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शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का मतलब अनेकों बीमारियों को न्यौता देना

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का मतलब अनेकों बीमारियों को न्यौता देना

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का मतलब अनेकों बीमारियों को न्यौता देना है। बता दें, हीमोग्लोबिन एक आयरन युक्त प्रोटीन है। बिना आयरन के शरीर में हीमोग्लोबिन नहीं बन सकता। हीमोग्लोबिन खून को उसका लाल रंग देता है। यह फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंचाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी होगी तो हीमोग्लोबिन कम होगा, जिससे शरीर को मिलने वाले ऑक्सीजन में भी कमी होने लगेगी। पुरुषों की मुकाबले महिलाओं में आयरन की कमी ज्यादा देखने को मिलती है। पुरूषों में सामान्य हीमोग्लोबिन 13.5-17.5 ग्राम और महिलाओं में 12.0-15.5 ग्राम प्रति डीएल होना चाहिए। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होना एनीमिया कहलाता है।

शरीर में खून की कमी होने के कारण

1. पोषक तत्वों की कमी

2. आयरन की कमी

3. विटामिन बी-12 की कमी

4. फॉलिक एसिड की कमी

5. स्मोकिंग

6. एजिंग

7. ब्लीडिंग

हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण:
-जल्दी थकान होना
-त्वचा का फीका, पीला दिखना
-आंखों के नीचे काले घेरे होना
-सीने और सिर में दर्द होना
-तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना
-शरीर में तापमान की कमी होना
-चक्कर और उल्टी आना, घबराहट होना
-पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द होना
-सांस फूलना, धड़कनें तेज होना
-अक्सर टांगें हिलाने की आदत
-बालों का अधिक झड़ना

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ये खाएं:
अनार
एक अनार हमें सौ बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है। अनार आयरन कैल्शियम, सोडियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन से भरपूर होता है। अनार शरीर में खून की कमी को बेहद जल्द पूरा करता है।

चुकंदर
चुकंदर शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने का रामबाण इलाज है। चुकंदर का जूस लगातार पीने से खून साफ रहता है और शरीर में खून की कमी भी नहीं होती। चुकंदर में आयरन के तत्‍व अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे नया खून जल्दी बनता है।

केला
केले में मौजूद प्रोटीन, आयरन और खनिज शरीर में खून बढ़ाते हैं।

गाजर
लगातार गाजर का जूस पीने या गाजर खाने से शरीर में खून की कमी को पूरा किया जा सकता है।

अमरूद
पका अमरूद खाने से शरीर में हीमोग्लोबीन की कमी नहीं होती।

सेब
अगर आप एनीमिया से ग्रसित हैं तो सेब खाना लाभकारी रहेगा। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबीन की मात्रा बढ़ती है।

अंगूर
अंगूर में विटामिन, पोटैशियम, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में होता है। अंगूर में ज्यादा आयरन होने से यह शरीर में हीमोग्लोबीन बढ़ाने में सहायक है। अंगूर हमारी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

संतरा
संतरा विटामिन-सी के अलावा फॉस्फोरस, कैल्शियम और प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत है। संतरा खाने से शरीर में ना केवल खून बढ़ता है बल्कि खून साफ भी रहता है।

टमाटर
टमाटर सब्जी ही नहीं, बल्कि एक पौष्टिक और गुणकारी फल है। टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन-सी होता है। टमाटर का सूप या टमाटर खाने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है।

हरी सब्जियां और सलाद
शरीर में आयरन की कमी दूर करने के लिए पालक, सरसों, मेथी, धनिया, पुदीना, बथुआ, ब्रोकली, गोभी, बीन्स, खीरा खूब खाएं। शरीर में हीमोग्लोबीन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें। पालक के पत्तों में सबसे अधिक आयरन पाया जाता है।

सूखे मेवे
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए खजूर, बादाम और किशमिश खाएं। इनमें आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है। रोजाना दूध के साथ खजूर खाने से शरीर को बहुत-से फायदे होते हैं। खजूर खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है।

गुड़
गुड़ एक प्राकृतिक खनिज है जो आयरन का प्रमुख स्रोत है। यह विटामिन से भरपूर होता है। गुड़ शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। लगातार गुड़ खाने से पेट की समस्‍याओं से भी निजात पायी जा सकती है।

इसके अलावा शरीर में आयरन और विटामिन बी-12 की कमी को पूरा करने के लिए मीट, चिकन, मछली, अंडे का भी सेवन कर सकते हैं। बता दें, अंडे के पीले भाग में भरपूर मात्रा में विटामिन बी-12 पाया जाता है।

 

नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. Just 36 News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

सावधान! क्या आपको भी नींद नहीं आती, तो हो सकती हैं ये समस्याएं

सावधान! क्या आपको भी नींद नहीं आती, तो हो सकती हैं ये समस्याएं

Health Tips: अक्सर लोगों को सोते ही नींद नहीं आती. लोग सोने के लिए कभी टीवी देखते हैं तो कभी बुक्स पढ़ते हैं. क्या आप जानते हैं सही तरह से नींद ना आएं तो कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं. जी हां, आज हम आपको बता रहे हैं नींद ना आने से क्या–क्या दिक्कतें होती हैं. साथ ही ये भी बताएंगे कि अच्छी नींद का क्या मतलब है.


नींद ना आने से होने वाली समस्याएं-

कोई भी डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है.
डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं.
हार्ट प्रॉब्लम्स बढ़ने लगती हैं.
मोटापा बढ़ने लगता है.
हमेशा बीमार या सुस्त महसूस करते हैं.

क्या होती है अच्छी नींद-

एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, जो लोग बेड पर लेटते ही सो जाते हैं या फिर आधे घंटे से भी कम समय सोने में लगाते हैं. साथ ही रात में उनकी नींद नहीं टूटती तो समझ लीजिए उनकी नींद सबसे बेहतर है. ऐसे लोगों की नींद ना सिर्फ अच्छी होती है बल्कि वे हेल्दी भी रहते हैं.


नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. Just 36 News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

 

बीमारियों की अनुपस्थिति का मतलब यह भी नहीं है कि आप स्वस्थ हैं

बीमारियों की अनुपस्थिति का मतलब यह भी नहीं है कि आप स्वस्थ हैं

क्या आपको यह पसंद है की जब आप बीमार हो और खेलने के लिए बाहर नहीं जा सकते ? बिलकूल नही ! बीमार रहना किसी को पसंद नहीं है ! हालाँकि, आप अपनी पूरी कोशिश करने के बावजूद, कई बार बीमार पड़ जाते हैं ! यह मौसम में बदलाव या किसी वायरस के कारण हो सकता है, आप कभी भविष्यवाणी नहीं कर सकते। लेकिन, बीमारियों की अनुपस्थिति का मतलब यह भी नहीं है कि आप स्वस्थ हैं !  

 

क्यों अच्छा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है ?

