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आ गया अब आम का सीजन , गर्मियों में हर रोज खाएं आम,  दूर होगी ये कई सारी समस्याएँ

आ गया अब आम का सीजन , गर्मियों में हर रोज खाएं आम, दूर होगी ये कई सारी समस्याएँ

आम खाने वाले लोगों की देश में कमी नहीं है। लोग गर्मियों का सीजन आते ही लोगों को आम का इंतजार होने लगता है कि कितनी जल्दी पके हुए सुंदर और मीठे आम खाने को मिले, आम का फल स्वाद के साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। आम खाने से शरीर की कई समस्यायें दूर होती है तो गर्मियों में हर किसी को आम का सेवन करना चाहिए। 

आइये यहां जाने आम खाने से होने वाले फायदे :-

कैंसर से बचाव होता है- आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कोलोन कैंसर, ल्यूकेमिया और प्रोस्टेट कैंसर से बचाव में फायदेमंद है इसमें क्यूर्सेटिन, एस्ट्रागालिन और फिसेटिन जैसे ऐसे कई तत्व होते हैं जो कैंसर से बचाव करने में मददगार होते हैं. 

वजन कम होता है- मोटापा कम करने के लिए भी आम एक अच्छा उपाय है आम की गुठली में मौजूद रेशे शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में बहुत फायदेमंद होते हैं आम खाने के बाद भूख कम लगती है, जिससे ओवर ईटिंग का खतरा कम हो जाता है.

स्मरण शक्ति बढ़ती है- जिन लोगों को भूलने की बीमारी हो उन्हें आम का सेवन करना चाहिए इसमें पाया जाने वाला ग्लूटामिन एसिड नामक एक तत्व स्मरण शक्ति को बढ़ाने में उत्प्रेरक की तरह काम करता है. साथ ही इससे रक्त कोशिकाएं भी सक्रिय होती हैं इसीलिए गर्भवती महिलाओं को आम खाने की सलाह दी जाती है.

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है- अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम है तो आम का सेवन करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है.

त्वचा अच्छी होती है- आम के गुदे का पैक लगाने या फिर उसे चेहरे पर मलने से चेहरे पर निखार आता है और विटामिन सी संक्रमण से भी बचाव करता है.

पाचन क्रिया ठीक होती है- आम में ऐसे कई एंजाइम्स होते हैं जो प्रोटीन को तोड़ने का काम करते हैं इससे भोजन जल्दी पच जाता है. साथ ही इसमें उपस्थित साइर्टिक एसिड, टरटैरिक एसिड शरीर के भीतर क्षारीय तत्वों को संतुलित बनाए रखता है.

 

अपने डेली डायट में शामिल करें सलाद, सेहत को होंगे ये जबरदस्त फायदे

अपने डेली डायट में शामिल करें सलाद, सेहत को होंगे ये जबरदस्त फायदे

आमतौर पर हम कभी खाने के साथ सलाद खाते हैं लेकिन रोजाना नहीं खा पाते। कई बार तो हफ्ते गुजर जाते हैं और हम सलाद नहीं खा पाते। लेकिन आप सलाद खाने के फायदे जान जाएंगे तो रोजाना सलाद खाएंगे।


*सलाद में एंजाइम्स होते हैं जो हाजमा ठीक करते हैं। खाने को पकाने से एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं क्योंकि 37 डिग्री पर कोई भी एंजाइम बच नहीं पाते। इसलिए फल और सलाद में ही ये एंजाइम्स बरकरार रहते हैं। ऐसे में हर मील के साथ सलाद जरूर खाएं। कम से कम सप्ताह में तीन बार सलाद जरूर खाएं।


*जैसे आप बॉडी की एक्सरसाइज करते हैं वैसे ही सलाद खाने से मसूड़े और दांतों की एक्सरसाइज होती हैं जिससे ये स्वस्थ रहते हैं। जो लोग बिल्कुल भी सलाद नहीं खाते हैं उनके गम्स बिल्कुल भी मजबूत नहीं होते हैं।


* सलाद में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। जब हम सलाद खाते हैं तो प्राकृतिक रूप से फाइबर खाते हैं जिससे शरीर में फाइबर की कमी नहीं होती।


* पाचन तंत्र के लिए भी सलाद बहुत अच्छा होता है।
-इसके अलावा वजन कम करना हो तो भी सलाद खाना चाहिए। यदि आप काफी समय से हेल्दी डायट प्लान कर रहे हैं तो खाने से पहले सलाद

खाएं इससे आप खुद ही फूड कम खाएंगे।
-जो लोग नॉनवेज खाते हैं उनके लिए सलाद बहुत फायदेमंद हैं। दरअसल, नॉनवेज में बिल्कुल भी फाइबर नहीं होता और साथ ही नॉनवेज से एसिडिटी होती हैं। ऐसे में नॉनवेज डायट को संतुलित करने के लिए भी सलाद खाना चाहिए।
* सलाद में कैल्शियम, मिनरल्स जैसी चीजें भी पाईं जाती हैं जो शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। रोजाना सलाद खाने से आप हेल्दी और फिट रहेंगे।
 

परीक्षाओं को देखते हुए बच्चों की खान-पान सामग्री में करें बदलाव, तरोताजा होगा दिमाग

परीक्षाओं को देखते हुए बच्चों की खान-पान सामग्री में करें बदलाव, तरोताजा होगा दिमाग

परीक्षाओं का समय आ गया है। आज से बोर्ड की परीक्षाएँ शुरू हो चुकी हैं। परीक्षाओं के कारण बच्चों का ध्यान अपने खान पान से हटकर सिर्फ परीक्षा को उत्तीर्ण करने की ओर चला जाता है। बच्चे पढ़ाई में इतने गुम हो जाते हैं कि खाने-पीने का ध्यान ही नहीं रहता, जिसका परिणाम कभी-कभी उन्हें परीक्षा के दौरान ही भुगतना पड़ जाता है। मन लगाकर ज्यादा देर तक पढ़ाई करने के लिए बच्चों के लिए एक अच्छी डाइट बेहद जरूरी है।
आज हम अपने पाठकों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कुछ ऐसे आहार बताने जा रहे हैं जिनको उनकी डाइट में शामिल करने से न सिर्फ उनका दिमाग तेज होगा अपितु वे स्वस्थ रहते हुए अपनी परीक्षा दे सकेंगे।


हैवी नाश्ते से करें शुरूआत
दिन की शुरुआत भारी और स्वस्थ नाश्ते के साथ करें। आप बच्चों के नाश्ते में जई, मुसेली, उपमा, खिचड़ी, इडली और ग्लूकोज को शामिल कर सकते है, ये सभी कम ग्लाइसेमिक का विकल्प हैं।


दें दूध और बादाम, बाहर के खाने से मना
दूध पीना हमेशा से फायदेमंद रहा है। दूध में विटामिन कैल्शियम, मैग्निशियम और पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है। यह सभी पोषक तत्व याद्दाश्त बढ़ाने में मदद करते हैं। तेज मेमोरी के लिए रात में बादाम भिगोकर रखें और रोजाना सुबह बादाम का सेवन करें। आप चाहें तो बादाम के साथ अंजीर भी भिगोकर रख सकते हैं। साथ ही, परीक्षा के दौरान बच्चों को बाहर का खाना खाने ना दें। इससे बच्चों में संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। जितना संभव हो सके बाहर के खाने से बचें। कोशिश करें कि रेस्तरां का खाना ना खाएं।


