नई दिल्ली: टिकटॉक अब दुनिया का सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला सोशल मीडिया ऐप बन गया है. टिकटॉक ने फेसबुक और वॉट्सऐप को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है. यह बात निक्केई एशिया की रिपोर्ट में कही गई है.
निक्केई एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में डाउनलोड्स को लेकर एक ग्लोबल सर्वे में टिकटॉक इस बार सोशल मीडिया प्रोवाइडर्स की लिस्ट में टॉप में पर है. 2018 में पहली बार शुरू हुई इस स्टडी में टिकटॉक पहली बार टॉप पर है. 2020 में दुनिया के टॉप 10 सबसे ज्यादा डाउनलोड किए गए ऐप्स में से सात अमेरिका में स्थित संस्थाओं द्वारा विकसित किए गए हैं.
इनमें से चार (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक मैसेंजर) का स्वामित्व एक ही कंपनी के पास है, जिसे टॉप पांच में स्थान दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में (चीन को छोड़कर), टिकटॉक फेसबुक के बाद दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप है. मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम महामारी के दौरान काफी ज्यादा डाउनलोड किया गया. डाउनलोडिंग के मामले में ऐप 2019 में 15 वें स्थान से एशिया (चीन को छोड़कर) में 2020 में सातवें स्थान पर आ गया, जबकि ये सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ग्लोबल रैंकिंग में एक स्थान ऊपर (7) चला गया.
Likee, एक चीनी ऐप और टिकटॉक के प्रतियोगी जैसे कई शॉर्ट वीडियो ऐप लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं. ऐप शॉर्ट वीडियो बनाता है जो कई कंपनियां मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल करती हैं और ये नए ग्लोबल डाउनलोड लीग में आठवें स्थान पर है. इसी तरह, चीन के कुआइशौ का एक ऐप Snack Video, एशिया-प्रशांत में छठा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया गया.
भारत में बैन है टिकटॉक
भारत में टिकटॉक पर बैन के बावजूद, ऐप की लोकप्रियता इंस्टाग्राम से आगे निकल गई, देश में दूसरा सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म बन गया. इजीटल ट्रेंड्स इंडिया, दिसंबर 2020 की सिमिलरवेब की रिपोर्ट जनवरी में सामने आई थी. भारतीय नागरिकों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, 2020 में भारत सरकार ने 200 से ज्यादा चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर बैन लगा दिया था, इसमें से एक टिकटॉक भी था.
मुंबई: पिछले दो सत्रों में तेज गिरावट के बाद आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में बढ़त आई है। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.4 फीसदी बढ़कर 46065 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें, तो यह 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ 63095 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से 10,135 रुपये नीचे है। सोमवार को सोना और चांदी क्रमश: 700 रुपये और 2250 रुपये सस्ते हुए थे। जबकि शुक्रवार को इनकी कीमत क्रमश: 1000 रुपये और 2000 रुपये नीचे आई थी।
वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना 1,730.47 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 23.43 डॉलर पर सपाट रही। डॉलर इंडेक्स दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब था, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना अधिक महंगा हो गया। कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है ईटीएफ का प्रवाह दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग्स शुक्रवार के 1,025.28 टन के मुकाबले सोमवार को 0.2 फीसदी गिरकर 1,023.54 टन हो गई। स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमत पर आधारित होते हैं। पीली धातु के दाम में आए उतार-चढ़ाव पर ही इसका दाम भी घटता-बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।
निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना सिर्फ पांच दिन के लिए (नौ अगस्त से 13 अगस्त तक) खुली है। इसलिए अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो देर न करें। इसकी बिक्री पर होने वाले लाभ पर आयकर नियमों के तहत छूट के साथ और कई लाभ मिलेंगे। सरकार की ओर से गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए यह वित्त वर्ष 2021-22 की पांचवीं श्रृंखला है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया था कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड मई से लेकर सितंबर के बीच छह किस्तों में जारी किए जाएंगे। योजना के तहत आप 4,790 रुपये प्रति ग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। गोल्ड बॉन्ड की खरीद ऑनलाइन तरीके से की जाती है तो सरकार ऐसे निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता अवधि आठ साल की होती है और इस पर सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलता है।
नई दिल्ली | कीमती धातुओं में वैश्विक बिकवाली को देखते हुए भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। सर्राफा बाजारों में आज सोने-चांदी के भाव औंधेमुंह गिरे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा रेट्स के मुताबिक आज सर्राफा बाजारों में शुक्रवार के मुकाबले 24 कैरेट सोना 1091 रुपये सस्ता खुला, वहीं चांदी 2702 रुपये प्रति किलो के भारी नुकसान के साथ खुली। आज सोना अपने ऑल टाइम हाई से 9698 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। इस दौरान चांदी भी 9300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से टूट चुकी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी इस रेट और आपके शहर के भाव में 500 से 1000 रुपये का अंतर आ सकता है। वहीं, आज एमसीएक्स पर सोना वायदा 1.3त्न या 600 रुपये गिरकर चार महीने के निचले स्तर 46,029 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 1.6त्न या 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 63,983 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। पिछले सत्र में सोने और चांदी में क्रमश: 1,000 और 2,000 रुपये की गिरावट आई थी।
भिलाई: भिलाई इस्पात संयंत्र के वायर रॉड मिल ने शनिवार 7 अगस्त को एसएई-1008 के 2700 टन वायर रॉड कॉइल्स का नेपाल को निर्यात हेतु लोडिंग किया गया। इस वित्तीय वर्ष में अब तक सेल-बीएसपी ने 3 बार में कुल 8100 टन वायर रॉड का निर्यात नेपाल को कर चुका है।
विदित हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र के वायर रॉड मिल में परंपरागत रूप से एसएमएस 1-बीबीएम रूट से प्लेन वायर रॉड और टीएमटी कॉइल की रोलिंग की जाती रही है। एसएमएस 1-बीबीएम रूट के बंद होने के बाद, वायर रॉड मिल ने एसएमएस-3 रूट से प्राप्त कास्ट बिलेट्स से गुणवत्ता वाले एसएई-1008 के प्लेन वायर रॉड्स की चौंथी बार सफलतापूर्वक रोलिंग एवं निर्यात की है।
भिलाई इस्पात संयंत्र के वायर रॉड मिल द्वारा एसएई-1008 के कुल 43 वैगनों की एक और रेक में इस ग्रेड के 2700 टन वायर रॉड को रोल करके नेपाल भेजा जा रहा है। कॉइल्स की एक और अनूठी विशेषता यह है कि प्रत्येक कॉइल को क्यूआर कोड के साथ लेबल किया गया है जिसमें विभिन्न प्रकार की जानकारी होती है जैसे - हीट नंबर, क्वाइल संख्या, रोलिंग की गुणवत्ता, अनुभाग, तिथि और शिफ्ट। ये सभी जानकारी प्रत्येक कॉइल के लिए अलग-अलग होती हैं। इस लेबलिंग के साथ कॉइल के उचित लेबलिंग और मार्किंग की गयी है।
ऐसा करते हुए सेल के मार्केटिंग विभाग सीएमओ की आवश्यकताओं को पूरा किया गया। एसएई-1008 वायर रॉड्स का उपयोग वायर ड्रॉइंग यूनिट्स द्वारा जीआई वायर बनाने के लिए किया जाएगा जिसके माध्यम से पहाड़ो पर होने वाले भू-स्खलन को रोकने हेतु गेबीयन बॉक्स का निर्माण किया जाएगा। आधी सामग्री को आगे के उपयोग के लिए गैल्वेनाइज्ड किया जाएगा।
इससे पूर्व 9 जून, 2021 को पहली बार 2700 टन और 30 जून, 2021 को दूसरी बार 2700 टन वायर रॉड 10 जुलाई, 2021 को तीसरी बार के 2700 टन वायर रॉड कॉइल्स का नेपाल निर्यात किया गया था।
भारतीय बाजार में 15 अगस्त को Ola Electric scooter लॉन्च होने जा रहा है। कंपनी की सीईओ भाविश अग्रवाल एक-एक करके स्कूटर के फीचर्स का खुलासा कर रहे हैं। अब एक ताजा ट्वीट में उन्होंने स्कूटर में मिलने जा रहे एक और खास फीचर का खुलासा किया। दरअसल इस स्कूटर में रिवर्स मोड मिलने जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि स्कूटर को रिवर्स मोड में भी चलाया जा सकेगा।
You can reverse the Ola Scooter at an unbelievable pace, you can also reserve the Ola Scooter at an unbelievable price of 499 now!