कोशिकाएं सभी जीवित जीवों की मूलभूत इकाइयाँ हैं। वे विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थों से बने होते हैं। कोशिकाएँ एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती हैं। इसके अलावा, हमारे शरीर में विभिन्न विशिष्ट गतिविधियां होती हैं, जैसे हृदय रक्त पंप करता है, गुर्दे मूत्र को फ़िल्टर करता है, मस्तिष्क लगातार सोच रहा है, फेफड़े सांस लेने में मदद करते हैं।इस तरह, हमारे शरीर में विभिन्न अंगों के बीच बहुत अंतर-संबंध है। इन सभी गतिविधियों के लिए, हमारे शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सेल और टिश्यू के कामकाज के लिए भोजन आवश्यक है। इसलिए, यदि आप ठीक नहीं हैं, तो आपकी सभी शारीरिक गतिविधियाँ बाधित होने लगती हैं।

 

स्वास्थ्य का महत्व

पूर्ण स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति है। स्वस्थ जीवन के लिए,  संतुलित आहार और नियमित रूप से व्यायाम करने की आवश्यकता होती है। व्यक्ति को उचित आश्रय में रहना चाहिए, पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और स्वच्छता की अच्छी आदतें होनी चाहिए। हमें वास्तव में स्वस्थ रहने के लिए खुश रहने की आवश्यकता है। अगर हम एक-दूसरे के साथ गलत व्यवहार करते हैं और एक-दूसरे से डरते हैं, तो स्वस्थ पर बुरा परभव पड़गा । व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए सामाजिक समानता और सद्भाव महत्वपूर्ण हैं।सभी जीवों का स्वास्थ्य उनके आसपास या उनके वातावरण पर निर्भर करता है। हमारा सामाजिक वातावरण हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण कारक है। सार्वजनिक स्वच्छता व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम नियमित रूप से कचरा इकट्ठा करें और उसे साफ करें। हमें किसी ऐसी एजेंसी से भी संपर्क करना चाहिए जो नालियों को साफ करने की जिम्मेदारी ले सके। इसके बिना, आप अपने स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। हमें स्वास्थ्य के लिए भोजन चाहिए और भोजन के लिए, हमें काम करके पैसा कमाना होगा। इसके लिए काम करने का अवसर उपलब्ध होना है। इसलिए, अच्छी आर्थिक स्थिति और रोजगार, व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं

 

क्या आपको भी है सुबह उठते ही फोन देखने की आदत, जान लें इसके नुकसान

क्या आपको भी है सुबह उठते ही फोन देखने की आदत, जान लें इसके नुकसान

आजकल के समय में मोबाइल हर किसी की जरूरत बन चुका है. आज मोबाइल के बिना जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. यह अब हर व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है. मोबाइल लोगों की जिंदगी में इसकदर हावी हो गया है कि लोग सोते -उठते यहां तक की खाते समय भी मोबाइल का ही इस्तेमाल करते हैं. बहुत से लोग ऐसे भी हा जिन्हें सुबह उठते ही सबसे पहले फोन चलाने की आदत होती है.
क्या आप जानते हैं कि सुबह उठते ही फोन का प्रयोग करने से एक नहीं बल्कि कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं. अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो आज हम आपको इससे होने वाले नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं.
– यूनाइटेड किंगडम में किए गए एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि जो लोग सुबह उठते ही फोन यूज करते हैं उनके दिन की शुरुआत स्ट्रेस से भरपूर होती है. साथ ही ऐसे लोगों को अपने काम करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
– विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह उठते ही जब हम सभी मोबाइल में नोटिफिकेशन देखते हैं तो हमारा दिमाग उस समय सिर्फ उसी विषय के बारे में सोचने लगता है. जिस वजह से हमारा मन किसी दूसरे काम में नहीं लग पता है. ऐसा करने से हमारे कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता है.
– सुबह उठते ही फोन देखते समय जो चीज हमें दिखती हैं हम दिन भर उसी के बारे में सोचते हैं जिससे हमें तनाव और एंजाइटी का सामना करना पड़ता है.
– सुबह उठते ही मेल या नोटिफिकेशन चेक करते हैं तो हम बीते दिनों की बातों को पढ़कर परेशान हो जाते हैं और हम पीछे की बातों को भूलाने की बजाए फिर से अपना मन और दिमाग पुरानी बातों में लगा लेते हैं.
 

क्या आप भी अपने शरीर पर मौजूद मस्सों से हैं परेशान ? तो अपनाइए ये आसान नुस्खे और पाइये मस्सो से छुटकारा

क्या आप भी अपने शरीर पर मौजूद मस्सों से हैं परेशान ? तो अपनाइए ये आसान नुस्खे और पाइये मस्सो से छुटकारा

त्वचा की देखभाल में हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। वहीं त्वचा में मौजूद मस्सों को जड़ से हटाने के लिए हम तमाम तरह के उपाय आजमाते तो जरूर है, लेकिन फायदा होता दिखाई नहीं देता। अगर आपकी त्वचा में बड़े या छोटे मस्से उभर आएं हैं? तो हम आपको इस लेख में कुछ ऐसे टिप्स बता रहें हैं जिन्हें अपनाने के बाद आप इस समस्या से राहत पा सकते है वो कैसे ?

आइए जानते हैं...

1 सेब का सिरका मस्सों को जड़ से खत्म करने के लिए बेहद प्रभावकारी उपाय है। इसे प्रतिदिन कम से कम 3 बार मस्सों पर रुई की सहायता से लगाएं और ऊपर से रुई चिपका दें। कुछ ही दिनों में मस्से का रंग गहरा हो जाएगा और उसकी त्वचा सूखकर निकल जाएगी। अगर इसे लगाने के बाद आपको कोई परेशानी महसूस हो, तो आप ऐलोवेरा जैल लगा सकते हैं।

2 लहसुन की कलियों को छीककर काट लें और इसे मस्सों पर रगड़ें या फिर इसका पेस्ट बनाकर मस्सों पर लगाएं। ऐसा करने से भी कुछ ही दिनों में मस्से समाप्त हो जाएंगे। नींबू के रस में रुई भि‍गोर मस्से पर लगाना भी लाभप्रद हो सकता है।

3 आलू का रस लगाना या फिर आलू को काटकर मस्सों पर रगड़ना भी एक बढ़ि‍या विकल्प है, अनचाहे मस्सों से निजात पाने का। आप चाहें तो आलू का रस रात भर मस्सों पर लगाकर भी रख सकते हैं।

4 बेकिंग सोडा का इस्तेमाल त्वचा की कई समस्याओं को समाप्त करने के लिए किया जाता है। मस्से समाप्त करने के लिए बेकिंग सोडा को अरंडी के तेल में मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे मस्सों पर लगाएं। कुछ ही दिनों में फर्क नजर आएगा।

5 अनानास का रस, फूलगोभी का रस, शहद या फिर प्याज के रस का प्रयोग भी मस्सों को समाप्त करने के लिए किया जा सकता है। इसमें मस्सों को खत्म करने वाले विशेष एंजाइम्स होते हैं।

 

ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

क्या आप भी हैं अपने बढ़े वजन से परेशान ? तो खाइए ये फल, मिलेंगे वजन घटाने में मदद

क्या आप भी हैं अपने बढ़े वजन से परेशान ? तो खाइए ये फल, मिलेंगे वजन घटाने में मदद

कई शोधों में यह भी पाया गया है कि पपीते के बीजों में शरीर की अतिरिक्त वसा को अवशोषित करने से रोकने की क्षमता होती है जिससे वजन बढ़ने और फूलने की समस्या का समाधान होता है | कच्चे या पेस्ट के रूप में ये बीज शरीर की को बेहतर शेप देने में बेहद मददगार होते हैं। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो वजन कम ना होने के कारण परेशान रहते हैं तो अब आपको अपनी डायट में थोड़ा बदलाव करना चाहिए |

पपीते को अपनी डायट में शामिल करके आप आसानी से वजन कम कर सकते हैं | पपीता एंटीऑक्सीडेंट और खनिजों से भरपूर होता है और इसमें कैलोरी की मात्रा भी कम होती है | चलिए जानते हैं पपीता और कैसे कर सकता है आपकी वजन कम करने में मदद। वजन कम करने से अधिक यह महत्वपूर्ण है कि आप शरीर को पोषण देते हुए वजन कम करें | पपीता एक्सट्रा कैलोरी को कम करने में मदद करता है |

