे पीने से आपका पाचन तंत्र सही काम करता है और खाना आसानी से पचने में मदद मिलती है।

4 वजन कम करने में सहायक :
इसे नियमित पीने से शरीर का अतिरिक्त फैट खत्म होते जाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

5 कैंसर से रक्षा :
अदरक में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में असरदार होते हैं। इसलिए ये कैंसर होने की आशंका को कम करने में सहायक होता है। 

गले की खराश से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों को आज ही आजमाएं

गले की खराश से हैं परेशान, तो इन घरेलू उपायों को आज ही आजमाएं

कोरोनावायरस के कारण आम सर्दी, खांसी ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बदलते मौसम के साथ सर्दी खांसी, गले में खराश आम है, लेकिन कोरोना काल में इससे बच कर रहना ही सेहत के लिहाज से जरूरी है।
बदलते मौसम के साथ गले में खराश और गले में दर्द होने के कारण काफी परेशानी होती है। यदि आप गले की खराश से परेशान है, तो हम आपको इस लेख में कुछ घरेलू नुस्खें बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप गले की समस्या से राहत पा सकते हैं।
गले की खराश होने पर दिन में गुनगुने पानी का सेवन करें। हल्का गर्म पानी पीने से आपको गले के दर्द से भी राहत मिलेगी साथ ही गले की खराश भी ठीक हो जाएगी।

गले की खराश में हर्बल टी का सेवन करें। इसके सेवन से गले की खराश से बहुत राहत मिलती है। तुलसी, लौंग, काली मिर्च और अदरक वाली चाय का सेवन करने से खराश और गले से जुड़ी अन्य समस्या से राहत मिलती है।

गले में खराश से परेशान है, तो काली मिर्च का सेवन भी लाभदायक साबित होता है। आप काली मिर्च और मिश्री को भी चबाकर खा सकते हैं। ऐसा करने से आपके गले में खराश कम हो जाएगी। इसके अलावा आप काली मिर्च और शहद को मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते है।

गले में खराश से निजात पाने के लिए आप लहसुन की कली को चबाकर इसका सेवन करने से गले की खराश से राहत मिलती हैं।

गुनगुने पानी में चुटकीभर नमक मिलाकर गरारे करने से भी गले की खराश से राहत मिलती है। इसे नियमित करने से कुछ ही दिनों में गले के दर्द और खराश से आराम मिल जाएगा।

 

अगर आप भी खाना खाकर तुरंत सोने जाते हैं, तो इसके नुकसान भी जान लीजिए

अगर आप भी खाना खाकर तुरंत सोने जाते हैं, तो इसके नुकसान भी जान लीजिए

अधिकतर लोगों की आदत होती है, खाना खाने के बाद तुरंत सोने चले जाते है। व्यस्त दिनचर्या के वजह शरीर में थकान हो जानें की वजह से थोड़ी देर भी टहल पाना थोड़ा मुश्किल सा लगने लगता है. जिस वजह से डिनर करने के बाद सीधे रूख करते है बैड का लेकिन खाना खाने के तुरंत सोने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
आइए जानते हैं क्या नुकसान हो सकते हैं...

खाना खाकर तुरंत सोने से पेट की समस्या हो सकती हैं इससे खाना पच नहीं पाता है जिस कारण ऐसिडीटी, पेट दर्द, सीने में जलन जैसी दिक्कते शुरू हो जाती है। इसलिए खाना खाने के तुरंत बाद न सोए। कुछ देर टहलें फिर सोने जाएं।

तुरंत सोने के बाद खाना पच नहीं पाता जिस वजह से भारीपन सा महसूस होता है। और ऐसे में नींद न आने की समस्या पैदा हो सकती है। पेट की समस्या के कारण आपको अच्छी तरह से नींद न आएगी।
खाना खाकर सीधे सोने जानें कि वजह से खाना पच नहीं पाता जिस कारण उल्टी दस्त जैसी समस्या हो सकती है।

अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाती हैं तो खाने में मौजूद कैलोरीज को बर्न होने का वक्तन ही नहीं मिलता। ऐसे में आपका वजन भी बढ़ सकता है। इसी लिए कहा जाता है कि रात में सोने के 3 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए ताकि वह आसानी से पच सके और कैलोरीज बर्न हो सके।


