नई दिल्ली | आज सोने की कीमतों में शानदार तेजी देखी जा रही है। कल यानी बुधवार को 50,509 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ सोना आज 231 रुपये की तेजी के साथ 50,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही सोने ने 50,807 रुपये प्रति 10 ग्राम का दिन का उच्चतम स्तर और 50,731 रुपये प्रति 10 ग्राम का दिन का न्यूनतम स्तर भी छू लिया।
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मजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को सोना 60 रुपये की तेजी के साथ 51,780 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में फरवरी महीने में डिलिवरी वाले सोना वायदा की कीमत 60 रुपये यानी 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,780 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 10,292 लॉट के लिये कारोबार किया गया।
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बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली के कारण सोना वायदा कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में सोना 0.11 प्रतिशत की तेजी दर्शाता 1,956.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।रुपये के मूल्य में सुधार होने के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 71 रुपये की गिरावट के साथ 51,125 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 51,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
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हालांकि, चांदी की कीमत 156 रुपये की तेजी के साथ 70,082 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जो इससे पिछले कारोबारी सत्र में 69,926 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपरिवर्तित रुख लिए खुला और शुरुआती कारोबार में तीन पैसे सुधरकर 73.14 रुपये प्रति डॉलर हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, सोना और चांदी दोनों क्रमश: 1,949 डॉलर प्रति औंस और 27.54 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहे।इस साल सोने के दाम में तगड़ी तेजी की वजह कोरोना वायरस रहा, जिसकी वजह से लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे। सोने में निवेश हमेशा से ही सुरक्षित रहा है।
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कोरोना की वजह से शेयर बाजार में लोगों ने निवेश कम कर दिया, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश रिस्की होता है। इस स साल जनवरी-फरवरी में तो सोना धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन मार्च में भारत में कोरोना वायस की दस्तक के बाद इसने स्पीड पकड़ ली।सोने ने अगस्त के महीने में अपना ऑल टाइम हाई छू लिया था। सोना 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा पहुंचा था। चांदी ने भी अगस्त में अपना ऑल टाइम हाई छुआ था और वह 77,840 रुपये प्रति किलो के करीब जा पहुंची थी।
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हालांकि, अगस्त में ही बड़ी गिरावट भी आई और सोना अगस्त महीने में करीब 10 फीसदी तक लुढ़का। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कोरोना वायरस वैक्सीन की खबरें आने लगी थीं, जिसके चलते लोगों ने फिर से शेयर बाजार समेत बाकी रिस्की प्लेटफॉर्म्स का रुख करना शुरू कर दिया था।कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है।
नई दिल्ली, भारत में ज्यादातर कार यूजर्स सेफ्टी फीचर्स को खास तवज्जो नहीं देते. ऐसे में कार कंपनियां भी इसका फायदा उठाकर कारों में सेफ्टी फीचर्स देने से बचती हैं. लेकिन सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में सरकार कारों में सेफ्टी फीचर्स के लिए जरूरी गाइडलान जारी कर सकती है. क्योंकि इसके लिए हाल ही में एक तकनीकी समिति ने सरकार को प्रपोजल सौंपा है. जिसमें समिति ने अनुसंशा की है कि, कारों में फ्रंट सीट के लिए डुअल एयरबैग्स अनिवार्य किए जाए. इसके अलावा भी इस समिति ने कार से जुड़े कई सेफ्टी फीचर्स को देश में लागू करने के लिए सुझाव दिए है.
इन्हें होता है कार में सबसे ज्यादा खतरा-
ज्यादातर भारतीयों का सोचना होता है कि, कार में सफर करना एकदम सुरक्षित होता है. लेकिन हम आपको बता दें कार में हादसे के वक्त सबसे ज्यादा खतरा ड्राइव और फ्रंट सीट पर बैठे पैसेंजर की जान के लिए होता है. इसके पीछे बड़ी वजह ये है कि, भारत में बिकने वाली ज्यादातर कारों में फ्रंट सीट के लिए एयर बैग्स नहीं दिए होते. ऐसे में हादसे के वक्त ड्राइवर और फ्रंट सीट पर बैठने वाले पैसेंजर की जान बचना मुश्किल हो जाता है.