पपीता शरीर से ना सिर्फ विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करता है बल्कि ये मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है, पाचन प्रक्रिया को सुचारू करने के लिए फाइबर की आपूर्ति भी करता है। कई शोधों में यह भी पाया गया है कि पपीते के बीजों में शरीर की अतिरिक्त वसा को अवशोषित करने से रोकने की क्षमता होती है जिससे वजन बढ़ने और फूलने की समस्या का समाधान होता है |

कच्चे या पेस्ट के रूप में ये बीज शरीर की को बेहतर शेप देने में बेहद मददगार होते हैं। अपने वजन घटाने के प्लान में आप पपीते का सेवन नियमित अंतराल पर करें | आपको सुबह के नाश्ते से, लंच और डिनर में, बेशक थोड़ी मात्रा में लेकिन पपीते का सेवन करना है | आप पपीते को सलाद बनाकर, चाट के रूप में या फिर फल के रूप में भी खा सकते हैं | पपीते का शेक बनाकर पीता भी फायदेमंद है | यही कारण है कि पपीता उन लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है जो थोड़ा हमेशा वजन कम करने के बारे में सोचते हैं |


ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

क्या आप भी रोज नहाते हैं ? तो हो जाइये सावधान, हो सकते हैं आपके शरीर को ये नुकसान, जाने कैसे

क्या आप भी रोज नहाते हैं ? तो हो जाइये सावधान, हो सकते हैं आपके शरीर को ये नुकसान, जाने कैसे

अगर आप भी सर्दियों में नहाने से बचते हैं तो अच्छी बात है. जी हां, आपको पढ़कर हैरानी होगी कि हम क्या कह रहे हैं लेकिन ये सच हैं. अगर आप रोजाना नहीं नहाते तो ये आपकी हेल्थ के लिए अच्छा है. आमतौर पर लोग सर्दियों में कई बार नहाने से बचते हैं लेकिन इस बात को किसी को बताने में भी शर्माते हैं. लेकिन अब आप बिंदास होकर आप ना नहाएं क्योंकि रोजाना नहाने से आपकी स्किन को नुकसान को होता है.

क्या कहती है रिसर्च-
हालिया हुईं दो रिसर्च के मुताबिक, अगर आप सोचते हैं कि रोजाना नहाकर आप बहुत अच्छा कर रहे हैं तो आप गलत सोच रहे हैं. दरअसल, बहुत ज्यादा नहाने से शरीर में मौजूद माइक्रोबायोम (microbiome) यानि छोटे-छोटे जीव डैमेज हो जाते हैं. माइक्रोब्स के डैमेज होने से एक्ने की दिक्कत हो जाती है.

हालांकि रिसर्च में बहुत ज्या‍दा नहाने से माइक्रोबायोम पर होने वाले प्रभावों को देखा गया है. लेकिन अधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा गया कि शरीर से दुर्गन्ध को रोकने और माइक्रोबायोम को डैमेज होने से बचाने के लिए सप्ताह में कितनी बार नहाना चाहिए.

क्यों जरूरी है माइक्रोबायोम-
माइक्रोबायोम बैक्टीरिया, वायरस कई तरह के ऐसे माइक्रोब्स का कलेक्शन है जिस पर ह्यूमन बॉडी जिंदा रहती है. साथ ही ये हर इंसान की हेल्थ के लिए जरूरी हैं. हमारा पूरा शरीर माइक्रोब्स की पूरी कम्यूनिटी पर डिपेन्डेंट हैं. ये जर्म्स से हमारी रक्षा करते हैं. फूड से होने वाली एलर्जी से बचाते हैं साथ ही विटामिन प्रोड्यूस करते हैं.

रिसर्च के मुताबिक, माइक्रोबायोम इसलिए भी इंसान के लिए जरूरी हैं क्योंकि इसके बिना व्यक्ति का इम्यू्न सिस्टम, डायजेशन और हार्ट काम करना बंद कर देते हैं.

क्या कहती है इससे पहले की रिसर्च-
2014 में शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च के दौरान ये भी दावा किया था कि पसीने को पीने वाले ये बैक्टीरिया एक्ने गंभीर घावों के ट्रीटमेंट में भी सहयोग करते हैं. रिसर्च में ये भी पाया गया कि मेटाबॉलिस अमोनिया नामक बैक्टीरिया का सबसे मेजर कॅपोनेंट स्वेट होता है जो कि स्किन हेल्थ को इंप्रूव करता है और कई तरह के स्किन डिस्ऑर्डर का ट्रीटमेंट भी करता है.

2015 में आई इसी तरह की ए‍क रिसर्च में पाया गया कि ये बैक्टीरिया आमतौर पर अंडरऑर्म्स और स्वेटिंग में पाए जाते हैं. यॉर्क यूनिवर्सिटी के डॉ. डेन बॉडोन का कहना है कि ये बैक्टीरिया अंडरऑर्म्स से बाहर आते हैं और माइक्रोबायोटा से मिलकर एक्टिव हो जाते हैं.

ये भी कारण है ना नहाने का-
एक अन्य रिसर्च के मुताबिक, रोजाना नहाने से स्किन में मौजूद एसेंशियल ऑयल निकल जाता है इससे स्किन ड्राई हो जाती है और स्किन में शाइनिंग भी नहीं रहती. इतना ही नहीं, शरीर में रेड स्पॉट दिखने लगते हैं और दर्द होना शुरू हो जाता है. इससे स्किन डिस्ऑर्डर होने का रिस्क बढ़ जाता है. हालांकि अगर आप रोजाना ऑयल से बॉडी की मसाज करते हैं तो इस खतरे से बच सकते हैं.

 

ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

अगर आप भी ब्रेकफास्ट नहीं करते तो हो जाएं सावधान, हो सकता है ये नुकसान

अगर आप भी ब्रेकफास्ट नहीं करते तो हो जाएं सावधान, हो सकता है ये नुकसान

सूबह का नास्ता सेहत के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है. एक स्वस्थ ब्रेकफास्ट करना शरीर के लिये बेहद लाभदायक होता है. साथ ही इससे तनाव का स्तर कम होता है. सुबह के नाश्ते में आपको पोषण संबंधी चीजों का सेवन करना चाहिये. जैसे अनाज, दूध, नट्स, पोहा, इडली, दलिया, उपमा या अंडे आदि. प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का ब्रेकफास्ट आपको दिन में ऊर्जावान रहने में मदद करता है. आपको नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे आप कितने भी व्यस्त क्यों न हो.

हृदय रोगों का कारण बन सकता है
अध्ययनों से पता चलता है कि एक हेल्दी ब्रेकफास्ट करने वाले लोगों को हार्ट संबंधित बीमारी होने का खतरा कम होता है. वहीं, ब्रेकफास्ट स्किप करने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं.

टाइप -2 मधुमेह का उच्च जोखिम
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने एक अध्ययन किया जिसका उद्देश्य खाने की आदतों और स्वास्थ्य के बीच संबंध का पता लगाना था. लगभग छह वर्षों तक किए गए शोध में 46,289 महिलाओं ने भाग लिया. अध्ययन के रिजल्ट हैरान करने वाले थे.जिन महिलाओं को नाश्ते से परहेज करने की आदत थी, उनमें टाइप -2 डायबिटीज विकसित होने का खतरा उन महिलाओं की तुलना में अधिक था, जो अपना दैनिक नाश्ता करती थीं. वहीं, कामकाजी महिलाएं जिन्होंने अपने सुबह के भोजन को छोड़ दिया, उनमें टाइप 2 मधुमेह के विकास की 54 फीसदी अधिक संभावना थी.