चाय कॉफी के स्थान पर दें मछली, गाजर
अधिक कैफीन वाली चीजों से बच्चों को दूर रखे। परीक्षा के दौरान बच्चे बहुत ज्यादा कॉफी, चाय और कोला पीना चाहते हैं, लेकिन उन्हें ऐसी चीजें देने से बचें, जिसमें कैफीन हो। उनके खाने में विटामिन को शामिल करें। परीक्षा के तनावपूर्ण समय के दौरान पानी में घुलनशील कुछ विटामिन जैसे विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और सी शरीर के लिए आवश्यक होते है। ये मूल रूप से हमें तनाव से लडऩे में मदद करते हैं। ब्राउन चावल, मेवा, ताजा सब्जियों और फलों का सेवन करें। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ दें। अंडे, मछली, गाजर, कद्दू, हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल विटामिन ए, सी और ई की कमी को पूरा करते हैं, साथ ही, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं और परीक्षा के दौरान बच्चों को बीमार नहीं पडऩे देते।


एक साथ नहीं अपितु थोड़ा-थोड़ा दें
एक साथ खिलाने की बजह आप बच्चों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ-कुछ खाने को दें। उन्हें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक आहार दें, ये उन्हें सतर्क और चुस्त रखेगा। भारी मात्रा में भोजन करने से बच्चों को नींद और सुस्ती आ सकती है। पौष्टिक आहार में ताजे फल, सूखे मेवे, शहद, सूप और सलाद आदि बेहतर विकल्प हैं।


जरूर खिलाएँ मछली
बच्चे की मेमोरी शार्प करने के लिए आप बच्चे को मछली खिलाएं। मछली में मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो स्मृति बढ़ाने में मदद करता है। अगर बच्चा मछली नहीं खाता है तो अलसी के बीज, कद्दू के बीज, तिल के बीज और सोयाबीन दें।
जूस पिलायें
खाने में हाइड्रेटेड के स्त्रोतों को शामिल करें। बच्चों को ताजा फलों के रस, छाछ या नींबू पानी या नींबू का रस और ग्रीन टी दें।


दें प्रोटीन वाली खाद्य सामग्री

प्रोटीन ऊर्जा का एक अच्छा और स्रोत है। इसलिए खाने में प्रोटीन के स्रोत जैसे- अंडा, पोहा, इडली, डोसा, ढोकला आदि शामिल करें। ये रक्त और मस्तिष्क में टाइरोसीन (एमिनो एसिड) को बढ़ाता है, ये तंत्रिका कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। साथ ही, बच्चों को सतर्क और सक्रिय बनाए रखने में भी सहायक है।


जंक फूड और चॉकलेट से बनाएं दूरी
बच्चे को बहुत अधिक चीनी और मीठी चीजे ना दें। चॉकलेट, कुकीज आदि रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते है। ऐसे में पेट खाली सा लगता है और जल्दी-जल्दी भूख लगने लगती है। बच्चे को जंक फूड का भी सेवन नहीं करने दे।
 

सालों तक आपकी किताबें रहेगी नई जैसी, इस तरह रखें उनक ख्याल

सालों तक आपकी किताबें रहेगी नई जैसी, इस तरह रखें उनक ख्याल

कहते हैं कि किताबें इंसानों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं जो कि ज्ञानं का इजाफा करने के साथ ही आपको जिंदगी के कई सबक भी देती हैं। आज के इस डिजिटल समय में किताबें कहीं खोती हुई नजर आ रही हैं। हांलाकि कई लोग आज भी किताबों से ही पढऩा पसंद करते हैं और वह उनके लिए उनकी जमा पूंजी होती हैं। लोग चाहते हैं कि उनकी किताबें सालोंसाल उनके पास रहे क्योंकि इसके हर पन्ने से एक अहसास जुड़ा होता हैं। लेकिन ज्यादा समय तक किताबें पड़ी रहने से उनके पन्ने पीले पडऩे लग जाते हैं या निकलने लगते हैं। ऐसे में आज इस कड़ी में हम आपके लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं जिनकी मदद से आप किताबों का सही रखरखाव कर सकेंगे और सालों तक आपकी किताबें नई जैसी रहेगी। तो

आइये जानते हैं इन टिप्स के बारे में...

गंदे हाथों से ना छुएं किताबें
जब किताबों की केयर की बात होती है तो सबसे पहला नियम है कि आप किताबों की हाइजीन का ख्याल रखें। मसलन, कभी भी गंदे हाथों से किताबों को टच ना करें। खासतौर से, जब आप खाना खा रहे हैं तो किताबों को पढऩे से बचें। ऐसा करने से फूड आइटम ना केवल आपकी किताबों को गंदा करते हैं, बल्कि इससे तेल व पानी भी किताबों पर गिर जाएगा, जिससे आपकी किताबें डैमेज हो जाएगी।अगर आपको खाना खाते समय पढऩा अच्छा लगता है तो ऐसे में हमेशा अपने बगल में एक तौलिया रखें। जब भी आपको किताब के पन्ने पलटने हैं, तो पहले अपने हाथों को तौलिए से साफ कर लें।


बंद अलमारी में रखें
कई लोग अपनी किताबों का भंडार दिखाने के लिए अल्मारी को खोल कर रखते हैं। पर यह बिल्कुल गलत है क्योंकि इससे नमी और गंदगी किताबों को खराब कर देगी। और अगर आपको अपनी किताबे दिखाने का शौक है तो एक कांच का कैबिनेट खरीद लें, जिसमें किताबों का भंडार साफ दिखेगा।


थूक का ना करें इस्तेमाल
कई लोगों को आदत होती है कि पन्ने पलटने के लिए वे बार बार हाथ को अपने जीभ पर ले जाते हैं और फिर पन्ने पलटते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा करने से किताबों पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और अधिक दिनों तक ये नहीं रह पातीं। ऐसे में अगर आपको किताब के पन्ने पलटने हैं तो आप गीले स्पंज का इस्तेमाल लें।


किताबों को ठीक तरह से रखें
किताबों की केयर करने और उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किताबों को सही तरह से रखना भी बेहद आवश्यक है। कई बार हम किताबों को ऐसे ही इधर-उधर रख देते हैं, जिससे उनके कवर आदि फट जाते हैं और किताबें जल्द ही खराब होना शुरू हो जाती हैं। ऐसे में इस समस्या से बचने का आसान उपाय है कि आप अपने घर में किताबों को रखने के लिए एक अलग स्थान बनाएं। इतना ही नहीं, आप किताबों को रखते समय उन्हें उनकी लंबाई और साइज के आधार पर ही स्टोर करे।


नमी से बचाएं

किताबों के जल्द खराब होने की सबसे बड़ी वजह ह्यूमिडिटी भी होती है। अगर आपके कमरे के अंदर बहुत ही आर्द्र वातावरण है तो यह समय के साथ मोल्ड और फफूंदी की वजह बनेगा। जिसके कारण आपकी किताबों के पेज खराब हो जाते हैं और वह डैमेज्ड हो जाते हैं। इतना ही नहीं, उनमें से गंध भी आती है। इसलिए, आप किताबों को हमेशा ऐसी जगह पर रखें, जहां पर एयरफ्लो अच्छा हो। किताबों को रखने के लिए ओपन शेल्फ में रखना सबसे अच्छा माना जाता है।


धूप से बचाएं
अगर आप किताबों डायरेक्ट सनलाइट में रखेंगे, तो इससे सूरज से निकलने वाली यूवी किरणें किताबों के पन्ने को पीला और फीकी बना सकती हैं। आप अपने बुकशेल्फ को खिड़कियों से दूर रखें। आप अपनी पुस्तकों को सीधी धूप से सुरक्षित रखने के लिए विंडो फिल्म या पर्दे लगाने का ऑप्शन भी चुना जा सकता है।