 

Cycling करने से पहले इन बातों का रखें ख्याल वरना सेहत को होगा नुकसान

Cycling करने से पहले इन बातों का रखें ख्याल वरना सेहत को होगा नुकसान

कोरोना काल में खुद को फिट रखने के लिए अधिकतर लोग साइकिल चलाना पसंद कर रहे है और फिटनेस के लिए इसे अपनी रूटीन में शामिल कर रहे है। वैसे भी फिट और एक्टिव रहने के लिए साइकिल चलाना बेस्ट माना जाता है। यदि नियमित रूप से साइकिल चलाई जाएं तो इससे बॉडी की पूरी एक्सरसाइज होती है। और टोन्ड और परफेक्ट फिगर पा सकते है। लेकिन साइकिल चलाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वरना सेहत से जुड़ी अन्य समस्या हो सकती हैं।
कुछ लोगों की आदत होती है, कि वे बार-बार पानी पीते है, ये बिलकुल अच्छी बात है लेकिन साइकिल चलाते समय अधिक मात्रा में पानी नहीं पीना चाहिए। क्योंकि साइकिल चलाते वक्त अधिक मात्रा में पानी पीया जाएं तो इससे मतली की समस्या होने लगती है। वहीं ज्यादा पानी पीने से बार-बार पेशाब आएगी। जिससे पेट में दर्द भी हो सकता है।
इसलिए साइकिल चलाते वक्त पानी न पीएं।

साइकिल चलाना फिट रहने के लिए एक बेस्ट विकल्प है। इसलिए साइकिल चलाते वक्त फास्ट फूड या फिर जंक फूड से दूरी रखना ही बेहतर होता है, क्योंकि अनहेल्दी खाने से शरीर में फेट बढ़ता है। इससे आप सुस्त महसूस करेंगे।
साइकिल चलाने से पहले स्ट्रेचिंग न करें। वैसे आमतौर पर वर्कआउट से पहले स्टेचिंग की सलाह दी जाती है। लेकिन साइकिल चलाने से पहले स्ट्रेचिंग न करें। इससे मांसपेशियां कमजोर हो सकती है और उनमें खिंचाव आ सकता है। यदि आप स्टेचिंग करना चाहते है तो कम से कम
आधे घंटे पहले करें।

कई बार ऐसा होता है कि हम साइकिल राइड को मजेदार बनाने के लिए स्टंट करना शुरू कर देते हैं। इससे एक्सीडेंट होने की संभावना अधिक रहती है।

 

अब आधार कार्ड की तरह हर भारतीय को मिलेगी यूनिक हेल्थर आईडी, आपके स्वास्थ्य का होगा पूरा ब्योरा

अब आधार कार्ड की तरह हर भारतीय को मिलेगी यूनिक हेल्थर आईडी, आपके स्वास्थ्य का होगा पूरा ब्योरा

नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने देश के हर नागरिक के स्वाडस्य्तन का रिकॉर्ड रखने के लिए शुरू की गई योजना 'नेशनल डिजिटल हेल्थ‍ मिशन' के तहत आधार कार्ड की तरह विशेष डिजिटल हेल्थ् आईडी की सुविधा देने की घोषणा की है. मिशन के तहत अगर कोई भारतीय नागरिक अपनी हेल्थध आईडी बनवाना चाहता है तो उससे किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी. बता दें कि 15 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीएचएम को शुरू करने की घोषणा की थी. योजना के तहत देश में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा एक हेल्थ कार्ड में इकट्ठा किया जाएगा. इससे आसानी से इलाज का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकेगा.