ब्रेकफास्ट स्किप करना मोटापे का कारण बन सकता है
अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते उनमें वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है. यदि आप वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो नाश्ते को छोड़ने के बारे में विचार न करें.


बालों के झड़ने का कारण बन सकता है
अगर आप अपने बालों से प्यार करते हैं तो सुबह के नाश्ते से परहेज न करें. नाश्ता न करने से प्रोटीन का स्तर कम हो सकता है और साथ ही यह keratin के स्तर को प्रभावित कर सकता है. जो बालों की ग्रोथ को रोकता है और बालों के झड़ने का कारण बन सकता है. बालों को घना औऱ मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो आपको रोजाना प्रोटीन युक्त नाश्ते का आनंद लेना चाहिए.

 

 7 चीजों के नास्ते में सेवन से, सेहत को पहुंच सकता है नुकसान

7 चीजों के नास्ते में सेवन से, सेहत को पहुंच सकता है नुकसान

 पूरा दिन काम करने के लिए आपके शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में ऊर्जा की आवश्‍यकता होती है और यह ऊर्जा नाश्ते से ही मिलती है. कुछ चीजें नाश्ते में शामिल करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. 

नाश्ते हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. पूरा दिन काम करने के लिए आपके शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में ऊर्जा की आवश्‍यकता होती है और यह ऊर्जा नाश्ते से ही मिलती है.
नाश्ते में हम किन चीजों का सेवन करना चाहिए इसकी जानकारी जरूर होनी चाहिए. नाश्ते में कुछ चीजों का सेवन करने से शरीर को नुकसान भी हो सकता है. आज हम आपको बताएंगे कि नाश्ते में किन चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए.

केला
केला स्वास्थ्य बहुत लाभदायक होता है लेकिन इसे नाश्ते में शामिल नहीं करना चाहिए.  दरअसल खाली पेट केले का सेवन नुकसानदायक होता है. इसे खाली पेट खाने से हमारे रक्त में मैग्नीशियम और पोटेशियम का स्तर असंतुलित हो सकता है.

खट्टे फल
नाश्ते में कभी भी खट्टे फल न खाएं. खाली पेट खट्टे फलों का सेवन करने से गैस की समस्या हो सकती है.

चाय
चाय का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए. ऐसा करना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. नाश्ते में चाय का सेवन करने से आपको एसिडिटी या अपच की समस्या हो सकती है.

दही, पनीर और छाछ 
नाश्ते में दही, पनीर और छाछ नहीं लेनी चाहिए. इनका सेवन कभी भी खाली पेट नहीं करना चाहिए.

टमाटर
टमाटर का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए. खाली पेट टमाटर का सेवन करने से गैस की समस्या हो सकती है.
 
इन आटों से बनी रोटियां सर्दियों में हैं फायदे मंद : जानिए क्या हैं खास बात

इन आटों से बनी रोटियां सर्दियों में हैं फायदे मंद : जानिए क्या हैं खास बात

अक्सर हम खाने में अलग अलग सब्जिया पसंद करते है। मौसम के हिसाब से भी सब्जियां हमे पसंद होती हैं , लेकिन क्या आपने कभी सोचा हैं की यदि सर्दी के दिनों में अगर रोटियां भी अलग -अलग आटे की मिल जाए जो शरीर को गर्म करने में सहायता करे , तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आटो के बारे में जो शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं। हर सीजन में हम गेंहू के आटे का उपयोग करते हैं, लेकिन सर्दियों के दिनों में हम दूसरे पोषक तत्वों से भरे आटे की रोटियां भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यहां जानें इन रोटियों को खाने से शरीर को कितनी ताकत मिलती है। विंटर सीजन में लोग तमाम तरह के वायरल और संक्रमण का शिकार होते हैं। इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचना है तो हमें अपना इम्युन सिस्टम मजबूत रखना होगा। क्योंकि मौसमी बुखार या एलर्जी हो या फिर आम वायरल हमें इन संक्रमणों से लड़ने के लिए एक मजबूत इम्युन सिस्टम की आवश्यकता होती है। लिहाजा इस सीजन में हमें अपनी डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी है। हर सीजन में हम गेंहू के आटे का उपयोग करते हैं, लेकिन इन दिनों इसके अलावा हम दूसरे पोषक तत्वों वाले आटे के व्यंजनों को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इन आटों से बनी चपातियां न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं बल्कि इनसे आपका इम्युनिटी सिस्टम भी मजबूत रहता है। आज हम आपको 6 प्रकार के आटे के बारे में बता रहे हैं जिनकी चपातियों के अलावा भी कई व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।

इम्युन सिस्टम बूस्ट करता है बाजरे का आटा
फाइबर और पोटेशियम से भरपूर, बाजरा एक ऐसा आटा है जिसका सेवन सर्दियों के मौसम में तमाम भारतीय परिवारों के लोग करते हैं। इस आटे का प्रयोग वो लोग करते हैं जो गेंहू के आटे का सेवन नहीं कर सकते हैं। बाजरा ओमेगा -3 और आयरन का भी अद्भुत स्रोत है। आप इस आटे की न सिर्फ चपातियां बनाकर सर्व कर सकते हैं बल्कि उत्तपम, दलिया और खिचड़ी भी बना सकते हैं। बाजरा आपकी केवल पाचन क्रिया को तो दुरुस्त रखता ही है साथ ही कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है। लस मुक्त (gluten-free) बाजरा खाने से शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है क्योंकि ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है। वजन घटाने के लिए भी आप बाजरे के आटे का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया में सुधार के अलावा ये हैं ज्वार के आटे के फायदे
ज्वार एक लस मुक्त (gluten-free) आटा है जो पाचन में सुधार करता है। इसके सेवन से शरीर में शुगर का लेवल नियंत्रित करता है। दिल के मरीजों के लिए भी ज्वार का आटा अत्यंत लाभकारी है। बाजरा की तरह ज्वार भी शरीर में शक्ति प्रदान करता है और थकान को दूर करता है। इसके सेवन से शरीर में जलन, मोटापा, गैस, घाव और बवासीर जैसी शिकायतें नहीं होती हैं। ज्वार की रोटियों के अलावा आप इसके आटे से उपमा, डोसा और यहां तक कि पेनकेक्स भी तैयार कर सकते हैं। इसके सेवन से भी इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है।

बाल बढ़ाने के लिए करें कंगनी के आटे वाले व्यजंनों का सेवन
कंगनी को फॉक्सटेल बाजरा के रूप में भी लोग जानते हैं। सर्दियों के दौरान इसका सेवन आपके लिए कई तरह से लाभकारी हो सकता है। विटामिन बी 12 से समृद्ध कंगनी दिल और तंत्रिका तंत्र यानी नरवस सिस्टम के सुचारू संचालन यानी स्मूद फंक्शनिंग को सुनिश्चित करता है। बाल बढ़ाने के लिए इस खाने को खाने की सलाह दी जाती है। फॉक्सटेल बाजरा आसानी से पक जाता है। इसका उपयोग भी रोटी, दलिया, पुलाव, खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है।