भारी बुकमार्क का न करें इस्तेमाल
बड़े बुकमार्क किताबों की बाइंडिंग और उनके सिलाई को प्रभावित करते हैं। बेहतर होगा कि आप सिल्क या सैटन के रिबन का प्रयोग कर सकते हैं। यही नहीं, पन्नों को फोल्ड करने की आदत से भी बचें।


प्लास्टिक में न करें स्टोर
अगर इन्हें स्टोर करना हो तो आप इन्हें कार्टन या कपड़े में लपेट कर रख सकते हैं। प्लास्टिक में रखने पर इन तक हवा नहीं जा पाती और इनके कवर खराब हो जाते हैं। किताबों के पन्नों को कीड़ों से दूर रखने के लिए आप बुक शेल्फ में नेफथलीन बॉल को जरूर डालें। इससे कीड़ें नहीं आएंगे और किताबें बची रहेंगी।


धूप दिखाएं

अपनी किताबों को कभी भी ज्यादा दिनों तक ढंक कर या एक दम से बन्द कर के नहीं रखना चाहिए। अगर आप अपनी बंद किताबों को 10 साल बाद खोलेगें तो आपको उसमें सिवाए धूल के और कुछ नहीं मिलेगी। किताबों को भी धूप और रौशनी की जरुरत होती है इसलिए अगर आप उन्हें नहीं पढ रहें हैं तो भी उनको बाहर निकाल कर कुछ दिनों के लिए बाहर सूरज की रौशनी में जरूर रखें।

गर्मियों में करें गन्ने के जूस का सेवन, ये फायदे जान आप भी रह जाएंगे हैरान

गर्मियों में करें गन्ने के जूस का सेवन, ये फायदे जान आप भी रह जाएंगे हैरान

गर्मियों का मौसम आते ही ठंडे पेय पदार्थ पीने का मन करता है जिसमे सबसे ज्यादा पसंद किया जाता हैं गन्ने का जूस। गर्मियों की शुरुआत होते ही जगह-जगह गन्ने के जूस की दुकान और ठेले देखने को मिल जाते हैं। चिलचिलाती धूप में गन्ने का जूस किसी अमृत से कम नहीं है। गर्मियों के दिनों में यह सस्ता और बेहद गुणकारी साबित होता हैं। कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, विटामिन ए, बी1, बी2, बी3, बी5, बी6 और विटामिन सी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर गन्ने का रस शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाता हैं जिसके बारे में आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं...


लिवर को डिटॉक्सीफाई करता है
गन्ने का जूस लिवर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ये लिवर को डिटॉक्सीफाई करने का काम करता है। गन्ने के रस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर के विषैले तत्वों को बाहर निकालकर उसे इंफेक्शन से बचाते हैं। पीलिया के रोग में गन्ने के जूस को काफी फायदेमंद माना जाता है।

पाचन तंत्र होता है मजबूत
रोजाना गन्ने का जूस पीने से पाचन शक्ति मजबूत हो जाती है। जिससे खाना पचने में आसानी होती है। गन्ने का जूस मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ाता है जिससे आपका वजन आसानी से कम हो जाता है। गन्ने का रस शरीर के लिए फायदेमंद होता है। बाजार में मिलने वाली अन्य ड्रिंक की तुलना में ये बेहतर होता है।


कैंसर से करता बचाव
आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन गन्ने के रस में ऐसे कई तत्व होते हैं जो शरीर का कैंसर से बचाव करते हैं। प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से लडऩे में गन्ने के रस को काफी कारगर माना जाता है।


दिल की बीमारियों में कारगर
गन्ने का जूस दिल से जुड़ी बीमारियों में भी बहुत फायदेमंद होता है। गन्ने का जूस शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके दिल की कोशिकाओं में फैट को जमने से रोकता है। जिससे दिल की बीमारियों के होने का चांस कम हो जाता है।


ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता
तमाम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गन्ने का रस रोज पीया जाए तो वो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या से बचाव करता है। इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, आयरन और पोटैशियम जैसे तत्व हड्डियों को मजबूती देने का काम करते हैं।


थकान होती है दूर
जैसा कि गर्मी, धूप और उमस से गर्मियों के सीजन में हर किसी को दिक्कत होती है। मौसम की मार पडऩे से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं, गर्मी से बहुत अधिक सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है। इन सभी परेशानियों को कम करता है गन्ने का जूस। ईख या गन्ने का रस पीने से शरीर को इंस्टैंट एनर्जी मिलती है और आप तरोताजा महसूस करते हैं।
यूरिन इंफेक्शन की समस्या से बचाव


महिलाओं को अक्सर जल्दी जल्दी यूरिन इंफेक्शन हो जाता है। ऐसे में अगर वे नियमित तौर पर गन्ने का जूस पीएं तो उन्हें काफी फायदा मिल सकता है। गन्ने का रस शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और यूटीआई इंफेक्शन का रिस्क घटाता है।


डायबिटीज रोगी भी करें सेवन
एक शोध के मुताबिक, अतिरिक्त शुगर और नमक के बिना तैयार किए गए गन्ने के जूस का सेवन शुगर के मरीज भी कर सकते हैं। गन्ने का जूस पीने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर मौजूद होती है। इसके अलावा इसमें ग्लाइसेमिक एसिड मौजूद होता है।

स्किन को ग्लोइंग बनाता है
अगर आपकी स्किन डल हो गई है या समय से पहले झुर्रियों की परेशानी हो रही है तो आपको नियमित तौर पर गन्ने का रस पीना चाहिए। ये एंटी एजिंग साइन्स हटाता है, स्किन को चमकदार बनाता है और मुंहासों जैसी समस्याओं को दूर करता है।
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कब्ज से राहत दिला सकते हैं ये घरेलू नुस्खे, समस्या होने पर जरूर आजमाकर देंखे

कब्ज से राहत दिला सकते हैं ये घरेलू नुस्खे, समस्या होने पर जरूर आजमाकर देंखे

शरीर की पाचन क्रिया के सुचारू रूप से काम न करने की वजह से कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, जो पेट और आंत से जुड़ी कई परेशानियों को जन्म दे सकती हैं। इसके अतिरिक्त, कब्ज की समस्या के कारण शरीर में भी भारीपन महसूस होने लगता है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जो कब्ज की समस्या से जल्द राहत दिलाने में काफी मदद कर सकते हैं।
अगर कब्ज वाले लोग सुबह एक गिलास पानी पीने के बाद टहलते या फिर सूर्य नमस्कार जैसे योगासन का अभ्यास करते हैं तो इससे भी उनको फायदा होगा। इसके अतिरिक्त, कब्ज से राहत पाने के लिए ईसबघोल पाउडर को पानी या दही में मिलाकर खा सकते हैं।
रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
निर्जलीकरण की वजह से व्यक्ति को कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, जब कोई व्यक्ति निर्जलित हो जाता है, तो शरीर पेट सहित पूरे शरीर से पानी खींचना शुरू कर देता है, जिसके कारण कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए रोजाना कम से कम छह से आठ गिलास पानी जरूर पिएं क्योंकि इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा और हाइड्रेट रहने से मल नरम रहता है, जिससे मल त्यागने में कोई परेशानी नहीं होती।
डाइट में शामिल करें फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ
कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी लाभदायक हो सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक हरी सब्जियां, ताजे और मौसमी फल और साबुत अनाज आदि का सेवन किया जा सकता है। इस प्रकार के भोजन को करने से पाचन क्रिया स्वस्थ रहती है और अगर पाचन क्रिया सही रहेगी तो कब्ज जैसी पाचन संबंधित समस्याएं नहीं होगी।
तेल मालिश आएगी काम
आप चाहें तो कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए मालिश भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले बेड या फिर जमीन पर पीठ के बल लेंटे, फिर अपनी हथेलियों पर थोड़ा सा तेल लेकर पेट की क्लॉक वाइज मालिश करें। ध्यान रखें कि मालिश हल्के हाथों से करनी है। कब्ज होने पर दिन में दो बार इस उपाय को अपनाएं और मालिश के बाद गर्म पानी या हर्बल टी पिएं।
एक्सरसाइज और योगासनों का अभ्यास करें
कुछ एक्सरसाइज और योगासनों का अभ्यास भी कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। एक्सरसाइज की बात करें तो रिलेक्सिंग टेक्निक, स्ट्रैचिंग एक्सरसाइज और स्ट्रेटनिंग पेल्विक फ्लोर मसल एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करना फायदेमंद है। वहीं, योगासनों के तौर पर सूर्य नमस्कार, उत्तानपादासन, मंडूकासन, मत्स्यासन, सुप्त वज्रासन, चक्रासन, धनुरासन, मकरासन, नौकासन और मत्स्य क्रीड़ासन आदि का अभ्यास करने से यह समस्या दूर हो सकती है।

