रायपुर – कोरबा जिले में करेंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई हैं यह घटना कोरबा वन मंडल अंतर्गत कुदमुरा रेंज के बैगामार जंगल की है जहा किसान अपने फसल को बचाने के लिए बिजली तार लगाया हुआ था जिसमे चपेट में आने से हाथी की मौके पर ही मौत हो गई हैं। जिसकी सुचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लगभग 20 से 25 हाथियों का झुण्ड लगातार विचरण कर रहा हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय तीन दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने PM को 1 नवंबर को रायपुर में होने वाले ‘अमृत रजत महोत्सव’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।
रायपुर। राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र में नाबालिग का पेड़ पर लटका हुआ शव मिला। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है।
जानकारी के मुताबिक, विधानसभा इलाके में स्कूल बिल्डिंग के ठीक पीछे पेड़ पर नाबालिग का रस्सी से लटका हुआ शव मिला है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मृतक पास के गांव का ही है। वहीं पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या प्रतीत होने की बात कही है। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
रायपुर– प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों दिल्ली दौरे पर और आज उनका दिल्ली दौरा का तीसरा दिन है। मिली जानकारी के अनुसार आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के विकास और मिशन 2047 को लेकर चर्चा हो सकती है। सूत्रों की मने तो मंत्रिमण्डल विस्तार को भी लेकर चर्चा हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केंद्रीय मंत्रियो से मुलाकात कर रहे हैं। कल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांड़विया से मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात किया हैं।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) ने राज्य में वितरित की जा रही कुछ दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, दो प्रकार के इंजेक्शन और चार तरह के सर्जिकल ग्लव्स की आपूर्ति एवं उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।

CGMSC ने जिन दवाओं पर रोक लगाई है, उनमें डेक्सट्रोज विद सोडियम क्लोराइड इंजेक्शन और सेफ्ट्रिएक्सों पाउडर फॉर इंजेक्शन शामिल हैं। जांच में पाया गया कि ये दवाएं अमानक (Substandard) पाई गईं, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, अलग-अलग साइज के सर्जिकल ग्लव्स की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया है, जिस कारण उनके उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से राज्यभर के अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। यह निर्णय मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही दोषी आपूर्तिकर्ताओं पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जनता और स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पर चिंता जताते हुए कड़ी निगरानी की मांग की है।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ हुआ है।
इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।
रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए भेजी जाएंगी, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर (आरंग)-बिलासपुर (दर्री) के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर भेजने को कहा, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किमी लंबा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी शीघ्र डीपीआर मांगा गया ह
इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है।
इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
वहीं, इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यो की वित्तीय स्वीकृति को भी शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।
नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा।
रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा
इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।
रायपुर - भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।
मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