— Ola Electric (@OlaElectric) August 7, 2021
See you on 15th August #JoinTheRevolution at https://t.co/5SIc3JyPqm pic.twitter.com/trTJLJBapM
कंपनी ने अपने ट्वीट में एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर को तेजी से पीछे दौड़ते हुए दिखाया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, 'आप ओला स्कूटर को अविश्वसनीय स्पीड पर रिवर्स कर सकते हैं। साथ ही आप ओला स्कूटर को रु. 499 की अविश्वसनीय कीमत पर बुक भी कर सकते हैं!' इस तरह का फीचर सेगमेंट के बाकी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में देखने को नहीं मिलता।
ऐसे होंगे स्कूटर के बाकी फीचर्स
कपनी पहले ही पुष्टि कर चुकी है कि ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में सबसे बड़ा बूट स्पेस, ऐप-आधारित कीलेस एक्सेस और एक सेगमेंट-लीडिंग रेंज मिलने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह स्कूटर फुल चार्ज होकर 150 किमी. तक सफर कर पाएगा और इसकी टॉप स्पीड 100 किमी प्रति घंटे की हो सकती है। स्कूटर महज 18 मिनट में 0 से 50% चार्ज हो जाएगा।
यह इलेक्ट्रिक स्कूटर येलो, पर्पल, ग्रे, और डार्क ब्लू समेत दस कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा। इसमें डुअल प्रोजेक्टर हेडलैंप, स्प्लिट-टाइप रियर ग्रैब हैंडल, लगेज ले जाने के लिए एक हुक, सिंगल-पीस सीट, एक्सटर्नल चार्जिंग पोर्ट, एक काले रंग का फ्लोर मैट और पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे फीचर्स मिलेंगे। स्कूटर को 499 रुपये में बुक किया जा सकता है।
मारुति सुजुकी ऑल्टो देश की सबसे सस्ती कार है। ग्राहकों के पास इस कार को सस्ते में खरीदने का मौका है। मारुति सुजुकी अगस्त महीने में अपनी अलग-अलग गाड़ियों पर डिस्काउंट ऑफर कर रही है, जिसमें Maruti Suzuki Alto भी शामिल है। ग्राहक इस कार पर 40 हजार रुपये तक की बचत कर सकते हैं।
आइए जानते हैं कीमत और ऑफर डिटेल्स
Maruti Suzuki Alto पर अगस्त 2021 ऑफर
मारुति सुजुकी ऑल्टो की कीमत 2.99 लाख रुपये से शुरू होकर 4.70 लाख रुपये (एक्स शोरूम, दिल्ली) तक जाती है। यह पेट्रोल और सीएनजी ऑप्शन में आती है। कंपनी अगस्त में इस कार के पेट्रोल वेरिएंट पर 25 हजार रुपये तक का कैश डिस्काउंट ऑफर कर रही है। जबकि सीएनजी वेरिएंट पर सिर्फ 5 हजार रुपये का कैश डिस्काउंट मिलेगा। फोन पर 15 हजार रुपये तक का एक्सचेंज बोनस भी है। इस तरह ग्राहक कार के पेट्रोल वेरिएंट पर 40 हजार रुपये तक की बचत की जा सकती है।
इंजन और माइलेज
कंपनी ने इसमें 796cc का पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 48 PS की पावर और 69Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। पेट्रोल वेरिएंट 22 किलोमीटर प्रतिलीटर तक का माइलेज देता है। यह फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी ऑप्शन में भी आती है, जिसमें यह 41PS की पावर और 60Nm का पीक टॉर्क देती है। सीएनजी के साथ यह 31 किमी. प्रति किग्रा तक का माइलेज दे देती है।
मारुति ऑल्टो के फीचर्स
मारुति ऑल्टो के टॉप VXi+ वेरिएंट में Android Auto और Apple CarPlay के साथ 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है। इसमें कीलेस एंट्री और फ्रंट पावर विंडो भी दी गई हैं। सेफ्टी के लिए कार में ड्राइवर साइड एयरबैग, रियर पार्किंग सेंसर और ईबीडी के साथ एबीएस जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसका सीधा मुकाबला Renault Kwid और Datsun redi-GO जैसी गाड़ियों के साथ रहता है।
इंदौर: भारतीय सर्राफा बाजार में सोना तथा चांदी में लिवाली सुस्त बताई गई इससे भाव में गिरावट दर्ज की गई।
कारोबारी सूत्रों के अनुसार आज सोना नीचे में 48800 रुपये तथा चांदी 67800 रुपये बिकी। विदेशी बाजार में सोना 1798 डॉलर तथा चांदी 2505 सेन्ट प्रति औंस बिकी। उल्लेखनीय है कि सोना- चांदी के भाव में देर रात तक फेरबदल होता रहता है।
सोना 48950 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी 67900 रुपये प्रति किलोग्राम।
चांदी सिक्का 750 रुपये प्रति नग।