एयर बैग्स से बच सकती है जान-
एक्सपर्ट का मानना है कि, यदि कारों में फ्रट सीट के लिए डुअल एयर बैग्स मेंडेटरी कर दिए जाए. तो भीषण हादसे के वक्त ड्राइवर और फ्रंट सीट पर बैठने वाले पैसेंजर की जान बचाई जा सकती है. आपको बता दें भारत में बिकने वाली ज्यादातर एंट्री लेवल कारों में एयर बैग्स नहीं दिए होते. वहीं बीते कुछ सालों में कुछ कार कंपनियों ने केवल ड्राइवर के लिए अपनी कारों में एयर बैग लगाना शुरू किया है. ऐसे में सरकार आने वाले दिनों में कारों में डुअल एयर बैग्स मेंडेंटरी कर सकती हैं.
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योगों के लिए लौह अयस्क और कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य सरकार एनएमडीसी और केन्द्र सरकार के साथ लगातार इस संबंध में प्रयास कर रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों से बस्तर सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन के लिए उद्योगों की छोटी-छोटी यूनिटें लगाने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित ’छत्तीसगढ़ के नवा बिहान’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कॉन्फ्रेडेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ भी उपस्थित थे।
श्री बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि उद्योगपतियों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के लिए वन विभाग के माध्यम से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करने की पहल करेगी। जिससे ऐसे उद्योग स्थापित करने में उद्योगपतियों को आसानी हो। लघु वनोपजों में वेल्यू एडिशन से संग्राहकों को वनोपजों का अच्छा मूल्य मिलेगा और उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 300 गांवों में गौठानों में बनाए गए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। जहां महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रोजगार और आय के साधनों के साथ जुड़ रही हैं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अम्बिकापुर में एक महिला स्वसहायता समूह ने गौठान में तैयार वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री 16 रूपए प्रति किलो की दर से करने के लिए एक कम्पनी के साथ एमओयू भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट काल में जब पूरा देश आर्थिक मंदी से प्रभावित था, छत्तीसगढ़ में उद्योग जगत मंदी से अछूता रहा। लॉकडाउन के दौरान देश में सबसे पहले माह अप्रैल में छत्तीसगढ़ के उद्योगों में काम प्रारंभ हुआ। इसमें हमारे उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छत्तीसगढ़ जीएसटी कलेक्शन में आज शीर्ष में हैं। इसका श्रेय भी हमारे उद्योग और व्यापार जगत के लोगों को जाता है। छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क और कोयले की खदानों में कोरोना संकट काल में भी उत्पादन लगातार जारी रहा। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों से विचार-विमर्श कर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निर्धारित की। जिसकी वजह से पिछले दो वर्षो में 103 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू के माध्यम से प्रदेश में 42 हजार करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन एमओयू को क्रियान्वित करने की चुनौती राज्य सरकार के साथ-साथ उद्योगपतियों की भी है। मुख्यमंत्री ने इन एमओयू के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रोफेशनल तरीके से काम करने को कहा। उद्योगों की स्थापना के लिए अधिकारी उद्योगपतियों के साथ बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता खेती-किसानी के साथ उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उत्पन्न करने की है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि उद्योगों में प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत होगी तो राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग, सोलर एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए भी राज्य सरकार की ओर से मदद का आश्वासन दिया।
उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति देश की सबसे अच्छी उद्योग नीतियों में से एक है। यह उद्योग नीति सभी से विचार-विमर्श कर और दूसरे राज्यों की उद्योग नीति का अध्ययन कर तैयार की गयी है। इस उद्योग नीति से उद्योग, व्यापार जगत सहित आमजनों को फायदा होगा। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि सीआईआई के कार्यक्रम में लोहा, कोयला, बिजली, पानी की चर्चा होती थी। आज पहली बार गोबर के बारे में भी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की उद्योगों को बढ़ावा देने की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण लोकल इन्वेस्टर उद्योगों में निवेश के लिए सामने आए हैं। उद्योग नीति में 150 प्रतिशत तक अनुदान के प्रावधान के कारण उद्योगपति आज बस्तर में भी उद्योग स्थापित करने के इच्छुक हैं। भारत सरकार ने धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति दी है और एथेनॉल के विक्रय की दर भी निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता गांव, गरीब और किसान हैं। साथ ही उद्योगों को भी उचित सम्मान प्राप्त है।
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल ने उद्योगपतियों से प्रदेश के विकास में सहभागी बनने की बात कही। प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति, उद्योगों की स्थापना की स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की चर्चा करते हुए कहा कि इज ऑफ डूईंग बिजनेस के मामले में छत्तीसगढ़ शीर्ष स्थान पर है। सीआईआई के अध्यक्ष श्री अमित अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर सीआईआई के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
अब आप घर बैठे भी ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं. लेकिन इनकम टैक्स रिर्टन भरते वक्त जरूरी दस्तावेज भी पास होने चाहिए. इनमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स, किए गए निवेश की जानकारी और उसके प्रूफ, फॉर्म 16 जैसे दस्तावेज शामिल हैं. आपको बता दें कि इनकम टैक्स दो तरीकों से भरा जा सकता है. एक ऑफलाइन तरीका है और दूसरा ऑनलाइन तरीका है. घर बैठे ऑनलाइन इनकम टैक्स भरना बहुत आसान है. इसके लिए आपको पहले आईटीआर ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद आप अन्य जानकारियां भर सकते हैं.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़कर 31 दिसंबर हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा ज्यादा से ज्यादा टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के लिए एसएमएस और मेल भी किया जा रहा है.
जानिए ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया
इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद यहां मांगी गई जानकारी (यूजर आईडी (PAN), पासवर्ड, जन्म तारीख, कैप्चा) डाल कर लॉग-इन करना होगा.
लॉग-इन करने के बाद ‘e-File’ टैब पर क्लिक करें और इनकम टैक्स रिटर्न का विकल्प चुनें. इसके बाद आपको कौनसा आईटीआर फॉर्म भरना है, उस विकल्प का चयन करें. साथ ही असेसमेंट ईयर चुनें.
वहीं, ऑरिजिनल रिटर्न भरते समय original return और रिवाइज्ड रिटर्न भरते वक्त Revised Return पर क्लिक करें. इसके बाद Prepare and Submit Online का विकल्प चुनें और आगे बढ़ें.
आगे बढ़ने के साथ ही आपसे इनकम टैक्स के तौर पर कई डिटेल्स मांगी जाएगी. इन डिटेल्स को भरते जाएं. इस दौरान इस बात का ध्यान रखें कि मांगी गई डिटेल्स को भरते वक्त सेव भी करते जाएं, नहीं तो सेशन टाइम आउट होने पर और सेव न करने की स्थिति में सारी भरी गई डिटेल्स डिलीट हो जाएंगी और आपको फिर से अपनी डिटेल्स डालनी पड़ेगी.
सभी डिटेल्स डालने के बाद आखिर में वेरिफिकेशन होगा. इसे वेरिफाई कर दें. आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग के जरिए वेरिफाई किया जा सकता है. वेरिफाई करने के बाद प्रिव्यू एंड सबमिट के विकल्प पर क्लिक करें और इनकम टैक्स रिटर्न सबमिट कर दें.