यूनिक हेल्था आईडी में मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
हेल्थ आईडी में आपकी हर बीमारी का रिकॉर्ड रखा जाएगा. साथ ही आपने कितनी बार डॉक्टरों से परामर्श लिया और आपको इलाज के दौरान दी गई दवाइयों का रिकॉर्ड भी इस हेल्थय आईडी में रहेगा. पोर्टेबल होने के कारण यह हेल्थस आईडी मरीजों के साथ ही डॉक्ट रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी. आपके हेल्थ आईडी कार्ड में आधार और मोबाइल नंबर का ब्योहरा भी होगा. हेल्थउ आईडी कार्ड का नंबर भी आधार नंबर की तरह हर व्याक्ति के लिए यूनिक होगा. एनडीएचएम में आपकी हेल्थ आईडी, डिजिटल डॉक्टर, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड, ई-फार्मेसी और टेलीमेडिसिन शामिल होंगे. यही नहीं, राज्यक के लोगों के स्वास्थ्य डाटा के आधार पर सरकारें बेहतर स्वास्थ्य कार्यक्रम भी बना सकेंगे. मिशन के सीईओ इंदु भूषण ने कहा है कि एनडीएचएम कार्यक्रम से बेहतर आर्थिक नतीजे मिलेंगे.
- पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से कहा था कि एनडीएचएम देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाएगा.


- एनडीएचएम के तहत एक लाख से अधिक यूनिक हेल्थर आईडी बनाए गए हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत छह राज्यों में हो चुकी है.

- एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल हेल्थ. मिशन से देश की जीडीपी में बढ़ोतरी होगी. अगले 10 साल के भीतर जीडीपी में 250 अरब डॉलर जुड़ेंगे.

- केंद्र ने भरोसा दिलाया है कि सेफ्टी को ध्यांन में रखते हुए डिजिटल हेल्थढ रिकॉर्ड को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा.

- केंद्र के मुताबिक, योजना से मरीज को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी और डॉक्टरों को सही इलाज करने में मदद मिलेगी.
 

सांस फूलने की समस्या से हैं परेशान? तो जानिए जरूरी बातें

सांस फूलने की समस्या से हैं परेशान? तो जानिए जरूरी बातें

आपने आस-पास, परिवार या रिश्तेदार में किसी न किसी को सांस फूलने की समस्या का सामना करते जरूर देखा होगा। सांस फूलना यानी उसे लेने में दिक्कत होना, ये समस्या नीचे बताए गए कारणों में से किसी वजह से हो सकती है। आइए, जानें –
1 जिन महिलाओं को पीरियड्स में अधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होती हैं व जो लोग खून की कमी से पीड़ित हो, यानी कि जिन्हें अनीमिया की शिकायक हो, तो ये सांस फूलने एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है।

2 अक्सर मोटे लोगों को यह शिकायत करते सुना गया है कि जरा सी सीढ़ी चढ़ने पर उनकी सांस फूलने लगती है। इसलिए मोटापे को कंट्रोल करके भी इस सांस फूलने की परेशानी से बचा जा सकता है।

3 श्वास नली व उस की शाखाओं में सूजन भी सांस फूलने की परेशानी का एक कारण है।
4 फेफड़ों संबंधी किसी तरह की समस्या होने पर भी सांस फूलने की परेशानी हो सकती है। कई बार फेफड़ों की बाहरी ऑक्सीजन सोखने की क्षमता कम हो जाती है और जरा सा चलने पर सांस फूलने लगती है।

5 दिल संबंधित समस्या होना भी सांस फूलने के कारणों में से एक है।

सांस फूलने की परेशानी से बचने के लिए इन बातों को अपनाएं -

1 कोशिश करें कि नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, जिनती कम उम्र में व्यायाम को अपना लेंगे, उतना ही अच्छा होगा।
2 कुछ देर धूप जरूर लें, और धूल-धक्कड़ से दूर रहें।

3 मोटापा किसी भी हालत में न पनपने दें।

4 रोज तकरीबन 350 ग्राम सलाद व 350 ग्राम फलों का सेवन करें। प्रोटीन भरपूर मात्रा में लें। पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन करें. किसी तरह के धूम्रपान व तंबाकू के सेवन से बचें और शराब न पीएं।

नोट : सांस फूलने की परेशानी में अपनी ओर से एहतियात बरतने के अलावा, डॉक्टर से परामर्श करना कतई न भूलें।

 