सरगुजा। जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, यहां दंतैल हाथी ने 15 घंटे के भीतर 4 लोगों की जान ले ली है। दंतैल के आतंक से सरगुजा का लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र थर्राया हुआ है। यहां रहने वाले ग्रामीण हाथी के आतंक से काफी दहशत में है। बताया जा रहा है कि हाथी की निगरानी में तैनात दल की लापरवाही से ग्रामीणों की जान चली गयी। हाथी के ग्राम चिरगा पहुंचने के बाद भी विभाग की तरफ से ग्रामीणों को अलर्ट नहीं किया। 4 ग्रामीणों की मौत होने के बाद आनन फानन में वन विभाग ने आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को अलर्ट किया गया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ सहित अन्य कई जिले गजराज के आतंक से हर साल थर्राया रहता है। सरगुजा में एक बार फिर दंतैल ने ग्रामीणों को कुलचकर क्षेत्र में दहशत फैला दी है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत चिरगा के बेवरा में दंतैल हाथी ने पिछले 15 घंटे के भीरत 4 लोगों की जान ले ली। पहली घटना बुधवार की शाम लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा अंतर्गत ग्राम बेवरा में घटित हुई। यहां रहने वाला राम कोरवा अपनी बेटी के साथ खेत से रोपा लगाकर वापस घर लौट रहा था। तभी दोनों का सामना हाथी से हो गया। हाथी को देखने के बाद ग्रामीण अपनी बेटी के साथ भागने लगा।
लेकिन हाथी ने दोनों को दौड़ाकर पटकने के बाद कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद ग्राम बकिला में हाथी ने सनमेत बाई नामक महिला को कुचलकर मार दिया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। उसी समय हाथी वहां पहुंच गया। हाथी से बचने के लिए दोनों भागने लगे। तभी हाथी ने दौड़ाकर महिला को कुचल दिया। पति ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। तीसरी घटना लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र से 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन परिक्षेत्र की है। जहां ग्राम देवगढ़ में ग्रामीण मोहर साय सैराम आज सुबह 6 बजे अपने खेत गया था।
खेत में उसका सामना 2 हाथियों से हो गया। मोहर साय मौके से भागन की कोशिश करता, इतने में एक हाथी ने उसे कुचल कर मार दिया। बताया जा रहा है कि लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर सरगुजा की सीमा में प्रवेश कर गया है। हाथी धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा पहुंचा था। 4 ग्रामीणों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीएफओं के निर्देश पर दंतैल हाथी पर वन विभाग की टीम द्वारा नजर रखने के साथ ही आसपास के गांव में अलर्ट जारी किया गया है।
रायपुर। पाठ्य पुस्तक निगम में 15 साल पुराने करोड़ों के मुद्रण घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने वर्ष 2009-10 के दौरान हुए इस घोटाले में निगम के तत्कालीन अधिकारियों और प्रिंटिंग एजेंसियों के खिलाफ 2000 पन्नों का चालान विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश किया है।
जांच में सामने आया है कि क्लास 3 और 4 के लिए एमजीएमएल कार्ड्स की छपाई में निविदा नियमों की अनदेखी कर दो प्राइवेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
प्रबोध एंड कंपनी (रायपुर) को हिंदी और गणित के 8000-8000 कार्ड्स के लिए ₹3.82 करोड़ का भुगतान
छत्तीसगढ़ पैकेजर्स (भिलाई) को पर्यावरण कार्ड्स छपाई के लिए ₹2.04 करोड़ का भुगतान
कुल भुगतान – ₹5.87 करोड़, जबकि वास्तविक देय राशि – केवल ₹1.83 करोड़
₹4.03 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान “डाई कटिंग” जैसे कार्यों की आड़ में किया गया
TDS और सेवा कर काटने के बाद भी ₹3.61 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी
1. सुभाष मिश्रा – तत्कालीन महाप्रबंधक
2. संजय पिल्ले – उप प्रबंधक (मुद्रण तकनीशियन)
3. नंद गुप्ता – मुद्रक, छत्तीसगढ़ पैकेजर्स प्रा. लि.
4. युगबोध अग्रवाल – मुद्रक, प्रबोध एंड कंपनी प्रा. लि.
एक आरोपी पर कार्रवाई बाकी:
जोसफ मिंज (सेवानिवृत्त प्रबंध संचालक) के खिलाफ भी जांच पूरी हो चुकी है, अभियोजन स्वीकृति मिलते ही CrPC की धारा 173(8) के तहत अलग से चालान पेश किया जाएगा।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट से बड़ी अपडेट सामने आई है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने सहायक रजिस्ट्रार के 14 जुलाई 2025 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी।
प्रदेश साहू संघ ने 7 जनवरी 2025 को संघ का चुनाव कराने और बायलॉज में संशोधन का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद 30 अप्रैल 2025 को चार चरणों में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया। लेकिन इसी दौरान किसी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई और रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसाइटीज कार्यालय में शिकायत की।
शिकायत के बाद रजिस्ट्रार ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक समिति गठित की और 35 दिनों के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए। यह आदेश सहायक रजिस्ट्रार द्वारा पारित किया गया था, जिसे प्रदेश साहू संघ ने अधिवक्ता विवेक वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याचिका में क्या कहा गया?