लजीज ही नहीं लाभकारी भी है मक्के का आटा
सर्दियों के सीजन में मक्की की रोटी और सरसों का साग एक परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाला भोजन है। इस आटे का इस्ततेमाल खास तौर से सर्दियों में ही किया जाता है। मक्का विटामिन ए, सी, के, बीटा-कैरोटीन और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों का भंडार है। एनीमिया के रोगियों के लिए मक्की लाभकारी अनाज है क्योंकि यह आयरन युक्त है। सरसों का साग एक मौसमी व्यंजन है। यह खाने में तो लजीज है ही साथ ही इसके सेवन से इम्युनिटी सिस्टम भी मजबूत होता है।

वजन घटाने के लिए बेहतर है रागी का आटा
विंटर सीजन में रागी का सेवन भी लाभकारी होता है। वजन घटाने के लिए रागी के आटे का सेवन बेहद प्रभावी है। यह आटा कैल्शियम से भरपूर है और जल्दी डाइजेस्ट भी हो जाता है। मधुमेह यानी डायबटिक मरीजों के लिए रागी के सेवन की सलाह दी जाती है। आप इसे दूसरे आटे के साथ भी मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं। बहुत कम भारतीय इसके फायदों और पोषण संबंधी मूल्य के बारे में जानते हैं। फाइबर युक्त रागी के व्यंजन एनीमिया मरीजों के लिए लाभकारी हैं।

कुट्टू के आटे का सेवन
कुट्टू के आटे का प्रयोग ज्यादातर नवरात्रि और भी तमाम तरह के व्रतों में किया जाता है। कुट्टू को buckwheat के नाम से भी जाना जाता है। इसमें विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स के साथ-साथ विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन) और विटामिन बी (नियासिन) भी होता है। पराठा और पूरियों से लेकर डोसा और पैनकेक तक, कुट्टू का आटा कई व्यंजनों को तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कुट्टू के आटे से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं नहीं होती हैं। इसके अलावा कुट्टू में मौजूद फाइबर और मैग्नीशियम शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है।

बंद नाक से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

बंद नाक से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

बदलता मौसम और सर्द हवा सर्दी जुकाम को न्यौता देती है। वहीं बंद नाक से भी अक्सर लोग परेशान रहते है। अगर आप भी इसी समस्या से जुझ रहे है, तो हम आपको इस लेख में कुछ ऐसे टिप्स बता रहे है जिन्हें अपनाने के बाद आप बंद की समस्या से राहत पा सकते हैं।
1 भाप लेना - इसके लिए आपको गर्म पानी में खुशबूदार तेल की कुछ बूंदे डालनी हैं। इसके अलावा आप इसमें अयोडीन की कुछ बूंदें या फिर विक्स कैप्सूल भी डाल सकते हैं। अब इस गर्म पानी के बर्तन की ओर चेहरा करके भाप लें। यह नाक खोलने के साथ ही सर्दी में आराम देगा।

2 बंद नाक खोलने का एक और आसान सा तरीका है एक छोटा सा व्यायाम। जी हां, इसके लिए आपको अपनी नाक बंद करके सिर को पीछे की तरह झुकाना है और कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखना है। इसके बाद नाक खोलकर सांस लेने में आसानी होगी। इस तरीके को आप दोहरा सकते हैं।
3 गरम पानी - अगर आप सहज हैं तो इसके लिए अपना सिर पीछे की ओर झुकाएं और किसी ड्रॉपर की मदद से हल्के गर्म या गुनगुने पानी की कुछ बूंदे नाक के छिद्रों में डालें। कुछ ही देर में वापस सिर आगे कर लें और इस पानी को निकाल दें।

4 नारियल तेल - नारियल तेल बंद नाक को खोलने का एक बेहतरीन उपाय है। जब भी कभी आपकी नाक बंद हो जाए, तो आप नारियल तेल अंगुली से नाक के अंदर तक लगाएं। या फिर नरियल तेल की कुछ बूंदे नाक में डालें और फिर गहरी सांस लें। कुछ ही देर में आपकी नाक खुल जाएगी। ध्यान रहे की नारियल तेल पिघला हुआ हो।
5 कपूर की महक भी बंद नाक को खोलने का अच्छा तरीका है। आप चाहें तो इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर सूंघ सकते हैं, या फिर सादा कपूर सूंघना भी आपको फायदा देगा। इसके अलावा नाक को गर्माहट देकर भी बंद नाक को आसानी से खोल जा सकता है।


ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.
 

डीडी नगर में विशाल नि:शुल्क नेत्र एवं स्त्री रोग परीक्षण शिविर का आयोजन 17 जनवरी दिन रविवार को

डीडी नगर में विशाल नि:शुल्क नेत्र एवं स्त्री रोग परीक्षण शिविर का आयोजन 17 जनवरी दिन रविवार को

रायपुर, अल्पकालीन समय में ही अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर समाज सेवा के क्षेत्र में सतत् उत्कृष्ट कार्य करने वाली अग्रशील सामाजिक संस्था समग्र ब्राह्मण परिषद् एक बार पुनः समाज सेवा की दिशा में अपना योगदान देने जा रही है। संस्था के ज़िला रायपुर इकाई के तत्वावधान में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा ।
जिसमें सर्वसमाज के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उक्त आयोजन में नेत्र परीक्षण, स्त्री रोग, शुगर व ब्लड प्रेशर की जाँच किए जाने के साथ ही पेशेंट को उचित परामर्श भी दिया जाएगा जिससे लोगों में इन बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी । सामान्य दिखने वाली इन बीमारियों की गंभीरता के बारे में जानकारी होना आवश्यक है वर्ना भविष्य में इनके परिणाम घातक सिद्ध होते हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में सभी वर्गों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना आपेक्षित है। समग्र ब्राह्मण परिषद् के माध्यम से इस मानवीय सेवा में फाफाडीह एवँ न्यू राजेन्द्र नगर स्थित साईं बाबा नेत्र चिकित्सालय तथा महिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है ।
संगठन के अजय पाठक ने बताया कि इस निः शुल्क शिविर का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 2 डी डी नगर रायपुर में 17 जनवरी 2021 दिन रविवार को प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक किया जा रहा है।


 

माननीय छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा बालको मेडिकल सेंटर में हुआ डायलिसिस मशीन का उद्घाटन

माननीय छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा बालको मेडिकल सेंटर में हुआ डायलिसिस मशीन का उद्घाटन

नया रायपुर, छत्तीसगढ़ की माननीय राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर बालको मेडिकल सेंटर में डायलिसिस मशीन का उद्घाटन किया, जो अस्पताल द्वारा प्रदान किए गए उपकरणों और सेवाओं की सूची में जुडी नवीनतम सुविधा है।
मकर संक्रांति शुभ उत्तरायण काल की शुरुआत का प्रतीक है, और इस पवित्र दिन पर, माननीय राज्यपाल ने कहा की उन्हें बालको मेडिकल सेंटर में जो सुविधाएं कैंसर के मरीज़ों को मिलती देखी, वह उन्होंने आसपास के दूसरे राज्यों में भी नहीं देखी। उन्होंने कहा की यहां उन्होंने मरीज़ों को देखा है जो कैंसर के अंतिम पड़ाव पर है, और उनका इलाज भी संभव हो पा रहा है । माननीय राज्यपाल ने बालको मेडिकल सेंटर के प्रबंधकों को उनके द्वारा किये जाने वाले सामाजिक कार्यों और छत्तीसगढ़ राज्य में इतनी अच्छी कैंसर देखभाल लोगों को देने के लिए सराहा।
अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने अस्पताल के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और नैदानिक सुविधाओं की सराहना की और कहा कि बालको मेडिकल सेंटर वास्तव में छत्तीसगढ़ के वंचित समुदायों के लिए एक वरदान है, जो अब अपने राज्य में विश्व-स्तर के कैंसर के उपचार का लाभ उठा सकते हैं । माननीय राज्यपाल ने आधुनिक, व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल की सराहना की जो यह अस्पताल एक सस्ती कीमत पर प्रदान करता है।

