नई दिल्ली। पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 03225/03226 जयनगर-राजेंद्रनगर स्पेशल ट्रेन और गाड़ी संख्या 03227/03228 सहरसा-राजेंद्रनगर स्पेशल ट्रेन दो अलग-अलग गाडिय़ों के रूप में चलाने का निर्णय लिया है। अभी तक दोनों ट्रेनें जयनगर और सहरसा से चलने के बाद बरौनी स्टेशन पर मिलकर एक हो जाती हैं। वहीं, राजेंद्रनगर से एक गाड़ी बनकर चलती है जो बरौनी में अलग-अलग होकर जयनगर एवं सहरसा के लिए प्रस्थान करती है। रेलवे के मुताबिक 15 अक्टूबर 2021 से इन दोनों रेलगाडिय़ों को दो अलग-अलग ट्रेनों के रूप में चलाया जाएगा।
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मोबाइल बिल, अन्य यूटिलिटी बिल और ओटीटी मंचों के सब्सक्रिप्शन के लिए लगाए जाने वाले ऑटो डेबिट सिस्टम की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2021 तय की गई थी। यानी एक अक्टूबर से देश में ऑटो-डेबिट लेनदेन में बदलाव हो गया है।
इस नियम के तहत अक्तूबर से बैंकों को ऑटो-डेबिट भुगतान की तारीख से पांच दिन पहले ग्राहक को एक नोटिफिकेशन भेजना होगा। भुगतान केवल तभी हो पाएगा, जब ग्राहक मंजूरी देगा। इसके अलावा, अगर भुगतान रकम 5,000 रुपए से ज्यादा है तो बैंक ग्राहक को ओटीपी भी भेजेगा।
आसान भाषा में समझें, तो अक्तूबर से नए ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम लागू होने के बाद बैंक और पेटीएम-फोन पे जैसे ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को किस्त या बिल के पैसे काटने के पहले हर बार ग्राहकों से उनकी अनुमति लेनी होगी। इसकी मंजूरी के बाद ही पैसे काटे जाएंगे। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके मोबाइल नंबर का बैंक में अपडेट होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपके मोबाइल नंबर पर ही ऑटो डेबिट से जुड़ा नोटिफिकेशन एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा।
पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 थी। यानी एक अप्रैल 2021 से इस सिस्टम में बदलाव होना था। बैंक और भुगतान सुविधा प्रदान करने वाले तमाम प्लेटफॉर्म मांग कर रहे थे कि नए व्यवस्था को लागू करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए। केंद्रीय बैंक ने ये तारीख इसलिए बढ़ाई ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी ना हो।
मौजूदा समय में ज्यादातर लोग अपने मोबाइल, पानी का बिल, आदि के बिलों को ऑटो पेमेंट मोड में डाल देते हैं। यानी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म या बैंक ग्राहक से एक बार अनुमति लेने के बाद हर महीने बिना किसी जानकारी के खाते से पैसे काट लेते हैं। इससे फ्रॉड की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बढ़ते फ्रॉड के मद्देनजर यह बदलाव किया जा रहा है।
नए नियम लागू होने से करोड़ों ग्राहक प्रभावित होंगे। हालांकि, यूपीआई के ऑटोपे सिस्टम से ऐसे ऑटो-डेबिट भुगतान पर कोई असर नहीं होगा। बैंकों ने अपने ग्राहकों को इस नए नियम के बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी है। देश के बड़े निजी बैंक एक्सिस बैंक ने अपने ग्राहकों ऑटो डेबिट नियम के बार में सूचित किया है।
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में लगभग स्थिरता रहने के बीच शुक्रवार को डीजल 30 पैसे और पेट्रोल 25 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। कल इन दोनों की कीमतों में इतने की ही वृद्धि की गयी थी। दिल्ली में आज पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.17 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। पिछले चार में से तीन दिन में पेट्रोल 70 पैसे महंगा हो चुका है। डीजल भी आठ दिनों से डीजल 1.55 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
नई दिल्ली। टाटा संस ने घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के लिए बोली जीत ली है। अब टाटा ग्रुप एयर इंडिया का नया मालिक होगा। मंत्रियों के एक पैनल ने एयरलाइन के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आने वाले दिनों में एक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है।