अपनी इम्यूनिटी को करें बूस्ट, इन 3 तरीकों से खाएं गिलोय

अपनी इम्यूनिटी को करें बूस्ट, इन 3 तरीकों से खाएं गिलोय

Health Tips: कोरोना काल संकट में जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा ध्यान लोगों का केंद्रित है वो है खुद को हेल्दी रखना और अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाना. जिसके चलते मॉडर्न तरीकों से लेकर घरेलु नुस्खों को अपनाने तक लोगों ने अपनी जान झोंक दी है. लेकिन इन सब उपायों के बीच कोरोनावायरस महामारी के दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जिस एक जड़ी बूटी ने सभी का ध्यान खींचा, वो है गिलोय. गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसका आयुर्वेदिक इलाजों में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है और इसे अक्सर अमरता की जड़ कहा जाता है. गिलोय कई बीमारियों को शरीर में विकसित होने से रोकने में भी सक्षम है. काढ़े के अलावा आप गिलोय को कई अन्य तरीकों से भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं और इसका फायदा उठा सकते हैं. तो आइये जानते हैं गिलोय खाने के वो तीन असरदार तरीके.


कब्ज और गैस में बेजोड़ है गिलोय की चटनी
गिलोय पाचन में सुधार करने में सहायक होता है. ये कब्ज़, सूजन, अम्लता और गैस को कम करता है. गिलोय कमज़ोर पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए अमृत सामान है. अगर आपको नियमित रूप से गैस की परेशानी रहती है या आप डायबिटीज के मरीज़ हैं तो आपको गिलोय का सेवन ज़रूरत करना चाहिए. आप गिलोय को खट्टी-मिठी चटनी के रूप में भी खा सकते हैं. इसे बनाने में ज़्यादा मेहनत नहीं लगती है. इसके लिए आप


-3 से 5 टमाटर और गिलोय की 2 पत्तियां लेकर एक साथ पीस लें
-कढ़ाई में हल्का तेल डालें और गर्म होने दें
-गर्म तेल में कढ़ी पत्ता, दालचीनी और राई के कुछ दानें डाल लें
-फिर टमाटर और गिलोय का पिसा हुआ पेस्ट डालें
-हल्का सा लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, गुड़ और नमक डालें
- आखिर में पानी डालकर उबलने दें
-गाढ़ा हो जाने पर गैस बंद कर दें और हो गई तैयार आपकी गिलोय की चटनी


कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में कारगर दही में गिलोय पाउडर
गिलोय विषाक्त पदार्थों को हटाकर रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है. इसके अलावा ये अन्य रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया से भी लड़ता है. यह कमज़ोर लिवर वाले लोगों के लिए भी विशेष रूप से सहायक है और पैंक्रियाज़ से जुड़े रोगों का भी मुकाबला कर सकता है. वहीं ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए गिलोय बहुत ही फायदेमंद है. दरअसल ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना बहुत ज़रूरी है जिसमें गिलोय बेहत ज्कार्गर साबित होती है. आप गिलोय को दोपहर या रात के खाने में दही में मिलाकर भी खा सकते हैं. इसके लिए आप


-एक कटोरी दही में गिलोय के जड़ों को कूट कर मिला लें
-फिर इसमें काला नमक मिला लें और खाने के बाद इस दही का सेवन करें


गिलोय टॉनिक कर देता है तनाव की छुट्टी
गिलोय मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. यह मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है और आपकी स्मृति को बढ़ाता है. साथ ही, ये आपके मन को शांत करता है और अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलकर एक अद्भुत स्वास्थ्य टॉनिक बनाता है. गिलोय का ये टॉनिक अच्छी नींद में सहायक है. इस टॉनिक को बनाना बेहद ही आसान है. इसके लिए आप


-8 से 10 गिलोय के पत्ते, 2 बड़े चम्मच गुलाब जल और 2 टी स्पून शहद लें
-गिलोय के पत्तों को दरदरा पीसकर बारीख पेस्ट बनाएं और इसमें शहद और गुलाब जल मिलाएं
-अब हर दिन सोने से पहले इसका एक चम्मच सेवन करें और गुनगुना पानी पी लें


इस तरह गिलोय का इस्तेमाल करना आपके शरीर को कई बीमारियों से बचाए रखता है. ये तीनों चीजें, न सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि ये आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी हैं. तो अगर आपने गिलोय से बनी इन चीजों को अब तक ट्राय नहीं किया है, तो एक बार इन्हें जरूर ट्राई करें. 