अक्सर देखने को मिलता है लोग प्रॉपर्टी खरीदते वक्त या फिर पर्सनल लोन लेते समय एक साथ कई बैंकों में लोन के लिये आवेदन कर दते हैं. लोग ऐसा लोन अस्वीकृति की संभावना को कम करने और सर्वोत्तम दर प्राप्त करने के लिए एक साथ कई बैंकों में आवेदन करते हैं. लेकिन आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. दरअसल, जब भी आप लोन के लिए आवेदन करते हैं तो क्रेडिट ब्यूरो एक जांच करती है. ऐसा इसलिये किया जाता है ताकि क्रेडिट स्कोर के बारे में जानकारी मिल सके.
अधिकतर व्यक्ति इस बात को नहीं जानते हैं कि पर्सनल लोन के लिये कई बैंकों में आवेदन करना उनकी लोन संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है. इसके पीछे वजह है कि आज देश के सभी प्रमुख वित्तीय संस्थान CIBIL स्कोर से व्यक्ति की क्रेडिट रेटिंग की जांच करते हैं.
किस कारण एक से अधिक बैंक में आवेदन करते हैं लोग
जिन लोगों को धन की तत्काल आवश्यकता होती है ऐसे लोग कई बैंकों में आवेदन कर देते हैं. ताकि उन्हें हर हाल में लोन मिल जाए. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अधिक पैसों की जरूरत होती है. इस कारण वो ऐसा करते हैं. आपको ये बात जरूरत जान लेनी चाहिए कि एक बार एक बैंक द्वारा एक आवेदन को रिजेक्ट किये जाने के बाद क्रेडिट रेटिंग और भी सख्त हो जाती है. इस कारण लोन मिलना काफी मुश्किल हो सकता है. इसलिये एक से अधिक बैंकों में लोन के लिये आवेदन करने से हमेशा बचना चाहिए.
एक साथ कई बैंकों में आवेदन करने से आपको नेगेटिव में CIBIL क्रेडिट रेटिंग मिल सकती है. इसे उन लोगों के लिए जीरो माना जाता है, जिनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है और वे पहली बार आवेदन कर रहे हैं.
नई दिल्ली, भारतीय बाजारों में चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद मंगलवार को गोल्डफ की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 दिसंबर 2020 को सोने के भाव (Gold Price Today) में 514 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया. वहीं, चांदी के दाम भी 1,000 रुपये से ज्याकदा बढ़ गए हैं. एक किलोग्राम चांदी के दाम (Silver Price Today) में 1,046 रुपये की तेजी दर्ज की गई है.
पिछले कारोबारी सत्र के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 48,333 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, चांदी 62,566 रुपये प्रति किग्रा पर थी. जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्री य बाजारों में तेजी और रुपये में गिरावट के कारण भारत में सोना-चांदी के भाव में तेजी दर्ज की गई है.
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सोने की नई कीमतें (Gold Price, 15 December 2020) - दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव 514 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया. राजधानी दिल्ली (Delhi) में 99.9 ग्राम शुद्धता वाले सोने का नया भाव अब 48,874 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है. इसके पहले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 48,333 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव बढकर 1,845 डॉलर प्रति औंस रहा है.
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चांदी की नई कीमतें (Silver Price, 15 December 2020) - चांदी की बात करें तो मंगलवार को इसमें भी तेजी दर्ज की गई. दिल्ली सर्राफा बाजार में आज चांदी की कीमतों में 1,046 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल आया है. अब इसके दाम 63,612 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं. अंतरराष्ट्री य बाजार (International Market) में आज चांदी का भाव 23.16 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ.