बाद में उन्होंने कैंसर से पीड़ित रोगियों और बच्चों के साथ बातचीत की जिनका इलाज आयुष्मान भारत और डॉक्टर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बालको मेडिकल सेंटर में किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों के साथ भी बातचीत की, उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे हर दिन ऐसे ही दयालु देखभाल प्रदान करते रहें।

बालको मेडिकल सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस। वेंकटा कुमार ने कहा, “इस अस्पताल को शुरू करने का उद्देश्य उन कैंसर रोगियों को डायलिसिस प्रदान करना है, जिन्हें किडनी की समस्या है । बालको मेडिकल सेंटर हमेशा अपने मरीजों को एक छत के नीचे सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करता रहा है। हमारे साथ काफी मरीज हैं, जो किडनी की जटिलताओं के साथ क्रोनिक डायबिटिक हैं, जिन्हें डायलिसिस की जरूरत है। इस सुविधा के जुड़ने से उनके समय और धन दोनों की बचत होगी। आखिरकार, नया रायपुर में लोग, जिन्हें नियमित रूप से डायलिसिस की आवश्यकता होती है और वर्तमान में इसका लाभ उठाने के लिए रायपुर की यात्रा कर रहे हैं, वे भी इसे प्राप्त करने के लिए यहां आ सकते हैं। ”

श्री वेंकटा कुमार ने माननीय राज्यपाल को छत्तीसगढ़ सरकार के साथ अस्पताल की साझेदारी के बारे में भी बताया कि की कैसे बालको मेडिकल सेंटर ने एक प्रभावी कैंसर शिक्षा, रोकथाम और शीघ्र पहचान की मुहिम शुरू की है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में बीएमसी द्वारा संचालित कैंसर स्क्रीनिंग शिविरों की सफलता की सराहना की।

बालको मेडिकल सेंटर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF), की छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में स्थापित पहली प्रमुख पहल है, जिसमें 170 बेड, अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी देखभाल सुविधा है, जिसमें 50 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। यह पूरे मध्य भारत में सबसे बड़ी और सबसे उन्नत ऑन्कोलॉजी सुविधा है। यह मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे महत्वपूर्ण बीमारी का विश्व स्तरीय उपचार प्रदान करता है। वीएमआरएफ का उद्देश्य भारत की आबादी तक आसानी से उचित और सस्ती कीमत पर अल्ट्रा-मॉडर्न, मल्टी-मॉडेलिटी डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय सुविधाएं लाना है। वर्तमान में, यह तेजी से भारत के ऑन्कोलॉजी स्पेस में एक राष्ट्रीय लीडर के रूप में उभर रहा है, जिसमें चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, विकिरण, रक्तविज्ञान और उपशामक देखभाल शामिल है।
 

क्या आपके बच्चो को भी सताते है बुरे सपने... क्या करें पेरेंट्स

क्या आपके बच्चो को भी सताते है बुरे सपने... क्या करें पेरेंट्स

कई बार बच्चों को जब ठीक से नींद नहीं आती या वे किसी ऐसे दौर से गुजर रहे होते हैं जो उनके उम्र के हिसाब से ठीक नहीं तो आप अपने आस-पास पते हैं कि बच्चा काफी असहज महसूस करता है। बच्‍चों को भी बुरे सपने बहुत सताते हैं। चूंकि, बच्‍चे नादान होते हैं इसलिए उन्‍हें इस मुसीबत से लड़ने का तरीका भी पता नहीं होता है। बुरे सपनों की वजह का आज तक पता नहीं चला है। संभवतः बच्चों को बुरे सपने इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें किसी चीज से डर लगता है या तनाव महसूस करते हैं। अध्ययनों के अनुसार उन्हीं बच्चों को ज्यादा बुरे सपने आते हैं, जो हाइपरएक्टिव हैं, पढ़ाई में कमजोर हैं या बहुत ज्यादा गुस्सैल हैं। इसके अलावा यह भी पता चला है कि जिन बच्चों को सोने में तकलीफ होती है, आर्थिक परेशानी है, घर का माहौल सही नहीं है और एकाएक उनके जीवन में कोई बुरी दुर्घटना हो गई है तब बुरे सपने आ सकते हैं।
बच्चों को बुरे सपने आने के लक्षण
बच्चे को सपने में दर्द, खौफ, तनाव और स्ट्रेस होता है।
बच्चा बुरे सपने के कारण अचानक नींद से बीच रात उठ जाता है।
बच्चा बुरे सपने की सारी डिटेल्स बता सकता है।
बच्चा यदि सपने में ज्यादा उग्र, गुस्सा हो जाता है तो उसे डाॅक्टर के पास लेकर जाएं। बच्चा अपने बिस्तर पर जाने से डरने लगे, तो डाॅक्टर को दिखाएं। दिनों दिन उसके सपने बद से बदतर होते जा रहे हैं, तो लापरवाही न करें। यहां तक सपनों के कारण बच्चा दिन में डरा रहता है।

डाॅक्टर बच्चे की पूरी जांच करते हैं। इस दौरान उससे कुछ सवाल पूछते हैं जैसे-
सपना किस समय आता है
सपना किससे संबंधित है
दिन के दौरान नींद में भी क्या वही डरावने सपने आते हैं
भयानक समय के दौरान लक्षणों का नजर आना
बुरे सपने के दौरान बच्चे की एक ही जैसी एक्टिविटी का होना।
कहते हैं सपने अक्सर हमारे साथ हो रही घटनाओं पर आधारित होते हैं। समय के साथ-साथ बच्चे में बुरे सपने आने बंद हो जाते हैं। अगर यह पता चले कि बच्चे को आ रहे बुरे सपने उसे साइकोलॉजिकली और न्यूरोलॉजिकली प्रभावित नहीं करेंगे तो आप उसके बुरे सपनों को कुछ इस प्रकार कम कर सकती हैं। बच्चे को बुरे सपने से छुटकारा दिलाना है, तो उसके सोने का समय फिक्स करें। यदि बच्चा 3 से 5 साल के बीच का है, तो वह कम 10 से 13 घंटे की नींद जरूर ले। 6-13 साल के बच्चों को 9 से 12 घंटे की नींद और किशोर यानी 14-17 साल के बच्चों को 8 से 10 घंटे की नींद आवश्यक है। बिना रुकावट नींद लेना बच्चे के बुरे सपने को रोक सकता है।
 

मजबूत और खुबसूरत बाल चाहते हैं तो इन 5 चीजों का करें सेवन, होंगे बालों पर बहुंत फायदे

मजबूत और खुबसूरत बाल चाहते हैं तो इन 5 चीजों का करें सेवन, होंगे बालों पर बहुंत फायदे

बालों की खूबसूरती और मजबूती के लिए आप क्या कुछ नहीं करते। हेयर स्पा, तेल मालिश एवं अलग-अलग सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल भी। लेकिन कुछ आहार भी आपके बालों की खूबसूरती और मजबूती को लौटा सकते हैं बगैर किसी झंझट के। जानिए यह 5 आहार जिन्हें खाने से आपके बालों की सारी समस्याएं हल हो सकती हैं।

1 गाजर -
लाल-मीठी गाजर स्वाद के साथ आपको सेहत और सौंदर्य भी देती है। यह विटामिन ए का एक अच्छा स्त्रोत है साथ ही इसमें मौजूद कैरोटीन आपके बालों और आंखों को सुरक्षित और खूबसूरत बनाए रखता है। यह आपके बालों को जड़ से मजबूती प्रदान करेगी।