संघ की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सहायक रजिस्ट्रार को समिति गठन या चुनाव की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसाइटीज ने सहायक रजिस्ट्रार को न तो जांच करने और न ही कोई समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। अतः यह आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
कोर्ट का आदेश:
हाईकोर्ट ने मामले में प्रारंभिक सुनवाई के बाद सहायक रजिस्ट्रार के 14 जुलाई 2025 के आदेश पर रोक लगा दी है और आगामी सुनवाई की तारीख 5 अगस्त 2025 तय की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सहायक वन संरक्षक संवर्ग के अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों का ट्रांसफर कर दिया है। इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है जिसके अनुसार 41 सहायक वन संरक्षक संवर्ग के अधिकारियों का तबादला हुआ है। वहीं 67 वनक्षेत्रपालों को भी इधर से उधर कर दिया गया है। अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों को नवीन पदस्थापना भी दे दी गई है।
देखिए पूरी लिस्ट
67 रेंजर्स के तबादले
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं।
माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।
तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके।
विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार की लाश मिली है। लाश सड़ी गली हालत में मिला है। आधी लाश कंकाल बन चुकी है।
मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। सिसरिंगा मंदिर के पास जंगल से एक व्यक्ति की लाश मिली। लाश पूरी तरह सड़ चुकी थी। शव का चेहरा पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गयी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव 5 से 6 दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव की पहचान के लिए परिजनों को बुलाया। शव की पहचान लैलूंगा विधानसभा के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार के रूप में हुई।
दरअसल, लैलूंगा विधानसभा के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार 7 जुलाई से लापता थे। जयपाल सिंह सिदार (43 साल) ग्राम कटकलिया के रहने वाले थे। वे पाखर गांव में ग्राम सचिव थे। 7 जुलाई की सुबह जयपाल सिंह सिदार अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए अपनी स्वीफ्ट डिजायर कार से निकले थे। लेकिन उसके बाद वो घर ही नहीं लौटे। उन्हें ढूंढने की काफी कोशिश की गयी थी लेकिन कुछ पता नहीं चला था।
8 जुलाई को जयपाल सिंह सिदार के लापता होने शिकायत थाने दी गयी। पुलिस भी जयपाल सिंह सिदार की तलाशी में जुटी हुई थी। परिजनों ने भी जयपाल का सुराग देने वाले को 21,000 इनाम देने की घोषणा की थी। मोबाइल ट्रेस करने उनकी लास्ट लोकेशन जशपुर में मिली थी। हफ्ते भर पहले गेरवानी-लाखा के पास जयपाल सिंह की कार मिली थी। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। वहीँ, अब जयपाल सिंह सिदार की लाश मिली है।
रायपुर। रक्षाबंधन पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के नाम पर रेलवे ने 4 पैसेंजर ट्रेनों को फिर रद्द कर दिया है। पूर्व तटीय रेलवे के संबलपुर स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग का काम चलेगा, जिससे 6 से 15 अगस्त तक 4 ट्रेन कैंसिल रहेगी। रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर्व पर ट्रेनों को रद्द करने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएगी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। पूर्व तटीय रेलवे में संबलपुर मंडल के संबलपुर स्टेशन का यार्ड रिमॉडलिंग के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली कुछ गाड़ियां प्रभावित रहेंगी।
ये गाड़ियां रहेंगी रद्द
6 अगस्त से 14 अगस्त तक बिलासपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 58214 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी।
7 अगस्त से 15 अगस्त तक टिटिलागढ़ से चलने वाली गाड़ी संख्या 58213 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
6 अगस्त से 14 अगस्त तक टिटिलागढ़ से चलने वाली गाड़ी संख्या 58217 टिटलागढ़-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
7 अगस्त से 15 अगस्त तक रायपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 58218 रायपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी।