 

आम खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान, निकलेगा मीठा

आम खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान, निकलेगा मीठा

गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम आने भी शरू हो जाते हैं। हालांकि, बाजार में लगभग 12 किस्म के आम मौजूद होते हैं। इसलिए लोगों के लिए सही आम का चयन करना मुश्किल हो जाता है और वे बिना सोचे-समझे इसे खरीद लेते हैं। ऐसा करने पर कई बार आम अंदर से कच्चा और बेस्वाद निकल आता है। अगर आप पका और मीठा आम खरीदना चाहते हैं तो इन टिप्स को फॉलो करें।


आम को छूकर देंखे
जब भी आप आम खरीदने जाए तो एक बार उन्हें छूकर देंखे। इससे आपको इस बात का अंदाजा हो जाएगा कि आम कच्चा है या पका। अगर छूने पर आम सख्त पाया जाए तो उसे नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि वह कच्चा और खट्टा निकल सकता है। वहीं, जो आम छूने में थोड़ा सॉफ्ट लगे, उसे खरीद लें क्योंकि ऐसे आम पके निकलते हैं और वह मीठे होते हैं।


आम की महक पर ध्यान देना भी है जरूरी
जब भी आप आम खरीदने जाए तो इसकी खुशबू पर खास ध्यान दें। दरअसल, बाजार में कुछ ऐसे आम भी आते हैं, जिनमें आर्टिफिशियल महक शामिल होती है और इनके सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप ऐसे आमों को खरीदने से बचें। वहीं, हल्की महक वाले आम को भी न खरीदें। आपको ऐसा आम खरीदना चाहिए, जिसमें से तेज मिठास की खुशबू आ रही हो।


इस तरह के आम खरीदने से बचें

अगर किसी आम से पानी रिस रहा हो तो उसे न खरीदें क्योंकि ऐसे आम खुद तो जल्दी सड़ जाते हैं और अन्य आम को भी खराब कर देते हैं। अगर आम में काले दाग-धब्बे हों या फिर छेद हो तो भी उन्हें खरीदने से बचें। वहीं, अगर आम आकार में अधिक बड़े हो तो इन्हें भी न खरीदें क्योंकि ऐसे आम आर्टीफीशियल फार्मिंग से तैयार किए जाते हैं। इनमें न तो स्वाद होता है और न ही स्वास्थ्यवर्धक।


आम को ऐसे करें स्टोर
अगर आप कच्चे आम को स्टोर करना चाहते हैं तो इसके लिए सभी कच्चे आमों को ऐसी टोकरी में रखें जिससे हवा आर-पार हो सके क्योंकि ऑक्सीजन ब्लॉक होने पर आम जल्दी खराब हो जाते हैं। वहीं, पके आम को फ्रिज में स्टोर करके रखें। हालांकि अगर आपके फ्रिज में टोकरी नहीं है तो आप इन्हें पेपर बैग में डालकर फ्रिज में रख सकते हैं। इससे ये कम से कम छह दिनों तक सही रहेंगे।

गर्मियों में हो जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, बचने के लिए करें इन 7 चीजों का सेवन

गर्मियों में हो जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, बचने के लिए करें इन 7 चीजों का सेवन

गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। यह तब होता है जब हमारा शरीर तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखने में असमर्थ होता है। इसके कारण ना सिर्फ किडनी, गुर्दे व शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचता है बल्कि यह चक्कर आना, कमजोरी का कारण भी बन सकता है। वैसे तो डिहाइड्रेशन से बचने के लिए हर किसी को रोजाना 3 लीटर पानी पीना चाहिए लेकिन आप डाइट में कुछ फूड्स लेकर भी बॉडी को हाइड्रेट कर सकते हैं। इन फूड्स से करें बॉडी को हाइड्रेट...

केला : - केले का सेवन दिन में एक या दो बार किया जा सकता है क्योंकि ये निर्जलीकरण के दौरान खोए हुए पोटेशियम को वापस पाने में मदद करता है।

छाछ :- 1 कप छाछ में सोंठ मिलाकर दिन में कम से कम 3 से 4 बार इसका सेवन करें। इससे ना सिर्फ बॉडी हाइड्रेट रहेगी बल्कि आप बीमारियों से भी बचे रहेंगे।

नारियल पानी :- दिन में 1 नारियल पानी का सेवन भी बॉडी को हाइड्रेट करता है। वहीं, इसमें सोडियम और पोटैशियम होता है, जो आपको सेहतमंद रखने में फायदेमंद है।

दही :- दही डिहाइड्रेशन के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है। दिन में एक बार इसका सेवन शरीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

फल और सब्जियां :-  बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए अपनी डाइट में पानी से भरपूर फूड्स शामिल करें। इसके लिए आप संतरा, पालक, सलाद पत्ता, पपीता, खीरा खा सकते हैं।

तरबूज :- गर्मियों में खाए जाने वाले तरबूज में 99त्न पानी होता है। आप इसका जूस निकालकर पी सकते हैं। इसके अलावा तरबूज की स्मूदी, फ्रूट सलाद भी गर्मियों के लिए परफेक्ट ऑप्शन है।

आइसबर्ग लेट्यूस : - इसमें 95 प्रतिशत पानी होता है और गर्मियों के सलाद के लिए एक अच्छा हाइड्रेटिंग बेस होता है। इसमें फाइबर, विटामिन के और फोलेट भी भरपूर मात्रा में होता है।

 

स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है हर रोज व्यायाम करना, आप भी जानिए...

स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है हर रोज व्यायाम करना, आप भी जानिए...