2 पालक -

पालक का सेवन करना बहुत फायदेमंद है। सेहत के साथ ही यह आपके बालों को झड़ने से भी रोकेगी। आयरन से भरपूर होने के कारण इसक सेवन आपकी इस समस्या को बिल्कुल खत्म कर देगा।


3 शकरकंद -

शकरकंद जिसे स्वीट पोटेटो भी कहते हैं, विटामिन ए से भरपूर होता है जो आपके बालों को मजबूती देकर झड़ने से रोकता है, साथ ही जड़ों में मौजूद तेल को भी सुरक्षित रखता है, जिससे आपके बालों को पोषण मिलता रहता है।

4 दही -

दही खाने से भी बालों का झड़ना रुकता है और इससे बाल खूबसूरत व चमकदार बनते हैं। इसमें पाया जाने वाला विटामिन बी 6 और विटामिन डी आपके बालों में जान लाकर उन्हें सजीव करता है।

5 किशमिश -

बालों की लंबाई नहीं बढ़ने से परेशान न हों, क्योंकि किशमिश खाने से आपके बालों का विकास तेजी से होता है।इसमें आयरन के साथ-साथ मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो आपके बालों को पोषण देते हैं।

 

ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

 

ब्लड शुगर लेवल कम करता है सेब के सिरके का इस्तेमाल, वजन कम करने में भी है मददगार, जानें और कई फायदे

ब्लड शुगर लेवल कम करता है सेब के सिरके का इस्तेमाल, वजन कम करने में भी है मददगार, जानें और कई फायदे

सेब का सिरका लोकप्रिय एक देसी उपाय है. लोगों ने वर्षों इसका इस्तेमाल पकवान और इलाज में किया है. कई रिसर्च से ये बात साबित हुई है कि सेब का सिरका वजन कम करने और पाचन में मुफीद होने के साथ बहुत सारे फायदे पहुंचाता है. एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के चलते ये कोलेस्ट्रोल घटाता है, ब्लड शुगर लेवल कम करता है और डायबिटीज के अन्य लक्षणों को सुधारता है. आप सबूत आधारित ड्रिंक के फायदे जानकर इस्तेमाल करने पर मजबूर हो जाएंगे.


ब्लड शुगर लेवल कम करता है-

सेब के सिरके में मौजूद असेटिक एसिड एंजाइम को रोकता है. इससे स्टार्च को पचाने में मदद मिलती है. एक रिसर्च में बताया गया है कि सिरका स्टार्च युक्त भोजन जैसे ब्रेड या पास्ता खाने के बाद भी ब्लड शुगर और इंसुलिन रिस्पॉन्स को स्पष्ट तौर पर कम कर सकता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल करें. सिरका डायबिटीज के इलाज को प्रभावित कर सकता है और इसलिए बिना मशविरा के नहीं पीना चाहिए.


वजन कम करने में है मददगार-

भोजन से पहले सिरके का इस्तेमाल भूख को दबा सकता है और इस तरह आपकी कैलोरी का सेवन कम हो जाता है. 12 सप्ताह के रिसर्च से पता चला है कि जिन लोगों ने सेब के सिरके का रोजाना इस्तेमाल किया, उनका वजन कम हो गया, बॉडी मास इंडेक्स, कमर की परिधि, ट्राइग्लिसराइड लेवल और आंत की चर्बी घट गए.


कोलेस्ट्रोल लेवल कम करता है-

2018 में एक रिसर्च से खुलासा हुआ था कि सिरका पीने से कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड घट गया. हालांकि, अभी खोज को साबित करने के लिए और रिसर्च की जरूरत है. लेकिन हाई कोलेस्ट्रोल लेवल से पीड़ित लोग सेब के सिरके को आजमा सकते हैं. लेकिन सिरका को अपनी डाइट का हिस्सा बनाने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना न भूलें.


स्किन की सेहत को बढ़ाता है-

सेब का सिरका स्किन की समस्याओं जैसे खुजली का आम इलाज है. हमारी स्किन स्वभाव में थोड़ी एसिडिक होती है. एंटीबैक्टीरियल गुण होने के चलते सेब का सिरका खुजली और अन्य स्किन समस्याओं से जुड़े स्किन संक्रमण रोकने में मदद कर सकता है. कुछ लोग पतला सेब साइडर सिरका का उपयोग फेसवाश या टोनर में करते हैं. उनका मानना है कि ये बैक्टीरिया को मार सकता है और धब्बों को रोक सकता है.


नुकसानदेह बैक्टीरिया कर सकता है खत्म-

सिरका बैक्टीरिया को मार सकता है. लोग सिरके को सफाई और डिसइंफेक्टिंग के काम में परंगारत रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं. उससे नेल फंगस, जूं और कान के संक्रमण का इलाज किया जा रहा है. पुराने जमाने में, लोग सिरके का इस्तेमाल जख्मों को साफ करने में करते थे. 

अगर आपको भी होती है ठंड में एलर्जी? तो ये 5 जरूरी बातें जरूर जान लें

अगर आपको भी होती है ठंड में एलर्जी? तो ये 5 जरूरी बातें जरूर जान लें

ठंड का मौसम सर्दी जुकाम के साथ-साथ एलर्जी को भी आमंत्रण देता है। इससे बचाव करके आप इन दिनों कई स्वास्थ्य समस्याओं से आसानी से बच सकते हैं। जानिए एलर्जी से बचने के लि‍ए यह 5 जरूरी चीजें ...
1 विटामिन सी –
विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है जो इम्यून पावर बढ़ाकर आपको एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाता है।

2 विटामिन डी –
ठंड में अस्थमा जैसी बीमारियों औैर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनने वाली एलर्जी से निपटने के लिए यह फायदेमंद है। विटामिन डी आपको सुबह की धूप, फैटी फिश, अंडे से प्राप्त हो सकता है।
3 लहसुन –
लहसुन आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटी फंगल और एंटी बायोटिक तत्व न केवल एलर्जी से बचाएंगे, बल्कि गर्माहट भी देंगे। रोज लहसुन की दो से तीन कलियां चबाना फायदेमंद होगा।

4 अदरक –
किसी भी तरह से अदरक का सेवन, आपकी प्रतिरोधक क्षतमा बढ़ाने और एलर्जी से दूर रखने में बेहद सहायक साबित होगी। ठंड के दिनों में बदरक की चाय का सेवन भी लाभकार होगा।
5 सेब का सिरका –
गर्म या गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरकस मिलाकर रोजाना सेवन करें। आप चाहें तो इसमें शहद और नींबू भी मिला सकते हैं। ये चीजें एलर्जी के साथ ठंड की समस्याओं से आपको बचाए रखेंगी।

 

शरीर में इस एसिड की अधिकता हो सकती है प्रोस्टेट कैंसर के संकेत, ऐसे करें परहेज

शरीर में इस एसिड की अधिकता हो सकती है प्रोस्टेट कैंसर के संकेत, ऐसे करें परहेज

शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने से कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि हाइपरयूरिसेमिया का लक्षण प्रोस्टेट कैंसर का भी संकेत हो सकता है। प्रोस्टेट अखरोट के साइज की एक ग्लैंड है जो मेल रिप्रोडक्टिव मेल ऑर्गन का एक हिस्सा है। ये यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) के पास यूरिनरी ब्लैडर के पास स्थित होती है।