ये 4 डिटॉक्स ड्रिंक्स कर देंगी आपके शरीर से चर्बी को छूमंतर

ये 4 डिटॉक्स ड्रिंक्स कर देंगी आपके शरीर से चर्बी को छूमंतर

वज़न घटाने के लक्ष्य को अपनाए बहुत से लोग रोज़ सुबह उठकर अनेक तरह की एक्टिविटीज़ को अंजाम देते हैं. इतना कुछ करते हैं अपने वज़न को घटाने के लिए लेकिन फिर भी सफलता हाथ नहीं लगती. अक्सर लोगों को ब्लोटिंग, रूखी त्वचा, और अपने अंदर कम ऊर्जा महसूस होती है जो शरीर में विषाक्त पदार्थों के निर्माण का संकेत है. अगर आप भी इसी तरह की परेशानी से गुज़र रहे हैं तो ऐसे में आपको डिटॉक्स ड्रिंक का इस्तेमाल करना चाहिए. तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे डिटॉक्स ड्रिंक के बारे में जिसे आप सुबह उठते ही पी सकते हैं.


वज़न घटाने में सहायक

गुनगुना पानी पीना आपके दिन की शुरुआत करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है. ये सिर्फ आपके शरीर को हाइड्रेट करने में मदद नहीं करता, बल्कि यह सुस्ती को भी खत्म करता है और आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है. इस तरह ये वज़न घटाने का भी एक शानदार तरीका है. वहीं अगर आप अपने गर्म पानी में कुछ चीजों को मिला लें, तो ये टॉनिक में बदल जाएगा, जो आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ाएगा और आपको डिटॉक्स करने में मददगार साबित होगा. तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे डिटॉक्स ड्रिंक के बारे में जिसे आप सुबह उठते ही पी सकते हैं.

शहद का पानी

अगर आपकी स्किन ड्राई है और आप पेट से जुड़ी समस्याओं से भी परेशान हैं तो आपको हर दिन सुबह गर्म पानी में शहद मिलाकर पीना चाहिए. शहद न केवल मिठास और स्वाद की सही मात्रा जोड़ता है, बल्कि यह टीशूज़ के रिक्रिएशन में भी मदद करता है और कुछ ही समय में आपके शरीर को सक्रिय कर देता है. यही कारण है कि कसरत से पहले शहद के साथ गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है. साथ ही, यह एक हाइड्रेटिंग एजेंट भी है, जो आपको चमकती त्वचा प्रदान करती है.


काला नमक का पानी
काला नमक शरीर के लिए कई मायनों में फायदेमंद है. इसमें कुछ ऐसे एंजाइम होते हैं, जो फैट बर्नर की तरह काम करते हैं. काला नमक का पानी आपका पेट साफ कर देता है और आपके मेटाबोलिज्म को भी तेज बना देता है. वहीं अगर आप इस पानी में नींबू का रस मिला दें, तो ये आपके इंसुलिन के स्तर को भी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे आपका ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है. इसका मतलब यह भी है कि आपका भोजन ठीक से पचता है और जारी की गई ऊर्जा शरीर में प्रत्येक कोशिका को वितरित हो जाती है, जिससे फैट का संचय नहीं होता है.


काली मिर्च से बनाएं डिटॉक्स ड्रिंक
काली मिर्च एक रसोई में इस्तेमाल होने वाली बेहद ही सामान्य सी चीज़ है. जब आप इसका सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीर में गर्मी पैदा करता है. यह ऊष्मीय प्रभाव आपके अंगों को जगाता है, और साथ ही, आपके मेटाबोलिज्म को भी बढ़ावा देता है. काली मिर्च विटामिन ए, के, सी और कैल्शियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे खनिजों का भंडार है. अगर आप त्वचा की परेशानियों से पीड़ित हैं तो काली मिर्च आपके लिए फायदेमंद है.