हम सभी जानते हैं कि व्यायाम के बहुत सारे लाभ हैं, जिन्हें किसी के समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है। यह याददाश्त में सुधार करता है, बीमारियों से बचाता है और तनाव को कम करता है। वास्तव में, विशेषज्ञों के अनुसार, यह कई प्रकार की बीमारियों का मूल समाधान है। हालांकि लोग अच्छी शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए व्यायाम के लाभों से परिचित हैं, लेकिन कई लोग यौन स्वास्थ्य के लिए इसके महत्व से अवगत हैं।


शरीर के वजन को प्रबंधित करने के अलावा, व्यायाम स्वस्थ रक्त प्रवाह को बनाए रखता है, भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करता है, और नियमित व्यायाम यौन-बढ़ाने वाले मानसिक और शारीरिक लाभों की एक श्रृंखला प्रदान करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक नए अध्ययन से पता चला है कि 43त्न महिलाओं और 31त्न पुरुषों को मोटापे और व्यायाम की कमी के कारण यौन रोग का सामना करना पड़ा।
इसलिए, नियमित व्यायाम में योगदान देकर कई सकारात्मक सेक्स संबंधी लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। तो, यहां कुछ पहलू दिए गए हैं जिनमें दैनिक व्यायाम आपके यौन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।


रक्त परिसंचरण को बढ़ावा दें :
व्यायाम के दौरान दिल की धड़कन तेज हो जाती है और पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर हो जाता है। यह आपको रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल आदि को कम करने में मदद करता है। नतीजतन, यौन अंगों में स्वस्थ रक्त प्रवाह द्वारा एक व्यक्ति के यौन स्वास्थ्य में सुधार होता है, जो संभोग यौन अनुभव को बढ़ाता है।


शरीर की छवि में सुधार :
यौन रूप से सक्रिय होना अक्सर एक सकारात्मक शरीर की छवि को निर्देशित कर सकता है जो एक महान कारक हो सकता है क्योंकि कथित आकर्षण की भावनाएं यौन संतुष्टि से संबंधित होती हैं। व्यायाम करने से आप अपने वांछित शरीर के आकार में होंगे, जिसके परिणामस्वरूप आप और आपके साथी में एक मजबूत सेक्स ड्राइव होगी।


तनाव को कम करें
:
हम जानते हैं कि शारीरिक गतिविधि एंडोर्फिन का उत्पादन करती है जिसे हैप्पी हार्मोन भी कहा जाता है। ये दर्द को रोकने और आनंद को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए, यदि आप अधिक खुश हैं, तो यह आपकी सेक्स ड्राइव को प्रभावित करेगा। संक्षेप में कहें तो तनाव से निपटने के दौरान व्यायाम से आपकी सेक्स लाइफ भी बेहतर होगी।


यौन रोग को कम करें :
नियमित रूप से व्यायाम करने से पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन रोग को कम किया जा सकता है। बेहतर हृदय स्वास्थ्य, सहनशक्ति और लंबी उम्र आपको और आपके साथी को अत्यधिक संतुष्टि दे सकती है।
 

इन लोगों को भूल से भी नहीं पीना चाहिए दूध...

इन लोगों को भूल से भी नहीं पीना चाहिए दूध...

दूध पीना सभी को पसंद होता है और यह सेहत के लिए बहुत जरूरी है। जी दरअसल यह कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, डी, ई आदि पोषक तत्वों से भरपूर होता है, और यह हड्डियों, दांतों को मजबूत बनाने का काम करता है। कहते हैं बच्चों से लेकर बजुर्गों तक को प्रतिदिन एक गिलास दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। हालाँकि आयुर्वेद के अनुसार, कुछ शारीरिक समस्याएं होने पर दूध पीना सही नहीं माना गया है। अब आज हम आपको उन्ही के बारे में बताने जा रहे हैं।


किन लोगों को दूध नहीं पीना चाहिए-जी दरअसल सार्थक आयुर्वेदालय एवं पंचकर्मा केंद्र (मथुरा) के पंचकर्मा विशेषज्ञ और आयुर्वेदाचार्य डॉ। अंकुर अग्रवाल कहते हैं कि जिन लोगों को कफ वाली खांसी, सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधित समस्या, खुजली, वजन बढ़ रहा हो, नाक, कान और गले में खुजली की समस्या से परेशान हों, ऐसे लोगों को दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। जी दरअसल इन समस्याओं से ग्रस्त लोग सिर्फ गर्मी में रात में सोते समय दूध पी सकते हैं बाकी मौसम में रात के समय दूध से परहेज करना चाहिए। वहीं अगर आपको सूखी खांसी हो, तो आप दूध पी सकते हैं, लेकिन खांसने पर बलगम आए तो दूध नहीं पीना चाहिए। वहीं देर रात भोजन करना और सोने से पहले दूध पी लेना सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे शिरो गत रोग हो सकता है।


दूध पीने का सही समय क्या है-खाना खाते ही कुछ देर बाद बिना भूख लगे ही दूध पीने से बचें, क्योंकि इससे दूध सही से नहीं पचेगा। इसके अलावा कभी भी भोजन करने के साथ-साथ दूध नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
 

COVID19 : कोरोना का कहर , इस देश में एक ही दिन में मिले कोरोना के रिकॉर्ड मरीज, लगाई गई पाबंदियां

COVID19 : कोरोना का कहर , इस देश में एक ही दिन में मिले कोरोना के रिकॉर्ड मरीज, लगाई गई पाबंदियां

नई दिल्ली : दुनिया के कई देशों में कोरोना के कई मामले सामने आ रहे है। देश के कई वैज्ञानिक कोरोना की चौथी लहर को लेकर अनुमान लगा रहे है। चीन में कोरोना फिर से अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। चीन के कई इलाकों में लोकडाउन लगा दिया गया है। इस बीच अब खबर आ रही है कि न्यूजीलैंड में कोरोना का कहर शुरू हो गया है। मंगलवार को कोरोना वायरस के 20,907 नए मामले दर्ज किए। जिसके बाद इसे कोरोना की चौथी लहर माना जा रहा है। 

वहीं एक दिन में वायरस से 15 लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या 199 हो गई है। न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में 4,291 मरीज थे। कैंटरबरी में 3,488 सहित देश के अन्य शहरों में नए केस सामने आए। केस बढ़ने के बाद फिर से अस्पतालों में व्यवस्था गड़बड़ा गई है।

अभी अस्पतालों में 1,016 कोविड -19 मरीज हैं जिनमें आईसीयू या हाई डिपेंडेंसी यूनिट में 25 लोग शामिल हैं। वहीं बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। न्यूजीलैंड की सरकार ने कहा है कि वह 4 अप्रैल से शिक्षण और पुलिस सहित कई क्षेत्रों के लिए वैक्सीन जनादेश को हटा देगी क्योंकि वर्तमान कोविड -19 का प्रकोप अपने चरम पर है।

न्यूजीलैंड की प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा कि केवल वृद्धों की देखभाल और स्वास्थ्य क्षेत्रों और सीमावर्ती श्रमिकों जैसे कमजोर लोगों के साथ काम करने वालों को ही 4 अप्रैल से टीकाकरण की आवश्यकता होगी। 

गर्मी में शरीर के लिए सबसे फायदेमंद फल है खरबूजा, जानिए कैसे

गर्मी में शरीर के लिए सबसे फायदेमंद फल है खरबूजा, जानिए कैसे

गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। जी हाँ और इस मौसम में कई तरह के फल बाजार में मिलते हैं और वह सभी शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। हालाँकि गर्मियों के मौसम में खरबूजा अधिक मात्रा में मिलता है। ऐसे में हर व्यक्ति खरबूजा खाना पसंद करता है। आपको बता दें कि खरबूजे में 95त्न पानी के साथ कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी भी अधिक मात्रा में पाया जाता है। जी हाँ और इसके सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है, और साथ ही हृदय में जलन की परेशानी भी दूर होती है। इसके अलावा भी इसको खाने के कई फायदे हैं जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

 