1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से हुई थी शुरुआत
टाटा के साथ सरकार का सौदा पक्का होने से विमानन कंपनी की 70 साल बाद `घर वापसी` होगी। टाटा समूह ने अक्तूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में भारत सरकार ने एयर इंडिया में 49 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद 1953 में भारत सरकार ने एयर कॉर्पोरेशन एक्ट पास किया और फिर टाटा समूह से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली।
कंपनी पर 60,074 करोड़ रुपये का कर्ज
31 मार्च 2019 तक कंपनी पर 60074 करोड़ रुपये का कर्ज था। मार्च 2021 को समाप्त तिमाही में कंपनी के 9500 से 10000 करोड़ रुपये के घाटे में रहने की आशंका है। एयर इंडिया खरीदने वाली कंपनी को 23,286.5 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे। शेष कर्ज को विशेष उद्देश्य के लिए बनाए गए एयर इंडिया एसेट होल्डिंग्स लिमिटेड को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि बाकी का कर्ज खुद सरकार उठाएगी।
मौजूदा समय में एयर इंडिया की 4400 घरेलू उड़ानें
डील के तहत एयर इंडिया का मुंबई में स्थित हेड ऑफिस और दिल्ली का एयरलाइंस हाउस भी शामिल है। मुंबई के ऑफिस का बाजार मूल्य 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मौजूदा समय में एयर इंडिया 4400 घरेलू उड़ानें और विदेशों में 1800 लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट को कंट्रोल करती है।
रिजर्व प्राइस से करीब 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है टाटा की बोली
टाटा ग्रुप की बोली सरकार द्वारा तय किए गए रिजर्व प्राइस से करीब 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। टाटा की बोली स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह द्वारा लगाई गई बोली से लगभग 5,000 करोड़ रुपये अधिक है। आगे रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी सूत्रों ने उन रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है, जिसमें रिजर्व प्राइस को 15,000-20,000 करोड़ रुपये बताया गया है।
2020 में शुरू हुई थी एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया
बता दें कि एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया जनवरी 2020 में ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें लगातार देरी हुई। अप्रैल 2021 में सरकार ने एक बार फिर योग्य कंपनियों से बोली लगाने को कहा। 15 सितंबर बोली लगाने का आखिरी दिन था। साल 2020 में भी टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के अधिग्रहण को लेकर रुचि पत्र दिया था। सरकार ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओएल) के नियमों में ढील दी थी जिसके बाद कर्ज में डूबे एयर इंडिया को खरीदने में कुछ कंपनियों ने रुचि दिखाई। नए नियमों के तहत ही कर्ज के प्रावधानों में नरमी बरती गई ताकि स्वामित्व वाली कंपनी को पूरा कर्ज न वहन करना पड़े।
आजकल मोबाइल बैंकिंग (Net Banking) नेट बैंकिंग की तुलना में अधिक आम हो गई है क्योंकि मोबाइल बैंकिंग बहुत आसान है, और इसके जरिए लोग कभी भी अपने बैंक खाते में लॉग इन कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति एक बार में अपने सभी लेनदेन की जांच कर सकता है। आप एक सिंगल क्लिक से अपने बैंकिंग ऐप में लॉग इन कर सकते हैं। लेकिन इस बात का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। पिछले कुछ समय में एक मोबाइल बैंकिंग से जुड़ा एक बड़ा फ्रॉड सामने आया है जिसको सिम स्वैपिंग फ्रॉड नाम दिया गया है।
सिम स्वैप फ्रॉड क्या है?
सिम स्वैप फ्रॉड सिम कार्ड को बदल देना या उसी नंबर से दूसरा सिम निकलवा लेना है। सिम स्वैपिंग में आपके मोबाइल नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके बाद आपका सिम कार्ड बंद हो जाता है और आपके मोबाइल से नेटवर्क गायब हो जाता है। ऐसे में ठग के पास आपके मोबाइल नंबर से सिम चालू हो जाता है और इसी का फायदा उठाकर वह आपके नंबर पर ओटीपी मंगाता है और फिर आपके खाते से पैसे उड़ा लेता है।
धोखाधड़ी करने वाले कैसे बनाते हैं आपको निशाना?