नई दिल्ली | स्मार्टफोन बनाने वाली दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग अपनी मोबाइल और आईटी डिस्प्ले यूनिट को चीन से भारत शिफ्ट करेगी। यह यूनिट दिल्ली से सटे नोएडा में स्थापित की जाएगी। कंपनी इसके लिए 4825 करोड़ रुपये निवेश करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी है।
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नई दिल्ली. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक यानी एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एचडीएफसी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग (Stock Exchange Filing) में इस बारे में जानकारी दी है. दरअसल, एचडीएफसी बैंक ने सब्सिडियरी जनरल लेजर (SGL - Subsidiary General Ledger) में अनिवार्य न्यूनतम पूंजी बनाने रखने में विफल रहा, जिसके बाद एसजीएल बाउंस (SGL Bounce) हो गया. आरबीआई की तरफ से एचडीएफसी बैंक को बीते 9 दिसंबर को यह आदेश हुआ और अगले दिन यानी 10 दिसंबर को इसका खुलासा हुआ है.
आरबीआई ने आदेश में क्या कहा?
RBI ने अपनी नोटिफिकेशन में कहा कि SGL के बाउंस के लिए HDFC पर 10 लाख रुपये का मॉनिटरी जुर्माना लगाया है. 19 नवंबर को बैंक के सीएसजीएल अकाउंट (Constituent Subsidiary General Ledger, CSGL Account) में कुछ सिक्योरिटीज में बैलेंस की कमी हो गई है. RBI के इस आदेश के बाद HDFC बैंक के शेयर (Shares of HDFC Bank) शुक्रवार को 1,384.05 रुपये पर कारोबार करते नजर आए.
क्या होता है एसजीएल
सब्सिडियरी जनरल लेजर एक तरह का डिमैट अकाउंट होता है, जिसमें बैंकों द्वारा सरकारी बॉन्ड रखा जाता है. जबकि, सीएसजीएल को बैंक की तरफ से खोला जाता है, जिसमें ग्राहकों की ओर से बैंक बॉन्ड रखते हैं. बॉन्ड से जुड़े लेनदेन फेल होने को ही कहा जाता है कि एसजीएल बाउंस हो गया.
डिजिटल लॉन्चिंग पर रोक
हाल ही में RBI द्वारा अपने प्रोग्राम डिजिटल 2.0 (Program Digital 2.0) के तहत नियोजित बैंक की डिजिटल बिजनेस जनरेटिंग गतिविधियों (Digital Business Generating Activities) के लॉन्च पर रोक लगाने और नए क्रेडिट कार्ड (HDFC Credit Card) ग्राहकों की सोर्सिंग पर रोक लगाने की घोषणा के बाद स्टॉक के वैल्यूएशन में गिरावट देखने को मिली है.
नई दिल्ली | वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में कमजोरी के रुख के अनुरूप दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 534 रुपये की गिरावट के साथ 48,652 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 49,186 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 628 रुपये की गिरावट के साथ 62,711 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
पिछला बंद भाव 63,339 रुपये प्रति किलोग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,835 डॉलर प्रति औंस पर रहा जबकि चांदी का भाव 23.84 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा। सोने की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने के बावजूद सोने और चांदी के आभूषणों की औसत बिक्री का आकार अक्टूबर की तुलना में नवंबर में 16 प्रतिशत बढ़ा है।
एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। स्टार्टअप ओके क्रेडिट द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार धनराशि के लिहाज से प्रति ग्राहक औसत बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन पिछले साल त्योहारी मौसम के मुकाबले सोने के गहनों की प्रति ग्राहक औसत बिक्री आकार 70 प्रतिशत घट गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि सोने के दाम ऊंचे स्तर पर हैं इसलिए सोने के गहनों का प्रति ग्राहक औसत बिक्री आकार घट गया, जहां लोगों ने छोटे और हल्के आभूषणों की खरीद पर ध्यान दिया। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है। सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।
नई दिल्ली | सोने की कीमत में पिछले कई महीनों से गिरावट आ रही है। अगस्त में यह 56200 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था लेकिन उसके बाद से इसमें करीब 7000 रुपये की कमी आ चुकी है। अमेरिकी बैंक मुताबिक मेनस्ट्रीम फाइनेंस में क्रिप्टोकरेंसीज के उभार इसकी असली वजह है।
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