आइए जानते हैं।
वजन कम करने में- खरबूजा एंटीऑक्सीडेंट का स्त्रोत है और जिन फलों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, वे मोटापा (ओबेसिटी) को कम करने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा खरबूजे में डाइटरी फाइबर भी पाया जाता है जो मोटापा कम करने में मदद करता है।
कैंसर रोकने के लिए- खरबूजे में बड़ी मात्रा में आर्गेनिक पिगमेंट केरोटेन्वाइड पाया जाता है, जो कैंसर से बचाने के साथ ही लंग कैंसर की संभावना को भी कम करता है।
आंखों के लिए- खरबूजे में विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन मिलता है, जो आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे आंखों की रोशनी तेज हो सकती है।
मधुमेह- खरबूजे में ऑक्सीकाइन पाया जाता है, जो रक्त में शुगर के स्तर को संतुलित करने में सहायक हो सकता है। जी हाँ और यह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को भी दूर रखने का काम कर सकता है।
फेफड़े स्वस्थ- खरबूजा बीटा-कैरोटीन से समृद्ध होता है। यह लंग्स कैंसर पर प्रभावी असर दिखा सकता है। इसी के साथ इसके छिलके व गूदा में मौजूद बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को ऑक्सीजन-मुक्त कणों से बचाते हैं और इसी वजह से फेफड़े से संबंधित कैंसर से सुरक्षा मिलती है।
गर्भवती महिलाओं के लिए - गर्भवती महिलाओं के लिए खरबूजे का सेवन फायदेमंद साबित होता है।
दांत दर्द- खरबूजे में विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं और विटामिन दांत दर्द से छुटकारा दिलवाता है।
 

बार-बार लगती है प्यास तो अपनाए ये घरेलू उपाय

बार-बार लगती है प्यास तो अपनाए ये घरेलू उपाय

गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और इस मौसम में बाहरी तापमान के साथ-साथ शरीर के अंदर का तापमान भी अधिक होता है। ऐसे में इस मौसम में शरीर को पानी एवं द्रव्य पदार्थों की आवश्यकता भी ज्यादा होती है, ताकि तापमान में संतुलन बना रहे। हालाँकि इस दौरान बार-बार पानी पीने के बाद भी प्यास नहीं बुझती। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।


* अगर बार-बार पानी पीने के बाद भी प्यास नहीं बुझती तो पानी में शहद मिलाकर कुल्ला करने या लौंग को मुंह में रखकर चूसने से बार-बार लगने वाली प्यास शांत होती है।
* बार-बार प्यास लगने की समस्या है तो जायफल का इस्तेमाल करें। इसके लिए बस जायफल का एक टुकड़ा मुंह में रखकर चूसते रहें। आपको प्यास नहीं लगेगी।
* गाय के दूध से बना दही 125 ग्राम, शक्कर 60 ग्राम, घी 5 ग्राम, शहद 3 ग्राम व काली मिर्च-इलायची चूर्ण 5-5 ग्राम लें। ध्यान रहे दही को अच्छी तरह मलकर उसमें अन्य पदार्थों को मिलाएं और किसी स्टील या कलई वाले बर्तन में रख दें। उसके बाद उसमें से थोड़ा-थोड़ा दही सेवन करते रहे।
* जौ के भुने सत्तू को पानी में घोलकर, उसमें थोड़ा सा घी मिलाकर पतला-पतला पीये लाभ होगा।
* चावल के मांड में शहद मिलाकर पीने से भी बार-बार प्यास लगना या प्यास न बुझने की समस्या खत्म हो जाती है।
* पीपल की छाल को जलाकर पानी में डाल दें और जब यह राख नीचे बैठ जाए, तो उस पानी को छानकर पिएं।
 

शहद को इन चीजों के साथ मिलाकर खाएं, तेजी से कम होगा वजन मिलेंगे कई फायदे

शहद को इन चीजों के साथ मिलाकर खाएं, तेजी से कम होगा वजन मिलेंगे कई फायदे

आजकल लगभग सभी लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं ऐसे में लोग तरह-तरह के तरीके अपना रहे हैं, जिससे जल्दी और कम मेहनत के वजन घट जाए. आज हम आपको एक ऐसा खाद्य पदार्थ बता रहे हैं जिसके इस्तेमाल से आपका वजन तो कम होगा ही साथ ही आपके शरीर को कई तरह के फायदे भी मिलेंगे. आप अपनी डाइट में शहद को जरूर शामिल करें. वजन घटाने के लिए इसे काफी कारगर माना गया है. जो लोग वजन घटाने की शुरुआत करते हैं वो सबसे पहले ग्रीन टी और शहद का सेवन शुरु करते हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि शहद में कई तरह के तत्त्व पाए जाते है, जो शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते है. कई लोगों को मीठा खाने का आदत होती है जिस कारण उनका वजन बढ़ने लगता है. ऐसे में लोग चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करने लगते है. शहद से मिठास भी मिल जाती है और नुकसान भी नहीं करता है. शहद में ऐसे कई से तत्त्व शामिल होते है, जो पेट को भरा-भरा महसूस कराते हैं. ऐसे में वजन घटाने और भूख को कंट्रोल करने के लिए आप शहद का इस्तेमाल कर सकते है. आप शहद को इन चीजों के साथ खाएंगे तो तेजी से आपका वजन कम होने लगेगा.
वजन घटाने के अलावा शहद के अन्य स्वास्थ लाभ
वजन घटाने के अलावा शहद का सेवन करने से इम्युनिटी बढ़ती है. इससे खाने का स्वाद बढ़ जाता है और शहद को सबसे ज्यादा पौष्टिक माना जाता है. शहद में एंटी- बैक्टीरियल और एंटी- इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. शहद न केवल वजन के लिए बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है.
कौन सी चीजों के साथ करें शहद का सेवन
1- शहद और दालचीनी- यदि आप एक कप ग्रीन टी में शहद और दालचीनी डालकर, उसको पीते है तो वह आपके शरीर की मेटाबॉलिज़्म प्रक्रिया को तेज करता है जिससे आपके रास्ते ऊर्जावान बन जाती है और आपको बार-बार भूख नहीं लगती है. इससे आपका पेट भरा-भरा महसूस होता है. शहद और दालचीनी का सेवन करने से वजन तेजी से घटता है.
2- शहद और लहसुन- सुबह सुबह शहद के साथ लहसुन का सेवन करने से शरीर डिटॉक्सीफाई हो जाता है. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है. तो यदि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई है तो आप निश्चित रूप से शहद और लहसुन का सेवन सुबह सुबह उठते से ही करें.
3- शहद और नींबू- सुबह सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में, 1 चम्मच शहद और आधा नींबू का रस मिला दें और उसका सेवन करें. इसका सेवन करने से, शरीर डिटॉक्सीफाई हो जाता है, मेटाबोलिज्म प्रक्रिया भी तेज हो जाती है, पेट भी भरा महसूस होता है और साथ ही सभी अंगों को ये फिर से जीवंत कर देता है. वजन घटाने वालों के लिए नींबू और शहद का सेवन बहुत फायदेमंद होता है.
 