दालचीनी का पानी

ब्लोटिंग सबसे आम मुद्दों में से एक है, जो लगभग हर किसी की परेशानी का कारण बनी हुई है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए दालचीनी पाउडर को गर्म पानी में मिला कर पियें. ये आपके शरीर में सूजन को दूर करने में मदद करेगा. पत्रिका ‘लिपिड्स इन हेल्थ एंड डिजीज’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दालचीनी के 16 सप्ताह के मौखिक सेवन से मेटाबोलिज्म को बढ़ावा मिलता है और ये शरीर के एक्सट्रा फैट को बर्न करने में भी मदद करता है.

इन सब ड्रिंक्स के अलावा अगर आप कुछ करना चाहते हैं, तो ककड़ी, पालक, सेब, जामुन जैसी सब्जियों का रस निकालें और उनमें काला नमक और हींग मिला कर पी लें. यह वज़न घटाने के लिए जादू की तरह काम करता है, और एक ही समय में आपके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है.
 

मुंहासे की वजह से स्किन को न होने दें खराब, गाजर के जूस का ऐसे करें इस्तेमाल

मुंहासे की वजह से स्किन को न होने दें खराब, गाजर के जूस का ऐसे करें इस्तेमाल

चेहरे पर मुंहासे हमें गंभीर रूप से परेशान कर सकते हैं। हमें एहसास भी नहीं होता है और यह धीरे-धीरे हमारे चेहरे को पूरा बर्बाद कर देते हैं। इनकी वजह से कई लोगों के अंदर का कॉन्फिडेंस कम होने लगता है। हम में से बहुत से लोग मुंहासों को छिपाने के लिए मेकअप का सहारा लेते हैं। हालांकि, यह सिर्फ स्थिति को बदतर बनाता है। मेकअप से स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे मुंहासे और ज्यादा फैलने लगते हैं। इससे पहले की बहुत देर हो जाए आपको इसका उपचार करना चाहिए।


आज हम आपको गाजर के जूस से मुंहासों का इलाज करना बताएंगे, जिससे कुछ ही दिनों में आपकी स्किन फिर से चमकदार और बेदाग नजर आने लगेगी। यदि आप सोच रही हैं कि गाजर का रस मुंहासे दूर करने में कैसे मदद करता है और इसका उपयोग कैसे करना है, तो आइए जानते हैं...


मुंहासों के लिए गाजर के रस का फायदा
गाजर का रस विटामिन-ए और सी का एक समृद्ध स्रोत है। विटामिन-ए एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंटहै, जो स्वस्थ त्वचा कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है और आपके चेहरे पर एक प्राकृतिक चमक लाता है। यह आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाता है और त्वचा की उम्र बढऩे की प्रक्रिया को धीमा करता है। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण बात, यह त्वचा को ठीक करने और मुंहासे को साफ करने में मदद करता है। गाजर के रस में मौजूद विटामिन सी त्वचा में कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है। कोलेजन त्वचा की लोच में सुधार करने में मदद करता है, जिससे आपकी त्वचा नरम और चिकनी होती है।


गाजर के रस का मास्क
आप अपनी त्वचा को निखारने और मुहांसों को साफ करने के लिए सीधे अपने चेहरे पर गाजर के रस का उपयोग कर सकती हैं।
चेहरे पर लगाने का तरीका
*आपको 2 बड़े चम्मच ताजे गाजर के रस की आवश्यकता होगी।
*इसे रूई की मददे से अपने साफ चेहरे पर लगाएं।
*जब यह सूख जाए तब चेहरे को धो लें।
*अच्छा रिजल्ट पाने के लिए इसे रोज लगाएं।


गाजर का रस और समुद्री नमक
समुद्री नमक में जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और आपकी त्वचा को साफ रखते हैं। यह त्वचा में तेल के उत्पादन को संतुलित करने में मदद करता है और इस तरह मुंहासे का सफाया करता है।
चेहरे पर लगाने का तरीका
*1 टीस्पून गाजर के रस में 1 टीस्पून समुद्री नमक मिलाएं।
*एक कॉटन पैड के उपयोग से इसे चेहरे पर लगाएं।
*जब यह सूख जाए तब चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।