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि क्रेडा में काम करने वाले ठेकेदारों और वेंडरों ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को उजागर किया है। क्रेडा के ठेकेदारों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी द्वारा हर काम में 3 प्रतिशत कमीशन उगाही का आरोप लगाया है तथा कमीशन नहीं देने पर ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है। क्रेडा के ठेकेदारों का यह आरोप छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के सुशासन की असली तस्वीर है। प्रदेश के हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना मोटे कमीशन के राज्य में कोई कार्य नहीं होता है। डेढ़ साल में भी सरकार और मंत्रियों का भ्रष्टाचार खुलकर सामने आने लगा है। मंत्री केवल कमीशन का हिसाब रखने में ही रूचि रखते है।
तहसीलदार प्रमोशन के लिये चंदा इकट्ठा कर रहे
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा राज में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा हावी हो चुका है कि अब अधिकारी कर्मचारी अपने प्रमोशन के लिये सामूहिक रूप से चंदा इकट्ठा कर रहे है। खबर आई है कि तहसीलदार संघ के लोग कोड वर्ड में नारियल इकट्ठा करने की बात कर रहे। बताते है कि 1 लाख रू. एक अधिकारी से लिया जा रहा ताकि सामूहिक रूप से सभी का प्रमोशन हो, यह भी बताया जा रहा कि मंत्रिमंडल के बैठक के पहले राशि ऊपर तक पहुंचाया जाना है। यह खबर बताती है कि पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है।
प्रदेश में भर्ती घोटाला जोरों पर
बैज ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर भर्ती परीक्षायें आयोजित करने का वादा करने वाली भाजपा के राज में एक भी परीक्षा निष्पक्ष और मानदंडों को पूरा करके नहीं ली जा रही। हाल ही में समग्र शिक्षा विभाग में ठेका कंपनी के माध्यम से भर्ती निकाली गयी। ठेका कंपनी ने तीन दिन में ही पूरी प्रक्रिया पूरी करके 40000 आवेदनों की स्क्रूटनी करके 1300 की भर्ती कर लिया यह कैसे संभव है, साफ है कि इस पूरे मामले में लेनदेन हुआ है। यह नहीं भ्रष्टाचार करने वालों ने बचाव का रास्ता भी पहले से तैयार कर लिया। सभी अभ्यर्थियों से 10 रू. के स्टाम्प पेपर में किसी भी प्रकार के लेनदेन नहीं होने का शपथ पत्र लिया गया था।
केरल भाजपाध्यक्ष के बयान से साफ ननों की गिरफ्तारी गलत
केरल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के बयान तथा केरल भाजपा की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हो गया कि दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी गलत थी। भाजपा सरकार ने आरएसएस और बजरंग दल के एजेंडे पर प्रदेश में धर्मातरण का झूठा हव्वा खड़ा करने तथा बहुसंख्यको के ध्रुवीकरण करने के उद्देश्य में यह कार्यवाही किया। ननो पर मानव तस्करी का आरोप लगाया गया है जबकि जो तीन महिलायें उनके साथ जा रही थी वे सभी बालिग है तथा अपनी सहमति से नौकरी के लिये जा रही थी, इस कार्यवाही से यह भी साफ हो रहा कि प्रदेश में संविधान का राज समाप्त हो गया है। सरकार अपने राजनैतिक एजेंडे के लिये किसी को भी परेशान कर सकती है।
रायपुर – आज से प्रदेश भर के नायब तहसीलदार अपने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे बता दे की कल लगभग 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार तूता धरना स्थल पर धरना दिया था। वही तहसीलदार संघ का कहना हैं कि जब तक पूरी संसाधन नहीं दिया जाएगा तो काम नहीं करेंगे। वही तहसीलदार संघ ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीय हड़ताल पर है।
ये हैं मुख्य मांगे…
हर तहसील में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति- कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, पटवारी, राजस्व निरीक्षक आदि की पोस्टिंग की जाए.
डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता- 50:50 का अनुपात (सीधी भर्ती और प्रमोशन) बहाल किया जाए. नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा मिले- पूर्व घोषणा को लागू किया जाए,ग्रेड पे में सुधार- तहसीलदारों के वेतनमान में जल्द बदलाव किया जाए.सरकारी वाहन और ड्राइवर की सुविधा सभी तहसीलों को मिले.निलंबन मामलों में जल्द बहाली हो- 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर बहाल किया जाए.
न्यायालय के मामलों को जन शिकायत में शामिल न किया जाए.
न्यायालयीन आदेशों पर FIR न हो- जज प्रोटेक्शन एक्ट 1985 के पालन की मांग.प्रोटोकॉल ड्यूटी से अलग न्यायालय काम के लिए व्यवस्था हो.आउटसोर्सिंग से स्टाफ की भर्ती का अधिकार तहसीलदार को मिले.प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति हो- स्वामित्व योजना, भू-अभिलेख और ई-कोर्ट जैसे तकनीकी कामों के लिए.