CORONA VACCINATION : सरकार बना रही प्लान , देश में हर वयस्क को लगेगी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज

CORONA VACCINATION : सरकार बना रही प्लान , देश में हर वयस्क को लगेगी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज

नई दिल्ली : कोरोना के नये केसों में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है। दुनिया भर के कई देशों में कोरोना के मामलों सामने आ रहे है। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप समेत कई देशों में कोविड 19 के मरीज मिले है। चीन के कई शहरों में एक बार फिर से केस बढ़ने के चलते लॉकडाउन जैसी स्थिति है।

कोरोना के बढते मामलों को देखते हुये भारत सरकार अलर्ट पर है और इससे निपटने की तैयारियां तेज की जा रही हैं। इसी कड़ी में देश के सभी वयस्कों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाने का भी प्लान बनाया जा रहा है। हालांकि अब तक इस पर फैसला नहीं हो सका है कि यह बूस्टर डोज पहली दो खुराकों की तरह ही फ्री होगी या फिर इसका चार्ज वसूल किया जाएगा। 

आपको बता दे कि  दक्षिण कोरिया में नए केसों का आंकड़ा हर दिन 6 लाख तक पहुंच रहा है। फिलहाल देश में 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही बूस्टर डोज दी जा रही है। इसके अलावा 12 साल से अधिक आयु के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जाने लगी है। कई राज्यों में स्कूलों को खोला जा रहा है।

ऐसे में बच्चों का वैक्सीनेशन भी जरूरी हो चुका था। हालांकि देश में फिलहाल कोरोना के केसों में तेजी से कमी देखने को मिल रही है। सोमवार को बीते एक दिन में कुल 1,549 ही नए केस मिलने का आंकड़ा सामने आया है। इसके अलावा कुल ऐक्टिव केसों की संख्या भी 25 हजार के करीब ही रह गई है।

हालांकि टेंशन इस बात की है कि कानपुर आईआईटी ने अपनी स्टडी में भारत में 22 जून तक चौथी लहर शुरू होने का दावा किया है। अब तक देश में 180 करोड़ से ज्यादा कोरोना टीके लगाए जा चुके हैं। गौरतलब है कि बीचे कुछ महीनों में भारत समेत दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं ने अच्छी रिकवरी की थी।

ऐसे में यदि कोरोना की नई लहर आती है तो फिर हेल्थ के साथ ही मार्केट पर भी इसका असर देखने को मिलेगा और यह घातक स्थिति होगी। हालांकि माना जा रहा है कि अब आने वाली लहर पहले के मुकाबले कमजोर ही होगी। इसकी एक वजह बड़े पैमाने पर लोगों का टीकाकरण होना है। 

क्या आपको है किडनी स्टोन से तकलीफ, तो आइये जानते हैं इसे दूर करने का कारगर तरीका

क्या आपको है किडनी स्टोन से तकलीफ, तो आइये जानते हैं इसे दूर करने का कारगर तरीका

एलोवेरा सेहत की कई समस्याओं को दूर करने में उपयोगी है. वहीं किडनी स्टोन की समस्याओं को दूर करने में एलोवेरा आपके बेहद काम आ सकता है. बता दें कि एलोवेरा जूस के अंदर एंटीमाइक्रोब‍ियल गुण, एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटीसेप्‍ट‍िक आदि गुण पाए जाते हैं. ऐसे में इसके इस्तेमाल से सेहत की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि किडनी की समस्याओं को दूर करने में एलोवेरा का कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं. आयुर्वेद संजीवनी हर्बल क्लिनिक शकरपुर, लक्ष्मी नगर के आयुर्वेदाचार्य डॉ एम मुफिक से जानते हैं आगे

किडनी स्टोन में एलोवेरा कैसे हैं मददगार?
जो लोग रोज दो गिलास एलोवेरा जूस का सेवन करते हैं उनमें म‍िनरल्‍स का क्र‍िस्‍टलाइजेशन कम होने के कारण क‍िडनी स्‍टोन की समस्या से राहत मिल सकती है.

पथरी से राहत पाने के लिए एलोवेरा का कैसे करें इस्तेमाल?
गुनगुने पानी में एलोवेरा मिलाकर सेवन करें. एलोवेरा के पानी का यदि दिन में 2 बार सेवन करते हैं तो इससे किडनी की पथरी की समस्या से राहत मिल सकती है.

आप एलोवेरा के जूस में नींबू के रस को मिलाएं और बने मिश्रण का सेवन करें. ऐसा करने से किडनी स्टोन की समस्या से राहत मिल सकती है.

आप एलोवेरा के जूस में शहद को मिलाएं और बने मिश्रण का सेवन करें. ऐसा करने से किडनी स्टोन की समस्या से राहत मिल सकती है. ये एक बेहतरीन ड्रिंक है.

नोट – किडनी स्टोन होने पर डॉक्टर व्यक्ति को सबसे ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं. वहीं समय-समय पर डॉक्टर को चेकअप करवाते रहें. किडनी स्टोन को दूर करने में कुछ घरेलू उपाय आपके बेहद काम आ सकते हैं. लेकिन इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर करें.

 

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की  just36news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

क्या आपको है ब्लड प्रेशर की समस्या, तो इन फूड्स का करे सेवन, मिलेगा बहुँत फायदा

क्या आपको है ब्लड प्रेशर की समस्या, तो इन फूड्स का करे सेवन, मिलेगा बहुँत फायदा

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या आजकल लोगों के बीच एक आम समस्या बन गई है। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से शरीर को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर हार्ट अटैक, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी परेशानियां भी तेजी से बढ़ती है। बावजूद इसके एक हेल्दी लाइफस्टाइल और फूड हैबिट्स को अपनाकर व्यक्ति अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रख सकता है। आइए जानते हैं ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए डाइट में शामिल करनी चाहिए कौन सी चीजें।

टमाटर-
दिल की सेहत बनाए रखने के लिए टमाटर को फायदेमंद माना जाता है। यूएसडीए के आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम टमाटर में 237 मिलीग्राम पोटेशियम होता है, जो सोडियम के नकारात्मक प्रभावों से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा, उच्च रक्तचाप वाले लोगों को सोडियम का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है, जिसमें टमाटर मदद कर सकता है।

केला-
केला पोटैशियम से भरपूर होता है, जो रक्तचाप को कम करने में मदद करता है। यूएसडीए के अनुसार, केला आपकी दैनिक जरूरतों के लिए 1 प्रतिशत कैल्शियम, 8 प्रतिशत मैग्नीशियम और 12 प्रतिशत पोटैशियम प्रदान करता है।

बीन्स और दाल-
बीन्स और दाल मैग्नीशियम, पोटैशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। अध्ययनों के अनुसार बीन्स और दाल में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाले गुण मौजूद होते हैं।

खट्टे फल-
संतरा, नींबू, अंगूर जैसे खट्टे फल ब्लड प्रेशर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इन फलों में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। जो हृदय रोग के जोखिम को कम करके दिल को स्वस्थ बनाए रखने का काम करते हैं।

कद्दू के बीज-
कद्दू के बीज पोटैशियम, अमीनो एसिड और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। ये रक्त वाहिकाओं को आराम देने और ब्लड प्रेशर को नॉर्मल करने का काम करते हैं। कद्दू के बीज का तेल ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए एक बहुत ही अच्छा उपाय माना जाता है।

तरबूज-
तरबूज फाइबर, लाइकोपीन, विटामिन ए और पोटैशियम से भरपूर ऐसा फल है जो दिल की सेहत बनाए रखने का काम करता है। तरबूज में मौजूद ये सभी पोषक तत्व रक्तचाप को कम करने का काम करते हैं। यह बीटा-कैरोटीन विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध फल है।

फिश-
फिश ओमेगा 3 फैटी एसिड और प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है। ये हृदय को स्वस्थ रखती हैं। फिश में हेल्दी फैट होता है जो ब्लड प्रेशर लेवल को कंट्रोल में रखती है।

 