गाजर का रस और जैतून का तेल
जैतून के तेल में आवश्यक फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो स्किन में जान डालने का काम करते हैं। यह तेल स्किन के पोर्स को बंद किए बिना गहराई से मॉइस्चराइज करता है और त्वचा को पोषण देता है।
चेहरे पर लगाने का तरीका
*2 टेबलस्पून गाजर के रस में 1 टीस्पून जैतून का तेल मिलाकर चेहरे पर लगाएं।
*इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में इसे अच्छी तरह से धो लें।
*ऐसा सप्ताह में दो बार करें।


गाजर का रस और मुल्तानी मिट्टी
ऑयली स्किन वालों को मुंहासों की सबसे ज्यादा समस्या होती है। मुल्तानी मिट्टी चेहरे से अतिरिक्त तेल को सोखने का काम करती है। यह न केवल आपकी त्वचा से तेल और गंदगी को अवशोषित करती है, बल्कि ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और झाइयों को मिटाती है।
चेहरे पर लगाने का तरीका
*गाजर का रस निकालें और इसे कटोरे में इक_ा करें।
*एक चिकना पेस्ट बनाने के लिए इसमें पर्याप्त मुल्तानी मिट्टी मिलाएं।
*पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें।
*गुनगुने पानी का उपयोग करके इसे अच्छी तरह से धो लें।
*बेहतर परिणाम के लिए सप्ताह में एक बार इस उपाय को अपनाएं।
 

क्या आपको पता है ग्रीन-टी पीने का सही समय, नही तो जानिये ताकि आप ले सकें इसका पूरा लाभ

क्या आपको पता है ग्रीन-टी पीने का सही समय, नही तो जानिये ताकि आप ले सकें इसका पूरा लाभ

सिर्फ अपने देश ही नहीं अगर दुनिया के रूटीन पर नजर डालें तो ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत किसी ना किसी गर्म पेय के साथ करते हैं। इनमें भी चाय का नंबर सबसे पहला है। फिर यह चाय अलग-अलग फ्लेवर और कलर में हो सकती है। बदलते वक्त में ग्रीन-टी ज्यादातर लोगों की पसंदीदा मॉर्निंग-टी है। यहां जानें, ग्रीन-टी पीने का सही समय और तरीका...


मार्केट में उपलब्ध ग्रीन-टी के प्रकार
-बाजार में मिलनेवाली ग्रीन-टी कई अलग-अलग पैकिंग्स और फॉर्म्स में मिलती है। आप इन्हें अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से खरीदते हैं। लेकिन इस बारे में कम ही लोग जानते हैं कि ग्रीन-टी की सिर्फ पैकेजिंग अलग-अलग तरह से नहीं होती है। बल्कि ग्रीन-टी भी एक से अधिक प्रकार की होती है।


-पूरी दुनिया में जिस ग्रीन-टी का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है, उसका टेक्निकल नाम सेन्चा है। इसे तैयार करते समय वही सामान्य प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो अपने देश में आसाम और दार्जिलिंग में चाय तैयार करने के लिए अपनाते हैं।
-चाय की पत्तियों को सुखाने के लिए धूप और भाप का उपयोग किया जाता है। जरूरी प्रक्रियाओं के बाद 5 अलग-अलग तरह की पैकेजिंग के साथ इसे मार्केट में उपलब्ध कराया जाता है। इनमें, स्वीटनर ग्रीन-टी, टी-बैग, ग्रीन लीफ, ग्रीन-टी पाउडर और ग्रीन-टी सप्लिमेंट्स के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।


ग्रीन-टी पीने का सही समय

-अगर आपको लगता है कि दिन की शुरुआत ग्रीन-टी के साथ करना लाभकारी होता है तो आप पूरी तरह सही नहीं हैं। आयुर्वेद के अनुसार, ग्रीन-टी आपके लिए सुबह की पहली ड्रिंक या नाश्ते का हिस्सा नहीं होनी चाहिए।

-बल्कि नाश्ता करने के एक घंटे बाद या लंच के कम से कम 1 घंटे बाद आप ग्रीन-टी का सेवन करें। यह आपके शरीर में जमा हुए फैट को तोडऩे का काम करेगी। साथ ही पाचनतंत्र को गति देने का काम भी करेगी।