भारतीय बाजार में किआ इंडिया (Kia India) बिक्री के मामले में एक और मुकाम पर पहुंच गई है। कंपनी ने भारत में 3 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री कर डाली। कंपनी का दावा है कि किआ ने सबसे कम समय में 3 लाख कारों की बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। किआ ने दो साल पहले भारत में एंट्री ली थी। पहले एक साल में किआ ने 1 लाख गाड़ियां बेची थीं, जबकि अगले एक साल में इसकी 2 लाख कारों की बिक्री हो गई। इस तरह दो सालों में कंपनी कुल 3 लाख से ज्यादा कार बेच चुकी है।
SUV ने बढ़ाई बिक्री की रफ्तार
किआ ने Seltos SUV के साथ भारतीय बाजार में दस्तक दी थी। यह कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही है। खास बात है कि 3,00,000वीं कार भी किआ सेल्टॉस ही रही। कंपनी की कुल बिक्री में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले इस कार की रही। दूसरे नंबर पर Kia Sonet कॉम्पैक्ट एसयूवी रही, जिसने बिक्री के 32 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा किया। जबकि किआ कार्निवल की अब तक 7,310 यूनिट्स बिक चुकी हैं।
6 महीने में Kia ने बेच डाली 1 लाख गाड़ियां
जुलाई 2021 में आए कार सेल्स रिजल्ट के दौरान कंपनी ने बताया था कि किआ की पिछले 6 महीने में 1 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकी थीं। इसके साथ ही अकेले जुलाई में ही कंपनी ने 15,016 गाड़ियों की बिक्री की है। इस तरह जुलाई 2021 में किआ इंडिया ने 76 फीसदी की सालाना (YoY) ग्रोथ हासिल की। जुलाई में कंपनी की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी Kia Sonet का रहा था, जिसकी कुल 7,675 यूनिट्स बिकी।
आ रही नई MPV
कंपनी अब अपने चौथे प्रोडक्ट पर काम कर रही है, जो एक कॉम्पैक्ट MPV हो सकती है। इसकी लॉन्चिंग साल 2022 की शुरुआत में की जाएगी। Kia KY कोडनेम वाली इस कार का मुकाबला मारुति एर्टिगा, महिंद्रा मराज़ो और हुंडई व एमजी की आने वाली कॉम्पैक्ट एमपीवी के साथ रहेगा। इसमें किआ सेल्टोस से इंस्पायर्ड डिजाइन, फीचर्स और इंजन रहने की संभावना है।
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को कैशलेस और संपर्क रहित भुगतान के साधन के रूप में डिजिटल भुगतान समाधान ई- रुपी का शुभारंभ किया। प्रधान मंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल लेनदेन में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) को और अधिक प्रभावी बनाने में ई-रुपी वाउचर एक बड़ी भूमिका निभायेगा और डिजिटल शासन व्यवस्था को एक नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि ई-रुपी इस बात का प्रतीक है कि भारत, लोगों के जीवन को तकनीक से जोड़कर कैसे आगे बढ़ रहा है। ई-रुपी क्या है और यह कैसे काम करता है?
ई-रुपी मूल रूप से एक डिजिटल वाउचर है जो एक लाभार्थी को उसके फोन पर एसएमएस या क्यूआर कोड के रूप में मिलता है। यह एक प्रीपेड वाउचर है, जिसे वह किसी भी केंद्र पर, जो इसे स्वीकार करता है, जाकर उसका उपयोग कर सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि सरकार अपने कर्मचारी का किसी निर्दिष्ट अस्पताल में विशेष उपचार का खर्च वहन करना चाहती है, तो वह एक भागीदार बैंक के माध्यम से निर्धारित राशि के लिए ई-रुपी का वाउचर जारी कर सकेगी। कर्मचारी को उसके फीचर फोन/स्मार्ट फोन पर एक एसएमएस या एक क्यूआर कोड प्राप्त होगा। वह निर्दिष्ट अस्पताल में जा कर उसकी सेवाओं का लाभ उठायेगा और अपने फोन पर प्राप्त ई-रुपी वाउचर से भुगतान कर सकेगा।
इस प्रकार ई-रुपी एक बार का संपर्क रहित, कैशलेस वाउचर-आधारित भुगतान का तरीका है जो उपयोगकर्ताओं को कार्ड, डिजिटल भुगतान ऐप या इंटरनेट बैंकिंग तक पहुंचे बिना वाउचर भुनाने में मदद करता है।
ई-रुपी को वैसी डिजिटल मुद्रा मानने का भ्रम नहीं होना चाहिए जिसे लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक विचार कर रहा है। इसकी बजाय ई-रुपी एक व्यक्ति विशिष्ट, यहां तक कि उद्देश्य विशिष्ट डिजिटल वाउचर है। ई-रुपी उपभोक्ता के लिए कैसे फायदेमंद है?