SLR और ASLR की फिर से नियुक्ति हो.सरकारी मोबाइल नंबर दिए जाएं, निजी नंबर की गोपनीयता बनी रहे.हर तहसील में सुरक्षा गार्ड और फील्ड के लिए वाहन उपलब्ध कराया जाए.
सड़क दुर्घटना में तत्काल मुआवजा देने की स्पष्ट गाइडलाइन बने.
संघ को सरकार से मान्यता मिले- ताकि वह वार्ता और समस्याओं के समाधान में सहभागी बन सके.राजस्व न्यायालय सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी बने.
बिलासपुर। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे एक बार फिर गौवंशों के खून से लाल हो गया. अबकी बार लिमतरा सरगांव के पास हुई घटना में तेज रफ्तार वाहन ने 16 गौवंशों को कुचल दिया, जिसमें से 15 की मौत हो गई, वहीं एक घायल है. घटना से आक्रोशित गौसेवकों ने मृत गायों की लाश को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया है.
गौवंशों की सड़क दुर्घटना में मौत की जिले में यह 20 दिन के भीतर तीसरी बड़ी घटना है. इसके पहले इससे पहले रतनपुर, चकरभाठा, सिलपहरी-कराड़ और ढेका के बीच हुए एक दर्दनाक हादसे में 50 से ज्यादा गौवंशों की मौत हो गई थी.
बता दें कि एक दिन पहले ही प्रशासन ने लगातार सड़क दुर्घटना में हो रही गौवंशों की मौत को देखतेहुए जिले में धारा 163 को प्रभावशील किया है. इसके बाद अब हादसे के लिए अब मवेशी मालिक जिम्मेदार होंगे. सड़कों में पशुओं को खुला छोड़ने पर पशु मालिकों को सजा होगी, और जुर्माना भी वसूला जाएगा.
बलरामपुर। बलरामपुर रामानुजगंज के अधौरा से हत्या का सनसनी खेज मामला सामने आया है। जहां पत्नी ने करंट लगाकर पति की हत्या कर दी। महिला ने अपने पति के दूसरी शादी से नाराज होकर बेहद ही खौफनाक कदम उठाया। पहली पत्नी ने पति को बिजली का झटका देकर मौत के घाट उतार दिया।
पत्नी ने की पति की हत्या
मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र के अधौरा गांव का है। मृतक की पहचान मनोज गुप्ता (50 साल) के रूप में हुई है। मृतक की पहली पत्नी ने करंट लगाकर उसकी ह्त्या कर दी। महिला ने पति को घर बुलाया। उसके बाद उसके हाथ-पैरों को बांधकर उसे करंट लगाया। उसने पति को इस कदर बिजली का झटका दिया कि उसकी मौत हो गयी। मनोज गुप्ता का शव अर्धनग्न हालत में पड़ा में मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गयी है।
जानकारी के मुताबिक़, मृतक मनोज गुप्ता की दो पत्नियां थी। पहली पत्नी का नाम पार्वती गुप्ता (45 साल) है। पार्वती गुप्ता से उसकी दो शादी 27 साल पहले हुई थी। पहली पत्नी से उसे उसके एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की वह शादी चुकी है। शादी के 27 साल बाद मनोज गुप्ता का एक युवती(22 वर्ष) से प्रेम प्रसंग चलने लगा था। वह मनोज गुप्ता के घर ही रहकर पढ़ाई करती थी। मनोज ने युवती से शादी कर ली। उसकी दूसरी शादी से परिवार के सभी लोगों को ऐतराज था। जिसके बाद पहली पत्नी छोड़कर दूसरी पत्नी के साथ किराए के मकान में रह रहा था।
हाथ-पैर बांध कर दिया बिजली का झटका
शादी के बाद उसने पूरी संपत्ति पहली पत्नी को दी दिया और अलग रहने लगा। उसने पूरी संपत्ति, जमीनें, दुकान एवं किराए में चलने वाली गाड़ियां सबकुछ अपने पहली पत्नी और बच्चों के नाम कर दिया। इसके बाद भी वो लोग मनोज गुप्ता को परेशान करते रहते थे। मनोज को डेढ़ करोड़ रुपये की डिमांड कर प्रताड़ित कर रहे थे। वहीँ मनोज गुप्ता की ह्त्या कर दी गयी। आरोप है उसे घर पर बुलाया गया। उस दौरान बेटी और दामाद भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर मनोज के हाथ-पैर बांधे और बिजली का झटका देकर उसकी जान ले ली। घटना के बाद से पार्वती गुप्ता बीमार बताई जा रही है। उसे इलाज के लिए पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
अर्धनग्न हालत में मिला शव
घटना को लेकर बलरामपुर टीआई भापेंद्र साहू ने बताया कि मनोज गुप्ता का शव घर से अर्धनग्न हालत में मिला है। जिसे पोस्टमॉर्टम के लिये भेजा गया है। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे। मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में तो यह हत्या का मामला लगता है। जल्द ही इसका खुलासा कर लिया जाएगा।
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय आज दिल्ली प्रवास पर है। आज उनके दिल्ली प्रवास का दूसरा दिन है। सीएम साय आज नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस बीच संभव है कि सीएम की पीएम नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात हो। सीएम पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलकर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी को आमंत्रित कर सकते हैं।