साइबर अपराधी फिशिंग या मालवेयर के जरिए आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट की डिटेल्स हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे मोबाइल खोने, सिम कार्ड खराब हो जाने का बहाना बनाकर मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को सही ग्राहक की पहचान के साथ संपर्क करते हैं। कस्टमर वेरिफिकेशन के बाद, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर ग्राहकों के पास मौजूद पुराने सिम कार्ड को डिएक्टिवेट कर देता है और अपराधी को नया सिम कार्ड जारी करता है। ग्राहकों के फोन पर नेटवर्क उपलब्ध नहीं होगा। अब ग्राहक को अपने फोन पर कोई एसएमएस, जानकारी जैसे अलर्ट, ओटीपी, यूआरएन आदि नहीं मिलेंगे।
Sim-Swap से बचने के लिए याद रखें ये बातें
सतर्क रहें और अपने मोबाइल फोन की नेटवर्क कनेक्टिविटी के स्टेटस के बारे में जानकारी रखें। अगर आपको पता चलता है कि लंबे समय से आपको कोई कॉल या एसएमएस नोटिफिकेशन नहीं मिल रहे हैं, तो कुछ गलत हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको मोबाइल ऑपरेटर के साथ पूछताछ करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कहीं आप धोखाधड़ी का शिकार तो नहीं हुए हैं। इसके लिए आपको तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करना होगा। अपने फोन पर लगातार अनजान कॉल्स आने की स्थिति में अपने फोन को स्विच ऑफ नहीं करें, केवल उनका जवाब न दें। यह आपको झांसे में फंसाने का तरीका हो सकता है कि आप अपने फोन को बंद या साइलेंट पर रख दें, जिससे आपको यह न पता चले कि आपके फोन की कनेक्टिविटी के साथ छेड़छाड़ की गई है। हमेशा अपने बैंक स्टेटमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री को नियमित तौर पर चेक करें, जिससे आपको कोई गड़बड़ी को पहचानने में मदद मिल सके।
नई-दिल्ली: त्योहारी सीजन के मद्देनजर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक , पंजाब नेशनल बैंक और एचडीएफसी द्वारा होम लोन दिये जा रहे आकर्षक ब्याज दरों के बीच एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने भी 6.66 प्रतिशत ब्याज दर की पेशकश की है।
एलआईसी एचएफएल ने आज ऐलान किया कि त्योहारी सीजन के मद्देनजर दो करोड़ रुपये तक के आवास ऋण पर 6.66 प्रतिशत ब्याज दर की पेशकश की गयी है।
उसने कहा कि इसके साथ ही जिन ग्राहकों का सिबिल 700 से अधिक है उनके लिए भी आकर्षक पेशकश की गयी है। कंपनी की यह पेशकश 30 नवंबर 2021 तक जारी रहेगी।
नई दिल्ली. भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की चमक लौट आई, सोने के भाव में 23 सितंबर 2021 को फिर गिरावट दर्ज की गई है. इससे सोना 45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे पहुंच गया है. वहीं, चांदी के दाम में आज बढ़त देखने को मिली है. पिछले कारोबारी सत्र के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 45,685 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी 59,583 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने और चांदी के दाम में खास बदलाव नहीं हुआ.
गोल्ड की नई कीमतें
दिल्ली सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने के भाव में 294 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 ग्राम शुद्धता वाले सोने का भाव आज 45 हजार रुपये के नीचे पहुंचकर 45,401 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. इससे फिर सोने में निवेश का मौका बना है क्यों कि सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 10,799 रुपये सस्तार मिल रहा है. दरअसल, अगस्त 2020 में गोल्डन ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्च 1 स्तधर छुआ था. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और ये 1,768 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.
चांदी के नए दाम
गोल्ड के उलट आज चांदी की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया. दिल्ली सर्राफा बाजार में बृहस्पेतिवार को चांदी के दाम 26 रुपये की बढ़त के साथ 59,609 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुए. वहीं, अंतरराष्ट्री य बाजार में आज चांदी के दाम में खास बदलाव नहीं हुआ और ये 22.78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
गोल्डं में क्यों आई कमी
एचडीएफसी सिक्योेरिटीज के सीनियर एनालिस्टर (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा कि आज सुबह फॉरेक्सी मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की बढ़त के साथ 73.77 के स्त र पर कारोबार कर रहा था. इससे भारतीय बाजारों में सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस में कमेडिटी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट नवनीत दमानी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयान के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. दरअसल, फेड रिजर्व ने कहा कि सरकार नवंबर 2021 तक हर महीने की जाने वाली बॉन्ड की खरीदारी घटा सकती है. साथ ही कहा कि ब्यावज दरों में उम्मी द से ज्या दा तेजी के साथ बढ़ोतरी हो सकती है.