-अन्य चाय की तरह ग्रीन-टी में भी कैफीन होता है, जो आपके शरीर को ऐक्टिव रखने में सहायता करता है। जब भी एक्सर्साइज करनी हो या वॉक पर जाना हो, उससे आधा घंटा पहले ग्रीन-टी का सेवन करने से आपको अधिक लाभ होगा।

 

हाउस वाइफ बिना एक्सारसाइज किए घटा सकती हैं अपना वजन, अपनाने होंगे ये तरीके

हाउस वाइफ बिना एक्सारसाइज किए घटा सकती हैं अपना वजन, अपनाने होंगे ये तरीके

मोटापा किसी भी आदमी को पसंद नहीं होता. महिलाओं को मोटा होना तो बिल्कुल भी पसंद नहीं होता क्योंकि इससे उनकी खूबसूरती और फिगर दोनों ही खराब होता है. यही कारण है कि महिलाएं वेट कम करने के लिए जिम में जाकर खूब पसीना बहाती हैं. लेकिन पांच महीने से देश में लॉकडाउन है. ऐसे में कोई जिम नहीं खुल रहे हैं. इसके कारण महिलाएं घर से नहीं निकल पाती हैं. घर में रहकर महिलाओं का वजन भी काफी बढ़ गया है. घरेलू काम करने वाली महिलाएं तो इन दिनों घर के काम में ही व्यस्त रहती हैं. घर में उनका वजन बहुत बढ़ गया है. घरेलू काम के चलते उनको एक्सरसाइज का समय नहीं मिलता. ऐसे में आज हम घरेलू महिलाओं को वजन कम करने के कुछ तरीके बता रहे हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं...
ब्रिस्क वॉक
वॉक करने से अच्छी एक्सरसाइज कोई नहीं हो सकती. वॉक करने से पूरी बॉडी की एक्सरसाइज हो जाती है. इसलिए जितनी हो सके वॉक करना चाहिए. वॉक करने के लिए आप एक समय को निर्धारित कर लें. एक निश्चित समय तक आप रोज चहलकदमी करें. इससे आपके शरीर में ऊर्जा आएगी. कुछ दिनों के बाद ही आपको महसूस होगा कि आपकी हेल्थ में बड़ा सुधार हुआ है. इस काम के लिए आपको बहुत संघर्ष नहीं करना पड़ेगा. इसके लिए आपको थोड़ी सी इच्छाशक्ति की आवश्यकता है.
स्किपिंग करें
बचपन में हम घंटों इस एक्टिविटी को करते हैं. आज खुद को फिट रखने के लिए इस एक्टिविटी को अपने रुटीन में शामिल करना चाहिए. हाइस वाइफ को खुद को फिट रखने के लिए इस एक्सरसाइज को करना चाहिए. रोजाना सिर्फ 10 मिनट स्किपिंग करके आप अपना वजन तेजी से कम कर सकती हैं. यह फुल-बॉडी वर्कआउट आपकी हड्डियों और मसल्स को हेल्दी रखने में मदद करता है. इसे आप किसी भी उम्र में कर सकती हैं.
डांस करें
डांस करना लोगों की पसंद होती है. यह एक ऐसा शौक है, जिसके साथ आप खुद को फिट रख सकते हैं और नया गुण भी सीख सकते हैं. साथ ही ऐसा रोजाना कुछ देर करने से आप अपना वजन कम कर सकती हैं. अगर आप म्यूजिक लवर हैं और धुनों पर पैर थिरकाना आपको पसंद है तो यह खुद को फिट रखने के लिए ये सबसे अच्छी एक्सरसाइज है. अगर आपको अकेले डांस करना पसंद नहीं है तो अपने दोस्तों और परिवार के साथ डांस कर सकती हैं.
बिस्तर में योग करें
अगर आप घर के बाहर नहीं जा सकती हैं तो घर में बिस्तर पर ही योग कर सकती हैं. इसके लिए बिस्तर पर खुद को स्ट्रेच करें और योग करें. आप बिस्तर पर थोड़ी सी प्लैंक एक्सरसाइज करने की कोशिश कर सकती हैं. ऐसा करने से गिरने की चिंता भी नहीं होती है. अपने दिन की शुरुआत करने से पहले ये एक्टिविटी सुबह जल्दी की जा सकती है.