ई-रुपी के लिए लाभार्थी के पास बैंक खाता होना आवश्यक नहीं है, जो अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों की तुलना में इसकी एक प्रमुख विशिष्टता है। यह एक आसान, संपर्क रहित भुगतान पाने की दो-चरणीय प्रक्रिया सुनिश्चित करता है जिसमें व्यक्तिगत विवरण साझा करने की भी आवश्यकता नहीं होती है।
एक अन्य लाभ यह भी है कि ई-रुपी बुनियादी फोन पर भी संचालित होता है, इसलिए इसका उपयोग उन लोगों द्वारा भी किया जा सकता है जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है या उन जगहों पर जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर है।
प्रायोजकों को ई-रुपी से क्या लाभ हैं?
प्रत्यक्ष-लाभ हस्तांतरण को मजबूत करने तथा इसे और अधिक पारदर्शी बनाने में ई-रुपी एक प्रमुख भूमिका निभा सकेगा ऐसी आशा है। चूंकि, वाउचर को भौतिक रूप से जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है, इससे लागत की भी कुछ बचत होगी।
सेवा प्रदाताओं को क्या लाभ होंगे?
ई-रुपी प्रीपेड वाउचर होने के नाते सेवा प्रदाता को रीयल टाइम भुगतान का भरोसा देगा।
ई-रुपी किसने विकसित किया है?
भारत में डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की देखरेख करने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए यह वाउचर-आधारित भुगतान प्रणाली ई-रुपी लॉन्च की है।
वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से इसे विकसित किया गया है।
कौन से बैंक ई-रुपी जारी करते हैं?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने ई-रुपी लेनदेन के लिए 11 बैंकों के साथ साझेदारी की है। ये बैंक हैं एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया।
इसे लेने वाले ऐप्स हैं भारत पे, भीम बड़ौदा मर्चेंट पे, पाइन लैब्स, पीएनबी मर्चेंट पे और योनो एसबीआई मर्चेंट पे हैं।
जल्द ही ई-रुपी स्वीकार करने वाले और अधिक बैंकों तथा ऐप्स के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
अभी ई-रुपी का उपयोग कहां किया जा सकता है?
शुरुआत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 1,600 से अधिक अस्पतालों के साथ करार किया है जहां ई-रुपी को भुनाया अर्थात उससे भुगतान किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ई-रुपी का उपयोग का आधार व्यापक होने की उम्मीद है। यहां तक कि निजी क्षेत्र भी इसका उपयोग अपने कर्मचारियों को लाभ देने के लिए कर सकेंगे। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग भी इसे बिजनेस टू बिजनेस लेनदेन के लिए अपना सकेंगे।
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में आज 6 अगस्तत को सोने के भाव में गिरावट का रुख रहा. इससे सोना आज फिर 47 हजार के नीचे पहुंच गया. वहीं, चांदी की कीमत में हल्की बढ़त दर्ज की गई. पिछले कारोबारी सत्र के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 46,853 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी 66,175 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई थी.
सोने की नई कीमत
दिल्ली में शुक्रवार को सोना 283 रुपये की गिरावट के साथ 46,570 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. चांदी भी पिछले कारोबार के 66,175 रुपये प्रति किलोग्राम से 661 रुपये टूटकर 65,514 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,799 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी सपाट 25.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी.
एक्सबपर्ट्स का कहना है कि इस अगस्तट में सोने की कीमतें 48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचेंगी. वहीं, इस साल 60 रुपये के स्तरर को पार करने की उम्मीाद भी की जा रही है. ऐसे में मौजूदा भाव पर खरीदारी करने पर निवेशकों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
सोने की कीमत में क्यों आई कमी
एचडीएफसी सिक्योंरिटीज (HDFC Securities) के सीनियर एनालिस्टक (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के साथ सोने की कीमतों में बिकवाली देखी गई.