आयोजन के दौरान पीएम मोदी से छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन और आदिवासी संग्रहालय का भी शुभारंभ कराया जाना है। इससे पहले अपने प्रवास के पहले दिन सीएम साय ने छत्तीसगढ़ के सांसदों से मुलाकात की थी। छत्तीसगढ़ सदन में सांसदों के साथ डिनर किया था। इस दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार की योजनाओं की गति पर फीडबैक दिया था। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार पर भी सार्थक चर्चा हुई थी।
रायपुर: राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया। इस हादसे में एक रेनॉल्ट डस्टर कार खड़ी हुई ट्रक के पीछे से जा टकराई, जिसमें सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार सवारों के शरीर से काफी में खून बह गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजवाकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
रायपुर। अगस्त का महीना त्योहारों और राष्ट्रीय अवकाशों से भरा हुआ रहेगा। छत्तीसगढ़ में इस बार 10 दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी। रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी और हरतालिका तीज जैसे बड़े त्योहारों के चलते बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा हर रविवार और महीने के दो शनिवार को भी बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी।
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और अन्य ऑफलाइन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग कार्य समय से पहले निपटा लें। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
अगस्त में बैंक बंद रहने की तारीखें (छत्तीसगढ़)
3 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
9 अगस्त (शनिवार) – रक्षाबंधन (राज्य अवकाश)
10 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
15 अगस्त (शुक्रवार) – स्वतंत्रता दिवस
16 अगस्त (शनिवार) – कृष्ण जन्माष्टमी (राज्य अवकाश)
17 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
23 अगस्त (शनिवार) – चौथा शनिवार
24 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
26 अगस्त (मंगलवार) – हरतालिका तीज (राज्य अवकाश)
31 अगस्त (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
देवभोग। धौराकोट गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे में गिरने से तीन साल के मासूम सचिन की मौत हो गई। यह हादसा रविवार शाम को उस वक्त हुआ जब बच्चा घर के पास खेल रहा था और अनजाने में खेत में बने गहरे गड्ढे में जा गिरा। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा पत्थर निकालने के लिए खुदाई के दौरान बना था, जो बारिश के पानी से लबालब भर चुका था।
मासूम सचिन अपने माता-पिता सुरेन्द्र नागेश और उनकी पत्नी की नौ साल की शादी के बाद पैदा हुआ था। तीन साल की छोटी सी उम्र में वह परिवार की सारी खुशियों का केंद्र था, लेकिन अब उसका यूं अचानक जाना पूरे परिवार को तोड़ गया है। देर शाम जब परिजन सचिन को ढूंढने निकले तो खेत के उसी गड्ढे में उसका शव तैरता मिला। मासूम की लाश देखकर परिजनों के होश उड़ गए और गांव में मातम छा गया।
इकलौते बेटे की मौत के बाद पिता सुरेन्द्र नागेश गहरे सदमे में हैं, उनकी आंखों के आंसू भी सूख चुके हैं। गांववाले भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।मामले में देवभोग पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर: कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।
इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा
राज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।
छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान
APEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।
किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि
निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन
APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।
विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा
APEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी।

इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।






