होली के रंगों से आंखों को बचाएं, 10 सावधानियां

होली के रंगों से आंखों को बचाएं, 10 सावधानियां

  होली के त्योहार में सब मस्त रहते हैं लेकिन इस मस्ती में जहां त्वचा और बालों की देखभाल करने की जरूरत है, तो वहीं आंखों का (holi eye care tips) सबसे ज्यादा ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि आंखें हमारे शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा हैं, अत: इस पर खास ध्यान देने की जरूरत है। इसमें की कई थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत में डाल सकती है।

आप तो यह बिलकुल भी नहीं चाहते होंगे कि इस रंग-बिरंगे त्योहार में 'रंग में भंग' पड़े। तो आइए जानते हैं कुछ जरूरी बातें जिसका ध्यान रखना जरूरी है। यहां जानते हैं कि कैसे आप होली में रंग खेलते समय अपनी कोमल आंखों का ख्याल रख सकते हैं ताकि आपकी आंखों को होली के रंगों से किसी तरह का कोई नुकसान न हो सके-holi ke liye eyes care tips

पढ़ें 10 खास सावधानियां- 

1. होली खेलते समय सन ग्लासेस का जरूर इस्तेमाल करें, क्योंकि ये आपकी आंखों को रंग से बचाए रखने में काफी हद तक मदद करेंगे।

2. सबसे पहले आप इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आप केमिकल रंगों से दूर रहें। ये रंग आपकी त्वचा, आपके बाल और आपकी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाए रखने में ही आपकी समझदारी है।

 

3. अगर आपकी आंखों में रंग चला गया है तो उसे हाथों से बिलकुल भी न मसलें, क्योंकि ऐसा करने से आपकी आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।


4. रंगों में सीसे के कण मौजूद होते है, जो कि आंखों के कोर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं, अत: ऐसे समय जब आंखों में रंग चला गया हो और आंखों में दर्द होता है या पानी आ रहा हो तो तुरंत जांच करवाएं, अन्यथा संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

5. यदि आप किसी को रंग लगा भी रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि किसी से जबरदस्ती न करें, क्योंकि ऐसे में गलती से आंखों में भी कलर जा सकता है।

6. यदि आपकी आंखों में बहुत जलन हो रही है या आपकी आंखें लाल पड़ गई हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, थोड़ी-सी लापरवाही आंखों के लिए भारी पड़ सकती है।

7. होली खेलते समय गुब्बारों का इस्तेमाल नहीं करें। खास कर किसी के आंखों पर रंग से भरा गुब्बारा ना फेंकें।

8. आंखों में रंग जाने पर सबसे पहले अपनी आंखों को साफ पानी से धोएं और बार-बार अपनी आंखों में पानी डालते रहें।

9. अगर गलती से भी आंखों में रंग चला गया है और यदि दिखाई देने में समस्या आ रही हो तो तुरंत ही डॉक्टरी सलाह लें। अपने मन से किसी भी आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से बचें।

10. होली खेलने के बाद अगर आंखों में असहजता लग रही हो तो थोड़ा-सा गुलाब जल एक रुई के फाहे में लेकर आंखों पर पट्‍टी रखें, आराम न होने की स्थिति में तुरंत आंखों का इलाज करवाएं।

कोरोना का एक और नया वेरिएंट: इस देश में सामने आए दो केस, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही ये बात

कोरोना का एक और नया वेरिएंट: इस देश में सामने आए दो केस, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही ये बात

येरुसलम, दुनिया भर में कोरोना की रफ्तार कम हो गई है लेकि इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह बताया कि, उसने कोविड के नए वेरिएंट के 2 मामले दर्ज किए हैं। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वे इसे लेकर चिंतित नहीं हैं।
इसराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले दो यात्रियों के पीसीआर टेस्ट के दौरान कोविड-19 वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो सब-वेरिएंट BA।1 और BA।2 के संयोजन से बने नए वेरिएंट का पता चला है। इस बारे में इजराइल की हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि, यह वेरिएंट दुनियाभर में अभी कहीं नहीं मिला है।
इन दो मामलों में मिला नया वेरिएंट, जो कि दो अलग-अलग स्ट्रेन से मिलकर बना है, इसके हल्के लक्षणों में बुखार, सिर और बदन दर्द प्रमुख है और इसके लिए किसी विशेष मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है।
बता दें कि इससे पहले इजराइल में फ्लोरोना बीमारी का पहला केस मिला था, यह कोविड-19 और इंफ्लूएंजा का मिश्रित संक्रमण था। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी का पहला मामला एक गर्भवती महिला में मिला था। बताया गया था कि इस गर्भवती महिला ने कोरोना वैक्सीन नहीं ली थी।
इजराइल में महामारी विभाग के मुखिया, सलमान जरका ने कहा कि, इस तरह के वेरिएंट के बारे में हम पहले वाकिफ हैं। आर्मी रेडियो से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, इस स्थिति में हमें ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे कोई गंभीर समस्या नहीं होगी।
 

अच्छी बॉडी बनाने का लालच देकर प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाया, प्राइवेट पार्ट में हो गई ये दिक्कत

अच्छी बॉडी बनाने का लालच देकर प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाया, प्राइवेट पार्ट में हो गई ये दिक्कत

इंदौर :  तंदरुस्त और अच्छा शरीर आज के ज़माने में भला कौन नहीं चाहेगा। अच्छा शरीर पाने के लिये लोग जिम व्यायाम शाला में खूब मेहनत करते है। खासकर आज के युवा अच्छी बॉडी बनाने के लिये कई तरीकों का इस्तेमाल करते है . इसके लिये कई लोग महंगे प्रोटीन और इंजेक्शन लगवाते है. कभी-कभी बॉडी बनाने के लिये इंजेक्शन का प्रयोग करना भारी पड़ जाता है.ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से सामने आया है, यहाँ एक युवक को जिम ट्रेनर ने अच्छी बॉडी बनाने का लालच देकर प्रतिबंधित इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद युवक को प्राइवेट पार्ट में दिक्कत होने लगी।प्रतिबंधित इंजेक्शन लगने के बाद युवक के प्राइवेट पार्ट में संक्रमण हो गया है।

अब युवक ने जिम ट्रेनर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। एजाज के अनुसार, वह अनूप नगर स्थित ‘वन लाइफ फिटनेस जिम’ में एक्सरसाइज करने जाता था। वहां जिम के ट्रेनर सफीक उर्फ सोनू खान तथा रईस खान ने एजाज को वजन बढ़ाने और अच्छी बॉडी बनाने का लालच दियाएजाज ने बताया कि अच्छी बॉडी का लालच देकर जिम ट्रेनर ने उससे ढाई से तीन लाख रुपये लिए और इंजेक्शन लगा दिया। एजाज ने बताया कि ये स्टेरॉइड के इंजेक्शन थे।

इनको लगाने के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन हो गया और उसे काफी तकलीफ होने लगी। एजाज ने बताया कि रविवार को भी सोनू खान ने उनको एक इंजेक्शन लगाया। जब वह दवाई की शीशी बैग में रखने लगा तो उसके बैग से प्रतिबंधित दवाई का पर्चा गिरा। इसे पढ़ने के बाद एजाज को पता चला कि उसे प्रतिबंधित स्टेरॉइड दवाइयों का इंजेक्शन लगाया जा रहा था।


पुलिस ने सोनू खान और रईस खान के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी एजाज को साल 2019 से प्रतिबंधित इंजेक्शन दे रहे थे। उसे सप्ताह में दो से तीन बार इंजेक्शन लगाए जाते थे। फिलहाल, पुलिस ने सोनू खान को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए हैं। अभी उसका भाई रईस खान फरार है।