रायपुर । छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ काॅमर्स एण्ड़ इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने महिला व्यवसायियों एवं उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण करने के लिये “महिला चेम्बर“ का गठन कर -संरक्षक, अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष पदों पर मनोनयन किया गया है,जो निम्नानुसार हैः-
देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेग्मेंट में इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक नए दिग्गज प्लेयर की एंट्री होने जा रही है। आगामी 15 अगस्त को भारतीय बाजार में देश की सबसे ज्यादा ड्राइविंग रेंज वाली इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी है। बेंगलुरु बेस्ड इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप कंपनी सिंपल एनर्जी अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर 'Simple One' को पेश करेगी।
जानकारी के अनुसार यह मॉडल शुरू में देश के 13 राज्यों में उपलब्ध कराया जाएगा। जिसकी सूची में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली, गोवा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। कंपनी ने चुनिंदा राज्यों के शहरों में एक्सपीरियंस सेंटर्स की लोकेशन पहले ही फाइनल कर ली है। इस स्कूटर को अलग-अलग फेज में भिन्न राज्यों और शहरों में पेश किया जाएगा।
क्या है कंपनी का बुकिंग और प्रोडक्शन प्लान:
पहले चरण में, कंपनी तमिलनाडु के होसुर स्थित अपने संयंत्र में सालाना 10 लाख यूनिट का उत्पादन करेगी। 2 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैले इस प्लांट को साल के अंत तक शुरू किया जा सकता है। कंपनी ने आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट में 350 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई है, जिसका इस्तेमाल नए प्रोडक्ट के साथ ही नेटवर्क विस्तार के लिए भी किया जाएगा। खबर है कि, सिंपल वन इलेक्ट्रिक स्कूटर की आधिकारिक बुकिंग इसके लॉन्च के दिन से शुरू हो जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस स्कूटर में 4.8 किलोवाट की क्षमता का बैटरी पैक का इस्तेमाल कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह स्कूटर सिंगल चार्ज में 240 किलोमीटर तक का ड्राइविंग रेंज प्रदान करेगा। इतना ही नहीं, स्पीड के मामले में भी यह स्कूटर बेहद ही शानदार होगा। यह स्कूटर महज 3.6 सेकेंड में ही 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है, इसकी टॉप स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
ये स्कूटर सामान्य घरेलू चार्जर से महज 40 मिनट में 80% तक चार्ज हो जाती है, वहीं इसे फुल चार्ज होने में तकरीबन 1 घंटे 5 मिनट का समय लगता है। इसके अलावां इसमें फास्ट चार्जिंग सिस्टम भी दिया जा सकता है, जिससे महज 20 मिनट में ही इस स्कूटर की बैटरी 50% तक चार्ज हो जाती है। बता दें कि, इसी दिन यानी कि 15 अगस्त को ही Ola भी अपने पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर को लॉन्च करेगा, एक ही दिन इन दोनों दिग्गजों की टक्कर होने जा रही है। जहां तक कीमत की बात है तो इस स्कूटर को 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये के बीच पेश किया जा सकता है।
नई दिल्ली. आपने कभी न कभी क्रिप्टोकरेंसी के बारे मे सुना होगा आपके मन मे भी इसे लेकर जानने की उत्सुकता होगी आइये जानते है।
क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रहने वाली एक डिजिटल करेंसी है. माइनिंग के जरिए नई करेंसी या टोकन जेनरेट किए जाते हैं. माइनिंग का मतलब उत्कृष्ट कंप्यूटरों पर जटिल गणितीय समीकरणों को हल करने से है. इस प्रक्रिया को माइनिंग कहते हैं और इसी तरह नए क्रिप्टो कॉइन जेनरेट होते हैं. लेकिन जो निवेशक होते हैं, वो पहले से मौजूद कॉइन्स में ही ट्रेडिंग कर सकते हैं. क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव का कोई हिसाब नहीं रहता है. मार्केट अचानक उठता है, अचानक गिरता है, इससे बहुत से लोग लखपति बन चुके हैं, लेकिन बहुतों ने अपना पैसा भी उतनी ही तेजी से डुबोया है।
अगर आपको क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर कुछ कंफ्यूजन है कि आखिर यह कैसे काम करता है, तो आप अकेले नहीं हैं. बहुत से लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि वर्चुअल करेंसी में कैसे निवेश करें. हम इस एक्सप्लेनर में यही एक्सप्लेन करने की कोशिश कर रहे हैं कि आप क्रिप्टोकरेंसी में कैसे निवेश कर सकते हैं, और क्या आपको निवेश करना चाहिए.