प्रोस्टेट ग्लैंड से सेमिनल फ्लूईड निकलता है जिसमें एंजाइम, प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं। ये तत्व स्पर्म्स यानि शुक्राणुओं को सुरक्षित रखने में मददगार हैं, साथ ही उन्हें पोषण देते हैं। आमतौर पर पुरुषों को 50 साल की उम्र के बाद प्रोस्टेट से जुड़ी परेशानियां उत्पन्न होती हैं। नॉर्मल प्रोस्टेट तकरीबन 3 सेंटीमीटर मोटा, 4 सेंटीमीटर चौड़ा होता है जिसका वजन 20 ग्राम के करीब होता है। हालांकि, इस उम्र के लोगों में प्रोस्टेट का साइज भी बड़ा होने लगता है। इस स्थिति को मेडिकल टर्म में बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लाज़िया (BPH) कहते हैं।

इस परेशानी के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं जिन्हें अनदेखा करने पर लोगों के दैनिक कार्य भी बाधित हो सकते हैं। इससे लोगों का लाइफस्टाइल प्रभावित होता है। बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लाज़िया के सामान्य लक्षणों में पेशाब में परेशानी, बार-बार पेशाब आना, इसमें खून आना, इस दौरान जलन होना, रात में ज्यादा पेशाब लगना शामिल है। इसके अलावा, जिन लोगों को यूरिन फ्लो में रुकावट आती है उन्हें भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

उम्र बढ़ने के साथ ही लोगों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी बढ़ने लगता है। ऐसे में बीपीएच के लक्षण सामने आने पर लोगों को जागरुक होकर चिकित्सक के पास जाना चाहिए। हालांकि, इस तरह के कैंसर और बीपीएच में अंतर करने के लिए रेक्टल जांच एवं सीरम पीएसए जांच कराने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट, एमआरआई, ट्रांस रेक्टल अल्ट्रासाउंड स्कैन, बोन स्कैन और पैक स्कैन करवाकर भी प्रोस्टेट के साइज चेक किया जा सकता है।

डॉक्टर के अनुसार तरल पदार्थों का सेवन न कम और न ज्यादा करें। शराब से दूरी बनाएं और कॉफी ज्यादा पीने से भी परहेज करें। खासकर जिन लोगों को रात में पेशाब अधिक लगती है, उन्हें सोने से दो घंटे पहले कुछ भी पीने से बचना चाहिए। मोटापा पर काबू करें और बैलेंस्ड डाइट लें।

 

ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

पाचन को दुरुस्‍त रखना चाहते हैं तो रात में इन 5 चीजों का करें सेवन

पाचन को दुरुस्‍त रखना चाहते हैं तो रात में इन 5 चीजों का करें सेवन

आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि रात के भोजन व डिनर में हमेशा हल्का व कम ही खाना चाहिए। इसका कारण ये होता है कि हल्का भोजन रात में आसानी से पचता है। हम आपको 5 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आपको रात के भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए क्योंकि ये आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मदद करती है -
1 छाछ

रात के खाने में दही की जगह छाछ, रायता या लस्सी पीना बेहतर होता है। इससे पेट में ठंडक बनी रहती है और पाचन क्रिया भी दुरुस्‍त हो जाती है।

2 हरी पत्‍तेदार सब्‍जी

रात के खाने में हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों को जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। जिन्हें रात में खाने से सेहत और पाचन दोनों दुरुस्‍त रहते है।
3 अदरक

अदरक में कई पौष्टिक गुण पाए जाते है, जिसे किसी भी रूप में रात के भोजन में शामिल करने से फायदा होता है। चाहे आप अदरक को अचार, सलाद या फिर अन्य किसी रूप में डिनर में शामिल करे, ये पाचन क्रिया को दुरूस्‍त करने में मदद करता है।

4 लो फैट मिल्‍क

रात के भोजन के कुछ देर बाद या सोने से पहले गुनगुना दूध पीने से अच्छी नींद आती है। साथ ही लो फैट दूध में प्रोटीन के साथ गुड फैट भी होता है, जो फायदेमंद होता है।
5 शहद

रात में चीनी खाने से बचाना चाहिए और उसकी जगह शहद का इस्तेमाल करें। इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्‍म ठीक रहता है। 


ये खबर रिसर्च के दावे पर है. just36News इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.  

अगर आप डायबिटीज के रिस्क पर हैं तो जानिए क्या जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए

अगर आप डायबिटीज के रिस्क पर हैं तो जानिए क्या जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए

डायबिटीज या मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जो आपके शरीर की रक्त शर्करा के उपयोग के तरीकों को प्रभावित करती है. इस स्थिती में ब्लड शुगर लेवल को हेल्दी तरीके से मैनेज करना जरूरी है. मल्टीपल फैक्टर्स आपको डायबिटीज के हाई रिस्क में डाल सकते हैं. ये परिवर्तनीय और गैर-परिवर्तनीय दोनों हो सकते हैं. इनमें से कुछ में अनहेल्दी वजन, गतिहीन जीवन शैली, उच्च रक्तचाप, गैस्टेशनल डायबिटीज, प्री डायबिटीज, खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर और फैमिली हिस्ट्री शामिल हैं. 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग और पीसीओएस से पीड़ित लोग भी ज्यादा रिस्क में हैं. अगर आपका ऊपर दिए गए एक भी रिस्क फैक्टर्स को लेकर इलाज किया गया है तो आपको इस बीमारी को ज्यादा बढ़ने से बचाने के लिए जरूरी सावधानियों का पालन करना चाहिए.


एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायबिटीज मेलिटस के लिए दो रिस्क फैक्टर्स की कैटेगिरी हैं.

1-गैर-परिवर्तनीय रिस्क फैक्टर्स जैसे डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री (आनुवांशिक), बढ़ती उम्र, गैस्टेशनल डायबिटीज की पुरानी हिस्ट्री, जैसा कि नाम से पता चलता है कि इन फैक्टर्स को संशोधित नहीं किया जा सकता है.


2- मोटापा या अधिक वजन होना, गतिहीन जीवन शैली, अधिक भोजन करना, तनाव, उच्च रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल का स्तर, धूम्रपान आदि भी रिस्क फैक्टर्स हैं. सभी को इन फैक्टर्स को संशोधित करके रिस्क फैक्टर्स की संख्या कम रखने की कोशिश करनी चाहिए.


अगर आप डायबिटीज के रिस्क पर हैं तो आपको हेल्दी रहने के लिए इन टिप्स को फॉलो जरूर करना चाहिए.

दिन में 30 मिनट के लिए एक्सरसाइज जरूर करें, आप स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, एरोबिक्स और वेट ट्रेनिंग कर सकते हैं.
एक स्वस्थ आहार लें जिसमें अधिक फाइबर (सब्जियां, सलाद), प्रोटीन (दालें, सोया) हो और कम प्रोसेस्ड और तैलीय खाद्य पदार्थ (मैदा, जूस, मिठाई) लें.
यदि आपका वजन ज्यादा है तो नियमित रूप से व्यायाम और अपनी डाइट को कंट्रोल कर वजन कम करें.
रेग्यूलर एक्सरसाइज और मेडिटेशन कर तनाव कम करें साथ ही 7 से आठ घंटे की नींद जरूर लें.
स्मोकिंग छोड़ दें और एल्कोहल का भी सेवन कम करें.
यदि डॉक्टर सलाह देते हैं तो लाइफस्टाइल और मेडिसन में बदलाव कर कोलेस्ट्रॉल लेवल और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें.


इन टिप्स को फॉलो करने के साथ ही हेल्दी ब्लड शुगर मेंटेन करने के लिए अपने डॉक्टर से लगातार संपर्क में रहें.