क्रिप्टोकरेंसी क्या है?
क्रिप्टोकरेंसी क्या है, ये समझने के लिए समझिए कि यह क्या नहीं है. यह हमारा ट्रेडिशनल, सरकारी करेंसी नहीं है, लेकिन इसे लेकर स्वीकार्यता बढ़ रही है. ट्रेडिशनल करेंसी एक सेंट्रलाइज्ड डिस्टिब्यूशन यानी एक बिंदु से वितरित होने वाले सिस्टम पर काम करती है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नॉलजी, ब्लॉकचेन, के जरिए मेंटेन किया जाता है. इससे इस सिस्टम में काफी पारदर्शिता रहती है, लेकिन एन्क्रिप्शन के चलते एनॉनिमिटी रहती है यानी कि कुछ चीजें गुप्त रहती हैं. क्रिप्टो के समर्थकों का कहना है कि यह वर्चुअल करेंसी निवेशकों को यह ताकत देती है कि आपस में डील करें, न कि ट्रेडिशनल करेंसी की तरह नियमन संस्थाओं के तहत.
क्रिप्टो एक्सचेंज का एक वर्चुअल माध्यम है. इसे प्रॉडक्ट या सर्विस खरीदने के लिए इस्तेमाल में लिया जा सकता है. जो क्रिप्टो ट्रांजैक्शन होते हैं. उन्हें पब्लिक लेज़र यानी बहीखाते में रखा जाता है और क्रिप्टोग्राफी से सिक्योर किया जाता है.
क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग कैसे होती है?
इसके लिए आपको पहले ये जानना होगा कि यह बनता कैसे है. क्रिप्टो जेनरेट करने की प्रक्रिया को माइनिंग कहते हैं. और ये काम बहुत ही उत्कृष्ट कंप्यूटर्स में जटिल क्रिप्टोग्राफिक इक्वेशन्स यानी समीकरणों को हल करके किया जाता है. इसके बदले में यूजर को रिवॉर्ड के रूप में कॉइन मिलती है. इसके बाद इसे उस कॉइन के एक्सचेंज पर बेचा जाता है.
कौन कर सकता है ट्रेडिंग?
ऐसे लोग जो कंप्यूटर या टेक सैवी नहीं हैं, वो कैसे क्रिप्टो निवेश की दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं? ऐसा जरूरी नहीं है कि हर निवेशक क्रिप्टो माइनिंग करता है. अधिकतर निवेशक बाजार में पहले से मौजूद कॉइन्स या टोकन्स में ट्रेडिंग करते हैं. क्रिप्टो इन्वेस्टर बनने के लिए माइनर बनना जरूरी नहीं है. आप असली पैसों से एक्सचेंज पर मौजूद हजारों कॉइन्स और टोकन्स में से कोई भी खरीद सकते हैं. भारत में ऐसे बहुत सारे एक्सचेंज हैं तो कम फीस या कमीशन में ये सुविधा देते हैं. लेकिन यह जानना जरूरी है कि क्रिप्टो में निवेश जोखिम भरा है और मार्केट कभी-कभी जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखता है. इसलिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स निवेशकों से एक ही बार में बाजार में पूरी तरह घुसने की बजाय रिस्क को झेलने की क्षमता रखने की सलाह देते हैं.
यह समझना भी जरूरी है कि सिक्योर इन्वेस्टमेंट, सेफ इन्वेस्टमेंट नहीं होता है. यानी कि आपका निवेश ब्लॉकचेन में तो सुरक्षित रहेगा लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव का असर इसपर होगा ही होगा, इसलिए निवेशकों को पैसा लगाने से पहले जरूरी रिसर्च करना चाहिए.
क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल क्या है?
यह डिजिटल कॉइन उसी तरह का निवेश है, जैसे हम सोने में निवेश करके इसे स्टोर करके रखते हैं. लेकिन अब कुछ कंपनियां भी अपने प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज़ के लिए क्रिप्टो में पेमेंट को समर्थन दे रही हैं. वहीं, कुछ देश तो इसे कानूनी वैधता देने पर विचार कर रहे हैं.
रायपुर, इंडियन ऑयल के नए डीलरशिप साईं बाबा फ्यूल्स का बलौदा बाजार रोड, सेमरिया, रायपुर में आज उद्घाटन हुआ| श्री बालकृष्ण दानी, मुक्तेश दानी, अवधेश दानी व अभिषेक दानी ने बताया कि उनकी इंडियन ऑयल के डीलरशिप की उद्घाटन आज बलौदा बाजार रोड, सेमरिया, रायपुर में IOCL के डिविज़नल हेड श्री अमित कुमार के करकमलों से हुआ .
भारतीय बाजार में कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (SUV) सेग्मेंट तेजी से मशहूर हो रहा है। कम कीमत, बेहतर परफॉर्मेंस और स्पोर्टी लुक के चलते ग्राहक इस सेग्मेंट की गाड़ियों का चुनाव कर रहे हैं। कॉम्पैक्ट सेग्मेंट में हमेशा से मारुति विटारा ब्रेजा का जलवा रहा है लेकिन बीते जुलाई महीने में टाटा मोटर्स की एसयूवी Tata Nexon ने शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है।
बिक्री के मामले में मारुति ब्रेजा के बाद दूसरे पायदान पर टाटा नेक्सॉन ने कब्जा जमाया है। इतना ही नहीं इस एसयूवी ने Hyundai Venue और Kia Sonet जैसे मॉडलों को बिक्री में पछाड़ दिया है। यदि बिक्री के आंकडों पर नज़र डाले तों टाटा मोटर्स ने बीते जुलाई महीने में इस एसयूवी के कुल 10,287 यूनिट्स की बिक्री की है जो कि पिछले साल के जुलाई महीने के 4,327 यूनिट्स के मुकाबले पूरे 138% प्रतिशत ज्यादा है।
ऐसा पहली बार है कि टाटा मोटर्स ने एक महीने में 10,000 से ज्यादा Nexon मॉडलों की बिक्री की है। ये देश की सबसे सुरक्षित एसयूवी है, ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 5 स्टार रेटिंग मिली है। इसके अलावा एडवांस फीचर्स और तकनीक इसे ग्राहकों के बीच खासा लोकप्रिय बनाता है। पहले पोजिशन पर मारुति ब्रेजा के कुल 12,676 यूनिट्स की बिक्री हुई है जो कि पिछले साल के जुलाई महीने में 7,807 यूनिट्स थी।
कैसी ही ये पावरफुल एसयूवी:
Tata Nexon बाजार में कुल दो इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। इसमें 1.2 लीटर की क्षमता का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 120 PS की दमदार पावर और 170 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। वहीं इसके डीजल वर्जन में कंपनी ने 1.5 लीटर की क्षमता का टर्बो डीजल इंजन इस्तेमाल किया है जो कि 110 PS की पावर और 260 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। ये इंजन 6 स्पीड मैनुअल और 6 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। पेट्रोल और डीजल के साथ ही ये कार इलेक्ट्रिक वर्जन में भी उपलब्ध है।
इसमें कंपनी ने कई बेहतरीन फीचर्स दिए हैं जो कि इसे अन्य मॉडलों की तुलना में बेहतर बनाते हैं। इसमें 7 इंच का ट्च स्क्रिन इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया गया है जिसे एप्पल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो से कनेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा डिजिटल LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मल्टी फंक्शनल स्टीयरिंग व्हील, हाइट एड्जेस्टेबल ड्राइवर सीट, पावर एड्जेस्टेबल आउट साइड रियर व्यू मिरर (ORVM's), कॉनर्रिंग फॉग लैंप, इलेक्ट्रिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिलते हैं।
सेफ़्टी के लिहाज से भी ये एसयूवी बेहद खास है, इसमें डुअल फ्रंट एयरबैग, रियर पार्किंग सेंसर, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) के साथ ही ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर्स जैसे फीचर्स को बतौर स्टैंडर्ड दिया गया है। यानी कि ये फीचर्स सभी वेरिएंट्स में मिलते हैं। इसके पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 7.19 लाख रुपये से लेकर 11.89 लाख रुपये के बीच है। वहीं डीजल वेरिएंट की कीमत 9.48 लाख रुपये से लेकर 13.23 लाख रुपये के बीच है। हाल ही में कंपनी ने इसके डार्क एडिशन को भी बाजार में पेश किया है, इसमें उसकी कीमत भी शामिल है।








